देहरादून। भारतीय नौसेना के प्रतिष्ठित संस्थान नेशनल हाइड्रोग्राफिक ऑफिस (NHO) में इस वर्ष नौसेना दिवस 2025 विविध कार्यक्रमों के साथ अत्यंत गरिमामय वातावरण में मनाया गया। वर्ष 1954 में देहरादून में स्थापित यह कार्यालय भारतीय नौसेना का प्रमुख केंद्र है, जहाँ से इलेक्ट्रॉनिक नेविगेशन चार्ट, पेपर चार्ट और समुद्री जहाजों के लिए आवश्यक सभी नौवहन प्रकाशनों का निर्माण होता है। वर्तमान में इसका नेतृत्व चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, एवीएसएम, मुख्य हाइड्रोग्राफर, भारत सरकार, कर रहे हैं। हर वर्ष 4 दिसंबर को भारतीय नौसेना 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की ऐतिहासिक विजय की स्मृति में नौसेना दिवस मनाती है। इस वर्ष का थीम— “Combat Ready, Cohesive, Atmanirbhar – Safeguarding Seas for a Viksit Samriddha Bharat”—नौसेना की तैयारी, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को रेखांकित करता है।
नौसेना दिवस 2025 की श्रृंखला में 2 दिसंबर को देहरादून के विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने एनएचओ का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और हाइड्रोग्राफी के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। 3 दिसंबर को ‘संबंध’ कार्यक्रम के तहत बड़ी संख्या में वेटरन्स ने मुख्य हाइड्रोग्राफर और स्टाफ से मुलाक़ात की। 4 दिसंबर को ‘स्मृति स्थल’ पर शहीदों के सम्मान में भावपूर्ण पुष्पांजलि अर्पित की गई।

राज्यपाल ने किया डॉक्यूमेंट्री का विमोचन, नौसेना की भूमिका की सराहना
कार्यक्रम के मुख्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने राजपुर रोड स्थित एनएचओ पहुँचकर नौसेना दिवस समारोह में भाग लिया। राज्यपाल ने भारतीय नौसैनिक हाइड्रोग्राफिक विभाग पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया, जिसका उद्देश्य आमजन को नौसेना की तकनीकी दक्षता और हाइड्रोग्राफी के महत्व से अवगत कराना है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने सेवारत एवं सेवानिवृत्त नौसैनिकों से मुलाक़ात कर उन्हें नौसेना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने वीर शहीदों और वेटरन्स को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस, समर्पण और बेजोड़ नेतृत्व ने भारत के समुद्री हितों और सुरक्षा को हमेशा मजबूत आधार दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय नौसेना ने आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपनी क्षमताओं को आधुनिक तकनीकों के साथ लगातार सुदृढ़ किया है। उन्होंने एआई, स्वायत्त प्रणालियों, उपग्रह दूरसंवेदन और अत्याधुनिक समुद्री सर्वेक्षण तकनीकों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनएचओ द्वारा इन तकनीकों को अपनाने से भारतीय नौसेना समुद्री शक्ति के क्षेत्र में अग्रणी बनी हुई है।

राज्यपाल ने एनएचओ की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्यालय भारतीय नौसेना का एक अहम अंग है, जो समुद्रों और जलमार्गों का सटीक मानचित्रण कर तटरक्षक बल, युद्धपोतों, पनडुब्बियों, बंदरगाह विकास तथा ब्लू इकॉनमी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराता है।
मुख्य समारोह में चीफ हाइड्रोग्राफर वाइस एडमिरल लोचन सिंह पठानिया, ज्वाइंट चीफ हाइड्रोग्राफर रियर एडमिरल पीयूष पावसी सहित बड़ी संख्या में सेवारत और भूतपूर्व नौसेना अधिकारी उपस्थित रहे।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने शेर सिंह कार्की मेमोरियल खेल प्रतियोगिता का किया शुभारंभ
पिथौरागढ़। शुक्रवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने पिथौरागढ़ के मुवानी में शेर सिंह कार्की मेमोरियल खेल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में जनपद के सभी हिस्सों से ग्रामीण अंचल की टीमें हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के दूर दराज के क्षेत्र में भी अब खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य यह है कि उत्तराखंड के हर गांव से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के चैंपियन निकलें, तभी उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने का हमारा सपना साकार हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने बहुत सारे ऐसे कदम उठाए हैं जिनसे खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा और हमारे युवा खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित होंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या कहा कि एथलेटिक्स में ज्यादातर चैंपियन ग्रामीण अंचल से ही निकलते हैं और यह प्रतियोगिता भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
खेल मंत्री ने कहा कि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिली है और सरकार यह प्रयास करेगी की मेजबानी में देवभूमि उत्तराखंड की भी कुछ ना कुछ भागीदारी जरूर रहे। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, विद्यालय प्रबंधक रणजीत सिंह, सुरेश सुयाल, धीरज सिंह बिष्ट, पूर्ण चंद्र जोशी, मुकुल कांडपाल, उप जिलाधिकारी खुशबू, कुंदन सिंह पुजारा आदि उपस्थित रहे।
खेल मैदान का निरीक्षण किया
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने निर्माणाधीन खेल मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से कहा कि पूर्ण गुणवत्ता के साथ निश्चित समय अवधि में इस खेल मैदान को तैयार करें। यह काम इस वर्ष के अंत तक पूरा हो जाना चाहिए। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को निखार कर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में यह खेल मैदान बड़ी भूमिका निभाएंगे।
नए विषयों से बढ़ेगा युवाओं का दायरा, मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवाएँ, पैरामेडिकल तथा Allied Health शिक्षा में आएगी एकरूपता, पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी सरल और पारदर्शी
हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड गुणवत्ता–आधारित स्वास्थ्य शिक्षा और हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल बनकर उभरे- डॉ. आर. राजेश कुमार
देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य शिक्षा को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधुनिक, पारदर्शी और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों और दूरदर्शी नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग अधिनियम–2021 (National Commission for Allied and Healthcare Professions Act – 2021) के तहत उत्तराखंड राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद के गठन की प्रक्रिया को तेजी देने हेतु सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की।
बैठक की शुरुआत में स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय और आपदा–संवेदनशील राज्य में आधुनिक, प्रशिक्षित और प्रमाणित allied health workforce का विकास अत्यंत आवश्यक है। परिषद के गठन से न केवल शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि देशभर में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभाएगा।
परिषद गठन पर विस्तृत चर्चा, चयन समिति के गठन का निर्णय
बैठक में परिषद के गठन, उसकी संरचना, भविष्य की आवश्यकताओं और कार्य प्रणालियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। यह तय किया गया कि परिषद के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए “तलाश–सह–चयन समिति” बनाई जाएगी, जो निर्धारित योग्यताओं और अनुभवों के आधार पर नामों का चयन करेगी। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिषद के सुचारू संचालन के लिए प्रारंभिक बजट, कार्यालय संरचना, तकनीकी सहायता और मानव संसाधन की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए, ताकि परिषद अपने दायित्वों का निर्वहन शीघ्र आरंभ कर सके।
वर्तमान में राज्य में पैरामेडिकल शिक्षा उत्तराखंड पैरामेडिकल अधिनियम–2009 और स्टेट मेडिकल फैकल्टी के माध्यम से संचालित होती है। यहाँ स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 22 विषयों के पाठ्यक्रम चल रहे हैं। राष्ट्रीय अधिनियम लागू होने के बाद इन सभी पाठ्यक्रमों को और अधिक मानकीकृत, रोजगारोन्मुख, और कौशल आधारित बनाया जाएगा। नए अधिनियम में कुल 10 श्रेणियों में 56 प्रकार की स्वास्थ्य सेवाओं को मान्यता दी गई है। इससे विद्यार्थियों को न सिर्फ व्यापक करियर अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग्यता को उच्च पहचान मिलेगी।
मजबूत होगी स्वास्थ्य सेवाएँ
बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि अधिनियम के तहत कई नए और महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे—
पोषण विज्ञान, स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन, क्लिनिकल साइकोलॉजी, डायलिसिस तकनीशियन, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन, आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन आदि।
इन विषयों के शामिल होने से राज्य के युवाओं को विस्तृत करियर विकल्प, निजी और सरकारी क्षेत्र में बेहतर प्लेसमेंट, तथा शोध और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं में अवसर मिलेंगे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम उत्तराखंड को स्वास्थ्य शिक्षा और allied health services के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करेगा और भविष्य में राज्य एक “हेल्थ एजुकेशन हब” के रूप में स्थापित होगा।
उत्तराखंड सरकार स्वास्थ्य शिक्षा को सुदृढ़, सुगठित और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख परिषद का गठन हमारे लिए परिवर्तनकारी कदम साबित होगा। इससे पैरामेडिकल तथा allied health शिक्षा में एकरूपता आएगी, पाठ्यक्रमों का मानकीकरण होगा और पंजीकरण एवं लाइसेंसिंग प्रक्रिया बेहद सरल और पारदर्शी बनेगी। नए अधिनियम के तहत कई उभरते विषय और विशेषज्ञताएँ शामिल होंगी, जिससे युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड गुणवत्ता–आधारित स्वास्थ्य शिक्षा और हेल्थकेयर स्किल डेवलपमेंट का मॉडल राज्य बनकर उभरे।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार
न्यायालय ने विवादित प्रश्न हटाकर संशोधित परिणाम व नई मेरिट सूची जारी करने का दिया आदेश
नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा–2025 की प्रस्तावित मुख्य परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी है। छह और नौ दिसंबर को होने वाली यह परीक्षा, प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए गलत प्रश्नों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद स्थगित की गई है। अदालत ने लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि वह विवादित प्रश्न को हटाकर संशोधित परिणाम और नई मेरिट सूची जारी करे।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न गलत पाया गया है, इसलिए इसे प्रीलिम्स से हटाकर परिणाम दोबारा जारी किया जाए। न्यायालय ने आयोग को यह भी निर्देश दिया कि वर्ष 2022 के रेगुलेशन के अनुसार नई मेरिट सूची तैयार की जाए।
याचिका कुलदीप कुमार सहित अनेक अभ्यर्थियों द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नों की शुद्धता पर सवाल उठाए थे। यह परीक्षा डिप्टी कलेक्टर, पुलिस उपाधीक्षक, वित्त अधिकारी, सहायक आयुक्त राज्य कर सहित 120 से अधिक पदों के लिए आयोजित की गई थी। आठ अक्टूबर को जारी परिणाम में लगभग 1200 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था।
याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन का एक प्रश्न गलत तरीके से तैयार किया गया था, जिससे परीक्षा परिणाम प्रभावित हुआ। इसी बिंदु पर लोक सेवा आयोग ने भी न्यायालय में स्वीकार किया कि एक प्रश्न त्रुटिपूर्ण था और उसे हटाया जाना चाहिए। कोर्ट ने इस आधार पर मुख्य परीक्षा पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब संशोधित प्रीलिम्स परिणाम और मेरिट सूची जारी होने के बाद आगे की परीक्षा प्रक्रिया तय की जाएगी।
विवादित प्रश्नों पर हाईकोर्ट का निर्देश
याचिकाकर्ताओं ने कुल चार प्रश्नों को गलत बताया था। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रश्न संख्या 70 को सीधे हटाया जाए, जबकि अन्य तीन प्रश्नों की जांच एक विशेषज्ञ समिति (एक्सपर्ट कमेटी) द्वारा की जाएगी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक विवादित प्रश्नों की जांच पूरी नहीं होती और मेरिट सूची शुद्ध तरीके से दोबारा तय नहीं की जाती, तब तक मुख्य परीक्षा आयोजित करना उचित नहीं होगा।
चंपावत के शेरा घाट में हुई जीप दुर्घटनाग्रस्त, पांच लोग घायल
चंपावत। गंगोलीहाट क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें बारातियों से भरी जीप के खाई में गिरने से एक महिला समेत पांच लोगों की मौत हो गई। वहीं पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा शेरा घाट के पास लगभग ढाई बजे हुआ, जब पाटी चंपावत से लौट रही बाराती जीप अचानक अनियंत्रित होकर नीचे जा गिरी।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस व प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत–बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों में चार को लोहाघाट अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक की गंभीर हालत देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विभागीय नियमावली के तहत ही होगी नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती को लेकर विपक्ष प्रदेश के युवाओं को गुमराह कर रहा है। जबकि उक्त विभागों में नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमवाली, 2022 में निहित प्राविधानों के अनुरूप राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से की जा रही है।
विपक्षी दलों द्वारा लगाये गये आरोपों पर पलटवार करते हुये सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत कहा कि विपक्षी दलों ने हमेशा प्रदेश के युवाओं को बरगलाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की रोजगारपरक नीतियों से विपक्षी दल परेशान हैं, जिसके चलते वह अब युवाओं को गुमराह करने में जुटे हैं। डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के बेराजगार युवाओं को सरकारी नौकरियों में लगातार अवसर दे रही है। जिसे क्रम में स्वास्थ्य विभाग में 103 तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग में 587 पदों पर राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती निकाली गई है। उन्होंने कहा कि नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती उत्तराखंड अधीनस्थ नर्सिंग (अराजपत्रित) सेवा (संशोधन) नियमवाली, 2022 में निहित प्राविधानों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से की जायेगी। पूर्व में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों में की गई नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के लिये राज्य सरकार ने तत्कालीन आवश्यकताओं व लंबे समय से विभाग में भर्ती न होने उपजी परिस्थितियों तथा युवाओं की मांग पर लिखित परीक्षा में छूट के लिये एकबार शिथिलता प्रदान की गई थी। जिसके तहत लिखित परीक्षा के स्थान पर वर्षवार मेरिट के आधार पर पारदर्शिता से भर्ती की गई। जिसमें प्रदेश के युवाओं का चयन हुआ था न कि बाहरी राज्यों के व्यक्तियों का।डॉ रावत ने बताया कि यह प्रक्रिया सिर्फ एक बार के लिये की गई। जबकि अब आगे की नर्सिंग भर्ती परीक्षा पूर्व की भांति नियमावली के अनुरूप आयोजित की जायेगी। उन्होंने बताया कि युवाओं की मांग पर ही चयन बोर्ड को नई भर्ती का अधियाचन भेजा गया है।
विरोध की बजाय अपने कार्यकाल की उपलब्धि गिनायें विपक्ष- डॉ. रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के उस बयान को निराशा एवं हताशा का द्योतक बताया जिसमें वह नर्सिंग अधिकारी भर्ती को लेकर सरकार पर बिना जानकारी के मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं के पास जनता के सामने अपनी उपलब्धि गिनाने के लिये कुछ भी नहीं है लिहाजा विपक्ष सरकार की उपब्धियों से बौखलाकर युवाओं के साथ ही आम जनता को भी गुमराह कर सत्ता पर काबिज होना चाहती है। डॉ. रावत ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कोई भी राजनैतिक दल बिना अपनी किसी उपलब्धि के सत्तापक्ष की आलोचना करके अपने मकसद में कामयाब नहीं हुआ है। उन्होंने विपक्षी दलों को ललकारते हुये कहा कि अगर वह सही मायने में उत्तराखंड की जनता के हितैषी हैं तो पृथक राज्य गठन के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा किये गये कार्यों को जनता के समक्ष रख कर स्वस्थ राजनीति का उदाहरण पेश करें। डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश की जनता काफी समझदार और शिक्षित है जो भती-भांति जानती है कि कौन राजनीतिक दल उनका हितैषी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार के जनकल्याणकारी नितियों व विकास कार्यों से घबरा गया है ऐसे में झूटे आरोप लगाना विपक्ष की नियति बन गई है।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों के खिलाफ चलाया जा रहा सख्त अभियान लगातार जारी है। राजधानी के विकास को व्यवस्थित, सुरक्षित और नियमानुसार बनाए रखने के उद्देश्य से एमडीडीए रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और कार्रवाई कर रहा है। अवैध कॉलोनाइज़र और नियमों को दरकिनार कर भूमि का दुरुपयोग कर रहे व्यक्तियों पर कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध और असंगठित विकास न बढ़ सके। एमडीडीए का यह अभियान न केवल शहर के सुनियोजित विकास को दिशा दे रहा है, बल्कि आम नागरिकों के हितों और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रहा है।
विकासनगर, शिमला बाईपास सहित कई क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विकसित नगर, शिमला बाईपास और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की टीम ने कार्रवाई जारी रखी। होरोवाला रोड, छरबा, देहरादून में मदन सिंह नेगी द्वारा लगभग 04-05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण किया गया। टीम में अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइज़र तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे।
शेरपुर सेलाकुई में 20 बीघा प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण
बीते दिन बुधवार को प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत शेरपुर सेलाकुई, देहरादून में की जा रही बड़ी अवैध प्लॉटिंग पर भी निर्णायक कार्रवाई हुई। नवीन गुप्ता व अन्य द्वारा लगभग 20 बीघा भूमि में की गई अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता नितेश राणा और सुपरवाइज़र मौके पर उपस्थित रहे तथा संपूर्ण कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान- एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून और आसपास के क्षेत्रों को नियोजित तरीके से विकसित करना है। अवैध प्लॉटिंग और निर्माण न केवल शहर के स्वरूप को बिगाड़ते हैं, बल्कि नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर समस्याएँ भी पैदा करते हैं, जैसे मूलभूत सुविधाओं का अभाव, सड़क, बिजली, सीवर और जलापूर्ति की दिक्कतें। इसलिए प्राधिकरण द्वारा किसी भी प्रकार के अनधिकृत विकास को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चाहे मामला छोटा हो या बड़ा, अवैध गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से सीलिंग और ध्वस्तीकरण हो। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और पूरी पारदर्शिता के साथ चलाया जाएगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान- एमडीडीए की टीम लगातार मैदानी स्तर पर निगरानी कर रही है। जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण पाया जा रहा है, वहीं मौके पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमारा लक्ष्य क्षेत्र में व्यवस्थित, नियमसम्मत और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करना है और इसके लिए कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
हिंदुस्तान स्काउट एवं गाइड समागम कार्यक्रम का किया समापन
विजेता प्रतियोगियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित
पंतनगर। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को पंतनगर में कुमाऊं मंडल स्काउट गाइड समागम 2025 कार्यक्रम का समापन किया। इस अवसर पर उन्होंने तीन दिन चले समागम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को मेडल देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने इस अवसर पर कहा कि हमें देश के युवा को सिर्फ शिक्षित ही नहीं करना है बल्कि उसे अनुशासन और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों से युक्त भी करना है। तभी युवा एक अच्छा नागरिक बनकर देश के विकास में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्काउट और गाइड इन गुणों का सबसे बेहतर तरीके से प्रतिनिधित्व करते हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अपनी क्षमताओं की पहचान करना सफलता की राह का एक अहम पड़ाव है। उन्होंने युवाओं को सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूत करने और अपने भीतर मानवीय गुणों को विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न प्रतिस्पर्धा में श्रेष्ठता प्रदर्शित करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया।
इस अवसर पर प्रदेशिक संगठन आयुक्त हिमांशु सक्सेना, सहायक प्रदेशिक संगठन आयुक्त अलका मिश्रा, दुग्ध संघ डायरेक्टर उधम सिंह नगर इंदर सिंह मेहता, मंडल महामंत्री टीकम सिंह कोरंगा, दीपक कुमार तिवारी, कविता तिवारी आदि उपस्थित रहे।
2003 की मतदाता सूची से की जाएगी वर्तमान मतदाता सूची की मैपिंग
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद उत्तराखण्ड राज्य में प्री एसआईआर गतिविधियां शुरु कर दी गई हैं। इस चरण में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर प्रारम्भिक तैयारियां की जाएंगी, साथ ही एसआईआर के दौरान मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके दृष्टिगत “प्रत्येक मतदाता तक पहुंच , समन्वय और संवाद’ अभियान पर कार्य किया जा रहा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अलग-अलग वर्षों में इससे पूर्व 11 बार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) पूरे देश में संपादित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में वर्ष 2003 में एसआईआर किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में आयोग द्वारा पहले चरण में बिहार और दूसरे चरण में 12 अन्य राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने बताया कि आयोग का इस पूरी प्रकिया के पीछे उद्देश्य हर पात्र मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल लगभग 40 वर्ष तक की आयु के ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज थे उनकी सीधे बीएलओ एप से मैपिंग की जाएगी।
इसके साथ ही 40 वर्ष या उससे अधिक आयु के ऐसे मतदाता जिनके नाम 2003 की मतदाता सूची में किसी कारणवश नहीं है तो उनके माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम के आधार पर प्रोजनी के रुप में मैपिंग की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची www.ceo.uk.gov.in एवं www.voters.eci.gov.in पर सर्च की जा सकती है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 11733 बूथ के सापेक्ष 4155 बीएलए ही नियुक्त हैं।
हेल्प डेस्क होगी स्थापित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि सभी जनपदों में जिलाधिकारी, ईआरओ और बीएलओ को मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जनपद एवं ईआरओ स्तर पर एक हेल्प डेस्क स्थापित की जा रही है ताकि मतदाताओं को आसानी से मदद मिल सके।
बहुउद्देशीय शिविर में उठी समस्या का तुरंत समाधान
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर मात्र 24 घंटे के भीतर राजकीय प्राथमिक विद्यालय लिस्ट्राबाद में नई शिक्षिका की तैनाती कर दी गई है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा तैनाती आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ग्राम इठारना में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर के दौरान ग्राम प्रधान, लिस्ट्राबाद ग्रांट ने अवगत कराया कि रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में 34 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, लेकिन विद्यालय में केवल एक अध्यापिका कार्यरत हैं, जिससे पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। ग्राम प्रधान ने विद्यालय में एक अतिरिक्त शिक्षक की आवश्यकता जताई।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालय में तत्काल शिक्षक तैनात करने के निर्देश दिए। निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षा विभाग ने उप शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड डोईवाला द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर औवंधिक स.अ. को रा.प्रा.वि. लिस्ट्राबाद में कार्ययोजित कर दिया है।
उप शिक्षा अधिकारी, डोईवाला को आदेश के अनुपालन की पुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
