‘कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाया जा रहा’- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने हर स्तर पर गंभीर, संवेदनशील और पारदर्शी कार्रवाई की है। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारी रेणुका देवी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की, जिसके बाद सरकार की प्रभावी कानूनी पैरवी के चलते तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सीएम धामी ने बताया कि एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष जताया है। इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और मजबूती की पुष्टि होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कथित ऑडियो क्लिप को लेकर प्रदेश में भ्रम और अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता के साथ अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।
सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में प्रदेशवासियों की भावनाएं अंकिता के साथ जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस दुखद घटना से सबसे अधिक प्रभावित उसके माता-पिता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं अंकिता के माता-पिता से संवाद करेंगे और उनकी भावनाओं, पीड़ा और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे का कोई निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
ऋषिकेश वन विभाग की सर्वे टीम व आम जनमानस के प्रकरण में महिला आयोग की मानवीय पहल
देहरादून/ऋषिकेश। ऋषिकेश के बापुग्राम, गुमानीवाला, सुमन विहार व प्रकरण सम्बंधित क्षेत्र में वन भूमि से संबंधित सर्वे एवं अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर इस संबंध में एक पत्र सौंपा और निवेदन किया कि इस प्रकरण में जिन निर्दोष नागरिकों को आरोपी बनाकर उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें जनहित में वापस लिया जाए।
जब वन भूमि के सर्वे एवं अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। मौके पर परिस्थितियों की गंभीरता के कारण क्षेत्र में असमंजस और भ्रम का वातावरण बन गया, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक वहां एकत्र हो गए।

घटना के उपरांत बड़ी संख्या में नागरिकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। महिला आयोग ने पत्र में उल्लेख किया है कि यह संपूर्ण घटनाक्रम किसी भी प्रकार के सुनियोजित विरोध या शासन-प्रशासन के प्रति अवमानना का परिणाम नहीं था, बल्कि परिस्थितिजन्य असमंजस एवं भय के वातावरण में उत्पन्न हुआ था।
आयोग का कहना है कि अनेक निर्दोष नागरिक भी इन मुकदमों की जद में आ गए हैं, जिनमें से कई अपने परिवार के एकमात्र भरण-पोषणकर्ता हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से अपेक्षा जताई है कि सरकार इस पूरे प्रकरण को मानवीय एवं संवेदनशील दृष्टिकोण से देखते हुए निर्दोष नागरिकों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के निर्देश प्रदान करे, जिससे प्रभावित परिवारों को मानसिक संबल मिले और शासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
गुणवत्ता आधारित संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी – मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भारतीय मानक ब्यूरो के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने बीते आठ दशकों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर गुणवत्ता ही पहचान के मंत्र को साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बीआईएस द्वारा मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से न केवल उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया गया है, बल्कि उपभोक्ताओं के जीवन में भरोसे और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानकीकरण का क्षेत्र केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं डिजिटल सेवाओं तक विस्तृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री एवं हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समयानुकूल मानक तय कर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो सतत विकास के लक्ष्य के अनुरूप इकोलॉजी और इकॉनमी के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में सराहनीय योगदान दे रहा है। राज्य में बीआईएस द्वारा लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, एमडीडीए, यूपीसीएल सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए मानकीकरण संबंधी जागरूकता और सहयोगात्मक कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियान देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के आधार स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद विश्व में गुणवत्ता का मानदंड बनें यह प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में बीआईएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी अपने स्थानीय उत्पादों हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियाँ एवं स्थानीय खाद्य उत्पाद के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘‘हाउस ऑफ हिमालयाज’’ ब्रांड राज्य के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को केवल मानक नहीं बल्कि आदत बनाना आवश्यक है, ताकि गुणवत्ता आधारित संस्कृति एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय मानक ब्यूरो वन नेशन, वन स्टैंडर्ड की नीति के तहत देश को वैश्विक मानकों की प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगा और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति 2025 लागू की गई है। राज्य के सभी 13 जनपदों के 95 ब्लॉकों में लगभग 180 विज्ञान, तकनीक इंज्ीनियरिंग एवं गणित आधारित प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं। सभी जिलों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग प्रारंभ की गई है, जिससे सैकड़ों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। प्रत्येक जनपद में एक-एक ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ संचालित की जा रही है। विभिन्न विश्वविद्यालयों व केन्द्रों में 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान आधारित विकास के लिए ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ का गठन किया गया है। साइंस महोत्सवों का आयोजन अब पर्वतीय जनपदों तक विस्तारित किया गया है, इस वर्ष यह महोत्सव रुद्रप्रयाग में हुआ। वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार केन्द्रों की स्थापना हेतु बजट आवंटित किया गया है। राज्य में शीघ्र विज्ञान व नवाचार आधारित प्रसारण प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में बनने वाली देश की पाँचवीं साइंस सिटी के निर्माण कार्य को उल्लेखनीय गति मिली है। भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से 175 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना आकार ले रही है। महिला प्रौद्योगिकी केन्द्रों की स्थापना भी प्रारंभ की जा चुकी है। राज्य में केन्द्रीय संस्थानों से विज्ञान व नवाचार संवाद को नई गति दी गई है। सिलक्यारा के अभियान में अपनाए गए विज्ञान-प्रौद्योगिकी आधारित रेस्क्यू मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है और इसी पर आधारित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आज राज्य के हर कोने विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ा गया है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, निदेशक भारतीय मानक ब्यूरो सौरभ तिवारी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, ब्रिगेडियर के.जी बहल (सेनि), उद्योग एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उत्तराखण्ड में पहली बार सेवायोजन विभाग में हुई सीधी भर्ती, मंत्री बहुगुणा ने बताया ऐतिहासिक कदम
देहरादून। प्रदेश के पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधान सभा स्थित सभागार कक्ष में पशुपालन विभाग तथा कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग / राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये।
मंत्री ने पशुपालन विभाग तथा सेवायोजन विभाग में नियुक्ति पाने वाले कार्मिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी का असल परिश्रम अब शुरू होता है जिसमें आपको अपने विभाग से संबंधित योजनाओं/कार्यों को गति देने का कार्य करना है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि आपके सहयोग तथा टीम वर्क के साथ ही आपका विभाग प्रगति करेगा।
मंत्री ने पशुपालन विभाग के 16 फार्मासिस्ट तथा सेवायोजन विभाग के 37 फोरमैन अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के बाद पहली बार सेवायोजन विभाग द्वारा कार्मिकों की भर्ती की गई है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच हर व्यक्ति को रोजगार से जोड़ने की है इस दिशा में आज यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक में अपर सचिव पशुपालन संतोष बडोनी, निदेशक प्रशिक्षण संजय खेतवाल तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
नव वर्ष के प्रथम सप्ताह में मंत्री गणेश जोशी ने समूह की महिलाओं को दिया वे-साइड एमेनिटीज का तोहफा
देहरादून। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने जनपद देहरादून के मसूरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भट्टा फॉल के समीप ग्रामोत्थान परियोजना (REAP) के अंतर्गत ₹100.91 लाख की लागत के वे-साइड एमेनिटीज निर्माण कार्य का विधिवत शिलान्यास किया।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुवाखोली क्षेत्र में भी वे-साइड एमेनिटीज खोला जाए, जिससे अधिक से अधिक महिलाओं को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि वे-साइड एमेनिटीज के साथ-साथ महिलाओं द्वारा संचालित रेस्टोरेंट का निर्माण भी किया जाए, जिससे महिला समूहों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों को स्थानीय पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा और महिलाओं को स्थायी रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने कहा कि आज राज्य सरकार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के आजीविका संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 1.65 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो सरकार की योजनाओं की सफलता को दर्शाता है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम राहुल आनंद, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश रावत, कुशाल राणा, लक्ष्मण रावत, ग्राम प्रधान मीना कोटाल, विशाल खरोल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं महिला समूहों की सदस्य उपस्थित रहे।
मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से मसूरी के सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए
देहरादून। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत योजना के अंतर्गत मसूरी क्षेत्र में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति को लेकर देहरादून में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने की। बैठक में जल निगम और जल संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से मसूरी के सभी वार्डों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का विस्तृत सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निगम और जल संस्थान आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि मसूरी में निर्बाध और नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

बैठक के दौरान अमृत योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता को होने वाली असुविधा को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।
गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को सभी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आमजन को बेहतर जीवन स्तर और सुचारु सेवाएं मिल सकें।
भारत में भी उठा मुद्दा, भाजपा नेताओं ने बांग्लादेश सरकार को घेरा
ढाका। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। बीते 18 दिनों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में छह हिंदुओं की हत्या ने न सिर्फ स्थानीय समुदाय को दहशत में डाल दिया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामलों में एक किराना व्यापारी और एक हिंदू पत्रकार की नृशंस हत्या सामने आई है।
सोमवार को राजधानी ढाका के बाहरी क्षेत्र नरसिंगदी में किराना दुकान चलाने वाले शरत चक्रवर्ती मणि की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शरत अपने चारसिंदूर बाजार स्थित दुकान पर मौजूद थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शरत को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शरत पहले दक्षिण कोरिया में काम कर चुके थे और कुछ वर्ष पूर्व ही अपने देश लौटे थे। हत्या के बाद इलाके में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है। इसी दिन जशोर जिले के मनीरामपुर क्षेत्र में हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की भी निर्मम हत्या कर दी गई। 45 वर्षीय राणा एक फैक्ट्री मालिक होने के साथ-साथ स्थानीय अखबार के संपादक के रूप में कार्यरत थे। हमलावरों ने पहले उन्हें गोली मारी और फिर धारदार हथियार से उनका गला रेत दिया। पुलिस के अनुसार, घटना शाम करीब छह बजे हुई और हमलावर फरार हो गए।
लगातार हो रही इन हत्याओं को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार संगठनों में गहरी नाराजगी है। सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने आरोप लगाया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि पीड़ितों को पहले से धमकियां दी जा रही थीं और प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
भारत में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदुओं को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाए जाने की जरूरत पर जोर दिया।
लगातार बढ़ती हिंसा की घटनाओं के बीच बांग्लादेश सरकार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षा और न्याय की मांग कर रहा है, जबकि हत्याओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा।
126 करोड़ की लागत से बनेंगे धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर स्टेशन
देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित और सामरिक रूप से अहम ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना अब तेजी से अपने अगले चरण में प्रवेश करने जा रही है। रेलवे विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने धारी देवी, तिलनी, घोलतीर और गौचर रेलवे स्टेशनों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। 126 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन स्टेशनों का निर्माण मेरठ स्थित आरसीसी एसोसिएट्स द्वारा किया जाएगा।
आरवीएनएल के अनुसार, कार्यदायी संस्था को दो वर्षों के भीतर इन आधुनिक स्टेशनों का निर्माण पूरा करना होगा। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब एक से डेढ़ माह के भीतर निर्माण कार्य शुरू किए जाने की तैयारी है।
वर्ष 2020 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरंग निर्माण का कार्य लगभग 95 प्रतिशत से अधिक पूरा किया जा चुका है, जिससे परियोजना की प्रगति को लेकर रेलवे अधिकारियों में भरोसा बढ़ा है।
ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल लाइन पर कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें वीरभद्र स्टेशन ऐतिहासिक है, जिसे पहले से मौजूद रेलवे नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसके अलावा योगनगरी रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य पहले ही पूरा हो चुका है और यहां से ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं शिवपुरी और ब्यासी स्टेशनों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।
रेल परियोजना के तहत पुलों के निर्माण में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। कुल 19 पुलों में से 8 पुल—चंद्रभागा, शिवपुरी, गूलर, ब्यासी, कोड़ियाला, पौड़ी नाला, लक्ष्मोली और श्रीनगर—पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं। शेष 11 पुलों का निर्माण कार्य भी 65 प्रतिशत से अधिक पूरा किया जा चुका है। सभी पुलों का निर्माण वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आरवीएनएल के उप महाप्रबंधक (सिविल) ओपी मालगुड़ी ने बताया कि पैकेज थ्री के अंतर्गत आने वाले स्टेशनों के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली गई है। कार्यदायी एजेंसी को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में बढ़ते अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ सख़्त रुख अपनाते हुए व्यापक स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान तेज कर दिया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत एमडीडीए की प्रवर्तन टीमें लगातार फील्ड में उतरकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, बल्कि नियोजित विकास को सुनिश्चित करना और आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना भी है।
08 से 10 बीघा भूमि पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम द्वारा नीरज शर्मा एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा सलियावाला, धौलास, देहरादून क्षेत्र में लगभग 08 से 10 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में उक्त प्लॉटिंग बिना स्वीकृत लेआउट एवं मानकों के विपरीत पाई गई, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में की गई। ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान सहायक अभियंता सुर्जीत सिंह रावत, अवर अभियंता हर्षित मौठानी, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराई गई। एमडीडीए द्वारा स्पष्ट किया गया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध आगे भी सख़्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीद या निर्माण से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।
नागरिकों को किया जा रहा जागरूक
एमडीडीए अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से संबंधित स्वीकृतियों की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आम लोग अपने जीवन की गाढ़ी कमाई जोखिम में डाल देते हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। प्राधिकरण की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ भविष्य में और भी सख़्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत और जनहित में की जा रही है। हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के सुनियोजित विकास और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करना है। सभी नागरिकों से अपील है कि निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृति और अन्य आवश्यक अनुमतियां अवश्य लें। जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष या क्षेत्र विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी मामलों में समान रूप से कार्रवाई की जा रही है। एमडीडीए का मानना है कि सख़्त प्रवर्तन के साथ-साथ नियोजित विकास की दिशा में सकारात्मक संदेश देना भी आवश्यक है। वैध निर्माण करने वालों और नियमों का पालन करने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा एमडीडीए की प्रवर्तन टीमें लगातार प्राधिकरण क्षेत्र में निरीक्षण कर रही हैं। अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों में नियमानुसार ध्वस्तीकरण, सीलिंग और नोटिस की कार्रवाई की जा रही है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और कानूनी प्रावधानों का पालन किया जा रहा है। आम जनता से अनुरोध है कि वे अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें और किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

