रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है। 5 दिसंबर को रिलीज हुई इस फिल्म ने रिलीज के महज नौ दिनों में 300 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। वीकडेज में मजबूत पकड़ बनाए रखने के बाद वीकएंड पर फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिसने ट्रेड एक्सपर्ट्स को भी चौंका दिया।
दूसरे हफ्ते में भी बरकरार रफ्तार
फिल्म ने पहले दिन 28 करोड़ रुपये की ओपनिंग के साथ शानदार शुरुआत की थी। पहले सप्ताह के अंत तक धुरंधर ने 207.25 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया था। दूसरे सप्ताह में भी दर्शकों की भीड़ सिनेमाघरों में बनी हुई है। दूसरे शनिवार यानी नौवें दिन फिल्म ने 53 करोड़ रुपये की दमदार कमाई की।
दूसरे रविवार को रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन
रविवार को भी फिल्म की रफ्तार थमी नहीं। रिलीज के 10वें दिन फिल्म ने 59 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके साथ ही धुरंधर का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 351.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब फिल्म तेजी से 400 करोड़ क्लब की ओर बढ़ती नजर आ रही है।
दूसरे रविवार की कमाई में बनी नंबर वन
दूसरे रविवार के कलेक्शन के मामले में धुरंधर ने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। इसने ‘पुष्पा 2’ और विक्की कौशल की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘छावा’ को भी कमाई के मामले में पछाड़ दिया। छावा ने दूसरे रविवार को जहां 40 करोड़ रुपये कमाए थे, वहीं धुरंधर ने इससे कहीं ज्यादा कारोबार किया।
साल 2025 में धुरंधर तीसरी हिंदी फिल्म बन गई है, जिसने 300 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया है। खास बात यह है कि इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए फिल्म ने सिर्फ नौ दिन का समय लिया, जबकि अन्य फिल्मों को इसमें अधिक वक्त लगा था।
आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना और आर. माधवन अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म की जबरदस्त सफलता को देखते हुए इसके सीक्वल ‘धुरंधर 2’ की भी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है, जिसे 19 मार्च 2026 को रिलीज किया जाएगा।
धुरंधर की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए साफ है कि आने वाले दिनों में यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर और बड़े कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।
(साभार)
कठिन मौसम और बर्फीली चुनौती के बीच कविता चंद की ऐतिहासिक फतह
देहरादून। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जनपद के धारा नौला क्षेत्र की बेटी कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। कविता ने माउंट विंसन के शिखर पर पहुंचकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वर्तमान में मुंबई में निवास कर रहीं कविता की इस सफलता को लेकर उत्तराखंड में खासा उत्साह और गर्व का माहौल है।
माउंट विंसन फतह करना कविता चंद के प्रतिष्ठित ‘सेवन समिट्स’ अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसके तहत दुनिया के सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर चढ़ाई का लक्ष्य रखा जाता है। इससे पहले कविता यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर भी तिरंगा फहरा चुकी हैं।
कठिन परिस्थितियों में हासिल की सफलता
अंटार्कटिका की सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियों में शामिल माउंट विंसन पर अत्यधिक ठंड, तेज हवाएं, एकांत और अनिश्चित मौसम पर्वतारोहियों के लिए बड़ी चुनौती होते हैं। कविता का यह अभियान 3 दिसंबर को भारत से प्रस्थान के साथ शुरू हुआ। वह 4 दिसंबर को चिली के पुंटा एरेनास पहुंचीं और 7 दिसंबर को यूनियन ग्लेशियर होते हुए विंसन बेस कैंप तक पहुंचीं। लगभग 2,100 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बेस कैंप तक का अंतिम सफर स्की-सुसज्जित विमान से तय किया गया।
अनुभवी टीम का मिला साथ
इस अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध हाई-एल्टीट्यूड गाइड मिंग्मा डेविड शेरपा ने किया। भारतीय दल को पर्वतारोही भरत थम्मिनेनी और उनकी एक्सपेडिशन कंपनी ‘बूट्स एंड क्रैम्पन’ का सहयोग प्राप्त रहा। नौ सदस्यीय भारतीय टीम ने बेहतर योजना, अनुकूलन प्रक्रिया और मजबूत तालमेल के साथ अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों में शिखर तक सफल चढ़ाई की।
उपलब्धि पर जताई खुशी
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कविता चंद ने कहा कि माउंट विंसन के शिखर पर भारतीय तिरंगा फहराना उनके लिए अविस्मरणीय क्षण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पेशेवर जीवन और फिटनेस के बीच संतुलन बनाने की प्रेरणा देती है।
फिटनेस और साहस की मिसाल
पर्वतारोहण के साथ-साथ कविता चंद एंड्योरेंस रनिंग में भी पहचान बना चुकी हैं। वह एक समर्पित मैराथन धावक हैं और दिल्ली व मुंबई हाइरॉक्स 2025 प्रतियोगिताओं में अपनी आयु वर्ग में विजेता रह चुकी हैं। इसके अलावा वह एबॉट वर्ल्ड मैराथन मेजर्स सिक्स स्टार चैलेंज की छह में से तीन मैराथन पूरी कर चुकी हैं।
पूर्व में मीडिया क्षेत्र से जुड़ी रहीं कविता ने 2024 में कॉरपोरेट करियर छोड़कर पूरी तरह फिटनेस को अपनाया। मां बनने के बाद गंभीर फिटनेस और पर्वतारोहण की राह चुनने वाली कविता आज देशभर के युवाओं और कामकाजी पेशेवरों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं।
उनके इस सफर में पति दीपक चंद ठाकुर, जो एनपीएसटी के सीईओ और सह-संस्थापक हैं, का सहयोग भी अहम रहा है।
अंटार्कटिका की बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराकर कविता चंद ने न केवल अपने ‘सेवन समिट्स’ लक्ष्य को मजबूती दी है, बल्कि उत्तराखंड की पर्वतीय पहचान को भी वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया है।
वाहन सवार पांचों लोग सुरक्षित, प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पताल भेजे गए
टिहरी गढ़वाल। जनपद टिहरी गढ़वाल के ब्यासी क्षेत्र में देर रात एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। गुल्लर के समीप एक थार वाहन अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 70 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे की सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में सवार सभी पांच लोगों को सुरक्षित खाई से बाहर निकाला गया।

रेस्क्यू के बाद घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद एम्बुलेंस की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
सीएम धामी बोले—सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखंड भारत के शिल्पकार, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘भारत रत्न’ लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्रनिष्ठ सोच और अदम्य साहस के बल पर देश की अनेक रियासतों का एकीकरण कर अखंड एवं सशक्त भारत की नींव रखी। राष्ट्रहित के प्रति उनका अटल संकल्प, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और समरसता के लिए सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
एनसीआर में भी हालात गंभीर, नोएडा सबसे ज्यादा प्रदूषित
नई दिल्ली। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और हवा की बेहद धीमी गति के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई है। रविवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर बनी रही, जिससे यह मौजूदा सीजन का अब तक का सबसे प्रदूषित दिन रिकॉर्ड किया गया। देशभर के प्रदूषित शहरों की सूची में भी दिल्ली शीर्ष तीन में शामिल रही।
सुबह के समय घना कोहरा और स्मॉग की परत छाई रही, जिसने पूरे दिन शहर को अपनी गिरफ्त में रखा। कई इलाकों में दृश्यता इतनी कम हो गई कि सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई। हवाई यातायात पर भी असर पड़ा। सफदरजंग एयरपोर्ट पर सुबह दृश्यता घटकर 200 मीटर और पालम एयरपोर्ट पर 350 मीटर दर्ज की गई, जिससे उड़ानों के संचालन में दिक्कतें आईं।
सांस लेना हुआ मुश्किल
प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच लोग मजबूरी में एन95 मास्क पहनकर घरों से निकलते नजर आए। आंखों में जलन, गले में खराश और सांस फूलने की शिकायतें आम रहीं। खासकर दमा और सांस से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई। रविवार को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स 461 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है और एक दिन पहले की तुलना में अधिक खराब रहा।
एनसीआर में भी बिगड़े हालात
दिल्ली के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना रहा। नोएडा सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा, जहां AQI 466 रिकॉर्ड किया गया। गाजियाबाद में यह 459, ग्रेटर नोएडा में 435 और गुरुग्राम में 291 रहा। फरीदाबाद में AQI 218 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में जरूर है, लेकिन अन्य एनसीआर शहरों से अपेक्षाकृत बेहतर रहा।
मौसम बना प्रदूषण की बड़ी वजह
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, रविवार को हवा पश्चिम दिशा से मात्र 5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। वातावरण की मिश्रण गहराई कम रहने के कारण प्रदूषक ऊपर नहीं जा सके और निचले स्तर पर ही जमा होते गए। दोपहर तक पीएम10 और पीएम2.5 का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज किया गया।
अगले कुछ दिन और मुश्किल
प्रदूषण विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार और मंगलवार को भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को सांस लेने में तकलीफ, खांसी, आंखों में जलन, सिरदर्द और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक हवा की रफ्तार में खास सुधार की संभावना नहीं है।
क्यों नहीं मिल रही राहत
स्काईमेट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हवा की गति कमजोर बनी हुई है। ठंड के मौसम में वाहनों का धुआं, निर्माण गतिविधियों की धूल और अन्य प्रदूषक जमीन के पास ही फंसे रहते हैं। हवा के तेज बहाव के अभाव में ये कण वातावरण में जमा होते जाते हैं, जिससे दिल्ली की हवा और अधिक जहरीली होती जा रही है।
राजधानीवासियों के लिए फिलहाल साफ हवा का इंतजार लंबा होता नजर आ रहा है।
हार्दिक पांड्या ने पूरे किए 100 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट
धर्मशाला। भारतीय क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात विकेट से जीत दर्ज की और पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी के बाद बल्लेबाजों के संयमित खेल के दम पर भारत ने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया।
मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह दबाव में नजर आई और 20 ओवर में 117 रन पर सिमट गई। जवाब में भारत ने 15.5 ओवर में ही तीन विकेट के नुकसान पर 120 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया की ओर से अभिषेक शर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 18 गेंदों पर 35 रन बनाए और जीत की नींव रखी।
धर्मशाला में भारत का अजेय सिलसिला कायम
इस जीत के साथ भारत ने धर्मशाला के मैदान पर लगातार तीसरा टी20 मुकाबला जीतने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय टीम ने यहां 2022 में श्रीलंका के खिलाफ दो टी20 मैचों में जीत दर्ज की थी।
गिल और अभिषेक की तेज शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करते हुए अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने भारतीय पारी को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 60 रनों की साझेदारी की। इसके बाद तिलक वर्मा को तीसरे नंबर पर आजमाया गया, जिन्होंने गिल के साथ उपयोगी साझेदारी निभाई। गिल 28 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे।
अंत में तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया। तिलक 25 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि शिवम दुबे ने तेजी से रन बटोरते हुए मैच समाप्त किया।
गेंदबाजों का दबदबा
इससे पहले टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जो पूरी तरह सही साबित हुआ। दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत खराब रही और टीम लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही। कप्तान एडेन मार्करम ने संघर्ष करते हुए अर्धशतक जमाया, लेकिन उनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।
भारत की ओर से वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और कुलदीप यादव ने दो-दो विकेट झटके। हार्दिक पांड्या और शिवम दुबे को भी एक-एक सफलता मिली। खास बात यह रही कि भारतीय टीम के सभी गेंदबाजों ने विकेट हासिल किए।
रिकॉर्ड्स का दिन
इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने टी20 क्रिकेट में अपने 4000 रन पूरे किए और सबसे तेज यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे बल्लेबाज बने। वहीं हार्दिक पांड्या ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 100 विकेट पूरे किए। वरुण चक्रवर्ती ने भी 50 टी20 अंतरराष्ट्रीय विकेट पूरे कर एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की।
टीम संयोजन में बदलाव
मैच के लिए भारतीय टीम में दो बदलाव किए गए। अक्षर पटेल अस्वस्थ होने के कारण नहीं खेल सके, जबकि जसप्रीत बुमराह निजी कारणों से टीम से बाहर रहे। उनकी जगह कुलदीप यादव और हर्षित राणा को टीम में शामिल किया गया।
भारतीय टीम की इस जीत ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त दिलाई, बल्कि टीम के आत्मविश्वास को भी मजबूती दी है।
फसल नुकसान के दावे सबसे ज्यादा
देहरादून। राज्य में वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मुआवजा प्रकरणों के निस्तारण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। लंबे समय से लंबित चल रहे मामलों में अब पीड़ितों को मुआवजा मिल सकेगा।
वन विभाग के पास मानव मृत्यु, घायल होने, फसल नुकसान, पशुधन हानि और भवन क्षति से जुड़े करीब 18 करोड़ रुपये के दावे लंबित थे। पर्याप्त बजट न होने के कारण इन मामलों में भुगतान अटका हुआ था। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने आपदा मोचन निधि से सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध आपदा प्रबंधन विभाग से किया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
फसल नुकसान के दावे सबसे अधिक
लंबित मुआवजा मामलों में सबसे बड़ी संख्या फसल क्षति से जुड़े प्रकरणों की है। हाथी सहित अन्य वन्यजीवों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया, जिसके लिए लगभग 13 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रस्तावित है। इसके अलावा पशु हानि और मकानों को हुए नुकसान के मामले भी सूची में शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मानव मृत्यु से जुड़े पांच मामलों में भी अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाना है। अब स्वीकृत धनराशि मिलने के बाद वन विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से सभी लंबित मुआवजा प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।
देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका- डॉ. निशंक
स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी रविवार को सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, सुशासन और सामाजिक उत्थान को रहा समर्पित
देहरादून/मदनपल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में देश के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, सुशासन और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा। उन्होंने अपने सशक्त नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा के माध्यम से भारत की राजनीति को नई दिशा दी। अटल जी के विचार और आदर्श आज भी देश को प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पीवीएन माधव, आंध्र प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्य कुमार वाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
सीरीज 1-1 से बराबर, तीसरे टी20 में बढ़त बनाने उतरेगा भारत
धर्मशाला। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज यानि रविवार को धर्मशाला में खेला जाएगा। सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है, ऐसे में यह मैच दोनों टीमों के लिए बढ़त बनाने का सुनहरा मौका होगा। भारतीय टीम अब तक पहले दो मुकाबलों में बिना बदलाव के मैदान पर उतरी है, लेकिन निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी सीरीज में टीम प्रबंधन की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
गिल और सूर्यकुमार की फॉर्म पर नजर
भारतीय उपकप्तान शुभमन गिल को शेष मुकाबलों में मौका मिलना तय माना जा रहा है, लेकिन उनके लिए राह आसान नहीं है। टी20 विश्व कप में अब ज्यादा समय नहीं बचा है और अगर गिल इस सीरीज में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहते हैं, तो टीम प्रबंधन वैकल्पिक योजनाओं पर विचार कर सकता है। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव की लगातार खराब फॉर्म भी चिंता का विषय बनी हुई है। संजू सैमसन जैसे अनुभवी बल्लेबाज को बाहर रखकर गिल को टीम में जगह देने के फैसले पर पहले ही सवाल उठ रहे हैं।
बल्लेबाजी क्रम में हो सकता है बदलाव
दूसरे टी20 में टीम इंडिया ने बल्लेबाजी क्रम के साथ प्रयोग करते हुए अक्षर पटेल को नंबर तीन पर भेजा था, जिसकी आलोचना भी हुई। अब संभावना है कि कप्तान सूर्यकुमार यादव एक बार फिर अपने पसंदीदा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरें। सूर्यकुमार का लय में लौटना टीम के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा शिवम दुबे को निचले क्रम में भेजने के फैसले पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है, ताकि बल्लेबाजी संतुलन बेहतर बनाया जा सके।
धर्मशाला की पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ स्टेडियम की पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है। अब तक सीरीज में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालते नजर आए हैं। हालांकि अर्शदीप का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। ऐसे में टीम प्रबंधन नई गेंद के साथ हार्दिक पांड्या को आजमाने और कुलदीप यादव को एकादश में शामिल करने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकता है। हालांकि बल्लेबाजी गहराई बनाए रखने की मजबूरी के चलते कुलदीप को एक बार फिर बाहर बैठना पड़ सकता है।
मजबूत दिख रही है दक्षिण अफ्रीका
दक्षिण अफ्रीका की टीम मौजूदा समय में बेहद संतुलित नजर आ रही है। क्विंटन डिकॉक की वापसी से टीम को मजबूती मिली है। कप्तान एडन मार्करम के साथ डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, डोनोवन फरेरा और ऑलराउंडर मार्को यानसेन की मौजूदगी उनकी बल्लेबाजी को खतरनाक बनाती है। उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में इस टीम को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
टीम चयन को लेकर उठ रहे सवाल
टी20 विश्व कप से पहले भारत के पास सीमित मुकाबले बचे हैं। ऐसे में मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने सही संयोजन चुनने की चुनौती है। खराब फॉर्म से जूझ रहे बल्लेबाजों को लगातार मौका देना जोखिम भरा साबित हो सकता है। चयन समिति के फैसलों को सही साबित करने के लिए शुभमन गिल को जल्द ही प्रभावी प्रदर्शन करना होगा। वहीं संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का निर्णय अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा टी20 मुकाबला 14 दिसंबर, रविवार को खेला जाएगा। यह मैच धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 6:30 बजे होगा। मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, वहीं जियोहॉटस्टार ऐप पर लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी।
