एमडीडीए टीम ने धौरण रोड, आईटी पार्क, राजपुर रोड और जमनिवाला क्षेत्र में नियम विरुद्ध निर्माणों को किया सील
शहर की खूबसूरती और विकास की मूलधारा को बनाए रखना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) और नगर निगम की संयुक्त टीम ने देहरादून में अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सहारनपुर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में व्यवसायियों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एमडीडीए ने धौरण रोड आईटी पार्क, राजपुर रोड और जमनिवाला क्षेत्र में नियम विरुद्ध हो रहे निर्माणों पर सीलिंग की गई ।
सहारनपुर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में लंबे समय से अवैध अतिक्रमण और दुकानों के बाहर किए गए कब्जे की शिकायतें प्राधिकरण और नगर निगम को लगातार प्राप्त हो रही थीं। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना था कि दुकानों के बाहर फैले अतिक्रमण के कारण न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही थी बल्कि आमजन को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इन लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सख्त निर्देश जारी किए। उनके निर्देश पर सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया की अगुवाई में प्राधिकरण की टीम का गठन किया गया। इस टीम ने नगर निगम देहरादून की संयुक्त टीम के साथ मिलकर शुक्रवार को सहारनपुर रोड स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में अभियान चलाया। अभियान के दौरान करीब 15 से 20 दुकानों पर चल रहे अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। दुकानों के बाहर बनाई गई पक्की संरचनाओं और अस्थायी कब्जों को ध्वस्त करते हुए जगह को खाली कराया गया। इस कार्रवाई में बुलडोजर की मदद से कई अवैध निर्माणों को तोड़ा गया। कार्यवाही के समय स्थानीय दुकानदारों ने विरोध भी दर्ज कराया और कई बार प्रशासनिक टीम को रोकने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस की मौजूदगी के चलते ध्वस्तीकरण अभियान बिना किसी बड़ी रुकावट के पूरा किया जा सका।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया कि शहर की सुंदरता और सुगम यातायात व्यवस्था के लिए अवैध अतिक्रमण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के अभियान चलाकर अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियम विरुद्ध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई
धौरण रोड स्थित युग रियल एलएलपी (देवेश वयरानी) द्वारा 6 आवासीय भवनों को मिलाकर नियम विरुद्ध निर्माण पर सीलिंग की गई। इसी प्रकार नितिन माकिन द्वारा राजपुर रोड (आईएएस कॉलोनी निकट) और संजेश कुमार यादव द्वारा जमनिवाला क्षेत्र में किए जा रहे अवैध निर्माणों पर संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेश पर सीलिंग की गई। कार्रवाई में सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता गौरव तोमर, उमेश वर्मा, सुपरवाइजर और पुलिस बल मौजूद रहा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा, शहर की खूबसूरती और विकास की मूलधारा को बनाए रखना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। नियम विरुद्ध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और जो भी लोग अवैध निर्माण कर शहर की संरचना के साथ खिलवाड़ करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। एमडीडीए जनता के सहयोग से देहरादून को सुनियोजित, सुरक्षित और स्वच्छ शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मेयर नगर निगम देहरादून का बयान
मेयर नगर निगम देहरादून सौरभ थपलियाल ने कहा अतिक्रमण और अवैध निर्माण न केवल यातायात और जनजीवन को प्रभावित करते हैं बल्कि शहर की सुंदरता और व्यवस्था को भी बिगाड़ते हैं। नगर निगम-एमडीडीए के साथ मिलकर ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करता रहेगा। जनता का सहयोग ही शहर को स्मार्ट और व्यवस्थित बनाने की कुंजी है।
भविष्य की कार्ययोजना
एमडीडीए और नगर निगम ने संयुक्त रूप से तय किया है कि अतिक्रमण पर साप्ताहिक समीक्षा अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए एक हेल्पलाइन और ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया जाएगा, जहां नागरिक सीधे शिकायत दर्ज कर सकेंगे। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि शहर को अवैध कब्जों से मुक्त करने और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान सतत रूप से जारी रहेगा।
लालढांग क्षेत्र के जंगल में मिला हाथी का शव, पेट की बीमारी से मौत की आशंका
हरिद्वार। हरिद्वार वन प्रभाग में हाथियों की लगातार हो रही मौतों ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। एक सप्ताह के भीतर तीसरे हाथी के मृत मिलने से विभाग पर सवाल उठने लगे हैं। लालढांग क्षेत्र के पीली पड़ाव पंचायती फॉरेस्ट में लगभग 30 वर्षीय एक नर (मखना) हाथी मृत अवस्था में मिला।
इससे पहले 26 सितंबर को खानपुर रेंज के बंदरजूड़ क्षेत्र में एक हाथी मृत पाया गया था, जबकि 30 सितंबर को बुग्गावाला-रोशनाबाद मार्ग से करीब 300 मीटर अंदर खेत में एक और हाथी का शव मिला था। उस मामले में हाथी की मौत खेत में लगाए गए करंट से हुई थी। इस घटना में वन विभाग ने दो किसानों पर केस दर्ज कर उन्हें जमानत पर छोड़ दिया था।
बुधवार को हाथी का शव मिलने की सूचना ग्राम प्रधान शशि झंडवाल ने श्यामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी महेश शर्मा को दी। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि मृत हाथी का पेट काफी फूला हुआ था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि उसकी मौत किसी गंभीर पेट की बीमारी से हुई होगी। पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया।
डीएफओ स्वप्निल, डॉ. अमित ध्यानी, एसडीओ पूनम कैथोला समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। डीएफओ ने बताया कि जिन क्षेत्रों में करंट से हाथी की मौत हुई थी, वहां ऊर्जा निगम के साथ मिलकर खेतों में बिछे सारे तार हटवा दिए गए हैं। किसानों को चेतावनी दी गई है कि फसल बचाने के लिए करंट का इस्तेमाल न करें। साथ ही वनकर्मियों की गश्त 24 घंटे के लिए बढ़ा दी गई है ताकि हाथियों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
केंद्र सरकार की बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने रखे 20 से ज्यादा सुझाव
महिला सशक्तिकरण विभाग में आमूल चूल बदलाव की सिफारिश की
केंद्रीय मंत्री के साथ वर्चुअल में शामिल हुए सभी राज्यों के महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री
देहरादून। 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में देश की आधी आबादी किस तरह अपनी सशक्त भूमिका निभा सकती है, इसके लिए उत्तराखंड ने शुक्रवार को केंद्र सरकार के समक्ष एक व्यापक रोड मैप प्रस्तुत किया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री के साथ वर्चुअल बैठक में प्रदेश की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने 20 से ज्यादा सुझाव प्रस्तुत किए।
शुक्रवार को सचिवालय की एचआरडीसी बिल्डिंग में वर्चुअल बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि स्थानीय निकायों को मिलने वाले बजट में से 10 फीसदी हिस्सा महिला और शिशु विकास के लिए आरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए तकनीकी कौशल युक्त वर्कफोर्स तैयार की जाए और कार्मिकों की अर्हता में भी तकनीकी स्किल शामिल किए जाने जरूरी हैं।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विभाग की कार्य प्रणाली में आमूल चूल बदलाव की जरूरत है साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों की भूमिका को भी पूरी तरह डिजिटलाइज करते हुए और ज्यादा व्यापक व कारगर बनाना जरूरी है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के कार्य में यूरोप की तरह ही महिला कार्यबल की हिस्सेदारी को 50% तक बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को डे बोर्डिंग स्कूल के रूप में संचालित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल और 6 वर्ष की आयु तक शिशुओं के पोषण और शिक्षण के कार्य को हल्के में ना लेते हुए, इस क्षेत्र में नियमित रूप से रिसर्च और सोशल ऑडिट करना समय की जरूरत है। मंत्री रेखा आर्या ने किशोरी बालिका परियोजना का विस्तार सभी जनपदों में करने और इसमें स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर देने की जरूरत बताई। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की ग्रेडिंग का सिस्टम डेवलप करने की भी मांग उठाई।
बैठक में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उत्तराखंड द्वारा दिए गए सुझावों की जमकर सराहना की और इन्हें लागू करने का भरोसा दिलाया। बैठक में लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्रियों ने शिरकत की।
उत्तराखंड द्वारा दिए गए अन्य प्रस्ताव
– शिशुओं की पोषण मानक दर को संशोधित करके बढ़ाया जाए
– आंगनबाड़ी केंद्रों की मरम्मत के बजट को ₹3000 से बढ़कर ₹10000 किया जाए
– मनरेगा के तहत आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण में बजट का 80 फ़ीसदी हिस्सा मटीरियल के लिए और 20 फ़ीसदी हिस्सा लेबर के लिए सुनिश्चित किया जाए
– टेक होम राशन योजना में फेस रीडिंग सिस्टम के साथ-साथ ओटीपी को भी शामिल किया जाए ताकि लाभार्थी का कोई भी परिजन मोबाइल के जरिए योजना का लाभ ले सके
– मिशन शक्ति के तहत ज्यादातर कार्य डिजिटल रूप में किया जा रहे हैं और इसकी मॉनीटरिंग भी आधुनिक तकनीकी माध्यम से की जाती है, इसलिए इस मिशन में एक आईटी विशेषज्ञ का पद सृजित किया जाए
– प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के पोर्टल को यूजर फ्रेंडली और सरल बनाया जाए
– बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत बालिकाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग और उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रवृत्ति दी जाए
– वन स्टॉप सेंटर के जरिए महिलाओं को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए कम से कम दो वाहनों का आवंटन किया जाए
– मिशन वात्सल्य की कारा एडॉप्शन योजना के तहत जिस प्रदेश का बच्चा हो उसी प्रदेश के लोगों को उसे गोद लेने में प्राथमिकता दी जाए
– स्पॉन्सरशिप योजना में फिलहाल एक तय संख्या तक ही पात्र अभ्यर्थियों को लाभ देने का प्रावधान है, इस अधिकतम संख्या को हटाया जाए और जितने भी पात्र मिलते हैं सभी को इसका फायदा मिले
– मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के कार्मिकों के मानदेय में वार्षिक बढ़ोतरी सुनिश्चित की जाए जिससे वह अपने कार्यों में ज्यादा रुचि लें ।
वन हमलों में जनहानि पर मदद राशि बढ़ाकर 10 लाख रुपये की घोषणा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून जू में वन्य जीव प्राणी सप्ताह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में वन्य जीवों के हमले में होने वाली जनहानि पर दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग हैं। सनातन संस्कृति में मां दुर्गा का वाहन शेर, गणेश जी का वाहन मूषक, मां सरस्वती का हंस, भगवान कार्तिकेय का मोर, लक्ष्मी जी का उल्लू और भगवान शिव के साथ नंदी व नागराज मानव और जीव-जगत के बीच एकात्म भाव के प्रतीक हैं। यही कारण है कि आदिकाल से भारत की जीवन पद्धति में वन्यजीव संरक्षण का विशेष महत्व रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य की लगभग 14.77 प्रतिशत भूमि वन्यजीव संरक्षण हेतु संरक्षित है, जबकि पूरे देश में यह अनुपात 5.27 प्रतिशत ही है। यह उत्तराखंड की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। राज्य की हरियाली और वन्यजीव देश-विदेश के लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार इकोनॉमी, इकोलॉजी और टेक्नोलॉजी के संतुलन के साथ विकास व प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिया कि हर जिले में एक नया पर्यटन स्थल पहचान कर विकसित किया जाए, लेकिन प्राकृतिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखा जाए।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए इको-टूरिज्म मॉडल पर काम चल रहा है ताकि लोग जंगलों से जुड़ सकें और साथ ही प्रकृति को नुकसान न पहुंचे। राज्य सरकार के प्रयासों से बाघ, गुलदार, हाथी, हिम तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्य प्राणियों की संख्या में वृद्धि हुई है। लेकिन मानव-वन्यजीव संघर्ष भी बढ़ रहा है। इस चुनौती को कम करने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपायों का उपयोग कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग को ड्रोन और जीपीएस तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा और बेहतर ढंग से हो सके। स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे वे वन्यजीव संरक्षण में भागीदार बन सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की “सीएम यंग ईको-प्रिन्योर” योजना रंग ला रही है। इसके अंतर्गत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, ईको-टूरिज्म और वन्यजीव पर्यटन आधारित कौशल कार्यों को उद्यम के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही छात्रों के लिए प्रत्येक जिले में इको क्लबों के माध्यम से शैक्षिक यात्राएं भी कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विश्व मंच से “लाइफ स्टाइल फॉर एनवायरनमेंट” का आह्वान किया है, जो धरती मां को बचाने का मंत्र है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि वे जंगल सफारी या धार्मिक स्थलों पर गंदगी न फैलाएं।
इस मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल, कृषि मंत्री गणेश जोशी, राज्य सभा सांसद नरेश बसंल, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक समीर सिन्हा, प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव रंजन कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हाईस्कूल में 81.38% और इंटरमीडिएट में 76% छात्र-छात्राएं सफल
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की अंक सुधार परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। हाईस्कूल में 81.38% और इंटरमीडिएट में 76% छात्र-छात्राएं इस परीक्षा में पास हुए।
बोर्ड की परीक्षा परिणाम में देरी की वजह कई थी। पहले पंचायत चुनाव, फिर राज्य में आई आपदा और उसके बाद राजकीय शिक्षक संघ के परीक्षा मूल्यांकन बहिष्कार के कारण परिणाम समय पर नहीं आ सका। बाद में अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया।
इस परीक्षा में हाईस्कूल के दो और इंटरमीडिएट के एक विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों को भी सफलता पाने का मौका दिया गया। परीक्षा के लिए 2 से 21 मई तक आवेदन लिए गए थे। हाईस्कूल के 8,400 और इंटरमीडिएट के 10,706 छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में भाग लिया।
राज्य भर में 4 से 11 अगस्त तक 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद परिणाम अगस्त में घोषित होना था, लेकिन विभिन्न कारणों से देरी हुई। आज परिणाम जारी कर दिया गया है।
बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को होंगे बंद
देहरादून। चार धाम यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध चार धाम – बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री – के कपाट जल्द ही बंद होने जा रहे हैं।
चारों धामों के कपाट बंद होने की तिथियों का ऐलान कर दिया है। बदरीनाथ धाम के कपाट इस वर्ष 25 नवंबर 2025 को दोपहर 2:56 बजे बंद होंगे। बद्रीनाथ के रावल ने इस तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
शीतकालीन मौसम में चारों धामों के कपाट लगभग छह महीने तक बंद रहेंगे।
चार धाम के कपाट बंद होने की तिथियां:
केदारनाथ धाम: 23 अक्टूबर 2025
यमुनोत्री धाम: 23 अक्टूबर 2025
गंगोत्री धाम: 24 अक्टूबर 2025 (अन्नकूट पूजा के अवसर पर)
बदरीनाथ धाम: 25 नवंबर 2025
श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे इस समय का ध्यान रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
प्रदेशभर में लगे 21 हजार से ज्यादा स्वास्थ्य शिविर, महिलाओं पर विशेष फोकस
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) उत्तराखंड की ओर से चलाए जा रहे स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविरों ने राज्यभर में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अब तक प्रदेशभर में 21,268 शिविर (स्क्रीनिंग एवं स्पेशलिटी कैंप) लगाए गए हैं। इन शिविरों में कुल 13.48 लाख से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। यह अभियान जन-जन तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
इन शिविरों में लोगों को विभिन्न बीमारियों की जांच और परामर्श उपलब्ध कराया गया। अब तक 5.87 लाख से अधिक लोगों की उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) की जांच हुई है, जबकि 5.50 लाख से अधिक लोगों ने मधुमेह (डायबिटीज) की जांच कराई है। इसी तरह 4.90 लाख लोगों की कैंसर (मुख, गर्भाशय ग्रीवा एवं स्तन) की स्क्रीनिंग की गई है।
प्रदेशभर में 95,628 लोगों की टीबी जांच की गई और 13,155 लोगों का निक्शय मित्र पोर्टल पर पंजीकरण हुआ है। सिकल सेल रोग की जांच 276 लोगों की हुई और 23 सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 6.99 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित काउंसलिंग दी गई है।
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 11,786 नए कार्ड बनाए गए हैं। वहीं, ई-रक्तकोष पोर्टल के माध्यम से 67,807 रक्तदाताओं का पंजीकरण हुआ है और 8,885 यूनिट रक्त संग्रहित किए गए हैं।
महिला स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। गर्भवती महिलाओं के लिए अब तक 87,954 एएनसी (प्रेग्नेंसी चेकअप) कराए गए हैं, जबकि महिलाओं ने बड़ी संख्या में कैंसर जांच शिविरों में हिस्सा लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का वक्तव्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। जिस तरह से ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान’ को जनता का सहयोग मिल रहा है, वह अपने आप में प्रेरणादायक है। हमारी सरकार चाहती है कि राज्य की हर नारी स्वस्थ हो और हर परिवार सशक्त बने। यही कारण है कि स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हम अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचा रहे हैं। हमारा संकल्प है कि—हर घर की थाली शुद्ध रहे और हर परिवार की खुशियाँ सुरक्षित रहें।”
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का बयान
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि “प्रदेशभर में आयोजित इन स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। कैंसर, डायबिटीज, टीबी और हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की जांच और रोकथाम के लिए यह अभियान एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। खासकर महिला एवं बाल स्वास्थ्य को इस अभियान की केंद्रबिंदु बनाया गया है। हमारी कोशिश है कि गाँव-गाँव, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचे और कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे।”
स्वास्थ्य सचिव का वक्तव्य
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि “यह अभियान आमजन को मुफ्त जांच, परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार हर जनपद में सक्रिय हैं और जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान कर रही हैं।”
फैक्ट्री कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज, मालिक पर कार्रवाई की मांग तेज
हरिद्वार। हरिद्वार के गुरुकुल नारसन में बिजली घर से बिजली चोरी और स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यूपीसीएल मुख्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए विद्युत वितरण खंड रुड़की के प्रभारी अधिशासी अभियंता गुलशन बुलानी और मंगलौर के जेई अनुभव सैनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों को अलग-अलग मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
दो दिन पहले पुलिस ने बिजलीघर के पास से कुछ लोगों को पकड़ा था, जिन्होंने पूछताछ में वासू स्टील फैक्ट्री के मीटर में गड़बड़ी की बात कबूल की। यूपीसीएल की जांच टीम ने मौके पर जांच की तो यह साफ हो गया कि बिजलीघर के भीतर लगे मीटर में छेड़छाड़ कर चोरी की जा रही थी। मामले में उपनल कर्मचारी अकरम अली समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
यूपीसीएल निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने अधिकारियों पर गहरी जिम्मेदारी तय करते हुए निलंबन की कार्रवाई की। उनकी जगह नए अफसरों को कार्यभार सौंपा गया है। इस प्रकरण पर सवाल यह भी उठ रहे हैं कि एक एसडीओ को अधिशासी अभियंता का प्रभार आखिर किस आधार पर दिया गया था।
इस पूरे मामले की गहन जांच के लिए यूपीसीएल एमडी अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता गढ़वाल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर फैक्ट्री मालिक पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
फैक्ट्री कर्मचारियों पर मुकदमा, मालिक का नाम गायब
मुकदमा सिर्फ फैक्ट्री कर्मचारियों पर दर्ज हुआ है, जबकि मालिक का नाम शामिल न होने से सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कर्मचारियों के जरिए मालिक को बचाने की कोशिश की जा रही है।
सभी स्टील फैक्ट्रियों का होगा एनर्जी ऑडिट
मामले को देखते हुए यूपीसीएल प्रबंधन ने रुड़की और भगवानपुर क्षेत्र की सभी उच्च खपत वाली स्टील फैक्ट्रियों और अन्य उद्योगों का एनर्जी अकाउंटिंग ऑडिट कराने का आदेश दिया है। जांच में जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दोहरी मीटरिंग के बावजूद चोरी
बड़ी फैक्ट्रियों में डबल मीटरिंग सिस्टम होता है—एक मीटर फैक्ट्री में और दूसरा बिजलीघर में। बावजूद इसके यहां दोनों मीटरों में छेड़छाड़ की गई। ऐसे में यूपीसीएल के लिए यह मामला चुनौतीपूर्ण बन गया है क्योंकि इसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्टील फैक्ट्रियां संचालित हो रही हैं।
एमडी अनिल कुमार का बयान:
“हमने अधिशासी अभियंता स्तर तक अधिकारियों को निलंबित किया है। पूरे क्षेत्र की एनर्जी अकाउंटिंग कराई जाएगी। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आई तो कठोर कार्रवाई होगी। लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
पिथौरागढ़-मुनस्यारी और हल्द्वानी-अल्मोड़ा हवाई मार्ग हुए चालू, पर्यटन और आवागमन में बढ़ेगी सुविधा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्रीय संपर्क योजना (उड़ान योजना) के तहत पिथौरागढ़-मुनस्यारी-पिथौरागढ़ और हल्द्वानी-अल्मोड़ा-हल्द्वानी हवाई सेवाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन हवाई सेवाओं के शुभारंभ से राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में आम नागरिकों की आवाजाही सुगम होगी और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। राज्य में कुल 18 हेलीपोर्ट्स से हेली सेवाओं के संचालन की योजना है, जिनमें से अब तक 12 हेलीपोर्ट्स पर सेवाएँ सफलतापूर्वक प्रारंभ की जा चुकी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई हवाई सेवाओं से न केवल यात्रियों को समय की बचत होगी बल्कि उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
प्रदेश में 6 लाख बुजुर्गों को DBT के माध्यम से पेंशन का लाभ मिल रहा – मुख्यमंत्री
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बुजुर्गों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश के लगभग 6 लाख बुजुर्गों को DBT के माध्यम से पेंशन का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा, उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में एक मॉडल वृद्धाश्रम का निर्माण किया जा रहा है, जबकि अन्य जिलों में भी वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि जेरियाट्रिक केयर गिवर प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी समेत कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
