सेवा प्रदत्त और दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को चेक वितरित, विभाग की स्मारिका और कैलेंडर का विमोचन
होमगार्ड्स का भोजन भत्ता बढ़ा, महिला जवानों को प्रसूति अवकाश और ऊँचाई पर ड्यूटी करने वालों को प्रोत्साहन राशि की घोषणा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को होमगार्ड्स स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग कर रैतिक परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की स्मारिका 2025 और विभागीय कैलेंडर 2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने सेवा प्रदत्त एवं दिवंगत होमगार्ड के आश्रितों को चेक भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स स्वंयसेवकों को वर्दी भत्ता अनुमन्य किया जाएगा। राज्य में अर्न्तजनपदीय ड्यूटीयों में तैनात होने वाले होमगार्डस स्वयंसेवकों को मिलने वाले भोजन भत्ते को 100 रूपये से बढ़ाकर 150 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा संगठन के स्वयंसेवकों को मिलने वाले प्रशिक्षण भत्ते को 50 रुपए से बढ़ाकर 140 रुपए प्रतिदिन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने 63वें होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रस्तुत की गई रैतिक परेड अत्यंत गौरवशील है। परेड में राष्ट्रसेवा के प्रति जवानों के समर्पण, साहस और उत्कृष्टता की शानदार झलक देखने को मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड जवान कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, समर्पण और अदम्य इच्छाशक्ति के साथ प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और जनसेवा के दायित्वों को निभाते हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने होम गार्ड्स जवानों के कल्याण और संगठन के उत्थान के लिए अनेकों महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार ने पहली बार होमगार्ड्स जवानों को 12 आकस्मिक अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया। महिला होमगार्ड्स को प्रसूति अवकाश प्रदान करने की सुविधा भी प्रारंभ की गई है। पुलिस कर्मियों और एनडीआरएफ की भांति 9 हजार फीट से अधिक ऊँचाई पर ड्यूटी करने वाले होमगार्ड्स स्वयंसेवकों को 200 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय भी लिया गया है। एसडीआरएफ के जवानों के साथ प्रशिक्षित हुए होमगार्ड्स के जवानों को 100 रुपए प्रतिदिन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होमगार्ड्स जवान बरसात, ठंड, गर्मी जैसी हर परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण से करते हैं। होमगार्ड्स जवान, यातायात प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ कुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल धार्मिक आयोजनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। चारों धामों के साथ-साथ हरिद्वार में स्थापित होमगार्ड्स हेल्प डेस्क देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को हर संभव मदद उपलब्ध करा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा होमगार्ड्स के जवान प्राकृतिक आपदाओं के समय में भी आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रूप से घटनास्थल पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता और समर्पण के साथ जुट जाते हैं। उन्होंने कहा जवानों के हौंसले और समर्पण को राज्य सरकार उचित सम्मान दे रही है। राज्य सरकार होमगार्ड जवानों के हितों के लिए आगे भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहेगी।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, सविता कपूर, मेयर सौरभ थपलियाल, मेयर ऋषिकेश शंभू पासवान, कैलाश पंत, श्रीमती मधु भट्ट, श्यामवीर सैनी, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, डी.जी होमगार्ड पी.वी.के. प्रसाद एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
सर्दियों की शुरुआत होते ही बच्चों में सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और कान दर्द जैसी दिक्कतों के मामले तेजी से सामने आने लगे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड का मौसम संक्रमणों के प्रसार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है, जिससे छोटे बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती, ऐसे में तापमान में मामूली गिरावट भी उन्हें बीमार कर सकती है।
माता-पिता के लिए यह चिंता का विषय इसलिए भी है क्योंकि इस मौसम में बच्चों की त्वचा रूखी हो जाती है, होंठ फटने लगते हैं और बार-बार सर्दी लगने की समस्या आम हो जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ठंड और शुष्क हवा नाक की म्यूकस लाइनिंग को कमजोर कर देती है, जिससे वायरस शरीर में आसानी से प्रवेश कर पाते हैं। साथ ही बच्चे स्कूल और घर जैसे बंद स्थानों में ज्यादातर समय बिताते हैं, जहाँ एक-दूसरे से संक्रमण फैलने की संभावना अधिक होती है।
क्यों बार-बार बीमार पड़ते हैं बच्चे?
बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड और शुष्क हवा ऐसे हालात पैदा कर देती है जो वायरस को सक्रिय रखने में मदद करते हैं।
कम तापमान में फ्लू जैसे कई वायरस लंबे समय तक जीवित रहते हैं।
बच्चे बार-बार हाथ-मुंह-नाक को छूते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
प्रतिरक्षा प्रणाली विकसित होने की प्रक्रिया में होने के कारण बच्चे वयस्कों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होते हैं।
घरों में लगातार हीटर चलने से हवा सूख जाती है, जो श्वसन तंत्र पर असर डालती है।
सर्दियों में कमजोर हो जाती है इम्यूनिटी
विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों में शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती, जिससे विटामिन-D का स्तर घट जाता है। ठंड के कारण बच्चे बाहर कम खेलते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। यही वजह है कि इस मौसम में इम्यून सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और बच्चे तेजी से संक्रमण की चपेट में आते हैं।
कैसे रख सकते हैं बच्चों को सुरक्षित?
1. पोषक आहार सबसे जरूरी
फल, सब्जियां और विटामिन-C से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे संतरा, कीवी, अमरूद आदि बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। जिंक से भरपूर ड्राई फ्रूट्स और दालें भी संक्रमण से रक्षा करने में मदद करती हैं।
2. नियमित शारीरिक गतिविधि
हल्की एक्सरसाइज या खेलकूद बच्चे के रक्त संचार और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं।
3. स्वच्छता के नियम सख्ती से अपनाएं
– हाथ कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से धोना
– चेहरे और नाक-मुंह को छूने से बचना
– स्कूल से लौटने के बाद हाथ और चेहरा धोना
छोटे बच्चों के लिए माता-पिता को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
4. गर्म कपड़े और सही तापमान का ध्यान रखें
विशेषज्ञ कहते हैं कि ठंड में बच्चों को लेयरिंग में कपड़े पहनाना सबसे प्रभावी तरीका है।
बाहर जाते समय टोपी, दस्ताने और मफलर जरूर पहनाएं।
घर के अंदर हवा अधिक सूखी न हो, इसके लिए ह्यूमिडिफायर का उपयोग फायदेमंद है।
5. सूप और गरम पेय से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
अदरक, शहद, तुलसी और लहसुन जैसे प्राकृतिक तत्व वाली चीजें शरीर को गर्म रखती हैं और इम्यूनिटी मजबूत करती हैं।
सर्दियों में गरम सूप, दाल और हर्बल टी बच्चों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है।
6. नींद पूरी होनी चाहिए
नींद की कमी सीधा इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है। डॉक्टरों के अनुसार:
शिशु: 12–16 घंटे
बच्चे (6–12 वर्ष): 9–12 घंटे
किशोर: 8–10 घंटे
नींद बच्चों की रोज़मर्रा की प्रतिरोधक क्षमता में अहम भूमिका निभाती है।
भीड़भाड़ से दूरी रखें: विशेषज्ञ की सलाह
मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार का कहना है कि मौसम बदलते ही बच्चों की दिनचर्या और आहार में छोटे-छोटे बदलाव बहुत ज़रूरी हैं।
वे सलाह देते हैं कि—
बच्चों को गुनगुना पानी दें
पोषण का खास ध्यान रखें
मौसम के अनुसार गर्म कपड़े पहनाएं
घर में बीमार व्यक्ति से बच्चों को दूर रखें
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर कम ले जाएं
डॉ. दीपक कहते हैं कि यदि बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हों, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए, क्योंकि यह कमजोर प्रतिरक्षा का संकेत हो सकता है।
(साभार)
देशभर से 5.17 लाख वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण पूरा, 2.16 लाख को मंजूरी
नई दिल्ली। देशभर की वक्फ संपत्तियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करने के लिए बनाए गए UMEED पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। छह महीने के भीतर चालू किए गए इस पोर्टल पर कुल 5.17 लाख वक्फ संपत्तियां दर्ज हुई हैं, जिनमें से 2.16 लाख संपत्तियों को औपचारिक मंजूरी भी मिल चुकी है। यह जानकारी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नवीनतम आंकड़ों के साथ साझा की है।
केंद्र सरकार ने 6 जून 2025 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी और डेवलपमेंट (UMEED) पोर्टल लॉन्च किया था, जिसके तहत वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शी प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाना था। मंत्रालय के अनुसार, निर्धारित छह महीने की समयसीमा 6 दिसंबर 2025 को रात 11:59 बजे पूरी हो गई। इस अवधि में 10,869 संपत्तियां सत्यापन प्रक्रिया में खारिज कर दी गईं।
समयसीमा समाप्त होने से पहले अंतिम सप्ताह में संपत्तियों के पंजीकरण की गति तेज हो गई थी। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्र ने कई समीक्षा बैठकें, ऑनलाइन-ऑफलाइन प्रशिक्षण सत्र और विशेष वर्कशॉप आयोजित कीं। दिल्ली में वक्फ बोर्ड और विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों को दो दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि पोर्टल पर संपत्ति अपलोड करने की तकनीकी प्रक्रिया स्पष्ट की जा सके। साथ ही हेल्पलाइन नंबर और सपोर्ट टीम लगातार सक्रिय रही।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां उत्तर प्रदेश से दर्ज की गईं, जिनकी संख्या 92,830 है। इनमें 86,345 सुन्नी समुदाय और 6,485 शिया समुदाय ने पंजीकृत कराई हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 62,939, कर्नाटक में 58,328 और पश्चिम बंगाल में 23,086 संपत्तियों का पंजीकरण हुआ।
वहीं, पंजीकरण अवधि बढ़ाने की मांग पर मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि समयसीमा में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा। हालांकि, जिन आवेदकों ने प्रक्रिया शुरू कर दी थी लेकिन दस्तावेज़ अपलोड पूरे नहीं कर सके, उन्हें तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। सरकार का कहना है कि समयसीमा बढ़ाने से पोर्टल की पारदर्शिता और उद्देश्य पर प्रभाव पड़ सकता था।
UMEED पोर्टल का लक्ष्य देशभर की वक्फ संपत्तियों को डिजिटल रिकॉर्ड में लाकर प्रबंधन, निगरानी और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है। सरकार का दावा है कि यह पहल वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और उपयोगिता को एक नई संरचना प्रदान करेगी।
जर्मनी ने एकतरफा मुकाबले में भारत को 5–1 से हराया
नई दिल्ली। एफआईएच पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप में भारत का सफ़र सेमीफाइनल में थम गया। नौ साल बाद खिताब दोबारा जीतने की उम्मीदें जर्मनी ने निर्णायक प्रदर्शन करते हुए 5–1 की बड़ी जीत के साथ समाप्त कर दीं। मौजूदा चैंपियन जर्मनी ने पूरे मुकाबले में गति, रणनीति और फिनिशिंग के दम पर भारतीय टीम पर स्पष्ट बढ़त बनाए रखी।
पिछली बार 2016 में लखनऊ में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम इस बार जर्मनी के मजबूत आक्रमण के सामने संघर्ष करती दिखी। सेमीफाइनल में जर्मनी के लुकास कॉसेल (14वें, 30वें मिनट), टाइटस वेक्स (15वां), जोनास वॉन जर्सम (40वां) और बेन हासबाख (49वां) ने गोल कर टीम को एकतरफा जीत दिलाई। भारत की ओर से एकमात्र गोल 51वें मिनट में अनमोल एक्का ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया।
मैच की शुरुआत भारतीय खिलाड़ियों ने तेज रफ्तार और आक्रामक खेले से की, लेकिन जल्द ही जर्मनी ने खेल पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। भारतीय गोलकीपर प्रिंसदीप सिंह ने शुरुआती मिनटों में कई शानदार बचाव किए, पर 13वें मिनट में मिले पेनल्टी स्ट्रोक पर कॉसेल ने बढ़त दिला दी। पहला क्वार्टर समाप्त होने से कुछ क्षण पहले वेक्स ने कॉसेल के बेहतरीन क्रॉस पर दूसरा गोल दागा।
दूसरे क्वार्टर के आखिरी पलों में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कॉसेल ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया, जिसके साथ हाफ टाइम तक जर्मनी मज़बूत स्थिति में पहुंच गया। तीसरे क्वार्टर में भारत के पास वापसी का सुनहरा मौका था, लेकिन सौरभ आनंद कुशवाहा गोलपोस्ट के सामने आसान मौक़ा गंवा बैठे।
इसके बाद जर्मनी ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली। 40वें मिनट में जर्सम का गोल और 49वें मिनट में हासबाख की डाइविंग फिनिश ने भारत की उम्मीदें लगभग समाप्त कर दीं। आखिरी पलों में भारत ने दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जिनमें से एक पर अनमोल ने गोल जरूर किया, लेकिन तब तक मैच जर्मनी की पकड़ में जा चुका था।
अब भारत बुधवार को अर्जेंटीना के खिलाफ कांस्य पदक के लिए उतरेगा, जबकि फाइनल में जर्मनी का मुकाबला स्पेन से होगा, जिसने पहले सेमीफाइनल में अर्जेंटीना को 2–1 से हराया।
मुख्यमंत्री ने कहा—भविष्य की पीढ़ियां उनके अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से प्रेरणा लेती रहेंगी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को भारत के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत की चौथी पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जनरल रावत का अदम्य साहस, निर्णायक नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमेशा उत्तराखंड और पूरे देश के लिए गौरव का विषय रहेगा।

सीएम धामी ने जनरल रावत को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल बताते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक खजान दास और देहरादून की विधायक सविता कपूर भी उपस्थित रहीं। सभी जनप्रतिनिधियों ने जनरल रावत के योगदान को राष्ट्र की सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण बताया।
रियलिटी शो बिग बॉस 19 का ग्रैंड फिनाले दर्शकों के लिए भावनाओं, रोमांच और अप्रत्याशित मोड़ों से भरी रात साबित हुआ, जहां अभिनेता गौरव खन्ना ने इस सीज़न की ट्रॉफी अपने नाम कर इतिहास रच दिया। उनके बाद रनर अप रहीं फरहाना भट्ट जबकि तीसरे नंबर पर प्रणित मोरे रहे। इसके बाद चौथे पर तान्या मित्तल तो पांचवे नंबर पर अमाल मलिक रहे।
गौरव खन्ना के शांत स्वभाव, संतुलित व्यवहार और सतत रणनीति ने उन्हें न केवल लंबे समय तक खेल में बनाए रखा, बल्कि अंत में विजेता भी बनाया। गौरव को ट्रॉफी के साथ 50 लाख रुपये नकद और एक लग्ज़री कार प्रदान की गई।
पूरे सीज़न में जहां कई प्रतिभागी विवादों, चीख–चिल्लाहट और टकरावों के कारण सुर्खियों में रहे, वहीं गौरव खन्ना अपनी विनम्रता और संयमित खेल के लिए अलग पहचान बनाते रहे। उनका शांत रहना और हर परिस्थिति को समझकर सही समय पर सही निर्णय लेना उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। ‘टिकट टू फिनाले’ वाले टास्क में उनका धैर्य पूरे देश ने देखा, जब बाकी प्रतियोगी बीच में हार मानते गए लेकिन गौरव आख़िर तक टिके रहे और सीधे फिनाले की रेस में पहुंच गए।
सीज़न के एक खास पल में सलमान खान ने वीकेंड का वार के दौरान गौरव को “टीवी का सुपरस्टार” कहते हुए उनके दो दशक के करियर, मेहनत और सादगी की खुलकर सराहना की। शो के कुछ सदस्यों द्वारा किए गए तंज के बीच सलमान का यह समर्थन गौरव के लिए न सिर्फ सम्मान का क्षण था, बल्कि दर्शकों को भी उनसे भावनात्मक रूप से जोड़ गया।
घर के अंदर गौरव को अक्सर ‘कमज़ोर खिलाड़ी’ कहा गया, लेकिन असल में वे बेहद सोच-समझकर खेल रहे थे। उन्होंने ड्रामा या अनावश्यक झगड़ों पर विश्वास नहीं किया। प्रणीत मोरे और मृदुल तिवारी के साथ उनकी दोस्ती पूरी तरह सच्ची और कैमरे से परे थी। निजी जिंदगी के मुद्दों—खासकर अपने जीवन के फैसलों—पर खुलकर बात करने ने उन्हें दर्शकों के और करीब पहुंचा दिया। सलमान खान ने उन्हें मज़ाकिया अंदाज़ में “ग्रीन फ्लैग एम्बेसडर” भी कहा था।
सीज़न के अंत में गौरव की ईमानदार रणनीति, शांत स्वभाव और आत्मसम्मान की भावना ही उनकी जीत की कुंजी बनी। बिग बॉस 19 ने एक बार फिर साबित किया कि हर बार आक्रामकता नहीं, बल्कि संयम और सादगी भी विजेता बनने का रास्ता बना सकती है—और इस सीज़न में उसका चेहरा रहे गौरव खन्ना।
(साभार)
गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह हर दिन होगी गीता की क्लास
देहरादून। प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल के तहत झाझरा स्थित जनजातीय विद्यालय ने अपने नियमित पाठ्यक्रम में श्रीमद्भागवत गीता को शामिल कर दिया है। यह पहला मौका है जब किसी जनजातीय स्कूल में गीता को गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने इसे बच्चों में नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक जड़ों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
दून संस्कृति स्कूल, झाझरा में कक्षा चार से दसवीं तक के छात्रों के लिए गीता पाठ को पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है। इसके लिए पौंधा गुरुकुल के आचार्य अंकित आर्य को बतौर प्रशिक्षक नियुक्त किया गया है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गीता को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत करने और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करने से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया गया।
पूर्व सांसद तरुण विजय ने विद्यालय की इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए जाने योग्य बताते हुए सभी स्कूलों में नियमित रूप से गीता शिक्षण को शामिल किए जाने की अपील की है। इस अभियान में आर्य समाज मंदिर धामावाला के प्रधान सुधीर गुलाटी का भी सहयोग रहा।
विद्यालय में शनिवार से गीता कक्षा का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। अब प्रतिदिन गणित, हिंदी और अंग्रेजी की तरह ही गीता का एक पीरियड लगाया जाएगा। इस जनजातीय स्कूल में उत्तर-पूर्वी राज्यों—नागालैंड, मणिपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं, जो अब इस नए पाठ्यक्रम के माध्यम से भारतीय ग्रंथों से भी परिचित होंगे।
देहरादून। गोवा के अरपोरा क्षेत्र में हुए गंभीर नाइटक्लब अग्निकांड को लेकर प्राप्त मीडिया रिपोर्टों एवं स्थानीय स्तर की सूचनाओं के अनुसार, इस घटना में उत्तराखंड के कुछ नागरिकों के संभावित रूप से प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की गई है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से दूरभाष पर वार्ता कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री धामी ने गोवा सरकार से अनुरोध किया है कि यदि किसी भी प्रभावित व्यक्ति की पहचान उत्तराखंड निवासी के रूप में होती है, तो उनके परिजनों से तुरंत संपर्क स्थापित किया जाए तथा आवश्यक सहायता—विशेष रूप से पहचान, उपचार, सहायता राशि एवं अन्य औपचारिकताओं—को प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए। गोवा के मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि सभी प्रभावितों को आवश्यक चिकित्सा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड सरकार के सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे घटना पर लगातार नजर रखें और यदि राज्य के किसी नागरिक के प्रभावित होने की पुष्टि होती है तो परिजनों को हर आवश्यक सहायता—चिकित्सा, कानूनी, परामर्श अथवा अन्य किसी भी प्रकार की—तत्परता से प्रदान की जाए। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
उत्तराखंड सरकार गोवा प्रशासन से सतत संपर्क में है और घटना से जुड़ी अद्यतन जानकारी प्राप्त होते ही आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।
हजारों युवाओ के साथ रुद्रपुर में संपन्न हुआ गौ रक्षा दल का महासम्मेलन व महायज्ञ
रुद्रपुर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रविवार को रुद्रपुर में गौ सेवा रक्षक संगठन के महासम्मेलन और महायज्ञ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि गौ सेवा ही सच्ची देश सेवा है। गौ माता रक्षा सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा कि भारतीय जीवन शैली में गे हमेशा अर्थव्यवस्था का आधार रही है। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश में लाखों महिलाएं ऐसी हैं जिनकी अर्थव्यवस्था गाय पर आधारित है।
भारतीय जनता पार्टी ने गौभक्ति और राष्ट्रभक्त को हमेशा सर्वोपरि रखा है और समस्त विकास की नीतियां इसी दृष्टिकोण के साथ तैयार की है । कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अर्थ और धर्म दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण है, भाजपा इसी यश नीति को साथ लेकर चलती है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि गौ सेवा ही राष्ट्र की सच्ची सेवा है, समाज की सच्ची सेवा है। भारत में हमेशा गाय परिवार की अर्थव्यवस्था का आधार रही है।
इस दौरान जिलाध्यक्ष भाजपा कमल जिंदल , विधायक शिव अरोरा, बाल आयोग के सदस्य व कार्यक्रम संयोजक दीपक गुलाटी , पूर्व मेयर रामपाल सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल,गौरक्षा दल के जिलाध्यक्ष विराट आर्य, पंडित प्रभात आर्य, पंकज बांगा, दूधिया मंदिर के महंत शिवानंद महाराज, राज्यमंत्री उत्तम दत्ता, मानस जायसवाल के साथ साथ हजारों युवा उपस्थित रहे I
सीएम ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेते हुए जलेबी का भी उठाया आनंद
बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपकोट बाजार में व्यापारियों के साथ संवाद कर प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और कारोबारी सुविधाओं पर उनका फीडबैक लिया। इस दौरान सीएम ने स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेते हुए जलेबी का भी आनंद उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार व्यापार जगत को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जीएसटी व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने, तथा छोटे और मध्यम व्यवसायों को कर-अनुदान सहित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने जैसे कदमों से कारोबार को नई गति मिली है।

सीएम धामी ने कहा कि इन नीतिगत सुधारों ने न केवल व्यापार में नई जान फूंकी है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान की है। उन्होंने व्यापारी समुदाय के सहयोग और विश्वास को उत्तराखंड की विकास यात्रा का अहम आधार बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।
