सड़क में अधिग्रहीत जमीनों का मुआवजा तत्काल देने का निर्देश
गांव गांव जाकर घरों में पेयजल पहुंचाना प्रमाणित करें अधिकारी
सोमेश्वर उप जिला अस्पताल का जल्द से जल्द संचालन सुनिश्चित करें
कैबिनेट मंत्री ने की अधूरी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे गांवों में जाकर पुष्टि करें कि लोगों के घरों तक पानी पहुंच रहा है या नहीं। सड़क निर्माण में जिन ग्रामीणों की जमीन ली गई है उन्हें तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने मंगलवार को अल्मोड़ा में विकास भवन में आयोजित बैठक में योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिनके घरों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा, उन समस्याओं को विभागों के बीच समन्वय से तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल योजनाओं की गहन समीक्षा करने तथा जहां सोलर पंपिंग सिस्टम में खराबी हो वहाँ विद्युत लाइनें लगाकर वैकल्पिक पंपिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ और नियमित पेयजल सभी गांवों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की प्राथमिकता हो।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जिन ग्रामीणों की जमीनें सडक निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है, उन्हें मुआवजा तत्काल दिया जाए। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उप जिला अस्पताल सोमेश्वर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए अस्पताल को संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की मांग भी शीघ्र की जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानस खंड माला मिशन के अंतर्गत जिन क्षेत्रों के विकास की घोषणा की जा चुकी है उनमें से कोई भी योजना विलोपित नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बहानेबाजी छोड़कर जल्द से जल्द डीपीआर तैयार करके भेजें।
बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने सरकार की सभी विकास योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। अधूरे और लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने, अनुपस्थित अधिकारियों के स्पष्टीकरण लेने और योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभागीय पत्राचार पर्याप्त नहीं, बल्कि आपसी समन्वय से कार्यों का निष्पादन आवश्यक है ताकि जनता को योजनाओं का लाभ तत्काल मिल सके।
बैठक में बताया गया कि सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र की कुल 127 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 63 पूर्ण हो चुकी हैं और शेष को तेजी से पूर्ण करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, जिला पंचायत सदस्य कन्नू शाह, विभिन्न मंडलों के भाजपा अध्यक्ष दीपक बोरा, गणेश जलाल, जगदीश डंगवाल, हरीश परिहार एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
‘जय बदरीविशाल’ के नारों से गूंजा धाम
चमोली। शीतकालीन प्रवास के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार दोपहर परंपरागत पूजा-अर्चना के बाद विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के साथ ही बदरीनाथ धाम में छह माह की शीतकालीन व्यवस्थाएँ शुरू हो गई हैं। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु इस शुभ घड़ी के साक्षी बनने के लिए धाम में उमड़ पड़े। मंदिर प्रांगण में गूंजते जयकारों और वेद-मंत्रों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं के तहत माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग और विशेष अराधना सम्पन्न हुई। रावल अमरनाथ नंबूदरी ने वैदिक विधि के साथ माता लक्ष्मी को शीतकालीन प्रवास के लिए बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।
मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर धाम के कपाट आधिकारिक रूप से बंद किए गए। इस अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को लगभग 10 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। कपाट बंद होने के क्षणों में श्रद्धालु ‘जय बदरीविशाल’ के नारों के साथ भाव-विह्वल दिखाई दिए।
21 नवंबर से शुरू हुई पंच पूजाओं के क्रम में गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट भी क्रमशः बंद किए जा चुके हैं। कपाट बंद होते ही मंदिर में होने वाला वेद-पाठ व अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी शीतकाल के लिए स्थगित कर दिए गए।
कपाट बंद रहने की अवधि में माता लक्ष्मी धाम के परिक्रमा स्थल स्थित मंदिर में विराजमान रहेंगी और बदरीनाथ धाम अगले वर्ष पुनः निर्धारित तिथि पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।
16 लाख 60 हजार श्रद्धालुओं ने किए भगवान बदरी विशाल के दर्शन
इसके साथ ही भगवान बदरी विशाल की स्वयंभू मूर्ति, भगवान उद्धव और कुबेर जी मूर्ति अपने शीतकालीन प्रवास स्थल की ओर रवाना हो गई है। इस बार करीब 16 लाख 60 हजार श्रद्धालुओं ने किए भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। अब शीतकाल में भगवान बदरी विशाल की पूजा का दायित्व निर्वाहन देवताओं के पास रहेगा।
मुख्यमंत्री शबद कीर्तन में हुए शामिल, लंगर सेवा में भी निभाई सहभागिता; गुरु साहिब के संदेशों को बताया सदैव प्रेरणादायी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब, रेसकोर्स (देहरादून) पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और शबद कीर्तन का श्रवण किया। इसके बाद गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री धामी ने संगत के बीच लंगर सेवा में भी सहभागिता की।
मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि धर्म और मानवता की रक्षा में उनका बलिदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी समाज को मार्गदर्शन प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोविंदघाट–हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे सिख श्रद्धालुओं की यात्रा और अधिक सुगम बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लाभ सिख समुदाय तक पहुँचाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष बलवीर सिंह साहनी, सचिव राजिंदर पाल सिंह चंडोक और भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
बालश्रम पर जिला प्रशासन का प्रहार, 07 बालश्रमिक रेस्क्यू, 7 प्रतिष्ठानों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में व्यापक बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर गठित टीमों द्वारा एक साथ सघन निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार श्रम विभाग ने पुलिस विभाग, डीटीएफ टीम एवं अन्य गैर सरकारी संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमें सुबह से ही फील्ड में सक्रिय रहीं और शहर के विभिन्न बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, होटल-ढाबों, वर्कशॉपों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की तलाश की गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि ‘जनपद प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों से उनका बचपन व शिक्षा छिनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में किसी भी प्रकार की अवैध, बाल श्रम गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अभियानों को आगे भी नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।” उन्होंने समाज से भी अपील की कि बाल श्रम की सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं।
थाना विकासनगर के अन्तर्गत 09 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै०एबी फैब्रिकेशन जीवनगए में 1 व मै० न्यू भारत टायर पंचर जीवनगढ में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। थाना पटेलनगर अन्तर्गत 12 संस्थानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें मै० दिल्ली आटो मोबाईल कारगी चौक में 1, मैसर्स सुहेल बॉडी केयर मेंहूवाला में 1 व मै० अख्तर वुड वर्क मेंहूवाला में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। इसी प्रकार थाना सहसपुर अन्तर्गत 02 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै० श्री बालाजी आटो रिपोयर पार्टस में 1 व मै० ब्रदर्स रेस्टोरेंट लांघा रोड में 01 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। कुल 23 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें 07 प्रतिष्ठानों पर 07 बालश्रिमकों को रेस्क्यू किया गया। बाल/किशोर श्रमिकों का मेडिकल कराते हुए बाल कन्याण समिति केदारपुरम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तथा 07 प्रतिष्ठानों में बालश्रमिक नियोजित पाए जाने पर प्रतिष्ठानों के स्वामियों के विरूद्ध सम्बन्धित थानों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।
अभियान के दौरान कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों को कार्यरत पाया गया, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ की गई। टीमों ने मौके पर श्रम कानूनों और बाल अधिकारों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की।
दस क्विंटल फूलों से सजाया गया बद्रीनाथ धाम
चमोली। बद्रीनाथ धाम के कपाट आज यानि मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं की श्रृंखला के अंतर्गत माता लक्ष्मी मंदिर में विशेष अनुष्ठानों के साथ कढ़ाई भोग अर्पित किया गया। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रीति के अनुसार माता लक्ष्मी को शीतकालीन अवधि में बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।
धाम में बीते एक सप्ताह से पंच पूजाओं का क्रम जारी था, जिसमें गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट बंद होने के साथ ही वेद ऋचाओं का वाचन भी विराम में चला गया। सोमवार को आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
मंगलवार को कपाट बंद होने के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब दस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कपाट बंद होने के समय धाम में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद रहने की उम्मीद है।
कपाट बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार माता लक्ष्मी, आगामी छह माह तक गर्भगृह में विराजमान रहेंगी, जबकि मुख्य मंदिर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां शीतकालीन स्थल पर स्थानांतरित हो जाएंगी।
सीएम धामी ने ‘लोकल फॉर वोकल’ को बताया विकास की कुंजी
गोपेश्वर। पुलिस लाइन मैदान गोपेश्वर में सात दिवसीय सहकारिता मेला 2025 का शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में थराली विधायक श भूपाल राम टम्टा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद गोपेश्वर के अध्यक्ष संदीप रावत ने की। मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश में सहकारिता को आर्थिक व्यवस्था से परे समाज को जोड़ने और छोटे किसानों, महिला समूहों, श्रमिकों और ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 और राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह मेला “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा देने और सामूहिक विकास को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को तकनीकी सशक्तीकरण, डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के माध्यम से राष्ट्रीय विकास की मुख्य धारा में नई ऊर्जा मिल रही है।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारी मेला सामूहिक चेतना का उत्सव है और चमोली जिला अपनी प्राकृतिक विविधता और सामूहिकता की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छह जनपदों में आयोजित सहकारिता मेलों में एक लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया है। सहकारी समितियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के परिणामस्वरूप 281 महिलाएं अध्यक्ष, 159 उपाध्यक्ष और 2517 महिलाएं संचालक चुनी गई हैं।
चमोली जिला सहकारी बैंक द्वारा अब तक 1370 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है और जिले में तीन नई शाखाएं खोली जानी हैं। दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को शून्य ब्याज पर ऋण दिया गया है, जिसमें चमोली के 25,767 किसान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य 10,000 से अधिक “लखपति दीदी” तैयार करना है।
विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं और कोविड-19 के बाद हुए रिवर्स पलायन को सहकारिता ने स्थायी आजीविका में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल ने महिला समूहों द्वारा गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को सराहनीय बताया। जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र रावत ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने शून्य ब्याज ऋण लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और पैक्स के माध्यम से ग्रामीणों को जरूरी सामान अब गांव में ही उपलब्ध हो पा रहा है।
मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज द्वारा स्वागत बंधन, राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर द्वारा लोकनृत्य, टंगसा महिला मंगल दल द्वारा लोकगीत तथा रूद्रेश कला मंच द्वारा वित्तीय समावेशन और साइबर सुरक्षा पर आधारित नृत्य-नाट्य शामिल रहे। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने वित्तीय समावेशन, डिजिटल सुरक्षा और सहकारी व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम में मातृशक्ति सशक्तिकरण ऋण योजना और भारत दर्शन ऋण योजना का विमोचन किया गया। बहुउद्देशीय साधन सहकारी समितियों के माध्यम से 19 लाभार्थियों को 21 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए, जबकि एम-पैक्स, मैठाणा, गौणा, पीपलकोटी, छिनका, गोपेश्वर, मुन्दोली, नलधूरा और तुंगेश्वर समितियों को माइक्रो एटीएम मशीनें प्रदान की गईं। मेले के प्रथम दिवस में बड़ी संख्या में किसानों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एक माह के भीतर सभी लैब चालू करने और पुस्तकालयों हेतु तुरंत बजट जारी करने को कहा
देहरादून। पीएमश्री स्कूलों में कम्प्यूटर लैब एवं पुस्तकालयों के स्थापना में तेजी लायी जाए। कम्प्यूटर लैब अगले एक माह में स्थापित की जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएमश्री स्कूलों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पुस्तकालयों के लिए शीघ्र बजट आवंटित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि 32 पीएमश्री स्कूलों में एकीकृत विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना में भी तेजी लायी जाए। जिनका बजट जारी किया जाना है । एक माह के भीतर बजट जारी कराया जाए। उन्होंने टिंकरिंग लैब शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के लिए आईआईटी कानपुर से लगातार संवाद कर निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पीएमश्री स्कूलों में खेल के मैदान उपलब्ध कराए जाने पर भी शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान बताया गया कि प्रदेश में कुल 226 विद्यालयों को पीएमश्री विद्यालयों के रूप में चुना गया है। इसमें 34 प्राथमिक एवं 192 माध्यमिक विद्यालया शामिल हैं। इसके साथ ही 15 और अन्य विद्यालयों को स्वीकृति मिली है। बताया गया कि पीएमश्री के 22 कम्पोनेंट्स में से 16 को 100 प्रतिशत लागू कर लिया गया है। बाकि 6 कम्पोनेंट्स का कार्य विभिन्न चरणों में गतिमान है।
कुंजापुरी मंदिर दर्शन के लिए आए थे यात्री, कई घायल, बचाव कार्य जारी
टिहरी। टिहरी जनपद में कुंजापुरी मंदिर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब गुजरात से आए श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई और राहत-बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया।
एसडीआरएफ को सूचना मिली कि नरेंद्रनगर क्षेत्र के कुंजापुरी–हिंडोलाखाल मार्ग पर एक यात्री बस करीब 70 मीटर गहरी खाई में गिर गई है। बताया गया कि बस में कुल 29 यात्री सवार थे, जो गुजरात से कुंजापुरी दर्शन के लिए पहुंचे थे। सूचना मिलते ही सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर ढालवाला, कोटि कॉलोनी और वाहिनी मुख्यालय से एसडीआरएफ की पाँच टीमें राहत-बचाव कार्य के लिए भेजी गईं।
स्थानीय ग्रामीण भी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस–प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकालने में सहायता करने लगे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने पुष्टि की कि दुर्घटना में अब तक पाँच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
घायल यात्रियों में से तीन को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि चार अन्य का उपचार श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल, नरेंद्रनगर में चल रहा है। शेष 17 यात्रियों को सामान्य चोटें आई हैं और उनकी प्राथमिक चिकित्सा की जा रही है।
भारतीयों के लिए 1000 और विदेशियों के लिए 3000 रुपये रहेगा शुल्क
देहरादून। उत्तराखंड के दो प्रमुख अभयारण्यों—काॅर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व—में अब पर्यटक हाथी पर बैठकर जंगल की रोमांचक सैर का आनंद ले सकेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित इस अनुमति के लिए वन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों रिजर्व के चयनित जोनों में सुबह-शाम हाथी सफारी संचालित की जाएगी।
इन जोनों में मिलेगी हाथी सफारी की सुविधा
जारी आदेश के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व में बिजरानी और ढिकाला क्षेत्र को हाथी सफारी के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला जोन को शामिल किया गया है। सभी स्थानों पर दो-दो घंटे की निर्धारित अवधि में सफारी उपलब्ध रहेगी, जिसका संचालन जिप्सी सफारी के समान समय पर होगा।
भारतीय पर्यटकों के लिए सफारी शुल्क 1000 रुपये, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए 3000 रुपये निर्धारित किया गया है।
राजकीय हाथियों के जरिये चलेगी सफारी
सफारी का संचालन 15 नवंबर से 15 जून तक राजकीय हाथियों के माध्यम से होगा। इसमें आशा, अलबेली, रानी, रंगीली और राधा जैसे प्रशिक्षित हाथी शामिल रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार ये हाथी अनुभवशील हैं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सफारी के लिए चयनित किया गया है।
स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने दी थी मंजूरी
हाथी सफारी प्रस्ताव को इसी वर्ष जून में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में स्वीकृति मिली थी। बोर्ड का उद्देश्य है कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को जंगल, वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक व्यवहार से निकटता से रूबरू होने का मौका मिले। इस पहल से प्रकृति पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी बोले—”उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा”
देहरादून। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ड्यूटी के दौरान भारतीय सेना के जवान अग्निवीर दीपक सिंह शहीद हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भारती की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के इस वीर सपूत का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
