महिला और युवा समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर
पौड़ी गढ़वाल।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के मौके पर मंगलवार को श्रीनगर के आवास विकास मैदान में जनपद स्तरीय सहकारिता मेले का भव्य शुभारंभ हुआ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।
मेले के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और ग्रामीण विकास की आत्मा है। जब महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ रही हैं, तो यह न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज की उन्नति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों से स्थानीय उत्पादों को बाज़ार मिलता है और महिला समूह आर्थिक रूप से सशक्त बनते हैं, जो नई पीढ़ी को आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देते हैं।
सहकारिता ग्रामीण विकास की रीढ़- डॉ. धन सिंह रावत
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता को केवल योजना नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और ग्रामीण समृद्धि का आंदोलन बना रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 30 लाख लोग सहकारिता से जुड़ चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य इसे 50 लाख लोगों तक पहुंचाने का है।
डॉ. रावत ने कहा कि सहकारिता मेलों के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि महिला समूहों को आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्षा एवं कैबिनेट मंत्री द्वारा पशुपालन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन स्वयं सहायता समूहों धारी देवी समूह (पोखरी), सुखरो देवी समूह (सुखरो) और निर्मल समूह (पदमपुर सुखरो) को 5-5 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए साथ ही पशुपालन एवं मुर्गीपालन कार्य करने वाले लाभार्थियों अनूप सिंह, अर्जुन सिंह, मानवेन्द्र सिंह, जयपाल सिंह, प्रेमलाल, राजेन्द्र सिंह और सुशिला देवी को 1.50 से 1.60 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई
स्थानीय उत्पादों को बाजार और युवाओं को रोजगार देगा मेला
नोडल अधिकारी पौड़ी अपर निबंधक सहकारिता आनंद शुक्ल ने कहा कि सहकारिता मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार और पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि जनपद के महिला और युवक समूहों द्वारा तैयार जैविक उत्पाद, हस्तशिल्प, दुग्ध, पशुपालन एवं कृषि उत्पाद न केवल ग्रामीणों की आय बढ़ा रहे हैं बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन रहे हैं।
15 अक्टूबर तक चलेगा सहकारिता मेला
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों कृषि, उद्यान, मत्स्य, डेयरी, पशुपालन, उरेडा, उद्योग, पर्यटन, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, सहकारिता और सेवायोजन — के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनका जनता ने उत्साहपूर्वक अवलोकन किया।
यह मेला 07 से 15 अक्टूबर 2025 तक चलेगा और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, निवर्तमान अध्यक्ष यूसीएफ मातबर सिंह रावत, पूर्व अध्यक्ष डीसीबी नरेंद्र सिंह रावत, निदेशक इफको उमेश त्रिपाठी, संपत सिंह रावत और महावीर प्रसाद कुकरेती , मनोज पटवाल ,जिला सहायक निबंधक पान सिंह राणा, सहित भारी संख्या में जनमानस उपस्थित रहे
धस्माना ने कहा — अग्निवीरों को न पूरा प्रशिक्षण, न शहीद का दर्जा, सेना का मनोबल प्रभावित
सतपुली। भारतीय सेना में नियमित भर्ती प्रक्रिया को बंद कर लागू की गई अग्निपथ योजना देश की सुरक्षा के लिए खतरा और उत्तराखंड के युवाओं के रोजगार पर सबसे बड़ा प्रहार है। यह बात उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (संगठन) सूर्यकांत धस्माना ने कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग की रथ यात्रा के सतपुली पहुंचने पर आयोजित सभा में मुख्य अतिथि के रूप में कही।
धस्माना ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से इस योजना के खिलाफ रही है। राहुल गांधी देश के पहले नेता हैं जिन्होंने अग्निपथ योजना के दुष्परिणामों को लेकर केंद्र सरकार और जनता को आगाह किया था। उन्होंने कहा कि चार वर्ष की अल्पावधि सेवा के तहत भर्ती होने वाला अग्निवीर पूर्ण सैनिक प्रशिक्षण प्राप्त नहीं कर पाता, जिससे सेना की युद्ध क्षमता और मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में देश सेवा का जज्बा हमेशा अग्रणी रहा है और हर युद्ध में राज्य के वीर जवानों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। लेकिन अग्निपथ योजना लागू होने के बाद प्रदेश में युवाओं का सेना में भर्ती होने का उत्साह घटा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं से वादा किया है कि केंद्र में सरकार बनने पर अग्निपथ योजना समाप्त कर पूर्व की भांति नियमित भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी।
सभा में कांग्रेस पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन सिंह नेगी ने कहा कि यह योजना देश की सुरक्षा की दृष्टि से भी विनाशकारी है, क्योंकि चार साल की सेवा अवधि में कोई सैनिक पूर्ण प्रशिक्षण और आत्मविश्वास प्राप्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि शहीद होने पर अग्निवीर को शहीद का दर्जा तक नहीं मिलता, जो सैनिक के मनोबल को प्रभावित करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान ने की। इस अवसर पर गोपाल गड़िया, सूबेदार मेजर शेखर नेगी, सूबेदार रणधीर नेगी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुरजन रौतेला, पूर्व प्रधानाचार्य उमेद सिंह रावत, व्यापार मंडल अध्यक्ष जयदीप सिंह नेगी, कैप्टन शोबन सिंह सजवान और आनंद सिंह पुंडीर सहित कई वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन हवलदार बलबीर सिंह पंवार ने किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘भगवद्गीता का योग विज्ञान’ का विमोचन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में परमहंस योगानंद द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता पर लिखी गई टीका “ईश्वर अर्जुन संवाद” (God Talks with Arjuna) के संक्षिप्त हिंदी संस्करण “भगवद्गीता का योग विज्ञान” का विमोचन किया।
इस अवसर पर योगदा सत्संग सोसाइटी ऑफ इंडिया (YSS) के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट आश्रम से आए संन्यासी स्वामी वासुदेवानंद और स्वामी धैर्यानंद विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वामी वासुदेवानंद ने मुख्यमंत्री को योगदा सत्संग सोसाइटी की आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सामाजिक सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि द्वाराहाट आश्रम में साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजोपयोगी सेवा कार्यों से स्थानीय जनजीवन को दिशा मिल रही है।
स्वामी ने मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया कि अल्मोड़ा के द्वाराहाट स्थित पवित्र गुफा में ही अमर गुरु महावतार बाबाजी ने काशी के महान योगी लाहिड़ी महाशय को “क्रियायोग” की दीक्षा दी थी। यही क्रियायोग वह प्राचीन योग विज्ञान है, जिसका उल्लेख भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में अर्जुन को दिया था और जो श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित है। उन्होंने बताया कि हिमालय की इस प्राचीन ज्ञान परंपरा को परमहंस योगानंद ने अपने ग्रंथों और शिक्षाओं के माध्यम से विश्वभर में फैलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने परमहंस योगानंद की शिक्षाओं को “युगप्रेरक और मानवता के लिए मार्गदर्शक” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रंथ आत्मबोध, आंतरिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा के स्रोत हैं, जो समाज को दिशा प्रदान करते हैं।
वैश्विक शिक्षा पर डोईवाला में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए त्रिवेन्द्र सिंह रावत
देहरादून। हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत संसदीय क्षेत्र स्थित शहीद दुर्गामल्ल राजकीय पीजी कॉलेज, डोईवाला द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Conference) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। सम्मेलन में विभिन्न देशों एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा वैश्विक शिक्षा, नवाचार और सतत विकास के विषयों पर विचार-विमर्श किया।
अपने संबोधन में सांसद रावत ने कहा कि भारत की ज्ञान-परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श पर आधारित है। आज जब भारत ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की ओर अग्रसर है, तब शिक्षा और अनुसंधान ही वह आधार हैं जो हमारे युवाओं को विश्व-नेतृत्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) भारत की सांस्कृतिक जड़ों और आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण का अद्भुत संगम है, जो ग्रामीण से वैश्विक स्तर तक ज्ञान का लोकतंत्रीकरण सुनिश्चित कर रही है।
सांसद रावत ने इस अवसर पर हिंदी और संस्कृत के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा हिंदी और संस्कृत के अधिकाधिक उपयोग को हर मंच पर प्रोत्साहित करना चाहिए। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों का संवाहक है। भारत तब ही विश्वगुरु बनेगा जब हम अपनी भाषायी जड़ों से आत्मविश्वासपूर्वक जुड़े रहेंगे।
उन्होंने शहीद दुर्गामल्ल जी की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि उनके नाम पर स्थापित यह शिक्षण संस्थान केवल उच्च शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक स्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक मंच युवाओं को न केवल अध्ययन का अवसर देते हैं, बल्कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण को सशक्त करते हैं — यही भविष्य के विकसित भारत की पहचान है।
कार्यक्रम में विधायक डोईवाला बृज भूषण गैरोला, प्रधानाचार्य प्रो. पी. डी. भट्ट, कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्णा, प्रो. अमित ठाकुर, प्रो. एस. पी. सिंह (IIT रूड़की), विनोद श्रीवास्तव, प्रो. सी. वा. सिंह (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय), डॉ. राकेश भटर, सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन, शिक्षाविद एवं विधार्थी उपस्थित रहे।
महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं से हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वाल्मीकि जयंती के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनका भावपूर्ण स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के रचनाकार, आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की रचनाओं से हमें सत्य, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। उनके द्वारा दी गई समरसता, सद्भाव तथा मानवता जैसे नैतिक मूल्यों की शिक्षा सदैव प्रेरित करती रहेगी।
शिक्षकों की भर्ती पर भी तय होंगे नए मानक
देहरादून। उत्तराखंड में मदरसों को अब केवल धार्मिक शिक्षा देने के लिए भी नई व्यवस्था के तहत मान्यता लेनी होगी। राज्य में नया अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान कानून लागू होने के बाद धार्मिक संस्थानों को शिक्षण व्यवस्था और शिक्षकों की नियुक्ति दोनों में निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
नए नियमों के अनुसार, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसे केवल शैक्षिक सत्र 2025-26 तक ही मौजूदा अधिनियम — उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम 2016 और अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता नियमावली 2019 — के तहत शिक्षा दे सकेंगे।
इसके बाद, शैक्षिक सत्र 2026-27 से धार्मिक शिक्षा जारी रखने के लिए प्रत्येक मदरसे को नए कानून के तहत गठित प्राधिकरण से दोबारा मान्यता प्राप्त करनी होगी। यह मान्यता तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए वैध रहेगी, जिसके बाद संस्थानों को इसका नवीनीकरण कराना होगा।
कानून के तहत अब यह भी आवश्यक किया गया है कि संस्थान की भूमि उसकी सोसाइटी के नाम पर दर्ज हो और सभी वित्तीय लेन-देन संस्थान के नाम से खुले बैंक खाते के माध्यम से ही किए जाएं।
इसके साथ ही, कोई भी अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान अब अपने छात्रों या कर्मचारियों को किसी धार्मिक गतिविधि में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। वहीं, मदरसों को शिक्षक नियुक्ति के लिए अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थान परिषद द्वारा तय योग्यता मानकों का पालन करना होगा।
पहले शिक्षकों की नियुक्ति में इतनी सख्ती नहीं थी, लेकिन अब राज्य सरकार ने पारदर्शिता और गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की है।
सीएम धामी ने ऑनलाइन कोचिंग क्लास का किया शुभारंभ, बोले — शिक्षा और आत्मनिर्भरता से ही मजबूत होगा नया उत्तराखंड
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सी.एल.एफ. हेतु 1.20 करोड़ रुपये की 12 आर्थिक गतिविधियों का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 10 अन्य सी.एल.एफ. के लिए 1 करोड़ रुपये की प्रस्तावित आर्थिक गतिविधियों का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने मेले में ‘Rising Tehri – Physics Wala Online Coaching Class’ का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीण युवा अपने गांव में रहकर जेईई और नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग और जिला प्रशासन द्वारा ‘ग्रामोत्थान परियोजना’ के तहत की गई पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह मेला ग्रामीण संस्कृति, कौशल और उद्यमिता को प्रदर्शित करने का अनूठा मंच है। मेले के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण कारीगरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने सभी से अपील की कि मेले में लगे स्टॉल से स्वदेशी उत्पाद खरीद कर ‘स्वदेशी अपनाओ’ अभियान को मजबूत करें और महिला उद्यमियों के सपनों में निवेश करें।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के नए आयाम
मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 1.65 लाख महिलाओं को लखपति बनने का गौरव प्राप्त होने की जानकारी दी। ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के माध्यम से महिलाओं द्वारा 2000 से अधिक स्टॉल लगाकर 5.5 करोड़ रुपये का विपणन किया गया। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से स्वदेशी उत्पादों की वैश्विक पहुंच बनी।
राज्य में 68 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों में 5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। महिला किसान सशक्तिकरण योजना और फार्म लाइवलीहुड के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिला किसानों की क्षमता विकसित की गई है। 2.5 लाख किचन गार्डन स्थापित किए गए और लगभग 500 फार्म मशीनरी बैंक उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और मातृशक्ति आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, स्वयं सहायता समूह के सदस्य, ग्रामीण उद्यमी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई जारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से अवैध प्लाटिंग, नियम विरुद्ध निर्माण और अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशन में विभिन्न क्षेत्रों में रोजाना कार्रवाई की जा रही है। उपाध्यक्ष स्वयं टीम का नेतृत्व करते हुए मौके पर पहुंचकर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करा रहे हैं। एमडीडीए की यह कार्रवाई शहर को योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्राधिकरण का स्पष्ट संदेश है कि जो भी व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूमि काटकर बेचने या निर्माण करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जौलीग्रांट में एमडीडीए की टीम की कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम ने संजय ग्राम बागी वार्ड संख्या 07, कोठारी मोहल्ला, जौलीग्रांट, देहरादून में स्थित एक अनाधिकृत निर्माण को सील किया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए के सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, कनिष्ठ अभियंता स्वाति, कनिष्ठ अभियंता प्रवेश नौटियाल और सुपरवाइजर अमर लाल भट्ट पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून को सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करना है। इसके लिए नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण नियमित निरीक्षण अभियान चला रहा है और जहां भी नियम विरुद्ध निर्माण पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर की सुंदरता, सुव्यवस्था और नियोजन को सुरक्षित रखना है। कोई भी व्यक्ति यदि बिना स्वीकृति निर्माण करता है या भूमि काटकर बेचता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि “देहरादून को स्मार्ट और सुव्यवस्थित सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है। जनता से अपील है कि किसी भी निर्माण से पहले नक्शा स्वीकृत करवाएं, ताकि बाद में किसी भी तरह की कार्रवाई से बचा जा सके।
राशन डीलर एसोसिएशन और विभागीय अधिकारी के साथ बैठक में मंत्री ने दिए निर्देश
देहरादून। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने राशन डीलरों को होने वाले लाभांश और भाड़े की भुगतान में एकरूपता लाने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने सोमवार को ऑल इंडिया शेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन और विभागीय अधिकारियों के साथ विधानसभा भवन स्थित सभागार में बैठक की।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अलग-अलग जनपदों में राशन डीलरों को अलग-अलग समय सीमा तक का भुगतान होने की बात सामने आई है । इसलिए अधिकारियों से कहा गया है कि केंद्र से जो भी बजट मिले इसका आवंटन इस तरह किया जाए कि किसी भी जनपद के डीलरों का बैकलॉग बाकी ना रहे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राशन की दुकानों से दी जाने वाली दाल में में विविधता लाने के निर्देश दिए जिससे लाभार्थियों को सिर्फ एक ही तरह की दाल न मिले। साथ ही अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया कि राशन की दुकान से मिलने वाली दाल का रेट बाजार मूल्य से कम होना चाहिए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने दाल वितरण में डीलर को मिलने वाले कमीशन को बढ़ाने और ई पाॅश मशीनों के खराब होने की दशा में उन्हें ठीक करने वाले इंजीनियरों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ई पाॅश मशीन लागू करने का अभी पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है इसलिए उसमें दिखने वाला डाटा त्रुटि पूर्ण हो सकता है, इस डाटा के आधार पर जिला पूर्ति अधिकारी राशन डीलरों के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई करने से बचें।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि एसएफआई लाभांश को एनएसएफए के समान बढ़ाने की मांग शासन में विचाराधीन है और उन्होंने अधिकारियों को इसे दिवाली से पहले मंजूर कराने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने राशन डीलरों की मांगो पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने के लिए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या का आभार जताया।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त चंद्रेश कुमार, अपर आयुक्त पीएस पांगती, डीलर्स फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष हरीश पंत, अनिल कक्कड़, महामंत्री संजय शर्मा, दिनेश चौहान, धर्मानंद बिजलवान, कुंदन शर्मा, दिनेश चंद्र जोशी आदि मौजूद रहे।

