उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान, पिथौरागढ़ डीएम को आरोपी प्राध्यापक के विरुद्ध जांच और कठोरतम कार्रवाई के आदेश
पिथौरागढ़। बेरीनाग महाविद्यालय में छात्राओं से छेड़छाड़ के गंभीर व शर्मनाक आरोप के मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले में एक पीड़ित छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद पूरा प्रकरण उजागर होने पर आरोपी प्राध्यापक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
इसी बीच, उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने वायरल वीडियो के आधार पर घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को फोन पर वार्ता के क्रम में त्वरित, प्रभावी और कठोरतम कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाए और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त दंड सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा यह घटना अत्यंत निंदनीय है और इससे महाविद्यालय की छात्राओं में असुरक्षा का माहौल पैदा होने की आशंका गहरा गई है। शिक्षण संस्थान जहां सुरक्षित वातावरण और विश्वास का केंद्र होते हैं, वहाँ इस प्रकार की हरकतें न केवल संस्थान की गरिमा को ठेस पहुँचाती हैं, बल्कि छात्राओं के मनोबल पर भी गंभीर प्रभाव डालती हैं।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा, सहयोग और मानसिक संबल प्रदान करने का भरोसा दिलाया है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि इस मामले पर आयोग लगातार निगरानी रखेगा।
कार्निवाल को सफल बनाने के लिए विभागों को समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के निर्देश
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में “मसूरी विंटर लाईन कार्निवाल 2025” की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। मसूरी में 24 से 29 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले इस भव्य कार्निवाल को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु मंत्री ने संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में विंटर लाईन कार्निवाल को आकर्षक और भव्य बनाने के लिए शोभा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एडवेंचर स्पोर्ट्स, प्रतियोगिताएं, गोष्ठियां, पारंपरिक आयोजनों, फूड फेस्टिवल, मोटर बाइक रैली, मैराथन, नेचर वॉक, स्टार गेजिंग, हिस्ट्री वॉक तथा विन्टेज रैली जैसी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा समयबद्ध तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पहाड़ों की रानी मसूरी में कार्निवाल अवधि के दौरान आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल-विद्युत आपूर्ति, अलाव व्यवस्था और सफाई जैसे सभी प्रबंध समय पर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्थानीय कलाकारों और उत्तराखंड की संस्कृति को प्राथमिकता देते हुए सप्ताहभर चलने वाले कार्निवाल में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने पर जोर दिया।
फूड फेस्टिवल के संबंध में मंत्री ने निर्देश दिए कि पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ मिलेट्स आधारित खाद्य पदार्थ और उनसे बने उत्पादों को विशेष रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्निवाल प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए इनके व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी देहरादून सविन बसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कार्निवाल समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
काठगोदाम से लौटते समय दुर्घटना, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हल्द्वानी। नैनीताल रोड पर एमबीपीजी कॉलेज के पास केटीएम बाइक अनियंत्रित होकर स्कूटी से टकराकर ठेले में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि दसवीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गौरव गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है।
मृतक की पहचान फूलचौड़ निवासी ललित बिष्ट के पुत्र मयंक बिष्ट (16) के रूप में हुई है, जो कक्षा दसवीं का छात्र था। उसके साथ मौजूद दोस्त गौरव भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। दोनों किसी काम से काठगोदाम गए थे और फूलचौड़ वापस लौटते समय यह हादसा हुआ।
दुर्घटना के बाद मयंक को गंभीर हालत में एसटीएच लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मयंक के सिर, सीने और पेट पर गहरी चोटें थीं। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसका सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह दृश्य देखने वाले लोगों में दहशत फैल गई और अस्पताल में सूचना मिलते ही परिजनों एवं परिचितों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरव को प्राथमिक उपचार के बाद नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है।
भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि बाइक अचानक कैसे अनियंत्रित हुई। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से उनके शासकीय आवास में चंपावत निवासी पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत ने भेंट की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने उन्हें माउंट एवरेस्ट फतह कर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित करने पर शॉल एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वीरेंद्र सिंह सामंत के साहस, धैर्य और उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि वीरों और प्रतिभाओं की जन्मभूमि रही है, और सामंत की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने पर्वतारोही को भविष्य के अभियानों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

गौरतलब है कि वीरेंद्र सिंह सामंत ने 18 मई 2025 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा और एनसीसी का ध्वज फहराकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।
गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद राज्यपाल सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्यपाल के आधिकारिक आवासों के नाम में बड़ा बदलाव करते हुए देहरादून और नैनीताल स्थित राजभवनों को अब ‘लोक भवन’ नाम देने का निर्णय लागू कर दिया है। जारी अधिसूचना के साथ दोनों भवनों का नाम औपचारिक रूप से बदल गया। शासन स्तर पर बीते कुछ समय से इस परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही थी।
गृह मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार देहरादून और नैनीताल के राजभवन अब तुरंत प्रभाव से लोक भवन कहलाएंगे। यह परिवर्तन सरकारी अभिलेखों, पत्राचार और सभी आधिकारिक प्रयोजनों में लागू होगा।
इस नाम परिवर्तन के पीछे ऐतिहासिक संदर्भ भी जुड़ा है। ‘राजभवन’ शब्द की जड़ें ब्रिटिश शासनकाल में हैं, जब अंग्रेजी प्रशासन अपने उच्चाधिकारियों के आवासों को गवर्नमेंट हाउस कहा करता था। स्वतंत्रता के बाद इन्हीं भवनों को राज्यपालों का आवास घोषित किया गया और समय के साथ इन्हें ‘राजभवन’ के नाम से पहचाना जाने लगा। अब राज्य सरकार ने इस औपनिवेशिक पहचान को बदलते हुए इसे जनता-केन्द्रित नाम लोक भवन देने का फैसला लिया है।

देहरादून। नंदा गौरा योजना के लिए अब 20 दिसंबर तक आवेदन किया जा सकता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के निर्देशों के क्रम में विभाग ने आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि पहले इस योजना के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 नवंबर तय की गई थी। कन्या जन्म के आधार पर योजना का लाभ लेने और 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद इस योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए अभी तक 30000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जन मिलन कार्यक्रमों के दौरान प्रदेश में कई जगह लोगों ने बताया कि पात्र होने की बावजूद में विभिन्न वजहों से अभी तक इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर पाए हैं। ऐसे लोगों को अवसर देने के लिए योजना के आवेदन की तारीख को 20 दिसंबर तक बढ़ाने का फैसला किया गया है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में 21 दिसंबर से 31 दिसंबर तक सुधार का अवसर दिया जाएगा लेकिन इसके बाद यह तारीख आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को समय सीमा के अंदर आवेदन करना होगा।
जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्टों की प्रगति का किया सत्यापन, गुणवत्ता–समयबद्धता व आधुनिक जनसुविधाओं पर विशेष जोर
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा संचालित विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में आज उन्होंने डोईवाला, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उपाध्यक्ष द्वारा किए गए इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य था प्राधिकरण की ओर से सम्पन्न हो रहे कार्यों की गुणवत्ता की समीक्षा, उपयोग की जा रही सामग्री का परीक्षण और जनसुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्टों की प्रगति का सत्यापन।
डोईवाला पार्क : पहाड़ी संस्कृति और सौंदर्य विकास पर विशेष ध्यान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने डोईवाला में एमडीडीए द्वारा विकसित किए जा रहे आधुनिक पार्क का निरीक्षण किया, जहां पहाड़ी शैली में बनाए गए म्यूरल्स, सेल्फी प्वाइंट, घास पेंटिंग और देवी–देवताओं के चित्रों की गुणवत्ता की समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कलात्मक निर्माण उच्च मानकों के अनुरूप हों और स्थानीय सांस्कृतिक परंपरा का समुचित प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पार्क में किए जा रहे सभी कार्यों की नियमित निगराणी की जाए और आवश्यक सुधार कार्य तुरंत प्रभाव से आरंभ किए जाएं, ताकि स्थानीय नागरिकों और आने वाले पर्यटकों को आकर्षक एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही, उपाध्यक्ष ने नगर पालिका द्वारा निर्मित मोक्ष धाम का भी निरीक्षण किया और वहां प्राधिकरण स्तर से होने वाले कार्यों की भूमिगत संरचना, सौंदर्यीकरण और उपयोगी सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मोक्ष धाम एक संवेदनशील स्थान है, जहां सुविधाओं का उन्नयन सबसे उच्च स्तर की गुणवत्ता के साथ होना चाहिए।
ऋषिकेश में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग
उपाध्यक्ष तिवारी ने ऋषिकेश में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग व कार्यालय भवन का भी निरीक्षण किया। यह परियोजना स्थानीय निवासियों और प्रतिदिन बड़े पैमाने पर आने वाले पर्यटकों के लिए पार्किंग संकट को दूर करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण सामग्री, संरचना की मजबूती, साइट प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों, अभियंताओं और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि कार्य समयबद्ध पूरा किया जाए निर्माण में उच्च गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग सुनिश्चित हो स्थल पर सुरक्षा मानकों का पूरी तत्परता से पालन किया जाए कार्य की प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना ऋषिकेश की यातायात व्यवस्था को नया आयाम देगी और आने वाले वर्षों में पर्यटन को और सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ऋषिकेश कैम्प कार्यालय का निरीक्षण
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष ने ऋषिकेश कैम्प कार्यालय का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने कार्यालय व्यवस्था, दस्तावेज प्रबंधन, परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट और जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई एवं फील्ड विज़िट की गति बढ़ाई जाए और सभी निर्माण कार्यों की रिपोर्टिंग नियमित रूप से प्राधिकरण मुख्यालय को भेजी जाए।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारी
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, अवर अभियंता, सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सुनील उप्रेती, प्रा० उद्यान अधीक्षक भानुप्रिया, उसमान अली, तथा कार्यदायी संस्था के अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे। उपाध्यक्ष तिवारी ने सभी को स्पष्ट निर्देश दिए कि एमडीडीए की सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और नागरिक सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य है जनहित में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों को समय पर पूरा करना। एमडीडीए द्वारा किए जा रहे निरीक्षणों और निर्देशों का उद्देश्य है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी की गुंजाइश न रहे। प्राधिकरण निरंतर इस दिशा में प्रयासरत है कि देहरादून, डोईवाला और ऋषिकेश क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार उच्च मानकों के अनुरूप किया जाए और नागरिकों को बेहतर शहरी अवसंरचना उपलब्ध हो।
विद्यालय में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ पर महिला आयोग की सख्ती—स्कूल प्रबंधन और आरोपी शिक्षक को तलब करने के निर्देश
छात्राओं ने बताया—अभद्र हरकतें, गलत तरीके से छूने और फेल करने की धमकी देता था शिक्षक
देहरादून। जनपद देहरादून के सहसपुर क्षेत्र के एक निजी स्कूल में नवीं व दसवीं कक्षा की छात्राओं द्वारा अपने शिक्षक पर लगाए गए छेड़छाड़ व अनुचित व्यवहार के आरोपों ने पूरे शिक्षा जगत को हिला दिया है। छात्राओं ने बताया कि शिक्षक लंबे समय से गलत नीयत से छूने, अभद्र हरकतें करने और विरोध करने पर परीक्षा में फेल करने की धमकी देता रहा।
पीड़ित छात्राओं का कहना है कि मामले की शिकायत स्कूल प्रबंधन को दी गई, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही डराकर चुप रहने का दबाव बनाया गया। पीड़िताओं के अनुसार, कई अन्य छात्राएं भी पहले ऐसी हरकतों का शिकार हुई हैं, लेकिन डर और शर्म के कारण सामने नहीं आ सकीं। आरोप है कि पूरा स्कूल स्टाफ आरोपी शिक्षक का बचाव कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने जनपद देहरादून के मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की गहन जांच की जाये साथ ही जब तक मामला स्पष्ट नही हो जाता उक्त शिक्षक को निलंबित रखा जाए।
साथ ही, पुलिस प्रशासन को भी गंभीरता से जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। महिला आयोग ने स्कूल प्रबंधन, विशेषकर स्कूल के प्रबंधक व समिति को आरोपी शिक्षक के बचाव से जुड़े आरोपों पर तलब करने को कहा है।
अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि इस घटना ने संस्थान में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं और किशोरियों व महिलाओं की सुरक्षा के मामले में आयोग बिल्कुल भी लापरवाही बर्दाश्त नही करेगा। मामले में गंभीर जांच के साथ आरोपी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पार्किंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था से लेकर भीड़ प्रबंधन तक सभी विभागों को समयबद्ध कार्य पूरा करने के आदेश
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिला कार्यालय में 06 दिसम्बर को आयोजित होने वाले बूंखाल मेले की तैयारी की बैठक ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मेला स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करने के निर्देश दिये हैं।
सोमवार को आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी चेकपोस्ट का समयबद्ध निर्माण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सड़कों में लिए गए पैचवर्क की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वाहनों को खड़े करने के लिए पार्किंग व्यवस्था हो, इसका विशेष ध्यान दें, जिससे जाम से निजात मिल सके। उन्होंने आरटीओ को साइनेज लगाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने पेयजल विभाग को मेला स्थल पर पेयजल की व्यवस्था व उरेड़ा विभाग को लाइट लगाने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को बूंखाल मेले के आयोजन के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित करने व आयोजन स्थल पर लाउडस्पीकर की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने भीड़ प्रबंधन व यातायात व्यवस्था बेहतर तरीके संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला स्थल पर मेडिकल कैम्प लगाए जाने तथा एंबुलेंस की उपलब्धता के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को आवश्यक निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने डोलियों का पंजीकरण तथा दुकानदारों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी को अवैध मदिरा की बिक्री के संबंध में सख़्त कदम उठाते हुए छापेमारी करने के भी निर्देश दिए। सर्दी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने चौकियों पर तथा जहां आवश्यक हो, ऐसे स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने अग्निशमन व्यवस्था और बायो टायलेट भी स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला पंचायत को स्वच्छता और झाड़ी कटान के लिए भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, जिसके लिए उन्होंने सभी व्यवस्थाएं सुचारु रखने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी विभाग नोडल अधिकारी की सूची बनाकर संयुक्त मजिस्ट्रेट से समन्वय करें तथा मेला आयोजन को लेकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरा करें, जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना नहीं करना पड़े।
बैठक में अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि शिवम् मित्तल, एआरटीओ एन के ओझा, एसडीओ वन आएशा बिष्ट, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत भावना रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू का देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर स्वागत किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू को उत्तराखंड में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराते हुए गोवा और उत्तराखंड के बीच पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा की।

उन्होंने उन्हें बताया कि ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के पश्चात सरकार ने 24 अक्टूबर 2025 से शीतकालीन यात्रा का श्री गणेश कर दिया है। चारों धामों के कपाट बंद होने के पश्चात परंपरागत रूप से चार धाम के शीतकालीन पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए पूजा अर्चना और दर्शनों के लिए सरकार ने विशेष प्रबंध किए हैं।
