व्यवस्थाओं की समीक्षा, महिलाओं-बालिकाओं को गर्म कपड़े व मिठाई की वितरित; सुरक्षा, स्वास्थ्य और इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने केदारपुरम अवस्थित राजकीय नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने सबसे पहले परिसर का भ्रमण किया और यहां पर आवास, सुरक्षा, भोजन, स्वास्थ्य, साफ, सफाई एवं शौचालय संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निकेतन में निवासरत महिलाओं, बालिकाओं एवं अधिकारियों से यहां की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संस्थान में निवासरत महिलाओं, बालक एवं बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिल सके, इसके लिए अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करना सुनिश्चित करें। इस दौरान जिलाधिकारी ने बढ़ती ठंड को देखते हुए निकेतन की महिलाओं, बालिकाओं और शिशुओं को स्वायटर, टोपी इत्यादि गर्म कपडे प्रदान करते हुए मिठाई बांटी। केदारपुरम स्थित निकेतन में 173 बेसहारा, परित्यक्त व शोषित महिलाएं निवासरत है। वहीं बालिका निकेतन में 19 और बाल गृह व शिशु सदन 23 बच्चे रह रहे है। जिन्हें सामाजिक सुरक्षा, आश्रय और अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन, बालिका निकेतन, बाल गृह एवं शिशु सदन हमारे बहुत महत्वपूर्ण संस्थान है। यहां पर बेसहारा, परित्यक्त, शोषित व खास वर्ग के महिलाएं व बच्चे रहते है, जिनको मुख्यधारा मे लाने के लिए अतिरिक्त देखभाल और सलाह की आवश्यकता रहती है। ये लोग किसी न किसी सदमे से प्रभावित हुए है। एक्सपर्ट की मदद से इनको सदमे से बाहर लाते हुए इनके व्यवहार में परिवर्तन कर मुख्यधारा में लाया जा रहा है। निकेतन में इन्फ्रास्ट्रेक्चर, सीवर लाइन, डोरमेट्री से लेकर जो भी आवश्यकताएं है, उसको जिला प्लान और खनन न्यास से पूरा किया जा रहा है। निकेतन की महिलाओं और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से लेकर संतुलित डाइट भी सुनिश्चित की जा रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में निवासरत बेसहारा एवं शोषित महिलाओं व बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले निरीक्षण के दौरान निकेतन में डोर मैट्री भवन स्वीकृत किया गया था, जिसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अगले दो महीनों के भीतर भवन निकेतन को विधिवत् समर्पित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि बालिका निकेतन में निवासरत बालिकाओं के सर्वागीण विकास के लिए खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों निर्देश दिए कि बालिका निकेतन परिसर में एक समुचित खेल मैदान का निर्माण किया जाए। कहा कि खेल मैदान का डिजाइन इस तरह से तैयार किया जाए जिसमें खो-खो, कबड्डी, बैडमिंटन और योग गतिविधियां हो सके। वहीं जिलाधिकारी ने ठंड को ध्यान में रखते हुए शिशु निकेतन के सभी कमरों में ऑयल हीटर लगाने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नारी निकेतन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और सुदृढ़ करने के लिए नारी निकेतन में दो अतिरिक्त होमगार्ड की तैनाती तुरंत प्रभाव से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नारी निकेतन में दो अतिरिक्त नर्सों की नियुक्ति करने और निकेतन के लिए तैनात डॉक्टर को नियमित रूप से निकेतन का विजिट सुनिश्चित कराने को कहा। ताकि महिलाओं की समय-सयम पर स्वास्थ्य जांच हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि निकेतन में बालिकाओं और शिशुओं के समुचित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण स्थिति की जांच तथा समय-समय पर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि आरबीएसके टीम नियमित अंतराल पर निकेतन पहुंचकर बच्चों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण करे और किसी भी बीमारी या कमी की पहचान कर त्वरित उपचार व आवश्यक रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित करे। इस दौरान जिलाधिकारी ने नारी निकेतन में महिलाओं व बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए 11 मोबाइल फोन और सिम की मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की।
जिलाधिकारी ने नारी निकेतन परिसर का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माणाधीन अतिरिक्त भवन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, बालिकाओं एवं शिशुओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अतिरिक्त भवन तैयार होने से नारी निकेतन की क्षमता और सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार होगा।
नारी निकेतन में काउंसलिंग कक्ष के समक्ष शौचालय व स्नानागार, डायनिंग एरिया के शौचालय सुदृढीकरण, मंदिर के चारों ओर ग्रिल कार्य, जिम और प्रयोगात्मक क्षेत्र का समतलीकरण, छत मरम्मत, अलमीरा, रसोई के पीछे फर्स, लॉडरी रूम व नए भवन के पीछे फैसिंग, आलम्बन भवन के मुख्य द्वार का अनुरक्षण, डबल बैटर इनवर्टर लगाने को काम किया जा रहा है। वहीं बालिका निकेतन में अधीक्षक का कार्यालय, स्टोर कक्ष, आंगन, आधुनिक किचन, खिडकियों पर सरिया, गेट, लोहे के दरवाजे, डबल बैटरी इन्वर्टर, समर सेविल हेतु विद्युत संयोजन, भण्डारण कक्ष, छत व फर्स मरम्मत, टिन शेड का काम चल रहा है। शिशु व बाल गृह में कक्ष का पार्टीशन, शौचालय, स्टोर रूम, पार्क के तीनों तरफ सीढियां, तीनों संस्थान को जोड़ने का रास्ता, पार्किंग, फैंसिंग, परिसर में स्थायी मंच निर्माण सहित बच्चों के लिए 20 रजाई, 10 लोहे के बैड, 10 डबल गद्दे आदि काम किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को संचालित सभी कार्याे को जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सहायक निदेशक सूचना बद्री चंद, एसीएमओ डा वंदना सेमवाल, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति नमिता ममगाई आदि सहित ग्रामीण निर्माण विभाग व पेयजल के अधिकारी मौजूद थे।
पोर्टल नहीं खुला तो यूजी, पीजी और 12वीं के कंपार्टमेंट में पास हुए छात्रों को नहीं मिलेगा इस साल दाखिला
विश्वविद्यालयों को स्वायत्ता, नकेल शिक्षा विभाग के हाथ
देहरादून। प्रदेश सरकार भले ही सुदूर गांव के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए सहूलियतें दे रही हो, लेकिन अधिकारी सरकारी प्रयासों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। श्रीदेव सुमन और कुमाऊं विश्वविद्यालय से संबंधित कालेजों में इस बार 12वीं रामनगर और सीबीएसई की कंपार्टमेंट परीक्षाओं में पास होने के बावजूद इन छात्रों को दाखिला नहीं मिलेगा। इसके अलावा कई यूजी और पीजी छात्रों को भी दाखिले से वंचित रहना पड़ सकता है। समर्थ पोर्टल न खुलने से इन छात्रों को दाखिला नहीं मिल रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समर्थ पोर्टल खोलने का अधिकार शिक्षा विभाग के पास है। ऐसे में उच्च शिक्षा विभाग ही पोर्टल खोलने का फैसला लेगा।
कुमाऊं और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं 6 दिसम्बर से शुरू हो रही हैं। परीक्षाएं वही छात्र दे पाएंगे जो कि समर्थ पोर्टल पर पंजीकृत हों। कालेजों का तर्क है कि बैक पेपर, नीट मॉप अप राउंड, सीयूईटी के तहत कालेज मिलने का इंतजार कर रहे छात्रों को अब कुमाऊं और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालयों में भी दाखिला नहीं मिलेगा। इन्हें तभी दाखिला मिल सकेगा जब समर्थ पोर्टल खुलेगा और उच्च शिक्षा विभाग पोर्टल खोलने के लिए तैयार नहीं है।
कालेज प्रबंधन एसोसिएशन ने इस संबंध में शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत से गुहार लगाई थी कि पोर्टल एक दिन के लिए खोल दिया जाएं ताकि छात्रों को समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण किया जा सके। डा. धन सिंह रावत ने उच्च शिक्षा विभाग को पोर्टल खोलने के निर्देश दिये लेकिन पोर्टल नहीं खुला।
इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग में समर्थ पोर्टल के इंचार्ज असिस्टेंट डायरेक्टर दीपक पांडे ने कहा कि 180 दिन पढ़ाई की शर्त भी है। इसके अलावा पोर्टल खोलने न खोलने का फैसला अथारिटी करती है। यदि अथारिटी कहेगी तो पोर्टल खोल दिया जाएगा।
दूसरी ओर विश्वविद्यालय का तर्क है कि विभाग ही पोर्टल खोल सकता है। जबकि कालेजों में दाखिला देना, नियम बनाने और उसका अनुपालन करना और समर्थ पोर्टल भी विश्वविद्याय के दायरे में होना चाहिए। समर्थ पोर्टल पर उच्च शिक्षा विभाग का कब्जा होने से अब सैकड़ों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। बता दें कि शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत कोलकत्ता गये हैं।
देहरादून/दिल्ली। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने अपनी कामयाबी के पीछे पत्नी पाना देवी के योगदान को बताते हुए उन पर लिखी पुस्तक “एक सफर हमसफ़र के साथ” भी उन्हें भेंट की।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने बुधवार को केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री ने अपनी कामयाबी के पीछे पत्नी पाना देवी के योगदान को बताते हुए पत्नी पर लिखी पुस्तक “एक सफर हमसफ़र के साथ” भी उन्हें भेंट की। महाराज ने बताया कि अर्जुन राम मेघवाल की पुस्तक “एक सफर हमसफर के साथ” उनकी पत्नी पाना देवी के जीवन पर आधारित है। इस पुस्तक में, मेघवाल ने अपनी पत्नी के साथ अपने जीवन के अनुभवों और संघर्षों को साझा किया है। उन्होंने अपनी पत्नी की भूमिका को अपने जीवन में बहुत महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि उनकी सफलता में उनकी पत्नी का बहुत बड़ा योगदान है।
महाराज ने बताया कि अर्जुन राम मेघवाल की पत्नी पाना देवी एक साधारण घरेलू महिला हैं, जिन्होंने अपने पति के साथ अपने जीवन को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि जब केन्द्रीय मंत्री मेघवाल पढ़ाई कर रहे थे तो उनके पास स्कूल की फ़ीस देने को पैसे कम पड़ जाते थे उस समय उनकी पत्नी पाना देवी दस्तकारी का काम कर उससे मिलने वाली धनराशि को उन्हें पढ़ने के लिए देते थी। शादी के बाद पति को पढ़ने देने के लिए पाना देवी ने ही बार-बार उन्हें प्रेरित किया और कदम-कदम पर उनका साथ दिया।
केन्द्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा लिखित पुस्तक “एक सफर हमसफर के साथ” निश्चित रूप से अब तक के सफर में उनकी पत्नी के योगदान और समर्पण का एक सम्पूर्ण दस्तावेज है जो सभी के लिए एक प्रेरणा है।
10 दिसंबर से ऑनलाइन आवेदन, 30 दिसंबर आख़िरी तारीख
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने राज्य के विभिन्न विभागों में रिक्त चल रहे पदों को भरने के लिए 57 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने जारी नोटिफिकेशन में मनोवैज्ञानिक, पर्यटन अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर, प्रशिक्षक, अनुदेशक, कैमरामैन, फोटो कॉपी मशीन ऑपरेटर और जूनियर तकनीकी सहायक सहित कई तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों की घोषणा की है।
आवेदन प्रक्रिया 10 दिसंबर 2025 से ऑनलाइन प्रारंभ होगी, जबकि 30 दिसंबर 2025 आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन पत्र में संशोधन का अवसर 3 जनवरी से 5 जनवरी 2026 तक दिया जाएगा।
आयोग के अनुसार, इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 9 मार्च 2026 से प्रस्तावित है। इच्छुक अभ्यर्थी योग्यता, चयन प्रक्रिया और विस्तृत दिशा-निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
पेट दर्द को अक्सर लोग सामान्य गैस, अपच या खानपान की गड़बड़ी का परिणाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हर बार होने वाला पेट दर्द उतना सामान्य नहीं होता। कई बार यह दर्द शरीर के भीतर चल रही गंभीर समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है, जिन पर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो स्थिति खतरनाक भी बन सकती है। पेट वह केंद्र है जहां लिवर, किडनी, पित्ताशय, अग्न्याशय और आंत जैसे कई महत्वपूर्ण अंग मौजूद होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी तरह की गड़बड़ी पेट दर्द के रूप में दिखाई दे सकती है। ऐसे में जरूरी है कि व्यक्ति दर्द की प्रकृति को समझे और समय पर चिकित्सकीय सलाह ले।
1. पित्ताशय में पथरी का संकेत
अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में अचानक तेज दर्द उठे, जो तली-भुनी या भारी चीजें खाने के बाद बढ़ जाए और दर्द कंधे या पीठ तक पहुंचने लगे, तो यह पित्ताशय की पथरी की ओर इशारा करता है। पथरी जब पित्त नलिकाओं में फंस जाती है, तो तीव्र दर्द के साथ मतली और उल्टी भी हो सकती है। ऐसे मामलों में तुरंत चिकित्सा जरूरी है।
2. अपेंडिसाइटिस और आंत्र संबंधी रोग
नाभि के आसपास महसूस होने वाला दर्द यदि धीरे-धीरे दाहिने निचले हिस्से की ओर बढ़कर तेज हो जाए, तो यह अपेंडिसाइटिस हो सकता है—जो एक मेडिकल इमरजेंसी है और त्वरित सर्जरी की मांग करता है।
इसके अलावा, लंबे समय तक लगातार दस्त, कब्ज, या पेट में ऐंठन रहना इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) जैसी गंभीर आंत्र बीमारियों का लक्षण हो सकता है।
3. किडनी स्टोन और पेट के अल्सर का दर्द
तेज, लहरों जैसा और कमर से पेट की ओर फैलने वाला दर्द किडनी स्टोन की ओर संकेत करता है। यह दर्द बेहद तीव्र हो सकता है और कई बार पेशाब में जलन या खून के साथ भी दिखाई देता है।
इसके विपरीत, पेट के ऊपरी हिस्से में खाली पेट बढ़ने वाला जलनयुक्त दर्द अक्सर पेट के अल्सर का लक्षण होता है, जिसे अनदेखा करने पर स्थिति बिगड़ सकती है।
4. कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
यदि पेट दर्द के साथ इनमें से कोई लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
तेज बुखार
उल्टी में खून
मल या पेशाब में खून
लगातार दस्त
अचानक वजन घटना
दर्द का लंबे समय तक बना रहना
सामान्य अपच से होने वाला दर्द जल्द ठीक हो जाता है, लेकिन लगातार या असहनीय दर्द शरीर में किसी गंभीर समस्या की चेतावनी है, जिसे अनदेखा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
नोट:
यह लेख चिकित्सकीय रिपोर्टों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है।
(साभार)
डाॅग स्क्वाड तथा एएनटीएफ टीम के साथ पुलिस की अलग-अलग टीमो द्वारा कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत लक्खी बाग, रीठा मंडी, सिंगल मंडी, कुसुम विहार आदि क्षेत्रों में वृहद स्तर पर चलाया गया सत्यापन अभियान
किरायेदार सत्यापन में लापरवाही पर 30 मकान मालिकों पर 3 लाख का जुर्माना
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर जनपद में संदिग्ध व्यक्तियों और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर सत्यापन एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 3 दिसंबर 2025 को कोतवाली पुलिस ने एनएनटीएफ टीम और डॉग स्क्वाड के साथ मिलकर लक्खीबाग, रीठामंडी, सिंगल मंडी, कुसुम विहार सहित आसपास के क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया।
अभियान के दौरान पुलिस टीम ने क्षेत्र में घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश की, साथ ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों से संबंधित जानकारी जुटाई। पुलिस ने बाहरी राज्यों से आए लोगों, किरायेदारों और अस्थायी रूप से रहने वाले व्यक्तियों का सत्यापन किया।
चेकिंग के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। किरायेदार सत्यापन न कराने पर 30 मकान मालिकों के खिलाफ धारा 83 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा संदिग्ध रूप से घूम रहे चार लोगों से पूछताछ की गई और सत्यापन पूरा करने के बाद 81 पुलिस अधिनियम में चालान कर 1,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जनपदभर में यह सत्यापन और चेकिंग अभियान लगातार जारी है, ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और भी अधिक सुदृढ़ की जा सके।
अश्विनी वैष्णव बोले – डीपफेक वीडियो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा
नई दिल्ली। सूचना एवं प्रसारण, आईटी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि फर्जी खबरें और एआई से बने डीपफेक वीडियो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने इन पर रोक लगाने और फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि फेक न्यूज और एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो केवल झूठी जानकारी नहीं हैं, बल्कि ये लोकतांत्रिक संस्थाओं और समाज में भ्रम फैलाने वाला बड़ा खतरा हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग और समूह ऐसी सामग्री फैलाते हैं, वे भारतीय कानून का पालन नहीं करते, इसलिए उन पर कार्रवाई अनिवार्य है।
वैष्णव ने संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे द्वारा दी गई सिफारिशों की सराहना की और कहा कि समिति के सुझावों के आधार पर सरकार नए नियम तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फेक न्यूज पर नियंत्रण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है।
मंत्री ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी गेम्स पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इसे रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे अवैध कार्यों के खिलाफ कदम उठाने से सरकार कभी पीछे नहीं हटती। इसके अलावा, कुछ टीवी चैनलों द्वारा झूठी खबरें दिखाने के आरोपों पर उन्होंने बताया कि सरकार और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया शिकायतों की जांच करते हैं और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाती है।
अंत में, वैष्णव ने फेक न्यूज और डीपफेक वीडियो के खिलाफ एक मजबूत निगरानी और नियंत्रण प्रणाली बनाने के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित किया।
बिग बॉस 19 का फिनाले 7 दिसंबर को, दर्शकों को विजेता का इंतजार
‘बिग बॉस 19’ अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है और फिनाले से ठीक पहले घर में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। टॉप 5 फाइनलिस्ट तय होने से पहले ही शो में एक चौंकाने वाला मिड-वीक एविक्शन हुआ, जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। मंगलवार को वोटिंग के बाद आखिरकार एक प्रतिभागी का सफर अचानक खत्म हो गया है।
मालती चाहर का बिग बॉस सफर खत्म
इस सप्ताह नॉमिनेशन में प्रणित मोरे, अमाल मलिक, फरहाना भट्ट, तान्या मित्तल और मालती चाहर का नाम शामिल था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रेस से मालती चाहर बाहर हो चुकी हैं। ‘फिल्म विंडो’ नामक सोशल मीडिया पेज, जो ‘बिग बॉस’ अपडेट्स देता है, ने पुष्टि की है कि मालती को घर से बेघर कर दिया गया है।
एविक्शन फायर-पिट टास्क से हुआ
मिड-वीक एलिमिनेशन के लिए बिग बॉस ने इस बार एक अनोखा टास्क कराया। गार्डन एरिया में सभी नॉमिनेटेड कंटेस्टेंट्स को अपनी-अपनी फोटो फायर पिट में डालने को कहा गया। बिग बॉस ने नियम बताते हुए कहा—जिसकी तस्वीर डालने पर लाल बत्ती जलेगी, वही घर से बाहर होगा। जैसे ही मालती ने अपनी फोटो पिट में डाली, लाल रोशनी जल उठी और उनका सफर यहीं समाप्त हो गया। यह एविक्शन पूरे घर के लिए एक शॉकिंग पल रहा।
अब कौन-कौन हैं फाइनल की दौड़ में?
एविक्शन के बाद घर में सिर्फ पांच प्रतियोगी बचे हैं—
प्रणित मोरे, तान्या मित्तल, अमाल मलिक, फरहाना भट्ट और गौरव खन्ना।
इन्हीं में से एक को मिलेगा ‘बिग बॉस 19’ का ताज।
फिनाले कब और कहां देख पाएंगे?
‘बिग बॉस 19’ का ग्रैंड फिनाले 07 दिसंबर 2025 को होने जा रहा है।
टीवी टेलीकास्ट: रात 10:30 बजे कलर्स चैनल पर
ओटीटी लाइव स्ट्रीमिंग: रात 9 बजे जियो हॉटस्टार पर
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर किसके सिर सजेगी सीजन 19 की चमकदार ट्रॉफी।
(साभार)
वन विभाग ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल टाइमिंग एक घंटा आगे बढ़ाने का अनुरोध किया
देहरादून। राज्य में लगातार बढ़ रहे भालू-हमलों को देखते हुए वन विभाग ने बड़ी पहल की है। गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में प्रभावित लोगों को 10 लाख रुपये तक की अनुग्रह सहायता देने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साथ ही जिन इलाकों में भालुओं की गतिविधि और हमलों में तेजी आई है, वहां जैव विविधता बोर्ड और वन अनुसंधान संस्थान के जरिए विस्तृत अध्ययन कराने की भी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में मानव–वन्यजीव संघर्ष को रोकने और प्रभावितों को त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिकारियों ने बताया कि गांवों में जागरूकता कार्यक्रमों, झाड़ियों की कटान और ट्रैकिंग के लिए अतिरिक्त मानव बल की आवश्यकता है। पीसीसीएफ मिश्रा ने निर्देश दिए कि वनाग्नि और मानव–वन्यजीव संघर्ष दोनों बड़ी चुनौतियां हैं, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमों के अनुरूप पर्याप्त वॉचर नियुक्त किए जाएं।
बैठक में यह भी बताया गया कि भालू या अन्य वन्यजीवों के हमले में घायल व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था विभाग करता है, लेकिन कई बार गांव में रुकने और तत्काल सहायता पर अतिरिक्त व्यय आता है। अधिकारियों ने इस खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए विशेष प्रावधान बनाने का अनुरोध किया।
स्कूल का समय बदलने की सिफारिश भी
गढ़वाल वन संरक्षक ने जानकारी दी कि रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के कई इलाकों में स्कूल खुलने के समय भालू देखे जा रहे हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा बढ़ रहा है। इस पर वन विभाग ने जिला प्रशासन से स्कूलों का समय एक घंटा आगे बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध किया है, ताकि बच्चे सुरक्षित समय में स्कूल आ-जा सकें।
बैठक में पीसीसीएफ एस.बी. सुबुद्धि, अपर प्रमुख वन संरक्षक मीनाक्षी जोशी, सुशांत पटनायक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रांची जीत के बाद टीम इंडिया का आत्मविश्वास मजबूत
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानि बुधवार को रायपुर में खेला जाएगा। रांची में पहला मैच जीतकर बढ़त बना चुकी टीम इंडिया अब इस मैच में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने की मजबूत कोशिश करेगी। मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि भारतीय टीम प्लेइंग-11 में बदलाव करती है या पहली जीत के बाद उसी संयोजन के साथ उतरने का फैसला लेती है। विराट कोहली, रोहित शर्मा और कप्तान केएल राहुल की शानदार फॉर्म ने टीम को मजबूती दी है, लेकिन यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़ और वाशिंगटन सुंदर से उम्मीदें अभी बाकी हैं।
पहले मैच की रणनीति में बदलाव की उम्मीद कम
भारत ने रांची में पहले वनडे में तीन स्पिनर और तीन तेज गेंदबाजों के संयोजन के साथ मैदान में उतरकर दक्षिण अफ्रीका को 17 रन से हराया था। ऋषभ पंत को आराम देकर ऋतुराज को मौका मिला था, जबकि ऑलराउंडर स्लॉट में वाशिंगटन सुंदर को नीतीश रेड्डी पर तरजीह दी गई थी। टीम मैनेजमेंट इस मैच में बड़े बदलाव करने के मूड में नहीं दिख रही है। हालांकि, यदि बेंच स्ट्रेंथ आजमाने का मन बना तो ऋतुराज की जगह ऋषभ पंत की वापसी संभव है।
युवा बल्लेबाजों की फॉर्म बनी चिंता
एक ओर रोहित और कोहली मजबूत पिलर की तरह प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं युवा बल्लेबाजों की विफलता टीम की चिंता बढ़ा रही है। गायकवाड़ को चौथे नंबर पर भेजा गया था, लेकिन वह लय हासिल नहीं कर सके। वाशिंगटन सुंदर को एक बार फिर परिवर्तनशील बल्लेबाजी क्रम में भेजा गया, पर वह भी प्रभाव नहीं छोड़ पाए। गेंदबाजी में सुंदर सिर्फ तीन ओवर ही डाल सके और 18 रन दे बैठे। ऐसे में प्रबंधन उन्हें और मौके देने के पक्ष में दिख रहा है।
कोहली-रोहित पर बड़ी जिम्मेदारी
वनडे क्रिकेट में अब इन दोनों दिग्गजों को सीमित ही देखा जाता है, इसलिए उनका हर प्रदर्शन अहम होता है। पहले मैच में कोहली के 52वें वनडे शतक और रोहित शर्मा की 57 रन की महत्वपूर्ण पारी के दम पर टीम इंडिया को जीत मिली थी। सीरीज का यह दूसरा मैच भी काफी हद तक इन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों पर निर्भर रहने वाला है, क्योंकि यही टीम को शुरू में स्थिरता और बाद में बड़ा स्कोर देने का आधार प्रदान करते हैं।
दक्षिण अफ्रीका में दो बड़े बदलाव संभव
पहले मैच में आराम दिए गए कप्तान तेम्बा बावुमा और स्पिनर केशव महाराज की वापसी की पूरी संभावना है। यदि बावुमा लौटते हैं तो टॉप ऑर्डर में टोनी डि जॉर्जी या ब्रिट्जके में से किसी एक को बाहर बैठना पड़ सकता है। इन दोनों की मौजूदगी से दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी और गेंदबाजी संतुलन में सुधार आएगा।
रायपुर का रिकॉर्ड भारत के पक्ष में
रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम ने भारत को अब तक शानदार नतीजे दिए हैं। जनवरी 2023 में यहां खेले गए एकमात्र वनडे में मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज की धारदार गेंदबाजी ने न्यूजीलैंड को सिर्फ 108 रन पर समेट दिया था और भारत ने मुकाबला आठ विकेट से जीत लिया था। इस मैदान पर टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है।
मैच से जुड़ी जरूरी जानकारी
दूसरा वनडे कब?
03 दिसंबर, बुधवार
कहां खेला जाएगा?
शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम, रायपुर
कितने बजे शुरू होगा?
दोपहर 1:30 बजे से (टॉस 1:00 बजे)
कहां देख सकते हैं?
स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप
