देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी को अवगत कराया कि राज्य सरकार के अधीन विभाग/संस्था में 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कार्मिकों को न्यूनतम वेतनमान एवं महंगाई भत्ता, समान कार्य-समान वेतन और नो-वर्क नो-पे प्रकरण का शीघ्र जियो जारी करने की मांग की।
मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधि मंडल को सकारात्मक आश्वासन देते हुए शीघ्र कार्यवाही का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार उपनल कर्मियों के हितों को लेकर संवेदनशील है और उनके कल्याण हेतु हरसंभव प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।
नितिन नवीन के नवनियुक्त होने पर डॉ. नरेश बंसल ने हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं
देहरादून/नई दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में नव नियुक्त भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान डॉ. बंसल ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
भेंट के अवसर पर डॉ. नरेश बंसल ने नितिन नवीन को मिठाई खिलाकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान विभिन्न समसामयिक और संगठनात्मक विषयों पर भी चर्चा हुई।
डॉ. बंसल ने विश्वास जताया कि नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
1971 युद्ध के वीरों को नमन: गांधी पार्क में विजय दिवस समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क, देहरादून में आयोजित श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने 1971 के युद्ध के सैनिकों और शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सैनिक कल्याण निदेशालय और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय (डीडीहाट, हरबर्टपुर, पिथौरागढ़ एवं हरिद्वार) इन सभी पाँच कार्यालयों में सरकारी वाहन दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सभी वीर बलिदानियों को समस्त प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों ने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से 1971 के युद्ध में राष्ट्र की अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा की। आज भारतीय सेना के शौर्य, त्याग और अटूट राष्ट्रनिष्ठा की गौरवगाथा को स्मरण करने का दिन है, जो हमारे इतिहास के पन्नों पर स्वर्णाक्षरों में अंकित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1971 में पाकिस्तान के लगभग 93 हजार सैनिकों ने हमारी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में वीरभूमि उत्तराखंड के 248 बहादुर सपूतों ने भी अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारे प्रदेश के 74 सैनिकों को अपने अदम्य साहस और शौर्य के लिए विभिन्न वीरता पदकों से सम्मानित भी किया गया था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लगभग प्रत्येक परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ ही सेना को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से सुसज्जित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत रक्षा सामग्री का निर्यात करने वाले शीर्ष देशों की सूची में शामिल हो गया है। ऑपरेशन सिंधु के माध्यम से भारत ने यह सिद्ध कर दिया कि हमारे सैनिकों के साथ-साथ हमारे स्वदेशी हथियार भी किसी से कम नहीं हैं। इस अभियान में भारत में निर्मित आकाश मिसाइल, डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे स्वदेशी हथियारों ने पूरे विश्व में भारत का डंका बजा दिया। आज दुश्मन की एक-एक गोली का जवाब गोलों से दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नया भारत है, जो दुश्मनों की हर नापाक हरकत का करारा जवाब देता है और उन्हें उनके ठिकानों में ही नेस्तनाबूद कर देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वीर जवानों के हित में भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। वन रैंक वन पेंशन योजना हो, नेशनल वॉर मेमोरियल का निर्माण, रक्षा बजट में वृद्धि कर सैनिकों की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करना हो, या बॉर्डर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना—ऐसे अनेक कार्य किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए संकल्पित होकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहीदों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किया है। सेना में परमवीर चक्र से लेकर मेंशन इन डिस्पैच तक सभी वीरता पुरस्कारों से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिकी राशि में भी अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। परमवीर चक्र से अलंकृत सैनिक को मिलने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये किया गया है। अशोक चक्र की राशि 30 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र की राशि 20 लाख से बढ़ाकर 35 लाख रुपये तथा वीर चक्र और शौर्य चक्र की एकमुश्त राशि 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिदानियों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि भी 2 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दी गई है। प्रदेश में बलिदानियों के आश्रितों को नौकरी पूर्व प्रशिक्षण तथा पुत्री विवाह अनुदान जैसी योजनाएँ भी संचालित की जा रही हैं। राज्य में वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों हेतु सरकारी बसों में यात्रा की निःशुल्क व्यवस्था के साथ-साथ सेवारत व पूर्व सैनिकों के लिए 25 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जा रही है। देहरादून के गुनियाल गाँव में ‘‘भव्य सैन्य धाम’’ का निर्माण भी किया जा रहा है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि 1971 के युद्ध के दौरान करीब 4 हज़ार सैनिक शहीद हुए थे, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 248 शहीद सैनिक शामिल थे। करीब 9 हज़ार सैनिक घायल हुए थे। उत्तराखंड के 74 सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए, जो हमारे राज्य के लिए गौरव की बात है। सैनिकों का सम्मान हर देशवासी का कर्तव्य है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सैनिकों के कल्याण के लिए कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली सम्मान राशि को बढ़ाकर ₹50 लाख किया गया है। सैनिकों की हर समस्या का समाधान किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, विधायक श्रीमती सविता कपूर, सचिव सैनिक कल्याण दीपेन्द्र चौधरी, मेजर जनरल (से.नि.) सम्मी सबरवाल तथा पूर्व सैनिक और वीरांगनाएँ उपस्थित थीं।
राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले—1971 की विजय भारत के सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय
देहरादून। विजय दिवस 2025 के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), उत्तराखंड के राज्यपाल, मेजर जनरल एम.पी.एस. गिल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया, मेजर जनरल रोहन आनंद, एडीजी, एनसीसी उत्तराखंड निदेशालय, ग्रुप कैप्टन ऋषभ शर्मा, रियर एडमिरल पीयूष पौसी, जॉइन्ट चीफ हाइड्रोग्राफर, एनएचओ देहरादून और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। समारोह में देहरादून स्टेशन के सेवारत अधिकारी, जेसीओ और अन्य रैंक के अधिकारी भी उपस्थित थे, जिन्होंने देश के सम्मान के लिए वीर सैनिकों का अनुकरण करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने उपस्थित सेवारत एवं पूर्व सैनिकों से भेंट कर उनसे संवाद किया तथा राष्ट्र की रक्षा उनके अमूल्य योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर राज्यपाल ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की ऐतिहासिक, रणनीतिक एवं निर्णायक सैन्य विजय को स्मरण करते हुए कहा कि यह युद्ध भारत के सैन्य इतिहास में स्वर्णिम अध्याय है। भारतीय सशस्त्र बलों ने अद्वितीय शौर्य, साहस और कुशल रणनीति का परिचय देते हुए न केवल दुश्मन के 93 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए विवश किया, बल्कि पाकिस्तान के विभाजन के साथ एक नए राष्ट्र बांग्लादेश के निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त किया।
राज्यपाल ने कहा कि हमारे सशस्त्र बलों की उत्कृष्ट रणनीति, कठोर प्रशिक्षण, सटीक योजना, अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता हम सभी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि 54 वर्ष पूर्व इस युद्ध में शहीद हुए एवं घायल हुए जवानों के परिवारों की देखभाल करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विजय दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम सदैव उनके परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए तत्पर रहेंगे।
उन्होंने कहा कि आज भारत आधुनिकीकरण, तकनीकी नवाचार, भविष्य के युद्ध कौशल और सैन्य क्षमताओं के क्षेत्र में एक व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। यह परिवर्तन हमारे सशस्त्र बलों की शक्ति और राष्ट्र की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
राज्यपाल ने कहा कि विजय दिवस केवल अतीत की विजय को स्मरण करने का दिन नहीं, बल्कि यह आत्ममंथन और संकल्प का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि हमें भविष्य की चुनौतियों तथा आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा आवश्यकताओं के प्रति स्वयं को निरंतर सुदृढ़ और सजग बनाए रखना होगा।
1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक जीत को मनाने करने के लिए तथा कर्तव्य की पंक्ति में सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल विजय दिवस मनाया जाता है। दिसंबर 1971 के 16वें दिन, तत्कालीन थल सेना अध्यक्ष जनरल एस एफ एच जे मानेकशों के शक्तिशाली नेतृत्व में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी सेना को करारी शिकस्त दी और बांग्लादेश के रूप में नए देश के गठन के लिए पूर्वी पाकिस्तान की मुक्ति का मार्ग प्रशस्त किया। राष्ट्र अपने सैनिकों के दृढ़ संकल्प और अद्वितीय साहस को प्रणाम करता है जिन्होंने 1971 के युद्ध में इस
अभूतपूर्व जीत को हासिल करने के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 2 महीने का पैसा
देहरादून। मंगलवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 3 करोड़ 9 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की। कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत सितंबर 25 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि अक्टूबर में 5177 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 55 लाख 31 हजार रुपए जारी किए गए हैं। जबकि नवंबर महीने के लिए कुल 5147 लाभार्थियों के 1 करोड़ 54 लाख 41 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।
इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।
इस अवसर पर विभागीय निदेशक बंसी लाल राणा, भाजपा नेता इंदर रावत, सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।
पर्यटकों की शिकायतों के बाद प्रशासन सख्त
नैनीताल। पर्यटकों को पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले के सभी होटलों में कमरों की रेट लिस्ट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही होटल प्रबंधन को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी टैरिफ की पूरी जानकारी देनी होगी। यह निर्णय पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से लिया है।
प्रशासन के अनुसार, नैनीताल जिले के 50 प्रतिशत से अधिक होटलों में न तो रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से लगाई गई है और न ही वेबसाइट पर कमरों की सही दरें उपलब्ध हैं। इससे होटल संचालक सुबह और शाम के समय मनमाने ढंग से किराए बदल देते हैं, जिसको लेकर पर्यटकों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं।
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने होटल प्रबंधन की मनमानी पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अपर जिलाधिकारी विवेक राय और जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि सभी होटलों को अपने परिसर और वेबसाइट पर कमरों की दरें स्पष्ट रूप से अंकित करनी होंगी। निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित होटल के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्रिसमस और नववर्ष के जश्न को लेकर तैयारियां तेज
उधर, क्रिसमस और नववर्ष के जश्न को लेकर नैनीताल पूरी तरह सजने-संवरने लगा है। होटल एसोसिएशन की ओर से मॉल रोड पर इस बार विशेष मनोरंजन प्वाइंट तैयार किए जा रहे हैं, जहां पर्यटक फोटो और वीडियोग्राफी के साथ जश्न का आनंद ले सकेंगे। हर साल की तरह इस बार भी मॉल रोड को आकर्षक बिजली की मालाओं से सजाया जाएगा।
देश के विभिन्न राज्यों से हजारों पर्यटक क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर नैनीताल पहुंचते हैं। इसे देखते हुए होटल एसोसिएशन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मॉल रोड पर म्यूजिक सिस्टम, फायर कैंप और मनोरंजन केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटक एक ही स्थान पर उत्सव का आनंद उठा सकें। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने बताया कि इसके लिए मॉल रोड पर उपयुक्त स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है।
युवा पीढ़ी को स्किल्ड बनाने की जरूरत – सुबोध उनियाल
सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’
पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी- रवि बिजारनिया
देहरादून। पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन भव्य रूप से संपन्न हो गया। अधिवेशन के समापन सत्र में उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में देशभर से आए जनसंपर्क, संचार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। अधिवेशन के दौरान समसामयिक विषयों, जनसंचार की भूमिका, तकनीकी बदलावों और राष्ट्र निर्माण में संचार के योगदान पर गहन मंथन हुआ।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग- सुबोध उनियाल
समापन अवसर पर अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वर्तमान युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का युग है। ऐसे में देश की युवा पीढ़ी को अधिक स्किल्ड और दक्ष बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर और आवश्यक कौशल उपलब्ध कराए जाएं तो पलायन जैसी गंभीर समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है और रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें तकनीक के साथ जोड़कर राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनाया जाना चाहिए। सुबोध उनियाल ने कहा कि जनसंचार देश को सशक्त बनाने का एक मजबूत माध्यम है। बीते एक दशक में विश्व पटल पर भारत को देखने का नजरिया बदला है और भारत आज एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य भारत को एक मजबूत आर्थिक शक्ति बनाना होना चाहिए और इसमें जनसंचार से जुड़े लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सकारात्मक, तथ्यपरक और राष्ट्रहित में संवाद को आगे बढ़ाएं।
सारथी की भूमिका निभाएं देशभर से आए प्रतिनिधि- उमेश शर्मा ‘काऊ’
अधिवेशन की अध्यक्षता कर रहे विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में जनसंचार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में सेतु और सारथी की भूमिका निभाएं, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में सकारात्मक संवाद, सही जानकारी और जिम्मेदार जनसंचार की बड़ी भूमिका है। यदि योजनाओं की सही जानकारी आम जनता तक पहुंचेगी, तभी उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेगा।
इस अवसर पर इंडियन ऑयल फरीदाबाद के डायरेक्टर आलोक शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में इंडियन ऑयल द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना है। उन्होंने बताया कि 2027 तक कार्बन उत्सर्जन को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। साथ ही बायो फ्यूल, अफोर्डेबल और सस्टेनेबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने आयोजन को अभूतपूर्व बताते हुए देहरादून चैप्टर की प्रशंसा की। उन्होंने देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह के अधिवेशन जनसंचार के क्षेत्र को नई दिशा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। मंत्री उनियाल ने पीआरएसआई की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था ने न केवल जनसंचार को मजबूती दी है, बल्कि देश की सनातनी संस्कृति और मूल्यों को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई है।
वहीं, पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पीआरएसआई सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्था मानवीय जीवन मूल्यों और तकनीक को साथ लेकर चल रही है तथा जनता को सकारात्मक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि पीआरएसआई की अगली राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस वर्ष 2026 में भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित की जाएगी। अंत में राष्ट्रगान के साथ तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का औपचारिक समापन किया गया।
महिलाएं खुद जागरूक बनें और दूसरों को भी करें सुरक्षित, अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिया संदेश
सरकारी योजनाओं से आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर, बच्चों के संस्कार पर भी हुई चर्चा
देहरादून। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग के मुख्यालय नन्दा की चौकी देहरादून में पिथौरागढ़ जनपद के जनजातीय क्षेत्रों से आई जनजाति समूह की महिलाओं व पुरुषों का शैक्षिक एवं जागरूकता भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने आयोग के कार्यों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा और समझा।
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ अपने आसपास के पुरुषों को समाज की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए भी जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब महिलाएं एक-दूसरे का साथ दें और गलत के खिलाफ आवाज उठाएं। अध्यक्ष ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में बच्चों को अच्छे संस्कार देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी संवेदनशील, जिम्मेदार और संस्कारित नागरिक बन सके।
इस अवसर पर अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने महिलाओं को केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा कई विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें पशु सखी योजना, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाएं, तथा जनजातीय बहुल क्षेत्रों में कौशल विकास व स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनें और अन्य महिलाओं को भी इससे जोड़ें, साथ ही पुरूषों को कहा कि इन कार्यों में महिलाओं का सहयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर आयोग के विधि अधिकारी दयाराम सिंह ने महिलाओं को महिला आयोग के कार्य, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा कानून के माध्यम से मिलने वाली सहायता की जानकारी दी। वहीं आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान ने महिलाओं को उनके संवैधानिक, कानूनी एवं सामाजिक अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया और उन्हें जागरूक व सशक्त बनने के लिए प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि ये महिलाएं अर्पण संस्था के माध्यम से आयोग तक पहुंची थीं। कार्यक्रम के दौरान अर्पण संस्था की प्रतिनिधि रेनू ठाकुर भी उपस्थित रहीं। आयोग की ओर से महिलाओं के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई।
पीआरएसआई अधिवेशन में एमडीडीए के स्टाल ने खींचा देशभर के प्रतिनिधियों का ध्यान
देहरादून। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) का स्टाल देशभर से आए जनसंपर्क और संचार विशेषज्ञों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। देहरादून में अपना घर बनाने का सपना हर व्यक्ति देखता है और इसी सपने को साकार करने की दिशा में एमडीडीए योजनाबद्ध और दूरदर्शी तरीके से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन और एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के कुशल नेतृत्व में प्राधिकरण न केवल देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर बनाने में जुटा है, बल्कि आम आदमी को किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल आवास उपलब्ध कराने के लिए भी लगातार प्रयासरत है। पीआरएसआई अधिवेशन में एमडीडीए द्वारा प्रस्तुत की गई आवासीय और पर्यावरणीय योजनाओं ने प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
आवासीय योजनाओं को मिल रही गति
शहर की बढ़ती आबादी और बदलती शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एमडीडीए ने आवासीय परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाया है। हाल ही में नए आवासीय प्रोजेक्ट्स के लिए लैंड बैंक तैयार करने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में किफायती आवासों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। आईएसबीटी और आमवाला तरला जैसी सफल आवासीय योजनाओं के बाद अब धौलास आवासीय परियोजना पर विशेष फोकस किया जा रहा है, इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट नगर और सहस्रधारा रोड क्षेत्र में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के लिए आवासीय योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण के साथ सौंदर्यीकरण
एमडीडीए शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रहा है। सहस्रधारा रोड पर लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया सिटी फॉरेस्ट पार्क अब दून की नई पहचान बनता जा रहा है। यहां वॉकवे, फूलों की क्यारियां, ट्री हाउस और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं लोगों को प्रकृति से जोड़ रही हैं। मसूरी में ईको पार्क और मॉल रोड के सौंदर्यीकरण का कार्य भी प्रगति पर है। इसके साथ ही शहर में 69 पार्कों के विकास और हरियाली बढ़ाने की योजनाएं निरंतर जारी हैं।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून को स्वच्छ, हरा-भरा और रहने योग्य शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए आवास, पर्यावरण और आधारभूत ढांचे पर एक साथ काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि आम आदमी को किफायती दरों पर बेहतर आवास मिले और शहर का विकास प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर हो। आने वाले वर्षों में एमडीडीए की योजनाएं न केवल आवासीय समस्या का समाधान करेंगी, बल्कि देहरादून को पर्यटन और निवेश के लिहाज से भी और अधिक आकर्षक बनाएंगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की सभी योजनाएं सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही हैं। पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता हमारी कार्यप्रणाली का आधार है। लैंड बैंक तैयार करने से भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जा सकेंगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के प्रयासों से देहरादून को एक बेहतर और संतुलित शहरी मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पौड़ी। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के प्रयासों से चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत पीएमजीएसवाई के तहत पाबौ, एकेश्वर, बीरोंखाल और पोखड़ा विकासखंड में 2025-26 के लिए 179625.95 लाख के लागत कुल 11 मोटर मार्ग स्वीकृत किये जाने पर क्षेत्र की जनता ने
प्रसन्नता व्यक्त करते महाराज का आभार व्यक्त किया है।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री और चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल में लगातार सड़कों का निर्माण किया जा रहा है।पीएमजीएसवाई के अन्तर्गत स्टेज-4 के तहत 2025-26 के लिए विकासखंड पाबौ के तहत 11 किमी झंगरबो-सिंवाल-पाली गांव मोटर मार्ग के लिए 2037.84 लाख, विकासखण्ड एकेश्वर में 6 किमी लम्बाई की 936.34 लाख की लागत की पिलखेरा-सगोडा मोटर मार्ग, 5.375 किमी लम्बाई की 829.66 लाख की रिठाखाल-कुलासू मोटर मार्ग, 04 किमी लम्बाई की 629.33 लाख की भंडारीगांव-मौन्दाड़ी-परयान मोटर मार्ग, विकासखण्ड बीरोंखाल के अन्तर्गत 609.65 की लागत की 3.91 किमी मैठाणाघाट-खिटौटिया मोटर मार्ग, 735.00 लाख की धनराशि की 4.70 किमी रसियामहादेव-नागणी मोटर मार्ग, 433.47 लाख की 2.63 किमी. खलधार-ठंगा और 883.49 लाख की धनराशि की 5.26 किमी घनियाखाला-बडियाना मोटर मार्ग के साथ-साथ विकासखण्ड पोखड़ा के अन्तर्गत 618. 52 लाख की 3.825 किमी धर्मपुर-डबरा मोटर मार्ग, 1708.54 लाख की 10.550 किमी बडोलीगांव-बडेथ-शल्ड-कटीगांव मोटर और 1058.65 लाख की लागत की 6.900 किमी कमलपुर-नौला-खेड़गांव मोटर मार्गो सहित कुल 179625.95 लाख की लागत की 11 मोटर मार्गो की स्वीकृति प्राप्त हुई है। बड़ी संख्या में मोटर मार्गो की स्वीकृति मिलने पर क्षेत्र की जनता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है।
महाराज ने कहा कि जल्दी ही इन सड़कों का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
