डीएम ने ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक…
कर्मचारियों एवं डाॅक्टरों का धरातल पर कार्य करना बेहद जरूरी: मयूर..
रुद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली, जिसमें जिलाधिकारी ने जिले में स्वास्थ्य योजनाओं, जन्म दर एवं मृत्यु दर, टीबी, एनएचएम, एचआईवी, डिलीवरी की स्थिति एवं सुविधाओं, सीएचसी समेत अन्य मामलों की समीक्षा की। साथ ही अगस्त्यमुनि ब्लॉक की नियमित डाटा एंट्री नहीं होने के चलते एनएचएम के जिला प्रोग्राम प्रबंधक हिमांशु नौटियाल का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि स्वास्थ्य के कर्मचारियों एवं डाॅक्टरों का धरातल पर रहना एवं कार्य करना बेहद महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने डाॅक्टरों एवं नर्सिग स्टाफ को उनके क्षेत्र में पड़ने वाले गांव में समय-समय पर स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर आयोेजित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय तम्बाकू कन्ट्रोल प्रोगाम के अधिकारियों को केदारनाथ यात्रा मार्ग को तम्बाकू मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश देते हुए मंगलवार से ही यात्रा मार्ग पर तम्बाकू बेच रहे दुकानदारों पर जुर्माना लगाने एवं तम्बाकू पदार्थ जब्त करते हुए नष्ट करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जिले को टीबी एवं एचआईवी मुक्त बनाने को हर संभव प्रयास करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कल्याण योजना अधिकारी को योजना के तहत पंजीकृत बालक-बालिकाओं को समय पर उचित इलाज उपलब्ध न कराने पर फटकार लगाते हुए बच्चों के इलाज में हीलाहवाली न बरतने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कल्याण योजना के लिए हर समय वाहन उपलब्ध रखवाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अप्रैल माह में जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए पहुंची एक महिला की मृत्यु के मामले में सुनवाई करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए समय-समय पर सुझाव देने की अपील की। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ बीके शुक्ला, एसीएमओ डाॅ विमल सिंह गुसाई, डाॅ हेमा असवाल, डाॅ महिमा रावत, डाॅ मोनिका राणा, बाल विकास परियोजना अधिकारी हिमांशु बडोला सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
यूपी समेत अन्य राज्यों में हिंसा की घटनाओं से देहरादून में भी अलर्ट..
उत्तराखंड: उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में हो रही धार्मिक हिंसा की घटनाओं को लेकर दून पुलिस भी अलर्ट हो गई है। रविवार को डीआईजी जन्मेजय खंडूरी ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से जिले के सभी राजपत्रित अफसरों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ बैठक कर धार्मिक स्थलों पर कड़ी निगाह रखने के निर्देश दिए। साथ ही अराजकतत्वों पर नजर रखने और उनके खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान डीआईजी ने सभी को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में हुई धार्मिक हिंसक घटनाओं के दृष्टिगत अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित धार्मिक स्थलों पर सतर्क दृष्टि बनाए रखने के निर्देश दिए।
उनका कहना हैं कि सभी क्षेत्राधिकारियों व थाना प्रभारी अपने-अपने सर्कल व थाना क्षेत्रों रहने वाले सीएलजी मेंबरों, धार्मिक प्रतिनिधियों, संभ्रांत नागरिकों के साथ बैठक आयोजित करें। उन्हें किसी के बहकावे में न आने और सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार की अनावश्यक धार्मिक टिप्पणी न करते हुए धार्मिक सौहार्द व आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील करें। साथ ही उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में ऐसे अराजक, असामाजिक तत्वों जो धार्मिक सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हो, उन्हें चिह्नित करने के निर्देश दिए और उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए सतर्क दृष्टि रखने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में खुलेंगे जू-रेस्क्यू सेंटर..
उत्तराखंड: प्रदेश में अब जू के लिए वन विभाग को अपनी ही लैंड ट्रांसफर नहीं करानी पड़ेगी। केंद्र ने जू को फारेस्ट्री एक्टिविटी घोषित कर दिया है। इसके साथ ही कैंपा से इसके लिए बजट देने को भी मंजूरी दे दी है। आपको बता दे कि केंद्र ने इसके लिए कई तरह की शर्तें भी रखीं हैं। जिसमें पेड़ कम से कम काटने का ध्यान रखने को कहा है। इसके साथ ही 40 प्रतिशत तक पेड़ वाली वन भूमि पर ही जू बनाने को कहा गया है। इसके अलावा वहां स्थानीय पेड़ पौधों की प्रजातियों को ही विकसित करने और ज्यादा से ज्यादा नेचुरल वातावरण रखने को कहा गया है। इसे अलावा ईको फ्रेंडली कंस्ट्रक्शन वहां करना होगा। केंद्र के फैसले के बाद अब राज्य में हल्द्वानी जू, जसपुर टाइगर सफारी और कण्वाश्रम जू सहित कुछ अन्य बड़े प्रोजेक्ट शुरू हो सकेंगे।
इन लोगों सीएम धामी आज करेंगे सम्मानित..
उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी आज 27 व्यक्तियों और संस्थाओं को सतत विकास लक्ष्य के तहत आजीविका, मानव व सामाजिक विकास के क्षेत्र में नवाचार और अनूठा कार्य करने पर एसडीजी गोलकीपर अवार्ड से सम्मानित करेंगे। इन सभी चयनित संस्थाओं व व्यक्तियों का चयन चार चरणों की प्रक्रिया के बाद किया गया। नियोजन विभाग के लोक नीति एवं सुशासन केंद्र (सीपीपीजीजी) व संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के संयुक्त तत्वावधान में गोलकीपर अवार्ड के लिए व्यक्तिगत एवं संस्थागत श्रेणी में आवेदन मांगे गए।
सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत का कहना हैं कि सतत विकास लक्ष्यों का महत्वाकांक्षी एजेंडा है, जिसमें वर्ष 2030 तक गरीबी एवं कुपोषण समाप्त करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरणीय क्षेत्रों में विशेष कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इन प्रमुख लक्ष्यों को निर्धारित समय में प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक सामाजिक क्षेत्र की सहभागिता भी जरूरी है। राज्य में तमाम स्वयंसेवी संस्थाएं, व्यक्ति, गैरसरकारी संगठन, नागरिक, शोध एवं अकादमिक संस्थाएं अपने-अपने क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जो सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं या योगदान दे सकती हैं।
साथ ही समाज में दूसरी संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रेरित कर सकती हैं। ऐसी संस्थाओं और व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें एसडीजी गोलकीपर अवार्ड देने की योजना बनाई गई। इसके लिए समाचार पत्र, एफएम रेडियो, कम्युनिटी रेडियो के माध्यम से प्रचार कर आवेदन मांगे गए थे। जिसमें से 176 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 100 संस्थाओं व व्यक्तियों को छांटा गया। सीपीपीजीजी की टीम ने भ्रमण कर संस्थाओं और व्यक्तियों के काम का सत्यापन किया। उन स्थानों और लोगों से बातचीत की जहां संस्थाएं और व्यक्ति काम कर रहे थे। इसके बाद 27 संस्थाओं और व्यक्तियों का एसडीजी गोलकीपर अवार्ड के लिए चयन किया गया।
हफ्ते में दो दिन चलेगी देहरादून-काठगोदाम ट्रेन..
उत्तराखंड: देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में दो दिन बुधवार और रविवार को काठगोदाम के बजाए हल्द्वानी तक होगा। रेलवे अफसरों के अनुसार इन दो दिनों के दौरान वापसी में ट्रेन हल्द्वानी से चलकर देहरादून आएगी। स्टेशन अधीक्षक शशांक शर्मा का कहना हैं कि प्रयागराज-देहरादून लिंक एक्सप्रेस जो पहले सप्ताह तीन दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित की जाती थी, उसे अब सप्ताह में पांच दिन संचालित किया जाएगा।
लिंक एक्सप्रेस अब मंगलवार, गुरुवार, शनिवार के साथ ही बुधवार और रविवार को भी संचालित होगी। ऐसे में देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस का भी संचालन सप्ताह में पांच दिन होगा। प्रयागराज से आने वाली काठगोदाम एक्सप्रेस देहरादून से काठगोदाम तक जाती है, लेकिन इसे सप्ताह में दो दिन बुधवार और रविवार को हल्द्वानी तक संचालित किया जाएगा। प्रयागराज-देहरादून लिंक एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में सातों दिन किया जाता था, लेकिन कोरोना के चलते इसे सप्ताह में तीन दिन कर दिया गया था।
उत्तराखंड में मिले 12 नए कोरोना संक्रमित, 79 सक्रिय मरीजों का चल रहा इलाज..
उत्तराखंड: प्रदेश में छह जिलों में 12 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं जबकि एक मरीज ठीक हुआ है। 79 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। तीसरी लहर में कुल संक्रमितों की संख्या 92846 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को 1452 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। छह जिलों में 12 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। देहरादून जिले में सात, अल्मोड़ा, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर और टिहरी जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण से होने वाले मौतें थमीं है। संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम हुई है। इससे सक्रिय मामले बढ़ रहे हैं। वर्तमान में 11 जिलों में 79 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इसमें अधिकतर संक्रमित होम आईसोलेशन में हैं।
जानें पहले दिन कितनी कमाई कर सकती हैं अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज..
उत्तराखंड: अक्षय कुमार की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज शुक्रवार यानी कि आज रिलीज हो गई है। इस फिल्म में अक्षय, सम्राट पृथ्वीराज का किरदार निभा रहे हैं। बात दे कि अक्षय ने इस फिल्म का खूब जोर-शोर से प्रमोशन किया है। एक्टर के फैंस को भी इस फिल्म से बेहद उम्मीद है। अब अक्षय की फिल्म सम्राट पृथ्वीराज के पहले दिन के बॉक्स ऑफिस प्रीडिक्शन की रिपोर्ट आई है। बता दें कि सम्राट पृथ्वीराज 3750 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है। गुरुवार सुबह तक पीवीआर, आईनॉक्स और सिनेपॉलिस में 17 हजार टिकट्स बुक हुई हैं। फिल्म की टिकट्स, भूल भुलैया 2 की बिकी टिक्ट्स से कम हैं। भूल भुलैया 2 की गुरुवार सुबह तक 45000 टिकट्स बिकी थीं।
पहले दिन कितनी हो सकती कमाई
जानकारी के अनुसार फिल्म पहले दिन 10-11 करोड़ तक की कमाई कर सकती है। फिल्म की कमाई बच्चन पांडे की कमाई से कम हो सकती है। बच्चन पांडे ने पहले दिन 13.25 करोड़ की कमाई की थी। हालांकि अगर फिल्म पसंद आई तो शाम तक फिल्म की कमाई और बढ़ सकती है। बता दें कि सम्राट पृथ्वीराज का नाम पहले पृथ्वीराज था, लेकिन फिर विवाद के बाद फिल्म का नाम सम्राट पृथ्वीराज रख दिया। फिल्म हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु भाषा में भी रिलीज हुई है। चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा डायरेक्ट इस फिल्म से मानुषी छिल्लर बॉलीवुड डेब्यू कर रही हैं।
पर्यटकों के लिए खुली विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी..
उत्तराखंड: चमोली जिले स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान बुधवार से पर्यटकों के लिए खोल दी गई। पहले दिन प्रकृति प्रेमियों ने रंग-बिरंगे फूलों का दीदार किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी सोशल मीडिया पर फूलों की घाटी की खूबसूरत तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, दुर्लभ वनस्पतियों से समृद्ध उत्तराखंड के चमोली में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। उनका कहना हैं कि उत्तराखंड सरकार आप सभी पर्यटकों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करती है।
प्रभागीय वन अधिकारी नंदा बल्लभ जोशी का कहना हैं कि पहले दिन एक विदेशी सहित कुल 75 पर्यटकों ने फूलों की घाटी का भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली घाटी में जून से अक्टूबर तक करीब 500 प्रजाति के फूल खिलते हैं। इन दिनों यहां 12 प्रजातियों के फूल पूरी तरह खिले हुए हैं जो अपनी सुंदरता के कारण बरबस पर्यटकों का मन मोह रहे हैं।
चारों तरफ से बर्फ से ढकी चोटियों के बीच स्थित घाटी में फूलों अलावा अनेक प्रकार की जड़ी-बूटियां तथा विभिन्न प्रकार के पक्षी भी हैं। फूलों की घाटी में पर्यटक अपराह्न दो बजे तक रुक सकते हैं जिसके बाद उन्हें तीन किलोमीटर दूर आधार शिविर घांघरियां लौटना होगा। फूलों की घाटी 31 अक्टूबर तक खुली रहेगी। कोविड-19 के कारण पिछले दो साल से फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए बंद थी।
उत्तराखंड बोर्ड छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन के बदले नियम..
उत्तराखंड: उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड अब हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के लिए सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करेगा। अब तक स्कूलों में नौवीं से ही बोर्ड परीक्षा के लिए छात्र-छात्राओं का ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता था। अब ऑनलाइन सुविधा से परीक्षार्थियों की सही जानकारी विद्यालयी शिक्षा बोर्ड के पास उपलब्ध रहेगी। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के गठन के बाद से बोर्ड परीक्षार्थियों के पंजीकरण की प्रक्रिया ऑफलाइन थी। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करने में एक से दो माह का समय लग जाता था। बोर्ड के सभापति आरके कुंवर का कहना हैं कि हर साल जुलाई और अगस्त में बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों का पंजीकरण होता है।
इसके लिए बोर्ड से स्कूलों को ओएमआर शीट भेजी जाती है। स्कूल स्तर से ओएमआर शीट को बीईओ ऑफिस में जमा किया जाता था। वहां से सीईओ दफ्तर पहुंचने के बाद यह वापस बोर्ड ऑफिस में पहुंचती थीं और फिर परीक्षार्थियों का रजिस्ट्रेशन किया जाता था। अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होने से स्कूल संचालक हाथोंहाथ यह कार्य कर सकते हैं। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन होने से छात्र-छात्राओं के संबंध में सही जानकारी नहीं मिल पाती थी। ओएमआर शीट भरते वक्त भी परीक्षार्थी अपनी जानकारी जैसे पता, जाति आदि गलत भर देते थे। परीक्षा देने के बाद भी संबंधित परीक्षार्थी को अंक तालिका सुधरवाने के लिए बोर्ड ऑफिस आना पड़ता है।
तो संसद में उत्तराखंड से खत्म हो जाएगा कांग्रेस का प्रतिनिधित्व..
उत्तराखंड: प्रदेश की राज्यसभा के लिए एक सीट पर होने वाले चुनाव में भाजपा ने डॉ. कल्पना सैनी को मैदान में उतार दिया है, जबकि कांग्रेस अभी तक चुप्पी साधे हुए है। पार्टी की ओर से अभी तक यही स्पष्ट नहीं किया गया है कि वह चुनाव लड़ेगी भी या नहीं। हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना हैं कि कांग्रेस इस चुनाव में अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगी।
ऐसे में 10 जून को डॉ. कल्पना सैनी के निर्विरोध चुनाव के साथ ही देश की संसद में उत्तराखंड से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। राज्यसभा का चुनाव संख्या बल के आधार पर होता है। जो कांग्रेस के पक्ष में नहीं है। सत्तारूढ़ दल भाजपा के पास विधानसभा में दो तिहाई बहुमत है। जबकि कांग्रेस के विधायकों की संख्या मात्र 19 है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, संख्या बल कम होने की वजह से पार्टी इस चुनाव में अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं करेगी। हालांकि इस बारे में आधिकारिक रूप से अभी तक पार्टी का कोई बयान सामने नहीं आया है। राज्य बनने के बाद ऐसा पहली बार होगा, जब देश की संसद में उत्तराखंड से कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूरी तरह खत्म हो जाएगा। जबकि भाजपा के खाते में पांचों लोकसभा सीटों के अलावा राज्य की तीनों राज्यसभा सीटें भी चली जाएंगी। इससे पहले वर्ष 2000 में भी राज्यसभा की तीनों सीटें भाजपा के खाते में थीं।
