महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता की नई राह, 95 विकासखंडों में एक साथ कार्यक्रम की शुरुआत
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय परिसर से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय कार्यक्रम का प्रदेश के समस्त 95 विकासखंडों में एक साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा रक्षाबंधन पर्व के लिए लगाए गए स्टॉलों का भी उन्होंने अवलोकन किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी बहनों ने मुख्यमंत्री को राखी बाँधी। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और उनके आत्मनिर्भर प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने मेहनत और लगन से यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मातृशक्ति को अवसर, संसाधन और सहयोग मिले, तो वे स्वयं को सशक्त बनाने के साथ-साथ परिवार, समाज और प्रदेश के विकास में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 1 लाख 63 हजार से अधिक बहनें लखपति दीदी बनकर महिला सशक्तिकरण का नया इतिहास रच रही हैं। सरकार ने महिला उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और विपणन के लिए एक सशक्त इकोसिस्टम तैयार किया है। इसके अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के लिए 49 ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की गई है।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारी और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी उद्यमी महिलाएं उपस्थित रहीं।
टिहरी, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर में रेड अलर्ट, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत में ऑरेंज अलर्ट जारी
देहरादून। राज्य में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों को देखते हुए आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने हालात की समीक्षा की और सभी जिलों के आपदा प्रबंधन अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिहरी, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर में रेड अलर्ट जबकि हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा सभी जनपदों को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है।
सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों और क्विक रिस्पांस टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा। जलभराव की स्थिति में टीमें तुरंत मौके पर पहुंचे और त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जाए और लोगों को नदी किनारे जाने से रोका जाए। जहां भी निर्माण कार्य चल रहे हों, वहां श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वर्षा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी और विश्लेषण कर संभावित बाढ़ या जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर अग्रिम कार्य योजना तैयार करने को कहा गया।
सचिव ने निर्देशित किया कि पानी के बहाव को रोकने वाली सभी अवैध संरचनाओं को तत्काल हटाया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, दवा, पेयजल और अन्य आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद ओबैदुल्लाह अंसारी, ड्यूटी अधिकारी अनु सचिव विकास कुमार श्रीवास्तव और यूएसडीएमए के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति को बड़े पर्दे पर लाने की सराहना, फिल्म नीति पर हुई चर्चा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखंड की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म ‘बौल्या काका’ के पोस्टर का विमोचन किया। इस फिल्म में बॉलीवुड अभिनेता हेमंत पांडेय मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग राज्य के सुंदर और सुदूरवर्ती गांवों—ग्वालदम, थराली और तलवाड़ी—में की गई है।
मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री और फिल्म की टीम के बीच राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं, प्रोत्साहन योजनाओं और सरकार की नीतियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई ‘उत्तराखंड नई फिल्म नीति’ के तहत फिल्म निर्माताओं को सब्सिडी, टैक्स छूट और लॉजिस्टिक सहयोग जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना, युवाओं को रोजगार देना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। कम चर्चित स्थानों पर शूटिंग करने वाले निर्माताओं को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी और स्थानीय कलाकारों को मौका देने पर विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिशों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं और हर वर्ष राज्य में फिल्मों की शूटिंग का नया रिकॉर्ड बन रहा है। उत्तराखंड को फिल्ममेकिंग हब बनाने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।
इस अवसर पर अपर सचिव बंशीधर तिवारी सहित फिल्म के निर्माता, निर्देशक और पूरी टीम उपस्थित रही।
गंगोत्री और पुरोला विधायकों के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में गंगोत्री क्षेत्र से विधायक सुरेश सिंह चौहान तथा पुरोला क्षेत्र से विधायक दुर्गेश्वर लाल के नेतृत्व में उत्तरकाशी जिले से त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों ने भेंट की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विजयी जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं जनसेवा के नवीन दायित्वों के सफल निर्वहन हेतु शुभकामनाएं दी।
50वें निर्वाण दिवस कार्यक्रम में सीएम धामी ने बताया, सतगुरु की वाणी में थी भगवान बुद्ध जैसी करुणा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्री ब्रह्म निवास आश्रम, सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला में 50वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य सतगुरू लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने भक्ति को जन जन तक पहुँचाया है। उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति थी और दृष्टि में भगवान बुद्ध के समान असीम करुणा थी। पूज्य सतगुरु ने समाज को जोड़ने का काम किया। उन्होंने जीवन भर यही सिखाया कि सेवा सबसे बड़ा धर्म है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति का संपूर्ण विश्व में व्यापक प्रचार प्रसार हो रहा है। दुनिया हमारी प्राचीन संस्कृति और दर्शन से परिचित हो रही है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया राज्य में ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना भी प्रस्तावित है। कॉरिडोर के निर्माण के पश्चात धर्मनगरी हरिद्वार भी काशी और अयोध्या की भांति अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध है। प्रदेश में घृणित मानसिकताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून भी लागू किया गया है। सभी के लिए समान अधिकार एवं न्याय सुनिश्चित करने के लिए देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता कानून को भी राज्य में लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में सनातन की आड़ में वेश बदलकर आम लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के द्वारा ऐसे ढोंगियों और विधर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जो वेश बदलकर हमारे सनातन हिंदू धर्म को बदनाम करने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को श्रीमद्भागवत गीता के बारे में भी बताया जाएगा। इसके साथ दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना भी की गई है।
इस अवसर महंत ललितानंद गिरी महाराज, पंजाब विधानसभा उपाध्यक्ष जय कृष्ण सिंह, हरियाणा के राज्यमंत्री राजेश नागर, स्थानीय विधायक मदन कौशिक, मेयर रुड़की अनीता देवी, दर्जा राज्यमंत्री शोभाराम प्रजापति, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल, उपाध्यक्ष एचआरडीए अंशुल सिंह, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
हादसे के बाद राहत-बचाव कार्य में जुटा प्रशासन, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
कोटद्वार। सिद्धबली मंदिर के पास कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जब किल्बोखाल से आ रही एक मैक्स गाड़ी पर अचानक पहाड़ी से भारी चट्टान और मलबा गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
मृतकों की पहचान पौड़ी गढ़वाल निवासी 20 वर्षीय सतबीर और 32 वर्षीय रविंद्र उर्फ मोटा के रूप में हुई है। घायलों में मीनाक्षी, पंकज, सिमरन, देवेंद्र और दिनेश शामिल हैं। इनमें से चालक देवेंद्र और दिनेश की हालत नाजुक होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज बेस अस्पताल कोटद्वार में चल रहा है।
घटना के तुरंत बाद प्रशासन और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे की वजह क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश मानी जा रही है, जिससे भूस्खलन की आशंका और बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने ग्राउंड ज़ीरो पर सतत निगरानी, सड़कों और पेयजल-विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वर्चुअल माध्यम से जुड़े सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत वे अपनी पूरी टीम के साथ लगातार ग्राउंड ज़ीरो पर रहें। अतिवृष्टि के कारण सड़कों के बाधित होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र सुचारु किया जाए। पेयजल और विद्युत की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यथाशीघ्र व्यवस्थाएं सुचारु की जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में लोगों के आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्व से की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति का शीघ्र आकलन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन लोगों ने गलत तरीके से राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य दस्तावेज प्राप्त किए हैं, तथा ऐसे कार्ड बनाने में संलिप्त व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, जनपदों में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही भी नियमित रूप से की जाए। ‘ऑपरेशन कालनेमी’ के अंतर्गत भी आस्था की आड़ में जनता को गुमराह करने वालों पर नियमित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जनपदों के शासकीय अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करें। इसमें दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति, उपकरणों की स्थिति और स्वच्छता व्यवस्था जैसे विषय सम्मिलित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी समय-समय पर अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायज़ा लेंगे।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के बाद अवस्थापना विकास से संबंधित कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। सड़कों, पुलों, नालियों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही आमजन को भी स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए जनजागरूकता अभियानों का संचालन किया जाए। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की दिशा में नियमित प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और निर्वाचन प्रक्रिया में लगे समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों को भी इस अवसर पर धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि सभी की कर्तव्यनिष्ठा एवं सहयोग से पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक वातावरण में संपन्न हुए हैं।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, विनय शंकर पांडेय, अपर पुलिस महानिदेशक ए.पी. अंशुमन, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, वर्चुअल माध्यम से सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, आयुक्त कुमाऊँ दीपक रावत एवं सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।
राज्य में महिला सशक्तिकरण की योजनाएं माताओं व बहनों के प्रति हमारी जिम्मेदारी और प्रेम- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” से 30 हजार से अधिक महिलाएं हुई लाभान्वित, 5 करोड़ रुपए से अधिक का किया करोबार
देहरादून। सीएम धामी ने कहा कि वे एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में माताओं-बहनों की सेवा में उपस्थित हैं। उन्होंने अपील की कि प्रदेश की किसी भी बहन-बेटी को कभी भी कोई परेशानी हो तो वो सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क करें, मुख्यमंत्री का प्रयास रहेगा कि वे स्वयं माताओं व बहनों की परेशानी का संज्ञान लेकर उसका निस्तारण कर एक भाई होने का कर्तव्य निभा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ग्रामीण महिलाओं की आजीविका में वृद्धि के लिए जल्द ही ’’जल सखी योजना’’ शुरू करने जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का काम महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नए कनेक्शन, बिल वितरण, बिल वसूली और योजनाओं के रखरखाव का काम, भी आउटसोर्स के आधार पर महिला समूहों को दिया जाएगा। ये सब केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये बहनों के प्रति मेरी जिम्मेदारी और प्रेम है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की उपस्थिति में हरबंस कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल, गढ़ीकैंट,देहरादून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह 2025 में सम्मिलित हुए |
रक्षाबंधन समारोह में प्रदेशभर से भारी संख्या में उपस्थित माताओं व बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायत चुनावों में व्यापक समर्थन देने के लिए समस्त उत्तराखंडवासियों का आभार व्यक्त किया । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की मातृ शक्ति के प्रेम और आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की और अधिक सेवा करने हेतु भरपूर ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का पर्व पारस्परिक प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक पर्व होने के साथ ही हमें हमारे सामाजिक कर्तव्यों का बोध करवाने वाला त्योहार भी है जो बहनों के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों एवं महिलाओं को हर प्रकार से सक्षम, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरन्तर कार्य कर रहे हैं। जहां एक ओर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना और उज्ज्वला योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से मोदी सरकार देश की बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करने के साथ – साथ, नारी शक्ति वंदन अधिनियम, शौचालयों के निर्माण, आवास योजना के तहत महिलाओं को प्राथमिकता, मातृत्व अवकाश में वृद्धि तथा बेटियों के लिए सेना और सैनिक स्कूलों का रास्ता खुलवाकर उन्हें सशक्त बनाने का काम भी किया है। इसी का नतीजा है कि देश की महिलाएं खेत में अनाज उगाने से लेकर अंतरिक्ष प्रोगामों का हिस्सा बनने तक और खेलों में मेडल लाने से लेकर सेना में कमान संभालने तक, हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के उत्थान एवं सशक्तिकरण हेतु संकल्पित होकर कार्य कर रही है। हमनें सरकारी नौकरियों में प्रदेश की महिलाओं को 30 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देकर रोजगार के क्षेत्र में मातृ शक्ति की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमनें “स्वयं सहायता समूहों” को करोड़ों रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रदेश की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पाद हमारे ’’हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड’’ के जरिए आज विश्व के कोने-कोने तक पहुंच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला समूहों ने अपने मेहनत और आत्मबल के दम पर उद्यमिता के क्षेत्र में अपार सफलताएं हासिल की हैं। हमारे राज्य में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश में 1.63 लाख से अधिक बहनों का लखपति दीदी बनना यह बताता है कि प्रदेश की बहने किसी से भी कम नहीं हैं। महिला समूहों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” से 30 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होकर 5 करोड़ रुपए से अधिक का करोबार कर चुकी हैं।
इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उन्हें हर घर शौचालय तथा जल जीवन मिशन जैसी महिलाओं के कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है | प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देशभर में महिला सशक्तिकरण के लिए अभूतपूर्व कार्य हो रहा है | सभी योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है | उत्तराखंड के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र की महिलाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पादों को केंद्र एवं राज्य सरकार ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने का कार्य किया है |
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष नेहा जोशी सहित भारी संख्या में प्रदेशभर की महिलाएं उपस्थित थी |
स्थानीयों ने पहले ही जताई थी कमजोर पेड़ों को लेकर चिंता
देहरादून। सोमवार सुबह देहरादून कचहरी परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास एक विशालकाय पेड़ अचानक धराशायी हो गया। बताया जा रहा है कि यह हादसा तेज बारिश के चलते हुआ। पेड़ गिरने से एक स्टांप विक्रेता की दुकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गई, जबकि तीन से चार अन्य दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह के समय हुआ, जब परिसर में ज्यादा भीड़ नहीं थी। यदि यह पेड़ दो घंटे बाद गिरता, तो कचहरी परिसर में भारी जानमाल की हानि हो सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कपूर का पेड़ था, जिसकी जड़ें काफी कमजोर हो चुकी थीं।
स्थानीय दुकानदारों ने वन विभाग को पूर्व में कई बार अवगत कराया था कि परिसर में मौजूद कमजोर और घायल पेड़ों की कटाई या छंटाई (लोपिंग) करवाई जाए, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस घटना के बाद परिसर में हड़कंप मच गया और लोगों ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
प्रशासन और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पेड़ को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पर्वतीय जिलों में लैंडस्लाइड से राष्ट्रीय राजमार्ग सहित ग्रामीण मार्ग भी प्रभावित
देहरादून। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते यमुनोत्री और गंगोत्री जैसे प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 59 सड़कें मलबे और भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गई हैं। प्रशासन द्वारा मार्ग बहाली का कार्य जारी है, लेकिन पहाड़ों की यात्रा जोखिम भरी बनी हुई है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग रानाचट्टी, स्यानाचट्टी और पालीगाड के पास मलबा आने के कारण बंद हो गया है। वहीं, गंगोत्री हाईवे पर डबरानी के पास भारी भूस्खलन से मार्ग बाधित है। दोनों हाईवे पर मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
प्रदेश में इस समय कुल 59 सड़कें बंद हैं, जिनमें 36 ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-घटियाबगड़-लिपुलेख राष्ट्रीय राजमार्ग मलघट के पास बंद है, जबकि धारचूला-तवाघाट मार्ग पर बड़े पत्थर गिरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर भी चार स्थानों पर भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध है। थल-मुनस्यारी मार्ग पर किलोमीटर 166.171 पर भारी मलबा जमा है, जिससे जिले में कुल 19 सड़कें बाधित हैं।
इसके अलावा, देहरादून में 5, अल्मोड़ा में 1, बागेश्वर में 4, चमोली में 8, नैनीताल में 1, पौड़ी में 5, रुद्रप्रयाग में 4, टिहरी में 1 और उत्तरकाशी में 11 सड़कें अब भी बंद हैं। भारी बारिश से गदेरे (छोटे बरसाती नाले) भी उफान पर हैं, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. रोहित थपलियाल ने बताया कि आगामी 5 अगस्त तक प्रदेश भर में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि जब तक अति आवश्यक न हो, पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा से परहेज करें।
