शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने लंबित माँगों पर सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन
देहरादून। राज्य के अशासकीय (राज्य सहायता प्राप्त) विद्यालयों के शिक्षकों-कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उत्तराखण्ड माध्यमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को यमुना कॉलोनी में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से मिला। संघ ने शिक्षक-कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न लंबित माँगों को मंत्री के समक्ष रखकर शीघ्र समाधान की अपेक्षा जताई, जिस पर शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल की मुख्य माँगों में प्रदेश के 417 तदर्थ शिक्षकों का शीघ्र विनियमतीकरण, अशासकीय विद्यालयों में चतुर्थ श्रेणी नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर किए जाने, उपार्जित अवकाश (Earned Leave) का नगदीकरण राजकीय विद्यालयों की भाँति उपलब्ध कराने, अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी भारत दर्शन योजना का लाभ दिए जाने जैसे मुद्दे शामिल थे।
उन्होंने कहा कि 417 तदर्थ शिक्षक पिछले लंबे समय से विनियमतीकरण की माँग कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें पूर्ण वेतन प्राप्त हो रहा है, ऐसे में विनियमतीकरण से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा भी प्राप्त होगी।
प्रतिनिधिमंडल में डॉ. महावीर सिंह बिष्ट के साथ प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय बिष्ट, प्रांतीय प्रवक्ता कैलाश थपलियाल, पौड़ी जिलाध्यक्ष भारत बिष्ट, जिला मंत्री संदीप रावत तथा प्रांतीय मंत्री संदीप मैंदौला आदि शामिल रहे।
एनएच, लोनिवि और पीएमजीएसवाई की संयुक्त बैठक में 2024–25 के स्वीकृत मोटर मार्गों पर हुई विस्तृत चर्चा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर एनएच, लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई अधिकारियों की संयुक्त बैठक की। बैठक में वित्तीय वर्ष 2024–25 में स्वीकृत मोटर मार्गों की प्रगति, शासन स्तर पर लंबित डीपीआर की वर्तमान स्थिति और पीएमजीएसवाई द्वारा निर्मित सड़कों के लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मंत्री रावत ने अधिकारियों से भारत सरकार को भेजे गए नव-निर्माण, डामरीकरण और सुधारीकरण से संबंधित प्रस्तावों की अद्यतन जानकारी ली। साथ ही आपदाग्रस्त सड़कों के लिए मिली स्वीकृत धनराशि के उपयोग एवं एनएच बुआखाल–पाबों–पैठाणी मार्ग के चौड़ीकरण कार्य की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

बैठक में माण्डाखाल–ग्वड़ख्या–सरणा–चोपड़ियू मोटर मार्ग की स्वीकृति पर चर्चा हुई, जबकि श्रीनगर के पंचपीपल से स्वीत तक एलिवेटेड रोड की डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग 07 पर फरासू और चामधार के समीप बार-बार हो रहे यातायात अवरोध को ध्यान में रखते हुए ट्रीटमेंट कार्य के लिए 90 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। विभाग के अनुसार, इस परियोजना पर निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
सीएम धामी ने विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन में की शिरकत, प्रतिभाशाली महिला वैज्ञानिकों को किया सम्मानित
मोदी सरकार के ‘4P मंत्र’ का उल्लेख कर सीएम धामी बोले—सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान इसका सफल उदाहरण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन एवं 20वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन–2025 में शिरकत की। कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाशाली महिला वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। राज्यभर के विभिन्न शोध व शैक्षणिक संस्थानों से चयनित वैज्ञानिकों को “Young Women Scientist Achievement Award–2025” तथा “UCOST Young Women Scientist Excellence Award” प्रदान किए गए। इसी मंच पर NDAMA के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल की पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए “4P मंत्र—Predict, Prevent, Prepare और Protect” पर आधारित 10 सूत्रीय एजेंडा लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण हाल ही में हुए सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान के रूप में सामने आया, जहां 17 दिनों के लंबे और कठिन अभियान के बाद 41 श्रमिक सुरक्षित बाहर निकाले गए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्मेलन से प्राप्त सुझाव व शोध आधारित समाधान न केवल उत्तराखंड बल्कि वैश्विक स्तर पर आपदा प्रबंधन को मजबूती देने में सहायक सिद्ध होंगे। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान ने मुख्य आरोपी खालिद के लिए किया था पेपर हल
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई की यह इस मामले में पहली गिरफ्तारी है। जांच एजेंसी के अनुसार, सुमन ने मुख्य आरोपी खालिद के लिए प्रश्नपत्र हल किया था। इससे पहले दून पुलिस खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर चुकी है, जो फिलहाल न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं।
सीबीआई की ताजा कार्रवाई के साथ पेपर लीक मामले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। एजेंसी का कहना है कि सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान प्रश्नपत्र हल करने की कड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती दिखीं, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
कैसे सामने आया पूरा मामला
यूकेएसएसएससी ने 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित की थी। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद बेरोजगार संघ ने पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए रायपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में पता चला कि प्रश्नपत्र हरिद्वार जिले के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी परीक्षार्थी खालिद ने पहले से केंद्र में छिपाए मोबाइल फोन से पेपर का फोटो खींचकर अपनी बहन साबिया को भेजा। साबिया ने आगे यह प्रश्नपत्र टिहरी गढ़वाल स्थित शहीद श्रीमती हंसा धनई राजकीय महाविद्यालय में तैनात सहायक प्रोफेसर सुमन चौहान को भेज दिया।
पहले पुलिस ने पूछताछ कर छोड़ा था
पुलिस ने 22 सितंबर को सुमन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि सुमन को यह जानकारी नहीं थी कि भेजा गया प्रश्नपत्र किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है। इस आधार पर उन्हें सहयोग के आधार पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद खालिद और उसकी बहन साबिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
युवाओं के आंदोलन के बाद केस सीबीआई को सौंपा गया
पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं में आक्रोश बढ़ता गया और आठ दिनों तक सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी रहा। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मौके पर पहुंचे और मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सीबीआई ने 26 अक्टूबर को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया।
सीबीआई की पहली गिरफ्तारी
प्राथमिक जांच के बाद सीबीआई ने सुमन चौहान को षड्यंत्र में शामिल पाते हुए गिरफ्तार कर लिया। उन्हें स्पेशल जज सीबीआई की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माण, गैरकानूनी प्लाटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे आवासीय व व्यावसायिक ढांचों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। मसूरी, विकासनगर, सेरपुर और देहरादून के विभिन्न इलाकों में एमडीडीए की टीमों ने अवैध निर्माणों को सील किया और कई स्थानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
एमडीडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना अनुमति की प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आज की कार्रवाई उसी सख्ती का हिस्सा है, जिसे लागू करने के लिए प्राधिकरण लगातार अभियान चला रहा है।
कैम्पटी–मसूरी रोड पर अवैध व्यावसायिक निर्माण सील
पहली कार्रवाई कैम्पटी मसूरी रोड पर खुशहाल सिंह द्वारा किए जा रहे अवैध व्यावसायिक निर्माण पर की गई। बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे इस निर्माण को टीम ने मौके पर सील कर दिया। कार्रवाई में अवर अभियंता अनुराग नौटियाल और सुपरवाइज़र मौजूद रहे। टीम ने स्पष्ट किया कि बिना एमडीडीए स्वीकृति किसी भी प्रकार का व्यावसायिक ढांचा खड़ा करना नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
हर्बटपुर में 20 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
दूसरी कार्रवाई हर्बटपुर में हुई, जहां लखन सिंह और जगवीर सिंह द्वारा विवेकानंद अस्पताल के निकट लगभग 20 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। एमडीडीए की टीम ने बुलडोज़र चलवाकर पूरी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, इस क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं।
कल्याणपुर पोंटा रोड में 15–20 बीघा की अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
तीसरी कार्रवाई कल्याणपुर पोंटा रोड क्षेत्र में प्रवीन बंसल द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और आसपास के क्षेत्र में भी निरीक्षण किया।
सेरपुर–सेलाकुई में 30 बीघा भूमि पर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
चौथी कार्रवाई सेरपुर, सेलाकुई क्षेत्र में जब्बार अली द्वारा लगभग 30 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर हुई। एमडीडीए टीम ने पूरे क्षेत्र को चिन्हित कर बुलडोज़र से ध्वस्त कराया। यह इलाका तेजी से विकसित हो रहा है, लेकिन अवैध कॉलोनियों के बढ़ते प्रसार को देखते हुए एमडीडीए ने इसे निगरानी में रखा हुआ है।
एमडीडीए ने दोहराया कि अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर अभियान आगे भी जारी रहेगा। साथ ही, प्राधिकरण ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पहले उसकी विधिक स्थिति अवश्य जानने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। सभी कार्रवाइयों के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता नितेश राणा, अवर अभियंता अमन पाल, ललित सिंह और संबंधित सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना मानचित्र स्वीकृति किए जा रहे सभी आवासीय व व्यावसायिक निर्माणों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आज की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत और सख्त कदम उठाए जाएंगे। सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए एमडीडीए अपनी कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी प्रकार की प्लाटिंग, कॉलोनी या निर्माण वैध नहीं माना जाएगा। जनता से अपील है कि किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले उसकी कानूनी स्थिति अवश्य जांचें। एमडीडीए नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण रोकने के लिए निरंतर अभियान चला रहा है।
देहरादून। प्रान्तीय रक्षक एवं विकास दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों के लिए वर्दी भत्ते में वृद्धि की गयी है। अब वर्दी भत्ते के लिए हर 2 साल में ₹1500 के बजाय ₹2500 दिए जाएंगे। सर्दी और गर्मी के अलग-अलग यूनिफॉर्म सेट भी तय कर दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीआरडी स्वयंसेवकों के हित के लिए लगातार काम कर रही है। वर्दी भत्ते में यह वृद्धि उनके समर्पण और सेवा को सम्मान देने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि चार धाम यात्रा समेत विभिन्न अवसरों पर पीआरडी स्वयंसेवकों ने शानदार काम किया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पिछले दिनों उन्होंने पीआरडी जवानों के वर्दी भत्ते को बढ़ाने के निर्देश दिए थे। यह वर्दी भत्ता 42 दिवसीय आधारभूत प्रशिक्षण के बाद तथा प्रत्येक दो वर्ष बाद दिया जाएगा, जिसमें सामान्य वर्दी के विभिन्न आइटम और गर्म वर्दी के लिए अंगोरा कमीज-पैंट, ऊनी जर्सी और फर वाली जैकेट शामिल हैं।
यह सुविधा सिर्फ शांति-सुरक्षा कार्यों में तैनात स्वयंसेवकों को जिला युवा कल्याण एवं पीआरडी अधिकारियों की संस्तुति पर मिलेगी।
10 किमी क्षेत्र में पक्षियों व वन्यजीवों की गतिविधियों को रोकने के निर्देश, डंपिंग यार्ड के तत्काल निस्तारण पर जोर
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जौलीग्रांट एयरपोर्ट की एयरफील्ड पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के संचालन क्षेत्र में पक्षियों और वन्यजीवों की गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा पर्यावरण संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। डीएम ने एयरपोर्ट सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभागों को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
बैठक में डोईवाला नगर पालिका को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि एयरपोर्ट के निकट केशवपुरी स्थित डंपिंग यार्ड में कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया तेज की जाए। जिलाधिकारी ने टेंडर प्रक्रिया तुरंत पूर्ण करने, ट्रामेल और पोकलैंड मशीनें खरीदने, डंपिंग यार्ड को टिन शेड से कवर करने और मैनपावर व मशीनें बढ़ाकर तेजी से कूड़े के निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट क्षेत्र में एकत्रित कचरे का भी नियमित निस्तारण आवश्यक है, ताकि बर्ड हिट और वन्यजीवों की गतिविधियों को रोका जा सके।
डीएम बंसल ने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट से 10 किमी की परिधि में स्थित सभी दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंट्स की पड़ताल कर उनकी कूड़ा निस्तारण व्यवस्था को नियमानुसार सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही केशवपुरी डंपिंग साइट के विस्थापन की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। उन्होंने एसडीएम डोईवाला को एक सप्ताह के भीतर डंपिंग यार्ड के लिए नई सरकारी भूमि चिन्हित करने और वर्तमान भूमि की श्रेणी स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बैठक में बताया कि आसपास कचरे की डंपिंग, मांस की दुकानों और निर्धारित ऊंचाई से अधिक पेड़ या इमारतें होने पर बर्ड स्ट्राइक की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा एयरपोर्ट परिसर के अंदर और बाहर नाली की क्षमता में अंतर और सफाई की समस्या भी जोखिम पैदा कर रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को तुरंत कार्यवाही शुरू करने को कहा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, एसडीएम अपर्णा ढौड़ियाल, विमानपत्तन निदेशक बी.सी.एच. नेगी, उप महाप्रबंधक अमित जिंदल, अनिल कुमार मस्ताना, प्रबंधक शुभम वत्स, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी एल.एल. शाह, निरीक्षण अधिकारी सचिन सिंह रावत, कुलदीप खत्री सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
पहली बार गंगा किनारे हुई बैठक में प्रमुख स्नान तिथियों की हुई घोषणा
हरिद्वार। 2027 के कुंभ के भव्य आयोजन के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार में गंगा किनारे सभी 13 अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ बैठक की। कुंभ के भव्य आयोजन के लिए पहली बार गंगा तट पर बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने 2027 कुंभ स्नान की महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की। उन्होंने 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति, 06 फरवरी 2027 को मौनी अमावस्या, 11 फरवरी 2027 को वसंत पंचमी, 20 फरवरी 2027 को माघ पूर्णिमा, 06 मार्च 2027 को महाशिवरात्रि (अमृत स्नान), 08 मार्च 2027 को फाल्गुन अमावस्या (अमृत स्नान), 07 अप्रैल 2027 को नव संवत्सर (नव वर्ष), 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति (अमृत स्नान), 15 अप्रैल 2027 को श्रीराम नवमी तथा 20 अप्रैल 2027 को चैत्र पूर्णिमा के स्नान की तिथियों की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कुंभ के सफल आयोजन के लिए अखाड़ों के आचार्यों से सुझाव एवं मार्गदर्शन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ से जुड़े सभी निर्णयों में संतगणों की परम्पराओं, आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि कुंभ के सुव्यवस्थित और भव्य आयोजन के लिए उन्हें संतगणों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि संतों की प्रेरणा, सुझाव और आशीर्वाद के बिना इस महायोजना की पूर्णता की कल्पना भी संभव नहीं है। हमारा प्रयास है कि सभी के अमूल्य सुझावों से कुंभ 2027 की तैयारियों को और अधिक व्यापक, सुव्यवस्थित और संत समाज की अपेक्षाओं के अनुरूप बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने का आह्वान किया है। इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार कुंभ 2027 को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में आयोजित कुंभ कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण केवल अल्प अवधि के लिए आयोजित किया गया था और शाही स्नान भी प्रतीकात्मक रूप से ही संपन्न हुआ था, लेकिन वर्ष 2027 में होने वाला हरिद्वार कुंभ कई दृष्टियों से ऐतिहासिक और विशेष महत्व का होगा। इस बार आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2010 और 2021 के कुंभ की तुलना में कई गुना अधिक होने की संभावना है। राज्य सरकार ने हरिद्वार कुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए अभी से व्यापक स्तर पर तैयारियाँ प्रारंभ कर दी हैं। श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय स्थापित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, एनडीआरएफ, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग और फायर विभाग सहित सभी संबंधित विभाग सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए सभी संभव उपाय सुनिश्चित करेंगे। कुंभ के दौरान पूर्व में घटित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आकस्मिक आपात स्थिति की तैयारी पहले से ही प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में आयोजित कुंभ मेलों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले अधिकारियों का भी पूर्ण सहयोग लिया जाएगा, ताकि हर प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रूप से संचालित हो सके। कुंभ के दौरान नगर और घाट क्षेत्रों की स्वच्छता के लिए विशेष टीमों का गठन कर कचरा प्रबंधन, जल निकासी और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अखाड़ों के आचार्य एवं संतगणों द्वारा संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि भव्य एवं दिव्य कुंभ के आयोजन के लिए संत समाज द्वारा राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ने अखाड़ों के आचार्यों एवं संतगणों के साथ भोजन भी किया।
इस दौरान महंत रविन्द्र पुरी महाराज- पंचायती निरंजनी अखाड़ा, महंत कौशल गिरी महाराज- पंचायती आनंद अखाड़ा, महंत हरिगिरी महाराज- पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा, डॉ. साधनानन्द महाराज- पंचअग्नि अखाड़ा, महंत सत्यगिरि महाराज- पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा, महंत सत्यम गिरी महाराज- पंचायती अटल अखाड़ा, महंत मुरली दास महाराज- पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा, महंत वैष्णव दास महाराज- पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा, महंत राजेन्द्र दास महाराज- पंच निर्मोही अनी अखाड़ा, महंत दुर्गादास महाराज- पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा, महंत भगतराम दास महाराज- पंचायती नया उदासीन अखाड़ा, महंत जसविंदर महाराज- पंचायती निर्मल अखाड़ा, सांसद राज्यसभा कल्पना सैनी, विधायक हरिद्वार मदन कौशिक, विधायक रानीपुर आदेश चौहान, विधायक रुड़की प्रदीप बत्रा, महापौर नगर निगम हरिद्वार श्रीमती किरन जैसल, महापौर नगर निगम रुड़की श्रीमती अनीता देवी अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा/पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानन्द, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा मौजूद थे।
पेयजल, सड़क, सुरक्षात्मक कार्य और भवनों से जुड़े प्रस्ताव एक सप्ताह में तैयार करने के आदेश
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय में मसूरी विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और क्षेत्र में आपदा के पुनर्निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, पेयजल निगम, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल, सीवर लाइन, सड़क मार्ग, सुरक्षात्मक कार्य, आंतरिक मार्ग, विद्यालय, पंचायत भवन आदि से संबंधित प्रस्तावों को आपदा मद में तैयार कर शीघ्र स्वीकृति हेतु भेजा जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कार्य शुरू किए जा सकें।
कैबिनेट मंत्री ने लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि सेरकी सिल्ला, भैंसवाड़ गांव, छमरौली, घंतूकासेरा, क्यारा, सिमयारी, सरखेत, भैंकलीखाला, क्यारा–धनोल्टी मार्ग, फुलेत, सरोना, कार्लीगाड़, लोहारीगढ़ सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं मरम्मत संबंधी सभी इस्टीमेट और शासन से जुड़े कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में कार्यों को धरातल पर उतारना विभागों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री जोशी ने सम्बंधित सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पुनर्निर्माण कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाया जाए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता राजेश कुमार, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई आर. एस.गुसाई, सहायक अभियंता सिंचाई एस.सी तिवारी, सहायक अभियंता जल संस्थान विवेक कुमार, अपर सहायक अभियंता लघु सिंचाई संदीप कुमार सहित अन्य अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
अधिवेशन का मुख्य विषय “विकसित भारत @ 2047 में जनसंपर्क की भूमिका” किया गया निर्धारित
देहरादून। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) के डेलीगेशन ने राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल के नेतृत्व में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। आगामी 13, 14 एवं 15 दिसंबर को देहरादून में आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय जनसंपर्क अधिवेशन के लिए मुख्यमंत्री को औपचारिक आमंत्रण दिया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को अधिवेशन का ब्रोशर भेंट करते हुए संस्था की गतिविधियों एवं उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस वर्ष अधिवेशन का मुख्य विषय “विकसित भारत @ 2047 में जनसंपर्क की भूमिका” निर्धारित किया गया है। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से 300 से अधिक प्रतिनिधि भाग लेंगे। उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष को ध्यान में रखते हुए अधिवेशन में राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विशेष सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जनसंपर्क की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्यटन, संस्कृति एवं स्थानीय उत्पादों की प्रभावी ब्रांडिंग की दिशा में जनसंपर्क माध्यम अहम योगदान दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग, जनता से सतत संवाद, फेक न्यूज़ की रोकथाम तथा मीडिया-जनसंपर्क क्षेत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव पर भी मंथन की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनिया, सचिव अनिल सती, कोषाध्यक्ष सुरेश भट्ट, संयोजक सिद्धार्थ बंसल, सदस्य वैभव गोयल, अनिल वर्मा, अजय डबराल, संजय भार्गव और प्रियांक वशिष्ठ भी उपस्थित रहे।
