दूसरा गंभीर रूप से घायल
देहरादून। मसूरी-देहरादून हाईवे पर कोल्हुखेत के पास गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। पेंट-पुताई के काम से मसूरी जा रहे दो लोगों की बाइक अचानक अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल होकर खाई की ढलान पर फंस गया। पुलिस और SDRF ने मौके पर रेस्क्यू कर घायल को अस्पताल पहुंचाया।
सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम को खाई में बाइक (प्लैटिना – UK07AB-7926) गिरी मिली। SDRF टीम ने रस्सियों की मदद से नीचे उतरकर घायलों को खोजा। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम सबसे पहले पहाड़ी पर अटके घायल को सुरक्षित बाहर लेकर आई और उसे एम्बुलेंस से अस्पताल रवाना किया।
मृतक की पहचान असवाक अहमद (40) पुत्र फ़ारूक अहमद, निवासी रायपुर अधोईवाला के रूप में हुई है। वहीं गंभीर घायल फैजान अहमद (14) पुत्र असवाक अहमद को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
इस साल राज्य में धान की हुई है बंपर पैदावार
देहरादून। उत्तराखंड में इस वर्ष धान की बंपर पैदावार को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर धान खरीद का मौजूदा लक्ष्य 7.50 लाख मीट्रिक टन से और बढ़ाने की मांग की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राज्य में अब तक 4.99 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद पूरी हो चुकी है और लगभग 2.70 लाख किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ ले चुके हैं। राज्य भर में 750 खरीद केंद्रों पर किसानों से धान खरीदी जा रही है।
रेखा आर्य ने बताया कि उधम सिंह नगर में इस साल प्रति हेक्टेयर धान की पैदावार स्थापित मानक के मुकाबले काफी ज्यादा रही है और इस बारे में वहां के जिलाधिकारी ने विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया था। इसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों को कैबिनेट मंत्री ने निर्देशित किया था कि केंद्र सरकार से संपर्क कर लक्ष्य को बढ़ाने की कोशिश की जाए।
इसके बाद खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव एवं फैनई ने केंद्र सरकार में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर राज्य का धान खरीद लक्ष्य 2 लाख मैट्रिक टन और बढ़ाने की मांग की है।
सभी संतों एवं धर्माचार्यों ने उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के लिए दीं शुभकामनाएं
कुंभ 2027 को विश्वस्तरीय बनाने के लिए संतों ने दिया आशीर्वाद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासकीय आवास पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज सहित देश के कई प्रतिष्ठित संतों और धार्मिक गुरुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष स्वामी रविन्द्रपुरी महाराज, बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश) के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, पतंजलि योगपीठ के आचार्य बालकृष्ण, कवि व वक्ता डॉ. कुमार विश्वास और प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी भी मौजूद रहे।
सभी संतों एवं धर्माचार्यों ने उत्तराखंड राज्य स्थापना रजत जयंती वर्ष के लिए शुभकामनाएं दीं और राज्य में धर्म, संस्कृति और सनातन परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना भी की। मुख्यमंत्री धामी ने संत समाज के आशीर्वाद व मार्गदर्शन को राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
संत समाज ने 2027 में होने वाले हरिद्वार कुंभ को दिव्य, भव्य और विश्व-स्तरीय आयोजन बनाने के लिए आशीर्वाद दिया और तैयारियों को लेकर सरकार की दिशा व नीतियों की प्रशंसा की।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार धर्म, संस्कृति और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि देवभूमि उत्तराखंड सदैव अध्यात्म, आस्था और धार्मिक विरासत का केंद्र बना रहे।
वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन के सम्मान में 50 लाख की राशि देने का किया ऐलान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर स्नेह राणा से फ़ोन पर बातचीत कर आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में उनके शानदार प्रदर्शन पर बधाई दी। मुख्यमंत्री ने स्नेह राणा के खेल कौशल की सराहना करते हुए उनके लिए 50 लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा भी की है।
सीएम धामी ने कहा कि स्नेह राणा ने कड़े परिश्रम, समर्पण और निरंतर संघर्ष की बदौलत ये बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनके प्रदर्शन से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को भी बड़ी प्रेरणा मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने और खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है।
चार दिवसीय राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का किया उद्घाटन
12 जनपदों समेत कुल 16 टीम कर रही है शिरकत
देहरादून। राज्य स्थापना के रजत जयंती के उपलक्ष में बुधवार से देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में राज्य स्तरीय अंडर 17 बालक वर्ग की फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू हुई। प्रतियोगिता में 12 जनपदों दो स्पोर्ट्स कॉलेज और दो हॉस्टल की टीम हिस्सा ले रही है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि दुनिया मे उत्तराखंड की पहचान यहां के धार्मिक स्थलों की वजह से रही है लेकिन खिलाड़ियों को ऐसा प्रदर्शन करना होगा कि वह उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर के रूप में पहचाने जाएं। उन्होंने कहा कि देवभूमि को खेल भूमि बनाने के लिए राज्य सरकार पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नौकरी, सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण और अधिकतम नगद इनाम धनराशि दे रही है।
खेल मंत्री ने कहा कि खेल के क्षेत्र में आने वाले युवाओं के कैरियर और भविष्य की चिंता अब सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने उद्घाटन मैच में पास का सिक्का उछाला और किक लगाकर टूर्नामेंट की शुरुआत की। पहले दिन प्रतियोगिता में कुल 6 मुकाबले खेले गए। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी रविंद्र भंडारी, फुटबॉलर राजेंद्र सिंह रावत, खेल प्रशिक्षक व अन्य लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा- लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव एक नई सृजन-यात्रा का आरंभ है
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को लेखक गांव, थानों में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव-2025 के समापन सत्र में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने लेखक गांव स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति की कामना की।
मुख्यमंत्री ने राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष पर सभी राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि लेखक गांव की परिकल्पना उन विचारों का प्रतीक है, जो समाज को दिशा देते हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए भविष्य का निर्माण करना सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि लेखक गांव में आयोजित यह महोत्सव एक नई सृजन-यात्रा का आरंभ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है तथा विभिन्न भाषाओं में ग्रंथ प्रकाशन हेतु वित्तीय सहायता भी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य के उत्कृष्ट साहित्यकारों को साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है, जिसमें पाँच लाख रुपये तक की धनराशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य के प्रति आकर्षित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएँ और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड को देश का सर्वोत्तम राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि साहित्यकारों, कलाकारों, विद्वानों और संस्कृति साधकों के सहयोग से यह लक्ष्य अवश्य प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रजत जयंती वर्ष पर विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित किया है और आगामी 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश में लेखक गांव स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने के साथ विश्व के साहित्यिक मानचित्र पर राज्य को नई पहचान दिला रहा है। आने वाले समय में लेखक गांव भारत की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ने का कार्य करेगा।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पूर्व रक्षा सचिव डॉ. योगेन्द्र नारायण, लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) अनिल कुमार भट्ट, पद्मश्री डॉ. हरमोहिन्दर सिंह बेदी, विदुषी निशंक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्तुत की सात विभागों की उपलब्धियां
2047 तक समाज में लैंगिक भेदभाव शून्य करने पर दिया जोर
उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने का संकल्प लिया
खेल जगत में उत्तराखंड को दिलाएंगे वैश्विक पहचान
देहरादून। उत्तराखंड और देश को विकसित बनाने में युवाओं और महिलाओं का सबसे बड़ा योगदान रहेगा, इसलिए उनका सशक्तिकरण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र में यह बात कही। उन्होंने कुल सात विभागों की उपलब्धियां सदन के समक्ष रखी और 2047 में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में राज्य किन लक्ष्यों को लेकर चल रहा है इस पर भी चर्चा की।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य स्थापना के समय प्रदेश में कुल 4243 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित थे । 25 साल में इनकी संख्या बढ़कर 20067 हो गई है, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदेश की महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिका के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी साल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाओं की भर्ती में लगभग 7000 नियुक्तियां की गई है और यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही। उन्होंने कहा कि लैंगिक अनुपात के मामले में प्रदेश में 25 साल में बड़ी प्रगति की है। 2001 में लैंगिक अनुपात 1000 के सापेक्ष 962 था जो बढ़कर अब 984 तक पहुंच गया है। रेखा आर्या ने बताया कि कोविड से प्रभावित कुल 6544 बच्चों को राज्य सरकार ₹3000 प्रति माह आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण देकर और समान नागरिक संहिता लागू करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2047 के विजन के तहत उनका विभाग समाज में लैंगिक असमानता को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियां बताते हुए उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर राज्य गठन के समय 52 प्रति 1000 लाइव बर्थ थी जो कि अब 20 प्रति 1000 रह गई है । इसमें कुल 61% की कमी लाई गई है। राज्य गठन के समय मातृ मृत्यु दर 450 प्रति लाख लाइव बर्थ थी जो अब 91 प्रति लाख लाइव बर्थ हो गई है । यानी इसमें लगभग 80% की गिरावट आई है । संस्थागत प्रसव राज्य गठन के समय 21% था जो आज 83.2% है।
स्वास्थ्य विभाग में आधारभूत संस्थागत संरचना के अंतर्गत 40 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राज्य गठन के समय 134 थे जिनकी संख्या अब 577 हो चुकी है। वर्तमान में राज्य में कुल पांच मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो चुकी है जिसमें 625 एमबीबीएस सीट और 239 पीजी सीट की क्षमता है। इसके अलावा पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में दो मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है । उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में कुल 12 राजकीय नर्सिंग कॉलेज संचालित किया जा रहे हैं और 82 निजी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना हो चुकी है । चार राजकीय पैरामेडिकल कॉलेज और 80 निजी पैरामेडिकल कॉलेज में 13332 युवा अध्ययन कर रही हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2000 में चिकित्सा संवर्ग में कुल 1621 पद स्वीकृत थे वर्तमान में इन पदों की संख्या 2885 हो चुकी है। इसके साथ ही वर्तमान में राज्य में 2718 स्टाफ नर्स, 20490 एएनएम और 12018 आशा कार्यकत्रियां कार्यरत है।
समाज कल्याण विभाग के बारे में कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्ष 2000 में समाज कल्याण द्वारा दी जाने वाली पेंशन राशि 125 प्रति माह थी जिसे बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद तीलू रौतेली, बौना, किसान एवं परित्यकता पेंशन जैसी नई योजनाएं शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय राज्य में पेंशनरों की संख्या 1,20,000 थी जो वर्तमान में बढ़कर 9,38,000 हो गई है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद खेल विभाग का बजट एक करोड रुपए से बढ़कर वर्तमान में 275 करोड रुपए से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम, 17 अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंदौर कीड़ा हाल, 6 स्विमिंग पूल, 31 इंडोर हाल, 28 आउटडोर स्टेडियम, तीन स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने के लिए खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है और 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक हासिल करने वाले विजेताओं को दोगुनी इनाम राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न जॉब और सरकारी नौकरियों में 4% आरक्षण भी दिया जा रहा है। प्रतिभावान बच्चों को कुशल खिलाड़ी के रूप में विकसित करने की दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से हजारों बच्चों को प्रति माह खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय सिर्फ 150 पीआरडी स्वयंसेवकों को रोजगार उपलब्ध होता था वर्तमान में 8000 से ज्यादा स्वयंसेवक विभिन्न ड्यूटी पर तैनात है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अक्टूबर 2015 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया है ।जिसके अंतर्गत ग्रामीण आबादी का 75% और शहरी आबादी का 50% शामिल है। राशन वितरण प्रणाली को दुकानों के डिजिटलीकरण के माध्यम से और ईपीओएस मशीनों के जरिए सुगम और प्रभावी बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अंत्योदय निशुल्क गैस रिफिल योजना के तहत 1.84 लाख राशन कार्ड धारकों को वर्ष में तीन गैस रिफिल निशुल्क वितरित की जा रही है।
खरीफ फसलों की खरीद पर प्रश्नों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि भारत सरकार से इस वर्ष उत्तराखंड को 7.50 लाख मैट्रिक धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। जिसमें से 3 नवंबर तक 5.15 लाख मैट्रिक टन धान खरीद की जा चुकी है। इस प्रकार 3 नवंबर तक लक्ष्य का लगभग 70% धान खरीद की जा चुकी है। इसके सापेक्ष 1131.30 करोड़ का भुगतान प्रक्रियाधीन है जबकि 755 करोड़ रुपए (लगभग 62%) का भुगतान किया जा चुका है।
आवास विभाग की उपलब्धियां पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 15960 आवास स्वीकृत किए गए हैं जिनमें से विकास प्राधिकरण के माध्यम से 314 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।
नर्व सिस्टम फेल, डॉक्टरों की तमाम कोशिशें रही बेअसर
लोको पायलट पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में केस दर्ज
गूलरभोज। चार दिन की जद्दोजहद के बाद उस घायल हाथी ने आखिरकार दम तोड़ दिया, जो रेलगाड़ी से टकराने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया था। डॉक्टरों के अनुसार लगातार इलाज चलने के बावजूद उसका नर्व सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया था, जिससे पिछला हिस्सा सुन्न हो गया और हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
दुर्घटना शुक्रवार रात गूलरभोज-लालकुआं रेलवे लाइन पर हुई थी। स्पेशल ओएमएस (ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम) ट्रेन हाथी से टकरा गई, जिसके बाद वह पानी भरे गढ्ढे में गिर पड़ा। करीब 15 घंटे तक वह वहीं पड़ा रहा। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने रेस्क्यू कर उसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला। पैरों में गहरी चोट, टूटे दांत और अंदरूनी जख्म ने उसकी स्थिति और खराब कर दी थी।
चार दिन तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा लगातार इलाज किया गया। उसे लेजर थेरेपी, इंजेक्शन और ड्रिप दी गई। एक्स-रे में हड्डी टूटने के स्पष्ट संकेत तो नहीं मिले, लेकिन नर्व सिस्टम डैमेज होने की वजह से वह भोजन भी नहीं ले पा रहा था। सिर्फ फ्लूड थेरेपी के सहारे उसे बचाने की कोशिश जारी थी। लेकिन मंगलवार को उसकी सांसें थम गईं।
डॉ. ललित (एसओएस वाइल्ड लाइफ, मथुरा) और डॉ. राहुल सती की टीम ने पोस्टमार्टम कर उसे जंगल में अंतिम विदाई दी। जिसे वन विभाग “जंगल का प्रहरी” कहता था, वह अब उसी धरती में सदा के लिए समा गया।
जांच और कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।
डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग यूसी तिवारी ने बताया कि लोको पायलट के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
आढ़त बाजार से तहसील चौक तक चौड़ीकरण परियोजना को मिली गति, एमडीडीए ने शुरू की रजिस्ट्री प्रक्रिया
सड़क चौड़ीकरण से जुड़ी परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री हेतु मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा और संयुक्त सचिव गौरव चटवाल अधिकृत
देहरादून। मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना को साकार करने पर जुटा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) शहर के यातायात दबाव को कम करने और सड़क ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। आढ़त बाजार से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत प्रभावित परिसम्पत्तियों के सापेक्ष प्रतिकर वितरण एवं भूखंड आवंटन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। रजिस्ट्री के कार्य निष्पादन हेतु मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा व संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को अधिकृत किया गया है। प्रति प्रभावित परिसम्पति की रजिस्ट्री व प्रप्तिकर का कार्य एक साथ प्रारम्भ कर दिया गया है।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह परियोजना देहरादून के केंद्रीय क्षेत्र में यातायात सुगमता के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रभावित संपत्तियों के स्वामियों को उचित प्रतिकर एवं वैकल्पिक भूखंड प्रदान करने की दिशा में पारदर्शी और व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नागरिकों के सहयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और एमडीडीए सभी प्रभावितों के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने जानकारी दी कि सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिसम्पत्तियों की रजिस्ट्री लोक निर्माण विभाग (प्रान्तीय खंड), देहरादून के पक्ष में प्रारंभ हो चुकी है। सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक के क्षेत्र में बायीं ओर की संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा को अधिकृत किया गया है, वहीं दायीं ओर की संपत्तियों के लिए संयुक्त सचिव गौरव चटवाल को नामित किया गया है। रजिस्ट्री विलेखों को उपनिबंधन कार्यालय, देहरादून में प्रस्तुत करने हेतु लिपिक धन सिंह चौहान और दिव्यान्श श्रीवास्तव को प्रस्तुतकर्ता के रूप में अधिकृत किया गया है।
यह परियोजना देहरादून शहर के यातायात प्रबंधन और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ नागरिकों की सुविधा, सुरक्षा और शहर के सतत विकास के सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा जाए। आने वाले समय में इस परियोजना के पूर्ण होने से शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
एफआरआई परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा
देहरादून। राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती महोत्सव पर प्रधानमंत्री के एफआरआई परिसर में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल आज तड़के सुबह 5:30 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
मुख्यमंत्री द्वारा कार्यक्रम को भव्य रूप से आयोजित करने और स्थल पर 24×7 कार्यों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देशों के क्रम में डीएम ने एफआरआई परिसर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
