हरिद्वार सीट पर बसपा ने जिसे बनाया था उम्मीदवार, उसी ने ज्वाइन की BJP..
उत्तराखंड: हरिद्वार में बहुजन समाज पार्टी को बड़ा झटका लगा है। हरिद्वार लोकसभा सीट से प्रत्याशी भावना पांडे ने बसपा से इस्तीफा दे दिया है। बता दें कुछ समय पहले ही भावना पांडे ने बसपा ज्वाइन की थी। जिसके बाद उन्हें हरिद्वार सीट से मैदान में उतारा था। जानकारी के अनुसार भावना पांडे ने होली पर बीजेपी प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत से होली पर मुलाकात के बाद बसपा छोड़ने का फैसला लिया है। बता दें 22 मार्च को बसपा के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में भावना ने बसपा ज्वाइन की थी।
वहीं सोमवार को भावना पांडे ने होली के मौके पर भाजपा प्रत्याशी त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वह आज भाजपा ज्वाइन कर सकती हैं। जिसके बाद वे त्रिवेंद्र सिंह रावत के समर्थन में उतरेंगी। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी शीशपाल ने जानकारी दी की जॉइनिंग के बाद से भावना पांडे पार्टी नेताओं के संपर्क में नहीं हैं और ना ही किसी का फोन उठा रही हैं। बसपा प्रदेश अध्यक्ष का कहना हैं कि उनके पास नेताओं की कमी नहीं है। जल्द ही नए प्रत्याशी की घोषणा की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो बसपा से एक मुस्लिम उम्मीदवार का नाम तय कर लिया गया है। जिसकी जल्द ही घोषणा की जाएगी। भावना पांडे के बसपा में शामिल होने के बाद से कयास लगाए जा रहे थे कि वो मुस्लिम वोट बैंक में उतनी ज्यादा सेंध नहीं लगा पाएंगी। उल्टा भावना पांडे पार्वती वोट बैंक में सेंधमारी कर सकती हैं। जिसका नुकसान सीधे तौर पर भाजपा को होना था। लेकिन बसपा से इस्तीफा देने के बाद से समीकरण में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। बता दें बीते दिनों पहले बसपा के वरिष्ठ नेता हरिदास व उनके बेटे आदित्य बृजवाल ने बसपा छोड़ भाजपा का दामन थामा था।
दुनिया भर में प्रसिद्ध है देवभूमि की ये होली, यहां महिलाओं की होती है बैठकी तो पुरुष गाते हैं फाग..
उत्तराखंड: देश में होली के रंगों की धूम मची हुई है। साल भर हर एक शख्स इस रंगों के त्यौहार का बड़ी बेसबरी से इंतजार करता है। यहां हर जगह होली अलग अलग तरीके से मनाई जाती है। कहीं लठमार होली होती है तो कहीं फूलों की होली खेली जाती है। उत्तराखंड की खड़ी और बैठकी होली देशभर में मशहूर है। देश के कई स्थानों की होली ना केवल विशेष महत्व रखती है बल्कि ये निराले अंदाज में भी मनाई जाती है। ऐसी ही विशेष होली देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मनाई जाती है। जहां होली सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि रागों से भी खेली जाती है। कुमाऊं की होली का समृद्ध इतिहास 400 सालों से भी ज्यादा पुराना है।
देश के कई स्थानों की होली ना केवल विशेष महत्व रखती है बल्कि ये निराले अंदाज में भी मनाई जाती है। ऐसी ही विशेष होली देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में मनाई जाती है। जहां होली सिर्फ रंगों से नहीं बल्कि रागों से भी खेली जाती है। कुमाऊं की होली का समृद्ध इतिहास 400 सालों से भी ज्यादा पुराना है।चीर बंधन के बाद कुमाऊं के हर घर में आए दिन होली के गीत गाए जाते हैं। जिसकी शुरूआत गांव के मंदिर से होती है। कुमाऊं में बैठकी होली, पौष माह के पहले रविवार से ही शुरू हो जाती है। बैठकी होली को कुमाऊंनी होली का सबसे लोकप्रिय रूप माना जाता है। इसमें रात को संगीत सभाएं लगती हैं और स्वांग के बिना तो ये होली अधूरी मानी जाती है।
कुमाऊं में एकादशी की शुरूआत से गांवों में ढोल झांझर और कदमों की खास ताल से खड़ी होली का गायन शुरू हो जाता है। चीर बंधन के साथ शिव स्तुति से खड़ी होली का गायन शुरू होता है। ढोल नगाड़ों की थाप पर धुन, लल और ताल के साथ नृत्य करते लोग ही इस होली का मुख्य आकर्षण होते हैं।बैठकी होली की तरह ही यहां महिला होली भी मनाई जाती है। जहां महिलाओं की बैठकें लगती हैं। जिसमें गीत-संगीत सिर्फ महिलाओं पर ही आधारित होते हैं। राग-दादरा और राग कहरवा में गाए जाने वाले कुमाऊंनी होली में राधा कृष्ण, राजा हरिशचन्द्र, श्रवण कुमार सहित रामायण और महाभारत काल की गाथाओं का वर्णन भी किया जाता है।
उत्तराखंड HC ने 13 मार्गों पर चलने वाली निजी बसों के परमिट पर रोक जारी की..
उत्तराखंड: नैनीताल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 13 राजकीय मार्गों पर निजी बसों के परमिट जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की युगलपीठ में इस मामले में सरकार को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले के अनुसार उत्तरांचल रोड़वेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने राजकीय मार्गों पर निजी वाहन कंपनियों को परमिट जारी करने के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि सरकार ने उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों के लिए निर्धारित 13 मार्गों को निजी वाहनों के लिए खोल दिया है। सरकार का यह निर्णय गलत है। इससे रोड़वेज की आमदनी प्रभावित होगी और पूरे रोड़वेज पर असर पड़ेगा।
सरकार की ओर से कहा गया कि याचिका पोषणीय नहीं है। क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने इस संबंध में सरकार के समक्ष कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई। सरकार के इस निर्णय को अपीलीय प्राधिकरण में चुनौती देनी चाहिए। जिस पर याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि आपत्ति दर्ज करवाई गई थी पर उसे दरकिनार कर दिया गया। जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले में जारी परमिट पर अस्थाई रोक लगाते हुए सरकार से जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
राज्य हित में एक विवि एक शोध पर काम शुरू, राज्यपाल ने दिए निर्देश..
उत्तराखंड: राज्य हित में विश्वविद्यालयों ने एक विश्वविद्यालय एक शोध पर काम शुरू कर दिया है। गुरुवार को राजभवन में हुई राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में सभी कुलपतियों ने वर्तमान तक की प्रगति का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सभी को जनवरी 2025 तक शोध कार्य पूरा कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उनका कहना हैं कि विश्वविद्यालय राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में अपनी अहम भूमिका निभाए। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के शोध एवं अनुसंधान का लाभ लोगों को मिले तभी इसकी सार्थकता होगी। सभी कुलपतियों को कार्य को लेकर स्वायत्तता दी गई है।
कुलपति आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए विश्वविद्यालयों में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों के हर क्रिया-कलापों में तकनीकी का अधिकाधिक उपयोग करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि राज्यपाल ने सभी विवि को पूर्व में राज्य हित में एक विवि एक शोध के निर्देश दिए थे। विश्वविद्यालयों ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में बारिश का अलर्ट..
उत्तराखंड: प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। जहां बुधवार को मौसम के तेवर तल्ख थे। वहीं गुरुवार को राजधानी देहरादून में सुबह से ही बदल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दो दिनों तक पर्वतीय जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों की ओर से जारी किए पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दो दिनों तक चमोली, उत्तरकाशी रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ऊंचाई वाली चोटियों में हल्का हिमपात होने की संभावना है। वहीं आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। आपको बता दें कि दून में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। जो कि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। जिससे सुबह-शाम हल्की ठंड का एहसास हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले कुछ दिन पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें और निचले इलाकों में झोंकेदार हवा चलने के आसार हैं।
उत्तराखंड में निकली है असिस्टेंट टीचर के 1500 से ज्यादा पदों पर भर्ती..
उत्तराखंड: रोजगार कि तालाश कर रहे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक सुनहरा मौका सामने आया है। UKSSSC ने 1,544 सहायक शिक्षक पदों के रिक्त स्थान भरने के लिए भर्ती निकाली है। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। 22 मार्च से आवेदन कि प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। तथा आवेदन करने कि अंतिम तिथि 12 अप्रैल निर्धारित किया गया है। आवेदन में त्रुटि होने पर सुधार के लिए 16 अप्रैल – 18 अप्रैल कि तिथि तय कि गई है। इच्छुक उम्मीदवार UKSSSC कि आधिकारिक वेबसाइट http://sssc.uk.gov.inपर जा कर आवेदन कर सकते हैं । इस भर्ती के लिए जुलाई 2024 में परीक्षा आयोजित की जाएगी।
आवेदन शुल्क
सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क के रूप में ₹300 का भुगतान करना होगा। एससी/एसटी/ईडब्ल्यूएस/पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी के उम्मीदवारों को ₹150 का भुगतान करना होगा। अनाथ उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क भुगतान से छूट दी गई है। इससे जुड़ी अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार वेबसाइट पर जाकर ऑफिशियल नोटिस देख सकते हैं।
आयु सीमा
इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 21 से कम नहीं होनी चाहिए, वहीं, अधिकतम की बात करें तो ये 42 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
ऐसे करें अप्लाई
उम्मीदवार सबसे पहले UKSSSC की आधिकारिक वेबसाइटhttp://sssc.uk.gov.in पर जाएं।
इसके बाद होमपेज पर जाकर वहां दिए गए अप्लाई लिंक पर क्लिक करें।
अब खुद को रजिस्टर करें और आवेदन के साथ आगे बढ़ें।
फिर सभी जरूरी डाक्यूमेंट अपलोड करें।
इसके बाद आवेदन शुल्क का भुगतान करें।
इसके बाद फॉर्म जमा करें और एक प्रति डाउनलोड करें
अंत में भविष्य को देखते हुए एक प्रिंटआउट ले लें।
दूरस्थ क्षेत्रों में शुरू होगी ड्रोन मेडिकल सेवा, मीरजों को मिलेगी सुविधा..
उत्तराखंड: एक सप्ताह के भीतर हरिद्वार और रुड़की के दूरस्थ क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा इन दोनों क्षेत्रों के लिए शुरू की जा रही हैं। इसके लिए एम्स प्रशासन ने सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। एम्स ऋषिकेश राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। जिसके लिए बीते फरवरी से नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा शुरू की गई है। ड्रोन के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्र में दवाइयां और ब्लड कंपोनेंट भेजे जा रहे हैं। उक्त सेवा को शुरू करने से पहले एम्स में कई ट्रायल किए। ट्रायल सफल रहने के बाद यह सेवा नियमित शुरू की गई है। अब एम्स प्रशासन नरेंद्र नगर, हरिद्वार और रुड़की के लिए भी यह सेवा शुरू करने जा रहा है।
हरिद्वार में इस सेवा के लिए रामकृष्ण मिशन के साथ अनुबंध किया गया है। जबकि रुड़की में उपजिला चिकित्सालय के साथ मिलकर यह सेवा संचालित की जाएगी। वहीं, नरेंद्र नगर में सीएचसी में यह सेवा संचालित की जाएगी। एम्स प्रशासन का कहना है कि इसके लिए रूट प्लान भी तैयार कर लिया गया है। एक सप्ताह के भीतर उक्त सभी स्थानों पर यह सेवा शुरू कर दी जाएगी। एम्स ऋषिकेश मेडिकल ड्रोन सेवा नियमित शुरू करने वाला देश का पहला चिकित्सा संस्थान है।
इन स्थानों के लिए उपलब्ध है यह सेवा..
एम्स की नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा से हिंडोलाखाल (टिहरी), नई टिहरी, फकोट, चंबा, यमकेश्वर क्षेत्र में दवाइयां और ब्लड कंपोनेंट पहुंचाए गए हैं। चंबा व न्यू टिहरी के लिए सबसे अधिक उड़ाने भरी गई हैं। एम्स प्रशासन का कहना है कि जल्द ही और अधिक स्थानों के लिए भी रूट मैप तैयार किया जा रहा है।
वर्तमान में एम्स में नियमित ड्रोन मेडिकल सेवा के लिए दो ड्रोन उलब्ध हैं। ड्रोन की संख्या भी बढ़ाई जाएंगी। जिससे उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ ही नए स्थानों को भी सेवा से जोड़ा जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर भी उक्त सेवा को उपलब्ध कराए जाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
नमो ड्रोन दीदी निभा रही अहम भूमिका..
इस सेवा में महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की भूमिका अहम है। एम्स से जिस पहाड़ी स्वास्थ्य केंद्र में ड्रोन से दवाइयां आदि भेजी जाएंगी वहां ड्रोन से सामग्री उतारना या इस पर सामग्री चढ़ाने का कार्य महिलाएं करेंगी। इसके लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार और एनएचएसआरसी की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। भविष्य में यही महिलाएं ड्रोन भी उड़ाएंगी। इन महिलाओं को नमो ड्रोन दीदी का नाम दिया गया है। उक्त सेवा में दो महिलाएं पायलट के रूप में भूमिका निभा रही है। पायलट ममता रतूड़ी एम्स ऋषिकेश और पायलट पुष्पा चौहान चंबा में तैनात हैं। दोनों महिला पायलट को डीजीसीए से लाइसेंस प्राप्त है।
बद्रीनाथ हाईवे पर हादसा, खाई में गिरा वाहन; दो लोगों की मौके पर मौत..
उत्तराखंड: बद्रीनाथ हाईवे पर मंगलवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। हाइवे पर घोलतीर-शिवानंदी के बीच एक वाहन दुर्घटना में दो व्यक्तियों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात बागेश्वर से देहरादून की ओर जा रहा एक वाहन बद्रीनाथ हाईवे पर घोलतीर-शिवानंदी के बीच अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना प्राप्त होते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा डीडीआरएफ टीम, एसडीआरएफ टीम व 108 एंबुलेंस को मौके के लिए रवाना किया गया। रेस्क्यू टीमों द्वारा बताया गया कि वाहन में दो व्यक्ति सवार थे, जिनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई है।
10वीं-12वीं के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट, इस दिन जारी होगा रिजल्ट..
उत्तराखंड: 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं खत्म हो गई है। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। ऐसे में रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट आ रहा है। प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्रों के उप नियंत्रकों एवं पर्यवेक्षकों की 22 मार्च को ऑनलाइन बैठक होगी। इस बैठक में कई अहम फैसले हो सकते है। आपको बता दे कि उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं समाप्त हो गई है। अब उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि राज्य के 29 केंद्रों में 27 मार्च से 10 अप्रैल 2024 तक मूल्यांकन कार्य चलेगा। जिसके लिए उप नियंत्रकों एवं पर्यवेक्षकों की 22 मार्च को बैठक होने वाली है। ये बैठक शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में होगी। इस बैठक में सभी जिलों के मुख्य नियंत्रक एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे।
बताया जा रहा है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए गढ़वाल मंडल में 16 और कुमाऊं मंडल में 13 केंद्र बनाए गए हैं। 15 दिन के भीतर मूल्यांकन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मूल्यांकन के लिए हाईस्कूल में 1,993 और इंटरमीडिएट में 1,581 शिक्षकों की डयूटी लगाई गई है। 10वीं-12वीं को 30 अप्रैल को बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होगा।
अगले तीन दिन बंद रहेगा सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन..
श्रद्धालुओं को चढ़नी होगी खड़ी चढ़ाई..
उत्तराखंड: सिद्वपीठ सुरकंडा देवी रोपवे का संचालन मंगलवार से अगले तीन दिन तक पूरी तरह से बंद रहेगा। 19, 20 और 21 मार्च को रोपवे का मरम्मत कार्य किया जाएगा। रोपवे बंद रहने के दौरान सुरकंडा मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को कद्दूखाल से मंदिर तक डेढ़ किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर पहुंचना होगा।
चैत्र नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे है। चैत्र नवरात्र के दौरान रोपवे के संचालन में कोई परेशानी उत्पन्न न हो इसे देखते हुए रोपवे का मरम्मत कार्य पहले करने का निर्णय लिया गया है। रोपवे के समन्वयक नरेश बिजल्वाण ने यह जानकारी दी है। उनका कहना हैं कि सुरक्षा की दृष्टि से 19 से 21 मार्च तक तीन दिनों तक रोपवे का मरम्मत कार्य के साथ-साथ तकनीकी निरीक्षण होना है। 22 मार्च सुबह आठ बजे से पूर्व की तरह रोपवे की सेवा विधिवत संचालित की जाएगी।
