How to Add Vitamin B12 in Diet: विटामिन B12 शरीर के लिए उन पोषक तत्वों में शामिल है, जिनकी कमी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ बन सकती है। इसे कोबालामिन भी कहा जाता है और यह लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण, नसों की सुरक्षा और डीएनए बनने की प्रक्रिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है तो हाथ-पैरों में झनझनाहट, लगातार थकान, याददाश्त कमजोर होना और एनीमिया जैसे लक्षण सामने आने लगते हैं।
चूंकि यह विटामिन मुख्य रूप से पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी और वीगन लोगों में इसकी कमी का खतरा ज्यादा रहता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि बी12 की कमी दूर करने के लिए हमेशा महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती। हमारे रोजमर्रा के खाने में भी कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जो इस पोषक तत्व की जरूरत को पूरा कर सकते हैं।
दूध और डेयरी उत्पाद शाकाहारियों के लिए बी12 के सर्वोत्तम प्राकृतिक स्रोत हैं। गाय का दूध, दही, पनीर और छाछ न केवल आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि इनमें बी12 की मात्रा भी काफी अच्छी होती है। फुल-फैट या टोन्ड दूध इस विटामिन के अवशोषण के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है।
मांसाहारी लोगों के लिए अंडा विटामिन बी12 का बेहद प्रभावी और किफायती विकल्प है। इसके अलावा मछली—खासकर सैल्मन और टूना—चिकन और रेड मीट भी इस विटामिन की कमी को तेजी से पूरा करने में मदद करते हैं।
वहीं, वीगन और सख्त शाकाहारी लोग फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों की मदद ले सकते हैं। आजकल बाजार में कई उत्पाद ऐसे उपलब्ध हैं, जिनमें बी12 को अतिरिक्त रूप से मिलाया जाता है—जैसे फोर्टिफाइड सोया दूध, बादाम दूध, ओट्स और नाश्ते में खाए जाने वाले कई प्रकार के सीरियल।
इसके अलावा न्यूट्रिशनल यीस्ट भी बी12 का एक लोकप्रिय विकल्प बनकर उभरा है। इसे अक्सर वीगन डाइट में चीज जैसा स्वाद देने और पोषण बढ़ाने के लिए शामिल किया जाता है।
यदि टेस्ट में कमी गंभीर पाई जाती है, तो डॉक्टर की सलाह से ही सप्लीमेंट (टैबलेट या इंजेक्शन) शुरू करना चाहिए, क्योंकि केवल आहार के जरिए गंभीर कमी को पूरा करना मुश्किल हो सकता है।
देहरादून – एचडीएफसी आर्गो इंश्योरेंस लिमिटेड जिला प्रशासन के नाम 8,92000 का चेक जमा कराया गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के सख्त रुख से जहां उपभोक्ताओं से ऋण बीमा धोखाधड़ी करने वाली कंपनियां बैक फुट पर है। वहीं जिला प्रशासन के कड़े और निडर फैसलों से असहाय प्रताड़ित महिला, बुजुर्ग, बच्चों को न्यायमिल रहा मिल रहा है। जिला प्रशासन ने नव वर्षीय बालिका की विधवा मां सुप्रिया को प्रताड़ित करने वाली बीमा कंपनी एचडीएफसी आरगो का इलाज कर दिया, बीमा कंपनी के सिर पर कुर्की की तलवार लटक रही है।
विगत दिवस फरियादी सुप्रिया नौटियाल पत्नी स्व० प्रदीप रतूड़ी द्वारा एक जिलाधिकारी सविन बसंल के समक्ष 15 नवम्बर 2025 गुहार लगाई कि उनके पति प्रदीप रतूड़ी द्वारा वाहन कय किये जाने हेतु प्रबन्धक, एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० से मु० 8,11,709/- का ऋण लिया गया था। सम्बंधित बैंक के द्वारा बताया गया कि लोन के पश्चात् बीमा एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जो आईआरडीए के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी ऋण को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक है तथा एचडीएफसी अरगो जीआईसी लि० से पॉलिसी संख्या सीआई 24-14680 और सर्व सुरक्षा प्लस क्लेम नं० आरआर-सीआई 24-14680891 के माध्यम से बीमा कराया गया था। बीमा सम्बंधी दस्तावेज कभी भी डाक या कुरियर के माध्यम से भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं कराये गये थे। उनके पति की मृत्यु के पश्चात् सुप्रियाय द्वारा बैंक से अपने पति द्वारा लिए गये लोन मु0 8,11,709/- को चुकाने हेतु दबाव बनाया जा रहा है तथा लोन न चुकाने की स्थिति में वाहन को उठा लेने की धमकी दी जा रही है, जिसके लिए सुप्रिया द्वारा सम्बंधित इंश्योरेंस कम्पनी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का अनुरोध जिलाधिकारी से किया गया।
बीमित ऋण होने के बाद भी 09 वर्षीय मासूम बेटी की विधवा मॉ सुप्रिया को किया प्रताड़ित करने पर वाले एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० की डीएम ने 8.11 लाख की आरसी काटते हुए फरमान सुनाया है कि 05 दिन में ऋण माफी करें नही तो सम्पति कुर्क कर निलाम की जाएगी। जिलाधिकारी की चेतावनी और सख्त रूप से एचडीएफसी आरगो जीआईसी लि० ने 892000 का चेक तहसील सदर के नाम जमा कर दिया है।
इस प्रकार उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करने वाले अन्य बैंक एवं इंश्योरेंस कंपनियां भी डीएम के रडार पर हैं जिनके द्वारा बीमित ऋण होने के उपरान्त भी जनमानस को प्रताड़ित किया जा रहा है। ऋण बीमा धोखाधड़ी मामला डीएम तक पंहुच रहे हैं जिनका अंजाम सर्वव्यापी, सम्पति कुर्क; नीलामी; शाखा पर लगेगा ताला ऐसे की प्रकरणों पर कई मामालों में बैंक इंश्योरंश कम्पनियों की कुर्की हो चुकी है।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज लोक भवन जाकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मंत्री जोशी ने राज्यपाल को राजभवन का नया नाम “लोक भवन” होने पर बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किया जाना जनता की भावना और स्थानीय संस्कृति के अनुरूप एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने राज्यपाल का भी इस निर्णय को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद प्रकट किया।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की अध्यक्ष साधना शर्मा के नेतृत्व में महिलाओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से कैंप कार्यालय में भेंट की थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस संबंध में एक पत्र मंत्री जोशी के माध्यम से भेजकर राजपथ की तर्ज पर ब्रिटिशकालीन ‘‘राजभवन’’ नाम को बदलने का आग्रह किया था।
देहरादून – यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को राहत नहीं मिली। सीबीआई की विशेष अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद इसे खारिज कर दिया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि परीक्षा से ठीक पहले सुमन और आरोपी खालिद के बीच हुई बातचीत में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा की सुबह 7:55 बजे खालिद ने सुमन को संदेश भेजा था, जिसमें उसने कहा—
“मैडम, थोड़ा समय निकाल लीजिए, मेरी बहन का एग्जाम है, MCQ सॉल्व करा दीजिए।”
सुमन ने 8:02 बजे इसका “ओके” लिखकर जवाब दिया। सीबीआई के मुताबिक यह चैट पेपर लीक की साज़िश में सुमन की संलिप्तता को मजबूत संकेत देती है।
जांच के दायरे में आए बेरोजगार संघ के नेता बॉबी पंवार से भी सीबीआई पहले ही लगभग नौ घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। उनसे सुमन चौहान के साथ संपर्क, बातचीत और कथित पेपर उपलब्ध कराने से जुड़ी जानकारियों पर सवाल पूछे गए।
सीबीआई पहले ही 28 नवंबर को सुमन चौहान को गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि इसी पेपर को बॉबी पंवार तक पहुंचाया गया था, जिसके बाद पंवार ने प्रेस कांफ्रेंस कर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा किया था।
एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
विशाखापत्तनम- भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच शनिवार को विशाखापत्तनम में होने वाला तीसरा व अंतिम वनडे मुकाबला निर्णायक बन गया है। दोनों टीमें फिलहाल 1-1 की बराबरी पर हैं और इस मैच का नतीजा ही सीरीज का विजेता तय करेगा। टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। मैच दोपहर डेढ़ बजे शुरू होगा।
भारतीय टीम की उम्मीदें एक बार फिर अपने अनुभवी स्तंभ—विराट कोहली और रोहित शर्मा—पर टिकी हैं। दोनों बल्लेबाज हाल के मुकाबलों में लाजवाब फॉर्म में दिखे हैं। कोहली पिछली तीन पारियों में दो शतक जड़ चुके हैं, जबकि रोहित के बल्ले से भी लगातार रन निकले हैं। टीम मैनेजमेंट को भरोसा है कि अनुभवी जोड़ी बड़े मैच में दबाव झेलकर टीम को आगे बढ़ाएगी।
टॉप ऑर्डर में ऋतुराज गायकवाड़ ने पिछले मैच में शतक जमाकर मजबूत दावा ठोका है, जबकि यशस्वी जायसवाल की खराब फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। लेफ्ट-आर्म पेसर्स के खिलाफ उनकी कमजोरी लगातार उजागर हुई है, और दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा गेंदबाजी में यह चुनौती और कठिन हो गई है। यदि जायसवाल एक बार फिर असफल रहे, तो भारत को ओपनिंग संयोजन पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है।
विशाखापत्तनम की पिच बल्लेबाजों का साथ देने के लिए जानी जाती है। यहां भारत ने 10 में से 7 वनडे जीते हैं, लेकिन पिछला मुकाबला यहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गया था। ओस इस मैच में अहम भूमिका निभा सकती है, इसलिए टॉस जीतना काफी मायने रखेगा। भारत की परेशानी यह है कि टीम पिछले 20 वनडे टॉस नहीं जीत पाई है।
प्लेइंग इलेवन में बदलाव की गुंजाइश भी बनी हुई है। माना जा रहा है कि वॉशिंगटन सुंदर को आराम दिया जा सकता है और उनकी जगह तिलक वर्मा अंतिम एकादश में शामिल हो सकते हैं, जो बल्लेबाजी के साथ स्पिन विकल्प भी देते हैं। हालांकि, ऋषभ पंत भी एक समानांतर विकल्प के रूप में मौजूद हैं।
गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने लगातार प्रभावित किया है। प्रसिद्ध कृष्णा पिछले मैच में लय से भटके हुए दिखे थे, जबकि हर्षित राणा से भी टीम को अहम योगदान की उम्मीद है। अगर प्रबंधन बदलाव करता है तो नीतीश रेड्डी को ऑलराउंड विकल्प के तौर पर शामिल किया जा सकता है, हालांकि टीम को लगता है कि प्रसिद्ध कृष्णा को एक और मौका मिलना चाहिए।
दक्षिण अफ्रीका की बात करें तो टीम वनडे सीरीज जीतकर दौरे को शानदार तरीके से समाप्त करना चाहती है। हालांकि नांद्रे बर्गर और टोनी डी जॉर्जी की फिटनेस को लेकर असमंजस बरकरार है, क्योंकि दोनों पिछले मैच में चोटिल हुए थे। यदि ये खिलाड़ी बाहर रहते हैं, तो अफ्रीकी टीम की गेंदबाजी संयोजन पर असर पड़ सकता है।
संभावित टीम इंडिया (संक्षिप्त विकल्पों के साथ)
रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल/ऋतुराज गायकवाड़, विराट कोहली, केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), तिलक वर्मा/वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, प्रसिद्ध कृष्णा/नीतीश रेड्डी।
दक्षिण अफ्रीका (संभावित)
तेम्बा बावुमा (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, एडेन मार्करम, रेयान रिकेलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, मार्को यानसेन, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी, ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश।
बहुत इंतजार के बाद रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ ने पहले ही दिन दर्शकों के बीच जबरदस्त प्रभाव छोड़ा है। सच्ची घटनाओं से प्रेरित यह फिल्म अपनी रिलीज के साथ ही चर्चा का केंद्र बन गई है। टीज़र और ट्रेलर के समय जहां रणवीर सिंह और आर. माधवन के लुक ने सुर्खियां बटोरी थीं, वहीं फिल्म रिलीज होने के बाद पूरा स्पॉटलाइट अक्षय खन्ना पर टिक गया है।
फिल्म में अक्षय खन्ना ने लयारी के कुख्यात गैंगस्टर रहमान डकैत से प्रेरित किरदार को पर्दे पर बेहद सशक्त तरीके से जिया है। उनकी अदाकारी को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और दर्शक उनके अभिनय को साल की बेस्ट परफॉर्मेंस बताने लगे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि फिल्म देखते वक्त वे भूल जाते हैं कि पर्दे पर अक्षय खन्ना हैं—किरदार इतना प्रभावी लग रहा है।
इससे पहले अक्षय फरवरी में आई फिल्म ‘छावा’ में औरंगज़ेब की भूमिका के लिए सराहे गए थे, लेकिन ‘धुरंधर’ में उन्हें मिला स्क्रीन स्पेस और दमदार प्रेज़ेंस दर्शकों को और भी प्रभावित कर रहा है। कई लोग लिख रहे हैं कि अक्षय खन्ना ने फिल्म में बाकी कलाकारों पर भारी प्रदर्शन किया है। कुछ यूजर्स तो यहां तक कह रहे हैं कि अगर उनके पिता विनोद खन्ना आज होते, तो यह परफॉर्मेंस देखकर गर्व महसूस करते।
दर्शकों की प्रतिक्रियाओं में एक दिलचस्प ट्रेंड यह भी देखने को मिल रहा है—लोग अक्षय के ‘छावा’ और ‘धुरंधर’ दोनों लुक की तुलना करते हुए लिख रहे हैं, “शुरुआत ही अंत है, अंत ही शुरुआत है।”
रियल लाइफ गैंगस्टर रहमान डकैत, जिसका असली नाम अब्दुल रहमान बलूच था, कराची के लयारी इलाके में काफी प्रभावशाली माना जाता था। फिल्म में उसकी कहानी को नाटकीय रूप देकर बड़े पर्दे पर पेश किया गया है।
बॉक्स ऑफिस की बात करें तो ‘धुरंधर’ ने ओपनिंग डे पर 27 करोड़ रुपये की मजबूत कमाई करते हुए साल की बेहतरीन शुरुआत दर्ज की है।
देहरादून- भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड, देहरादून के निर्देशानुसार जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी सविन बंसल ने रायपुर ब्लॉक के आवासीय परिसर, तपोवन रोड स्थित EVM–VVPAT वेयरहाउस का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप त्रैमासिक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वेयरहाउस में रखी सभी EVM एवं VVPAT मशीनों के भौतिक सत्यापन, सुरक्षा प्रोटोकॉल, द्विस्तरीय लॉकिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा प्रबंधन तथा रख-रखाव की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की तकनीकी या भौतिक त्रुटि पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आयोजित निरीक्षण के समय राजनैतिक दलों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। उन्होंने निरीक्षण की पारदर्शिता एवं आयोग द्वारा निर्धारित मानकों के पालन को प्रत्यक्ष रूप से देखा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी / उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भी उपस्थित रहे।
देहरादून । बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के देहरादून आईएसबीटी के औचक निरीक्षण के बाद बस अड्डे की व्यवस्थाओं में काफी सुधार देखने को मिला है।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद आईएसबीटी बस अड्डें में सफाई व्यवस्था, यात्री सुविधा, टिकट काउंटर और बसों के रूट संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की बदली तस्वीर सामने आई है।
बस अड्डे पर कई व्यवस्थाएँ बेहतर हुई हैं और यात्रियों को सहुलियत मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में आईएसबीटी का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने बस स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सफाई व्यवस्थाओं को लेकर कड़े निर्देश दिए दिए। जिसके मद्देनजर बस स्टैंड परिसर में सफाई व्यवस्था बेहतर हुई।
वहीं, यात्री सूचना बोर्ड और अनाउंसमेंट सिस्टम को ठीक कराया गया है। पेयजल और शौचालय के बाहर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के साथ यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से सभी सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील कर दिए गए है।
बस अड्डे में तैनात सिक्योरिटी गार्ड नियमित रूप से प्लेटफार्म में चेकिंग करते नजर आ रहे हैं। बस स्टैंड के अंदर पार्किंग व्यवस्था को सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने लगी है।
आईएसबीटी में बसों और सफाई कर्मचारियों की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।
आईएसबीटी को सुविधाजनक बनाने के एिल यहां पर बड़े-बड़े साइन बोर्ड, प्लेटफार्म में लगे पत्थरों का पुनर्निर्माण और परिसर में रोड निर्माण हेतु टेंडर जारी कर दिए हैं। आगामी दिनों में नये प्लेटफार्म की सुविधा भी यात्रियों को मिल सकेगी।
आईएसबीटी के स्थानीय दुकानदार सचिन रतूड़ी ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया है तब से यहां की सफाई व्यवस्था से लेकर यात्री सुविधाएं बेहतर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को यहां स्वच्छ पेयजल से लेकर शौचालय में साफ सफाई की उचित व्यवस्था मिल रही है।
बस स्टेशन में आगरा से आए यात्री मोहित बघेल ने कहा कि जिस तरह से उत्तराखंड का नाम धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। वैसे ही यहां की व्यवस्थाएं भी चाक चौबंद नजर आ रही है। बस स्टेशन में भोजन, पेयजल, शौचालय एवं एटीएम की प्रॉपर सुविधा है।
आईएसबीटी के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर केशवानंद गुवाडी ने कहा कि मुख्यमंत्री के औचक निरीक्षण के बाद बस स्टेशन के अंदर परिसर की रोड का टेंडर हो चुका है। मुख्यमंत्री की स्वच्छ और शुभ यात्रा का संकल्प आईएसबीटी की बदलती तस्वीर में स्पष्ट झलक रहा है।
फरासू में लिफ्ट सिंचाई योजना का करेंगे शिलान्यास
बूंखाल-कालिंका मंदिर में आयोजित मेले में भी करेंगे प्रतिभाग
देहरादून- सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अपने विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह फरासू में लिफ्ट सिंचाई योजना के कार्यों का शिलान्यास करेंगे, साथ ही स्वीत गांव में रेल लाईन परियोजना प्रभावितों को मुआवजा राशि के चैक वितरित करेंगे। डॉ. रावत प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले बूंखाल मेले में प्रतिभाग कर कालिंका मंदिर के भी दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वह विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क कर आम लोगों की समस्याओं को भी सुनेंगे।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि वह 6 दिसम्बर से विधानसभा क्षेत्र श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। अपने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान वह शनिवार को बूंखाल में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले मेले में प्रतिभाग करेंगे। इस दौरान वह बूंखाल-कालिंका मंदिर का दर्शन कर क्षेत्रवासियों से भेंट करेंगे। इसके बाद डॉ. रावत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसम्पर्क कर आम लोगों की समस्याओं को सुनेंगे, दौरे के दौरान वह विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों व चिकित्सा इकाईयों का औचक निरीक्षण करेंगे। साथ ह ीवह क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करेंगे।
डॉ. रावत फरासू में लिफ्ट सिंचाई योजना के कार्यों का शिलान्यास करेंगे। इसके उपरांत वह फरासू व चमधार में भूस्खलन जोन का स्थलीय निरीक्षण करेंगे तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे कार्यों का जायजा लेंगे। हाल ही में डॉ. रावत के प्रयासों से दोनों भूस्खलन जोनों के ट्रीटमेंट के लिये 90 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई। इसके उपंरात डॉ. रावत स्वीत गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में रेल लाईन परियोजना के टनल निर्माण से प्रभावित भू-स्वामियों को मुआवजा राशि के चैक वितरित करेंगे। इसके बाद डॉ. रावत उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम में नवनिर्मित टाईप-5 आवासीय भवनों का लोकार्पण करेंगे।
देहरादून। भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (NHO) में इस वर्ष नौसेना दिवस 2025 विविध कार्यक्रमों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में मनाया गया। वर्ष 1954 में देहरादून में स्थापित यह कार्यालय भारतीय नौसेना का प्रमुख केंद्र है, जहाँ से इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट, पेपर चार्ट और समुद्री जहाजों के लिए आवश्यक सभी नौवहन प्रकाशनों का निर्माण होता है। वर्तमान में इसका नेतृत्व चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, एवीएसएम, मुख्य हाइड्रोग्राफर, भारत सरकार, कर रहे हैं। हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में नौसेना दिवस मनाती है। इस वर्ष का थीम— “Combat Ready, Cohesive, Atmanirbhar – Safeguarding Seas for a Viksit Samriddha Bharat”—नौसेना की तैयारी, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को रेखांकित करता है।
नौसेना दिवस 2025 की श्रृंखला में 2 दिसंबर को देहरादून के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने एनएचओ का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और हाइड्रोग्राफी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 3 दिसंबर को ‘संबंध’ कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में वेटरन्स ने मुख्य हाइड्रोग्राफर और स्टाफ से मुलाक़ात की। 4 दिसंबर को ‘स्मृति स्थल’ पर शहीदों के सम्मान में भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की गई।

राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजपुर रोड स्थित एनएचओ पहुँचकर नौसेना दिवस समारोह में भाग लिया। राज्यपाल ने भारतीय नौसैनिक हाइड्रोग्राफिक विभाग पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य आमजन को नौसेना की तकनीकी दक्षता और हाइड्रोग्राफी के महत्व से अवगत कराना है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त नौसैनिकों से मुलाक़ात कर उन्हें नौसेना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने वीर शहीदों और वेटरन्स को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस, समर्पण और बेजोड़ नेतृत्व ने भारत के समुद्री हितों और सुरक्षा को हमेशा मजबूत आधार दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपनी क्षमताओं को आधुनिक तकनीकों के साथ लगातार सुदृढ़ किया है। उन्होंने एआई, स्वायत्त प्रणालियों, उपग्रह दूरसंवेदन और अत्याधुनिक समुद्री सर्वेक्षण तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनएचओ द्वारा इन तकनीकों को अपनाने से भारतीय नौसेना समुद्री शक्ति के क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है।

राज्यपाल ने एनएचओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यालय भारतीय नौसेना का एक अहम अंग है, जो समुद्रों और जलमार्गों का सटीक मानचित्रण कर तटरक्षक बल, युद्धपोतों, पनडुब्बियों, बंदरगाह विकास तथा ब्लू इकॉनमी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराता है।
मुख्य समारोह में चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, ज्वाइंट चीफ हाइड्रोग्राफर रियर एडमिरल पीयूष पावसी सहित बड़ी संख्या में सेवारत और भूतपूर्व नौसेना अधिकारी उपस्थित रहे।
