मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधवा शांति राणा को बड़ी राहत
देहरादून। पति की आकस्मिक मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी, बैंक ऋण और तीन बच्चों की जिम्मेदारी से जूझ रही विधवा शांति राणा को जिला प्रशासन ने मानवीय संवेदनाओं के साथ बड़ी राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता राशि शांति राणा के बैंक खाते में हस्तांतरित कर उनका ऋण भार समाप्त कराया है। इसके साथ ही उनकी 8वीं कक्षा में अध्ययनरत पुत्री अंशिका की कक्षा 12वीं तक की शिक्षा सुनिश्चित करते हुए 1.62 लाख रुपये की फीस एकमुश्त संबंधित स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई है, जिससे परिवार को भविष्य की बड़ी चिंता से मुक्त किया गया है।
नवंबर माह में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शांति राणा ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया था कि उनके पति मनबहादुर ने परिवार की आजीविका के लिए ई-रिक्शा खरीदने हेतु 3,72,600 रुपये का बैंक ऋण लिया था। दुर्भाग्यवश एक सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा। वर्तमान में शांति राणा की 12 वर्षीय पुत्री अंशिका, 5 वर्षीय पुत्र अक्षय और एक किशोर पुत्र है। सीमित संसाधनों के कारण वह बैंक ऋण की किश्तें जमा करने में असमर्थ थीं।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कर त्वरित राहत सुनिश्चित की गई। जांच के उपरांत जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड से 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान कर बैंक ऋण का पूर्ण निस्तारण कराया। साथ ही अंशिका की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए कक्षा 12वीं तक की फीस अग्रिम रूप से स्कूल प्रबंधन के खाते में जमा कराई गई।
इसके अतिरिक्त शांति राणा को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा लाभों और अन्य सहायता से आच्छादित किया जाए, ताकि भविष्य में स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को संकट की घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मानचित्र स्वीकृति के बिना किए जा रहे निर्माणों पर ज़ीरो टॉलरेंस, सीलिंग अभियान रहेगा लगातार जारी
देहरादून- प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड एवं अन्य क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे अवैध निर्माणों पर सख़्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई है।
प्राधिकरण द्वारा सहस्त्रधारा रोड स्थित डिफेन्स एन्क्लेव, डांडा नूरीवाला क्षेत्र में आयुष तलनिया एवं सुशील तलनिया द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को चिन्हित किया गया था। जांच में निर्माण को नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस निर्गत किए गए थे। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर एवं वैध मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने के कारण उक्त अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्यवाही की गई। इसी क्रम में लेन संख्या-01, एकता विहार, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में अरुण चड्ढा द्वारा किए गए अवैध निर्माण को भी प्राधिकरण की टीम द्वारा सील किया गया। मौके पर पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों की अवहेलना करते हुए किया जा रहा था, जिससे क्षेत्रीय नियोजन एवं सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो रहा था।
उक्त दोनों कार्यवाहियां संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गईं। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्यवाही शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराई जा सके।
इसके अतिरिक्त, प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत निर्मल बाग, ब्लॉक-सी, श्री राम रेजीडेन्सी ऋषिकेश, देहरादून में राजेश द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर भी सख़्त कार्रवाई की गई। जांच में निर्माण को नियमों के प्रतिकूल पाए जाने पर संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस निर्गत किए गए थे। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर एवं वैध मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने के कारण उक्त अवैध निर्माण पर नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही अमल में लाई गई।
कार्रवाई में सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल उपस्थित रहा।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। बिना मानचित्र स्वीकृति अथवा नियमों के विपरीत किए गए निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं, बल्कि जनसुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करते हैं। प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। अवैध निर्माण पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग, ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी प्राधिकरण द्वारा यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा तथा शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं नियोजित बनाने के उद्देश्य से ऐसे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त कदम उठाए जाते रहेंगे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विपरीत किए गए निर्माण शहरी नियोजन, पर्यावरण एवं जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे सभी मामलों में सख़्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया, मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
महिला सशक्तिकरण विभाग की भावी योजनाओं पर की तैयारी की समीक्षा
देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों को भावी योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने मंगलवार को सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखरेख के लिए जो योजना शुरू की जा रही है, उसमें यह भी सुनिश्चित किया जाए कि 18 वर्ष पूर्ण करने के बाद बच्चों का समायोजन कहां किया जाएगा। साथ ही इन बच्चों को जरूरत पड़ने पर मेडिकल सहायता कैसे मिलेगी इसकी भी व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि केंद्र की स्पॉन्सर योजना में राज्य ने 4900 लाभार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया था। अभी तक कुल 1631 लाभार्थियों का बजट केंद्र से प्राप्त हुआ है, बाकी बजट के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों से बात करें और बजट की व्यवस्था की जाए।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने “आलंबन गांव” योजना के लिए विकास नगर में उपलब्ध जमीन से संबंधित औपचारिकताएं इसी महीने पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का ड्राफ्ट तैयार करके जल्द से जल्द कैबिनेट में रखा जाए।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या बताया कि केंद्र की स्पॉन्सरशिप योजना में जितने लाभार्थियों को शामिल किया जा रहा है, उत्तराखंड में जरूरतमंदों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है ।इसलिए अभी तक छूट जा रहे इन पात्र बच्चों को लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री बाल सानिध्य योजना लाई जाएगी।
बैठक में सभी जनपदों के जिला प्रोबेशन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे और मंत्री ने उन सभी से विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, मोहित चौधरी, नीतू फुलेरा अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।
गणेश जोशी ने पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अपने कैंप कार्यालय में जल निगम, जल संस्थान एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मसूरी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित एवं संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने जल निगम एवं जल संस्थान के अधिकारियों को मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत चामासारी, सरोना सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल समस्याओं को तीन दिन के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर विशेष जोर दिया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को पुश्ता निर्माण सहित अन्य कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों से संबंधित शासन स्तर पर लंबित प्रस्तावों को जल्द स्वीकृति दिलाकर कार्यों को धरातल पर उतारा जाए, ताकि आम जनता को समय पर लाभ मिल सके। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
स्पिरिचुअल जोन, आयुर्वेद एम्स और भराड़ीसैंण में मंदिर अवसंरचनात्मक निर्माण को प्राथमिकता में लेने के मुख्यमंत्री के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत हुए एमओयू तथा उनकी ग्राउंडिंग (क्रियान्वयन) की प्रगति की समीक्षा हेतु उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति, जमीनी प्रगति, अवरोधों तथा आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
एमओयू ग्राउंडिंग में ऐतिहासिक प्रगति, मुख्यमंत्री ने बताया राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि
बैठक में अवगत कराया गया कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1,779 एमओयू संपादित किए गए थे, जिनमें से अब तक 1,06,953 करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंडिंग सफलतापूर्वक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने इसे उत्तराखंड के औद्योगिक एवं आर्थिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह राज्य में निवेशकों के विश्वास, बेहतर कानून-व्यवस्था, सुशासन और उद्योग अनुकूल वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक परिणाम को और आगे बढ़ाने की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका लाभ राज्यहित में लिया जाना चाहिए।
एमओयू ग्राउंडिंग में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री के स्पष्ट और सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि एमओयू एवं परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर आ रहे अवरोधों का त्वरित निस्तारण किया जाए।
प्रत्येक संबंधित विभाग में एक-एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो एमओयू ग्राउंडिंग की सतत मॉनिटरिंग करे। यदि किसी नीति में संशोधन, सरलीकरण अथवा शिथिलीकरण की आवश्यकता हो तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शीघ्र पैरवी की जाए। उद्योगपतियों के साथ नियमित संवाद और संपर्क बढ़ाया जाए तथा उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटलीकरण,सरलीकृत प्रक्रियाएं और उद्योग फ्रेंडली इकोसिस्टम से संबंधित सुधारों की जानकारी दी जाए। निर्देश दिए कि परियोजनाओं के इम्प्लीमेंटेशन में अनावश्यक देरी बिल्कुल न हो, कार्यों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए, स्पष्ट टाइमलाइन के अनुसार कार्य पूर्ण हों और किसी भी प्रकार की पेंडेंसी न रखी जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने प्रशंसा भी की।
पर्यटन, उद्योग और निवेश के नए अवसरों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जिन क्षेत्रों में होटल निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं—जैसे पिथौरागढ़, कैंची धाम सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों—वहाँ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए। पर्यटन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि विभाग स्पेशल टूरिस्ट ज़ोन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एरिया आधारित फोकस पॉलिसी तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उद्योगों को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग को निर्देश दिए कि राज्य के सभी जनपदों में प्रत्येक माह “उद्योग मित्र समिति” की बैठक आयोजित की जाए, जिसमें उद्योगों से जुड़े मुद्दों का समाधान तथा उद्योग-अनुकूल निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
संस्कृति, अध्यात्म और संतुलित विकास को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और प्राचीन गौरवशाली विरासत का केंद्र बिंदु है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन पर आधारित यूनिवर्सिटी की स्थापना हेतु आवश्यक होमवर्क करने, हिंदू स्टडीज सेंटर एवं प्राच्य शोध केंद्र से संबंधित पूर्व निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई करने, स्पिरिचुअल ज़ोन डेवलपमेंट, भराड़ीसैंण में मंदिर एवं अन्य रचनात्मक निर्माण कार्य तथा आयुर्वेद एम्स की स्थापना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव सचिन कुर्वे, विनय शंकर पांडेय, रणजीत सिन्हा, एस. अदांकी, सी. रवि शंकर, डी.एस. गर्ब्याल, रंजन कुमार मिश्रा, अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
उपनल कर्मचारी महासंघ ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन के जिओ जारी होने पर जताया आभार
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने का जिओ जारी होने पर मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे
देहरादून। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखण्ड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है।
हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक/तीर्थयात्री पहुंचे हैं। जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन/तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में कुल 06 करोड़ 03 लाख 21 हजार 194 पर्यटक/तीर्थयात्री उत्तराखण्ड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों/तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटक/तीर्थयात्रियों ने उत्तराखण्ड का रुख किया है।
पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखण्ड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
थाना स्तर तक वर्क कल्चर सुधारने पर जोर, निर्दोषों को परेशान करने पर होगी कार्रवाई
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अखिल भारतीय डीजी/आईजी सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्षों की समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन के सभी विभाग आमजन के प्रति संवेदनशील, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर देते हुए थाना स्तर तक वर्क कल्चर में सुधार, आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्दोष नागरिकों को परेशान किए जाने की शिकायतों पर कड़ी कार्रवाई करने और भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध नियंत्रण केवल कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशासनिक आत्ममंथन, विभागीय समन्वय और सतत निगरानी के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद राज्य में पर्यटन गतिविधियों में संभावित वृद्धि को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने होटल, आवास, पार्किंग, ट्रैफिक प्लान, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कैंची धाम बाईपास का निर्माण जून माह तक पूरा कर लिया जाएगा।
चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सड़कों के डामरीकरण का कार्य 15 फरवरी से गुणवत्ता के साथ शुरू करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके
बस में 30 से अधिक यात्री थे सवार, कई घायल
विकासनगर। उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के नेरवा से पांवटा साहिब जा रही एचपी रोडवेज की बस हरिपुर-कोटी-मीनस राजमार्ग पर क्वानू के समीप अचानक नियंत्रण खो बैठी और खाई में गिर गई। बस में 30 से अधिक यात्री सवार थे। इस हादसे में अब तक दो महिलाओं और एक पुरुष की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
एसडीआरएफ की टीम खाई में उतरकर घायलों को रेस्क्यू कर रही है। थाना प्रभारी कालसी दीपक धारीवाल ने बताया कि सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। राहत कार्य तेजी से जारी है।
हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कालसी क्षेत्र में हिमाचल ट्रांसपोर्ट की बस दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन से फोन पर बात कर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी नजदीकी मेडिकल सेंटरों को अलर्ट पर रखा है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को आवश्यकता पड़ने पर एयरलिफ्ट कर उच्च चिकित्सा केंद्रों में भेजे जाने की भी तैयारी की जा रही है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली सभागार में राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को धारा 34 एवं 143 के अंतर्गत लंबित वादों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने नैनीताल जनपद की तर्ज पर निर्विवाद मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु कैंप आयोजित कर इस व्यवस्था को प्रदेश के सभी जनपदों में लागू करने पर जोर दिया। धारा 143 के मामलों के छह माह या उससे अधिक समय तक लंबित रहने पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके निस्तारण के लिए 45 दिन की समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने मंडल स्तर पर मंडलायुक्तों तथा जनपद स्तर पर जिलाधिकारियों को अपने न्यायालयों में सबसे पुराने पांच मामलों को चिन्हित कर उनके निस्तारण पर कार्य करने को कहा। इसके लिए प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित करने तथा पुराने मामलों के निस्तारण के बाद अन्य सबसे पुराने मामलों को सूची में शामिल करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेशभर में पांच वर्षों से अधिक समय से लंबित कुल 1760 मामलों में से 10 प्रतिशत मामलों का निस्तारण मार्च 2026 तक किया जाना है। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र दिए जाने के साथ-साथ उनकी वार्षिक गोपनीय आख्या में भी इसका उल्लेख किया जाएगा।
उन्होंने ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम को शहरी क्षेत्रों में भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके लिए कैंप आयोजन की योजना तैयार करने और आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
मुख्य सचिव ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, एसडीएम आदि को अपने अधीन तहसीलों, विकासखंडों एवं थानों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में मॉडर्न पटवारी चौकियों का निर्माण किया जा रहा है तथा पटवारी और कानूनगो को शीघ्र लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे ऑनलाइन कार्यों का निस्तारण तेज हो सके। साथ ही, आधुनिक रिकॉर्ड रूम तैयार करने और आवश्यकता पड़ने पर नए वित्तीय वर्ष में बजट प्रावधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग में रिक्त पदों के सापेक्ष भर्तियों के अधियाचन शीघ्र भेजने, पदोन्नतियां समय पर कराने तथा पीएम किसान योजना के तहत किसानों के पंजीकरण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एस.एन. पाण्डेय, राजस्व परिषद आयुक्त रंजना राजगुरु सहित मंडलायुक्त दीपक रावत, विनय शंकर पाण्डेय तथा सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
