मौसम विभाग ने इन जनपदों के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट..
उत्तराखंड: मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी कर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में न जाने की अपील की है।
मौसम विभाग के निदेशक विक्रम के अनुसार देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर और चंपावत जनपद के लिए भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा इन जनपदों के कुछ हिस्सों में तेज गर्जन और आकाशीय बिजली चमकने के आसार हैं।
जबकि मौसम वैज्ञानिकों ने हरिद्वार, चमोली, टिहरी, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जनपद के लिए येलो अलर्ट जारी कर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में न जाने की हिदायत दी है।प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी देहरादून में रात से लगातार हो रही बारिश के कारण टपकेश्वर मंदिर का एक पुश्ता ढह गया। टपकेश्वर मंदिर में पहले पेड़ गिरने के कारण मंदिर का प्रवेश द्वार अवरूद्ध हो गया था। जिसके बाद बीती रात मंदिर का एक और हिस्सा ढहने से मलबा एकत्र हो गया है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Uttarakhand: नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों की ग्रेडिंग के आधार पर तय होगी फीस, बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से शुल्क नियामक समिति निजी कॉलेजों के लिए फीस तय करती है। निजी नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों के संचालकों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के समक्ष फीस तय करने का मुद्दा उठाया।
प्रदेश में चल रहे नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों की ग्रेडिंग के आधार पर फीस का तय की जाएगी। इससे नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही नर्सिंग कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
प्रदेश में 2016-17 के बाद से नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों में चल रहे कोर्सों की फीस का निर्धारण नहीं किया गया। उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से शुल्क नियामक समिति निजी कॉलेजों के लिए फीस तय करती है। निजी नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों के संचालकों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के समक्ष फीस तय करने का मुद्दा उठाया।
सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों में फीस निर्धारण के लिए नई व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। इसमें कॉलेजों की शिक्षा की गुणवत्ता, फैकल्टी व हॉस्टल की सुविधाओं पर ग्रेडिंग की जाएगी। इसके आधार पर कॉलेजों की फीस तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों को शिक्षा और सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा।
मंत्री ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पर्वतीय क्षेत्रों में नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेजों की संख्या कम है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को नर्सिंग की पढ़ाई के लिए दूसरे क्षेत्रों में न जाना पड़े। इसके लिए पर्वतीय क्षेत्रों में निजी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल संस्थान खोलने को प्राथमिकता दी जाएगी।
तोताघाटी में आवाजाही शुरू, अब बगवान में बंद हुआ हाईवे,
Landslide in Uttarakhand :बदरीनाथ हाईवे पर 20 भूस्खलन और 11 भूधंसाव जोन सक्रिय हो गए है। कई पुराने भूस्खलन जोन भी सक्रिय हुए हैं। इससे वाहनों की आवाजाही खतरनाक बनी हुई है। आज शनिवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे एक बार फिर तोताघाटी के पास बाधित हो गया। ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है।
लगातार बारिश के चलते हो रहे भूस्खलन से पहाड़ों पर दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। यात्रियों सहित स्थानीय लोगों को भी सड़कें और हाईवे बंद होने से परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है।भूस्खलन के कारण शनिवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे एक बार फिर तोताघाटी के पास बाधित हो गया। ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया।
इसके बाद तोता घाटी में अपराहन 12:30 ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों के आवागमन के लिए खोला जा सका। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि अपराह्न 1 बजे लगभग ऋषिकेश बदरीनाथ हाईवे बगवान के समीप बाधित हो गया है। पहाड़ी से हाईवे पर मलबा गिरा है।
ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग पर तोता घाटी के समीप भूस्खलन के बाद ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर जाने वाले वाहनों को अन्य वैकल्पिक मार्गो से डायवर्ट किया गया है। पुलिस के मुताबिक तोता घाटी के समीप देर रात भारी मात्रा में बोल्डर मार्ग पर आ गए हैं, जिससे पूरा मार्ग बंद हो गया था।
येलो अलर्ट के बीच मसूरी में मूसलाधार बारिश, जानें अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
अगले सप्ताह के बाद फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 22 अगस्त के बाद प्रदेश के अधिकतर इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।
उत्तराखंड में शुक्रवार को भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, देर शाम मसूरी में मूसलाधार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
वहीं, शनिवार को कुछ जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने कहा, अगले दो दिन बारिश से थोड़ी राहत के आसार हैं। अगले सप्ताह के बाद फिर से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 22 अगस्त के बाद प्रदेश के अधिकतर इलाकों में भारी बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के देहरादून और बागेश्वर जिले में अब तक सबसे अधिक बारिश हुई है। दून में 1608.1 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य 56 फीसदी अधिक है। बागेश्वर जिले में सामान्य से 174 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। जिले में अब तक 1561.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। हरिद्वार में सामान्य से 80 प्रतिशत बारिश रिकॉर्ड की गई। अब तक जिले में 1236 मिमी बारिश हो चुकी है।
वन दरोगा के 316 पदों पर परिणाम लटकते दिख रहे है….
हाईकोर्ट के फैसले की कॉपी मिलने के बाद होगा निर्णय
उत्तराखंड : सरकार वन दरोगा के 316 रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भर देना चाहती है। इससे वन आरक्षियों की पदोन्नति का अवसर खत्म हो जाएगा। जबकि पूर्व में वन दरोगा के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाते थे।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से वन दरोगा के 316 पदों पर कराई गई भर्ती प्रक्रिया का परिणाम एक बार फिर लटकता दिखाई दे रहा है। परिणाम जारी होने से पहले ही इस संंबंध में आए हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद अभ्यर्थियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इस संबंध में वन विभाग भी अभी कुछ कहने से बच रहा है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से वन दरोगा के 316 पदों के लिए 11 जून को लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें 615 अभ्यर्थियों ने स्थान पाया था। इस मामले में पूर्व में ही वन आरक्षी/ वन बीट अधिकारी संघ के अध्यक्ष हर्षवर्धन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
राज्य सरकार को दिए पदोन्नति से भरने के आदेश
इसमें कहा गया था कि सरकार वन दरोगा के 316 रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भर देना चाहती है। इससे वन आरक्षियों की पदोन्नति का अवसर खत्म हो जाएगा। जबकि पूर्व में वन दरोगा के पद 100 प्रतिशत पदोन्नति से भरे जाते थे। सरकार ने वर्ष 2018 में नियमावली में संशोधन कर इस पद को सीधी भर्ती से भरने का निर्णय लिया।
इस पर नैनीताल हाईकोर्ट ने वन दरोगा भर्ती मामले में 316 पदों में से 105 पदों को सीधी भर्ती और 211 को पदोन्नति से भरने के आदेश राज्य सरकार को दिए हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब संशय की स्थिति बन गई है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है, जब तक उनके हाथ में कोर्ट के फैसले की कॉपी नहीं आ जाती है, तब तक वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।
हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। वन विभाग से जो भी निर्देश मिलेंगे, उस हिसाब से वन दरोगा भर्ती का परिणाम जारी किया जाएगा। अभी तक चयन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। अंतिम चयन सूची जारी करने की तैयारी चल रही है। -एसएस रावत, सचिव, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
सचिवालय के अनुभागों में दो बजते ही छा जाता है लंच ब्रेक से सन्नाटा
सूचना आयोग ने 2005 में एक आदेश जारी किया था, जिसके तहत 4 जनवरी 2006 को शासन ने सरकारी कार्यालयों में लंच ब्रेक के समय निर्धारण का शासनादेश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि लंच ब्रेक का समय दोपहर एक से ढाई बजे के बीच महज आधे घंटे का होगा। इस अवधि में ही प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को लंच ब्रेक लेना होगा।
जैसे ही घड़ी की सुई दो पर पहुंचती है वैसे ही सचिवालय के सभी अनुभागों में एकसाथ लंच हो जाता है। इससे हर अनुभाग में सन्नाटा पसर जाता है। सरकार ने पहले जो शासनादेश जारी किया था, उसमें अधिकारियों-कर्मचारियों को एक साथ लंच ब्रेक पर जाने का प्रावधान नहीं था।
जैसे ही घड़ी की सुई दो पर पहुंचती है वैसे ही सचिवालय के सभी अनुभागों में एकसाथ लंच हो जाता है। इससे हर अनुभाग में सन्नाटा पसर जाता है। सरकार ने पहले जो शासनादेश जारी किया था, उसमें अधिकारियों-कर्मचारियों को एक साथ लंच ब्रेक पर जाने का प्रावधान नहीं था।
एक तिहाई कर्मचारी ही लंच ब्रेक पर जाएं
सचिवालय में अनुसचिव, अनुभाग अधिकारी व सभी कार्यालयों में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, कार्यालय अधीक्षक और यहां इस नाम से अधिकार न हो वहां उनसे वरिष्ठ अधिकारी अपने कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के आधे घंटे के लंच ब्रेक का समय इस तरह निर्धारित करेंगे कि एक बार में करीब एक तिहाई कर्मचारी ही लंच ब्रेक पर जाएं। जहां पर एकल अधिकारी एवं एकल कर्मचारी होंगे, वहां वे आपस में लंच ब्रेक का समय इस तरह तय करेंगे कि उनमें से एक कार्यालय में जरूर मौजूद रहे।
सूची टांगने का है प्रावधान
यह भी प्रावधान किया गया था कि लंच ब्रेक पर जाने वाले कर्मचारियों की सूची विभाग में टांगी जाएगी। बावजूद इसके अब माहौल उलट देखने को मिलता है। जैसे ही सचिवालय में दो बजे का समय होता है तो पूरे अनुभाग खाली हो जाते हैं। वरिष्ठ अधिकारी भी सीधे डेढ़ से दो घंटे के लिए लंच ब्रेक पर चले जाते हैं।
ज्यादातर अनुभागों में इस नियम का पालन किया जा रहा है। कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी बन जाती हैं कि लंच में देरी हो जाती है, जिससे कुछ लोग एकसाथ लंच कर लेते हैं। – विनोद कुमार सुमन, सचिव, सचिवालय प्रशासन
सीएम धामी ने ली हाई लेवल मीटिंग, चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित..
उत्तराखंड: प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते उपजी आपदा की स्थिति को देखते हुए सीएम धामी ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों व वहां किए जा रहे राहत व बचाव कार्यों की जानकारी प्राप्त की। वहीं उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित कर दी गई है। सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि अन्य जगहों पर भी मौसम के अनुरूप ही यात्रा करें।
कहा कि जहां भी लोगों के हताहत होने की खबर है वहां पर एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव में लगी है। बैठक के दौरान उन्होंने भारी बारिश के दृष्टिगत सभी अधिकारियों, एसडीआरएफ के सभी दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए।
अभिनेता रजनीकांत ने बद्रीनाथ धाम के किये दर्शन..
उत्तराखंड: रजनीकांत ने शनिवार शाम को बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए। इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति की ओर से उनका स्वागत किया गया। समिति ने उन्हें भगवान बद्री विशाल का प्रसाद एवं तुलसी माला भेंट की। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया की प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रजनीकांत दयानंद आश्रम ऋषिकेश से शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे।
रजनीकांत ने गणेश गुफा, व्यास गुफा, माणा गांव समेत भीमपुल, सरस्वती उद्गम के दर्शन किए। एक्टर ने आरती अटेंड की। इसके बाद रजनीकांत ने अपने सभी फैन्स को हाथ हिलाकर ग्रीट किया और उनका धन्यवाद भी किया। इस दौरान रजनीकांत के प्रशंसकों में काफी खुशी नजर आई। लोगों ने उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। रजनीकांत के इस भ्रमण के दौरान शंकराचार्य के प्रतिनिधि श्री मुकुंदानंद भी मौजूद रहे।
उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग की इस परीक्षा के लिए नैनीताल में तैयारी पूरी..
उत्तराखंड: नोडल अधिकारी परीक्षा शिव चरण द्विवेदी ने बताया कि उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग, हरिद्वार द्वारा उत्तराखंड सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा की लिखित परीक्षा-2021 दिनाँक 13 से 18 अगस्त तक जनपद नैनीताल के हल्द्वानी शहर के कुल 16 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जायेगी।
13 अगस्त को परीक्षा दो पालियों में प्रातः 09 से 11 व दोपहर की 02 से 04 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा प्रारम्भ होने से परीक्षा समाप्ति तक समस्त परीक्षा केन्द्रों में चारों तरफ 200 गज की परिधि में तत्काल प्रभाव से धारा 144 (सीआरपीसी) लागू रहेगी।
परीक्षा के सफल आयोजन हेतु जिले के लिए नोडल अधिकारी नामित किये गये हैं। नोडल अधिकारी द्वारा बताया गया है कि जिले में परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जारी वित्तीय वर्ष में आय का जो लक्ष्य रखा गया है, चार महीने में सरकार ने उसका 32 प्रतिशत पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व वृद्धि के लिए सभी विभागों को सजगता, पूरी सक्रियता और समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की आय बढ़ोतरी के लिए राजस्व वसूली में तेजी लाने के साथ ही कर चोरी के खिलाफ बेहद सख्ती से पेश आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बिजली चोरी रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाए जाने पर जोर दिया।
राजस्व वृद्धि के संबंध में राज्य सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया कि जारी वित्तीय वर्ष में आय का जो लक्ष्य रखा गया है, चार महीने में सरकार ने उसका 32 प्रतिशत पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने राजस्व वृद्धि के लिए सभी विभागों को सजगता, पूरी सक्रियता और समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगली बैठक होने से पहले इस बैठक में लिए गए फैसलों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट उन्हें मिल जानी चाहिए।
उन्होंने राजस्व वसूली की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ अभिनव प्रयास किए जाने का भी सुझाव दिया। बैठक में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, दिलीप जावलकर व वर्चुअल माध्यम से जिलाधिकारी भी जुड़े थे।
नियमित वसूली की प्रगति जांचने के लिए बनाया जाए पोर्टल
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वसूली की नियमित मॉनिटरिंग के लिए एक पोर्टल बनाया जाए। इस पर विभिन्न विभागों राजस्व वसूली के आंकड़े अपलोड किए जाएं। इससे राजस्व परिषद में राजस्व वसूली के आंकड़ों में दिखाई दे रहे अंतर की समस्या का समाधान होगा।
‘दून, हरिद्वार, यूएसनगर व नैनीताल राजस्व बढ़ाएं’
मुख्यमंत्री ने राजस्व वसूली के मामले में देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों के प्रदर्शन में और सुधार की आवश्यकता जताई। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व वसूली की कार्रवाई में तेजी लाई जाए। इसके लिए जिलों में बनाई गई समिति की नियमित बैठकें कराई जाएं।
बिजली चोरी रोकने की हिदायत दी
सीएम ने यूपीसीएल और यूजेवीएनल को राजस्व बढ़ाने को लेकर विशेष प्रयास किए जाने की हिदायत दी। बिजली चोरी संभावित क्षेत्रों में लगातार सतर्कता आधारित गतिविधियां चलाई जाएं और उच्च औद्योगिक मांग वाले क्षेत्रों में बिलिंग दक्षता बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए।
पहाड़ में उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास हों
सीएम ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयास किए जाएं। कहा कि इन्वेस्टर समिट में निवेशकों को पर्वतीय क्षेत्रों में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सभी जिलाधिकारी देख लें कि उनके जिलों के किस-किस क्षेत्र में निवेश की अधिक संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रांट पर तेजी से कार्य किए जाएं।
ये निर्देश भी दिए
– वन संपदाओं के बेहतर उपयोग से राजस्व वृद्धि हो
– तराई क्षेत्रों में कॉमर्शियल प्लांटेशन की दिशा में तेजी लाई जाए
– प्रकाष्ठ बिक्री के लिए उचित व्यवस्था हो
– जड़ी-बूटियों के संरक्षण और सतत विकास के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई जाए
– वन क्षेत्रों में बरसाती नालों को चिह्नित कर चैनेलाइज किया जाए
– बीते वर्षों की रिकवरी की गति में और तेजी लाई जाए
– परिवहन, खनन, जीएसटी आदि क्षेत्रों में ऑनलाइन सिस्टम बेहतर बनाई जाए
– जीएसटी के तहत राजस्व वृद्धि बढ़ाने के प्रयास किए जाएं
– जीएसटी संग्रह के लिए अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिस का गहनता से अध्ययन किया जाए
जुलाई तक राजस्व बढ़ोतरी की स्थिति आंकड़ों में
24745 करोड़ लक्ष्य की अपेक्षा 7928 करोड़ की वसूली
2759 करोड़ राजस्व मिला जीएसटी में अब तक
877 करोड़ वैट से हुई सरकार को अभी तक आय
1586 करोड़ का राजस्व अर्जित किया आबकारी से
205 करोड़ रुपये खनन से कमाए जा चुके हैं अब तक
