द मोंटेसरी स्कूल के वार्षिकोत्सव का किया उद्घाटन
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने द मोंटेसरी स्कूल के 83 वें वार्षिकोत्सव का उद्घाटन किया। यह आयोजन संस्कृति विभाग के सभागार में किया गया था।
स्कूल के बच्चों ने नृत्य नाटिका ऑडियो विजुअल स्टोरी टेलिंग के जरिए गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कहानी, कालांतर में भारतीय जीवन मूल्यों में गंगा की महत्ता और औद्योगीकरण के चलते प्रदूषित गंगा की सजीव झांकियां प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों ने जिस तरह गंगा की पूरी यात्रा को चित्रित किया वह न सिर्फ मन को मोहने वाला था बल्कि उसमें हम सबके लिए कई बड़े सबक भी छिपे हैं।
उन्होंने कहा कि मां गंगा की पवित्रता को कायम रखना देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है और युवाओं को विकास के साथ-साथ पर्यावरण व नदियों के संरक्षण का भी संकल्प लेना होगा।
रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों को अपनी परंपरा, समाज, पर्यावरण और इतिहास से जोड़ने का यह अनुपम प्रयास है, क्योंकि संस्कार रहित शिक्षा का कोई अर्थ नहीं होता।
इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन विजय खन्ना, निदेशक समर्थ खन्ना, दून विश्वविद्यालय कि कुलपति सुरेखा डंगवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुरेंद्र मित्तल, विनोद कपणवान आदि उपस्थित रहे।
गांव–गांव पहुंच रही सरकार: जिवई न्याय पंचायत के सुकई में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर
शिकायत, समाधान एवं योजनाओं का लाभ, बहुउद्देशीय शिविर रहा प्रभावी
पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद पौड़ी के 15 विकासखंडों की 115 न्याय पंचायतों में 18 मार्च 2026 तक संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड बीरोंखाल की न्याय पंचायत जिवई की ग्रामसभा सुकई के पंचायत भवन में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में तहसीलदार बीरोंखाल शंकर सिंह की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंगल दल सुकई द्वारा स्वागत गीत से किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान जंगली जानवरों के आतंक, घेरबाड़ निर्माण, विद्युत लाइन परिवर्तन, सड़कों की मरम्मत एवं मोटर मार्ग निर्माण से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आयीं। वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आसपास के क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है।
ग्रामीणों द्वारा शिविर में कुल 16 शिकायतें दर्ज करायी गयीं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। शिविर में सभी रेखीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
ग्रामीणों ने “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से अब छोटे–छोटे कार्यों के लिए उन्हें तहसील या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वास्तव में उनके द्वार तक पहुंच रही है, जिससे समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण संभव हो पा रहा है।
आयोजित शिविर में राजस्व, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, विद्युत, वन, चिकित्सा एवं आयुष सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 37 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गयीं। पशुपालन विभाग द्वारा 11 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि हेतु 03 आवेदन दर्ज किए गए। आयुष विभाग द्वारा 55 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य एवं आयुष विभागों द्वारा ग्रामीणों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में एनआरएलएम की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों एवं पहाड़ी सब्जियों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया गया।
कार्यक्रम में ज्येष्ठ प्रमुख कुलदीप नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य दरिया बैजरो संध्या देवी, ग्राम प्रधान सुकई लता देवी, ग्राम प्रधान जिवई श्वेता देवी, प्रधान बिरगण कर्नल (सेनि.) यशपाल सिंह नेगी, प्रधान बापता सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रधान मटेला मुकेश कुमार, प्रधान दरिया बैजरो नीलम रावत, प्रधान नानस्यूं हिमांशु रावत, नोडल अधिकारी/कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजबीर सिंह, खंड विकास अधिकारी एस. एस. बुटोला, खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज, वन क्षेत्राधिकारी थलीसैंण रेंज महेंद्र सिंह रावत सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कम भूमि और कम जल में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है मशरूम उत्पादन: मुख्यमंत्री
‘ मशरूम ग्राम’ से युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस प्रयास
उत्तराखंड में कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत सब्सिडी और तीन लाख तक ब्याजमुक्त ऋण
पॉलीहाउस, बागवानी, मिलेट और सुगंध फसलों से किसानों को मिल रही नई पहचान
कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प के साथ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
हरिद्वार- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं किसानों को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये करना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। इसके साथ ही ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा,जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थी |
Thyroid Awareness- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थायराइड एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जो धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। गले के निचले हिस्से में मौजूद यह छोटी-सी ग्रंथि शरीर की ऊर्जा, वजन, तापमान और दिल की धड़कन को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती है। अक्सर लोग गले में हल्का भारीपन या सूजन को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही थायराइड असंतुलन का पहला संकेत हो सकता है।
थायराइड ग्रंथि जब जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है तो उसे हाइपरथायरायडिज्म कहा जाता है, वहीं हार्मोन की कमी की स्थिति हाइपोथायरायडिज्म कहलाती है। दोनों ही हालात शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं। समय रहते इलाज न होने पर यह समस्या हृदय, मानसिक स्वास्थ्य और प्रजनन क्षमता तक पर असर डाल सकती है।
थायराइड से जुड़ा सबसे आम बदलाव वजन में दिखाई देता है। बिना अधिक खाने के वजन बढ़ना हार्मोन की कमी की ओर इशारा करता है, जबकि अचानक वजन कम होना हार्मोन की अधिकता का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही दिनभर थकान महसूस होना, सुस्ती और काम में मन न लगना भी इस बीमारी के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं।
यह ग्रंथि शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है, इसलिए थायराइड बिगड़ने पर किसी को अत्यधिक ठंड लगने लगती है, तो किसी को हल्की गर्मी में भी पसीना आने लगता है। त्वचा का रूखा होना, बालों का तेजी से झड़ना और नाखूनों का कमजोर होना भी इसके आम संकेतों में शामिल है।
थायराइड हार्मोन का सीधा असर दिल और दिमाग पर भी पड़ता है। धड़कन का तेज या धीमा होना, घबराहट, चिड़चिड़ापन, एकाग्रता में कमी और याददाश्त कमजोर होना इसकी पहचान हो सकती है। महिलाओं में पीरियड्स का अनियमित होना भी अक्सर थायराइड असंतुलन से जुड़ा पाया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर गले में सूजन महसूस हो या एक साथ कई लक्षण नजर आएं, तो ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है। संतुलित आहार, आयोडीन की पर्याप्त मात्रा और तनाव से दूरी थायराइड को नियंत्रित रखने में मदद करती है। सही समय पर जांच और नियमित इलाज से थायराइड को पूरी तरह कंट्रोल में रखा जा सकता है।
अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता आगे भी निरंतर आयोजित होती रहेगी: मुख्यमंत्री
देवभूमि को ‘खेल भूमि’ बनाने की दिशा में उत्तराखंड तेज़ी से आगे बढ़ रहा है
अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं से राज्य बन रहा खेल महाशक्ति
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शासकीय कार्यों की व्यस्तता के बीच कार्मिको द्वारा खेल गतिविधियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि खेल जीवन में अनुशासन लाने के साथ-साथ तनाव को दूर करता है और शरीर को स्वस्थ रखता है। उन्होंने कहा कि निरोगी रहना मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है और खेल इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता भविष्य में भी अनवरत रूप से आगे बढ़ती रहेगी और कर्मचारियों-अधिकारियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।
इन विचारों के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बहुउद्देशीय क्रीड़ा हॉल, परेड ग्राउंड, देहरादून में उत्तराखण्ड सचिवालय बैडमिंटन क्लब द्वारा आयोजित 10वीं अन्तर्विभागीय बैडमिंटन प्रतियोगिता–2025 का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं बैडमिंटन खेलकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन भी किया। प्रतियोगिता में राज्य के 42 विभागों के कर्मचारी एवं अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण बनकर उभर रहा है। राज्य परिवर्तन की ओर अग्रसर है और नवाचारों, ऐतिहासिक निर्णयों तथा जनहितकारी नीतियों के माध्यम से विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। हाल ही में उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन किया गया, जिससे राज्य में खेल अवसंरचना और सुविधाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में खेलों को प्रोत्साहित कर राज्य को ‘खेल भूमि’ के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। खिलाड़ियों को निरंतर प्रोत्साहन और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उत्तराखंड एक उभरती हुई खेल महाशक्ति के रूप में पहचान बना रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, बैडमिंटन क्लब के अध्यक्ष हीरा सिंह बसेड़ा, प्रमोद कुमार, भूपेंद्र बसेड़ा, जे.पी. मैखुरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर देहरादून नगर के समग्र विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, शहरी अवसंरचना, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था तथा जनहित से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने नगर की वर्तमान आवश्यकताओं और भावी विकास को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए एवं देहरादून नगर के विकास को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए प्रस्तुत मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं के विस्तार और शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए राज्य सरकार नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी कदम उठाएगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
देहरादून- जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में जनपद देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभावार चल रही मैपिंग कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद की समस्त विधानसभाओं में चल रहे मैपिंग कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में तीव्र गति से पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 दिसंबर 2025 तक प्रत्येक विधानसभा में न्यूनतम 50 प्रतिशत से अधिक मैपिंग लक्ष्य अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए, जिससे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य समयबद्ध एवं त्रुटिरहित रूप से संपन्न हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी एवं अद्यतन बनाना है। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO/ARO) तथा फील्ड स्टाफ को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मैपिंग कार्य की दैनिक समीक्षा सुनिश्चित करें तथा किसी भी समस्या या बाधा की जानकारी समय रहते जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, निदेशक ग्रामीण विकास अभिकरण विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पी.सी. त्रिपाठी, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डयाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ARO) ऑनलाइन माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।
सिनेमाघरों में इस समय बॉक्स ऑफिस की जंग दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। जहां रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ लगातार दूसरे हफ्ते भी दर्शकों की पहली पसंद बनी हुई है, वहीं इस शुक्रवार कई नई फिल्मों ने भी बड़े पर्दे पर दस्तक दी है। इनमें जेम्स कैमरून की बहुप्रतीक्षित ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ और संजय मिश्रा स्टारर ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ शामिल हैं। सवाल यही है कि क्या इन नई रिलीज का असर ‘धुरंधर’ की कमाई पर पड़ा है या नहीं।
हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक जेम्स कैमरून एक बार फिर अपनी चर्चित फ्रेंचाइजी के साथ लौटे हैं। ‘अवतार’ सीरीज की तीसरी फिल्म ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ ने रिलीज के पहले ही दिन भारत में 20 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। फिल्म को अंग्रेजी वर्जन में सबसे ज्यादा दर्शक मिले, जहां से करीब 9 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। हिंदी संस्करण ने 5.5 करोड़, तेलुगु ने 2.85 करोड़ और तमिल ने 2.60 करोड़ रुपए जोड़े। कन्नड़ और मलयालम में फिल्म की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रही।
दूसरी ओर, रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से टिकी हुई है। रिलीज के 15वें दिन यानी दूसरे शुक्रवार को भी फिल्म ने 22.50 करोड़ रुपए की शानदार कमाई की। इसके साथ ही फिल्म का कुल कलेक्शन 483 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है और अब यह 500 करोड़ क्लब में एंट्री की ओर तेजी से बढ़ रही है।
इस शुक्रवार रिलीज हुई संजय मिश्रा और महिमा चौधरी की ‘दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी’ को बड़े मुकाबले के चलते सीमित स्क्रीन ही मिल पाए। नतीजतन फिल्म पहले दिन सिर्फ 6 लाख रुपए ही कमा सकी। आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई में बढ़ोतरी होती है या नहीं, यह देखना दिलचस्प रहेगा।
वहीं कपिल शर्मा की ‘किस किसको प्यार करूं 2’ की रफ्तार बॉक्स ऑफिस पर काफी धीमी पड़ गई है। फिल्म ने आठवें दिन महज 22 लाख रुपए का कलेक्शन किया, जिसके बाद इसका कुल कारोबार 11.07 करोड़ रुपए तक ही सिमट गया है।
तेलुगु सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण की ‘अखंडा 2’ ने शुरुआत में जोरदार प्रदर्शन किया था। पहले हफ्ते में 76.75 करोड़ रुपए कमाने के बाद फिल्म ने दूसरे हफ्ते की शुरुआत भी करोड़ों में की है। शुक्रवार को फिल्म ने 1.77 करोड़ रुपए की कमाई की, जिससे इसकी कुल आय 78.52 करोड़ रुपए हो गई है।
कुल मिलाकर, जहां ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर अब भी दबदबा बनाए हुए है, वहीं नई रिलीज फिल्मों के लिए राह आसान नजर नहीं आ रही।
एमडीडीए के जनहितकारी विकास कार्यों की विधायक सविता कपूर ने खुलकर प्रशंसा की, हरित सार्वजनिक स्थलों के विकास की पहल को बताया सराहनीय
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) ने शहर विकास की अवधारणा को मजबूत करते हुए देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक पार्कों के सौंदर्यीकरण और लैंडस्केपिंग कार्यों को पूरा किया है। इस पहल का उद्देश्य शहरी हरित क्षेत्रों का विस्तार, नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना और पर्यावरण–अनुकूल विकास को बढ़ावा देना है। एमडीडीए द्वारा योजनाबद्ध ढंग से किए गए इन कार्यों से आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर वातावरण मिला है, जिससे शहर की जीवन–शैली और सौंदर्य दोनों में सकारात्मक बदलाव आएगा।
कैंट विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कराए गए कार्यों का लोकार्पण आज विधायक देहरादून कैंट सविता कपूर द्वारा विधिवत रूप से किया गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में हरित वातावरण को बढ़ावा देने तथा नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में साईंलोक कॉलोनी (जीएमएस रोड) में पार्क सौंदर्यीकरण कार्य (लागत ₹20.68 लाख), इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी (जीएमएस रोड) में पार्क सौंदर्यीकरण कार्य (लागत ₹28.94 लाख) तथा माया एन्क्लेव में पार्क सौंदर्यीकरण कार्य (लागत ₹20.84 लाख) का लोकार्पण किया गया। परियोजनाओं के अंतर्गत हरियाली का विस्तार, आकर्षक लैंडस्केपिंग, बैठने की व्यवस्था, पैदल पथ, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और बच्चों के लिए सुरक्षित खेल सुविधाएं विकसित की गई हैं।
विधायक सविता कपूर का बयान
विधायक सविता कपूर ने कहा कि शहरी विकास का वास्तविक स्वरूप तभी साकार होता है जब नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित सार्वजनिक स्थल उपलब्ध हों। पार्क किसी भी शहर के “ग्रीन लंग्स” होते हैं, जो पर्यावरण संतुलन के साथ–साथ सामाजिक जीवन को भी समृद्ध करते हैं। देहरादून कैंट क्षेत्र में एमडीडीए द्वारा कराए गए सौंदर्यीकरण कार्यों से बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को टहलने, योग, खेल और सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान मिला है। यह पहल स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक जुड़ाव तीनों को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्र में नागरिक–केन्द्रित विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी और एमडीडीए के साथ समन्वय कर ऐसे ही कार्य निरंतर आगे बढ़ाए जाएंगे। विधायक सविता कपूर ने एमडीडीए के अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि भविष्य में भी कैंट विधानसभा क्षेत्र में इसी प्रकार जनहित से जुड़े विकास कार्य निरंतर किए जाएंगे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए शहर विकास को समग्र दृष्टि से आगे बढ़ा रहा है, जिसमें बुनियादी ढांचे के साथ–साथ सार्वजनिक स्थानों का उन्नयन भी शामिल है। पार्कों का सौंदर्यीकरण नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए गए हैं। आने वाले समय में भी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में हरित और सार्वजनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। पार्कों में विकसित सुविधाएं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। एमडीडीए आगे भी शहरी सौंदर्यीकरण और जन–सुविधाओं के विस्तार के लिए चरणबद्ध योजनाओं पर कार्य करता रहेगा।
कार्यक्रम में एमडीडीए के मुख्य अभियंता हरिचन्द्र सिंह राणा सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। उपस्थित जनसमूह ने एमडीडीए क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों के लिए एमडीडीए के प्रयासों की सराहना की।
देहरादून- ’भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सासंद राज्य सभा डा. नरेश बंसल ने सदन मे अतारांकित प्रश्न के माध्यम से उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय राजमार्ग सबंधित प्रश्न दिल्ली-देहरादून, बारहमासी सडक और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के बारे में एवं देहरादून-पांवटा साहिब, देहरादून- हरिद्वार, देहरादून-मसूरी और देहरादून-सहारनपुर खंडों को जोडने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों/सडकों पर क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निमाण/पुनस्र्थापन का विवरण पर प्रश्न किया।’’
डा. नरेश बंसल ने सदन मे पूछा कि क्या सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि,
क- उत्तराखण्ड में दिल्ली-देहरादून बारहमासी सडक और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) का कार्य कब तक पूरा हो जाएगा।
ख- क्या निर्माण के दौरा चट्टान काटने और ढलान उपचार से संबंधित सभी मानकों का पालन किया जा रहा है।
ग- देहरादून-पांवटा साहिब, देहरादून-हरिद्वार, देहरादून-मसूरी और देहरादून-सहारनपुर राष्ट्रीय राजमार्गों पर आपदाओं के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पुलों का पुनर्निमाण कब तक पूरा हो जाएगा और,
घ- उत्तराखण्ड में प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत कितने गांवों को जोडा चुका है और कितने गांव अभी जोडे जाने शेष हैं?
डा. नरेश बंसल के जवाब मे सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन जयराम गडकरी ने उत्तर दिया किः-
क से ग दिल्ली-देहरादून पहुंच नियंत्रित राजमार्ग को जोडने वाली परियोजनाओं की पैकेज-वार स्थिति अनुलग्नक में संलग्न है। उत्तराखण्ड राज्य में अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर चल रहे कार्य अप्रैल 2028 तक पूरा करने की योजना है।
यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किये जाते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार किया जाए, जिसमें भारतीय सडक कांग्रेस (आईआरसी) के विनिर्देशों और कोडों में निर्दिष्ट उत्खनन/कटाई और ढलान की मरम्मत आदि के मानक शामिल हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि राजमार्ग निर्माण निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करता है, कार्यकारी संस्थाओं द्वारा कार्यस्थल पर कार्यों के दैनिक पर्यवेक्षण के लिए परामर्शदाता (प्राधिकरण के इंजीनियरध्स्वतंत्र इंजीनियर-एइ/आईई) नियुक्त किए जाते हैं। कार्यकारी संस्थाओं के अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करते हैं और यह सुनिश्चित करते है कि रियायतग्राही/संविदाकरों द्वारा किए गए कार्य की गुणवत्ता निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप हो।
पहाडी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित आपदा प्रतिरोधी राष्ट्रीय राजमार्गों की अवसंरचना के विकास के लिए विभिनन पहलें की गई हैं, जिनमें निम्नलिखित शामिल हैंः-
1- विशेषज्ञ समिति की रिपोेर्ट के अनुसार पहाडी क्षेत्रों में भूस्खलन प्रबंधन क्षेत्रों के लिए लागत प्रभावी दीर्घकालिक सुधारात्मक उपयों के कार्यान्वयन हेतु नवंबर, 2024 में निर्णय लिया गया।
2- अब से ढलान काटने और स्थिरीकरण कार्यों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है, जिसके बाद पहाडी/पर्वतीय क्षेत्रों में राजमार्गों के लिए सडक निर्माण कार्य किए जाये। सड़क निर्माण कार्य तभी प्रारंभ होंगे जब खंडवार सुरक्षा उपाय पूरे हो जायेंगे।
3- पहाडी क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण से संबंधित चिंताओं के समाधान हेतु अतिरिक्त सवंर्धित और व्यवस्थित निदानात्मक उपायों हेतु नवंबर 2025 में एक व्यापक नीति परिपत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा।
4- उत्तराखण्ड और अरूणाचल प्रदेश राज्यों के लिए विशेष भूस्खलन प्रबंधन उपायों के लिए टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट काॅरपोरेशन इंडिया लि0 (टीएचडीसीआईएल) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
5- राष्ट्रीय राजमार्गों पर भू-खतरे के शमन उपायों के तकनीकी सहयोग के लिए रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (डीजीआरई) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
6- सुरंगों की भूवैज्ञानिक जांच और भू संकट संबंधी अध्ययन हेतु डेटा साझा करने पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीआईएस) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
7- एनएचआईडीसीएल द्वारा राष्ट्रीय शैल यांत्रिकी संस्थान (एनआईआरएम) के साथ सुरंग परियोजनाओं, सडक परियोजनाओं, डीपीआरध्निर्माण चरण के दौरान सुरंग के डिजाइन और रेखाचित्रों की समीक्षा/सबूत जांच, उपकरणों और निगरानी उपकरणों की पर्याप्तता की जांच, सुरंग सुरक्षा लेखा परीक्षा, कार्य पैकेज के लिए शैल यांत्रिकी और शैल इंजीनियरिंग पर आधारित वैज्ञानिक जांच तैयार करने, अधिकारियों को प्रशिक्षण आदि के लिए व्यापक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
8- शिलांग-सिलचर ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड काॅरिडोर के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की सहकर्मी समीक्षा हेतु एनआईआरएम के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
सडक परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन जयराम गडकरी ने देहरादून-पांवटा साहिब, देहरादून- हरिद्वार, देहरादून-मसूरी और देहरादून-सहारनपुर खंडों को जोडने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों/सडकों पर क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निमाणध्पुनस्र्थापन का विवरण मे बताया किः-
देहरादून-पौंटा साहिबः– क्षतिग्रस्त पुल मौजूदा एनएच-72 के देहरादून-पांवटा साहिब चैनेज 142 पर उत्तरांचल विश्वविद्यालय (प्रेम नगर) देहरादून के पास है, जिसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) द्वारा बाईपास का निर्माण किया जा रहा है, और कार्य पर्याप्त रूप तक पूर्ण हो चुका है। राज्य लोक निर्माण विभाग ने एकमुश्त सुधार (ओटीआई) के तहत क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत के लिए लगभग 17.00 करोड रूपये का अनुमान एनएचआई को प्रस्तुत किया है और यह एनएचआई में जांच के अध्याधीन है।
देहरादून- हरिद्वारः- पुराना 2 लेन वाला जाखन पुल 2025 के मानसून में क्षतिग्रस्त हो गया था। यातायात मौजूदा 2 लेन वाले नए जाखन पुल से होकर गुजर रहा है। नए पुल का निर्माण जून, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
देहरादून-मसूरीः देहरादून-मसूरी मोटर मार्ग राज्य राजमार्ग (एसएच संख्या-1) पर किमी0 18 (शिव मंदिर के पास) पर स्थित आर्य ब्रिज 15.09.2025 को क्षतिग्रस्त हो गया था। उसी स्थान पर एक वैली पुल स्थापित किया गया है। वर्तमान में इस स्थान के निकट 60 मीटर स्पैन 70 आर श्रेणी क लोडिंग पुल प्रस्तावित है। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं और इसे जून 2026 तक पूर्ण कर लिया जायेगा।
देहरादून-सहारनपुरः- पुलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
घ- प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना (पीएमजीएसवाई-1) एकबारगी विशेष उपाय है जिसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कोर नेटवर्क में निर्दिष्ट जनसंख्या आकार मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक और पूर्वोत्तर राज्यों, हिमालयी राज्यों और हिमालयी केंद्र शासित प्रदेशों में 250 से अधिक वाले पात्र असंबद्ध बस्तियों को एकल बारहमासी सडक के माध्यम से ग्रामीण संपर्कता प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम की इकाई एक बस्ती है, कोई राजस्व गांव या पंचायत नहीं है। बस्ती एक ऐसे क्षेत्र में रहने वाली आबादी का समूह है जिसका अवस्थान समय के साथ नहीं बदलता है। उत्तराखण्ड राज्य में, पीएमजीएसवाई-1 के तहत 1864 पात्र बस्तियां स्वीकृत की गयी हैं। जिनमें से 1860 बस्तियों को बारहमासी सडक संपर्कता प्रदान की जा चुकी है।
