मोस्टामानू महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, ₹62 करोड़ की 15 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के अंतर्गत 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 15 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकासपरक योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मोस्टामानू का मेला हमारी आस्था, विश्वास, और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो कृषि और पशुपालन से जुड़े हमारे ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और हमारी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति मानसखंड में स्थित कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। 6 करोड़ से अधिक की लागत से गंगोलीहाट में हाट कालिका मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 43 करोड़ रूपए की लागत से बजेटी शनि मंदिर, हनुमान मंदिर तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप आधुनिक पार्किंग स्थलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित संपूर्ण क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से पिथौरगढ़ मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में लगभग 21 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ा है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के बीच एमओयू किया चुका है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि सभी भारतवासी स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और भी सशक्त हो सके। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस मेले में हमारे स्वदेशी उत्पादों के कई स्टॉल लगे हैं, जिसमे हमारे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, किसानों और महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के लिए विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड बिण के ग्रामसभा देवत पुरचौड़ा स्थित पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए ट्रीटमेंट का कार्य कराया जायेगा। नैनीसैनी-देवत पुरचौडा-कुम्डार से कनारी मोटर मार्ग में सुरक्षात्मक कार्य किया जायेगा। चंडाक में ईको पार्क एवं स्मृति वन का निर्माण किया जायेगा। मोस्टामानू मंदिर का सौन्दर्यीकरण कराया जायेगा। पिथौरागढ़ के नगर क्षेत्र घण्टाकर्ण से चंडाक तक सड़क के डबल कटिंग का कार्य किया जायेगा। ग्राम हलपाटी से मोस्टामानू तक सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। नैनीसैनी एयरपोर्ट के निकट सिटी गार्डन का निर्माण कार्य किया जायेगा।
इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, डीएफओ आशुतोष सिंह, मेला समिति अध्यक्ष वीरेंद्र बोरा सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
2025-26 में विभिन्न विभागों के लिए समूह-ग भर्तियों की संभावित तिथियां घोषित
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने वर्ष 2025-26 के लिए समूह-ग भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग ने विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की संभावित तिथियां और परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित किया है।
कार्यक्रम के अनुसार, वन दरोगा के 124 पदों का विज्ञापन 28 अक्तूबर 2025 को निकलेगा और इसकी लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 से होगी। वहीं, सहायक समीक्षाधिकारी और वैयक्तिक सहायक की टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा 17 नवम्बर 2025 से आयोजित की जाएगी। उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में सदस्य के 20 पदों के लिए साक्षात्कार 15 दिसम्बर 2025 से होंगे।
शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी (विशेष शिक्षा शिक्षक) के 128 पदों का विज्ञापन 12 सितम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 18 जनवरी 2026 से होगी। विशेष तकनीकी योग्यता वाले 62 पदों का विज्ञापन 26 सितम्बर 2025 को और परीक्षा 1 फरवरी 2026 से प्रस्तावित है।
वाहन चालक के 37 पदों का विज्ञापन 15 अक्तूबर 2025 को जारी होगा, परीक्षा 22 फरवरी 2026 से होगी और वाहन चालक का प्रायोगिक परीक्षण 7 अप्रैल 2026 से आयोजित किया जाएगा। इसी तरह, कृषि इंटरमीडिएट एवं स्नातक योग्यता वाले 212 पदों का विज्ञापन 31 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित होगा और परीक्षा 15 मार्च 2026 से होगी।
इसके अतिरिक्त, सहायक लेखाकार के 36 पदों का विज्ञापन 14 नवम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 29 मार्च 2026 से होगी। सामान्य समूह-ग के तहत कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक एवं अन्य 386 पदों का विज्ञापन 5 दिसम्बर 2025 को प्रकाशित होगा तथा परीक्षा 10 मई 2026 से कराई जाएगी।
आईटीआई, डिप्लोमा और डिग्री धारकों के लिए 41 पदों का विज्ञापन 24 दिसम्बर 2025 को निकलेगा और परीक्षा 31 मई 2026 से होगी। विज्ञान विषय की योग्यता वाले चार पदों के लिए विज्ञापन 7 जनवरी 2026 को और परीक्षा 7 जून 2026 को होगी। इसी तरह, स्नातक योग्यता वाले 48 पदों का विज्ञापन 21 जनवरी 2026 को जारी होगा और परीक्षा 21 जून 2026 से होगी।
टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा का अगला चरण 30 जून 2026 से शुरू होगा। आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम केवल प्रस्तावित है। अपरिहार्य परिस्थितियों में रिक्तियों की संख्या और परीक्षा तिथियों में बदलाव संभव है।
20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को किया सम्मानित
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आयोजित राइजिंग स्टार कार्यक्रम में 20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। यह आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में किया गया था।
कार्यक्रम में देहरादून शहर के कुल 20 स्कूलों के 80 खिलाड़ी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ी पूरे समाज का आदर्श होता है और उसकी ख्याति की कोई सीमारेखा नहीं होती। खेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में बहुत तेजी के साथ खेल संस्कृति विकसित हो रही है और इससे यहां आने वाले समय में बड़ी संख्या में चैंपियन खिलाड़ी तैयार होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 38वें नेशनल गेम्स, अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले प्रदेश के सैकड़ो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस पर उनकी नगद इनाम धन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य होने की बावजूद अपने चैंपियन खिलाड़ियों को जितनी नगद इनाम धनराशि दे रहा है वह खिलाड़ियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी व सामान्य भर्ती में खिलाड़ियों को 4% आरक्षण के फैसले से प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे लाने में मदद मिल रही है।
इस अवसर पर प्रो. (डा.) ज्योति छाबड़ा, कार्यकारी कुलपति एवं विभागाध्यक्ष, फैशन डिजाइन, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, डॉ. सुभाष गुप्ता, निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर), अमित गम्भीर, साहिब सबलोक सहित स्कूलों के खेल प्रशिक्षक आदि मौजूद रहे।
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी क्षेत्र में एक स्कूल बस के पलटने की खबर से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस में लगभग 30 बच्चे सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे के कारणों का अभी तक आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है।
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा और पुलिस को सूचना दी। प्रशासन द्वारा घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।
रोजाना दो उड़ानों में 20 श्रद्धालु करेंगे हवाई धाम यात्रा
देहरादून। बरसात का मौसम खत्म होते ही एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए हवाई मार्ग से धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। जौलीग्रांट हेलिपैड से 15 सितंबर से एमआई-17 हेलीकॉप्टर नियमित उड़ानें संचालित करेगा। प्रतिदिन दो उड़ानों की व्यवस्था की गई है, जिनमें हर बार 20 श्रद्धालु जौलीग्रांट से दो धामों के लिए रवाना होंगे।
गौरतलब है कि रुद्राक्ष एविएशन कंपनी ने इस यात्रा सीजन में 3 मई से ही दो धामों के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं शुरू की थीं, लेकिन 18 जून से बरसात के कारण उड़ानें रोक दी गई थीं। अब मौसम सामान्य होने के बाद दोबारा सेवाएं बहाल की जा रही हैं।
कंपनी अधिकारियों के अनुसार, इस बार दीपावली पहले आने से धामों के कपाट भी जल्दी बंद हो जाएंगे। ऐसे में उड़ान सेवाएं 18 अक्तूबर तक ही संचालित होंगी। श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह है और यही वजह है कि कंपनी लगातार तीसरे साल यह सुविधा उपलब्ध करा रही है।
यात्रा का किराया पहले की तरह ही रहेगा—जौलीग्रांट से दो धामों की एकतरफा यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 1 लाख 25 हजार रुपये (उसी दिन वापसी) और 1 लाख 35 हजार रुपये (रात्रि विश्राम के साथ) तय किया गया है। बुकिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू हो चुकी है।
— राज शाह, ऑपरेशन मैनेजर, रुद्राक्ष एविएशन
देहरादून/दिल्ली। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कोटद्वार के एक शिष्टमंडल से भेंट करते हुए गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने आश्वासन दिया कि लंबे समय से लंबित कंडी मोटर मार्ग और लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सड़कें जल्द ही बनकर तैयार होंगी और इससे पूरे भाबर व गढ़वाल क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
शिष्टमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण व अपूर्ण पड़े सिगड्डी स्रोत व मैली स्रोत पर पुल निर्माण की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह मार्ग 1965 से अस्तित्व में है और पहले यह ढाकर पैदल मार्ग के रूप में व्यापारिक मंडियों को जोड़ता था। लेकिन राज्य गठन के बाद से यह उपेक्षा का शिकार रहा है और आज बंदी के कगार पर है।
सांसद बलूनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि यह दशक उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास का दशक बने। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाबर क्षेत्र के नयागांव, मोल्हापुरी, रसूलपुर व अन्य गांवों के लोगों को अब 11 से 20 किलोमीटर पैदल चलने की मजबूरी से राहत मिलेगी। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।
शिष्टमंडल ने इस मार्ग को ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वाइल्ड लाइफ व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। साथ ही क्षेत्र के सुलताना भांडू, कण्वाश्रम, महाबगढ़ व मालिनी नदी घाटी सभ्यता तक पर्यटकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करेगा।
बैठक के दौरान शिष्टमंडल ने कोटद्वार में पासपोर्ट कार्यालय व यमकेश्वर विकासखंड के लिए सिंगटाली पुल निर्माण को लेकर सांसद बलूनी की प्रतिबद्धता पर आभार जताया। शिष्टमंडल में वरिष्ठ पत्रकार व हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज इष्टवाल, सनातन महापरिषद भारत दिल्ली अध्यक्ष सोम प्रकाश गौड़, विमला कुंदन सेवाग्राम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी गिरिराज सिंह रावत, विकास देवरानी, चन्द्रमोहन कुकरेती व समाजसेवी श्रीमती प्रणिता कंडवाल आदि शामिल रहे।
हादसे से इलाके में दहशत, नुकसान का आंकलन कर रही प्रशासनिक टीमें
नैनीताल। नैनीताल नगर के मल्लीताल स्थित ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस (निर्माण वर्ष 1863) की ऊपरी मंजिल में बुधवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में इतिहासकार प्रो. अजय रावत की बहन 86 वर्षीय शांता बिष्ट की मौत हो गई। शांता बिष्ट अपने बेटे निखिल के साथ इस भवन में रह रही थीं। अग्निशमन दल ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और मलबे से उनका शव बरामद किया।
बुधवार रात लगभग 9:54 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अंदर फंसे कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की जानकारी पुलिस व प्रशासन को दी गई, जिसके बाद एसडीआरएफ, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने राहत कार्य शुरू किया।
आग तेजी से फैलने पर पुलिस ने आसपास की दुकानों और मकानों को खाली कराया और एहतियातन बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 12:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
इस दौरान आईजी रिद्धिम अग्रवाल, एसएसपी पीएन मीणा, एडीएम शैलेश नेगी और एसडीएम नवाजिश खलीक सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि फायर ब्रिगेड ने आग बुझा दी है, एक महिला का शव बरामद किया गया है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
वैकल्पिक मार्ग बनाने, राहत व पुनर्वास कार्य तेज करने और आधुनिक तकनीक से सर्च ऑपरेशन चलाने के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र सहित प्रदेश के राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सचिव आपदा एवं आयुक्त गढ़वाल से धराली में चल रहे राहत व रेस्टोरेशन कार्यों की अद्यतन जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के अस्थायी झील में डूबे हिस्से के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य पैदल और वैकल्पिक मार्गों को भी दुरुस्त करने को कहा। साथ ही सर्च ऑपरेशन्स को नवीनतम तकनीक के उपयोग से और तेज करने तथा प्रभावितों के लिए रहने व खाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क मार्ग बाधित होने से प्रभावित क्षेत्र के फल और सब्जी उत्पादकों को बाजार की समस्या आ रही है। इसके समाधान के लिए कृषि विभाग को उत्तराखण्ड हॉर्टीकल्चर बोर्ड और मंडी परिषद के माध्यम से खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जीएमवीएन और केएमवीएन के बाजार प्रकोष्ठ को सक्रिय करने और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था कराने को भी कहा गया।
मुख्य सचिव ने प्रभावितों की आजीविका सुधार पर जोर देते हुए कहा कि ऐप्पल मिशन, कीवी मिशन, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और होम स्टे जैसी योजनाओं से आजीविका बहाल करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए। आपदा में हुई पशुधन हानि का मुआवजा तत्काल वितरित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल और आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए प्रीफैब भवन शीघ्र तैयार करने को कहा। साथ ही नष्ट हुए प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के लिए मल्टीपरपज कैम्प लगाकर प्रभावितों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने लापता लोगों के लिए सिविल डेथ प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने और विदेशी लापता व्यक्तियों (नेपाली मूल के श्रमिक एवं विदेशी पर्यटक) के मामले में भी तय प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्पत्ति क्षति मुआवजा के आंकलन हेतु सैटेलाइट इमेजरी और यूकॉस्ट की मदद से आधुनिक तकनीक का उपयोग करने को कहा।
इसके साथ ही उन्होंने यूएसडीएमए द्वारा पूर्व में किए गए अध्ययनों और डाटा का विश्लेषण कर उपयोग में लाने तथा प्रदेश की सभी ग्लेशियरों, झीलों, मोरेन और बोल्डर्स का तत्काल विश्लेषण कर संभावित खतरे का आंकलन मॉड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए वैज्ञानिक संगठनों को शामिल कर विशेषज्ञ टीम गठित की जाएगी।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, आनन्द स्वरूप, आशीष चौहान एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को कंडोली पहुंचकर रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री जोशी ने परियोजना क्षेत्र में आ रहे कच्चे एवं पक्के मकानों के सर्वे कार्य को न्यायसंगत ढंग से पुनः करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

मंत्री जोशी ने मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए प्रभावितों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी।

इस अवसर पर महानगर महामंत्री सुरेंद्र राणा, अरविन्द डोभाल, पीडब्ल्यूडी ईई जितेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
आगामी 28, 29 व 30 अगस्त को अभ्यर्थियों के होंगे साक्षात्कार
कहा, श्रेष्ठता सूची के अनुरूप महाविद्यालयों में आउटसोर्स से मिलेगी तैनाती
देहरादून। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में 117 अस्थाई योग प्रशिक्षितों को शीघ्र तैनाती दी जायेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने उक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर आवेदित अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हेतु समय सारणी जारी कर दी है। जिसके तहत आगामी 28, 29 एवं 30 अगस्त को दून विश्वविद्यालय परिसर में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किये जायेंगे। इसके उपरांत श्रेष्ठता सूची के अनुरूप अभ्यर्थियों को विभिन्न महाविद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति दी जायेगी।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ योग में भी प्रशिक्षित किया जायेगा। इसके लिये शीघ्र ही 117 अस्थाई योग प्रशिक्षितों की तैनाती राजकीय महाविद्यालयों में की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने उक्त पदों पर नियुक्ति को कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के ‘रोजागर प्रयाग पोर्टल’ पर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे, जिसके क्रम में विभाग ने साक्षात्कार कमेटी गठित कर आवेदित अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिसके तहत आगामी 28, 29 व 30 अगस्त को दून विश्वविद्यालय परिसर में अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लिये जायेंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर उक्त पदों के लिये 640 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 460 लोगों ने ही अपने शैक्षणिक एवं कार्यानुभव प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड़ किये थे। प्रत्येक साक्षात्कार दिवस पर चार पालियों में 50-50 आवेदित योग प्रशिक्षकों का इंटरव्यू लिया जायेगा, जबकि 30 अगस्त को उन अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार में शामिल किया जायेगा जो किसी कारणवश साक्षात्कार देने से रह गये थे।
इसके उपरांत आवेदित अभ्यथियों की विभागीय रोस्टर के अनुसार वरियता सूची तैयार की जायेगी और चयनित अभ्यर्थियों को उनके द्वारा भरे गये विकल्पों के आधार पर आउटसोर्स के माध्यम से विभिन्न महाविद्यालयों में तैनाती दी जायेगी। डॉ. रावत ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ साक्षात्कार आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं ताकि योग्य युवाओं को मौका मिल सके।
