हिंदुस्तान स्काउट एवं गाइड समागम कार्यक्रम का किया समापन
विजेता प्रतियोगियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
पंतनगर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को पंतनगर में कुमाऊं मंडल स्काउट गाइड समागम 2025 कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने तीन दिन चले समागम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने इस अवसर पर कहा कि हमें देश के युवा को सिर्फ शिक्षित ही नहीं करना है बल्कि उसे अनुशासन और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों से युक्त भी करना है। तभी युवा एक अच्छा नागरिक बनकर देश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्काउट और गाइड इन गुणों का सबसे बेहतर तरीके से प्रतिनिधित्व करते हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अपनी क्षमताओं की पहचान करना सफलता की राह का एक अहम पड़ाव है। उन्होंने युवाओं को सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने और अपने भीतर मानवीय गुणों को विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न प्रतिस्पर्धा में श्रेष्ठता प्रदर्शित करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रदेशिक संगठन आयुक्त हिमांशु सक्सेना, सहायक प्रदेशिक संगठन आयुक्त अलका मिश्रा, दुग्ध संघ डायरेक्टर उधम सिंह नगर इंदर सिंह मेहता, मंडल महामंत्री टीकम सिंह कोरंगा, दीपक कुमार तिवारी, कविता तिवारी आदि उपस्थित रहे।
2003 की मतदाता सूची से की जाएगी वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद उत्तराखण्ड राज्य में प्री एसआईआर गतिविधियां शुरु कर दी गई हैं। इस चरण में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रारम्भिक तैयारियां की जाएंगी, साथ ही एसआईआर के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके दृष्टिगत “प्रत्येक मतदाता तक पहुंच , समन्वय और संवाद’ अभियान पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अलग-अलग वर्षों में इससे पूर्व 11 बार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) पूरे देश में संपादित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में वर्ष 2003 में एसआईआर किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आयोग द्वारा पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने बताया कि आयोग का इस पूरी प्रकिया के पीछे उद्देश्य हर पात्र मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल लगभग 40 वर्ष तक की आयु के ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे उनकी सीधे बीएलओ एप से मैपिंग की जाएगी।
इसके साथ ही 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में किसी कारणवश नहीं है तो उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम के आधार पर प्रोजनी के रुप में मैपिंग की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची www.ceo.uk.gov.in एवं www.voters.eci.gov.in पर सर्च की जा सकती है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11733 बूथ के सापेक्ष 4155 बीएलए ही नियुक्त हैं।
हेल्प डेस्क होगी स्थापित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि सभी जनपदों में जिलाधिकारी, ईआरओ और बीएलओ को मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद एवं ईआरओ स्तर पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है ताकि मतदाताओं को आसानी से मदद मिल सके।
बहुउद्देशीय शिविर में उठी समस्या का तुरंत समाधान
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मात्र 24 घंटे के भीतर राजकीय प्राथमिक विद्यालय लिस्ट्राबाद में नई शिक्षिका की तैनाती कर दी गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैनाती आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ग्राम इठारना में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान ग्राम प्रधान, लिस्ट्राबाद ग्रांट ने अवगत कराया कि रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में 34 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, लेकिन विद्यालय में केवल एक अध्यापिका कार्यरत हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान ने विद्यालय में एक अतिरिक्त शिक्षक की आवश्यकता जताई।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में तत्काल शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षा विभाग ने उप शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड डोईवाला द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर औवंधिक स.अ. को रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में कार्ययोजित कर दिया है।
उप शिक्षा अधिकारी, डोईवाला को आदेश के अनुपालन की पुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दिल्ली से देहरादून आ रही थी वॉल्वो बस, परिचालक घायल
देहरादून। देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जब नुंनावाला, भानियावाला के पास यात्रियों से भरी एक वॉल्वो बस अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रहे गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्राले से भिड़ गई। तेज टक्कर के कारण बस चालक की मौत हो गई, जबकि परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके पर पहुंची।
सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरू किया गया, जिसके तहत क्षतिग्रस्त बस में फंसे चालक को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। पुलिस के अनुसार दुर्घटना सुबह करीब 5:30 बजे हुई, जब दिल्ली से देहरादून आ रही वॉल्वो बस नुंनावाला गुरुद्वारा के पास अचानक नियंत्रण खो बैठी और सीधे ट्रैक्टर-ट्राले से जा टकराई। हादसे में चालक के अलावा परिचालक भी घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों ने बस चालक को मृत घोषित कर दिया।
चौकी प्रभारी नवीन डंगवाल ने बताया कि हादसे में बस के सभी यात्री सुरक्षित हैं और किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। मृतक चालक की पहचान योगेंद्र (52) पुत्र ओमशरण निवासी पटला, थाना मोदी नगर (गाजियाबाद) के रूप में हुई है, जबकि घायल परिचालक का नाम दिलशान (32) पुत्र इंसाफ निवासी आरिफपुर, थाना बाबूगढ़ जिला हापुड़, उत्तर प्रदेश बताया गया है।
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और ट्रैक्टर ट्राले सहित दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पौड़ी। प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने जिलाधिकारी पौड़ी से दूरभाष पर वार्ता कर विकासखण्ड बीरोंखाल के अन्तर्गत मां कालिंका मन्दिर में 06 दिसम्बर, 2025 को होने वाले मेले की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं।
प्रदेश पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने गुरुवार को जिलाधिकारी पौड़ी से दूरभाष पर वार्ता कर विकासखण्ड बीरोंखाल के अन्तर्गत मां कालिंका मन्दिर में 06 दिसम्बर, 2025 को होने वाले मेले की व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के साथ-साथ मेडिकल टीम, ऐम्बुलेंस पेयजल की समुचित व्यवस्थाएं और मोटर मार्गो को चुस्त दुरुस्त करने को कहा है।
महाराज ने जिलाधिकारी से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पौड़ी, रामनगर, कोटद्वार, धूमाकोट और बैजरों आदि क्षेत्रों से बसों की पर्याप्त व्यवस्था करावाने के भी निर्देश दिए हैं।
आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में स्मार्टफोन लोगों की दिनचर्या का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया है। यही कारण है कि कई लोग टॉयलेट पर भी फोन लेकर बैठ जाते हैं—जहाँ वे मिनटों का काम घंटों तक खींच देते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक यह seemingly harmless आदत अब स्वास्थ्य के लिए खतरा बन चुकी है। अमेरिका स्थित बेथ इजराइल डिकॉनेस मेडिकल सेंटर द्वारा की गई एक नई स्टडी ने बताया कि टॉयलेट सीट पर बैठकर स्मार्टफोन चलाना पाइल्स (हेमोरॉयड्स) के बढ़ते मामलों का बड़ा कारण बन रहा है।
पाइल्स एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा क्षेत्र की नसों में सूजन आ जाती है, जिससे दर्द, खुजली और कभी-कभी रक्तस्राव तक हो सकता है। शोध के अनुसार, अकेले अमेरिका में हर साल करीब 40 लाख लोग इस समस्या के कारण डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। नई स्टडी में पाया गया कि स्मार्टफोन उपयोग की वजह से लोग टॉयलेट में जरूरत से ज्यादा देर बैठे रहते हैं, जिससे गुदा क्षेत्र पर लगातार दबाव पड़ता है और जोखिम बढ़ जाता है—विशेषकर युवा वर्ग में।
स्टडी का निष्कर्ष: स्मार्टफोन यूजर्स में 46% तक बढ़ा खतरा
125 वयस्कों पर किए गए सर्वे में यह सामने आया कि 66% प्रतिभागी टॉयलेट पर फोन इस्तेमाल करते हैं। इन लोगों में पाइल्स का खतरा उन लोगों की तुलना में 46% अधिक पाया गया जो टॉयलेट में फोन नहीं ले जाते। यह विश्लेषण उम्र, फाइबर सेवन और शारीरिक गतिविधि जैसे कारकों को ध्यान में रखकर किया गया।
समस्या फोन नहीं, टॉयलेट पर बढ़ता समय
अध्ययन के अनुसार, असली समस्या है—अनावश्यक रूप से टॉयलेट पर लंबे समय तक बैठना। विशेषज्ञों का कहना है कि फोन स्क्रॉल करते-करते व्यक्ति यह भूल जाता है कि वह टॉयलेट पर बैठा है। इससे गुदा क्षेत्र के ऊतकों और नसों पर दबाव बढ़ जाता है, जो पाइल्स जैसी समस्या को जन्म देता है।
सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग बनी मुख्य वजह
सर्वे में प्रतिभागियों ने बताया कि टॉयलेट पर किए जाने वाले कामों में सबसे आम हैं:
सोशल मीडिया स्क्रॉल करना
न्यूज़ या आर्टिकल पढ़ना
ये आदतें अनजाने में टॉयलेट टाइम को कई गुना बढ़ा देती हैं, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है। स्टडी के शोधकर्ता बताते हैं कि यह परिणाम भविष्य में चिकित्सकीय सलाह और बचाव उपाय तय करने में मददगार होंगे।
कैसे बचें इस जोखिम से—विशेषज्ञों की सलाह
टॉयलेट पर 5–10 मिनट से ज्यादा न बैठें
फोन को बाथरूम में न ले जाएं
डाइट में फाइबर और पानी की मात्रा बढ़ाएं
नियमित व्यायाम करें
कब्ज से बचने की कोशिश करें
इन उपायों से टॉयलेट पर समय स्वतः कम होगा और पाइल्स का खतरा भी काफी घटेगा।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ अध्ययन पर आधारित है।
(साभार)
सोनिया गांधी ने कहा- प्रदूषण की वजह से बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर विपक्षी दलों ने गुरुवार को संसद भवन परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। खराब होती हवा और बिगड़ते AQI को देखते हुए विपक्ष ने सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की। मकर द्वार के बाहर आयोजित इस प्रदर्शन में सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया और हाथों में प्लेकार्ड लेकर नारे लगाए।
सोनिया गांधी ने कहा कि प्रदूषण की वजह से बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, इसलिए सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कई सांसद मास्क पहनकर प्रदूषण की गंभीरता का प्रतीकात्मक संदेश दे रहे थे।
प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वायु प्रदूषण कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य का संकट है, इसलिए इसपर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ठोस समाधान तलाशने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि हर साल हालात बिगड़ रहे हैं, लेकिन सिर्फ बयानबाजी होती है, ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
सांसद मनीष तिवारी ने संसद में ‘काम रोको प्रस्ताव’ भी दिया और कहा कि दिल्ली–एनसीआर का AQI लगातार 400 के आसपास बना हुआ है, जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातस्थिति बताते हुए सदन में विस्तृत चर्चा की मांग की।
हल्द्वानी कोतवाली की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर विजय सिंह मेहता को सौंपी गई
नैनीताल। नैनीताल जिले में पुलिस विभाग में देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों के तबादले से जुड़े आदेश जारी करते हुए कई थानों की कमान बदली है। हल्द्वानी, बनभूलपुरा, भीमताल, मुखानी और रामनगर सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
हल्द्वानी कोतवाली की जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर विजय सिंह मेहता को सौंपी गई है, जबकि पूर्व कोतवाल इंस्पेक्टर अमर चंद्र शर्मा को जिला कंप्लेंट सेल का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, बनभूलपुरा कोतवाली की कमान इंस्पेक्टर सुशील कुमार को मिली है।
भीमताल थाने में इंस्पेक्टर राजेश यादव को नया कोतवाल नियुक्त किया गया है। रामनगर की कमान इंस्पेक्टर दिनेश सिंह फर्त्याल के हाथों में सौंपी गई है। इसके साथ ही सम्मन सेल की ज़िम्मेदारी संभाल रहे इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह रावत को अब डीसीआरबी का इंचार्ज बनाया गया है।
सब-इंस्पेक्टर स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। मुखानी थाना प्रभारी पद से हटाए गए एसआई दिनेश जोशी को एसएसआई मल्लीताल की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उनकी जगह एसआई सुशील चंद्र जोशी को मुखानी थाने का नया एसओ नियुक्त किया गया है।

साल 2025 के अंतिम महीने में बॉलीवुड टिकट खिड़की पर कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच धनुष और कृति सेनन की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन करती दिखाई दे रही है। अलग-अलग जॉनर और हाई-बजट फिल्मों के बीच रिलीज होने के बावजूद यह फिल्म लगातार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच रही है। शुरुआती दिनों में मिली मजबूत रफ्तार अब भी बरकरार है, जिससे साफ झलकता है कि दर्शकों की जुबानी चर्चा और कंटेंट की पकड़ बॉक्स ऑफिस पर इसका बड़ा आधार बन चुकी है।
ओपनिंग से छठे दिन तक फिल्म का शानदार सफर
रिलीज के पहले ही दिन ‘तेरे इश्क में’ ने 16 करोड़ रुपये की दमदार ओपनिंग दर्ज की थी। वीकेंड में भी फिल्म ने मजबूत पकड़ बनाए रखते हुए शनिवार को 17 करोड़ और रविवार को 19 करोड़ रुपये की कमाई की। माना जा रहा था कि सोमवार को कलेक्शन में गिरावट आ सकती है, लेकिन फिल्म ने उम्मीदों को पीछे छोड़ते हुए लगभग 8.75 करोड़ रुपये का बिजनेस किया और ‘मंडे टेस्ट’ आसानी से पास कर लिया।
मंगलवार को भी फिल्म की रफ्तार बनी रही और फिल्म ने 10.25 करोड़ का कलेक्शन दर्ज किया। पांच दिनों में फिल्म का कुल कारोबार 71 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया था।
छठे दिन की कमाई भी रही स्थिर
बुधवार यानी छठे दिन फिल्म ने 6.75 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। इसके साथ ‘तेरे इश्क में’ की कुल बॉक्स ऑफिस कमाई बढ़कर 76.75 करोड़ रुपये हो चुकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म की लागत 85–95 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। ऐसे में ‘तेरे इश्क में’ तेजी से अपने बजट के करीब पहुंच रही है और अगले कुछ दिनों में 100 करोड़ क्लब में शामिल होने की पूरी संभावना है। हालांकि असली चुनौती इसका अगले हफ्ते शुरू होने वाला नया मुकाबला है।
5 दिसंबर को रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ रिलीज होने जा रही है, जबकि ‘अखंडा 2’ भी बॉक्स ऑफिस पर उतरने वाली है। इन दोनों फिल्मों के चलते ‘तेरे इश्क में’ की कमाई पर असर पड़ सकता है।
दर्शकों को क्या पसंद आ रहा है फिल्म में?
फिल्म का निर्देशन आनंद एल. राय ने किया है, जो भावनात्मक कहानी और गहरे किरदारों के लिए मशहूर हैं। कहानी शंकर गुरुक्कल (धनुष) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो DUSU का तेजतर्रार अध्यक्ष है और अपने गुस्सैल स्वभाव के लिए जाना जाता है। वहीं मुक्ति (कृति सेनन) सामाजिक व्यवहार पर रिसर्च कर रही है और यह साबित करना चाहती है कि आक्रामक इंसान भी बदल सकता है।
मुक्ति के लिए शंकर एक रिसर्च सब्जेक्ट है—और यहीं से शुरू होता है टकराव, बदलाव और भावनाओं से भरा सफर। मो. जीशान अय्यूब और प्रकाश राज जैसे मजबूत कलाकारों की मौजूदगी भी फिल्म को एक अलग ऊँचाई देती है।
(साभार)
प्रेज़िडेंट पुलिस मेडल विजेताओं को मिलेंगे 5 लाख रुपये- सीएम धामी
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल कैंप मुख्यालय हल्द्वानी में आयोजित पूर्व अर्धसैनिक बलों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अर्धसैनिक बलों के वीर जवानों ने कश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक हर मोर्चे पर अदम्य साहस, शौर्य और समर्पण के साथ देश की सेवा की है। तिरंगे की शान को बढ़ाने में इन वीर सपूतों का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अर्द्धसैनिक बल के जवानों को वीरता, साहस और देश भक्ति का प्रतीक बताते हुए उन्हें राष्ट्र की शान बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अर्द्धसैनिक बलों के कल्याण के लिए घोषणा की कि भविष्य में प्रेजिडेन्ट पुलिस मेडल-गैलेन्ट्री वीरता पदक से अलंकृत होने वाले अर्द्धसैनिक को एकमुश्त 05 लाख रूपये की अनुदान राशि दी जायेगी, पूर्व अर्द्धसैनिक एवं अर्द्धसैनिक की वीर नारी, जिसके पास स्वयं की कोई अचल सम्पत्ति नहीं है, को उत्तराखण्ड राज्य में जीवनकाल में एक बार अचल सम्पत्ति क्रय किये जाने में स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जायेगी, उत्तराखण्ड राज्य अर्द्धसैनिक बल कल्याण परिषद् को क्रियाशील किया जायेगा और परिषद् के लिए पुलिस मुख्यालय में एक कार्यालय कक्ष आवंटित किया जायेगा, सैनिक कल्याण निदेशालय में उपनिदेशक (अर्द्धसैनिक) एवं बड़े जिलों के जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों में सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी (अर्द्धसैनिक) के एक-एक पद स्वीकृत किये जायेंगे, जिसमें पूर्व अर्द्धसैनिक संविदा में नियुक्त किये जायेंगे, जो अर्द्ध सैनिक बलों के बच्चे हैं, उनको शादी हेतु हमारे सैनिकों के भांति धनराशि प्रदान की जाएगी तथा मुख्यमंत्री ने सीजीएचएस भवन निर्माण हेतु तत्काल प्राथमिकता देते हुए भूमि चयन करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक कभी भी ‘भूतपूर्व’ नहीं होता, वह जीवनपर्यंत सैनिक ही रहता है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक सैनिक परिवार से आते हैं और सैनिकों व उनके परिवारों की चुनौतियों को नजदीक से समझते हैं। शहीदों की शहादत की कोई कीमत नहीं हो सकती और राज्य सरकार का दायित्व है कि उनके परिवारों को किसी प्रकार की कठिनाई न होने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अर्द्धसैनिक बलों और शहीदों के परिजनों के सम्मान हेतु अनुग्रह राशि को 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र से अलंकृत वीरों की पुरस्कार राशि एवं वार्षिक अनुदान में भी महत्वपूर्ण वृद्धि की गई है। शहीदों की स्मृति में स्मारक एवं शहीद द्वार निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस वर्ष 10 वीर बलिदानियों की स्मृति में नए स्मारकों की स्वीकृति दी गई है। साथ ही शहीदों के परिजनों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सेना का आधुनिकरण तेजी से हुआ है। भारत आज रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनते हुए कई देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने भारत के स्वदेशी हथियारों की क्षमता को विश्व स्तर पर सिद्ध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट और अन्य गलत गतिविधियों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठा रही है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई है तथा 550 से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर सामाजिक समरसता एवं आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड वीरभूमि भी है, और यहां की धरोहर, संस्कृति तथा परंपरा की रक्षा करना सभी का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण हेतु निरंतर दृढ़ता से कार्य कर रही है।
इस अवसर पर मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दीपा दरमवाल, विधायक राम सिंह कैड़ा, दायित्व धारी डॉ. अनिल डब्बू, शंकर कोरंगा, रेनू अधिकारी, आई जी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के डीआईजी शंकर दत्त पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ मंजूनाथ टीसी, पूर्व अर्धसैनिक संगठन उत्तराखंड के अध्यक्ष एस.एस. कोटियाल, सेवानिवृत्त आईजी एम.एल. वर्मा, एच.आर. सिंह, भानु प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
