सिटी फॉरेस्ट पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एमडीडीए का बड़ा कदम
सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुरक्षा, सुविधा और संरक्षण पर एमडीडीए का फोकस, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में लिए गए अहम फैसले
समीक्षा बैठक में सीसीटीवी और कर्मचारियों की व्यवस्था पर जोर, पार्क प्रबंधन को लेकर तय हुई स्पष्ट कार्ययोजना
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता को सिटी फॉरेस्ट पार्क परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्क के संचालन, रख-रखाव और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक का उद्देश्य सिटी फॉरेस्ट पार्क को आम नागरिकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना रहा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिटी फॉरेस्ट पार्क न केवल एक हरित क्षेत्र है, बल्कि यह देहरादून शहर की पर्यावरणीय धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा और संवर्धन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति व्यवस्था होगी सुदृढ़
उपाध्यक्ष महोदय ने निर्देश दिए कि पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया जाए, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। इस संबंध में आईटी अनुभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत
बैठक में पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तथा पार्क के भीतर अतिरिक्त माली तैनात किए जाएं, ताकि आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रात्रि के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पार्क के अंतिम छोर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए वहां सुरक्षा कर्मियों के लिए एक सिक्योरिटी हट का निर्माण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पार्क की सीमाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि पूरे पार्क क्षेत्र में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पार्क के हर कोने पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का कार्य आईटी अनुभाग द्वारा शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्क के भीतर रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अभियंत्रण अनुभाग को दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आगंतुकों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपातकालीन और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मिलेगा विस्तार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्क परिसर में आपातकालीन सेवाओं से संबंधित आवश्यक हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त पार्क में अग्निशमन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आगजनी जैसी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपाध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार के सिविल या कंक्रीट से संबंधित निर्माण कार्य नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण है, न कि कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
बैठक में पार्क से संबंधित स्टॉक रजिस्टर को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे संसाधनों के उपयोग और रख-रखाव में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। संबंधित अनुभागों को समयबद्ध रूप से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक के अंत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून की पहचान है और इसे सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण–अनुकूल बनाए रखना एमडीडीए की सामूहिक जिम्मेदारी है। एमडीडीए द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल पार्क की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित, सुंदर और प्रकृति के करीब अनुभव भी प्रदान करेंगे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून शहर की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है और इसका संरक्षण एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, बायोमैट्रिक उपस्थिति और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती जैसे कदम पार्क प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन लाएंगे। भविष्य में किसी भी प्रकार का कंक्रीट निर्माण नहीं किया जाएगा, ताकि पार्क का प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता सुरक्षित रह सके।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की पहचान, उपस्थिति प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अनुभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पार्क में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैलेंडर के आकर्षक स्वरूप, उत्कृष्ट मुद्रण गुणवत्ता एवं विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णयों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कैलेंडर के माध्यम से राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को एक सुसंगठित एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो आमजन के लिए जानकारीपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की टीम को इस उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने सदैव सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी सूचना विभाग नवीन तकनीकों, रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जनहितकारी सूचनाओं का व्यापक एवं प्रभावी प्रसार करता रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस अवसर पर अपर सचिव सूचना बंशीधर तिवारी, उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव एवं उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह उपस्थित रहे
मत्स्य परियोजनाओं, संग्रहण केंद्र व ग्रामीण समस्याओं पर ग्रामीणों से हुई व्यापक चर्चा
पौड़ी। पौड़ी जनपद के अति दूरस्थ नैनीडांडा विकासखंड में पर्यटन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया द्वारा मत्स्य पालन तथा अन्य विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
नैनीडांडा क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत ओलेथ के ग्राम ब्यूरा में जिलाधिकारी ने बायो फ्लॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य उत्पादों के संग्रहण हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मत्स्य आउटलेट स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मत्स्य आउटलेट से स्थानीय रूप से आमदनी में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने आवश्यकता होने पर धनराशि आवंटन का आश्वासन भी दिया।
किसान गोपाल सिंह रावत ने जिलाधिकारी को मत्स्य तालाब का अवलोकन करवाया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय महिलाओं से जंगली जानवरों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल, बिजली पोल एवं पाइप लाइन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली तथा संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से लैंटाना घास से उत्पन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना और इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि लैंटाना के नियंत्रित संग्रह एवं उपयोग हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे समस्या के समाधान के साथ-साथ महिलाओं को नियमित आय के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा यह पहल पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगी।
खंड विकास अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडेय ने जिलाधिकारी को बताया कि मनरेगा एवं मत्स्य विभाग के अभिसरण से संचालित योजनाओं के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में दो इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल लागत लगभग 4.5 लाख रुपये रही। इसमें लगभग 2.70 लाख रुपये मत्स्य विभाग, 48 हजार रुपये मनरेगा तथा 1.32 लाख रुपये लाभार्थी अंशदान के माध्यम से व्यय किए गए। उन्होंने बताया कि इन तालाबों को हर हर महादेव समूह तथा जय महादेव समूह संचालित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मंडी समिति के सचिव को निर्देशित किया कि तत्काल शंकरपुर स्थित संग्रहण केंद्र का विकासखंड कार्यालय से समझौता ज्ञापन करते हुए सदुपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे विकासात्मक प्रयासों से पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय आजीविका सुदृढ़ होगी। साथ ही यह परियोजनाएं महिलाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी, इसलिए इन्हें हरसंभव प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, ग्राम प्रधान ममता रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में खेल मैदान हेतु भूमि चयन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि भूमि विवादमुक्त एवं उपयुक्त पायी जाती है तो वहां खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेजों में शत प्रतिशत होगी संकाय सदस्यों की नियुक्ति
कॉलेजों में शैक्षिक, शोध व क्लीनिकल गुणवत्ता में होगा सुधार
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज व पं0 रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर में विभिन्न संकायों में एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्तिय से मेडिकल कॉलेज में संकाय सदस्यों की कमी दूर होगी साथ ही मेडिकल छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा व प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही कॉलेजों में शोधात्मक कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा और सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्रदेशभर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में राज्य सरकार द्वारा निरंतर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को उच्च स्तरीय पढ़ाई के साथ बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। जिसके लिये सरकार ने हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक साक्षात्कार समिति का गठन किया है, जो वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर रही है। इसी क्रम में चयन समिति ने एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया है। जिनकी नियुक्ति की मंजूरी राज्य सरकार ने दे दी है। जिनमें से 8 विशेषज्ञ चिकित्सकों को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज तथा 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों को रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति दी गई है।
साक्षात्कार समिति द्वारा दून मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विभाग में प्रोफेसर पद पर डॉ. ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी का चयन किया है, जबकि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉ. मनीष कुमार, बल्ड बैंक में डॉ. सनोबर शमीम, आर्थोपीडिक्स में डॉ. मयंक सिंघल, एन्टीनेटल चाइल्ड केयर में डॉ. सारा गुलेरिया, मेटरनिटी चाइल्ड हैल्थ केयर में डॉ. रूचि कर्नाटक, एनेस्थिसिया में डॉ. पूजा सांगोले व डॉ. इशिता बहुखण्डी का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। इसी प्रकार रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में आब्स एंड गायनी विभाग में डा. प्रेरणा छाबड़ा, ईएनटी में डॉ. ललित सिंह पोखरिया, माइक्रोबायोलॉजी में डॉ. मयूरी श्रीवास्तव तथा स्किन रोग विभाग में डॉ. चिराग सैनी का असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन किया गया है। इन सभी चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति संविदा के माध्यम से आगामी तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये की गई है। चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों सहित शोध व क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। जिसका लाभ कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा साथ ही अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार भी मिल सकेगा।
बयान-
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज व रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एक दर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी है। संकाय सदस्यों की नियुक्ति न केवल चिकित्सा छात्रों को उच्चस्तरीय शिक्षण प्राप्त होगा बल्कि कॉलेजों में रिसर्च और क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत- गणेश जोशी
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर मनाए गए राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राजपुर रोड स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रगतिशील विचार और ओजस्वी आदर्श आज भी समाज के लिए, विशेषकर युवा वर्ग के लिए, प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करता है।

मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि देश के युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों और मूल्यों को आत्मसात कर एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश और देश के सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवक एवं महिला मंगल दल हुए सम्मानित
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले युवा मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया । मुख्य आयोजन सोमवार को परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में काम किया और हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी प्रदेश और देश के युवा को अगर सही दिशा मिले तो उसे विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति उत्तराखंड की धड़कन के समान है, इसी से प्रदेश में प्राण शक्ति का संचार होता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित बने तो 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पाना मुश्किल नहीं है।
कार्यक्रम में प्रदेश भर से चुने गए तीन तीन युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही एनएसएस का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो युवाओं और नेशनल यूथ अवार्ड विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजपुर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान व अन्य उपस्थित रहे।
वैभव शाह ने जीता बेस्ट रील अवार्ड
विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों से अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल करते हुए एक रील प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रदेश भर से युवाओं ने भाग लिया। जिनमें से वैभव शाह की रील को प्रथम चुना गया। इसके अतिरिक्त सचिन कुमार सिंह दूसरे और शिव कैलाश सेमवाल तीसरे स्थान पर रहे। तीनों विजेताओं को समारोह में नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
यह हुए सम्मानित
युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली – प्रथम
युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल – द्वितीय
युवक मंगल दल चौड़ीराय लोहाघाट चंपावत – तृतीय
महिला मंगल दल धापला नैनीताल – प्रथम
महिला मंगल दल सेमा चमोली – द्वितीय
महिला मंगल दल बनाली टिहरी गढ़वाल – तृतीय
एनएसएस अवॉर्ड विजेता
आलोक कुमार पांडे और आयुष वर्मा
राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता
प्रदीप महरा पिथौरागढ़, अजय ओली पिथौरागढ़, गुरदीप सिंह राणा उधम सिंह नगर, जगतार सिंह बाजवा उधम सिंह नगर, गीता बगासी चमोली, रमन रावत पौड़ी गढ़वाल, स्वराज विद्वान उत्तरकाशी, दिनेश सिंह रावत उत्तरकाशी, गुरमेल सिंह देहरादून।
युवाओं को स्वदेशी अपनाने का किया आह्वान
देहरादून। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनको नमन किया। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को उन्होंने सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत का संदेश देश की मजबूत नींव के लिए युवाओं को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

उन्होंने वोकल फॉर लोकल के संदेश को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसे अभियान सबको मिलकर आगे बढ़ाने होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, अनुशासन अपनाने, शिक्षा-कौशल विकास पर जोर देने तथा राष्ट्र कर्तव्यों का पालन करने का विशेष आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के संगठन मंत्री अजेय कुमार पार्टी पदाधिकारी एवं भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद थे।
रैली के दौरान सुरक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन के व्यापक इंतजाम, रोज पहुंचेंगे 1100 अभ्यर्थी
देहरादून। भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में राष्ट्र सेवा का पहला चरण लिखित सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) 2025 उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए अब अगला चरण प्रारंभ होने जा रहा है। अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन 15 जनवरी 2026 से 30 जनवरी 2026 तक गब्बर सिंह कैंप, कोटद्वार में किया जाएगा, जिसमें दौड़ एवं शारीरिक दक्षता परीक्षण आयोजित होंगे।
यह भर्ती रैली गढ़वाल क्षेत्र के 07 जिलों — चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून एवं हरिद्वार के 13,000 से अधिक अभ्यर्थियों के लिए आयोजित की जा रही है। भर्ती अग्निवीर जनरल ड्यूटी (GD), अग्निवीर क्लर्क/एसकेटी, अग्निवीर टेक्निकल एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन पदों के लिए की जाएगी।
अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि रैली स्थल पर पहुंचने पर उनका आधार सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए अभ्यर्थी आधार से लिंक मोबाइल नंबर साथ लेकर आएं। सभी पात्र अभ्यर्थियों को अपना एडमिट कार्ड, सभी मूल प्रमाणपत्र एवं उनकी तीन-तीन स्वप्रमाणित छायाप्रतियां साथ लाना अनिवार्य है। आवश्यक दस्तावेजों में पैन कार्ड, आधार कार्ड, ऑनलाइन जनित पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र, 20 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो, शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, विद्यालय चरित्र प्रमाणपत्र शामिल हैं। कक्षा 8 की अंकतालिका पर जिला शिक्षा अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं, जबकि धर्म प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र एवं अविवाहित प्रमाणपत्र पर सरपंच के हस्ताक्षर होने चाहिए। आवश्यकता होने पर रिलेशन सर्टिफिकेट, एनसीसी प्रमाणपत्र एवं खेल प्रमाणपत्र भी रैली अधिसूचना के अनुसार साथ लाएं। शपथ पत्र (Affidavit) रैली स्थल पर ही तैयार किया जाएगा।
इस अवसर पर कर्नल आर.एस. पंवार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय (ARO) लैंसडौन ने हमारे संवाददाता से बातचीत में श्रीमती स्वाति भदौरिया, जिलाधिकारी पौड़ी, छतर सिंह चौहान, उपजिलाधिकारी कोटद्वार एवं नागरिक प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने रैली की आवश्यकताओं को भली-भांति समझते हुए अत्यंत कुशलता से समुचित सहयोग प्रदान किया है। कर्नल पंवार ने अभ्यर्थियों को दलालों एवं एजेंटों से दूर रहने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि सेना में चयन प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी है। दस्तावेज़ीकरण, शारीरिक परीक्षण एवं चिकित्सीय परीक्षण के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
अनुमान है कि प्रतिदिन लगभग 1100 अभ्यर्थी कोटद्वार पहुंचेंगे। दूरस्थ जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु परिवहन निगम द्वारा अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को सूचित किया जाता है कि मैदान में प्रवेश के लिए दो अलग-अलग प्रवेश द्वार होंगे—एक दौड़ में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों के लिए तथा दूसरा चिकित्सीय परीक्षण हेतु चयनित अभ्यर्थियों के लिए।
रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। किसी भी अग्नि दुर्घटना से बचाव हेतु अग्निशमन विभाग के कर्मी मैदान में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी एवं एंबुलेंस प्राथमिक उपचार हेतु उपलब्ध रहेंगे।
छह जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट, 16 जनवरी तक मौसम रहेगा शुष्क
देहरादून। उत्तराखंड में भले ही इन दिनों बारिश और बर्फबारी का इंतजार बना हुआ है, लेकिन ठंड का असर कम नहीं हुआ है। पहाड़ी इलाकों में पाले की मार और मैदानी क्षेत्रों में चल रही शीतलहर के कारण सूखी ठंड लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि दिन में खिल रही धूप से कुछ हद तक राहत जरूर मिल रही है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को राज्यभर में मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन सुबह और देर रात को ठंड का प्रकोप जारी रहेगा। इसी को देखते हुए देहरादून समेत छह जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार के साथ ही नैनीताल, चंपावत और पौड़ी में कोहरे की स्थिति बन सकती है, जिससे यातायात भी प्रभावित होने की आशंका है।
मौसम विभाग का कहना है कि 16 जनवरी तक प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना रहेगा। इसके बाद 17 जनवरी को पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के संकेत मिल रहे हैं, जिससे ठंड और बढ़ सकती है।
इधर, बढ़ती ठंड और पाले की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्कूलों के समय में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 31 जनवरी तक कक्षाएं सुबह साढ़े आठ बजे के बाद ही शुरू होंगी, ताकि बच्चों को ठंड से राहत मिल सके।

देहरादून/चमोली/श्रीनगर। उत्तराखंड में इस सर्दी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला नजर आ रहा है। सामान्य से बेहद कम बारिश और बर्फबारी ने राज्य की आर्थिकी, खेती और पर्यावरण तीनों को गंभीर चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में जहां आमतौर पर दिसंबर में बर्फ की मोटी परत जम जाती थी, वहीं इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी जमीन सूखी पड़ी है।
सबसे चौंकाने वाली स्थिति 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ क्षेत्र में सामने आई है, जहां जनवरी के मध्य तक भी बर्फ नहीं गिरी। स्थानीय लोगों और वैज्ञानिकों के अनुसार यह पहली बार है जब तुंगनाथ क्षेत्र पूरी तरह बर्फविहीन रहा है। विशेषज्ञ इसे बदलते जलवायु चक्र का गंभीर संकेत मान रहे हैं।
खेती पर सबसे ज्यादा मार
बारिश न होने से पर्वतीय और मैदानी जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। कृषि विभाग की रिपोर्ट बताती है कि गेहूं की फसल को कई जिलों में 15 से 25 प्रतिशत तक नुकसान पहुंच चुका है। उत्तरकाशी, चमोली, टिहरी, देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में फसल की बढ़वार प्रभावित हुई है।
पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश खेती असिंचित है और पूरी तरह वर्षा पर निर्भर रहती है। ऐसे में बारिश के अभाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई जगह फसल का जमाव कमजोर है और पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं।
बागवानी और सेब उत्पादन पर भी खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फबारी न होने से सेब और अन्य फलों की पैदावार पर भी असर पड़ सकता है। सेब की फसल के लिए 1000 से 1500 घंटे का शीतलन जरूरी होता है, जो इस बार पूरा होता नहीं दिख रहा। इससे आने वाले मौसम में उत्पादन घटने की आशंका जताई जा रही है।
जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक चक्र प्रभावित
तुंगनाथ स्थित गढ़वाल विश्वविद्यालय के एल्पाइन रिसर्च सेंटर में दुर्लभ औषधीय पौधों पर हो रहे शोध भी प्रभावित हुए हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार अल्पाइन क्षेत्र की कई जड़ी-बूटियां शीतकालीन बर्फ पर निर्भर रहती हैं। बर्फ न होने से उनके अंकुरण, वृद्धि और औषधीय गुणों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
बढ़ती वनाग्नि ने बढ़ाई चिंता
बारिश और बर्फबारी के अभाव में जंगलों की नमी खत्म हो रही है, जिससे आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। वन विभाग के अनुसार नवंबर के बाद से प्रदेश में तीन दर्जन से अधिक वनाग्नि की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
मौसम विभाग ने दी उम्मीद
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है और जनवरी के दूसरे सप्ताह के बाद बारिश व बर्फबारी की संभावना बन रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द मौसम में बदलाव नहीं हुआ तो इसका असर आने वाले महीनों में और गहरा हो सकता है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड इस समय मौसम की असामान्य परिस्थितियों से जूझ रहा है, जिसका असर सिर्फ वर्तमान पर ही नहीं, बल्कि भविष्य की आजीविका और पर्यावरण संतुलन पर भी पड़ सकता है।
