परेड ग्राउंड में होगा मुख्य समारोह, राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण
देहरादून। जिले में गणतंत्र दिवस समारोह को भव्य, गरिमामय और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में प्रातः 9:30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य समारोह परेड ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
विभागों को सौंपी गईं जिम्मेदारियां
बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मंच निर्माण, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को कार्यक्रम के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए, जबकि पेयजल व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग को पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया।
नगर निगम को कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई एवं स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। एमडीडीए को शहर के प्रमुख स्थलों और शासकीय भवनों में सौंदर्यीकरण और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। संस्कृति विभाग को शहीद स्थल पर विशेष सफाई और प्रकाश व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
झांकियां, प्रोटोकॉल और सम्मान समारोह
जिलाधिकारी ने सूचना, वन, ग्राम्य विकास, पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा, उरेडा, बाल विकास, कृषि, स्वास्थ्य और संस्कृति विभाग को अपनी-अपनी विभागीय झांकियों के आयोजन के संबंध में समय से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य कार्यक्रम स्थल पर प्रोटोकॉल के अनुरूप अतिथियों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके आश्रितों के सम्मान की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
विशेष प्रकाश व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिलाधिकारी ने बताया कि 25 और 26 जनवरी को जिले के सभी प्रमुख चौराहों और शासकीय भवनों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही 25 जनवरी की शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक तथा 26 जनवरी की सुबह 6 बजे से 11 बजे तक प्रमुख चौराहों पर देशभक्ति गीतों का प्रसारण किया जाएगा।
संस्कृति विभाग को 25 जनवरी को नगर निगम के टाउनहॉल में कवि सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और व्यापार मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने स्थायीकरण प्रस्ताव किया अनुमोदित
देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने विभाग द्वारा प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को अपना अनुमोदन दे दिया है। प्रदेशभर के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर ने दो वर्ष की परवीक्षा अवधि संतोषजनक पूर्ण कर दी है। समयबद्ध स्थायीकरण होने पर असिस्टेंट प्रोफेसरों ने विभागीय मंत्री व राज्य सरकार का आभार जताया।
प्रदेश की उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर उनके प्रशिक्षण को लेकर भी सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 268 असिस्टेंट प्रोफसर के द्वारा द्विवर्षीय परवीक्षा अवधि पूर्ण करने पर उनके स्थायीकरण को मंजूरी दे दी है। स्थायीकरण का लाभ लेने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति विभागान्तर्गत वर्ष 2020 से वर्ष 2022 में हुई है। जिन्हें सरकार द्वारा उत्तराखण्ड सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली-2002 के तहत लाभान्वित किया गया है। 13 विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर में राजनीति विज्ञान के 71, शिक्षा शास्त्र 26, संस्कृत 35, हिन्दी 71, समाजशास्त्र 5, इतिहास 4, भूगोल व भौतिक विज्ञान 2-2, अर्थशास्त्र 35, गृह विज्ञान 13 तथा रसायन विज्ञान, जन्तु विज्ञान व अंग्रेजी में 1-1 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा नियमावली-2003 के तहत ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति को स्थायी करने का प्रावधान है, जिनका कार्य और आचरण अच्छा हो, उनकी सत्यनिष्ठा प्रमाणित हो और नियुक्ति प्राधिकारी को यह समाधान हो कि शिक्षक को स्थायी करना उपयुक्त है।
राज्य सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षकों को सुरक्षित, स्थायी एवं सम्मानजनक सेवा वातावरण उपलब्ध कराना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बुनियाद है। प्राध्यापकों के स्थायीकरण से न केवल उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक निरंतरता और अकादमिक गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।
बयान
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपनी परवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 268 प्राध्यापकों के स्थायीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। – डाॅ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
भारतीय सेना देश की सुरक्षा की मजबूत ढाल- गणेश जोशी
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज गढ़ी कैंट स्थित उत्तराखंड सब एरिया देहरादून में जीओसी मेजर जनरल एमपीएस गिल एवं डिप्टी जीओसी बिग्रेडियर आरएस थापा से भेंट कर उन्हें थल सेना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि थल सेना देश की सुरक्षा की मजबूत ढाल है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा कर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। मंत्री जोशी ने यह भी कहा कि उत्तराखंड का सेना से गहरा नाता रहा है और राज्य के सैनिकों ने सदैव देश सेवा में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

भेंट के दौरान आपसी समन्वय, सैनिक कल्याण से जुड़े विषयों एवं प्रदेश में पूर्व सैनिकों के हितों पर भी चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, सैन्य योजनाओं की जानकारी के लिए दो नग एलईडी स्थापना एवं विकासनगर में सामुदायिक शेड बनाये जाने की मांग भी जीओसी ने की। जिस पर सैनिक कल्याण मंत्री ने सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
शिक्षा और कौशल विकास में नाबार्ड के सहयोग पर हुई अहम चर्चा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सहकारिता क्षेत्र में नाबार्ड के सहयोग से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सहकारिता को मजबूत करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और लाभार्थियों तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही भविष्य में नाबार्ड के सहयोग से नई योजनाएं शुरू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए संस्थागत सहयोग आवश्यक है। बैठक में विद्यालयी शिक्षा और उच्च शिक्षा में कौशल विकास, नवाचार और संस्थानों की मजबूती के लिए नाबार्ड के सहयोग की संभावनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारिता और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को अधिकतम लाभ मिल सके। बैठक में नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
“भारतीय सेना का शौर्य देश की सबसे बड़ी ताकत” — मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थल सेना दिवस के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सभी वीर जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सैन्यभूमि उत्तराखंड की ओर से यह दिवस उन जांबाज सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन करने का अवसर है, जो अहर्निश माँ भारती की रक्षा में समर्पित हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना का अदम्य साहस, कठोर अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा ही देश की सीमाओं की सबसे बड़ी सुरक्षा है। हिमालय की दुर्गम चोटियों से लेकर रेगिस्तान और समुद्री तटों तक, हर मोर्चे पर सेना का पराक्रम देश के आत्मसम्मान और संप्रभुता का प्रतीक है।
सीएम धामी ने कहा कि देशवासियों को अपने सैनिकों पर गर्व है। उनका शौर्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने सभी वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सेवा की कामना की।
16 से 19 जनवरी के बीच पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार
देहरादून। प्रदेश में इस बार मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। बारिश और बर्फबारी न होने के चलते मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक सूखी ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में धूप राहत दे रही है, लेकिन सुबह-शाम ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर के साथ नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है, जिससे यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।
वहीं 16 से 19 जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इसके साथ ही 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सूखी ठंड का सबसे ज्यादा असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की आशंका है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को मिली नई दिशा और गति
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में आयोजित विंटर टूरिज़्म कॉन्क्लेव में शिरकत की और देवभूमि उत्तराखंड में चल रही शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने होटल एसोसिएशन, होम-स्टे संचालकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है। उन्होंने बताया कि शीतकालीन यात्रा से लेकर आदि कैलाश यात्रा तक, बढ़ती आस्था और जनता की भागीदारी राज्य में पर्यटन को नए आयाम दे रही है और प्रधानमंत्री के देवभूमि उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव को दर्शाती है।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र अब अपने आप में एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य बन चुका है। राज्य अब केवल छह माह तक सीमित पर्यटन वाला नहीं रहा, बल्कि पूरे वर्ष पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन गया है। पर्यटन के इस विस्तार से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिली है।
इस अवसर पर राज्य के विधायक सुरेश सिंह चौहान और दुर्गेश्वर लाल भी उपस्थित रहे और पर्यटन विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने आगामी पर्यटन योजनाओं और स्थानीय उद्योगों के सहयोग से पर्यटन को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पूर्व सैनिकों को बताया राष्ट्र की मजबूत नींव
वेटरन्स डे समारोह में करीब 1000 पूर्व सैनिकों की रही सहभागिता
देहरादून। मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया (HQ UK Sub Area), देहरादून द्वारा 14 जनवरी 2026 को 10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) का आयोजन पूर्ण गरिमा और श्रद्धा के साथ किया गया। यह दिवस भारत के प्रथम कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा की सेवानिवृत्ति वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व और 1947 के युद्ध में दिए गए योगदान ने भारतीय सशस्त्र बलों में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा की मजबूत परंपरा स्थापित की।
समारोह के दौरान सशस्त्र बलों के वीर सैनिकों एवं वीर नारियों —देश की मिट्टी के सच्चे सपूतों— को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उत्तराखंड के विशिष्ट पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 1,000 पूर्व सैनिकों की भागीदारी रही। सेना, नौसेना और वायु सेना के सेवारत जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा और प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (से.नि.) ने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा और सशक्तता की मजबूत नींव हैं, जिनका साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा समाज एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी दी। वहीं मेजर जनरल एमपीएस गिल, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया ने राष्ट्र सेवा में पूर्व सैनिकों के अतुलनीय योगदान और बलिदान को स्मरण करने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह आयोजन पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पूर्व सैनिकों और सेवारत कार्मिकों की एकजुट उपस्थिति ने फील्ड मार्शल करिअप्पा की गौरवशाली विरासत तथा देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर भारतीय सैनिकों की अडिग भावना को प्रभावी रूप से उजागर किया।
बुजुर्ग माता से करता था मारपीट, डर के मारे माता ने छोड़ दिया था घर
मौहल्ले की महिलाओं पर करता था अभद्र टिप्पणी; परेशान होकर मौल्लेवासियों ने डीएम से लगाई थी गुहार
देहरादून। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आदतन अपराधों में संलिप्त एक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई क्षेत्र में भय और अशांति फैलाने के आरोपों के बाद की गई है।
प्रशासन के अनुसार, ऋषि विहार, माजरी माफी निवासी दिव्यकांत लखेड़ा के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जनसुनवाई और जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट करता था, जिससे भयभीत होकर उन्हें घर छोड़ना पड़ा। इसके अलावा, उस पर मोहल्ले की महिलाओं के साथ अभद्रता करने और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने आवास को नशे के अड्डे के रूप में संचालित करने के आरोप भी सामने आए। इन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का माहौल बना हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 14 अक्टूबर 2025 को जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत आरोपी को “गुण्डा” घोषित किया। इसके साथ ही आदेश की तिथि से छह माह की अवधि के लिए उसे देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान यदि आरोपी किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से पूर्व अनुमति लेनी होगी। साथ ही, जनपद से बाहर रहते हुए अपने निवास का पूरा पता जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय और थाना नेहरू कॉलोनी को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर न्यूनतम छह माह से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश की प्रति आरोपी को तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर उसे जनपद की सीमा से बाहर भेजना सुनिश्चित करें और अनुपालन रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को प्रेषित करें।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनपद में असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

