तो क्या धामी ही बनेंगे उत्तराखंड के सीएम ?
उत्तराखंड: पुष्कर सिंह धामी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही हैं। कहा जा रहा हैं कि पुष्कर सिंह धामी को ही दुबारा मुख्यमंत्री बनाया जा सकता हैं यानी अगर बीजेपी आलाकमान उनके नाम पर सहमति जताता हैं तो धामी ऐसे बन सकते हैं सीएम, पुष्कर सिंह धामी के पास ये विकल्प है कि 6 महीने के अंदर चुनाव लड़ें। चुनाव जीतकर वो विधानसभा की सदस्यता ले सकते हैं। आपको बता दे कि बीजेपी के कुछ विधायक धामी के लिए अपनी सीट छोड़ना चाहते हैं। सीएम धामी अपनी सीट खटीमा से चुनाव हारे तो भी उनके सीएम बनने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा हुआ हैं। बता दे कि इन चर्चाओं को बल तब मिला जब चम्पावत से चुनाव जीते विधायक कैलाश गहतौड़ी ने धामी के लिए सीट खाली करने की पेशकश की। बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय का कहना हैं कि-भाजपा लोकतांत्रिक पार्टी है। विधायक दल अपना नेता चुनेगा और फिर संसदीय बोर्ड इस पर मुहर लगाएगा। फिलहाल अभी कोई यह कहने की स्थिति में नही है कि कौन मुख्यमंत्री होगा। जहां तक पुष्कर सिंह धामी की बात है तो वह महत्वपूर्ण नेता हैं। पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में बीजेपी ने 47 सीटें जीतकर तमाम मिथक तोड़ दिए। मिथक ये भी था कि यहां सरकार रिपीट नहीं होती। इस तरह से धामी बीजेपी आलाकमान की आंखों का तारा हैं। आखिरी फैसला विधायक दल की बैठक में ही होगा। इस बात की प्रबल संभावनाएं हैं कि धामी को रिपीट किया जा सकता है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा..
उत्तराखंड: देहरादून से एक बड़ी खबर सामने आ रही है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से भेंट कर मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र सौंपा। पुष्कर सिंह धामी का इस्तीफ़ा स्वीकार करते हुए राज्यपाल ने उनसे राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति होने एवं पदभार ग्रहण करने की अवधि तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।
पिछले साल जुलाई में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद बीजेपी ने धामी को राज्य की कमान सौंपी थी। इसके बाद धामी ने राजनीतिक कौशल का परिचय देकर पार्टी हाईकमान का ध्यान खींचने में सफलता पाई थी। यही वजह है कि पार्टी ने साफ कर दिया था कि विधानसभा चुनाव में धामी ही उसका चेहरा होंगे। पुष्कर सिंह धामी ही मेहनत का ही नतीजा रहा कि बीजेपी स्पष्ट बहुमत से सत्ता में आ गई, लेकिन वो अपना दुर्ग नहीं बचा पाए। धामी के चुनाव हारने के बाद कई विधायकों ने उनके लिए अपनी सीट खाली करने की पेशकश की है। चंपावत से चुनाव जीतने वाले बीजेपी विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि अगर धामी दोबारा चुनाव लड़ने को तैयार हैं, तो वो उनके लिए सीट छोड़ सकते हैं। बहरहाल मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दावेदार मैदान में है, हालांकि अभी इसे लेकर स्थिति साफ नहीं हो पाई है कि प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
केदारनाथ यात्रा में 8 साल बाद श्रद्धालुओं को नजर आएगी ये खास बात..
उत्तराखंड: हिंदुओं का सबसे बड़ा आस्था का केंद्र केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख तय हो गई हैं। केदारनाथ मंदिर के कपाट छह मई को खुलेंगे। श्रद्धालुओं के लिए 6 मई 2022 को सुबह 6 बजकर 25 मिनट अमृत बेला पर मंदिर के कपाट खुलेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीख तय होने के साथ ही उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2022 की तैयारियां भी प्रारंभ हो गयी। उम्मीद की जा रही है कि इस बार चारधाम यात्रा-2022 में रिकॉर्ड तोड़ यात्री उत्तराखंड पहुंचेंगे। चुनाव खत्म होने के बाद प्रशासन और अन्य संस्थाएं चारधाम यात्रा की तैयारियों को बेहतर बनाने में जुट जाएंगी। चुनाव परिणाम जारी हो चुका है, अब शासन-प्रशासन का पूरा फोकस चारधाम यात्रा पर रहेगा।
केदारनाथ धाम में भी रिकॉर्ड यात्रियों के पहुंचने की संभावनाएं हैं। केदारनाथ धाम आने वाले यात्री आठ साल बाद फिर से आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि के दर्शन भी कर सकेंगे। बता दे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समाधि का पहले ही लोकापर्ण किया जा चुका है। यह पहला मौका होगा जब यात्री बाबा केदार के दर्शन के साथ ही आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि के दर्शन भी पहले दिन से कर सकेंगे
इस संभावना यहां भी जताई जा रही है कि 2019 में आए 9,98956 यात्रियों से कई अधिक यात्री केदारनाथ धाम आ सकते हैं। जीएमवीएन और निजी होटल स्वामियों के पास एडवांस बुकिंगें आने लगी हैं। इस बार 60 प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है। जिलाधिकारी मनुज गोयल का कहना हैं कि केदारनाथ धाम में पूर्व सालों में 5 हजार यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था बहाल रहती थी, इसे हर हाल में बढ़ाने के प्रयास होंगे। चुनाव आचार संहित खत्म होते ही सीधे केदारनाथ यात्रा पर पूरा फोकस किया जाएगा। बीकेटीसी के सीईओ बीडी सिंह का कहना हैं कि मंदिर के अंदर यात्री व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए जाएंगे, ताकि यात्रियों को समय पर दर्शन करवाए जा सकें। इस सीजन में रिकॉर्ड यात्रियों के आने की संभावना है।
कांग्रेस के साथ अपनी भी नैया पार नहीं लगा पाए हरीश रावत, 10 हजार से ज्यादा वोटों से हारे..
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव के 23 दिन बाद आज उत्तराखंड में सभी 70 विधानसभा सीटों के चुनाव नतीजे आएंगे। इसके साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि इस बार सत्ता की बागडोर किस दल के हाथों में आएगी। शुरुआती एक घंटे के रुझानों में भाजपा ने बहुमत की 36 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है
अपनी सीट नहीं बचा पाए हरीश रावत
उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत कांग्रेस के साथ ही अपनी नैया भी पार नहीं लगा सके और उन्हें 10 हजार से भी ज्यादा वोटों से करारी हार मिली है।
गदरपुर में कांग्रेस आगे..
गदरपुर विधानसभा क्षेत्र की 10वीं राउंड की मतगणना पूरी। भाजपा के प्रत्याशी अरविंद पांडे को 2348 कांग्रेस के प्रत्याशी प्रेमानंद महाजन को 4175 वोट मिले। अरविंद पांडे को कुल 46400 एवं प्रेमानंद महाजन 41841 मिले हैं। अरविंद पांडे 4571 वोटों से आगे।
जसपुर विधानसभा की 10 राउंड की गिनती पूरी। कांग्रेस प्रत्याशी आदेश सिंह चौहान 2899 वोट से आगे।
रुड़की में कांग्रेस विधायक यशपाल राणा भाजपा विधायक से 1715 वोटों से आगे निकले।
गंगोत्री सीट आठ राउंड के बाद भाजपा 6071 वोट से आगे।
पुष्कर सिंह धामी 4000 वोट से चल रहे पीछे
सितारगंज विधानसभा के छठे चरण में भाजपा के सौरभ बहुगुणा को 3886, कांग्रेस के नव तेजपाल सिंह को 4520, बसपा के नारायण पाल को 348 एवं आम आदमी पार्टी के अजय जयसवाल को 155 वोट मिले। अभी तक भाजपा को कुल 29801 कांग्रेस को 16173 आम आदमी पार्टी को 9445 एवं बसपा को 5226 वोट प्राप्त हुए हैं। भाजपा के सौरभ अभी भी 13630 वोटों से आगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व हरिद्वार शहर सीट से भाजपा प्रत्याशी मदन कौशिक 8 राउंड की गिनती के बाद करीब 8 हजार वोटों से लीड कर आगे हैं। इससे भाजपाइयों में खुशी का माहौल बनने लगा है।
खटीमा विधानसभा क्षेत्र के पांचवें राउंड में भाजपा के पुष्कर सिंह धामी को 2908 कांग्रेस के भुवन चंद्र कापड़ी को 4702 वोट मिले। अभी तक भाजपा को 19979 और कांग्रेस को 24060 वोट मिले हैं। धामी चार हजार वोट से पीछे।
लोहाघाट सीट पर 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी..
उत्तराखंड: विधानसभा चुनाव के 23 दिन बाद आज उत्तराखंड में सभी 70 विधानसभा सीटों के चुनाव नतीजे आएंगे। इसके साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि इस बार सत्ता की बागडोर किस दल के हाथों में आएगी। शुरुआती एक घंटे के रुझानों में भाजपा ने बहुमत की 36 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया है
लोहाघाट सीट पर 10 साल बाद कांग्रेस की वापसी
लोहाघाट सीट कांग्रेस ने 10 साल बाद भाजपा से वापस ली। 6118 वोटों से जीते। उत्तराखंड में लोहाघाट विधानसभा का रिजल्ट आया सामने। लोहाघाट सें कांग्रेस की जीत हुई। कांग्रेस प्रत्याशी खुशाल सिंह अधिकारी को 32,244 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी पूरन सिंह फर्तयाल को 26,126 वोट मिले। कांग्रेस के खुशाल सिंह अधिकारी ने 6,118 वोटो सें जीत हासिल की।
खटीमा में सीएम धामी को पछाड़कर कांग्रेस के भुवन कापड़ी 1068 मतों से आगे..
खटीमा सीट से चुनाव लड़ रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर पूरे प्रदेश की निगाह है, लेकिन सीटों की दौड़ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तीसरे चरण के बाद भारी मतों से पीछे चल रहे हैं। खटीमा में तीसरे चरण की मतगणना पूरी हो गई है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी से चुनाव लड़ रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 12,989 वोट मिले हैं। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के भुवन कापड़ी को 14057 मत मिले हैं। जबकि तीसरे चरण तक कुल 203 लोगों ने नोटा का प्रयोग किया है। आम आदमी पार्टी के कलेर को कुल 192 वोट मिले हैं। मतगणना के दौरान पहले चरण में भी मुख्यमंत्री धामी पीछे चल रहे थे। जबकि कहा जा रहा है कि दूसरे चरण में सीएम धामी आगे हो गए थे। ऐसे में अब तीसरे चरण में भी सीएम धामी पीछे हो गए हैं। फिलहाल मतगणना का कार्य जारी है।
वनों में लगने वाली आग की रोकथाम के लिए सहयोग की अपील..
उप वन संरक्षक ने स्थानीय लोगों से की अपील..
रुद्रप्रयाग। वनों की अग्नि से सुरक्षा को लेकर उप वन संरक्षक रुद्रप्रयाग वैभव कुमार सिंह ने स्थानीय निवासियों से अपील करते हुए वनों में लगने वाली आग की रोकथाम के लिए सहयोग की अपील की है। उन्होंने वनाग्नि से होने वाली हानि के साथ ही इससे बचाव को लेकर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही वन में आग लगाने पर की जाने वाली कार्यवाही को लेकर भी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि वनों में आग लगने से वन संपदा नष्ट होने के साथ ही भू-सतह के अंदर रिसाव में कमी के कारण जल स्रोतों के परिपोषण पर दुष्प्रभाव पड़ता है। इसके साथ-साथ वनाग्नि से उत्पन्न धुएं से सांस व आंख की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है तथा पर्यटन पर भी इससे प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वनों की अग्नि से सुरक्षा में स्थानीय निवासियों की जागरुकता व सक्रिय सहयोग आवश्यक है। उन्होंने वनों में लगने वाली आग से सुरक्षा के दृष्टिगत आवश्यक सावधानियों को लेकर बताया कि वनों के समीप स्थित खेतों में आड़ा जलाते समय विशेष सावधानी बरतें तथा आग को पूर्णतः बुझाकर ही खेतों को छोड़ें। इसके अलावा वनों में जलती तीली, बीड़ी, सिगरेट आदि न फेंकी जाएं। कहा कि विवाह समारोहों में पटाखे जलाने आदि में विशेष सतर्कता बरतने के साथ ही बच्चों को खेल-खेल में आग न लगाने व घरों, खेतों के आसपास ज्वलनशील पदार्थ घास, फूल, सूखा कूड़ा-करकट आदि के जमा होने पर सतर्कता की जरूरत है।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय वन अधिनियम, 2001 के अनुसार आरक्षित वन में आग लगाने पर व कारावास, जुर्माने आदि की जानकारी दी। कहा कि भारतीय वन अधिनियम के तहत हर वो व्यक्ति जो आरक्षित वन क्षेत्रों के समीप स्थित गांवों में निवासरत है तथा किसी भी राजकीय सेवा अथवा राज्य द्वारा किसी प्रकार की वित्तीय सहायताध्अनुदान प्राप्त करता है वह वन अग्नि की दशा में वन विभाग की सहायता करने के लिए बाध्य है। ऐसा न करने की दशा में संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए एक वर्ष कारवास या दो हजार रुपए का जुर्माना अथवा दोनों का प्राविधान है।
राजकीय महाविद्यालय गुप्तकाशी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन..
रुद्रप्रयाग। नेहरू युवा केन्द्र ने राजकीय महाविद्यालय गुप्तकाशी में युवाओं का उन्मुखीकरण, साइबर क्राइम, डिजीटल फेलीसिटेशन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की फोटो का अनावरण कर दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
राजकीय महाविद्यालय गुप्तकाशी में आयोजित युवाओं का उन्मुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभागियांे के मध्य आत्मनिर्भर भारत पर क्विज एवं कोविड क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। आत्मनिर्भर क्विज प्रतियोगिता कार्यक्रम में प्रियांशु राणा ने प्रथम, रक्षित ने द्वितीय तथा आशा राणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस दौरान रिंगाल प्रशिक्षक प्रेम बेतवाल ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए वह किस तरह अपने आस-पास के संसाधनों का प्रयोग कर सकते है और लोगों को रोजगार उपलब्ध करवा सकते हैं।
इस बात की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होनें लोगों को पलायन न करने एवं स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। वहीं सब इंस्पेक्टर गुप्तकाशी संयोजिता रावत ने यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों को देखते हुए पोक्सो एक्ट, महिला हेल्पलाइन नम्बर 1090, बाल उत्पीड़न हेल्पलाइन नम्बर 1098 के साथ ही गौरा शक्ति एप के बारे में जानकारी दी गई। सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने कहा कि इन दिनों साइबर अपराध बढ़ते जा रहे हैं। खासकर ऑनलाइन धनराशि ठगी के मामले अधिक आ रहे हैं। ऐसे मामलों में सावधान रहने की जरूरत है, जिसके चलते आप ठगी से बच सकते हैं। करियर एक्सपर्ट इंटरनेशनल कॉमेंट्रेटर राहुल जगोठ ने प्रतिभागियों से कहा कि छात्रों को अपने भविष्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है।
यदि जीवन मे आगे बढ़ना है तो रचनात्मक बनना पड़ेगा। युवा अधिकारी राहुल डबराल ने कहा कि जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना है, उसके लिए कड़ी मेहनत करने के साथ ही जानकारी होनी भी आवश्यक है। विद्यालय के प्रधानाचार्य डाॅ डीएस जगवाण ने कहा कि नेहरू युवा केन्द्र द्वारा जो भी जानकारियां प्रतिभागियों को दी गयी हैं, वह उनके जीवन को आगे बढ़ाने में कारगर सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा इस तरह के कार्यक्रम सदैव होते रहने चाहिए। अंत मे प्रतियोगिताओं में अव्वल आये प्रतिभागियों को टी-शर्ट एवं मास्क देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जिला परियोजना अधिकारी अभिलाषा पंवार, डाॅ योगिशा, डाॅ आजाद सिंह, डाॅ गणेश भागवत सिंह, अनुराग भंडारी, मोनिका नाथ, नीतू थपलियाल, मायाराम त्रिवेदी सहित राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक राजेन्द्र कुमार, मंयक सिंह मौजूद थे।
मतगणना के लिए तैनात कार्मिकों को तीन पालियों में दिया प्रशिक्षण..
डाकमत्रों की गणना के लिए तैनात किए गए 84 कार्मिक..
रुद्रप्रयाग। विधानसभा सामान्य निर्वाचन की मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से सफलता पूर्वक संपादित कराने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी मनुज गोयल के निर्देशन में जिला कार्यालय सभा कक्ष में मतगणना को लेकर तैनात किए गए माइक्रो आब्जर्वर, मतगणना पर्यवेक्षक तथा मतगणना सहायकों को तीन पालियों में मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर दोनों विधानसभाओं के रिटर्निंग आफिसर भी मौजूद रहे।
प्रथम पाली में प्रीकाउंटिंग के लिए तैनात किए गए 48 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें विधान सभा केदारनाथ व रुद्रप्रयाग के लिए तैनात 20-20 कार्मिकों सहित आठ आरक्षित कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। दूूसरी पाली में डाकमत्रों की गणना के लिए तैनात किए गए 84 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें केदारनाथ विधान सभा के लिए 28 कार्मिक तैनात किए गए हैं, जिसमें सात माइक्रो आब्जर्वर, सात मतगणना पर्यवेक्षक तथा 14 मतगणना सहायक शामिल हैं। जिसमें आठ कार्मिक आरक्षित हैं। इसी तरह रुद्रप्रयाग विधानसभा में भी 28 कार्मिकों सहित आठ कार्मिक रिजर्व में तैनात किए गए तथा तीसरी पाली में ईवीएम मशीनों की गणना के लिए तैनात किए गए 114 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया।
जिसमें दोनों विधानसभाओं के लिए 42-42 कार्मिक तैनात किए गए हैं, जिसमें 14 माइक्रो आब्जर्वर, 14 मतगणना पर्यवेक्षक तथा 14 मतगणना सहायक शामिल हैं तथा दोनों विधान सभाओं में 24 कार्मिकों को आरक्षित में रखा गया है, जबकि छः रिटर्निंग आफिसर तैनात किए गए। इस अवसर पर प्रशिक्षण दे रहे मास्टर ट्रेनर भास्करानंद पुरोहित, कपिल पाण्डे, किशन रावत द्वारा उपस्थित कार्मिकों को प्रीकाउंटिंग, डाक मतपत्रों एवं ईवीएम मशीनों की गणना के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कार्मिकों से कहा कि आगामी दस मार्च को विधानसभा सामान्य निर्वाचन की होने वाली मतगणना के लिए जो जिम्मेदारी एवं दायित्व जिस अधिकारी एवं कार्मिक को दिए गए हैं। वह अपने दायित्वों का निर्वहन बड़ी सावधानी एवं सतर्कता के साथ करें तथा उन्हें जो प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है उसे गंभीरता से प्राप्त करें, ताकि मतगणना के समय गलती की कोई गुंजाइश न रहे।
उन्होंने कहा कि मतगणना हाॅल में संबंधित प्रत्याशियों के मतगणना अभिकर्ता भी उपस्थित रहेंगे जिन्हें राउंडवार ईवीएम मशीन द्वारा प्रदर्शित मतदान डिस्प्ले भी दिखाना तथा किस प्रत्याशी के पक्ष में कितने मत पड़े हैं उसे बोलकर भी बताना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोनों विधान सभाओं की पांच-पांच बूथों की वीवीपैट मशीनों की भी काउंटिंग लाॅटरी प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। इस अवसर पर रिटर्निंग अधिकारी रुद्रप्रयाग अपर्णा ढौंडियाल एवं रिटर्निंग अधिकारी केदारनाथ जितेंद्र वर्मा ने मतगणना के लिए तैनात किए गए अधिकारियों एवं कार्मिकों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कुशलता के साथ करेंगे तथा उन्हें जो भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है उसे गंभीरता से प्राप्त करें, ताकि मतगणना के समय किसी प्रकार की कोई समस्या न होने पाए।
दोनों विधान सभाओं में मतगणना के लिए 14-14 टेबल लगाई जाएंगी तथा पोस्टल बैलेट की गणना के लिए सात-सात टेबल लगाई जाएंगी तथा प्रीकाउंटिंग के लिए 10-10 टेबल लगाई जाएंगी। जिसमें विधानसभा रुद्रप्रयाग की काउंटिंग 14 राउंड में पूर्ण होगी तथा विधानसभा केदारनाथ की काउंटिंग 13 राउंड में पूर्ण की जाएगी। इस अवसर पर नोडल अधिकारी डाक मतपत्र योगेंद्र चौधरी, तहसीलदार रुद्रप्रयाग मंजू राजपूत सहित मतगणना कार्यों के लिए तैनात किए गए माइक्रो आब्जर्वर, मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक मौजूद रहे।
हल्द्वानी में ड्यूटी के दौरान ITBP जवान की मौत..
उत्तराखंड: हल्द्वानी में ड्यूटी के दौरान 34 बटालियन आइटीबीपी जवान की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। मृतक जवान मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। मौत के कारणों का पता नहीं लग सका है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों के सुपुर्द कर दिया है। मेडिकल पुलिस चौकी इंचार्ज अनिल आर्य का कहना हैं कि मूलरूप से नेपाल व हाल देहरादून निवासी 40 वर्षीय दुर्गाबहादुर थापा पुत्र बालबहादुर थापा 34 बटालियन आईटीबीपी में हल्दूचौड़ में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।
तीन दिन पहले ही वह कैंपस में ड्यूटी कर रहे थे। इसी बीच अचानक ही वह गश खाकर नीचे गिर गए। जिसके बाद जवानों ने उन्हें अस्पताल में पहुंचाया जहां शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई। मृतक के स्वजनों के हल्द्वानी पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। उनकी मौत के बाद से ही उनके परिजनों के बीच में कोहराम मचा हुआ है।
हरिद्वार में तेज रफ्तार कार ने बरातियों को कुचला..
उत्तराखंड: प्रदेश में हर रोज सड़क हादसों की खबर सामने आ रही हैं आज हरिद्वार से भी एक दुखद खबर सामने आ रही है। जहां एक तेज रफ्तार कार ने ऐसा कहर बरपाया कि दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बता दे कि हरिद्वार में दुल्हन लेने के लिए बरात हरिद्वार पहुंची थी। कौन जानता था कि इन बारातियों में से किसी का सफर उनका आखिरी सफर साबित होगा। जानकारी के अनुसार हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में दो बराती हाईवे किनारे खड़े होकर बात कर रहे थे। अचानक तेज रफ्तार कार ने दोनों को टक्कर मार दी।
मौके से वाहन चालक भाग गया और अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का कहना हैं कि ये बरात शुक्रवार शाम कनखल आई थी। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर बने श्यामसुंदर भवन में सभी बराती ठहरे थे। रात के समय राजाबाबू और महेश नाम के दो बराती हाईवे किनारे खड़े होकर बात कर रहे थे। तभी देहरादून की ओर से आ रही एक कार ने दोनों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी कार चालक की तलाश की जा रही है।
