सीएम ने कहा- 25 वर्षों की यह यात्रा केवल विकास की कथा नहीं, बल्कि संघर्ष, संस्कार और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस तथा रजत जयंती वर्ष पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं। सीएम ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा केवल विकास की कथा नहीं, बल्कि संघर्ष, संस्कार और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले पूर्वजों, राज्य आंदोलनकारियों और भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को आज पूरा उत्तराखंड श्रद्धापूर्वक नमन करता है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अटल जी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व ने देवभूमि उत्तराखंड को देश-दुनिया में नई पहचान दी थी। आज वही यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न के साथ निरंतर आगे बढ़ रही है।
सीएम ने कहा कि 25 वर्षों में उत्तराखंड ने संघर्ष से संकल्प और संकल्प से सफलता तक की ऐतिहासिक यात्रा तय की है। डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा और मंदिर पुनर्विकास परियोजनाओं ने धार्मिक पर्यटन को नई पहचान दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे फैसले राज्य में सुशासन और सामाजिक संतुलन को नई मजबूती दे रहे हैं।
धामी ने बताया कि प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए रिकॉर्ड 3.5 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए हैं, जिनमें से 1 लाख करोड़ से अधिक निवेश जमीनी स्तर पर उतर चुका है। वहीं सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स में भी उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की आत्मा उसकी लोक संस्कृति, पर्वों और परंपराओं में बसी है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर राज्य को आत्मनिर्भर, आधुनिक व समृद्ध प्रदेश बनाने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से उत्तराखंड के स्वर्णिम भविष्य निर्माण में योगदान देने की अपील की।
महिलाओं के योगदान को मिला सम्मान
हल्द्वानी। राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर गौलापार स्थित मानसखंड खेल परिसर में शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से “मातृ शक्ति उत्सव:-अमृत काल की नारी शक्ति: जननी भी, जननेता भी” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या थीं।
कार्यक्रम में राज्य स्थापना से लेकर अब तक महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और योगदान को सजीव प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। मंचीय प्रस्तुतियों में उत्तराखंड आंदोलन के दौर की झलक से लेकर आज के विकासशील उत्तराखंड की कहानी में नारी शक्ति की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना में मातृशक्ति ने निर्णायक योगदान दिया था और आज राज्य की प्रगति यात्रा में भी महिलाओं की भूमिका अग्रणी है। उन्होंने कहा कि अब हमारा अगला लक्ष्य 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी सामर्थ्य और समर्पण से योगदान देना है।
रेखा आर्या ने यह भी कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और परिश्रम के दम पर राज्य का मान बढ़ा रही हैं। उन्होंने मातृशक्ति से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री शांति मेहरा, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बी.एल. राणा, दुग्ध संघ लालकुआं अध्यक्ष मुकेश बोरा, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख ओखलकांडा केडी रुपाली, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शांति भट्ट, राशन डीलर्स यूनियन प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी, विभागीय उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी एवं नीतू फुलेरा सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।
रैंप वॉक में दिखा संस्कृति और विकास का संगम
कार्यक्रम में उत्तराखंड की संस्कृति और साथ ही महिलाओं की विकास यात्रा का संगम देखने को मिला। इसमें न सिर्फ उत्तराखंड में परंपरागत रूप से खेती किसानी करने वाली महिलाओं को दर्शाया गया, साथ ही इंजीनियर, डॉक्टर, एयर होस्टेस, खिलाड़ी के रूप में भी प्रतिभागियों ने रैंप वॉक किया। इस प्रस्तुति को दर्शकों की सबसे ज्यादा सराहना मिली।
परिचर्चा में किया विशेषज्ञ महिलाओं ने मंथन
आयोजन में स्वास्थ्य, शिक्षक, सामाजिक कार्य, न्यायपालिका और सोशल मीडिया जैसे अन्य क्षेत्रों में काम कर चुकी महिला विशेषज्ञों की खुले मंच पर परिचर्चा भी आयोजित की गई । इसमें उन सभी ने उत्तराखंड में महिलाओं की विकास यात्रा और भविष्य में उसके समक्ष खडी चुनौतियों पर मंथन किया इससे एक विजन तैयार हुआ कि भविष्य में महिलाओं के लिए प्रदेश में किस तरह के प्रयास किए जाने की जरूरत है।
नृत्य नाटिका ने बटोरी तालियां
कार्यक्रम के दौरान एक नृत्य नाटिका के जरिए मातृ शक्ति के संघर्ष, परिश्रम और साहस को बहुत सुंदर तरीके से चित्रित किया गया । इसमें गौरा देवी के चिपको आंदोलन, राज्य निर्माण आंदोलन में महिलाओं की भूमिका, कमला देवी जैसे कलाकार और एकता बिष्ट जैसी क्रिकेटर, इन सभी का सफर दर्शाया गया। इस प्रस्तुति को दर्शकों ने काफी पसंद किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा—उत्तराखंड राज्य राजनीतिक फैसला नहीं, लाखों बलिदानों का परिणाम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस लाइन में आयोजित राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह में राज्य आंदोलनकारियों और शहीद राज्य आंदोलनकारियों के परिवारजनों को सम्मानित किया। कचहरी परिसर शहीद स्थल और पुलिस लाइन देहरादून में इस अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा भी की गई ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण केवल राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि देवभूमि के लाखों लोगों के बलिदान, संघर्ष और तप का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी और रामपुर तिराहा जैसी दर्दनाक घटनाएं हमारे इतिहास के अमर अध्याय हैं। राज्य निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों को नमन करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती रही है और देती रहेगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के लिए संचालित पेंशन एवं अन्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल सहायता नहीं, बल्कि हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री घोषणा
1.शहीद राज्य आन्दोलनकारियों के नाम पर उनके क्षेत्र की मुख्य अवस्थापना सुविधाओं का नामकरण किया जायेगा।
2 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान 7 दिन जेल गये अथवा राज्य आन्दोलन के दौरान घायल हुये आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 6 हजार रुपए से बढ़ाकर 7 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
3 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान जेल गये या घायल श्रेणी से भिन्न अन्य राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 4500 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए प्रतिमाह की जाएगी।
4 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान विकलांग होकर पूर्णतः शय्याग्रस्त हुए राज्य आन्दोलनकारियों की पेंशन प्रतिमाह 20,000 हजार रूपए से बढ़ाकर 30,000 हजार रुपए की जाएगी और उनकी देखभाल के लिए मेडिकल अटेंडेंड की व्यवस्था भी की जाएगी।
5 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के दौरान शहीद हुये राज्य आन्दोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन प्रतिमाह 3000 रुपए से बढ़ाकर 5500 रुपए की जाएगी।
6 उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों के चिन्हीकरण हेतु वर्ष 2021 तक जिलाधिकारी कार्यालय में प्राप्त लम्बित आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु छः माह का समय विस्तार प्रदान किया जायेगा।
7 समस्त शहीद स्मारकों का सौंदर्यीकरण किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के योगदान को सदैव सम्मानपूर्वक याद रखेगी और उनकी भावना को प्रत्येक नीति एवं निर्णय में स्थान देगी। उन्होंने अपील की कि राज्य स्थापना दिवस पर प्रदेशवासी अपने घरों में पाँच दीपक राज्य आंदोलनकारियों की स्मृति में अवश्य जलाएँ। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य आंदोलन की भावना ही हमारी प्रेरणा है। उन्होंने सभी से इस प्रयास में सहभागिता का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक विनोद चमोली, खजानदास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, उपाध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद सुभाष बड़थ्वाल, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह एवं राज्य आंदोलनकारी मौजूद थे।
सीएम बोले– शहीदों के संघर्ष से साकार हुआ उत्तराखंड का सपना
देहरादून। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन में बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके त्याग, साहस और संघर्ष को नमन किया।

सीएम धामी ने कहा कि जिन आंदोलनकारियों ने राज्य के लिए अपना सब कुछ न्योछावर किया, उन्हीं के बलिदान और संघर्ष की बदौलत उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और राज्य के विकास को नई गति देने का प्रयास जारी है।
हल्द्वानी में आयोजित की गई थी मैराथन दौड़
हल्द्वानी। शनिवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने उत्तराखंड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर इंपीरियम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आंचल मैराथन दौड़ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रतियोगिता का आयोजन नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड द्वारा किया गया था।
मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में रेखा आर्य ने कहा कि मैराथन हमें फिटनेस, लगातार परिश्रम और प्रत्येक परिस्थिति में उम्मीद का दामन थामे रखने की सीख देती है। युवाओं को इन सभी गुणों को अपने अंदर विकसित करना चाहिए, जिससे वह प्रदेश और देश की विकास यात्रा में सहयात्री बन सकें।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खेल के क्षेत्र में प्रदेश को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए युवाओं को कड़ी मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि इस बड़े लक्ष्य की पूर्ति के लिए सरकार हर तरह से खिलाड़ियों को समर्थन दे रही है । उन्होंने कहा कि प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दी जा रही है, साथ ही अन्य सरकारी नौकरियों में भी उन्हें 4% आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है।
मैराथन दौड़ में बालक और बालिका वर्ग में पूजा बिष्ट और नीरज नेगी प्रथम स्थान पर रहे, जबकि मेघा गोस्वामी और तुषार ने दूसरा स्थान हासिल किया । अनु भट्ट और सौरभ रावत तीसरे स्थान पर रहे । इन सभी को मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सम्मानित किया।
इस अवसर पर दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा, पूर्व विधायक नवीन चंद्र दुमका, प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा दीपेंद्र कोश्यारी, मंडल अध्यक्ष पान सिंह मेवाड़ी, गोपाल सिंह गंगोला, लीला बिष्ट, त्रिलोक सिंह, प्रकाश गाजुला, दीपा रैक्वाल, गोविंद मेहता, दीपा बिष्ट, अशोक जोशी सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण उपस्थित रहे।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल तय किए गए
देहरादून। उत्तराखंड राज्य रजत जयंती समारोह के तहत 9 नवंबर को एफआरआई में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। इसे देखते हुए देहरादून पुलिस ने बड़ा ट्रैफिक प्लान जारी कर दिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल तय किए गए हैं।
यह ट्रैफिक प्लान 9 नवंबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक लागू रहेगा। इसके अलावा एफआरआई से आगे टी स्टेट पार्किंग तक शटल सेवा (हरे रंग की इलेक्ट्रिक बसें) चलाई जाएगी, जो कार्यक्रम के बाद लोगों को पार्किंग तक लेकर जाएगी।
शहर में 9 नवंबर को सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक भारी वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने रूट मैप का क्यूआर कोड भी जारी किया है ताकि लोग मोबाइल पर पूरा प्लान देख सकें। साथ ही घंटाघर से प्रेमनगर, बल्लूपुर से कमला पैलेस, सेंट ज्यूड्स चौक और प्रेमनगर से धूलकोट के बीच ट्रैफिक रूटस में बदलाव रहेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एफआरआई के पास ट्रैफिक पुलिस सहायता केंद्र भी स्थापित किया गया है। सड़कों पर ट्रैफिक सहायता टीम तैनात रहेंगी और सीसीटीवी से निगरानी भी की जाएगी।
एफआरआई आने वालों के लिए प्लान और पार्किंग स्थल :
– रुड़की की ओर से आने वाले वाहन आशारोडी, आईएसबीटी, शिमला बाइपास चौक, निरंजनपुर मंडी, कमला पैलेस, बल्लीवाला चौक, अनुराग चौक, शहीद विवेक गुप्ता चौक आएंगे।
पार्किंग स्थल : जोशी फार्म, बसंत विहार
-पौडी, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश, कुमाऊं जनपद से आने वाले वाहन जोगीवाला, रिस्पना पुल, पुरानी बाईपास चौकी, कारगी चौक, आईएसबीटी, निरंजनपुर मंडी, बल्लूपुर चौक, एफआरआई ब्रैडिंस गेट से रांघडवाला तिराहे पर आएंगे।
पार्किंग स्थल : टी स्टेट, मिट्ठी बेरी गांव
– उत्तरकाशी, मसूरी, राजपुर से आने वाले वाहन दिलाराम चौक, घंटाघर, किशननगर चौक, बल्लूपुर चौक, एफआरआई ट्रैवर गेट से रांघडवाला तिराहे पर आएंगे।
पार्किंग स्थल : टी स्टेट, मिट्ठी बेरी गांव
-चकराता, त्यूणी, सेलाकुई, प्रेमनगर से आने वाले वाहन धूलकोट तिराहा, सुद्धोवाला चौक, प्रेमनगर चौक, पंडितवाडी चौकी, रांघडवाला तिराहा, एफआरआई बाबू गेट आएंगे।
पार्किंग स्थल : क्लब ग्राउंड
-रायपुर, मालदेवता, सहस्रधारा से आने वाले वाहन महाराणा प्रताप चौक, छह नंबर पुलिया, फव्वारा चौक, घंटाघर, किशननगर चौक, बल्लुपूर चौक, एफआरआई ब्रेंडिस गेट, रांघडवाला तिराहे पर आएंगे।
पार्किंग स्थल : टी स्टेट, मिट्ठी बेरी गांव
अन्य के लिए ये रहेगा प्लान :
– पांवटा साहिब, विकासनगर, चकराता, सहसपुर से देहरादून शहर, दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, कुमांऊ क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहन धूलकोट तिराहा से नया गांव, बडोवाला, सेंट ज्यूड्स चौक, आईएसबीटी से जा सकेंगे।
– सुद्धोवाला, प्रेमनगर से देहरादून शहर, दिल्ली, हरिद्वार जाने वाले वाहन प्रेमनगर चौक से दरू चौक, मेहूंवाला, शिमला बाईपास चौक, आईएसबीटी जा सकेंगे।
– पंडितवाडी से दून शहर, दिल्ली, हरिद्वार जाने वाले वाहन पंडितवाडी से लवली मार्केट, अनुराग चौक, बल्लीवाला चौक, सहारनपुर चौक, आईएसबीटी, दिल्ली जा सकेंगे।
– मसूरी, राजपुर रोड, ईसी रोड, घंटाघर से पांवटा साहिब, विकासनगर की ओर जाने वाले वाहन घंटाघर से दर्शनलाल चौक, प्रिंस चौक, शिमला बाईपास चौक, मेंहूवाला, नयागांव, प्रेमनगर, विकासनगर जा सकेंगे।
– कैंट रोड, चकराता रोड से पांवटा साहिब, विकासनगर की ओर जाने वाले वाहन बल्लूपुर से बल्लीवाला फ्लाईओवर, कमला पैलेस, सेंट ज्यूड्स चौक, मेंहूवाला से नयागांच, प्रेमनगर, विकासनगर जा सकेंगे।
– आईएसबीटी से दिल्ली, सहारनपुर से पांवटा साहिब, विकासनगर जाने वाले वाहन शिमला बाईपास चौक से सेंट ज्यूड्स चौक, मेंहूवाला, नयागांव, प्रेमनगर और विकासनगर जा सकेंगे।
– पटेलनगर से पांवटा साहिब, विकासनगर की ओर जाने वाले वाहन कमला पैलेस से सेंट ज्यूड्स चौक, मेंहूवाला, नयागांव, प्रेमनगर, विकासनगर जा सकेंगे।
– सहारनपुर रोड, कांवली रोड से पांवटा साहिब, विकासनगर जाने वाले वाहन बल्लीवाला चौक से कमला पैलेस, सेंट ज्यूड्स चौक, मेंहूवाला, नयागांव, प्रेमनगर, विकासनगर जा सकेंगे।
– हरिद्वार, ऋषिकेश, जोगीवाला से पांवटा साहिब, विकासनगर, सहसपुर, सेलाकुई, प्रेमनगर जाने वाले वाहन रिस्पना से आईएसबीटी, सेंट ज्यूड्स चौक, मेंहूवाला, नयागांव, प्रेमनगर, विकासनगर जा सकेंगे।
वीआईपी के लिए ये रहेगा प्लान :
– चकराता, विकासनगर, सहसपुर, आईएसबीटी, जीएमएस रोड से आने वाले अतिथि बल्लूपुर चौक, कौलागढ़ चौक, कौलागढ़ गेट, एफआरआई से पार्किंग स्थल आएंगे।
– मसूरी, राजपुर क्षेत्र से आने वाले अतिथि राजपुर रोड, दिलाराम चौक, हाथीबड़कला, एनेक्सी तिराहा, सीएसडी तिराहा, कैंट चौक, कौलागढ़ चौक, कौलागढ़ गेट, एफआरआई से पार्किंग स्थल आएंगे।
– ऋषिकेश, हरिद्वार से आने वाले अतिथि घंटाघर होते हुए बिंदाल चौक, किशननगर चौक, कौलागढ़ चौक, कौलागढ़ गेट, एफआरआई से पार्किंग स्थल आएंगे।
अटल ने राज्य बनाया, मोदी संवार रहे हैं — धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एफ आर आई पहुंचकर राज्य के रजत उत्सव आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए हर्ष का विषय है कि हम राज्य स्थापना दिवस के रजत वर्ष में प्रवेश करने जा रहे हैं। कहा कि हमारे राज्य को पूर्व प्रधानमंत्री अटल ने बनाया और प्रधानमंत्री मोदी इसको संवार रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि प्रधानमंत्री हमारे राज्य के इस रजत उत्सव में प्रतिभाग करने आ रहे हैं और हमारे राज्य को हमेशा से उनका सानिध्य मिलता रहता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने इन 25 वर्षों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं और 2047 के विकसित भारत निर्माण की दिशा में हमारा राज्य अग्रणीय भूमिका निभाने को तत्पर है। उन्होंने जिला प्रशासन देहरादून, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों को रजत उत्सव की तैयारियों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, खजानदास, सहदेव पुंडीर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्य निर्माण की 25 साल की यात्रा पर बोले CM- संघर्ष से समृद्धि तक पहुंचा उत्तराखंड
देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयन संस्कृति केंद्र, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित हिमालय निनाद उत्सव-2025 में कलाकारों के उत्थान और संस्कृति संरक्षण से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने वृद्ध और अस्वस्थ कलाकारों की मासिक पेंशन ₹3000 से बढ़ाकर ₹6000 करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वे कलाकार और लेखक जिन्होंने अपना जीवन कला व संस्कृति की सेवा में समर्पित किया है, अब सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकेंगे।
उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे स्थानीय कलाकारों को मंच मिलेगा और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग में सूचीबद्ध कलाकारों को अब नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर की तर्ज पर मानदेय दिया जाएगा। साथ ही, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व प्रदर्शन हेतु प्रदेश में एक राज्य स्तरीय तथा दोनों मंडलों में एक-एक मंडल स्तरीय संग्रहालय स्थापित किए जाएंगे।

धामी ने कहा कि “हिमालय निनाद उत्सव” केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि हिमालय की आत्मा, विविध परंपराओं और साझा चेतना का उत्सव है। उन्होंने कहा कि राज्य के 25 वर्ष संघर्ष, विकास और स्वाभिमान की यात्रा के प्रतीक हैं, और यह अवसर आत्ममंथन व नए संकल्प का भी है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद सोनल मानसिंह, नरेश बंसल, परिषद उपाध्यक्ष मधु भट्ट, संस्कृति सचिव युगल किशोर पंत सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
राज्य सरकार “बीज से बाज़ार तक” किसानों की पूरी यात्रा को आसान, सुरक्षित व तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रतिबद्ध- सीएम धामी
ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंतनगर में आयोजित ‘कृषक सम्मेलन’ में कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे किसानों व “लखपति दीदीयों” को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “बीज से बाज़ार तक” किसानों की पूरी यात्रा को आसान, सुरक्षित व तकनीक आधारित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम धामी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और मार्केट कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पॉलीहाउस निर्माण के लिए राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है, जिससे उत्पादन क्षमता के साथ किसानों की आमदनी में और वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसानों की मेहनत और सरकार की नीतिगत दूरदृष्टि का परिणाम है कि उत्तराखंड आज मशरूम उत्पादन में देश में पांचवें और शहद उत्पादन में आठवें स्थान पर पहुंच चुका है।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।
चंपावत भाजपा कार्यालय में गिनाई 25 साल की उपलब्धियां
युवा और महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
चंपावत। 2047 के विकसित भारत में उत्तराखंड की भूमिका सबसे अहम रहेगी इसके लिए हम सभी प्रदेशवासियों को अभी से तैयार होना होगा। यह बात कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को चंपावत भाजपा कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। चंपावत जनपद में भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उत्तराखंड द्वारा पिछले 25 साल में हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों पर व्यापक चर्चा हुई।
मुख्य वक्ता कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में सबसे बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और वह दिन दूर नहीं जब ये राज्य आर्थिक एवं सामाजिक संकेतकों में देश का अग्रणी बन जाएगा।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता लागू कर अन्य राज्यों के लिए मिसाल कायम की है। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किए गए कदम अनुकरणीय हैं।
उन्होंने 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी बल दिया। इस अवसर पर मंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जो भी जिम्मेदारी मिली है, उसका ईमानदारी से पालन करते हुए देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा सहयोग दें।
इस अवसर पर चंपावत भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष गोविंद सावंत, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोरा, पूर्व जिला अध्यक्ष हिमेश, सतीश पांडे, शंकर पांडे, सुभाष बगोली, मुकेश कलखुड़िया, व्यापार संघ अध्यक्ष विकास शाह, सोहन सिंह जीना विश्वविद्यालय के छात्र अध्यक्ष विकास चौधरी, गोविंद प्रसाद, गौरव पांडे सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
