बेटे की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
फरीदाबाद। फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी में एक बड़ा हादसा हो गया। मकान के बाहर लगे एसी की आउटडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जो धीरे-धीरे पूरे फ्लैट में फैल गई। आग और धुएं के कारण घर में फंसे परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से झुलस गया।
जानकारी के मुताबिक, मृतकों में सचिन कपूर, उनकी पत्नी रिंकू और बेटी सुजान शामिल हैं। वहीं बेटा आर्यन को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। हादसे में परिवार का पालतू कुत्ता भी मारा गया।
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद परिवार बचने के लिए नीचे उतरा, लेकिन सीढ़ियों में घना धुआं भर जाने के कारण वे दूसरी मंजिल पर ही फंस गए। दम घुटने से पति-पत्नी, बेटी और कुत्ते की मौत हो गई। इस घर की तीसरी मंजिल भी इन्हीं की थी, लेकिन वह खाली थी।
अमृतसर: पंजाब इस समय इतिहास की सबसे भीषण बाढ़ त्रासदी का सामना कर रहा है। अमृतसर जिले के सीमांत गांव दंगई सहित अजनाला क्षेत्र के 45 से अधिक गांवों में चार फीट तक पानी भरा हुआ है। गांव की गलियों से लेकर घरों तक हर तरफ पानी फैला है। सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, कई मकान जर्जर होकर मलबे में तब्दील हो गए हैं और ग्रामीण राहत टेंटों में रहने को मजबूर हैं।
गांव दंगई के निवासी दिलबाग सिंह, हरजोत सिंह, सुखदेव सिंह और सुखजीत ने बताया कि उनकी पूरी फसल डूब चुकी है। कारोबार भी चौपट हो गया है। पशुओं में बीमारियां फैल रही हैं और अस्थायी झोपड़े बारिश की मार नहीं सह पा रहे। गांव वालों का कहना है कि चोरी की घटनाओं के डर से वे दिन-रात बेचैनी में हैं।
पूरे पंजाब में तबाही
आपदा की इस घड़ी में अब तक 46 लोगों की जान जा चुकी है। 1.74 लाख हेक्टेयर फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। सभी 23 जिलों के लगभग 1500 गांव और करीब 3.87 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हजारों परिवार बेघर हो गए हैं और लाखों पशुधन बह चुके हैं।
नदियों का उफान और डैमों का दबाव
रावी, व्यास और सतलुज जैसी नदियों के उफान ने पंजाब में कहर बरपाया है। सामान्य से अधिक बारिश के चलते भाखड़ा, रणजीत सागर, शाहपुरकंडी और पौंग डैम के गेट कई बार खोलने पड़े। इसका सीधा असर पंजाब के निचले इलाकों पर पड़ा। नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटबंध कमजोर होकर टूट रहे हैं और पानी गांवों में घुस रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल 30 अगस्त तक ही 14.11 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो चुका था, जबकि 1988 में आई भीषण बाढ़ के दौरान यह स्तर 11.20 लाख क्यूसेक था।
राहत कार्यों में जुटा प्रशासन
अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, पठानकोट, गुरदासपुर, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का और होशियारपुर जैसे जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। डीसी साक्षी साहनी के नेतृत्व में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रभावितों तक दवाइयां, राशन, टेंट और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि मदद अभी भी पर्याप्त नहीं है और पानी घटने के बाद गांवों से मलबा हटाने में महीनों लगेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर बोले पीएम मोदी – हमारी साझेदारी वैश्विक स्तर पर रणनीतिक
ट्रंप ने मोदी को बताया ‘महान मित्र’, पर जताई कुछ नीतियों पर नाराजगी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध मजबूत और दूरदर्शी हैं। पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे रिश्तों के सकारात्मक मूल्यांकन की हम सराहना करते हैं। भारत-अमेरिका साझेदारी वैश्विक स्तर पर व्यापक और रणनीतिक है।”
ट्रंप ने क्या कहा था?
ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा, “मोदी हमेशा मेरे दोस्त रहेंगे, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। हालांकि इस समय उनकी कुछ नीतियों से मैं सहमत नहीं हूँ, लेकिन भारत और अमेरिका का रिश्ता खास है। ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, इसमें चिंता की कोई बात नहीं।”
सवाल पर मिला यह जवाब
ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वे भारत के साथ रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने के लिए तैयार हैं? इसी सवाल पर उन्होंने यह टिप्पणी की।
पुरानी पोस्ट पर विवाद
ट्रंप ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पुरानी तस्वीर साझा की थी, जिसमें पीएम मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग साथ दिख रहे थे। इसके साथ उन्होंने लिखा था, “लगता है हमने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया है। ईश्वर करे उनका भविष्य समृद्ध हो।” बाद में एक अन्य पोस्ट में उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल आयात करने पर नाराजगी जताई और कहा कि इस वजह से उन्हें निराशा हुई है।
टैरिफ विवाद ने बढ़ाई खटास
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की ओर से भारत पर 50% तक टैरिफ लगाने और रूस से तेल आयात को लेकर बढ़ते मतभेदों ने रिश्तों में तनाव पैदा किया है। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में चीन के तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया, जहाँ उनकी पुतिन और शी जिनपिंग से गर्मजोशी भरी मुलाकात भी चर्चा में रही। इसके बाद अमेरिकी राजनीति में ट्रंप प्रशासन पर भारत से रिश्ते बिगाड़ने के आरोप लगने लगे।
वायु सेना प्रमुख बोले—तीनों सेनाओं का समन्वय हमारी सबसे बड़ी ताकत
ओटीए से 155 भारतीय कैडेट बने अधिकारी, विदेशी कैडेटों ने भी पूरा किया प्रशिक्षण
चेन्नई। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शनिवार को अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (ओटीए) में आयोजित पासिंग आउट परेड में भाग लेते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और तीनों सेनाओं के बीच हुए असाधारण समन्वय की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने वायु सेना, नौसेना और थल सेना के बीच एकजुटता, तालमेल और बेहतर एकीकरण की मिसाल पेश की है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने शॉर्ट सर्विस कमीशन से पास आउट हुए युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे-जैसे आप अपने सैन्य करियर में आगे बढ़ेंगे, आपको इस सहयोग और एकजुटता की भावना को हमेशा आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने इस मौके पर प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेटों की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
गौरतलब है कि इस वर्ष अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस दौरान पाकिस्तान और पीओजेके में आतंकी ढांचों को सटीक हमलों से ध्वस्त किया गया। पाकिस्तानी सेनाओं के जवाबी प्रयासों को भी भारतीय बलों ने नाकाम कर दिया था।
कार्यक्रम में कुल 130 पुरुष और 25 महिला कैडेट भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में कमीशन प्राप्त कर अधिकारी बने। इसके साथ ही 21 विदेशी कैडेटों (जिसमें 12 महिला कैडेट शामिल हैं) ने भी अपना प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग और मित्रता को नई दिशा देता है।
एयर चीफ मार्शल सिंह ने नव-नियुक्त अधिकारियों को संदेश देते हुए कहा—”हमेशा अपनी वर्दी को गर्व से पहनें, नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाएं और सबसे पहले एक अच्छे इंसान बनने का प्रयास करें।”
राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दायर
नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी एक बार फिर विवादों में हैं। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में उनके खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है। आरोप है कि भारतीय नागरिकता लेने से पहले ही उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिया गया था। यह मामला अब कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक बहस का मुद्दा भी बनता जा रहा है।
शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी का दावा है कि सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि आधिकारिक तौर पर उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता हासिल की। त्रिपाठी के अनुसार 1980 में नाम जुड़ने के बाद 1982 में हटाया गया और फिर 1983 में दोबारा शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला हो सकता है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया की अदालत में इस शिकायत पर संक्षिप्त सुनवाई हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलें सुनने के बाद मामले को अध्ययन हेतु स्थगित कर दिया और अगली तारीख 10 सितंबर तय की। फिलहाल सोनिया गांधी या दिल्ली पुलिस को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इसे संज्ञेय अपराध माना जाए और दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया जाए। उनका कहना है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है, ऐसे में 1980 और 1982 में नाम दर्ज होना कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।
यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है। विपक्ष में सोनिया गांधी हमेशा एक अहम चेहरा रही हैं। ऐसे में यह विवाद न केवल अदालत में बल्कि राजनीतिक हलकों में भी गरमा सकता है।
त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने NextGenGST सुधारों को बताया ऐतिहासिक कदम
नई दिल्ली। सांसद हरिद्वार एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जीएसटी परिषद द्वारा लागू किए गए NextGenGST सुधारों को ऐतिहासिक और भविष्यगामी करार दिया। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में लिए गए ये निर्णय कर प्रणाली को सरल बनाने के साथ-साथ करोड़ों भारतीयों के जीवन और व्यवसाय को भी सहज बनाएंगे।
त्रिवेन्द्र ने बताया कि इन सुधारों से Ease of Doing Business में सुधार, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ये कदम स्थानीय विनिर्माण, लघु-मध्यम उद्यम और स्वरोज़गार को बढ़ावा देंगे और भारत की अर्थव्यवस्था को और अधिक प्रतिस्पर्धी एवं समावेशी बनाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सुधार भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर नई पहचान और ताकत प्रदान करेंगे।
दूध, पनीर, ब्रेड और दवाएं हुईं सस्ती, पान मसाला-सिगरेट पर बढ़ा टैक्स
22 सितंबर से लागू होंगी नई जीएसटी दरें
नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने जनता को राहत का बड़ा पैकेज दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में व्यापक कटौती का ऐलान किया। अब कई रोजमर्रा की वस्तुएं और सेवाएं सस्ती होंगी, जबकि कुछ लग्जरी और हानिकारक उत्पादों पर कर बढ़ा दिया गया है। जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।
जीएसटी में संशोधन के बाद अधिकांश वस्तुएं 5% और 18% स्लैब में आ गई हैं। कई उत्पादों को जीरो टैक्स (0%) श्रेणी में रखा गया है, जबकि तंबाकू, पान मसाला और शुगरी ड्रिंक्स जैसे आइटम अब 40% ‘सिन टैक्स’ स्लैब में आ गए हैं।
क्या सस्ता हुआ?
दूध, पनीर, छेना, ब्रेड, खाखरा और चपाती पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
बटर, खोआ, घी और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स 12% से घटकर 5% टैक्स पर आ गए हैं।
33 जीवन रक्षक दवाओं और हेल्थ इंश्योरेंस/एलआईसी पॉलिसियों पर टैक्स शून्य कर दिया गया है।
कृषि और बागवानी मशीनरी, ट्रैक्टर, ट्यूब-टायर, कीटनाशक और उर्वरक सामग्री पर टैक्स 18% से घटकर 5% हो गया है।
मोटरसाइकिल (350 सीसी तक), एसी, टीवी, डिशवॉशर और छोटे वाहनों पर जीएसटी 28% से घटकर 18% हो गया है।
क्या महंगा हुआ?
कोल्ड ड्रिंक, शुगरी बेवरेज और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक अब 40% स्लैब में चले गए हैं।
लग्जरी कारें, रेसिंग कारें और 350 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलें भी महंगी हो गई हैं।
पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
जुआ, कैसीनो, ऑनलाइन गेमिंग और रेस क्लब में एंट्री भी अब 40% जीएसटी स्लैब में आएगी।
रिवॉल्वर, पिस्तौल और निजी उपयोग के लिए विमान व नाव पर भी 40% टैक्स लगेगा।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से आम और मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी, जबकि हानिकारक व विलासिता वाली वस्तुओं पर ज्यादा टैक्स लगाकर राजस्व भी बढ़ाया जाएगा।
4.5 लाख लोग प्रभावित, 37 की मौत, 3.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद
चंडीगढ़। पंजाब में लगातार हो रही बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पंजाब के सभी 23 जिलों के 1400 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदाग्रस्त घोषित कर दिया है। सभी विभागों को सेवाएं बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
अब तक 37 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। लगभग 3.5 लाख एकड़ फसल बर्बाद हो गई है।
तीन बांधों पर दबाव से बिगड़े हालात
भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांध में जलस्तर खतरे के निशान के करीब या ऊपर पहुंच चुका है। बीबीएमबी ने पौंग बांध से रोजाना छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा बढ़ाकर 1 लाख क्यूसेक करने का फैसला लिया है। रणजीत सागर बांध के सातों गेट इतिहास में पहली बार खोले गए हैं।
स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद
शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने सभी सरकारी, निजी और मान्यता प्राप्त स्कूल-कॉलेज व विश्वविद्यालय 7 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया है।
केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग
राज्य को आपदा प्रभावित घोषित करने के बाद उम्मीद है कि केंद्र से अतिरिक्त राहत पैकेज मिलेगा। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। इस बीच, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल वीरवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वहीं, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से पंजाब समेत उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की है।
निगम बोध घाट, यमुना बाजार और मोनेस्ट्री मार्केट में पानी घुसा, एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और राजधानी के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। यमुना बाजार, निगम बोध घाट, ओल्ड उस्मानपुर, ओल्ड गढ़ी मेंडू और आईएसबीटी का वासुदेव घाट सहित मोनेस्ट्री मार्केट के आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में 5 तारीख तक हल्की से भारी बारिश जारी रह सकती है। यमुना का जलस्तर अब 207 मीटर के पार पहुंच गया है, जो खतरे के स्तर से 2 मीटर ऊपर है। इस कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। एनडीआरएफ की टीमों को प्रभावित इलाकों में तैनात किया गया है।
ओल्ड उस्मानपुर और ओल्ड गढ़ी मेंडू गांवों में यमुना का पानी घुसने से लगभग 2,500 लोग अपने घर खाली करने के बाद राहत शिविरों में पहुंचाए गए। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि पानी तेजी से बढ़ रहा है और कई घरों में घुस चुका है। वहीं मोनेस्ट्री मार्केट और आस-पास के इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
एनडीआरएफ कमांडेंट ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि रात से बचाव और राहत कार्य जारी हैं, और टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।
मुंबई पुलिस की रणनीति सफल, पांच दिन का आंदोलन बिना बवाल खत्म
मुंबई। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मनोज जरांगे हजारों समर्थकों के साथ मुंबई पहुंचे थे। पांच दिन तक चला यह बड़ा आंदोलन आजाद मैदान में हुआ, लेकिन मुंबई पुलिस की सख्त और रणनीतिक तैयारियों के कारण माहौल कभी बेकाबू नहीं हुआ। आंदोलन का समापन तब हुआ, जब राज्य सरकार ने उनकी अधिकतर मांगों को मान लिया और जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म करने की घोषणा की।
राज्यभर से उमड़ा समर्थन
जरांगे ने 29 अगस्त को अनशन शुरू किया था। उनकी अपील पर महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग मुंबई पहुंचे। हजारों वाहनों के कारण दक्षिण मुंबई के कई मार्ग जाम हो गए। आंदोलनकारी आजाद मैदान और उसके आसपास डटे रहे, वहीं कुछ लोग रेलवे स्टेशन पर रात गुजारते नजर आए।
पुलिस की सूझबूझ और सख्त निगरानी
मुंबई पुलिस ने आंदोलन को शांतिपूर्वक संचालित करने के लिए 1,500 से अधिक जवानों के साथ सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आरएएफ, एसआरपीएफ और दंगा नियंत्रण बल को भी तैनात किया। हालात पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी और ड्रोन का सहारा लिया गया। कई बार रास्ते जाम हुए, लेकिन जरांगे के वीडियो कॉल पर समर्थक पीछे हट गए।
हाईकोर्ट का हस्तक्षेप
आंदोलन के चलते मुंबई में जनजीवन प्रभावित हुआ तो बॉम्बे हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई और सभी रास्ते खाली करने का आदेश दिया। अदालत ने साफ किया कि तय शर्तों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को मैदान खाली करने को कहा और अंततः भीड़ शांतिपूर्वक हट गई।
पुलिस की सराहना और सरकार का आश्वासन
आंदोलन समाप्त होने के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त सत्य नारायण चौधरी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की। वहीं सरकार ने जरांगे की 8 में से 6 प्रमुख मांगें स्वीकार कर ली हैं, जबकि दो पर प्रक्रिया जारी है।
मनोज जरांगे की आठ प्रमुख मांगें
सभी मराठा समाज के लोगों को सरलता से कुनबी प्रमाणपत्र (सगे-सोयरे कुनबी प्रमाणपत्र) उपलब्ध कराया जाए।
हैदराबाद, सतारा और औंध गजट को तुरंत लागू किया जाए।
मराठा आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं पर दर्ज सभी आपराधिक मामले वापस लिए जाएं।
आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को तत्काल आर्थिक मदद और सरकारी नौकरी दी जाए।
58 लाख से अधिक कुनबी नोंदी ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएं, ताकि मराठा समाज की पहचान स्पष्ट हो।
वंशवली (शिंदे) समिति को स्वतंत्र कार्यालय और अतिरिक्त समय दिया जाए।
सरकार मराठा-कुनबी एक का आधिकारिक आदेश (जीआर) जारी करे।
सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की सत्यापन और मान्यता प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाए।
सरकार ने जो छह मांगें स्वीकार की
हैदराबाद गजट लागू करने का निर्णय लिया गया।
सातारा और औंध गजट को लागू करने की प्रक्रिया शुरू, 15 दिनों में कानूनी दिक्कतें दूर होंगी।
आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का आश्वासन।
आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 15 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद और योग्यता अनुसार नौकरी।
58 लाख कुनबी नोंदी पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाएगी।
वंशवली (शिंदे) समिति को कार्यालय और कार्यकाल विस्तार मिलेगा।
अधूरी बची 2 मांगें
मराठा-कुनबी एक का जीआर अभी प्रक्रिया में है, लेकिन लागू नहीं हुआ।
सगे-सोयरे प्रमाणपत्र की जांच की प्रक्रिया शुरू है, पर अंतिम फैसला लंबित है।
