मुख्यमंत्री धामी ननूरखेड़ा से करेंगे राज्यव्यापी वर्चुअल क्लास नेटवर्क का शुभारंभ
देहरादून। सूबे के 840 राजकीय विद्यालय वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जुड़ेंगे। जिससे इन विद्यालयों में हाईब्रिड मोड़ के तहत वर्चुअल और स्मार्ट क्लास दोनों का संचालन किया जायेगा। इस अभिनव पहल का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 11 अक्टूबर (शनिवार) को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब से करेंगे। शुभारम्भ कार्यक्रम की पुख्ता तैयारियों के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा के सुधार के लिए कई कदम उठा रही है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिये जहां शिक्षा का डिजिटलीकरण किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की कमी दूर की जा रही है। इसके अलावा स्कूलों को साधन सम्पन्न भी बनाया जा रहा है। डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश के नौनिहालों को उच्च स्तरीय व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया करने के लिये सरकार ने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। जिसके तहत राज्य के 840 राजकीय विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा गया है। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आगामी 11 अक्टूबर (शनिवार) को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, ननूरखेड़ा स्थित आईसीटी लैब से करेंगे।
डॉ. रावत ने बताया कि योजना के शुभारम्भ अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति विद्यालयों में सुनिश्चित करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि इस अवसर स्थानीय सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर निगमों के मेयर व निकायों के अध्यक्ष सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे। डॉ. रावत ने बताया कि इस अभिनव पहल के तहत इन विद्यालयों में हाइब्रिड मोड में शिक्षण व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत वर्चुअल और स्मार्ट क्लास दोनों माध्यमों में कक्षाओं का संचालन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में डिजिटल प्रसारण हेतु भारत सरकार की आईसीटी योजना के तहत राजीव गांधी नवोदय विद्यालय रायपुर में दो केन्द्रीय स्टूडियो का निर्माण किया गया है। जिनके माध्यम से कक्षाओं का सजीव प्रसारण किया जायेगा। इस दौरान छात्र-शिक्षक के मध्य दो तरफा संवाद भी हो सकेगा। डॉ. रावत ने बताया कि विद्यालयों के वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जुड़ने से सीमांत एवं अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी आधुनिक शिक्षण सुविधाएं पहुंच सकेंगी और उनकी सीखने की क्षमता में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि वर्चुअल क्लास नेटवर्क का परीक्षण कर लिया गया है, अब सभी विद्यालयों में कक्षा का सजीव प्रसारण हो सकेगा, साथ ही विभाग द्वारा शुरू किये गये ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम का प्रसारण भी इसी के माध्यम से विद्यालयों में किया जाएगा।
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विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि प्रत्येक जनपद में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा गया है। जिसमें अल्मोड़ा जनपद के 71 विद्यालय, बागेश्वर 29, चमोली 68, चम्पावत 54, देहरादून, 55, हरिद्वार 53, नैनीताल 64, पौड़ी 103, पिथौरागढ़ 80, रूद्रप्रयाग 53, टिहरी 120, ऊधमसिंह नगर 51 तथा उत्तरकाशी में 39 विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ा गया है।
बयान-
प्रदेशभर के 840 विद्यालयों को वर्चुअल क्लास नेटवर्क से जोड़ दिया गया है। यह पहल न केवल नवाचारपूर्ण है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रत्येक नौनिहाल तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करने की यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। – डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य पर हुई ध्वस्ती करण की कार्रवाई
देहरादून को सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करना एमडीडीए की शीर्ष प्राथमिकता-बंशीधर तिवारी
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया की सख्त चेतावनी, नियम तोड़ने वालों पर होगी तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माणों पर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के सख्त निर्देशों पर प्राधिकरण की टीम ने कांवली रोड क्षेत्र में चल रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को ध्वस्त कर दिया। जानकारी के अनुसार संयुक्त सचिव गौरच चटवाल के आदेशों पर श्याम सुन्दर वैश्य द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य किया जा रहा था। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध हिस्से को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अभिजीत थलवाल, सुपरवाइजर सहित पुलिस बल भी मौजूद रहा। एमडीडीए की यह कार्रवाई शहर को योजनाबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से विकसित करने की दिशा में एक सख्त संदेश मानी जा रही है। प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि बिना स्वीकृति या स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण करने वालों पर अब बख्शिश नहीं की जाएगी।
नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगी राहत– मोहन सिंह बर्निया
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए का मुख्य उद्देश्य देहरादून को सुंदर, स्वच्छ और योजनाबद्ध स्वरूप में विकसित करना है। इसके लिए हर नागरिक को निर्माण से पहले नियमों का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने कहा बिना स्वीकृति निर्माण किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण नियमित निरीक्षण अभियान चला रहा है, और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
शहर की सुंदरता और सुव्यवस्था से समझौता नहीं– बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता शहर की सुंदरता, सुव्यवस्था और नियोजन को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कोई भी व्यक्ति यदि बिना स्वीकृति निर्माण करता है या भूमि काटकर बेचता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि देहरादून को स्मार्ट और सुव्यवस्थित सिटी के रूप में विकसित करने के लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। जनता से अपील है कि किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत करवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके।
एमडीडीए का संदेश स्पष्ट है– अवैध निर्माण पर अब नहीं होगी कोई रियायत, शहर का विकास नियम और व्यवस्था के दायरे में ही होगा।
नवंबर तक काठबंगला प्रोजेक्ट के आवासों का आबंटन पूरा करने के आदेश
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में प्रदेश में झुग्गी बस्तियों के पुनर्विकास से संबंधित बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को झुग्गियों का पुनः सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि वर्ष 2011-12 में किए गए सर्वे में चिन्हित श्रेणी-1 एवं श्रेणी-2 के पात्र लोगों का स्थानीय निकायों और जिलाधिकारियों की सहायता से अभियान चलाकर विनियमन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि झुग्गियों के पुनर्विकास के लिए गठित जिला स्तरीय समितियों की बैठकें आयोजित की जाएं और इसके उपरांत राज्य स्तरीय बैठक का भी शीघ्र आयोजन किया जाए।
मुख्य सचिव ने काठबंगला प्रोजेक्ट में निर्मित आवासों का आबंटन नवंबर 2025 तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सचिव शहरी विकास को इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि भूमि चिन्हीकरण, आबंटन के नियम, आकलन, पात्रता और डीपीआर तैयार करने हेतु सचिव शहरी विकास, सचिव लोक निर्माण विभाग, एमडीडीए और नगर निगम संयुक्त बैठक कर आवश्यक निर्णय लें।
बैठक में सचिव नितेश कुमार झा, उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी, अपर सचिव गौरव कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और दलीलों को कोर्ट ने किया खारिज
एसजीआरआर इंटर काॅलेज भोगपुर ही करेगा खेल मैदान का संचालन
कुछ असामाजिक तत्व भ्रम फैलाकर अभी भी मामले की गलत जानकारी कर रहे प्रसारित
देहरादून। एसजीआरआर इंटर कॉलेज भोगपुर की खेल भूमि से जुड़े लंबे समय से चल रहे विवाद में न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कॉलेज प्रबंधन के पक्ष में निर्णय दिया है। सिविल जज (जूनियर डिविजन) ऋषिकेश की अदालत ने पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और दलीलों को अस्वीकार करते हुए स्पष्ट कहा कि उक्त खेल मैदान (भूमि) का स्वामित्व और संचालन श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज भोगपुर के पास ही रहेगा। अदालत के इस निर्णय से विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय जनता में हर्ष का माहौल है।
गौरतलब है कि वर्ष 1950 में श्री गुरु राम राय दरबार साहिब द्वारा ग्रामीण एवं निर्धन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से भोगपुर में यह विद्यालय स्थापित किया गया था। इस विद्यालय के लिए तत्कालीन समय में 11.5 बीघा भूमि प्रेमदत्त रतूड़ी के पूर्वजों ने दान दी थी, जिस पर वर्तमान में विद्यालय का खेल मैदान संचालित है। लगभग 75 वर्षों से यह मैदान छात्रों की खेलकूद एवं शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।

विवाद उस समय गहराया जब पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर इस भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया। विद्यालय प्रबंधन और श्री दरबार साहिब की संगत ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और मामले को न्यायालय में ले जाया गया। सुनवाई के दौरान एसजीआरआर प्रबंधन ने सभी वैध दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने पाया कि पूर्व डीजीपी प्रेमदत्त रतूड़ी पक्ष के दावे निराधार हैं और खारिज करने योग्य हैं।
न्यायालय के इस निर्णय से यह स्थापित हो गया कि श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज भोगपुर की खेल भूमि पूर्णतः एसजीआरआर संस्था के अधिकार क्षेत्र में रहेगी। अदालत के फैसले के बाद स्कूल प्रबंधन ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व अब भी गलत सूचनाएं फैलाकर भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए आमजन को सत्य तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए। इस निर्णय ने न केवल शिक्षा संस्थान की प्रतिष्ठा को सुरक्षित रखा है, बल्कि समाज में न्याय और सत्य की विजय का उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।
देहरादून- प्रदेश भर में नगर निकायों की तरह अब पंचायतों में भी कूड़ा उठान की व्यवस्था करने के लिए पंचायती विभाग ने अब अपना मॉडल तैयार किया है। इस बात को लेकर उत्तराखंड के पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस मॉडल के अनुसार हमारे कॉम्पैक्टर काम पर लगे हैं जो कूड़े के परिमाण को कम करेंगे और हम जटायु वैक्यूम क्लीनर के जरिए कूड़े को खींचकर उसे अलग करके जैविक और गैर जैविक कूड़े में बांटेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि हमने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत प्लास्टिक बोतलों को इकट्ठा कर उन्हें सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कहा – यह महोत्सव राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आईटी पार्क सहस्त्रधारा स्थित नाबार्ड के कार्यालय में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 2.0’ का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों से लगे स्टोलों का भी अवलोकन कर किसानों से संवाद भी किया। नाबार्ड ने पिछले वर्ष भी एक दिवसीय ‘सेब महोत्सव 1.0’ का आयोजन किया था। इस महोत्सव का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य के सेब एवं कीवी उत्पादक कृषकों एवं कृषक उत्पादक संगठनों को ग्राहकों से सीधे जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करना है। इसके पिछले संस्करण की सफलता से प्रेरित होकर इस वर्ष ‘सेब महोत्सव 2.0’ का भी आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने नाबार्ड द्वारा आयोजित इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेब महोत्सव उत्तराखंड के सेब उत्पादकों की मेहनत, नवाचार और कृषि उद्यमिता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह पर्वतीय राज्य की कृषि क्षमता और किसानों की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने आगामी सेब महोत्सव में कृषि एवं उद्यान के उत्पादों को लगाने का नाबार्ड के अधिकारियों को कहा।
मंत्री जोशी ने कहा कि नाबार्ड ने उत्तराखंड जैसे राज्य में कृषि एवं ग्रामीण विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार कृषि के विविधीकरण पर विशेष बल दे रही है। बागवानी, सुगंधित एवं औषधीय पौधों, डेयरी, मत्स्य पालन, रेशम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे क्षेत्रों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर आकर्षित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि नाबार्ड द्वारा राज्य में 138 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को 20 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। साथ ही, कुल 34 वॉटरशेड एवं स्प्रिंगशेड परियोजनाओं के माध्यम से 11,164 हेक्टेयर भूमि का उपचार किया गया है, जिससे 5,045 परिवार लाभान्वित हुए हैं। बागवानी आधारित विकास कार्यक्रमों के तहत 4,163 एकड़ भूमि पर सेब, कीवी, अखरोट, आम, अमरूद और अन्य फलों के बाग स्थापित किए गए हैं।
मंत्री जोशी ने बताया कि नाबार्ड ने कृषि के विभिन्न आयामों पर आधारित 20 नवाचार पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं, जिनमें जैविक उत्पादों की ट्रेसबिलिटी, एक्वापोनिक्स, मोरिंगा आधारित एकीकृत कृषि मॉडल, फार्म टूरिज्म, प्राकृतिक खेती, औषधीय एवं सुगंधित पौधों पर आधारित मॉडल और शून्य ऊर्जा कूल चैंबर जैसे अभिनव प्रयोग शामिल हैं। इन पहलों का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका के अवसरों को सृजित करना और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।
उन्होंने यह भी बताया कि हरिद्वार जिले में नाबार्ड द्वारा 500 किसानों के साथ जैविक खेतों के डिजिटलीकरण की परियोजना संचालित की जा रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड के 27 कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 नाबार्ड के प्रयासों से मिले हैं। वहीं, राज्य सरकार द्वारा दिलवाए गए 18 GI टैग में से 10 GI टैग नाबार्ड से सहायतित एफपीओ को प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकार किसान केंद्रित नीतियों को और अधिक सशक्त बनाएगी, बागवानी को प्रोत्साहित करेगी और नाबार्ड जैसे संस्थानों के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाएगी। मंत्री जोशी ने कहा कि सेब महोत्सव 2.0 हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है, जिससे उत्तराखंड को एक सतत और समृद्ध कृषि राज्य के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, जीएम शशि कुमार, डीजीएम संजय कुमार, डीजीएमओ निर्मल कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल
देहरादून। देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन उत्तराखण्ड, के तहत दीपावली महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति, डांडिया उत्सव और दीपावली मेले का विशेष आकर्षण होगा। कार्यक्रम रविवार 12 अक्टूबर 2025 को शाम 5 बजे से चौधरी फार्म हाउस, जी.एम.एस. रोड, देहरादून में आयोजित होगा।
आयोजन समिति के अनुसार यह उत्सव वैश्य समाज को एकजुट करने, सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने और सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होगा।मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल होंगे।
आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष दीपक सिंघल, प्रदेश महामंत्री रमेश गोयल, प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री लच्छू गुप्ता, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष विशाल गुप्ता और महानगर अध्यक्ष निकुंज गुप्ता मिडिया प्रभारी मधु जैन सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति, पारंपरिक डांडिया रास और दीपावली मेले में हस्तशिल्प, खानपान स्टॉल और बच्चों के लिये विशेष आकर्षण की व्यवस्था की जाएगी।
प्रवासी उत्तराखंडियों की संस्था ने धराली-थराली आपदा पीड़ितों के प्रति जताई संवेदना
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखंड प्रवासियों की लब्ध-प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में ₹3 लाख 51 हजार का चेक सौंपा। यह सहायता राशि हाल ही में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों, विशेष रूप से धराली और थराली में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए प्रदान की गई।
यह शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में मिला। इसमें सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत, महासचिव पवन कुमार मैठानी, कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत, सांस्कृतिक सचिव एडवोकेट वीरेन्द्र सिंह नेगी, कार्यकारिणी सदस्य प्रताप सिंह महर और सीमा गुसांई शामिल थे।
सभा महासचिव पवन कुमार मैठानी ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने सभा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रवासी उत्तराखंडियों का यह योगदान मातृभूमि के प्रति गहरा लगाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल हितैषिणी सभा हमेशा से आपदा पीड़ितों की सहायता में अग्रणी रही है — चाहे उत्तरकाशी भूकंप हो, केदारनाथ आपदा हो या इस वर्ष की धराली-थराली की प्राकृतिक आपदा।
सभा अध्यक्ष सूरत सिंह रावत ने बताया कि इस बार आपदा को देखते हुए सभा ने आपदा राहत कोष स्थापित किया, जिसमें सदस्यों और अन्य सामाजिक संगठनों से ऑनलाइन दान की अपील की गई। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहयोग किया।
सभा कोषाध्यक्ष धीरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि सभा को 80G की सुविधा प्राप्त है, जिससे दानदाताओं को आयकर में छूट भी प्राप्त होगी।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए निर्देश, सभी जिलों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू होगी
देहरादून। प्रदेशभर के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के रिक्त 2100 पदों पर शीघ्र भर्ती की जायेगी। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं। इसके अलावा आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के शीघ्र आंगणन तैयार करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिये।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत सहायक अध्यापकों के 2100 पदों पर शीघ्र भर्ती करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पिछले दो वर्षों से प्राथमिक शिक्षकों की निरंतर नियुक्ति कर रही है। जिसके तहत 3000 से अधिक रिक्त पदों को भरा जा चुका है। जबकि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा एनआईओएस डीएलएड को शामिल करने को लेकर न्यायालय में चले जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया बाधित हो गई थी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के उपरांत राज्य कैबिनेट ने बेसिक शिक्षक सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर वर्ष 2017 से 2019 एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं को प्राथमिक शिक्षक भर्ती में शामिल करने के साथ ही सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) के पदों को नियमावली में शामिल कर लिया है। जिससे नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती में इन अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकेगा। डॉ. रावत ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों का जिला संवर्ग होने के कारण भर्ती प्रक्रिया भी जिला स्तर से ही सम्पन्न होनी है। जिसके लिये सभी जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दे दिये गये हैं। ताकि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के शतप्रतिशत पदों को भरा जा सके।
इसके अलावा बैठक में डॉ. रावत ने अधिकारियों को शिक्षकों का त्रिस्तरीय ढांचा तैयार करने, आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के पुनर्निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये शीघ्र आंगणन तैयार करने, धारा-27 के अंतर्गत शिक्षकों के स्थानांतरण में तेजी लाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
बैठक में महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा दीप्ति सिंह, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, निदेशक प्राथमिक शिक्षा अजय नौडियाल, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने हर संभव सहयोग का दिया आश्वासन
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भेंट कर उत्तराखंड में सात जल विद्युत परियोजनाओं (कुल क्षमता 647 मेगावाट) के विकास एवं निर्माण की स्वीकृति के लिए समर्थन मांगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गंगा और उसकी सहायक नदियों की निर्मलता, अविरलता तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को खेलों के माध्यम से रोजगारपरक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए गौलापार क्षेत्र में लगभग 12.317 हैक्टेयर वन भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव वन विभाग को भेजा गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि इस संबंध में आवश्यक अनुमोदन हेतु संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को सैद्धांतिक सहमति देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार तन्मय कुमार, उत्तराखंड के प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते एवं स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।
