प्रेम प्रसंग के चलते महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दिए कठोरतम कार्रवाई के निर्देश
ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवाजीनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले में एम्स ऋषिकेश में संविदा पर तैनात 32 वर्षीय महिला कर्मचारी प्रीति रावत की उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस जघन्य अपराध पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल ने पुलिस आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और आरोपी के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए जो समाज में नजीर बन सके।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रीति रावत मूल रूप से यम्केश्वर निवासी ऋषिकेश में शिवाजीनगर में एक किराए के मकान में अकेली रहती थीं, रात करीब 9:30 बजे आरोपी ने उनके घर पर पहुंचकर गोली मारी थी।
मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट ऋषिकेश से फोन पर वार्ता के क्रम में जानकारी ली, जिसमें तथ्यों के अनुसार मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग और विवाह के दबाव से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि आरोपी मृतका से शादी करने के लिए दवाब बना रहा था, जिसके चलते उसने अपनी पत्नी को भी तलाक दे दिया था। जब मृतका ने शादी से इनकार किया और उसकी बात नहीं मानी, तो उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसओ ऋषिकेश से वार्ता कर अब तक कार्यवाही की प्रगति की रिपोर्ट ली है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में महिलाओं के प्रति बढ़ते ऐसे अपराध कतई स्वीकार्य नहीं हैं। अध्यक्षा ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि पीड़िता के परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट ने जानकारी में बताया कि फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वीबी जी रामजी योजना पर आयोजित जिला सम्मेलन में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
नानकमत्ता/उधमसिंहनगर। रविवार को उधम सिंह नगर के नानकमत्ता स्थित प्रेम पैलेस में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वीबी जी रामजी योजना जन जागरण जिला सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा कि मनरेगा के मुकाबले यह योजना हर तरीके से बेहतर है और इसे 20 साल के अनुभव से मिली सीख के आधार पर तैयार किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ इसलिए इस योजना की आलोचना कर रही है क्योंकि राम के नाम से उनका विरोध बहुत पुराना है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 100 के बजाय अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, रोजगार न मिलने की स्थिति में भत्ता देने और साप्ताहिक डिजिटल भुगतान जैसे प्रावधान इस योजना को श्रमिकों के लिए बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि फसलों की कटाई और बुवाई के सीजन में इस योजना के तहत सार्वजनिक काम 60 दिन के लिए रोक दिए जाएंगे ताकि श्रमिक कृषि कार्य में भी काम कर सके और इस योजना के तहत भी उनके लिए रोजगार के अवसर न छूटें।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस योजना के जरिए अब सुनियोजित लक्ष्य के साथ निर्माण कार्य होंगे और यह योजना गांवों को 2047 के विकसित भारत में सहयात्री बनाएगी।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपाल राणा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम सिंह दुरना, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, रमेश जोशी, अमित नारंग, उत्तम दत्ता, रमेश जोशी, तरुण दत्ता, विकास गुलाटी, ओम नारायण राणा, देवेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, राजेश बजाज, रश्मि रस्तोगी, विनीत सक्सेना, बिट्टू चौहान, रवि रस्तोगी, पुष्पेंद्र राणा, विजय तोमर, रविंद्र राणा आदि उपस्थित रहे।
नाबालिग को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा कर दून पुलिस का किया आभार व्यक्त
घर मे मन न लगने पर घरवालों को बिना बताए घर से निकल गयी थी नाबालिग बालिका
देहरादून। थाना डालनवाला क्षेत्र से लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु से सकुशल बरामद कर लिया है। बालिका की सुरक्षित वापसी के बाद परिजनों ने दून पुलिस की कार्यशैली की सराहना की है।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को डालनवाला निवासी एक व्यक्ति ने थाना डालनवाला में लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिग पुत्री के बिना बताए घर से चले जाने की सूचना दी थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद बालिका का कोई सुराग नहीं लग पाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डालनवाला में तत्काल मुकदमा संख्या 09/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।
प्रकरण को संवेदनशील मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बालिका की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस टीम द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष देहरादून के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से बालिका की तलाश तेज की गई।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस को बालिका के तमिलनाडु में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को तिरुपुर, तमिलनाडु से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में बालिका ने बताया कि घर में मन न लगने के कारण वह परिजनों को बिना बताए घर से निकल गई थी और भटकते हुए तमिलनाडु पहुंच गई। बालिका ने अपने साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी से इनकार किया है। आवश्यक काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
नाबालिग की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस और दून पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की प्रशंसा की।
तकनीक व डेटा विश्लेषण के जरिये शिक्षा प्रणाली में हो रहा व्यापक सुधार
छात्रों व शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे चैटबॉट व ई-सृजन प्लेटफार्म
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित विद्या समीक्षा केन्द्र (VSK) प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से छात्रों की अधिगम प्रगति, शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा विभागीय योजनाओं की निगरानी को डेटा-आधारित किया गया है, जिससे शिक्षण गुणवत्ता, उपस्थिति, प्रशिक्षण एवं संसाधन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इन्हीं सुधारों के क्रम में नई शिक्षा नीति–2020 के प्रावधानों के तहत विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से छात्रों की साप्ताहिक अधिगम प्रगति की सतत निगरानी की जा रही है। इसके लिए सक्षम कार्यक्रम के अंतर्गत विषयवार क्विज़ एवं उपचारात्मक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ‘मेरी उपस्थिति’ चैटबॉट के माध्यम से विद्यार्थियों की रीयल-टाइम उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इसके जरिए लगातार अनुपस्थित छात्रों की पहचान कर समय पर हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिल रही है शिक्षकों के लिए ‘शिक्षक सहायक’ चैटबॉट उपयोगी सिद्ध हो रहा है, जिसके माध्यम से पाठ योजनाएं, वर्कशीट और शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही ई-सृजन प्लेटफार्म पर शिक्षकों को तकनीकी एवं विषयगत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक 92 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण पूर्ण किया गया, जो राज्य में क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त सीआरपी/बीआरपी द्वारा ऑन-साइट मेंटरिंग की निगरानी भी विद्या समीक्षा केन्द्र से की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि अभिभावकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत ‘जिज्ञासा’ चैटबॉट प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही आईएफए एवं एनडीडी टैबलेट वितरण, एप्टीट्यूड टेस्ट अंकों का डिजिटलीकरण तथा यू-डाइस प्लस आधारित विश्लेषण जैसी पहलें भी शुरू की गई हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में डेटा-आधारित निर्णय संभव हो पा रहे हैं। इसके अलावा निजी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी इस प्लेटफार्म से जोड़ा जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नौनिहालों का सर्वांगीण विकास हो सके।
विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए भी नई पहल की गई है। इसके तहत फरवरी 2026 से ग्रेड 4 से 9 के लिए पहल डायग्नोस्टिक असेसमेंट तथा
ग्रेड 1 एवं 2 के लिए निपुण एंडलाइन असेसमेंट में ओसीआर तकनीक के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जाएगी और शिक्षक ऑनलाइन मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और 2 से 3 दिनों के भीतर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।
बयान
“विद्या समीक्षा केन्द्र प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। तकनीक और डेटा के माध्यम से अब न केवल छात्रों की सीखने की प्रक्रिया पर सतत निगरानी संभव हो रही है, बल्कि शिक्षकों को भी आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बन रही है।”
— डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के जन्मदिवस के अवसर पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित भद्रकाली मंदिर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भद्रकाली मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
बर्फबारी के बाद औली में कड़ाके की ठंड, कृत्रिम झील पूरी तरह जमी
देशभर से उमड़े सैलानी, बर्फबारी से औली के पर्यटन कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
औली। हालिया बर्फबारी के बाद उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में शीत लहर का असर तेज हो गया है। सूर्यास्त के बाद तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ठंड का आलम यह है कि औली में बनाई गई कृत्रिम झील पूरी तरह जम गई है और चारों ओर बर्फ की सफेद चादर नजर आ रही है।
बर्फबारी से बदला औली का नज़ारा
लगातार हुई बर्फबारी के बाद औली के दृश्य पूरी तरह बदल गए हैं। पहाड़, ढलान और मैदान बर्फ से ढक गए हैं, जिससे औली एक बार फिर विंटर डेस्टिनेशन के रूप में चमक उठा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटकों की आमद बनी हुई है और स्कीइंग जैसी साहसिक गतिविधियों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कृत्रिम झील के ऊपर जमी मोटी बर्फ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पर्यटन कारोबार को मिली नई रफ्तार
मौसम के मिजाज में आए बदलाव का सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक औली पहुंच रहे हैं। बर्फबारी से पहले जहां होटल बुकिंग रद्द हो रही थीं, अब वहां दोबारा बुकिंग आने लगी हैं। पर्यटन से जुड़े कारोबारी इसे राहत भरे संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
पर्यटकों में दिखा उत्साह
बर्फ का आनंद लेने पहुंचे पर्यटक औली की खूबसूरती से बेहद प्रभावित नजर आ रहे हैं। पुणे से आई पूनम चौधरी ने बताया कि वह पहली बार दोस्तों के साथ औली पहुंची हैं और यहां अपना जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कीइंग का अनुभव बेहद रोमांचक रहा और बर्फ से ढके नज़ारे मन मोह लेने वाले हैं। वहीं झारखंड से आए गौरव ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से औली आने की योजना बना रहे थे, लेकिन बर्फबारी न होने के कारण कार्यक्रम टलता रहा। अब परिवार के साथ यहां आकर बर्फबारी का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
बुकिंग बढ़ने से पर्यटन विभाग उत्साहित
गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) औली के प्रबंधक प्रदीप शाह ने बताया कि बर्फबारी के बाद औली में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले बर्फ न होने के कारण जिन बुकिंग को रद्द किया जा रहा था, अब वे दोबारा मिलने लगी हैं, जिससे पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है।

आवास सचिव का साफ संदेश- निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर
देहरादून। आवास सचिव डॉ.आर राजेश कुमार ने सचिवालय परिसर स्थित निर्माणाधीन आधुनिक कार्यालय भवन के कार्यों की समीक्षा की। सचिव ने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा
राज्य सम्पत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन सचिवालय परिसर, देहरादून में विश्वकर्मा भवन के समीप 6 मंजिला (जी5 एवं एक बेसमेंट सहित) आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह भवन राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक कार्यालय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इस परियोजना को शासनादेश दिनांक 26 मार्च 2025 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन निर्माण की कुल लागत ₹5934.71 लाख है, जिसमें सिविल कार्य एवं विद्युतीकरण कार्य शामिल हैं। अब तक इस परियोजना पर लगभग ₹1400 लाख की धनराशि का आंवटन किया जा चुका है।
निर्माण एजेंसी और समय-सीमा
भवन के सिविल निर्माण कार्य का अनुबंध मैसर्स शिव कुमार अग्रवाल को दिया गया है। निर्माण कार्य को डेढ़ वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना है, जिसकी अंतिम तिथि 24 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है।
भवन की प्रमुख विशेषताएं
यह भवन 34×74 मीटर के प्लॉट पर निर्मित किया जा रहा है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2516 वर्ग मीटर है। सभी मंजिलों को मिलाकर भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,04,480 वर्ग फीट होगा। भवन के बेसमेंट में 25 कार पार्किंग और 100 दोपहिया वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सचिवालय परिसर में पार्किंग की समस्या से राहत मिलेगी। ग्राउंड फ्लोर पर एसबीआई बैंक, पोस्ट ऑफिस, प्रवेश लॉबी और वेटिंग एरिया का प्रावधान किया गया है। ऊपरी मंजिलों पर सचिव, अपर सचिव, उप सचिव, संयुक्त सचिव, अनुसचिव, स्तर के कार्यालय व उनके स्टाफ कक्ष, वेटिंग लॉबी और मीटिंग हॉल बनाए जा रहे हैं।
निर्माण की वर्तमान स्थिति
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति के अनुसार भवन का फाउंडेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। बेसमेंट का सिविल कार्य पूरा कर लिया गया है तथा ग्राउंड फ्लोर का कार्य प्रगति पर है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 15 प्रतिशत है। राज्य सम्पत्ति विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह भवन सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाएगा।
गुणवत्ता से समझौता नहीं- डॉ आर राजेश कुमार
सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा सचिवालय परिसर में निर्माणाधीन यह आधुनिक कार्यालय भवन राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप हम सभी निर्माण कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार आगे बढ़े। यह भवन भविष्य में बेहतर कार्यसंस्कृति और सुगम प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान उनके साथ एसएस रावत संयुक्त सचिव, राज्य संपत्ति, नीरज कुमार त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता लोकनिर्माण विभाग, संदीप वर्मा, अपर सहायक अभिंयता सिविल, गोविंद सिंह, सहायक अभियंता सहित ठेकेदार मौजूद रहे।
पीआईबी द द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया संबोधित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत सरकार के प्रगति पोर्टल विषय पर पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार (पीआईबी) देहरादून द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान राज्य में चल रही विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं के बारे में पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।
वार्ता के दौरान धामी ने जानकारी दी कि परियोजनाओं, योजनाओं एवं जन शिकायतों की त्वरित समीक्षा एवं समाधान के लिए पोर्टल- प्रो एक्टिव एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (PRAGATI) बनाया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विभिन्न योजनाएं जो देश के अंदर संचालित होती हैं उनकी समीक्षा के लिए प्रगति पोर्टल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत लॉन्च किया गया था। प्रगति पोर्टल भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की निगरानी करता है और पोर्टल में आई समस्याओं का समाधान भी करता है। जिसकी वजह से विकास की योजनाएं तेजी से धरातल पर उतरती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, रेलवे, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, हवाई सेवा की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा समय में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स का रिव्यू PRAGATI मैकेनिज्म के तहत किया जा रहा है।
इनमें से अब तक 10 योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं और 32 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। जो 32 परियोजनाएं अंडर इम्प्लीमेंटेशन हैं उनमें से 12 परियोजनाएं PRAGATI पोर्टल के तहत मॉनिटर की जा रही हैं। इनमें सड़क और राजमार्ग की 19 परियोजनाएं, IT/ITES की 3 परियोजनाएं, ऊर्जा उत्पादन की 3 परियोजनाएं, रेलवे की 2 परियोजनाएं, कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत, अपशिष्ट और जल प्रबंधन में एक-एक परियोजनाएं शामिल हैं।
मौजूदा समय में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स की समीक्षा प्रगति (PRAGATI) मैकेनिज्म के तहत की जा रही है ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बड़ी परियोजनाएं जैसे चार धाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हुआ है। इसी प्रकार ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन देश की प्रमुख परियोजना है जो पहाड़ों के बीच से हमारे सुदूरवर्ती क्षेत्र तक पहुंच रही है। इस परियोजना का काफी काम पूरा हो चुका है और परियोजना के पूरा होते ही यह क्षेत्र पर्यटन, चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। साथ ही सामरिक रूप से भी इसका महत्व बढ़ेगा, क्योंकि कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन पहुंचने से मानसून वर्षाकाल में जो रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं। इस रेलवे लाइन के बिछने से लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
सीएम धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, धनोल्टी, देहरादून आने वाले सभी देश-दुनिया के पर्यटक लाभान्वित होंगे। जल विद्युत परियोजनाएं जो राज्य की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है उन सभी पर तेजी से काम चल रहा है। जिनकी समीक्षा प्रतिदिन भारत सरकार के प्रगति पोर्टल के माध्यम से हो रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत, डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो रहा है जिसमें प्रगति पोर्टल का अहम रोल है।
भागीरथी इको सेंसेटिव ज़ोन के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में आ रहे अवरोधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार इस चुनौतिपूर्ण परेशानी को दूर करने के प्रयास करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना(SASCI) 2025-26’ के तहत उत्तराखंड के लिए ₹734 करोड़ की अतिरिक्त ऋण राशि (Additional Allocation) और शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इस दोहरी सौगात के साथ चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र द्वारा उत्तराखंड को SASCI योजना के अंतर्गत दी गई कुल सहायता अब ₹1,806.49 करोड़ के प्रभावशाली आंकड़े तक पहुँच गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने और ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।”
गणेश जोशी बोले— सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के जैंतनवाला में ₹17.47 लाख की लागत से निर्मित ‘वीर स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय स्मृति पार्क’ के सौंदर्यकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में स्थापित वीर स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से ₹26.99 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। इसके साथ ही उन्होंने जैंतनवाला ग्रीन लॉन कॉलोनी में लगभग 2 किलोमीटर नाली एवं सड़क निर्माण की घोषणा की।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ देश के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्मृति पार्क जैसे कार्य न केवल शहीदों की यादों को संजोते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा भी देते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
