ब्रिटिश कालीन रास्ता बंद करने पर हाईकोर्ट सख्त, पंगोट के ग्रामीणों को मिले न्याय के संकेत..
उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले के पंगोट क्षेत्र के बुढ़ पंगोट गांव में ब्रिटिश कालीन पैदल रास्ता बंद किए जाने पर वन विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने शुक्रवार को हुई सुनवाई में सम्बंधित डीएफओ को निर्देश दिया कि वे शनिवार तक ग्रामीणों के लिए रास्ता खोलें और इसकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश करें। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई शनिवार यानि को भी जारी रखने के आदेश दिए हैं, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
बर्ड सेंचुरी के नाम पर रास्ता बंद करने का आरोप..
बुढ़ पंगोट निवासी याचिकाकर्ता भावना और प्रेमलता बुधलाकोटी ने जनहित याचिका में आरोप लगाया है कि यह रास्ता एक पारंपरिक वन-वे (बटिया) है, जो गांव के निवासियों की आवाजाही का एकमात्र साधन रहा है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बाद में इस क्षेत्र को बर्ड सेंचुरी घोषित कर रास्ते को बंद कर दिया गया, जबकि वन विभाग ने एक बिल्डर को अवैध लाभ पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की। याचिका में यह भी उल्लेख है कि संबंधित बिल्डर ने वन भूमि पर अवैध सड़क का निर्माण भी कर लिया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि पूर्व में भी वन विभाग ने इसी तरह का निर्णय लेकर एक अन्य गांव का रास्ता बंद कर दिया था। उसको भी कोर्ट ने खोलने के आदेश दिए थे। याचिका में आगे कहा गया कि उनके वहां कई तरह के मरीज हैं। रास्ता बंद होने के कारण वे लोग उपचार करने के लिए गांव से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। इसलिए इस प्रतिबंध को हटाया जाये।
उत्तराखंड हाईकोर्ट में बुढ़ पंगोट के ग्रामीणों द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान वन विभाग के डीएफओ ने कोर्ट में पेश होकर विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि विवादित रास्ता एनजीटी के आदेश के तहत बंद किया गया है। इस पर ग्रामवासियों की ओर से तीखा विरोध जताया गया, जिनका कहना है कि वे न सिर्फ प्रकृति प्रेमी हैं, बल्कि जंगल की संरक्षा और अग्निशमन कार्यों में सबसे आगे रहते हैं। ग्रामीणों ने कोर्ट को बताया कि यह रास्ता उनकी रोज़मर्रा की ज़रूरतों से जुड़ा है और उसे बंद करके उनके अधिकारों का हनन किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी तर्क दिया कि जब जंगल में आग लगती है, तो सबसे पहले वही लोग फर्स्ट फायरमैन की भूमिका निभाते हैं, जबकि अधिकारी बाद में पहुंचते हैं। मामले की सुनवाई आज शनिवार को भी जारी है।
बता दे उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित पंगोट एक बेहद खूबसूरत और शांत पहाड़ी गांव है, जो पक्षी प्रेमियों, ट्रेकर्स और नेचर फोटोग्राफर्स के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। बर्ड सेंचुरी के रूप में प्रसिद्ध यह क्षेत्र 25 से अधिक विलक्षण पक्षी प्रजातियों का घर है, जिसे देखने देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं। पंगोट से नज़दीक ही जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का रास्ता भी खुलता है, जिससे इसका पर्यटन महत्व और बढ़ जाता है। खासकर गर्मी के मौसम में, जब शहरों की तपिश से राहत की तलाश होती है, पंगोट एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन बनकर उभरता है।