काशीपुर प्रबुद्धजन सम्मेलन में बोले सीएम धामी — “विकसित भारत@2047 के अग्रदूत हैं प्रबुद्ध नागरिक”
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में भाग लिया। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद स्थापित किया और राज्य सरकार की उपलब्धियों व विकास कार्यों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षाविद, अधिवक्ता, उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजन प्रधानमंत्री के “विकसित भारत@2047” के संकल्प को साकार करने वाले अग्रदूत हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति के साथ नई ऊंचाइयां छू रहा है। भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों से वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड भी निवेश और औद्योगिक विकास में अग्रणी बन रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए 3.56 लाख करोड़ के निवेश समझौतों में से लगभग 1 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उतारे जा चुके हैं। राज्य में नई औद्योगिक नीति, स्टार्टअप नीति और मेगा इंडस्ट्रियल पॉलिसी से निवेशकों को बेहतर माहौल मिला है।
उन्होंने स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए “एक जनपद, दो उत्पाद”, “हाउस ऑफ हिमालयाज”, “स्टेट मिलेट मिशन” और नई पर्यटन नीति जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और अवैध धर्मांतरण व लैंड जिहाद पर कार्रवाई को राज्यहित में ऐतिहासिक निर्णय बताया।
श्रीनगर। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (HNBGU) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रों को बड़ी राहत दी है। अब विश्वविद्यालय के परिसरों और संबद्ध महाविद्यालयों में बिना सीयूईटी (CUET) स्कोर के भी दाखिला मिल सकेगा। विवि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्रों को 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार कर प्रवेश दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू
विश्वविद्यालय की ओर से आवेदन प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 11 सितंबर इसकी अंतिम तिथि तय की गई है। इच्छुक छात्र-छात्राएं समर्थ पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रो. ओपी गुसाईं ने बताया कि सामान्य श्रेणी के छात्रों को निर्धारित शुल्क देना होगा, जबकि एससी, एसटी और दिव्यांगजन वर्ग के लिए क्रमशः 400 और 200 रुपये का पंजीकरण शुल्क रखा गया है।

किन पाठ्यक्रमों में मिलेगा प्रवेश
बीए एलएलबी, एलएलबी, एलएलएम, बीएड, एमएड, बीपीएड और एमपीएड को छोड़कर स्नातक एवं स्नातकोत्तर के सभी अन्य कार्यक्रमों की रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा।
दून के प्रमुख कॉलेज भी शामिल
गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध दून के प्रमुख महाविद्यालय जैसे डीएवी पीजी कॉलेज, डीबीएस पीजी कॉलेज, एमकेपी पीजी कॉलेज और एसजीआरआर पीजी कॉलेज में भी छात्र-छात्राएं इस प्रक्रिया के जरिए दाखिला ले सकते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम उन छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगा जो किसी कारणवश सीयूईटी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे। अब मेरिट आधारित प्रवेश प्रक्रिया से उन्हें भी उच्च शिक्षा का अवसर मिल सकेगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 सितंबर है, ऐसे में इच्छुक छात्र जल्द से जल्द पंजीकरण कर सकते हैं।
बरसात के बाद पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में आपदा प्रबंधन, कानून व्यवस्था, पुनर्निर्माण कार्यों, पर्यटन एवं जनसुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में शासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को त्वरित राहत, सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिए कि बरसात समाप्त होते ही पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाई जाए तथा आपदा प्रभावितों को मानकानुसार त्वरित सहायता दी जाए।
उन्होंने कहा कि नदी-नालों के किनारे निर्माण पर रोक का सख्ती से पालन कराया जाए, उल्लंघन पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। जिलाधिकारी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम हेतु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि संदिग्ध व्यक्तियों, अनधिकृत आधार कार्ड और वोटर आईडी जारी करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग बढ़ाई जाए और गौवंश संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
चारधाम यात्रा के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून के बाद यात्रा को सतर्कता के साथ सुचारु कराया जाए और यात्रियों को मौसम संबंधी सूचनाएं समय पर उपलब्ध हों। सेवा पखवाड़ा और स्वच्छता अभियान को लेकर उन्होंने जिलाधिकारियों को विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए। प्रत्येक जिले में साप्ताहिक स्वच्छता अभियान चलाने और क्षतिग्रस्त सड़कों को गड्ढा मुक्त करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 और एंटी करप्शन नंबर 1064 की कार्यवाही निरंतर जारी रखी जाए। साथ ही डिजास्टर वॉलंटियर, संकट मोचन दल और मॉक ड्रिल के जरिए आपदा प्रबंधन को मजबूत किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जनता को सेवा के अधिकार के तहत प्रमाणपत्र उसी भाषा (हिंदी या अंग्रेजी) में दिए जाएं, जिसमें वे मांगते हैं। नकली दवाओं के निर्माण और बिक्री में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई करने को भी कहा।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
छात्र-छात्राओं ने पोस्टर, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से फिजियोथेरेपी का महत्व बताया
देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में सोमवार को वल्र्ड फिजियोथेरेपी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामैडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़कर भागीदारी की। इस वर्ष वल्र्ड फिजियोथेरेपी दिवस की थीम हेल्थ एजिंग (स्वस्थ बुढ़ापा) रही। इसी कड़ी में पैरामैडिकल छात्र-छात्राओं ने पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से यह संदेश दिया कि नियमित फिजियोथेरेपी से स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन संभव है। पोस्टर प्रदर्शनी में दर्शकों को उम्र के हर पड़ाव पर फिट रहने के उपायों से अवगत कराया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में बीपीटी के शोहेब नेे प्रथम, बीपीटी की निधि ने द्वितीय और सान्या ने तृतीय पुरस्कार जीता। पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कार्यक्रम आयोजकों को आशीर्वाद एवम् शुभकामनाएं दीं।

सोमवार को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के ऑडिटोरियम में श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के को-ऑर्डिनेटर डॉ. आर.पी. सिंह, अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल मलिक, चिकित्सा अधीक्षक डाॅ अजय पंडिता, डीन डॉ. कीर्ति सिंह और फिजियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. शारदा शर्मा व डाॅ नीरज कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एमपीटी तृतीय वर्ष की छात्राओं ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। बीपीटी प्रथम वर्ष की छात्रा दिव्या ने कविता के माध्यम से फिजियोथेरेपी की महत्ता को हृदयस्पर्शी शब्दों में रखा। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने स्वस्थ बुढ़ापा विषय का मार्मिक चित्रण किया। फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राओं ने हिमाचली, गढ़वाली, पंजाबी व भोजपुरी गीतों से देश के विभिन्न राज्यों की कला एवम् संस्कृति की मनमोहक झलक पेश की। बाॅलीवुड गीतों पर छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों ने युवा धड़कनों को और तेज कर दिया।
फिजियोथेरेपी विभाग ने केक काटकर दिवस को और खास बना दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. शारदा शर्मा ने कहा कि “फिजियोथेरेपी केवल रोगों के इलाज का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का विज्ञान है। बढ़ती उम्र में यह हमारी सबसे बड़ी संबल बन सकती है।” ज्ञात हो कि वल्र्ड फिजियोथेरेपी दिवस हर वर्ष 08 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन विश्व भर के फिजियोथेरेपिस्टों को एकजुट होकर लोगों में स्वास्थ्य-जागरूकता फैलाने और फिजियोथेरेपी की अहमियत बताने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम को सफल बनाने में डाॅ संदीप कुमार, डाॅ शमा परवीन, डाॅ तबस्सुम, डाॅ सुरभी, डाॅ रविन्द्र, डाॅ आकांक्षा, डाॅ अभिषेक, डाॅ सुशांत, डाॅ विशाल व डाॅ जयदेव का विशेष सहयोग रहा।
दानपात्र तोड़ा, नकदी लेकर फरार, मंदिर का ताला टूटा मिला
देहरादून। शहर में चोरों के हौसले दिन-ब-दिन बुलंद होते जा रहे हैं। रविवार को चंद्रहण के कारण माजरीमाफी स्थित प्रख्यात माँ पीताम्बरा बगलामुखी शक्तिपीठ बंद रहा। इसी का फायदा उठाते हुए चोरों ने मंदिर के दानपात्र को तोड़कर नकदी चोरी कर ली।
मंदिर की मान्यता और घटना का खुलासा
माजरीमाफी का यह मंदिर क्षेत्र का एक प्रख्यात शक्तिपीठ माना जाता है। सोमवार सुबह जब मंदिर के कपाट खोले गए तो चोरी का पता चला। मंदिर के मुख्य गेट का ताला टूटा मिला, जबकि अन्य वस्तुएँ सुरक्षित रहीं।
मुख्य पुजारी का बयान
मंदिर के मुख्य पुजारी और प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश नौटियाल ने बताया कि दानपात्र को तोड़कर चोर नकदी ले गए हैं। फिलहाल चोरी का आकलन किया जा रहा है। चूंकि रविवार को सूतक लगने के कारण मंदिर बंद था, इसलिए रात को चोरों ने घटना को अंजाम दिया।
जोगीवाला पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है।
रेलवे की टीमें मौके पर, ट्रैक से मलबा हटाने का काम जारी
हरिद्वार। भीमगोड़ा काली मंदिर टनल के समीप सोमवार सुबह अचानक भूस्खलन होने से अफरा-तफरी मच गई। पहाड़ी से गिरे मलबे ने रेलवे ट्रैक को पूरी तरह ढक दिया। इसके साथ ही मंदिर परिसर में भी भारी मात्रा में मलबा भर गया। घटना के बाद हरिद्वार-देहरादून-ऋषिकेश रेलमार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई है।
रेलवे प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और ट्रैक से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया। तब तक देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाली ट्रेनों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर ही रोका जा रहा है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त को भी इसी स्थान पर भूस्खलन हुआ था। उस दौरान दो बाइक सवार मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे और रेल संचालन कई घंटों तक प्रभावित रहा था।
लाल कुआं/नैनीताल। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने नैनीताल जनपद के लाल कुआं तहसील में बिंदुखात्ता गांव और रावनगर प्रथम में आपदाग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया। नुकसान का जायजा लेने के बाद उन्होंने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पिछले दिनों गोला नदी में बाढ़ आने से बिंदु खात्ता के इंदिरा नगर में काफी नुकसान हुआ था। इसके साथ ही रावनगर प्रथम गांव में भी लोगों को बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ी और काफी नुकसान हुआ। पानी के तेज बहाव से सुरक्षा दीवार ढह गई और कई मकान बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गए ।
इसके अलावा कृषि भूमि का भी एक बड़ा हिस्सा बाढ़ में बह गया । इसकी जानकारी मिलने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या इस क्षेत्र में पहुंची और उन्होंने ग्रामवासियों से उन्हें हुए नुकसान की जानकारी ली।
उन्होंने मौके पर मौजूद जिला प्रशासन और वन अधिकारियों से इस बारे में किया जा रहे कार्यों का ब्योरा मांगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सुरक्षा दीवार का निर्माण जल्द कराया जाए और इस बार इसकी गुणवत्ता ऐसी होनी चाहिए कि आने वाले वर्षों में बाढ़ से नुकसान न झेलना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को बाढ पीड़ित लोगों की त्वरित मदद करने के निर्देश दिए।
बारिश और अंधेरे के कारण हुई दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर
विकासनगर। यमुनोत्री हाईवे पर बंशीपुर के पास देर रात दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की पहचान लंबरपुर बरोटीवाला निवासी वेदांश (20), आसन पुल वार्ड नंबर-8 निवासी धोनी कश्यप (20) और हरबर्टपुर विवेक विहार निवासी रमनदीप (17) के रूप में हुई है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया। हरबर्टपुर अस्पताल में इलाज के दौरान वेदांश और धोनी की मौत हो गई, जबकि रमनदीप को धूलकोट स्थित निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। वहीं आसनपुल निवासी विवेक कश्यप और शाहपुर कल्याणपुर निवासी अंकित गंभीर हालत में भर्ती हैं।
वरिष्ठ उप निरीक्षक ने बताया कि घटना के दौरान बारिश हो रही थी और घटनास्थल पर अंधेरा था। उन्होंने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
हल्द्वानी: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने विकास के लिए सामाजिक समरसता को आवश्यक बताया। रेखा आर्य ने रविवार को हल्द्वानी के गौलापार स्थित पर्वत पब्लिक स्कूल में आयोजित सामाजिक समरसता सहभोज कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि समाज को जोड़ना सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सामाजिक समरसता हर युग की आवश्यकता रही है और मौजूदा समय में केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों ने अपनी नीतियों के जरिए सामाजिक समरसता को धरातल पर उतारने का काम किया है।
रेखा आर्या ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी द्वारा रचित संविधान मूलत सामाजिक समरसता स्थापित करने वाला ग्रंथ है और हम सभी को हर तरह के भेदभाव को अस्वीकार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की विभिन्न योजनाओं और समान नागरिक संहिता के जरिए प्रदेश सरकार ने महिलाओं से हो रहे भेदभाव को दूर करके सामाजिक समरसता कायम की है।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विधायक मोहन सिंह बिष्ट, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरम्वाल , मेयर हल्द्वानी गजराज सिंह बिष्ट, मुकेश वोरा, शंकर कोरंगा, भगवान गिरी महाराज, दीप्ति रावत, आनन्द दरम्वाल , सुरेन्द्र लोटनी, पान सिंह मेवाड़ी, बचे सिंह आदि उपस्थित रहे।
लम्बे समय से गैरहारिज 56 बाॅण्डधारी डाॅक्टरों की सेवाएं समाप्त
कहा, लापरवाह चिकित्सकों के भरोसे नहीं छोड़ सकते हेल्थ सिस्टम
देहरादून: चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 300 और चिकित्सकों की शीघ्र भर्ती की जायेगी। इसके लिये विभागीय अधिकारियों को राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजने के निर्देश दे दिये हैं। इसके अलावा विभाग में लम्बे समय से गैरहाजिर चल रहे 56 बाॅण्डधारी डाॅक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई है। सेवा से बर्खास्त इन चिकित्सकों से मेडिकल काॅलेज को अनुबंध के अनुरूप बाॅंड की धनराशी वसूलने के निर्देश भी दे दिये गये हैं।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि हाल ही में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग में चिकित्साधिकारी (बैकलॉग) के 220 पदों पर डाॅक्टरों की भर्ती की गई, जिनको प्रदेश के सुदूरवर्ती स्वास्थ्य केन्द्रों पर तैनाती भी दे दी गई है। इसके अलावा विभाग में चिकित्सकों के करीब 300 पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों पर शीघ्र भर्ती के लिये विभागीय अधिकारियों को रोस्टर तैयार कर उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजने के निर्देश दे दिये गये हैं, ताकि चयन बोर्ड समय पर भर्ती प्रक्रिया सम्पन्न कर विभाग को नये चिकित्सक उपलब्ध करा सके।
विभागीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर हेल्थ सिस्टम तैयार करने में जुटी है, जिसके तहत सरकार सुदूरवर्ती क्षेत्रों की स्वास्थ्य इकाईयों में ढ़ांचागत व्यवस्थाओं से लेकर चिकित्सकों की तैनाती भी कर रही है, ताकि आमजन को निकटतम अस्पतालों में बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा सरकार ऐसे कार्मिकों को बाहर का रास्ता भी दिखने से गुरेज नहीं कर ही है जो अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह हैं। इसी क्रम में सरकार ने विगत माह राजकीय मेडिकल काॅलेजों से पासआउट 234 गैरहाजिर बाॅण्डधारी चिकित्सकों के विरूद्ध वसूली के साथ ही बर्खास्तगी की कार्रवाई के निर्देश अधकारियों को दिये थे। जिसके फलस्वरूप गयाब चल रहे 178 चिकित्सकों ने वापस विभाग में ज्वाइनिंग दे दी है। जबकि 56 चिकित्सकों ने अंतिम चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया। इन सभी गैरहाजिर 56 चिकित्सकों को बर्खास्त कर दिया गया है, साथ ही निदेशक चिकित्सा शिक्षा को गैरहाजिर सभी चिकित्सकों से बाण्ड की शर्तों के अनुरूप बाण्ड की धनराशि वसूलने के निर्देश भी दिये हैं।
डाॅ. रावत ने बताया कि बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल काॅलेजों में एक अनुबंध के तहत छात्र-छात्राओं को न्यूनतम फीस में एमबीबीएस पढ़ाई कराई जाती है। इस अनुबंध के तहत इन छात्र-छात्राओं को एमबीबीएस की पढ़ाई सम्पन्न होने के बाद सूबे के पर्वतीय जनपदों के चिकित्सा इकाईयों में 5 वर्षों की सेवाएं देना अनिवार्य है। ऐसा न करने की स्थिति में इन चिकित्सकों को बाण्ड में निर्धारित धनराशि जमाकर विभाग से एनओसी लेनी होती है, तभी इन्हें इनके शैक्षिक प्रमाण पत्र लौटाये जाते हैं। अनुबंध की शर्तों का पालन न करने पर चिकित्सकों से बांड में निर्धारित धनराशि वसूलने का प्रावधान है।
