फोरेंसिक टीम ने जुटाए अहम सबूत, फिंगरप्रिंट जांच जारी
हल्द्वानी। कुसुमखेड़ा इलाके में स्थित एक ज्वैलर की दुकान को निशाना बनाकर शातिर चोरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पहले से पूरी रेकी और तैयारी के बाद दुकान में घुसकर 25 सेल्फ तोड़ डाले और उनमें रखे सोने-चांदी के आभूषण समेट ले गए। पूरी घटना को इतनी सफाई से अंजाम दिया गया कि शुरुआती तौर पर किसी को भनक तक नहीं लगी।
दुकान के हर कोने को खंगाला
चोरों ने ज्वैलरी शॉप के अंदर मौजूद हर हिस्से को बारीकी से खंगाला। जहां भी आभूषण नजर आए, उन्हें उठाकर ले गए। इसके बाद उन्होंने दुकान में रखी तिजोरी को भी खोलने की कोशिश की। ड्रिल मशीन से तिजोरी काटने का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें वे सफल नहीं हो सके।
ज्वैलर की दिनचर्या से थे वाकिफ
जांच में सामने आया है कि चोरों को ज्वैलर की हर गतिविधि की जानकारी थी। आमतौर पर दुकानदार दुकान बंद करने के बाद नकदी और कीमती जेवरात घर ले जाते हैं, लेकिन इस दुकान में ऐसा नहीं किया जाता था। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए चोरों ने वारदात की पूरी रणनीति तैयार की।
ज्यादा किराया देकर ली बगल की दुकान
कुसुमखेड़ा चौराहे के आसपास जहां दुकानों का किराया 13 से 14 हजार रुपये के बीच है, वहीं चोरों ने ज्वैलर की दुकान के पास वाली दुकान को हर हाल में लेने के लिए 22,500 रुपये मासिक किराया तय किया। किरायेदार गौरव को पहले चाय और फिर कपड़े की दुकान खोलने का झांसा दिया गया। महंगे किराये के लालच में सौदा तय हो गया, जो बाद में चोरी की कड़ी साबित हुआ।
साप्ताहिक बंदी का उठाया फायदा
चोरों ने वारदात के लिए शुक्रवार की रात चुनी। चोरी के बाद उन्होंने किराये की दुकान का शटर बंद किया और फरार हो गए। शनिवार को हल्द्वानी में साप्ताहिक बंदी होने के कारण बाजार बंद रहा, जिससे किसी को शक नहीं हुआ। रविवार को जब ज्वैलर ने दुकान खोली, तब चोरी का खुलासा हुआ।
फोरेंसिक टीम जुटा रही सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ज्वैलरी शॉप और बगल की किराये की दुकान से अहम साक्ष्य जुटाए। जिस दुकान के रास्ते चोर अंदर दाखिल हुए थे, वहां से शराब की खाली बोतलें, ड्रिल मशीन और वेल्डिंग उपकरण बरामद हुए। इन सभी पर फिंगरप्रिंट लिए गए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और जल्द खुलासे का दावा कर रही है।
सीएम धामी ने नितिन नवीन को नए दायित्व की जिम्मेदारी मिलने पर दी शुभकामनाएं
देहरादून/ नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें पार्टी में नए दायित्व की जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में नितिन नवीन का अनुभव, ऊर्जा और संगठनात्मक दक्षता पार्टी को नई मजबूती प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री धामी ने उनके सफल कार्यकाल की कामना करते हुए विश्वास जताया कि पार्टी संगठन आने वाले समय में और प्रभावी भूमिका निभाएगा।
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा मसूरी स्थित अटल उद्यान में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का लोकार्पण अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 23 लाख रुपये की लागत से निर्मित यह प्रतिमा राष्ट्र के प्रति अटल जी के अतुलनीय योगदान, उनके दूरदर्शी नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का स्थायी प्रतीक है।
प्रतिमा का लोकार्पण महेन्द्र भट्ट, सांसद (राज्यसभा) एवं प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखण्ड के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर गणेश जोशी, मंत्री, कृषि एवं कृषक कल्याण, सैनिक कल्याण एवं ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। तत्पश्चात अतिथियों एवं उपस्थित जनसमुदाय ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों व पर्यटकों ने सहभागिता कर आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
अटल जी के विचार और विरासत को समर्पित स्मारक: प्रेरणा का स्थायी केंद्र
सांसद महेन्द्र भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिन्होंने वैचारिक दृढ़ता, संवेदनशीलता और संवाद की संस्कृति से देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण है। मसूरी जैसे ऐतिहासिक और पर्यटन महत्व के नगर में उनकी प्रतिमा की स्थापना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प के कारण ही उत्तराखण्ड को अलग राज्य का स्वरूप मिला। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा केवल एक स्थापत्य संरचना नहीं, बल्कि राष्ट्रनिर्माण में अटल जी के योगदान की जीवंत स्मृति है। उन्होंने मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण की सराहना करते हुए कहा कि प्राधिकरण ने इस परियोजना को समयबद्ध, गुणवत्ता-संपन्न और सौंदर्यपरक ढंग से पूर्ण किया है।
नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि अटल उद्यान में स्थापित यह प्रतिमा मसूरी नगर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गरिमा को और अधिक समृद्ध करेगी। उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को समर्पित था। यह उद्यान अब केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि विचार, प्रेरणा और सेवा का केंद्र बनेगा।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित यह प्रतिमा उच्च गुणवत्ता की सामग्री से तैयार की गई है, जिसमें अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व की सरलता, ओजस्विता और विचारशीलता को कलात्मक ढंग से उकेरा गया है। प्रतिमा के साथ-साथ अटल उद्यान का सौंदर्यीकरण भी किया गया है, जिससे यह स्थल स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि कवि, विचारक और संवेदनशील मानव थे। उनकी कविताएं, भाषण और विचार आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा, लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों के लिए प्रेरित करते हैं। इस प्रतिमा के माध्यम से उनके आदर्शों और विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे कार्य निरंतर किए जाते रहेंगे, ताकि विकास के साथ-साथ मूल्यों और परंपराओं का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्राधिकरण द्वारा सभी अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया।
मोहन सिंह बर्निया, सचिव, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण मसूरी अटल उद्यान में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का लोकार्पण प्राधिकरण के लिए गौरव का विषय है। यह प्रतिमा अटल जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण ने कहा श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन राष्ट्रभक्ति, सुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रहा है। मसूरी अटल उद्यान में उनकी प्रतिमा का स्थापित होना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण है। प्राधिकरण का उद्देश्य केवल आधारभूत ढांचे का विकास ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत का संरक्षण भी है। यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को अटल जी के आदर्शों से प्रेरित करेगी और मसूरी नगर की पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगी।
यह मंजूरी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी- डा.नरेश बंसल
देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष व सांसद डा. नरेश बंसल ने VB-G RAM G (विकसित भारत-गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन-ग्रामीण) बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिलने पर हर्ष व्यक्त किया है व राष्ट्रपति का आभार वयक्त किया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 का स्थान लेगा और इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि यह ग्रामीण परिवारों को 100 दिन की जगह अब 125 दिन के रोजगार की गारंटी देगा, और इसमें कुछ बदलाव भी हैं,समग्रतः यह ग्रामीण विकास के लिए एक बड़ा कदम है। इच्छुक ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 125 दिन का रोजगार देना सरकार की वैधानिक जिम्मेदारी होगी। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना अनिवार्य किया गया है। तय समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं होने पर देरी का मुआवजा देने का भी प्रावधान रखा गया है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि इसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बढ़ाना है। यह मंजूरी ग्रामीण भारत के लिए रोजगार और विकास के नए द्वार खोलेगी, इसलिए इस पर पूरे भारत मे खुशी व्यक्त की जा रही है।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मागृदर्शन मे सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा को मजबूत करने के साथ टिकाऊ और उत्पादक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, ताकि समावेशी और संतुलित विकास को बढ़ावा मिल सके।
दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा, डीएम सविन बंसल के निर्देश पर सीएसआर फंड जारी
देहरादून। जिले में शिक्षा को मजबूत और समावेशी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और अहम पहल की है। दूरस्थ तहसील त्यूणी के ग्राम एवं पोस्ट अटाल क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कार्यरत एक स्वयंसेवी संस्था (एनजीओ) को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। यह पहल जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर की गई।
जानकारी के अनुसार ग्राम अटाल के स्थानीय लोगों और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ ने जिलाधिकारी को अवगत कराया था कि क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली बच्चे आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निर्देशों के अनुपालन में यूजीवीएनएल द्वारा सीएसआर फंड के तहत 4.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस राशि से ग्राम अटाल क्षेत्र के लगभग 300 जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई में आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर हो सकेंगी।
जिला प्रशासन का कहना है कि इस सहायता से न केवल क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले बच्चों को आगे बढ़ने के समान अवसर भी प्राप्त होंगे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे जनहितकारी प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है और किसी भी बच्चे की प्रतिभा आर्थिक कारणों से बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
क्रिसमस–न्यू ईयर पर औली में बढ़ती भीड़ को लेकर प्रशासन सतर्क, ट्रैफिक व पार्किंग को लेकर योजना तैयार
भीड़ बढ़ने की स्थिति में पर्यटकों के वाहन रविग्राम में होंगे पार्क, स्थानीय वाहनों से भेजे जाएंगे सैलानी
चमोली। क्रिसमस और नववर्ष के दौरान औली में उमड़ने वाली पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और पार्किंग व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार की है। भीड़ बढ़ने की स्थिति में बाहरी पर्यटकों के वाहनों को औली तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें रविग्राम खेल मैदान में पार्क कराया जाएगा। वहां से पर्यटकों को स्थानीय वाहनों के माध्यम से औली पहुंचाया जाएगा।
शीतकालीन पर्यटन सीजन को लेकर उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ की अध्यक्षता में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, टैक्सी यूनियन और होटल कारोबार से जुड़े लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में औली की सीमित पार्किंग क्षमता और संभावित ट्रैफिक जाम को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर औली मार्ग पर जाम की स्थिति से बचने के लिए यह व्यवस्था लागू की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि बाहर से आने वाले सैलानियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात प्रबंधन, पार्किंग और शटल व्यवस्था को सुचारु रखा जाएगा।
बैठक में टैक्सी और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर निर्धारित रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें और पर्यटकों से तय शुल्क ही वसूला जाए। साथ ही ओवरचार्जिंग की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि औली में बिजली, पानी, सड़क, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान आने वाले सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और औली की सकारात्मक छवि बनी रहे।
शहर में सार्वजनिक स्थलों, फुटपाथों और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा – बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) शहर को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार सख़्त कार्रवाई कर रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण, फुटपाथ कब्ज़ा और अनधिकृत निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में एमडीडीए की प्रवर्तन टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए निरीक्षण कर रही हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान न केवल यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए है, बल्कि आमजन की सुविधा और शहर की सुंदरता बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम है।
एमडीडीए द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आज देहरादून के बहल चौक, राजपुर रोड क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फुटपाथ पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से सीढ़ियों का निर्माण किया गया था, जिससे पैदल चलने वालों को असुविधा हो रही थी और यातायात प्रभावित हो रहा था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से निर्मित सीढ़ियों को ध्वस्त किया और संबंधित को भविष्य में इस प्रकार का अतिक्रमण न करने की सख़्त चेतावनी दी।
उपाध्यक्ष एमडीडीए, बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि शहर में अवैध अतिक्रमण से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। प्राधिकरण द्वारा नियमों के उल्लंघन पर सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं रखा जाएगा। शहर में सार्वजनिक स्थलों, फुटपाथों और सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सचिव एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और शहर को व्यवस्थित व सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
द मोंटेसरी स्कूल के वार्षिकोत्सव का किया उद्घाटन
देहरादून। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने द मोंटेसरी स्कूल के 83 वें वार्षिकोत्सव का उद्घाटन किया। यह आयोजन संस्कृति विभाग के सभागार में किया गया था।
स्कूल के बच्चों ने नृत्य नाटिका ऑडियो विजुअल स्टोरी टेलिंग के जरिए गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कहानी, कालांतर में भारतीय जीवन मूल्यों में गंगा की महत्ता और औद्योगीकरण के चलते प्रदूषित गंगा की सजीव झांकियां प्रस्तुत की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों ने जिस तरह गंगा की पूरी यात्रा को चित्रित किया वह न सिर्फ मन को मोहने वाला था बल्कि उसमें हम सबके लिए कई बड़े सबक भी छिपे हैं।
उन्होंने कहा कि मां गंगा की पवित्रता को कायम रखना देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है और युवाओं को विकास के साथ-साथ पर्यावरण व नदियों के संरक्षण का भी संकल्प लेना होगा।
रेखा आर्या ने कहा कि बच्चों को अपनी परंपरा, समाज, पर्यावरण और इतिहास से जोड़ने का यह अनुपम प्रयास है, क्योंकि संस्कार रहित शिक्षा का कोई अर्थ नहीं होता।
इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन विजय खन्ना, निदेशक समर्थ खन्ना, दून विश्वविद्यालय कि कुलपति सुरेखा डंगवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुरेंद्र मित्तल, विनोद कपणवान आदि उपस्थित रहे।
गांव–गांव पहुंच रही सरकार: जिवई न्याय पंचायत के सुकई में आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर
शिकायत, समाधान एवं योजनाओं का लाभ, बहुउद्देशीय शिविर रहा प्रभावी
पौड़ी- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार जनपद पौड़ी के 15 विकासखंडों की 115 न्याय पंचायतों में 18 मार्च 2026 तक संचालित “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड बीरोंखाल की न्याय पंचायत जिवई की ग्रामसभा सुकई के पंचायत भवन में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में तहसीलदार बीरोंखाल शंकर सिंह की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंगल दल सुकई द्वारा स्वागत गीत से किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने-अपने विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान जंगली जानवरों के आतंक, घेरबाड़ निर्माण, विद्युत लाइन परिवर्तन, सड़कों की मरम्मत एवं मोटर मार्ग निर्माण से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आयीं। वन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि आसपास के क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया जा चुका है।
ग्रामीणों द्वारा शिविर में कुल 16 शिकायतें दर्ज करायी गयीं, जिनमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। शेष शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। शिविर में सभी रेखीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
ग्रामीणों ने “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से अब छोटे–छोटे कार्यों के लिए उन्हें तहसील या जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार वास्तव में उनके द्वार तक पहुंच रही है, जिससे समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण संभव हो पा रहा है।
आयोजित शिविर में राजस्व, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, कृषि, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, विद्युत, वन, चिकित्सा एवं आयुष सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए गए, जिनके माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं एवं आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 37 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयाँ वितरित की गयीं। पशुपालन विभाग द्वारा 11 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि हेतु 03 आवेदन दर्ज किए गए। आयुष विभाग द्वारा 55 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य एवं आयुष विभागों द्वारा ग्रामीणों की जांच कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। शिविर में एनआरएलएम की महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों एवं पहाड़ी सब्जियों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया गया।
कार्यक्रम में ज्येष्ठ प्रमुख कुलदीप नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य दरिया बैजरो संध्या देवी, ग्राम प्रधान सुकई लता देवी, ग्राम प्रधान जिवई श्वेता देवी, प्रधान बिरगण कर्नल (सेनि.) यशपाल सिंह नेगी, प्रधान बापता सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रधान मटेला मुकेश कुमार, प्रधान दरिया बैजरो नीलम रावत, प्रधान नानस्यूं हिमांशु रावत, नोडल अधिकारी/कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी राजबीर सिंह, खंड विकास अधिकारी एस. एस. बुटोला, खंड शिक्षा अधिकारी वर्षा भारद्वाज, वन क्षेत्राधिकारी थलीसैंण रेंज महेंद्र सिंह रावत सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
कम भूमि और कम जल में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है मशरूम उत्पादन: मुख्यमंत्री
‘ मशरूम ग्राम’ से युवाओं, महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा रोजगार
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस प्रयास
उत्तराखंड में कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत सब्सिडी और तीन लाख तक ब्याजमुक्त ऋण
पॉलीहाउस, बागवानी, मिलेट और सुगंध फसलों से किसानों को मिल रही नई पहचान
कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प के साथ सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
हरिद्वार- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जनपद के बुग्गावाला में एमबी फूड्स द्वारा विकसित ‘मशरूम ग्राम’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने एमबी फूड्स की टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम भूमि, कम जल और कम समय में अधिक लाभ देने वाला प्रभावी उद्यम है, जिससे किसान अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर प्राप्त होंगे तथा स्वयं सहायता समूहों को भी आर्थिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘मशरूम ग्राम’ मॉडल राज्य के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा और कृषि आधारित उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 11 करोड़ किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिसमें उत्तराखंड के लगभग 9 लाख किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मानधन योजना, मिलेट मिशन, बागवानी विकास मिशन, कृषि यंत्र सब्सिडी, बूंद-बूंद सिंचाई योजना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाएं किसानों को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पाँच लाख रुपये करना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों के उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, तीन लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण तथा नहरों से मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से पॉलीहाउस निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत अब तक लगभग 350 पॉलीहाउस स्थापित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल 20 रुपये का बोनस, गन्ने के दामों में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि, नई सेब नीति, कीवी नीति, स्टेट मिलेट मिशन और ड्रैगन फ्रूट नीति जैसी योजनाएं राज्य में कृषि और बागवानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही हैं। इसके साथ ही ‘महक क्रांति’ के माध्यम से सुगंध फसलों की खेती को बढ़ावा देकर हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के माध्यम से राज्य के स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सभी प्रयासों से उत्तराखंड कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने बुग्गावाला और हरिद्वार क्षेत्र के नागरिकों से सरकार के प्रयासों में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही देवभूमि उत्तराखंड को कृषि सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक प्रदीप बत्रा,जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित सभी जनपद स्तरीय अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय जनता उपस्थित थी |
