लाइन से मुक्ति, घर से अपॉइंटमेंट, आभा आईडी को मरीजों ने बताया सुविधाजनक
जनवरी में शुरू डिजिटल व्यवस्था, दून अस्पताल की ओपीडी में दिखा सकारात्मक बदलाव
आभा आईडी से आसान हुई प्रक्रिया, 60-70 प्रतिशत मरीजों ने अपनाया डिजिटल विकल्प
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लागू की गई डिजिटल आभा आईडी प्रणाली मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जनवरी माह से संचालित इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज घर बैठे आभा आईडी ऐप द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण (पर्चा) बना सकते हैं।
दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओपीडी मरीजों की आवक को देखते हुए आभा आईडी प्रणाली लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने में सहायक बन रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि पंजीकरण प्रक्रिया भी सरल एवं सुव्यवस्थित हुई है। विगत एक माह में अस्पताल में कुल पंजीकरण का लगभग 60 से 70 प्रतिशत आभा आईडी के माध्यम से किया जा रहा है।
दूर-दराज क्षेत्रों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज सीधे संबंधित ओपीडी तक पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा एवं असुविधा से राहत मिल रही है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल में आभा आईडी के साथ-साथ पूर्व की भांति ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी संचालित है, जिससे वे मरीज जो अभी आभा आईडी से जुड़े नहीं हैं, पूर्ववत् उपचार सुविधा प्राप्त कर रहे हैं।
जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह डिजिटल व्यवस्था न केवल पंजीकरण को सरल बना रही है, बल्कि मरीजों का सम्पूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित कर रही है। इसके परिणामस्वरूप मरीजों को प्रत्येक बार अपनी व्यक्तिगत जानकारी पुनः दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं होती। जांच रिपोर्ट एवं दवाइयों का विवरण भी ऐप के माध्यम से सुलभ हो रहा है।
ओपीडी में उपचार कराने आई मरीज संगीता बडोला ने आभा ऐप से मिल रही सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा से उन्हें समय की बचत हो रही है और वे निर्धारित समय पर उपचार प्राप्त कर पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि राज्य सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के माध्यम से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में संरक्षित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था से सुगमता आई है। विगत एक माह से संचालित इस प्रणाली के अंतर्गत प्रतिदिन 60 से 70 प्रतिशत पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे मरीजों को त्वरित एवं सुगम उपचार सुविधा उपलब्ध हो रही है।
आनंदी देवी को पेंशन और अशोक को स्वरोजगार; सतपुली तहसील दिवस में जिलाधिकारी ने दिखाई संवेदनशीलता
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को सतपुली में आयोजित तहसील दिवस जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बना। तहसील दिवस में कुल 44 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को एक पखवाड़े के भीतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक प्रकरण की व्यक्तिगत निगरानी की जाएगी।
तहसील दिवस में विधवा आनंदी देवी का पेंशन प्रकरण सामने आया , जिस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी को आज ही केवाईसी पूर्ण कर पेंशन स्वीकृत करने को कहा। इसके अलावा दिव्यांग अशोक कुमार द्वारा स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता की मांग पर जिलाधिकारी ने जिला उद्योग महाप्रबंधक को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत आज ही आवेदन पत्र भरवाकर योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाय। नगर पंचायत में सुपरवाइजर पद पर तैनात हर्षवर्धन गौड़ को अक्टूबर से जनवरी तक वेतन न मिलने के प्रकरण में जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को 28 फरवरी तक भुगतान सुनिश्चित करने को कहा तथा अन्यथा आर.सी. के माध्यम से वसूली की चेतावनी दी।
तहसील दिवस में राष्ट्रीय राजमार्ग 534 के चौड़ीकरण से क्षतिग्रस्त हैंडपंप, पाइपलाइन तथा अन्य परिसंपत्तियों से संबंधित शिकायतें प्रमुखता से आईं, जिन पर जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए ऐसी परिसंपत्तियों को प्राथमिकता से दुरुस्त करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को असुविधा न हो। साथ ही सड़कों के मुआवजे के प्रकरणों पर लोक निर्माण विभाग एवं पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को संबंधित प्रकरणों का व्यक्तिगत संज्ञान लेकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने डांडा बग्याली मोटर मार्ग निर्माण से क्षतिग्रस्त जल संस्थान की पाइपलाइन की शिकायत पर संबंधित निर्माणदायी एजेंसी को 15 मार्च तक हर हाल में मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सार्वजनिक शौचालय सतपुली की नियमित सफाई व्यवस्था के संबंध में ईओ द्वारा अवगत कराया गया कि आज सफाई करवा दी गई है तथा आगे भी इसे सुनिश्चित किया जाएगा। जल निगम को ज्वाल्पा पंपिंग योजना एवं भूमियांडांडा पंपिंग योजना का कार्य 28 फरवरी तक पूर्ण करने तथा नौगांवखाल-तुमाखाल मोटर मार्ग पर उखड़े डामरीकरण को 15 मार्च तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही रैतपुर मल्ला निवासी पंचम सिंह की कई वर्षों से खराब विद्युत मीटर एवं बिल न आने की शिकायत पर विद्युत विभाग को एक सप्ताह के भीतर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्रदीप डोबरियाल के वन पंचायत के माध्यम से पर्यटक भवन निर्माण संबंधी प्रकरण पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
खतौनी में नाम परिवर्तन से संबंधित मामलों में राजस्व विभाग को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग 534 के मलबे से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली की दीवार का पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से अस्पताल की आवासीय कॉलोनी को खतरा होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने तीन दिन में एनएच श्रीनगर को दीवार मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त महिला मिलन केंद्र एकेश्वर को जिला योजना में प्रस्तावित करने तथा सोलर लाइट संबंधी शिकायतों पर पांच सोलर लाइट मौके पर ही स्वीकृत की। साथ ही उन्होंने छोटी मांग आधारित शिकायतों के प्रस्ताव तैयार कर उन्हें जिला योजना में शामिल करने के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, ब्लॉक प्रमुख पंकज बिष्ट, पौड़ी वन प्रभाग महातिम यादव, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, उपजिलाधिकारी सतपुली रेखा आर्य सहित सभी जिला, ब्लॉक तथा तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की सख्ती से अटकफार्म में हटाया गया अवैध अतिक्रमण
देहरादून। जिला प्रशासन की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से ग्राम अटक फार्म, परगना पछवादून, तहसील विकासनगर में 15 वर्षों से लंबित भूमि विवाद का समाधान हो गया। प्रशासन ने विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत आवंटित आवासीय भूखंड पर पात्र लाभार्थियों को कब्जा दिलाया। भूमि का कब्जा मिलने के बाद लाभार्थी महिला अपने भाई के साथ जिलाधिकारी से मिलीं और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
यह मामला टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की टिहरी बांध परियोजना के अंतर्गत विस्थापित परिवारों को आवंटित आवासीय भूखंडों से जुड़ा था। अटकफार्म, सेलाकुई, विकासनगर स्थित भूखंड संख्या-29 पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
संयुक्त जांच के बाद हटाया गया अतिक्रमण
जिलाधिकारी के आदेश पर उप जिलाधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त जांच टीम गठित की गई, जिसमें तहसील विकासनगर के सर्वे लेखपाल, सर्व कानूनगो, राजस्व उपनिरीक्षक (पुनर्वास), राजस्व निरीक्षक (पुनर्वास) और सहायक अभियंता (पुनर्वास) शामिल रहे। टीम ने पुनर्वास स्थल अटकफार्म में स्थलीय निरीक्षण कर भूखंड संख्या 15, 16, 17, 27, 28 और 29 का स्वीकृत नक्शों एवं राजस्व अभिलेखों से मिलान किया।
जांच में स्पष्ट हुआ कि ये भूखंड खसरा संख्या 301, 302 और 303 के भाग हैं, जिन्हें टिहरी बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास हेतु खरीदा गया था। संयुक्त जांच में यह भी सामने आया कि स्वर्गीय कुंदन लाल जोशी के वारिसों द्वारा भूमि पर अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी।
प्रशासन की सख्ती, लाभार्थियों को मिला हक
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अवैध कब्जा तत्काल हटाने के निर्देश दिए। प्रशासन की निगरानी में खसरा संख्या 301, 302 और 303 से अतिक्रमण हटवाकर भूखंड संख्या-29 सहित संबंधित भूखंडों पर शिकायतकर्ता सुमेरचंद्र एवं अन्य लाभार्थियों को विधिसम्मत रूप से कब्जा सौंपा गया।
भूमि पर वैध अधिकार मिलने के बाद लाभार्थी दंपति ने जिलाधिकारी से भेंट कर मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र लाभार्थियों के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और भूमि कब्जाने वालों व भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एसएसपी दून के निर्देशो पर चलाये जा रहे सत्यापन/चैकिंग अभियान के दौरान पुलिस को त्यूनी बाजार में बदहवास हालत में घूमता हुआ मिला था एक बालक
पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही कर मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक के परिजनों को ढूंढकर बालक को किया परिजनों के सुपुर्द
लगभग 01 माह पूर्व घर से बिना बताये निकल गया था बालक, सुनने तथा बोलने में है असमर्थ
बालक की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने दून पुलिस का किया आभार व्यक्त
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के क्रम में जनपदभर में चलाए जा रहे सघन चेकिंग एवं सत्यापन अभियान के तहत उत्तराखण्ड पुलिस को एक सराहनीय सफलता मिली है। अभियान के दौरान त्यूनी क्षेत्र में पुलिस टीम को एक 15–16 वर्षीय बालक असहाय और परेशान अवस्था में घूमता हुआ मिला।
पुलिस द्वारा बातचीत का प्रयास किए जाने पर यह सामने आया कि बालक सुनने और बोलने में असमर्थ है, जिससे उसकी पहचान और जानकारी तत्काल प्राप्त नहीं हो सकी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस टीम बालक को थाना त्यूनी ले आई।
सोशल मीडिया से मिली सफलता
बालक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की और आसपास के थानों व जनपदों को सूचित किया। लगातार प्रयासों के बाद यह जानकारी मिली कि बालक के परिजन मोड़ा गांव में रहते हैं, जो मोरी थाना क्षेत्र, उत्तरकाशी के अंतर्गत आता है।
परिजनों को सौंपा गया बालक
पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर 17 फरवरी 2026 को उन्हें थाना त्यूनी बुलाया, जहां सभी आवश्यक औपचारिकताओं के बाद बालक को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया। पूछताछ में परिजनों ने बताया कि बालक मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ नहीं है तथा सुनने-बोलने के साथ-साथ समझने में भी असमर्थ है। वह करीब एक माह पूर्व घर से बिना बताए निकल गया था, जिसकी तलाश परिजन लगातार कर रहे थे।
पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना
बालक को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने उत्तराखण्ड पुलिस की तत्परता और मानवीय कार्यप्रणाली की खुले दिल से प्रशंसा की तथा दून पुलिस का आभार व्यक्त किया।
मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद हुआ छात्र का शव
हरिद्वार। हरिद्वार जनपद के रुड़की स्थित नगर निगम घाट पर गंगा नदी में डूबे IIT छात्र का शव बरामद कर लिया गया है। यह हादसा 11 फरवरी 2026 को सामने आया था, जिसके बाद राहत एवं बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
सूचना मिलते ही SDRF, NDRF तथा जिला पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर गंगा नदी में व्यापक खोज अभियान चलाया। कई दिनों तक चले इस ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया।
16 फरवरी को सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने स्वयं घटनास्थल और सर्च क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत दलों को आपसी समन्वय के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। सर्च ऑपरेशन में सोनार सिस्टम, अंडरवाटर ड्रोन और डीप डाइविंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नदी के गहरे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार तलाश की गई।
लगातार प्रयासों के बाद 17 फरवरी 2026 को छात्र का शव मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद किया गया। शव की शिनाख्त परिजनों द्वारा कर ली गई है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया फ्लैग ऑफ
मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों को दिलाई सड़क सुरक्षा की शपथ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित 5 किलोमीटर दौड़ का फ्लैग ऑफ किया। विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने इस दौड़ में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करना एवं पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, सविता कपूर एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
निर्मल बाग और हरिद्वार रोड क्षेत्र में सख्त कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर उन पर सीलिंग की कार्रवाई की। इस दौरान निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक विस्थापित क्षेत्र तथा हरिद्वार रोड के आसपास अवैध रूप से खड़े किए जा रहे निर्माणों को बंद कराया गया
प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों को दरकिनार कर किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कार्यवाही सम्पन्न कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी और जिन निर्माणों को पूर्व में नोटिस दिए गए थे, उन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निर्मल बाग से हरिद्वार रोड तक सीलिंग अभियान
एमडीडीए द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत सबसे पहले गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी ऋषिकेश में अमर द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को चिन्हित कर उस पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र एवं आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था।इसके बाद गली नंबर 11, निर्मल ब्लॉक-बी पशुलोक विस्थापित क्षेत्र में सुमित मल्होत्रा एवं बाबा राम मोहन द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर पुनः सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार पूर्व में चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया था, जिसके चलते दोबारा कठोर कदम उठाया गया। गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी पशुलोक ऋषिकेश में जय चौहान द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी पुनः सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों को किसी भी परिस्थिति में नियमित नहीं किया जाएगा और कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है। इसी क्रम में निकट पुरानी चुंगी, हरिद्वार रोड ऋषिकेश में आलोक एवं संजय गोयल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील कर दिया गया। यह क्षेत्र व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां अनधिकृत निर्माण से यातायात एवं नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी।
अधिकारियों की मौजूदगी में सख्त कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान
उक्त संपूर्ण कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में की गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया और नियमानुसार सीलिंग प्रक्रिया पूर्ण कराई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल नगर नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में आपदा और सुरक्षा संबंधी खतरे भी उत्पन्न कर सकते हैं। विशेषकर ऋषिकेश जैसे तीर्थ एवं पर्यटन नगर में अनियंत्रित निर्माण से यातायात दबाव, पार्किंग संकट और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति एवं आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति निर्माण करने वालों के विरुद्ध सीलिंग, ध्वस्तीकरण एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में प्राधिकरण क्षेत्र में विशेष सर्वे अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की पहचान की जाएगी और उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऋषिकेश क्षेत्र में हुई इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि एमडीडीए अब अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। प्रशासन का संदेश साफ है नियमों का पालन करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी करने और पर्याप्त अवसर देने के बाद ही सीलिंग एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन नगर में अनियोजित निर्माण भविष्य में बड़ी समस्या बन सकते हैं। इसलिए प्राधिकरण ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कार्य कर रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति अवश्य लें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन निर्माणकर्ताओं को पूर्व में नोटिस दिए गए थे और फिर भी कार्य जारी रखा गया, उन पर पुनः सीलिंग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही प्रदेश में स्पोर्ट्स स्कूल खिलाड़ियों को तैयार करते दिखाई देंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभाग को इस कॉन्सेप्ट पर तेजी से काम करने की निर्देश दिए हैं ताकि छोटी उम्र से बच्चों को खेल पर फोकस कराया जा सके।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए यह जरूरी है कि छोटी उम्र से बच्चों को खेल का विशेष प्रशिक्षण मिले। उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास 14 स्पोर्ट्स हॉस्टल हैं लेकिन यह पुराना कॉन्सेप्ट आज की जरूरत के हिसाब से उतना कारगर नहीं है। इसलिए इन स्पोर्ट्स हॉस्टल को स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित किया जाए, जहां 6 साल की उम्र से बच्चे खेल के मैदान में रच बस सकें।
बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को भी इस तरह के स्कूल शुरू करने के लिए सरकारी मदद कैसे दी जाएगी, इसका प्रस्ताव तैयार करें । साथ ही स्पोर्ट्स नर्सरी बनाने का प्रस्ताव भी अधिकारी जल्द तैयार करें।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि “एक जनपद एक खेल” परिकल्पना के तहत हर जिले में ज्यादा प्रचलित खेल को उस जनपद की पहचान के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए भी प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फिट उत्तराखंड ऐप पर अभी तक प्रदेश के हर उम्र के 1 लाख 22 हजार से ज्यादा एथलीट रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस ऐप पर यह लोग अपनी खेल गतिविधियों के जो वीडियो अपलोड कर रहे हैं, इन वीडियो का विश्लेषण कर इन्हें ऑनलाइन कोचिंग देने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि अग्नि वीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र या ओपन जिम के लिए स्कूल कॉलेज के ग्राउंड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी के खेल विश्वविद्यालय में इसी जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी की जाए।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा प्रबंधन पर व्यापक चर्चा, पुलिस प्रशासन ने साझा की रणनीति
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ‘अतिथि देवो भवः’ के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियों शुरू
प्रशासन का संकल्पः श्रद्धालुओं को मिले सरल, सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सोमवार को ट्रांजिट कैम्प, ऋषिकेश में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को प्रस्तुत किया। बैठक में गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी मौजूद थे।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प ‘अतिथि देवो भवः’ के अनुरूप चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 तथा श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
आयुक्त ने कहा कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों द्वारा उठाई गई व्यवहारिक समस्याओं के समाधान हेतु अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुतियाँ प्राप्त होते ही एक-दो दिवस के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
होटल एसोसिएशन की मांग पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, यद्यपि प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने हेतु न्यूनतम पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन की मांग पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को ही प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से किराए पर सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकृत वाहन संचालकों के हितों की रक्षा हो तथा यात्रियों की सुरक्षा एवं व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। डंडी-कंडी संचालकों के साथ हुई वार्ता में आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उनके पंजीकरण, सत्यापन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान होटल एसोसिएशन द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को समय पर प्रारंभ करने, चारों धाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देने, होटल बुकिंग कराने वाले यात्रियों को वरीयता प्रदान करने तथा पंजीकरण प्रणाली को अधिक सुगम बनाने के सुझाव दिए गए। वहीं टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन ने बाहरी ट्रेवल एजेंसियों के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने एवं निजी वाहनों द्वारा सवारी ढोने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
गढ़वाल आयुक्त ने सभी स्टेक होल्डर्स को आश्वस्त किया कि उनके महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाकर चारधाम यात्रा को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाएगा तथा यात्रा के सफल संचालन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अपर आयुक्त प्रशासन उत्तम सिंह चौहान, सभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून संदीप सैनी, उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, नियंत्रक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मन महोन सिंह रावत, अध्यक्ष चारधाम एशोसिएशन राजेश मेहता, शैलेन्द्र मठूडा, शैलेश ध्यानी, सचिव होटल एशोसिएशन मनोज सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, बीपी नैथानी, सुभाष सिंह, धीरज सेमवाल, अनिल कुमार, विनोद डिमरी, अमर बेलवाल सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं होटल एशोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स व डंडी-कडी संचालकों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा
देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
मीता राजीव लोचन ने बताया कि उत्तराखंड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि उपयोग, होम स्टे, उद्यमिता और श्रम सुधार के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फेज-2 के तहत राज्य के लिए भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति हेतु सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण और पर्यटन क्षेत्र में नवाचार सहित कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। इनका उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों से संबंधित प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृति देने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू कर निवेश को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने बताया कि राज्य का विनिर्माण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में 26 प्रतिशत योगदान दे रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस क्षेत्र का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किया जा रहा है। कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, बेहतर जीवन गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण के कारण उत्तराखंड निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। निवेश बढ़ाने के लिए नियमों को निवेशकों के अनुकूल बनाया जा रहा है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का समयबद्ध और समन्वित ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे राज्य में निवेश का माहौल और अधिक सरल और अनुकूल बनाया जा सके।
बैठक में केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अदांकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
