आरोपी हाशिम के पैर में लगी गोली
खटीमा। तुषार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी हाशिम को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी झनकट क्षेत्र में छिपा हुआ था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
झनकट क्षेत्र में हुई मुठभेड़
पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड का आरोपी झनकट इलाके में छिपा है। देर रात करीब एक बजे झनकट ईंट भट्ठे के पास पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे काबू में ले लिया गया। सीओ खटीमा विमल रावत ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
विवाद से शुरू हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे रहने वाला तुषार शर्मा (24) बस स्टॉप के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद था। उसके साथ अभय और सलमान भी थे। इसी दौरान कुछ युवकों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस झगड़े के दौरान तीनों युवकों पर चाकुओं से हमला किया गया।
अस्पताल में हुई तुषार की मौत
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को खटीमा उप जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने तुषार शर्मा को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद शहर में तनाव
शनिवार सुबह युवक की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए। इस दौरान एक चाय की दुकान में आगजनी और आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। सूचना पर पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। हालात को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।
निर्धारित समय में सफाई नहीं हुई तो दर्ज होगा मुकदमा- डीएम सविन बंसल
देहरादून। जिले में राजमार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ती गंदगी को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने हरिद्वार बाईपास सहित कई प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा पाए जाने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 152 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 133) के तहत आपराधिक नोटिस जारी किए हैं।
स्थलीय निरीक्षण में उजागर हुई गंभीर स्थिति
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार डोईवाला और ऋषिकेश की संयुक्त टीमों ने हरिद्वार बाईपास रोड पर रिस्पना पुल से लच्छीवाला, भानियावाला टोल, एयरपोर्ट रोड, लालतप्पड़ क्षेत्र, रायवाला अंडरपास, ग्राम प्रतीतनगर, रायवाला रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे सर्विस रोड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़े के ढेर पाए गए, जिससे पर्यावरण और भू-जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। साथ ही संक्रामक रोग फैलने और वन्य जीवों की आवाजाही से आमजन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई।
लोक मार्ग पर न्यूसेन्स मानते हुए कार्रवाई
प्रशासन ने इस स्थिति को लोक मार्ग पर न्यूसेन्स (लोक बाधा) की श्रेणी में माना है। इसके तहत परियोजना निदेशक एनएचएआई, प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून, अधिशासी अभियंता एनएच खंड डोईवाला सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सात दिनों के भीतर पूरे क्षेत्र से कूड़े-कचरे का पूर्ण निस्तारण कर स्थायी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करें।
19 दिसंबर को एसडीएम न्यायालय में पेश होने के आदेश
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को 19 दिसंबर 2025 को एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही साफ-सफाई के कार्य की फोटोग्राफ सहित अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
ग्राम प्रतीतनगर, रायवाला रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे सर्विस रोड के किनारे गंदगी पाए जाने पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, सहायक वन संरक्षक, लोक निर्माण विभाग ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और रायवाला रेलवे अधीक्षक को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
अनुपालन न होने पर होगी आपराधिक कार्रवाई
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने पर स्वतः आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दोषी पाए जाने पर छह माह तक के कारावास का प्रावधान भी लागू किया जा सकता है।
प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे स्थलों पर नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।
कोरोना काल में शुरू हुआ हाई-टेक साइबर रैकेट, विदेश से हो रहा था संचालन
नई दिल्ली। साइबर फ्रॉड मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिनमें चार चीनी नागरिक भी शामिल हैं। इसके साथ ही 58 कंपनियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इस नेटवर्क ने शेल कंपनियों के जरिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया।
अंतरराष्ट्रीय साइबर रैकेट का खुलासा
CBI की जांच में सामने आया है कि यह संगठित गिरोह निवेश, लोन, नौकरी और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर लोगों को ठगता था। ठगों द्वारा फर्जी निवेश स्कीम, पोंजी मॉडल, मल्टी-लेवल मार्केटिंग, नकली पार्ट-टाइम जॉब ऑफर और डिजिटल गेमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसाया जाता था। इस नेटवर्क का खुलासा अक्टूबर में हुआ था, जिसके बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया।
शेल कंपनियों के जरिए पैसों की हेराफेरी
जांच एजेंसी के अनुसार, गिरोह ने 111 से अधिक शेल कंपनियां बनाईं, जिनके जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में घुमाया गया। म्यूल खातों के माध्यम से करीब 1,000 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। इनमें से एक ही खाते में कुछ ही समय में 152 करोड़ रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है। इन कंपनियों को फर्जी निदेशकों, नकली पते और झूठे कारोबारी दस्तावेजों के आधार पर पंजीकृत कराया गया था।
डिजिटल भुगतान माध्यमों का दुरुपयोग
CBI ने बताया कि इन शेल कंपनियों का उपयोग बैंक अकाउंट और डिजिटल पेमेंट गेटवे जैसे UPI, फोन-पे और अन्य फिनटेक प्लेटफॉर्म पर अकाउंट खोलने के लिए किया गया। इसके बाद ठगी की रकम को तेजी से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसके असली स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई।
कोरोना काल में शुरू हुआ नेटवर्क
जांच में सामने आया कि इस साइबर ठगी नेटवर्क की शुरुआत वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान हुई थी। इसे चार चीनी नागरिक—जोउ यी, हुआन लिउ, वेइजियान लिउ और गुआनहुआ—द्वारा संचालित किया जा रहा था। इनके भारतीय सहयोगियों ने अवैध रूप से लोगों के पहचान दस्तावेज हासिल कर शेल कंपनियों और म्यूल खातों का नेटवर्क खड़ा किया, ताकि ठगी से कमाए गए धन को सफेद किया जा सके।
विदेश से हो रहा था संचालन
CBI ने यह भी खुलासा किया है कि नेटवर्क का नियंत्रण अब भी विदेशी नागरिकों के हाथ में था। दो भारतीय आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की UPI आईडी अगस्त 2025 तक विदेश से सक्रिय पाई गईं, जिससे यह साफ हुआ कि ठगी का संचालन रियल टाइम में विदेशी लोकेशन से किया जा रहा था।
हाई-टेक तरीके से दिया जाता था वारदात को अंजाम
इस रैकेट में आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। गूगल विज्ञापन, बल्क SMS, सिम-बॉक्स, क्लाउड सर्वर, फिनटेक प्लेटफॉर्म और सैकड़ों म्यूल खातों के जरिए पूरी ठगी की श्रृंखला को इस तरह डिजाइन किया गया था कि असली लोगों की पहचान छिपी रहे और जांच एजेंसियों तक सुराग न पहुंचे।
I4C की सूचना से शुरू हुई जांच
इस मामले की जांच भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली जानकारी के आधार पर शुरू हुई थी। शुरुआत में अलग-अलग शिकायतें सामने आईं, लेकिन विस्तृत विश्लेषण में फंड ट्रांसफर पैटर्न, डिजिटल फुटप्रिंट और पेमेंट गेटवे में समानता पाई गई, जिससे एक संगठित साजिश का खुलासा हुआ।
अक्टूबर में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद CBI ने कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, झारखंड और हरियाणा में 27 स्थानों पर छापेमारी कर डिजिटल उपकरण और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए, जिनकी फोरेंसिक जांच की गई।
तेलुगु सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अवतार के साथ लौटे हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अखंडा 2’ ने 12 दिसंबर को सिनेमाघरों में दस्तक दी। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला, जिसका असर बॉक्स ऑफिस पर भी साफ नजर आया। शुरुआती दो दिनों में फिल्म ने अच्छी कमाई कर अपनी मजबूत शुरुआत दर्ज की है।
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘अखंडा 2’ ने रिलीज के पहले दिन 22.5 करोड़ रुपये की शानदार ओपनिंग की। वहीं दूसरे दिन 15.6 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है। खास बात यह है कि रिलीज से पहले स्पेशल शोज के जरिए फिल्म ने करीब 8 करोड़ रुपये कमा लिए थे। कुल मिलाकर अब तक फिल्म का कलेक्शन लगभग 46.17 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो फिल्म जल्द ही 50 करोड़ क्लब में एंट्री कर सकती है।
बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ की चुनौती
हालांकि, मौजूदा समय में सिनेमाघरों में फिल्म ‘धुरंधर’ का दबदबा बना हुआ है। यह फिल्म लगातार रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, ‘धुरंधर’ ने अब तक 276.25 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है, जबकि नौवें दिन इसका कलेक्शन 36.50 करोड़ रुपये रहा। इस तुलना में ‘अखंडा 2’ का कलेक्शन फिलहाल ‘धुरंधर’ से पीछे नजर आ रहा है।
‘अखंडा 2’ की स्टारकास्ट और खास बातें
‘अखंडा 2’ में नंदमुरी बालकृष्ण दर्शकों को डबल रोल में नजर आ रहे हैं, जो फिल्म की बड़ी खासियत है। उनके साथ इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेत्री हर्षाली मल्होत्रा भी अहम भूमिका में दिखाई दे रही हैं, जिन्हें दर्शक ‘बजरंगी भाईजान’ से पहचानते हैं। इसके अलावा फिल्म में मुरली कृष्ण, संयुक्ता और जगपति बाबू जैसे अनुभवी कलाकार भी शामिल हैं।
यह नंदमुरी बालकृष्ण की इस साल की दूसरी रिलीज है। इससे पहले आई उनकी फिल्म ‘डाकू महाराज’ ने बॉक्स ऑफिस पर 90.93 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।
(साभार)
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर गांव-गांव पहुंचेगी सरकार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में 17 दिसम्बर से 45 दिनों तक ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान विभिन्न न्याय पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में कैंम्प लगाकर आम आदमी से जुडी योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सामान्य प्रशासन सचिव विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित पत्र में प्रदेश में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जरूरतमंदों लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया 17 दिसम्बर से 45 दिनों तक प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान के अन्तर्गत विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाकार न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जन सामान्य से आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए उस पर कार्यवाही की जाएगी।
सचिव ने बताया कि यह कार्यक्रम न्याय पंचायत के स्तर पर संचालित किया जाएगा और वहां पर बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यदि कोई न्याय पंचायत बहुत बड़ी हो तो उस न्याय पंचायत में दो भागों में गांव को विभक्त करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान बहुउद्देशीय शिविर में उपस्थित लोगों को केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से संचालित की जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी और कैम्प में उपस्थित पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कैम्प के उपरान्त निकट के किसी गांव में सभी अधिकारियों की ओर से भ्रमण किया जाएगा और उस गांव के सभी पात्र व्यक्तियों को केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए आवेदन पत्र भरावाए जाएंगे। उस ग्राम पंचायत के सभी निवासीगण केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की सभी प्रकार की योजनाओं से पूरी तरह से लाभान्वित हो सकें और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविर से पूर्व मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में कम से कम 02 से 03 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की न्याय पंचायतों में यह कैम्प लगाया जाना सुनिश्चित किया जाय। प्रयास किया जाय कि प्रत्येक सप्ताह जनपद में जितनी तहसील है उनकी कम से कम एक-एक न्याय पंचायतों में यह आयोजन किया जाए। यह कार्यक्रम न्यूनतम 45 दिन तक अनिवार्य रूप से सभी न्याय पंचायतों में चलाया जाना है। यदि इस अभियान के दौरान सभी न्याय पंचायतें आच्छादित नहीं हो पाते है तो कार्यकम को तद्नुसार जनपद की ओर से आवश्यकतानुसार इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकता है।
उन्होंने निर्देश दिए है कि ग्राम स्तर पर केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के लाभ से संबंधित क्षेत्र और ग्राम पंचायत में कौन-कौन से लोग वंचित है, इसका पूर्व से ही विभिन्न विभागों के माध्यम से सर्वेक्षण करा लिया जाए और भ्रमण के दौरान इन कमियों को दूर करने की कार्यवाही की जाए और सभी संबंधित से आवेदन पत्र भरावाया जाएं।
पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक कैम्प में अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहें। अन्य कैम्पों कमशः मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। आयोजित होने वाले कैम्पों में नामित विभागों के अधिकारीगण कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे और कैम्प के दौरान यह प्रयास किया जाय कि आम जन मानस की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सम्भव हो सके।
उन्होंने कहा कि कैम्प लगाये जाने के दो से तीन दिन पूर्व सभी प्रकार के आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध रहें, ताकि आवेदन पत्र भरे जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने जनपद स्तर पर न्याय पंचायतों में लगाये जाने वाले कैम्पों की रूप-रेखा,कार्य योजना एक सप्ताह में तैयार करते हुए शासन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये है ताकि शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा संचालित कैम्पों का औचक निरीक्षण किया जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम के उपरान्त कार्यक्रम की सफलता और कार्यों का विवरण मीडिया को साझा किया जाए। प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यकमों की प्रगति आख्या अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
नाबालिग के साथ संदिग्ध स्थिति और मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर पुलिस से रिपोर्ट तलब
होटलों-गेस्ट हाउसों में रजिस्टर अनिवार्य, पुलिस व हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश
आरोपी के विरुद्ध हो कड़ी कार्रवाई, मामले की हो गंभीर जांच- कुसुम कण्डवाल
देहरादून। देहरादून के शिमला बाईपास निकट एक गेस्ट हाउस में रात तीन बजे एक नाबालिग लड़की के साथ धर्म विशेष के युवक के संदिग्ध अवस्था मे पकड़े जाने और उसके मोबाइल से बड़ी संख्या में लड़कियों की आपत्तिजनक चैट व वीडियो मिलने के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए पुलिस से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और नाबालिग की सुरक्षा, काउंसलिंग तथा परिजनों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि नाबालिग से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसपी सिटी को आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई करने, डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने तथा गेस्ट हाउस प्रबंधन की भूमिका की भी जांच करने को कहा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए गेस्ट हाउसों में पहचान पत्र जांच और रजिस्टर में प्रविष्टि की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत गंभीर मामला है कि हमारी भोली भाली बच्चियों को धर्म विशेष के लोगो द्वारा अपने जाल में फंसा कर उनके साथ गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया जाना बहुत ही निंदनीय है। ऐसे में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आयोग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आयोग अध्यक्ष ने प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि आयोग की ओर से राज्य के समस्त जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा कि किसी भी होटल, गेस्ट हाउस, रात्रि विश्राम गृह अथवा ठहरने की सभी जगहों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों की पंजिका (रजिस्टर) का होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, साथ ही उनकी नियमित जांच की जाए।
देहरादून। देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण लेकर आई। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शी शासन व्यवस्था और प्रभावी जनसंचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
बंशीधर तिवारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सरकारी नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक सरल, स्पष्ट और प्रभावी ढंग से पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग, नवाचार और संवेदनशील संचार रणनीतियों के जरिए उन्होंने सुशासन की अवधारणा को और सुदृढ़ किया है।
गौरतलब है कि देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर से जनसंपर्क, मीडिया और कम्युनिकेशन क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर केंद्रित है। सम्मेलन में सुशासन, पारदर्शिता, डिजिटल कम्युनिकेशन और राष्ट्र निर्माण में जनसंपर्क की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखंड को राष्ट्रीय संवाद के एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
मेधावी छात्र देश के प्रमुख वैज्ञानिक व स्पेस संस्थानों का करेंगे दौरा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।
एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।
कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भूकंप, बाढ़, आग, खोज-बचाव और CPR जैसे महत्वपूर्ण मॉड्यूल पर मिला विशेष प्रशिक्षण
देहरादून। गृह मंत्रालय, भारत सरकार की “युवा आपदा मित्र योजना” के तहत चल रहे युवा आपदा मित्र–आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया। यह प्रशिक्षण 02 दिसंबर से 08 दिसंबर 2025 तक 11वीं एनसीसी बटालियन, देहरादून के 50 कैडेट्स की सहभागिता के साथ ओल्ड बुचड़ी, गढ़ीकैंट में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आपदा की स्थिति में फर्स्ट रिस्पांडर के रूप में कार्य करने के लिए व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण गृह मंत्रालय, उत्तराखंड शासन, जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) देहरादून के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित किया गया।
समापन सत्र में मेजर जनरल रोहन आनंद, ए.डी.जी., एनसीसी निदेशालय उत्तराखंड, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा, “युवा आपदा मित्र राष्ट्र की मानव सेवा के सच्चे अग्रदूत हैं। संकट की घड़ी में आपके त्वरित निर्णय और साहस से अनगिनत जीवन बचाए जा सकते हैं। देश को आपकी निस्वार्थ सेवा भावना पर पूरा विश्वास है।” उनके प्रेरक संबोधन से कैडेट्स में विशेष उत्साह देखने को मिला।
प्रशिक्षण के मुख्य विषय
कैडेट्स को आपदा प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें शामिल रहे—
आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं संस्थागत ढांचा
भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और त्वरित बाढ़ से निपटने की तकनीक
प्राथमिक उपचार, घायल प्रबंधन एवं CPR
खोज एवं बचाव कार्य, रस्सी तकनीक व स्ट्रेचर निर्माण
जंगल की आग व शहरी आग प्रबंधन
संचार प्रबंधन एवं चेतावनी तंत्र
भारी वस्तुओं का सुरक्षित स्थानांतरण
कार्यक्रम संचालन
प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर राजू शाही, सुशील सिंह कैंतुरा और किशन राजगुरु (युवा आपदा मित्र) द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि इन 50 प्रशिक्षित युवा आपदा मित्रों के जुड़ने से जिले का आपदा प्रबंधन तंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर राहत-बचाव कार्यों में त्वरित सहायता मिल सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी की ओर से कर्नल आदित्य जॉन पॉल, मेजर शशि मेहता, सूबेदार मेजर लक्ष्मण सिंह, सूबेदार मेजर जिया लाल, ऑनरी कप्तान कृष्ण तड़ियाल एवं हवलदार राकेश कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए गृह मंत्रालय एवं उत्तराखंड शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्थापना दिवस से पहले कैबिनेट मंत्री ने सुनी पीआरडी जवानों की समस्याएं
अधिकारियों को जवानों की मांगों पर उदारता से निर्णय करने का निर्देश दिया
देहरादून। बीमार होने पर अगर पीआरडी जवान अस्पताल में भर्ती रहता है तो अब 6 महीने तक उसका मानदेय नहीं रोका जाएगा। सोमवार को सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि विभाग पीआरडी जवानों की सभी जायज मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगा। उन्होंने कहा कि पीआरडी के लिए स्वयं सेवक के बजाय दूसरा उचित शब्द इस्तेमाल करने की मांग पर भी उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पीआरडी जवानों को मिलने वाली सहायता राशि में इजाफा करने और बीमार होने की दशा में मानदेय नियमित रूप से देने के निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में पीआरडी संगठन के प्रतिनिधियों ने 365 दिन रोजगार दिए जाने का मुद्दा उठाया। इसके बाद कैबिनेट मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को इस दिशा में कदम उठाने के लिए निर्देश दिए ।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 11 दिसंबर को पीआरडी स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी की समीक्षा भी बैठक में की गई।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल अन्य विभागीय अधिकारी एवं पीआरडी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
