देहरादून। उत्तराखंड की जानी-मानी सहकारिता नेता, समाजसेवी और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक शिल्पी अरोड़ा हाल ही में कृभको (KRIBHCO – Krishak Bharati Cooperative Limited) के निदेशक पद पर निर्वाचित हुई हैं। यह उपलब्धि ऐतिहासिक है क्योंकि वे उत्तराखंड से पहली महिला निदेशक बनी हैं।
कृभको देश की अग्रणी बहु-राज्य सहकारी संस्था है, जो किसानों को खाद, बीज और कृषि उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ सहकारिता आंदोलन को मजबूती देती है। इसके निदेशक मंडल में पूरे देश से 11 निदेशक चुने जाते हैं, जिससे यह संस्था राष्ट्रीय स्तर पर किसानों और सहकारिता की आवाज़ बनती है।
शिल्पी अरोड़ा पिछले दो दशकों से किसानों और महिलाओं के कल्याण के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। किसान आंदोलन के दौरान उन्होंने ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर भी सक्रिय भूमिका निभाई थी और कृभको व नेफेड जैसे बड़े सहकारी संस्थानों से किसानों के हित में लगातार कार्य करती रही हैं। वे FICCI FLO उत्तराखंड की संस्थापक चेयरपर्सन और पंजाबी महिला महासभा की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी महिलाओं की उन्नति और सामाजिक कार्यों में अपनी अहम भूमिका निभा चुकी हैं।
नव-नियुक्त अध्यक्ष सुधाकर चौधरी और उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल यादव को शुभकामनाएं देते हुए, श्रीमती शिल्पी अरोड़ा ने कहा कि वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ संस्था व किसानों के हित में कार्य करती रहेंगी।
मुख्यमंत्री धामी ने दी पीएम मोदी को शुभकामनाएं, कहा– उत्तराखंड से है विशेष लगाव
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर बुधवार को उत्तराखंड के चारों धामों के साथ ही प्रमुख तीर्थ स्थलों पर विशेष पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री की लंबी आयु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
बदरीनाथ धाम में बीकेटीसी पदाधिकारियों की मौजूदगी में विशेष हवन का आयोजन किया गया, जिसमें पुरोहितों ने भगवान बदरी विशाल से प्रधानमंत्री के मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। वहीं केदारनाथ धाम में महारुद्राभिषेक कर बाबा केदार से देश के नेतृत्वकर्ता के लिए आशीर्वाद मांगा गया।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और चार धामों में हुए विकास कार्य उनके व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है और राज्य के लोग भी उनके प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान रखते हैं।
‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ का सपना साकार करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ‘स्वच्छ उत्सव-2025’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। साथ ही प्रदेशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएँ भी दीं।
मुख्यमंत्री ने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया और प्रदेशवासियों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक प्रदेशभर में सेवा एवं स्वच्छता से संबंधित नियमित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की, स्वच्छता की शपथ दिलाई, पौधारोपण किया तथा स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पर्यावरण मित्रों को सम्मानित भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता आंदोलन ने देश को नई दिशा दी है। ‘स्वच्छ उत्सव-2025’ इसी संकल्प का हिस्सा है, जो आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और स्वच्छ भविष्य देने का वचन है। उन्होंने कहा कि ‘‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’’ का सपना साकार करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सीएम धामी ने बताया कि हाल ही में राष्ट्रीय वायु कार्यक्रम के अंतर्गत घोषित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नगर निगम देहरादून को देश में 19वाँ स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि स्वच्छता रैंकिंग में नगर निगम ने 62वाँ स्थान हासिल किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। राज्य में अब तक छह लाख से अधिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। देहरादून नगर निगम ने सफाई संबंधी समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु स्वच्छता कंट्रोल रूम की स्थापना की है तथा कूड़ा उठान, सीसीटीवी निगरानी और नियमित सफाई व्यवस्था से शहर को नई दिशा दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी जीवनशैली और संस्कारों का हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से घर, मोहल्ले और गाँव-शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर बल दिया और कहा कि पौधारोपण जीवन की गुणवत्ता सुधारने का माध्यम है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक सविता कपूर, सुरेश गड़िया, सचिव नीतेश झा, नगर आयुक्त नमामि बंसल समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिवृष्टि से निपटने को CM धामी सक्रिय, SEOC पहुँचकर राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की, अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश
देहरादून। प्रदेशभर में लगातार हो रही अतिवृष्टि के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SEOC) पहुँचे। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग, SDRF, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राजधानी देहरादून सहित सभी प्रभावित जिलों में हुए नुकसान की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और प्रभावित परिवारों को तत्काल हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने लापता लोगों की तलाश और फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सीएम धामी ने SDRF, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कार्यशैली की सराहना करते हुए टीमों से समन्वित रूप से कार्य करने की अपील की।
सीएम ने पेयजल विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को भी आपदा के बाद संभावित बीमारियों के प्रति विशेष सतर्क रहने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा बचाव में साहसिक कार्य करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर बातचीत कर उत्तराखंड की स्थिति की जानकारी ली और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले तीन दिनों में सभी जिलों में पूरी सतर्कता बरती जाए और मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव, सचिव आपदा प्रबंधन, NDRF-SDRF अधिकारी तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देहरादून। परेड ग्राउंड स्थित बहुउद्देश्यीय हॉल में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल जिलों की कुल 14 बाल देखरेख संस्थाओं (5 राजकीय एवं 9 स्वैच्छिक) से लगभग 250 बच्चों ने भाग लिया। यह आयोजन मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष में किया गया था लेकिन आपदा जैसे हालात को देखते हुए इसे बहुत सादगी के साथ आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि विभागीय कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बच्चों को खेल को अपने जीवन का नियमित हिस्सा बनाने पर बल देते हुए कहा कि खेल से न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक विकास भी होता है। साथ ही बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्होंने खेल के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य निर्माण करने का आह्वान किया।

बच्चों ने खो-खो, कबड्डी, रस्साकसी, पिट्ठू सहित विभिन्न इंडोर खेलों जैसे नींबू-चम्मच दौड़, बोरी दौड़ में हिस्सा लिया। इसके साथ ही रंगोली, चित्रकला और योग जैसे रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल करने वाले विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। सभी प्रतिभागी बच्चों को बैग भी भेंट किए गए। इसके अतिरिक्त ‘‘पोषण माह‘‘ (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर, 2025) के अंतर्गत 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग की 50 किशोरियों को पोषण किट वितरित की गई।
इस अवसर पर विभागीय सचिव चंद्रेश यादव, निदेशक बीएल राणा, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी अंजना गुप्ता, उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, राजीव नयन सहित विभागीय अधिकारी और कार्मिक मौजूद रहे।
लोकसभा अध्यक्ष बोले – एआई में आध्यात्मिक मूल्यों का समावेश जरूरी
सीएम धामी ने कहा – सनातन संस्कृति विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम
हरिद्वार। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा आयोजित इण्डियन ए.आई समिट में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आधुनिक युग में एआई की भूमिका महत्त्वपूर्ण है। आज अनेक क्षेत्र में एआई का उपयोग हो रहा है। एआई का आध्यात्मिक मूल्यों के साथ समावेषन होना चाहिए। एआई के माध्यम पूरी दुनिया तक भारत के ज्ञान, संस्कृति को पहुचाने की दिशा में सार्थक पहल होनी चाहिए। विज्ञान व अध्यात्म का समन्वय को साथ लेकर चलें। लोकसभा अध्यक्ष ने आशा व्यक्त की कि तकनीकी नवाचार के माध्यम से भावी पीढी सुदृढ हो, इस दिशा में देवसंस्कृति विवि कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आध्यात्मिकता और विज्ञान के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आयोजित एआई सम्मेलन का आयोजन करने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय और डॉक्टर चिन्मय पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय संस्कृति में ज्ञान विज्ञान और अध्यात्म का एक अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। हमारी सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि एक गहरी वैज्ञानिक दृष्टिकोण चिंतन और शोध का परिणाम है। हमारी सनातन संस्कृति निश्चित रूप से अपना एक वैशिष्ठय लिए हुए है, यही कारण है कि भारतीय संस्कृति ने विश्व को अनगिनत वैज्ञानिक खोजे दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के साथ साथ एआई भी व्यापक रूप से हमारे जीवन के हर पहलुओं को प्रभावित कर रहा है। एआई तकनीक हमारे दैनिक जीवन को न केवल आसान बना रही है बल्कि उद्योग में, चिकित्सा, शिक्षा, कृषि और अनेक क्षेत्रों में नवाचार की प्रगति का भी प्रमुख कारण बन गई है। यदि हम इस शक्ति का सही दिशा में सही प्रकार से उपयोग करें तो हम अनेकों क्षेत्र में सुधार ला सकते हैं। यदि हम ए.आई की शक्ति का सही दिशा और उद्देश्य के साथ उपयोग करें, तो ये अनेक क्षेत्रों में सुधार लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा आस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए स्थापित विशेष आयोग के एशिया क्षेत्र के कमिश्नर डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि वर्तमान में एआई केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि यह शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग और सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। हालांकि इसके साथ ही नैतिकता, गोपनीयता, डेटा सुरक्षा तथा रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर कई चिंताएँ भी सामने आ रही हैं।
स्विटजरलैण्ड के इन्टर पार्लियामेंट्री यूनियन के सक्रेटरी जनरल मार्टिल चुंगोंग ने वीडियों संदेश के माध्मय से एआई की वैश्विक भूमिका को सभी के समक्ष रखा।
इस अवसर पर भारत सरकार के एआई मिशन के सीईओ डॉ अभिषेक सिंह, रॉबर्ट ट्रैगर, विलीयम जोन्स, स्वामी रूपेन्द्र प्रकाश, स्टुअर्ट रसेल, जान टैलिन, नालंदा विवि के कुलपति डॉ सचिन चतुर्वेदी आदि अनेक एआई विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किये।
इस अवसर पर विधायक मदन कौशिक, पूर्व विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, राज्यमंत्री डॉ जयपाल सिंह चौहान, ओम प्रकाश जमदग्नि सुनील सैनी, जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे सहित देव संस्कृति के छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
फिट उत्तराखंड का अलग पोर्टल और मोबाइल एप जारी होगा
2 अक्टूबर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए हजारों लोगों को जोड़ा जाएगा
देहरादून। 18 सितंबर से प्रदेश में फिट उत्तराखंड अभियान का आगाज होने जा रहा है। मंगलवार को खेल विभाग की बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसके समेत कई अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फिट उत्तराखंड अभियान की तैयारी काफी दिनों से की जा रही थी और 18 सितंबर को मुख्यमंत्री इसके विशेष पोर्टल व मोबाइल ऐप का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद 2 अक्टूबर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिए प्रदेश के हर आयु वर्ग के हजारों लाखों लोगों को एप और पोर्टल से जोड़ने के लिए विभिन्न रोचक प्रतियोगिताएं कराई जाएगी। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह अभियान हर आयु वर्ग के लोगों को उनके स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मकसद से चलाया जा रहा है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि खेल महाकुंभ नाम से होने वाला खेल आयोजन इस साल से नए फॉर्मेट में कराया जाएगा और इसका नाम सीएम कप होगा। इसकी प्रतिस्पर्धाएं न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर प्रदेश स्तर तक आयोजित की जाएगी। यह आयोजन 1 अक्टूबर से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अतिरिक्त बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्य ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लिए बजट की व्यवस्था पहले से करने के निर्देश दिए, जिससे कि खिलाड़ियों को समय से पैसा पहुंचाया जा सके। साथ ही खेल विभाग में नियुक्त संविदा प्रशिक्षकों के मानदेय के लिए भी बजट का प्रबंध पहले से करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने की दिशा में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर खेल निदेशक अजय अग्रवाल, स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, उपनिदेशक शक्ति सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर की तहसीलों से जुड़े मुख्यमंत्री धामी
भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर समितियां बनेगीं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेशभर की सभी तहसीलों में आयोजित तहसील दिवस कार्यक्रमों में वर्चुअल प्रतिभाग कर जनता से संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि तहसील दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का सशक्त मंच है तथा सरकार का लक्ष्य है कि हर शिकायत का तय समय में निस्तारण हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवस पर आमजन की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के निस्तारण के लिए जिला मुख्यालय, शासन न जाना पड़े। उन्होंने कहा सभी ने मिलकर तहसील दिवस को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा शिकायतों का त्वरित समाधान के साथ ही अन्य शिकायतों का नियमित फॉलो-अप भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर समस्या न रहे। उन्होंने कहा सभी अधिकारी तहसील दिवस को गंभीरता से लें। यह दिवस सरकार की जनसेवा की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अपात्र व्यक्ति जिन्होंने गलत जानकारी के आधार पर आयुष्मान, राशन कार्ड, स्थायी निवास, जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज बनाए हैं। उन्हें भी चिन्हित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों के हक़ और संसाधनों की सुरक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि, नदी-नालों की ज़मीनों तथा अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अतिक्रमण रोकने के लिए कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अतिक्रमण से संबंधित मामलों पर तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस प्रकार की समस्याएं उत्पन्न न हों।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में भूमि विवादों के निस्तारण के लिए तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में समिति गठित करने के निर्देश दिए। जिसमें पुलिस विभाग, वन विभाग और सिंचाई विभाग आदि के अधिकारी भी सदस्य होंगे। उन्होंने कहा यह समिति सरकारी भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए जिम्मेदार होगी। साथ ही निजी भूमि के विवाद का निस्तारण भी इस समिति द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रदेश भर में सेवा पखवाड़ा आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा पखवाड़ा में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग करें और जनहित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को सफल बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा पखवाड़ा समाज को जोड़ने और सेवा भाव को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में हमारा राज्य आपदा से जूझ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से हुए नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को गति दी जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से भी आपदा प्रभावित परिवारों के साथ संवाद करने एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बीडीसी और जिला पंचायत की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में भागीदारी से अधिकारियों को ग्राम स्तर पर उत्पन्न होने वाली वास्तविक समस्याओं की जानकारी मिलेगी और उनके समाधान की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाई जा सकेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, सचिव शैलेश बगौली, सचिव विनय शंकर पांडे, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एवं वर्चुअल माध्यम से प्रत्येक तहसील से अधिकारी एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
बारिश से हुई क्षति पर जिलाधिकारी सजग, राहत कार्यों के लिए विभागों को समन्वय के निर्देश
सभी विभाग मिलकर करें कार्य, जिलाधिकारी ने दिए आपदा प्रबंधन को गति देने के निर्देश
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मंगलवार को आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर कल रात से हो रही बारिश से हुए नुकसान का अवलोकन किया। इसके उपरांत उन्होंने जनपद के समस्त उपजिलाधिकारियों सहित लोनिवि, पीएमजीएसवाई, विद्युत एवं पेयजल विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने कहा कि बारिश से प्रभावित मोटर मार्ग, विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाय। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी राजस्व निरीक्षक अपने-अपने क्षेत्र में उपस्थित रहें और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल आपदा कंट्रोल रूम को दें।
जिलाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग, स्टेट हाईवे, पीएमजीएसवाई और ग्रामीण मार्गों की स्थिति की भी समीक्षा की गयी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी मार्ग अवरुद्ध हैं, उन्हें समय रहते सुचारु किया जाय। साथ ही उन्होंने सभी अधिशासी अभियंताओं को सड़क मार्ग खोलने की सूचना भी तत्काल कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने तैनात जेसीबी मशीनों की जियो टैगिंग के साथ ऑपरेटर की फोटो उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये, ताकि ऑपरेटर मशीन पर उपस्थित रहे और मार्ग अवरुद्ध होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिकारी को वुड कटर मशीन की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा।
विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जहां मरम्मत में समय लगे, वहां अस्थायी आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजस्व, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, विद्युत, पेयजल, स्वजल तथा आपदा प्रबंधन विभाग आपस में लगातार संपर्क बनाए रखें और सूचना का आदान-प्रदान शीघ्रता से करें। प्रत्येक विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सामूहिक प्रयास सुनिश्चित करे, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, पीडी स्वजल दीपक रावत, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित सभी उपजिलाधिकारी तथा अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
पर्वतमाला परियोजना के तहत बनेगा देश का सबसे बड़ा रोपवे, हर साल लाखों श्रद्धालुओं को होगा लाभ
देहरादून। केदारनाथ धाम तक पहुंचने वाली सोनप्रयाग रोपवे परियोजना का जिम्मा अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को सौंपा गया है। कंपनी को इसके लिए औपचारिक सहमति पत्र भी मिल गया है। इस परियोजना से तीर्थयात्रियों को बेहद बड़ी सुविधा मिलने वाली है।
12.9 किलोमीटर लंबी इस रोपवे लाइन के शुरू होने से सोनप्रयाग से केदारनाथ तक की लगभग 9 घंटे की कठिन पैदल चढ़ाई मात्र 36 मिनट में पूरी हो सकेगी। यह रोपवे हर दिशा में प्रति घंटे करीब 1,800 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगा। इससे हर साल लाखों श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से केदारनाथ धाम तक पहुंच पाएंगे।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय रोपवे विकास योजना ‘पर्वतमाला परियोजना’ का हिस्सा है और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने में करीब छह साल का समय लगेगा और इसके बाद 29 वर्षों तक अदाणी एंटरप्राइजेज इसका संचालन करेगा।
अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी ने कहा कि यह परियोजना केवल इंजीनियरिंग उपलब्धि नहीं है, बल्कि आस्था और आधुनिक तकनीक का संगम है। उनके अनुसार, यह रोपवे न सिर्फ यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर भी लेकर आएगा।
