घायलों को श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया
थलीसैंण। पौड़ी गढ़वाल में बुंखाल मेले से लौट रहे लोगों का वाहन एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। थलीसैंण ब्लॉक में गाड़ी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गयी। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान वीरेंद्र (23 वर्ष), पुत्र सरदार सिंह, निवासी ग्राम टीला पैठाणी, और संतोष सिंह (35 वर्ष), पुत्र रघुवीर सिंह, निवासी ग्राम टीला, थाना पैठाणी के रूप में हुई है। वहीं घायल हुए श्रद्धालुओं में सोहन सिंह, वीरेंद्र सिंह और सिताब सिंह शामिल हैं। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र सिंह और सिताब सिंह रुद्रप्रयाग जनपद के रहने वाले हैं।
बुंखाल मेला, जो पाबौ ब्लॉक के प्रसिद्ध कालिंका मां मंदिर में आयोजित होता है, स्थानीय आस्था और परंपरा का एक बड़ा प्रतीक है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मेले में शामिल होने के लिए दूर-दराज के गांवों से यहां पहुंचते हैं। काली देवी को समर्पित यह मंदिर वर्षों से स्थानीय लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र रहा है।
सर्दियों के शुरू होते ही तापमान नीचे जाने लगता है और इसके साथ ही सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और प्रदूषण से जुड़ी परेशानियाँ भी बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में शरीर को अंदर से मजबूत रखना बेहद जरूरी हो जाता है। भारतीय खानपान और आयुर्वेद में कई ऐसे प्राकृतिक काढ़े बताए गए हैं, जो शरीर को गर्माहट देने के साथ–साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं। ये घरेलू नुस्खे न केवल सर्दी के मौसमी संक्रमणों से बचाव करते हैं, बल्कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में भी मददगार साबित होते हैं।
इन काढ़ों में मौजूद तत्व एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं, जो शरीर को स्वाभाविक रूप से संक्रमण से लड़ने की क्षमता प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे पाँच प्रभावी काढ़ों के बारे में, जिन्हें सर्दियों में अपनी दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद है।
तुलसी–अदरक का काढ़ा
तुलसी और अदरक का संयोजन सर्दी-जुकाम में बेहद कारगर माना जाता है। तुलसी के पत्तों में जीवाणुरोधी और वायरस-रोधी गुण पाए जाते हैं, जबकि अदरक सूजन कम करने में सहायक होता है। पानी में तुलसी और कूटा हुआ अदरक उबालकर बनाया गया यह काढ़ा गले की जलन, खांसी और जुकाम में जल्दी राहत देता है और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
हल्दी वाला काढ़ा
हल्दी अपने औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। इसमें मौजूद करक्यूमिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो संक्रमण से बचाव में मदद करता है। गर्म दूध या पानी में थोड़ी हल्दी और काली मिर्च मिलाकर उबालने से यह काढ़ा सूजन कम करने, शरीर को गर्म रखने और दर्द से राहत देने में सहायक साबित होता है।
गुड़–अदरक का काढ़ा
सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा बढ़ाने के लिए यह काढ़ा बहुत उपयोगी है। गुड़ आयरन से भरपूर होता है और अदरक शरीर में गर्माहट पहुंचाता है। पानी में गुड़ और अदरक को अच्छी तरह उबालकर तैयार किया गया यह पेय रक्तसंचार सुधरने, थकान दूर करने और कमजोरी कम करने में मदद करता है।
नींबू–अदरक–शहद काढ़ा
यह मिश्रण इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। गर्म पानी में नींबू का रस, शहद और अदरक मिलाकर तैयार किया गया यह पेय विटामिन C प्रदान करता है, गले को आराम देता है और पाचन में भी सुधार करता है। कब्ज और एसिडिटी जैसे लक्षणों में भी यह लाभदायक माना जाता है।
अजवाइन का काढ़ा
अजवाइन में मौजूद थाइमोल कफ को ढीला करने और सांस संबंधी दिक्कतों में राहत देने वाला तत्व है। पानी में अजवाइन और हल्की काली मिर्च उबालकर बनाया गया यह काढ़ा छाती में जमाव, बंद नाक और कफ की परेशानी में उपयोगी है। यह सर्दी के मौसम में श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है।
नोट:
यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है और किसी भी उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या एलर्जी की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
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मंत्री गणेश जोशी ने राज्यवासियों से ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ में सैन्य परिवारों के कल्याण एवं उत्थान के लिए अपना योगदान देने की अपील की
देहरादून। सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर आज सैनिक कल्याण विभाग के निदेशक और अधिकारिगणों ने प्रदेश के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी को फ्लैग लगाया।

इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राज्यवासियों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी और सभी से ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष’ में सैन्य परिवारों के कल्याण एवं उत्थान के लिए अपना योगदान देते हुए लोगों से भी योगदान देने की भी अपील की।
इस अवसर पर निदेशक सैनिक कल्याण श्याम सिंह, उप निदेशक निधि बधानी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स एक बार फिर दर्शकों में उत्साह की लहर पैदा करने जा रहा है। लंबे समय से सुपरहीरो प्रेमियों के दिलों में बसे ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ की वापसी की आधिकारिक घोषणा के बाद MCU ने साफ कर दिया है कि 2026 उसके लिए बड़े सरप्राइज का साल होने वाला है। मार्वल इस वर्ष को अपने स्वर्णिम दौर की पुनर्स्थापना का समय मानकर भव्य योजनाओं पर काम कर रहा है।
थिएटर्स में दोबारा दिखेगी एंडगेम की गूंज
मार्वल ने पुष्टि की है कि ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ 25 सितंबर 2026 को री-रिलीज होगी। 2019 में आई यह फिल्म न केवल सुपरहीरो फ़िल्मों के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई थी, बल्कि भावनाओं, एक्शन और टीमवर्क का ऐसा सम्मिश्रण लेकर आई थी जिसने करोड़ों दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाया था। कंपनी का मानना है कि इस री-रिलीज के माध्यम से नए दर्शकों को एंडगेम के जादू से परिचित कराया जाएगा, वहीं पुराने प्रशंसकों को वह माहौल फिर से महसूस कराया जा सकेगा जो 2019 में पूरी दुनिया में देखने को मिला था।
2026—MCU की मेगा रिलीज़ का साल
मार्वल ने 2026 के लिए एक दमदार रिलीज़ लाइनअप तय किया है। जुलाई से दिसंबर के बीच स्टूडियो लगातार तीन बड़ी फिल्मों के साथ पर्दे पर धूम मचाने की तैयारी में है।
स्पाइडरमैन: ब्रैंड न्यू डे — 31 जुलाई 2026
अवेंजर्स: एंडगेम (री-रिलीज) — 25 सितंबर 2026
अवेंजर्स: डूम्सडे — 18 दिसंबर 2026
इन फिल्मों के माध्यम से MCU एक बार फिर अपनी सुपरहीरो विरासत को नई दिशा देने जा रहा है।
रॉबर्ट डाउनी जूनियर की बड़ी वापसी
2026 का सबसे बड़ा आकर्षण यह होगा कि रॉबर्ट डाउनी जूनियर स्क्रीन पर फिर लौट रहे हैं। हालांकि इस बार वह टोनी स्टार्क नहीं, बल्कि MCU के सबसे शक्तिशाली और खतरनाक विलेन डॉक्टर डूम की भूमिका में दिखाई देंगे। उनके साथ क्रिस हेम्सवर्थ, एंथनी मैकी, सेबेस्टियन स्टैन, पॉल रुड, टॉम हिडल्सटन और लेटिशिया राइट जैसे दिग्गज भी MCU में वापसी करेंगे, जिससे मार्वल ब्रह्मांड एक बार फिर अपने क्लासिक दौर की छटा बिखेरने वाला है।
एंडगेम लौटेगी एक नॉस्टैल्जिक अनुभव बनकर
रुसो ब्रदर्स द्वारा निर्देशित ‘एंडगेम’ ऐसी फिल्म है जिसने सुपरहीरो सिनेमा की दिशा ही बदल दी थी। आयरन मैन का बलिदान, कैप्टन अमेरिका की अंतिम लड़ाई और पात्रों की भावनात्मक यात्रा—इन सभी ने दर्शकों पर अमिट असर छोड़ा था। यही कारण है कि एंडगेम इस बार एक “नॉस्टैल्जिक सेलिब्रेशन” के रूप में दोबारा बड़े पर्दे पर आने जा रही है।
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सीएम बोले— लोगों की सुरक्षा में संसाधनों की कमी नहीं होने देंगे, विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जनपद में वन्य जीवों के हमलों में स्थानीय लोगों के मारे जाने या घायल होने की दु:खद घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, सचिव एसएन पांडेय को पौड़ी जनपद में कैम्प करते हुए, स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर वन्य जीवों से आम लोगों के बचाव की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैम्प कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक में, हाल के दिनों में प्रदेश के भीतर वन्य जीवों के हमले में आम लोगों के मारे जाने या घायल होने की घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने विशेषकर पौड़ी जनपद की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए, सचिव राजस्व और सचिव मुख्यमंत्री एसएन पांडेय को पौड़ी पहुंच दो दिन तक कैम्प करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सचिव राजस्व को निर्देश दिए कि, जिला प्रशासन, वन अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ विचार- विमर्श कर, वन्य जीवों के हमलों से बचाव की रणनीति तय की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार वन्य जीवों से आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस काम में विशेषज्ञों की राय ली जाए, साथ ही लोगों को जागरुक भी किया जाए। मुख्यमंत्री वन्य जीवों के हमलों में मारे गए लोगों के परिजनों का तत्काल राहत राशि विवरण के साथ ही घायलों का भी समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
सीएम प्रमोद सावंत घटनास्थल पर पहुंचे, कहा—दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पणजी/गोवा। उत्तर गोवा के अर्पोरा गांव में स्थित एक नाइटक्लब में देर रात हुए सिलिंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। विस्फोट के बाद लगी भीषण आग से कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। गोवा के पुलिस महानिदेशक आलोक कुमार ने जानकारी दी कि हादसे में जान गंवाने वालों में 14 क्लब कर्मचारी, 4 पर्यटक और 7 अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं। मौके से प्राप्त साक्ष्य बताते हैं कि आग का स्रोत सिलिंडर में हुआ जोरदार विस्फोट ही था।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक, प्रभावितों के लिए मुआवजे का ऐलान
अर्पोरा में हुई इस त्रासदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में हादसे को हृदयविदारक बताया और कहा कि उनकी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है।
पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। पीएम ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से बात कर राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री सावंत ने लिया घटनास्थल का जायजा, कहा– “केंद्र सरकार हर मदद के लिए तैयार”
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और स्थानीय विधायक माइकल लोबो तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। सीएम सावंत ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को राहत कार्य की पूरी जानकारी दी है और केंद्र से उन्हें हरसंभव सहयोग मिल रहा है।
लोबो ने बताया कि शुरुआती सूचनाओं में पर्यटकों के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं प्रशासन ने राहत व बचाव दलों को रातभर मौके पर लगाया, ताकि आग पर काबू पाया जा सके और अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके।
सावंत ने बताया—“अवैध संचालन व लापरवाही बनी हादसे की वजह”
मुख्यमंत्री ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर क्लब चलाया, उनके कारण यह बड़ा नुकसान हुआ। उन्होंने संकेत दिया कि शुरुआती जांच में क्लब प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने की बात सामने आई है।
सावंत ने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आग लगने की वास्तविक वजह की विस्तृत जांच होगी।
प्रारंभिक जांच में आग सुरक्षा नियमों की अनदेखी की पुष्टि
अधिकारियों के अनुसार, नाइटक्लब ने आग सुरक्षा और लाइसेंसिंग से जुड़े कई अनिवार्य नियमों को पूरा नहीं किया था। पुलिस ने बताया कि यह क्लब पिछले साल ही शुरू हुआ था और राजधानी पणजी से लगभग 25 किमी दूर स्थित है।
फायर ब्रिगेड और पुलिस टीमों ने रातभर अभियान चलाया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने तथा आग बुझाने का काम जारी रखा।
जायसवाल ने जड़ा शानदार शतक
विशाखापट्टनम। टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरा और निर्णायक वनडे नौ विकेट से जीतकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। क्विंटन डिकॉक की शतकीय इनिंग के बावजूद मेहमान टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी और भारत ने यशस्वी जायसवाल की दमदार नाबाद सेंचुरी तथा रोहित शर्मा व विराट कोहली की प्रभावशाली पारियों की बदौलत 61 गेंद पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
सीरीज की शुरुआत रांची में भारत की 17 रनों की जीत से हुई, जहां रोहित शर्मा और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी ने टीम को 349 के मजबूत स्कोर तक पहुँचाया था। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम 332 रन पर ढेर हो गई।
रायपुर में खेले गए दूसरे वनडे में कोहली और ऋतुराज गायकवाड़ के शतकों ने भारत को 359 तक पहुँचाया, लेकिन एडेन मार्करम, ब्रेविस और ब्रीट्जके की उम्दा पारियों ने मेहमान टीम को चार विकेट से जीत दिला दी।
दोनों टीमों के बीच सीरीज 1-1 की बराबरी पर थी, और विशाखापट्टनम निर्णायक मुकाबले का गवाह बना, जहां भारतीय खिलाड़ी चमकते नजर आए।
लक्ष्य का पीछा—रोहित-यशस्वी ने संभाली कमान, कोहली ने किया काम पूरा
271 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत लाजवाब रही। रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने पहले विकेट के लिए 155 रनों की साझेदारी कर मैच भारत की झोली में लगभग डाल दिया।
रोहित ने 75 रन की पारी खेलते हुए अपना 61वां वनडे अर्धशतक पूरा किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20,000 रन के आंकड़े को भी छू लिया।
इसके बाद विराट कोहली मैदान पर आए और अपनी फॉर्म जारी रखते हुए तेजतर्रार बल्लेबाजी की। यशस्वी ने वनडे करियर का पहला शतक जड़ा और अंत तक नाबाद रहते हुए टीम इंडिया को जीत की दहलीज पार कराई।
यशस्वी ने 121 गेंदों पर 116* रन बनाए, जबकि कोहली 65* रन पर नाबाद लौटे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से एकमात्र विकेट केशव महाराज ने लिया।
दक्षिण अफ्रीका की पारी—डिकॉक के शतक के बाद भारतीय गेंदबाजों की वापसी
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने क्विंटन डिकॉक (106) और कप्तान तेम्बा बावुमा (48) की 114 रनों की साझेदारी के बल पर शुरुआत तो मजबूत की, लेकिन मध्य और निचला क्रम भारतीय गेंदबाजी के सामने टिक नहीं पाया।
कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने चार-चार विकेट झटके और मेहमान टीम को 270 रनों पर रोक दिया।
दक्षिण अफ्रीका के अन्य बल्लेबाजों में ब्रेविस ने 29, ब्रीट्जके ने 24 और महाराज ने नाबाद 20 रन जोड़े।
भारत की ओर से अर्शदीप और जडेजा को एक-एक सफलता मिली।
मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों से बातचीत कर सुविधाओं का लिया जायजा
बागेश्वर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद बागेश्वर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री ने आज प्रातः काल भ्रमण के दौरान सरयू नदी के तट पर पहुंचकर वहाँ चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों से भेंट कर उनका हालचाल जाना तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर उनसे फीडबैक भी प्राप्त किया।
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री धामी इंडोर स्टेडियम पहुंचे, जहां उन्होंने नवोदित खिलाड़ियों के साथ बैडमिंटन खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने युवा खिलाड़ियों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध खेल सुविधाओं और आवश्यकताओं की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्व स्तरीय बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है, ताकि उत्तराखंड के उभरते खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
सैलानियों को भा रहा सिटी फॉरेस्ट पार्क, पर्यटकों ने की एमडीडीए द्वारा दी जा रही सुविधाओं की तारीफ
पार्क की हर दिन बढ़ती जा रही है लोकप्रियता, बड़ी संख्या में प्रतिदिन पहुंच रहें है लोग, पार्क से सहस्त्रधारा क्षेत्र में बढ़ी पर्यटन की संभावनाएँ- बंशीधर तिवारी
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच और हरित-शहरीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम सिटी फॉरेस्ट पार्क आज देहरादून की नई जीवनधारा बन चुका है। उद्घाटन के बाद से ही यह पार्क न केवल स्थानीय निवासियों की पहली पसंद बनकर उभरा है, बल्कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले सैलानियों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। बच्चों, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और पर्यटकों से भरपूर इस पार्क ने शहर को एक नई ऊर्जा, नई पहचान और प्रकृति से जुड़ने का स्वच्छ वातावरण प्रदान किया है। एमडीडीए द्वारा विकसित यह पार्क आधुनिक हरित अवसंरचना और प्राकृतिक सौंदर्य का दुर्लभ संगम प्रस्तुत करता है।
सिटी फॉरेस्ट पार्क में लगातार बढ़ रही आवाजाही
आज सुबह उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी सिटी फारेस्ट पार्क के निरीक्षण पर पहुंचे। जहां उन्होंने एमडीडीए द्वारा दी जा रही तमाम सुविधाओं का निरीक्षण किया व पार्क में हो रहे कार्यों को लेकर अधिकारियों से फीड बैक लिया। इस दौरान उन्होंने पार्क भ्रमण के लिए आये लगभग 1 हजार से अधिक स्कूली बच्चों, छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों तथा विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी विस्तार से बातचीत की। और पार्क को लेकर फीडबैक लेने के साथ ही एमडीडीए द्वारा दी जा रही सुविधाओं को लेकर भी बातचीत की। इस दौरान सभी ने एक स्वर में एमडीडीए द्वारा विकसित सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और पार्क के प्राकृतिक माहौल की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री धामी की दूरदृष्टि का साकार रूप
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि सहस्त्रधारा रोड स्थित सिटी फॉरेस्ट पार्क, जो लगभग 12.45 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया गया है, देहरादून की नई पहचान बन रहा है। यह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे आधुनिक हरित विकास, पर्यावरण संरक्षण और शहरी स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह पार्क प्रकृति, योग, आयुर्वेद, फिटनेस, बच्चों के खेल, पर्यटन और शांत वातावरण इन सभी का अनूठा मिश्रण है। यहां आते ही शहर का शोर पीछे छूट जाता है और एक प्राकृतिक वन जैसी अनुभूति मिलती है, जो देहरादून जैसे तेजी से विकसित होते शहर के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा सिटी फॉरेस्ट पार्क के शुभारंभ के बाद से हर दिन बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुंच रहे हैं। स्थानीय परिवारों के साथ-साथ राज्य के अलग-अलग जिलों से आए सैलानी भी यहां की प्राकृतिक सुंदरता और आधुनिक सुविधाओं का अनुभव लेने आ रहे हैं। खास बात यह है कि पार्क बच्चों की पहली पंसद बन चुका है। प्रतिदिन माता-पिता के साथ ही जनपद व अन्य शहरों से भी बड़ी संख्या में स्कूलों के बच्चे और छात्र-छात्रायें यहां एजुकेशन व पर्यावरण टूर के लिए पहुंच रहे हैं। सभी पार्क में एक नए तरह का शिक्षाप्रद वातावरण पाकर बेहद उत्साहित दिखाई देते हैं। प्राकृतिक रास्तों पर टहलना, ट्री हाउस में खेलना और खुले वातावरण में सीखना बच्चों को अत्यंत पसंद आ रहा है।
शिक्षा, मनोरंजन और प्रकृति का संगम
आज पार्क में बच्चों की असाधारण भीड़ रही। स्कूलों से आए छात्र प्राकृतिक पगडंडियों पर घूमे, बांस के बने गज़ेबो में बैठे, ट्री हाउस और बच्चों के भूलभुलैया क्षेत्र (डं्रम) में खूब खेलते दिखे। शिक्षकों ने बताया कि देहरादून में बच्चों के लिए इतना सुरक्षित और विशाल प्राकृतिक ओपन स्पेस मिलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
वन जैसी शांति, शहर जैसी सुविधा
इस पार्क का विकास इस तरह किया गया है कि प्राकृतिक ढलान, पेड़-पौधों का आवरण, मौसमी नाले और मिट्टी की बनावट को यथावत रखा जा सके। इस कारण यहां का हर कोना जंगल जैसा सौम्य और शांत अनुभव प्रदान करता है।
पार्क की मुख्य विशेषताएँ–
1.2 किमी वन-वॉक फिटनेस ट्रेल
3.5 मीटर चौड़ा प्राकृतिक परिधि मार्ग
आधुनिक साइकिल ट्रैक
प्राकृतिक ढलानों में बना डं्रम (बच्चों की भूलभुलैया)
झूला पुल, ध्यान एवं योग स्थल
एक्यूपंक्चर ज़ोन
रंग-बिरंगे फूलों की क्यारियाँ
खुले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु ओपन एयर थिएटर
आकर्षक ट्री हाउस, बांस गज़ेबो
स्केटिंग रिंक, पठन क्षेत्र, पेबल वॉक, कैफेटेरिया
जैव विविधता को समर्पित वेटलैंड रिस्टोरेशन ज़ोन
इन सुविधाओं के कारण यह पार्क स्वस्थ जीवनशैली, मनोरंजन, शिक्षा और पर्यटन चारों को एक साथ समाहित करता है।
देहरादून का सबसे बड़ा आधुनिक हरित ढांचा
एमडीडीए ने लगभग 40.07 करोड़ रुपये की लागत से इस पार्क को आधुनिक हरित अवसंरचना का उत्कृष्ट मॉडल बनाने का लक्ष्य रखा है। पार्क का प्रवेश द्वार महासू देवता मंदिर की शैली में तैयार किया गया है, जो सांस्कृतिक सौंदर्य को आधुनिकता के साथ जोड़ता है। सुव्यवस्थित पार्किंग, टिकट घर, सूचना केंद्र, स्वच्छ शौचालय, पेयजल फव्वारे, आरामदायक बेंच, मुख्य पथ, जल पौधों वाला एक्वाटिक एरिया, परिदृश्य-आधारित वॉकवे और पूरे क्षेत्र में सफाई के उचित प्रबंध ये सब एमडीडीए की गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं।
सैकड़ो की संख्या में प्रतिदिन पहुंच रहे पर्यटक व स्थानीय लोग
उद्घाटन के बाद से रोजाना बड़ी संख्या में लोग पार्क में सैर, जॉगिंग, योग, फोटोग्राफी और पारिवारिक समय बिताने के लिए आ रहे हैं। बुजुर्गों के लिए सुरक्षित बैठने की व्यवस्था, महिलाओं के लिए फिटनेस ट्रैक और बच्चों के लिए सुरक्षित ओपन-प्ले एरिया इसे परिवारों का सबसे पसंदीदा गंतव्य बना रहा है।
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा
सिटी फॉरेस्ट पार्क से सहस्त्रधारा क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएँ और बढ़ी हैं। इससे स्थानीय दुकानदारों, कैफे, छोटे व्यवसायों, गाइडों और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। एमडीडीए का मानना है कि यह पार्क आने वाले समय में देहरादून की पर्यटन-छवि को नई ऊंचाई देगा।
हरित-पर्यटन पहचान का प्रमुख स्तंभ होगा पार्क – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बच्चों की भारी उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह पार्क नई पीढ़ी के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बनेगा। उन्होंने कहा, “यह पार्क बच्चों की मुस्कान, युवाओं की ऊर्जा और परिवारों की खुशी को प्रकृति के बीच जोड़ने वाला एक जीवंत केंद्र बनेगा। आने वाले समय में यह देहरादून का धड़कता दिल और राज्य की हरित-पर्यटन पहचान का प्रमुख स्तंभ होगा।”
पार्क देहरादून की हरित धरोहर है- मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क केवल एक पार्क नहीं, बल्कि राजधानी का हरित भविष्य है। यहाँ प्रकृति, स्वास्थ्य, योग, आयुर्वेद, बच्चों का खेल, पर्यटन और आधुनिक शहरी सौंदर्य सभी एक साथ मौजूद हैं। आने वाले वर्षों में यह पार्क देहरादून की पहचान और गौरव बनेगा।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले में उत्तराखंड की देवडोलियों, लोक देवताओं के प्रतीकों और चल विग्रहों के स्नान एवं शोभायात्रा के लिए भव्य एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुम्भ मेला हमारी महान धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महापर्व है। हरिद्वार कुम्भ में देवडोलियों के दिव्य स्नान और शोभायात्रा के आयोजन से देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक गरिमा और समृद्ध लोक परंपरा के दर्शन कर सकेंगे।
इस संबंध में मुख्यमंत्री धामी से मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में देवभूमि लोक संस्कृति विरासतीय शोभा यात्रा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर कुम्भ मेला 2027 में देवडोलियों की शोभायात्रा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल में समिति के कार्यकारी अध्यक्ष हर्षमणी व्यास सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
