यह मंजूरी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी- डा.नरेश बंसल
देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन-ग्रामीण) बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है व राष्ट्रपति का आभार वयक्त किया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का स्थान लेगा और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह ग्रामीण परिवारों को 100 दिन की जगह अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी देगा, और इसमें कुछ बदलाव भी हैं,समग्रतः यह ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ा कदम है। इच्छुक ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार देना सरकार की वैधानिक जिम्मेदारी होगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है। तय समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर देरी का मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ाना है। यह मंजूरी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी, इसलिए इस पर पूरे भारत मे खुशी व्यक्त की जा रही है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मागृदर्शन मे सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ टिकाऊ और उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, ताकि समावेशी और संतुलित विकास को बढ़ावा मिल सके।
पाकिस्तान ने 13 साल बाद जीती ट्रॉफी
नई दिल्ली। अंडर-19 एशिया कप 2025 का फाइनल भारतीय टीम के लिए निराशाजनक साबित हुआ। पाकिस्तान ने भारत को फाइनल में 191 रन से हराकर दूसरी बार इस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। दुबई में खेले गए खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान ने हर विभाग में दबदबा बनाते हुए भारत को बड़े अंतर से शिकस्त दी और 13 साल बाद ट्रॉफी अपने नाम कर ली। विशाल लक्ष्य के दबाव में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह चरमरा गई और टीम लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच सकी।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखरी भारतीय पारी
348 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य के जवाब में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। शुरुआती 10 ओवरों में ही टीम ने अपने पांच प्रमुख बल्लेबाज गंवा दिए, जिससे मुकाबला एकतरफा हो गया। युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी, कप्तान आयुष म्हात्रे, भरोसेमंद एरोन जॉर्ज, विहान मल्होत्रा और वेदांत त्रिवेदी जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए। इसके बाद निचले क्रम ने कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन भारतीय टीम 26.2 ओवर में सिर्फ 156 रन ही बना सकी और ऑलआउट हो गई।
समीर मिन्हास की ऐतिहासिक पारी
इससे पहले पाकिस्तान की जीत की नींव सलामी बल्लेबाज समीर मिन्हास ने रखी। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 71 गेंदों में शतक जड़ा और कुल 172 रन बनाए। यह पारी अंडर-19 एशिया कप फाइनल के इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी बन गई। समीर की इस शानदार बल्लेबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने निर्धारित 50 ओवरों में 347 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
पाकिस्तान ने 13 साल बाद जीता खिताब
भारतीय गेंदबाज बड़े स्कोर को रोकने में नाकाम रहे और बाद में बल्लेबाजी भी दबाव में टिक नहीं सकी। नतीजतन पाकिस्तान ने 2012 के बाद पहली बार अंडर-19 एशिया कप की ट्रॉफी जीतकर जोरदार वापसी की। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने युवा क्रिकेट में अपनी ताकत का एक बार फिर प्रदर्शन किया, जबकि भारत को फाइनल में मिली इस करारी हार से आत्ममंथन की जरूरत महसूस होगी।
दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा, डीएम सविन बंसल के निर्देश पर सीएसआर फंड जारी
देहरादून। जिले में शिक्षा को मजबूत और समावेशी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और अहम पहल की है। दूरस्थ तहसील त्यूणी के ग्राम एवं पोस्ट अटाल क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्यरत एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह पहल जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम अटाल के स्थानीय लोगों और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ ने जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निर्देशों के अनुपालन में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के तहत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई में आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर हो सकेंगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस सहायता से न केवल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे जनहितकारी प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी बच्चे की प्रतिभा आर्थिक कारणों से बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
पीएम मोदी बोले— ‘किसानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध’
डिब्रूगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम दौरे के दौरान राज्य को एक अहम औद्योगिक परियोजना की सौगात दी। पीएम मोदी ने डिब्रूगढ़ जिले में प्रस्तावित उर्वरक संयंत्र की आधारशिला रखी, जिस पर लगभग 10,601 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 12 लाख मीट्रिक टन होगी, जिससे पूर्वोत्तर के साथ-साथ देश के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
आधारशिला समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परियोजना असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि नामरूप और डिब्रूगढ़ क्षेत्र लंबे समय से इस तरह की परियोजना की प्रतीक्षा कर रहे थे, जो अब धरातल पर उतर रही है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का उद्घाटन भी किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह उर्वरक संयंत्र न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र के शुरू होने से उर्वरकों की उपलब्धता सुगम होगी और परिवहन लागत में कमी आएगी, जिससे किसानों को सस्ती खाद मिल सकेगी।
सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार के सहयोग से असम में बुनियादी ढांचे, उद्योग और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में किसानों की भूमिका अहम है और इसी सोच के साथ सरकार कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान कई उर्वरक संयंत्र बंद हुए, जिससे किसानों को खाद के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार उन कमियों को दूर करने के प्रयास कर रही है और देश के विभिन्न हिस्सों में नए उर्वरक संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।
किसानों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खातों में बड़ी राशि सीधे हस्तांतरित की गई है। इसके अलावा कृषि को बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं भी शुरू की गई हैं, जिससे किसानों की आय और आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने असम की पहचान और हितों की सुरक्षा की बात दोहराते हुए कहा कि सरकार राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकास, सुरक्षा और जनकल्याण को साथ लेकर आगे बढ़ना ही सरकार की प्राथमिकता है।
दिसंबर महीने में दक्षिण अफ्रीका में यह दूसरी बड़ी गोलीबारी की घटना
जोहानिसबर्ग। दक्षिण अफ्रीका के सबसे बड़े शहर जोहानिसबर्ग में रविवार को हुई सामूहिक गोलीबारी ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर के पश्चिमी हिस्से में स्थित बेकर्सडाल टाउनशिप में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक अवैध शराबखाने को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर अचानक शराबखाने में दाखिल हुए और बिना किसी चेतावनी के वहां मौजूद लोगों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रारंभिक तौर पर मृतकों की संख्या दस बताई जा रही थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने नौ मौतों की पुष्टि की।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावर दो वाहनों में सवार होकर आए थे। फायरिंग के बाद वे घटनास्थल से फरार हो गए और भागते समय भी गोलियां चलाते रहे। प्रांतीय पुलिस आयुक्त मेजर जनरल फ्रेड केकाना के अनुसार, मृतकों में एक व्यक्ति वह भी शामिल है जो शराबखाने के बाहर वाहन चला रहा था और गोलीबारी की चपेट में आ गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि गंभीर रूप से घायल लोगों के चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक न तो हमलावरों की पहचान हो सकी है और न ही हमले के पीछे के मकसद का खुलासा हुआ है। अवैध शराबखानों से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों के एंगल से भी जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि दिसंबर महीने में दक्षिण अफ्रीका में यह दूसरी बड़ी गोलीबारी की घटना है। इससे पहले प्रिटोरिया के पास एक हॉस्टल में हुए हमले में तीन साल के बच्चे समेत 12 लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने देश में कानून-व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्रिसमस–न्यू ईयर पर औली में बढ़ती भीड़ को लेकर प्रशासन सतर्क, ट्रैफिक व पार्किंग को लेकर योजना तैयार
भीड़ बढ़ने की स्थिति में पर्यटकों के वाहन रविग्राम में होंगे पार्क, स्थानीय वाहनों से भेजे जाएंगे सैलानी
चमोली। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान औली में उमड़ने वाली पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में बाहरी पर्यटकों के वाहनों को औली तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें रविग्राम खेल मैदान में पार्क कराया जाएगा। वहां से पर्यटकों को स्थानीय वाहनों के माध्यम से औली पहुंचाया जाएगा।
शीतकालीन पर्यटन सीजन को लेकर उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, टैक्सी यूनियन और होटल कारोबार से जुड़े लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में औली की सीमित पार्किंग क्षमता और संभावित ट्रैफिक जाम को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर औली मार्ग पर जाम की स्थिति से बचने के लिए यह व्यवस्था लागू की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि बाहर से आने वाले सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात प्रबंधन, पार्किंग और शटल व्यवस्था को सुचारु रखा जाएगा।
बैठक में टैक्सी और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर निर्धारित रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें और पर्यटकों से तय शुल्क ही वसूला जाए। साथ ही ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि औली में बिजली, पानी, सड़क, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और औली की सकारात्मक छवि बनी रहे।
बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के कारण पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासतौर पर कब्ज की शिकायत अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा वर्ग भी इससे परेशान नजर आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक कब्ज बने रहने से गैस, एसिडिटी और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करती हैं। ऐसे में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों में उपयोग होने वाला इसबगोल (इसपघोल) एक सुरक्षित और असरदार विकल्प के रूप में सामने आया है।
इसबगोल की भूसी प्राकृतिक घुलनशील फाइबर से भरपूर होती है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। यह आंतों में जाकर पानी को अवशोषित करती है, जिससे मल नरम होता है और मलत्याग की प्रक्रिया सहज बनती है। नियमित और सही तरीके से सेवन करने पर यह कब्ज से राहत दिलाने के साथ-साथ पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद करती है।
कैसे करता है काम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि इसबगोल एक बल्क-फॉर्मिंग फाइबर की तरह कार्य करता है। यह आंतों में जमा अपशिष्ट को बाहर निकालने में सहायक होता है और पाचन क्रिया को प्राकृतिक रूप से संतुलित करता है। इसके उपयोग से आंतों की सफाई बेहतर होती है और पेट से जुड़ी पुरानी परेशानियों में भी धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है।
सेवन का सही तरीका
इसबगोल का अधिकतम लाभ पाने के लिए इसका सही समय और मात्रा जानना जरूरी है। आमतौर पर रात के समय भोजन के बाद एक चम्मच इसबगोल की भूसी को गुनगुने पानी या दूध में मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है। इसे मिलाने के तुरंत बाद पीना चाहिए, ताकि यह ज्यादा गाढ़ा न हो। नियमित सेवन से कुछ ही दिनों में पाचन में सुधार महसूस हो सकता है।
दिल और शुगर के लिए भी फायदेमंद
कब्ज से राहत के अलावा इसबगोल का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। वहीं, यह भोजन के बाद ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में भी सहायक होता है, जिससे डायबिटीज के मरीजों को लाभ मिल सकता है। फाइबर की अधिक मात्रा पेट को देर तक भरा रखती है, जिससे अनावश्यक भूख कम होती है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।
सावधानी भी है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि इसबगोल लेते समय पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। पानी की कमी होने पर यह समस्या बढ़ा भी सकता है। किसी गंभीर बीमारी या लंबे समय से दवाइयों का सेवन कर रहे लोग इसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी प्रकार के उपचार से पहले चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।
(साभार)
केंद्र सरकार की नीतियां अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही- एमके स्टालिन
तिरुनेलवेली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। तिरुनेलवेली में एक क्रिसमस कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने भाजपा पर संविधान की मूल भावना के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी देश की विविधता और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को कमजोर करना चाहती है।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि भारत की पहचान उसकी बहुलता और सांस्कृतिक विविधता से है, लेकिन कुछ ताकतें इसे खत्म करने की दिशा में काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को संविधान में निहित ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द से आपत्ति है और वह इसे हटाने की मंशा रखती है। स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 19वीं सदी की ईसाई मिशनरी साराह टकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने दक्षिणी तमिलनाडु में महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि साराह टकर कॉलेज जैसे संस्थानों ने हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीएमके सरकार सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार में विश्वास रखती है और अल्पसंख्यकों के कल्याण को प्राथमिकता देती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ईसाई समुदाय के लिए किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने चर्चों के निर्माण और उनके पुनर्निर्माण जैसे प्रयासों की जानकारी भी दी।
स्टालिन ने कहा कि डीएमके सरकार का विकास मॉडल समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल देश को एकरूपता की ओर ले जाना चाहते हैं, जहां एक भाषा, एक धर्म और एक विचारधारा को थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में इस तरह के प्रयासों को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा और डीएमके संविधान, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी।
हॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर आते ही जबरदस्त असर दिखाया है। रिलीज के साथ ही फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा, बल्कि कमाई के मामले में भी कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। अलग-अलग भाषाओं में रिलीज हुई इस फिल्म ने दूसरे दिन अपनी रफ्तार और तेज कर ली है।
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट के अनुसार, ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ ने पहले दिन भारत में 20.05 करोड़ रुपये की शानदार ओपनिंग की। वहीं दूसरे दिन के आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने 22.50 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया। इस तरह दो दिनों में फिल्म की कुल कमाई 41.50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
कम समय में ही फिल्म ने इस साल रिलीज हुई कई बड़ी हॉलीवुड फिल्मों के भारतीय कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। ‘अवतार 3’ ने अब तक ‘थंडरबोल्ट्स’, ‘हाउ टू ट्रेन योर ड्रैगन’ और ‘द फैंटास्टिक फोर: फर्स्ट स्टेप्स’ जैसी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे इसकी मजबूत पकड़ साफ नजर आती है।
अब फिल्म की नजर इस साल डीसी की फिल्म ‘सुपरमैन’ के भारत बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड पर है, जिसने 49.53 करोड़ रुपये की कमाई की थी। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ पहले वीकेंड में ही इस आंकड़े को पार कर सकती है।
‘अवतार: फायर एंड ऐश’ साल 2009 में आई ‘अवतार’ और 2022 की ‘अवतार: द वे ऑफ वॉटर’ की अगली कड़ी है। फिल्म में जेम्स कैमरून के निर्देशन में अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और भव्य सिनेमाई अनुभव देखने को मिल रहा है। साइंस-फिक्शन शैली की इस फिल्म में सैम वर्थिंगटन, जोई सल्डाना, स्टीफन लैंग, सिगोरनी वीवर, केट विंसलेट समेत कई चर्चित कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
(साभार)
शहर में सार्वजनिक स्थलों, फुटपाथों और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा – बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार सख़्त कार्रवाई कर रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण, फुटपाथ कब्ज़ा और अनधिकृत निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में एमडीडीए की प्रवर्तन टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान न केवल यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए है, बल्कि आमजन की सुविधा और शहर की सुंदरता बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम है।
एमडीडीए द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आज देहरादून के बहल चौक, राजपुर रोड क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फुटपाथ पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से सीढ़ियों का निर्माण किया गया था, जिससे पैदल चलने वालों को असुविधा हो रही थी और यातायात प्रभावित हो रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित सीढ़ियों को ध्वस्त किया और संबंधित को भविष्य में इस प्रकार का अतिक्रमण न करने की सख़्त चेतावनी दी।
उपाध्यक्ष एमडीडीए, बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर में अवैध अतिक्रमण से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। प्राधिकरण द्वारा नियमों के उल्लंघन पर सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जाएगा। शहर में सार्वजनिक स्थलों, फुटपाथों और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सचिव एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और शहर को व्यवस्थित व सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
