इन जिलों में बदल सकता है मौसम
देहरादून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश व बर्फबारी के आसार हैं।
मंगलवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की वर्षा और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार हैं।
मैदानी इलाकों में रहेगा साफ मौसम
मौसम विभाग के अनुसार राज्य के मैदानी और निचले क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 18 फरवरी को भी पहाड़ी जिलों में इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है, जबकि 19 से 21 फरवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव का तापमान पर बहुत अधिक असर पड़ने की संभावना नहीं है।
धूप से बढ़ा तापमान
रविवार को मैदान से लेकर पहाड़ तक खिली तेज धूप ने गर्मी का अहसास करा दिया। राजधानी देहरादून में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से करीब चार डिग्री अधिक बढ़कर 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री ऊपर 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी तापमान में इसी तरह की बढ़ोतरी देखी गई।
दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
ऋषिकेश। शहर के चंद्रेश्वर नगर क्षेत्र में सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक बर्तन की दुकान में रखे गैस सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। तेज धमाके के साथ दुकान से आग की ऊंची लपटें और घना धुआं उठने लगा, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय हुए जोरदार धमाके से आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकानदार को सूचना दी और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत दमकल विभाग को मौके पर बुलाया गया।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक दुकान में रखा बर्तनों का पूरा सामान जलकर राख हो चुका था, जिससे दुकानदार को भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
गनीमत यह रही कि घटना के समय दुकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बड़ा हादसा टलने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
1857 की क्रांति के महान नायक तात्या टोपे की जयंती पर मुख्यमंत्री धामी ने किया याद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1857 की क्रांति के महान नायक तात्या टोपे की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अमर शहीद तात्या टोपे का जीवन अदम्य साहस, असाधारण रणनीतिक कौशल और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद तात्या टोपे ने अंग्रेजी हुकूमत को कड़ी चुनौती दी और अपनी सैन्य सूझबूझ से स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि तात्या टोपे का त्याग और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
पास कराने के बदले मांगते थे 10 लाख रुपये
देहरादून। देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के क्रम में, परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने संगठित नकल गिरोहों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत पहले ही दे दिए थे।
इसी क्रम में उत्तराखंड एसटीएफ और उत्तरप्रदेश एसटीएफ की संयुक्त टीम ने कर्मचारी चयन आयोग की एसएससी मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) भर्ती परीक्षा के दौरान एक हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर ठगी और नकल कराए जाने की सूचनाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। 13 फरवरी 2026 को प्राप्त पुख्ता इनपुट के आधार पर देहरादून स्थित महादेव डिजिटल जोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में दबिश दी गई।
कार्रवाई के दौरान परीक्षा लैब के पास बने यूपीएस रूम में 24×24 इंच का एक गुप्त अंडरग्राउंड चैंबर मिला, जिसमें दो लैपटॉप और राउटर सक्रिय अवस्था में पाए गए। जांच में सामने आया कि इन उपकरणों के माध्यम से अभ्यर्थियों के कंप्यूटर को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल किए जा रहे थे। एसटीएफ टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से सभी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सील कर कब्जे में लिया।
इस मामले में दो आरोपियों—नीतिश कुमार (निवासी देवरिया, वर्तमान दिल्ली) और भास्कर नैथानी (निवासी देहरादून)—को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले करीब 10 लाख रुपये की मांग करता था और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर नकल कराई जाती थी।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण की जांच अपर पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा की जाएगी। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश और छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परीक्षाओं की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।
महिला सुरक्षा, लॉ एण्ड आर्डर तथा यातायात सुधार की दिशा में और अधिक ठोस प्रयासों को बताया अपनी प्रार्थमिकता
पुलिसकर्मियों के मनोबल को ऊंचा रखते हुए कार्यक्षमता को बढाने पर रहेगा फोकस
सामजिक सौहार्द बिगाडने का प्रयास करने वालों के विरूद्ध जीरो टालरेंस का दिया संदेश, होगी सख्त वैधानिक कार्यवाही
देहरादून। प्रमेन्द्र डोभाल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के पद का औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने प्रेस वार्ता कर जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।
प्रेस वार्ता के दौरान एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल ने कहा कि महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में जल्द ही सख्त और परिणामोन्मुखी कार्ययोजनाएं लागू की जाएंगी।
एसएसपी डोभाल ने पुलिस बल के मनोबल और कार्यक्षमता को बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराते हुए उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि आम जनता को और अधिक प्रभावी पुलिसिंग का लाभ मिल सके।
इसके साथ ही उन्होंने साम्प्रदायिक सौहार्द और धार्मिक समरसता को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शहीदों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा, आने वाली पीढ़ियों को करता रहेगा प्रेरित- जोशी
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर सैनिक कल्याण निदेशालय में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने वीर शहीदों को नमन करते हुए पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में देश ने अपने 40 वीर जवानों को खोया था, जिसकी पीड़ा आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में जीवित है। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में घुसकर आतंकी ठिकानों को नष्ट किया।
सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक भारत की सैन्य शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है, जिसके बाद शत्रु राष्ट्र भारत की ताकत को हल्के में लेने की भूल नहीं करेगा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसी भी शहीद को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन उनकी वीरता और बलिदान की गाथाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदनशील रहें और हरसंभव सहयोग प्रदान करें।
उन्होंने बताया कि पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 जवानों में उत्तराखंड के दो वीर सपूत भी शामिल थे। उत्तराखंड की वीरभूमि सदैव अपनी सैन्य परंपरा और शौर्य के लिए जानी जाती रही है। यहां के जवानों का साहस और बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सम्मान और उनके परिजनों की सहायता के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है और सरकार उनके साथ हर परिस्थिति में खड़ी है।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (सेनि), उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट (सेनि), उपनिदेशक कर्नल योगेन्द्र कुमार (सेनि), उपनिदेशक विंग कमांडर निधि बधानी (सेनि), शमशेर सिंह बिष्ट सहित कई पूर्व सैनिक एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
शहीदों का बलिदान राष्ट्र की चेतना में सदैव अमर रहेगा- सीएम धामी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों का साहस, समर्पण और देशभक्ति राष्ट्र की चेतना में सदैव अमर रहेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए दिया गया उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वीर जवानों का अदम्य साहस और अटूट संकल्प प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का शाश्वत स्रोत है।
सीएम धामी ने इस अवसर पर कहा कि पूरा देश शहीदों के परिजनों के साथ खड़ा है और राष्ट्र हमेशा अपने अमर बलिदानियों का ऋणी रहेगा।
अब तक 62 लाख रुपये की मदद से 126 बालिकाओं की पढ़ाई दोबारा शुरू
देहरादून। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित प्रोजेक्ट ‘नंदा–सुनंदा’ के 13वें संस्करण में जिला प्रशासन ने एक सराहनीय पहल करते हुए आर्थिक रूप से कमजोर 34 बालिकाओं की बाधित शिक्षा को पुनः शुरू कराया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने बालिकाओं को सहायता राशि के चेक वितरित किए।
इस चरण में कुल 9 लाख रुपये की धनराशि से छात्राओं की पढ़ाई दोबारा प्रारंभ कराई गई। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस परियोजना के माध्यम से लगभग 62 लाख रुपये की सहायता देकर 126 बालिकाओं की शिक्षा को पुनर्जीवित किया जा चुका है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि बालिकाएं नंदा–सुनंदा देवियों के समान हैं और उनकी शिक्षा को पुनर्जीवित कर उन्हें योग्य बनाना ही सच्ची वंदना है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने, महापुरुषों की जीवनियों से प्रेरणा लेने और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
फीस के अभाव में रुकी पढ़ाई, प्रशासन ने संभाली जिम्मेदारी
आर्थिक तंगी के चलते कई बालिकाओं को फीस जमा न होने के कारण स्कूलों में अपमानजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कुछ छात्राओं को 15–15 दिन तक कक्षाओं से बाहर रखा गया और परीक्षा में बैठने से रोकने की चेतावनी दी गई। ऐसे मामलों में जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप कर उनकी शिक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली।
योजना के तहत कैंसर पीड़ित पिता की पुत्री सृष्टि की बीसीए पांचवें सेमेस्टर की पढ़ाई, विकलांग पिता की बेटी शिवांगी की उच्च शिक्षा तथा पिता के निधन के बाद अलाईना रावत (बीएससी नर्सिंग), आकृति बडोनी (बीकॉम), तनिका (कक्षा 10), लावण्या (कक्षा 9), दिव्या (कक्षा 6), नंदनी (यूकेजी) और ईशिका (कक्षा 3) सहित अन्य छात्राओं की बाधित पढ़ाई को पुनः शुरू कराया गया।
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेंद्र कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट तथा बालिकाओं के अभिभावक उपस्थित रहे। जिला प्रशासन की यह पहल जरूरतमंद बेटियों के लिए नई आशा और भरोसे की मिसाल बनकर सामने आई है।
राज्य में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है- डॉ. आर. राजेश कुमार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को साकार करने के लिए राज्य सरकार सुनियोजित, किफायती और नागरिक-अनुकूल आवासीय विकास को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्राधिकरण की आमवाला तरला आवासीय योजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं।
ईडब्ल्यूएस भवनों का निरीक्षण, लाभार्थियों से सीधा संवाद
सचिव आवास ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) भवनों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने आवासों की संरचनात्मक गुणवत्ता, पेयजल, विद्युत, सीवरेज, स्वच्छता एवं आंतरिक सड़कों की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने वहां निवास कर रहे लोगों से वार्ता कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। लाभार्थियों ने योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने पर सरकार का आभार व्यक्त किया। सचिव महोदय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक सुधार शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।
निर्माणाधीन अन्य वर्गों के भवनों की प्रगति की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन एलआईजी, एमआईजी एवं एचआईजी वर्ग के भवनों का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने योजना की प्रगति, बुकिंग स्थिति और वित्तीय प्रबंधन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। सचिव को अवगत कराया गया कि एचआईजी वर्ग के लगभग सभी फ्लैट बुक किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि पर सचिव ने प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की और अन्य वर्गों के फ्लैटों के विक्रय की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर सख्त निर्देश
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निर्माणदायी संस्था को निर्देश दिए कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग, चरणबद्ध समीक्षा और तकनीकी मानकों के अनुपालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि आवासीय योजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनमें सुरक्षित वातावरण, हरित क्षेत्र, सामुदायिक सुविधाएं और समुचित पार्किंग व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अधिकारियों को समन्वित कार्यप्रणाली अपनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण के अधिशासी अभियन्ता सुनील कुमार, अवर अभियन्ता सुनील उप्रेती, मार्केटिंग एक्जिक्यूटिव रितिका सिंह तथा निर्माणदायी संस्था के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सचिव ने सभी अधिकारियों को टीम भावना और समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजना को एक आदर्श आवासीय मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आमवाला तरला आवासीय योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित ईडब्ल्यूएस भवनों की गुणवत्ता संतोषजनक है, किंतु निर्माणाधीन कार्यों को भी समयबद्ध और मानकों के अनुरूप पूर्ण करना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयसीमा का पूर्ण पालन सुनिश्चित करते हुए इस योजना को राज्य में आदर्श आवासीय विकास मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।
