देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के समक्ष खुड़बुड़ा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग दंपति जसवंत सिंह और उनकी पत्नी ने अपने पुत्र व पुत्रवधु को घर से बेदखल करने की गुहार लगाई थी। बुजुर्ग दंपति ने नाराज होकर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में भरणपोषण अधिनियम के तहत वाद भी दर्ज कराया था।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने दो सुनवाई में ही मामले की गहराई को समझते हुए परिजनों के बीच उत्पन्न मनमुटाव को दूर कराया। उन्होंने बुजुर्ग दंपति से आग्रह किया कि वे अपने तीन नौनिहालों वाले बेटे-बहू को बेदखल न करें और परिवार को टूटने से बचाएं। साथ ही बेटे-बहू को भी बुजुर्गों के प्रति अपने कर्तव्य और जिम्मेदारियों का स्मरण कराया।
डीएम ने दोनों पक्षों को आपसी प्रेम, सम्मान और सहयोग के साथ रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता और निर्धन बेटे-बहू एक-दूसरे के सहारे हैं, इसलिए परिवारिक सौहार्द बनाए रखना ही सबसे बड़ा समाधान है।
बुजुर्ग दंपति के चार पुत्र हैं, जिनमें दो अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। एक पुत्र दिव्यांग है, जबकि पुत्र बंसी की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसका कपड़ों का छोटा व्यवसाय है और तीन नाबालिग बच्चे हैं। जिलाधिकारी ने बुजुर्गों से कहा कि वे अपने बेटे-बहू और नौनिहालों को घर से न निकालें, वहीं बेटे-बहू को भी समझाया कि वे बुजुर्गों का सम्मान करें और उनकी देखभाल में कोई कमी न आने दें। प्रशासन इस प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग करेगा ताकि परिवार में सौहार्द बना रहे।
कोटद्वार। जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान क्रॉस फायरिंग में घायल होकर 25 वर्षीय राइफलमैन सूरज सिंह नेगी देश के लिए शहीद हो गए। गोरखा रेजिमेंट में तैनात सूरज नेगी का पार्थिव शरीर सेना के विशेष वाहन से कोटद्वार के कौड़िया कैंप में पहुंचा।
हर कही सूरज सिंह अमर रहे के नारे
सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार आज लालपुर गांव में किया गया। इस दौरान हजारों लोग नम आंखों और गर्व के भाव के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए जुटे। लोगों ने भारत माता की जय और “सूरज सिंह अमर रहें” के नारे लगाए।
दो भाइयों में छोटे राइफलमैन सूरज सिंह
सूरज सिंह नेगी, जो दो भाइयों में सबसे छोटे थे, वर्ष 2021 में गोरखा रेजिमेंट में भर्ती हुए थे। परिवार और गांव के लोग उनके बलिदान की खबर पाकर सदमे में हैं। उनके माता-पिता और भाई पंकज नेगी ने वीर जवान को खोने का गहरा शोक व्यक्त किया।
सीएम धामी ने जताया शोक

सोशल मीडिया पर लिखा हुआ सीएम धामी का शोक सन्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया और सोशल मीडिया पर लिखा: “जम्मू-कश्मीर के बारामूला क्षेत्र में मां भारती की सेवा करते हुए कोटद्वार के वीर पुत्र, राइफलमैन सूरज सिंह नेगी के शहीद होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ। आपकी वीरता और बलिदान को नमन। आपकी शौर्यगाथा सदैव हमारी स्मृतियों में जीवंत रहेगी।
सितंबर में आए थे राइफलमैन अपने घर
सूरज सितंबर माह में छुट्टी पर अपने घर आए थे और कुछ दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। बारामूला के सीमावर्ती क्षेत्र में अचानक क्रॉस फायरिंग के दौरान उन्हें गोली लगी, जिसे तत्काल सैन्य चिकित्सालय ले जाया गया, लेकिन वहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
बलिदान को हमेशा रखा जाएगा याद
लालपुर के वार्ड-19 के पार्षद नेत्र मोहन असवाल ने बताया कि सूरज का परिवार और पूरा गांव उनके बलिदान को याद करते हुए शोक में डूब गया। उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति ने पूरे गढ़वाल और उत्तराखंड के लोगों में गर्व की भावना पैदा की है।सूरज सिंह नेगी की शहादत न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे राज्य और देश के लिए गौरव का विषय है। उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा
सीएम धामी बोले– शहीदों का पराक्रम हर भारतीय के लिए प्रेरणा
लैंसडाउन। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को लैंसडाउन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर माँ भारती की सेवा में सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर सपूतों को नमन किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह स्मारक वीर सपूतों के शौर्य, त्याग और मातृभूमि के प्रति उनके अडिग प्रेम का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स के जांबाज सैनिकों ने देश की रक्षा के लिए जो बलिदान दिए हैं, वे सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी भी मौजूद रहे।
अल्मोड़ा में आयोजित सहकारिता मेले में किया स्टालों का निरीक्षण
ग्राम सभा को माइक्रो एटीएम और ग्रामीणों को 10 लाख रुपए तक के लोन वितरित किए
अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के मौके पर अल्मोड़ा के सिमकनी ग्राउंड में रविवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या सहकारिता मेले मैं शामिल हुई। उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों, योजनाओं, हस्तशिल्प, हथकरघा एवं स्थानीय उत्पादों के स्टालों का निरीक्षण किया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने स्टॉल संचालकों से संवाद कर विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली और उनके कार्यों की सराहना की।
इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह मेला स्थानीय उत्पादों को संरक्षण और प्रोत्साहन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अभियान की भावना के अनुरूप है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सहकारिता ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिकी को मजबूती दी है और इसके माध्यम से गांव-शहर की महिलाएं तेज़ी से सशक्त हो रही हैं।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सहकारिता मेले का उद्देश्य स्थानीय कला, उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के प्रयासों को मंच देना है, जिससे प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नई आर्थिक संभावनाएं सृजित हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को पशुपालन, डेयरी, कुकुट पालन जैसे कार्यों के लिए 10 लाख रुपये तक के ऋण चेक वितरित किए गए। कई ग्राम सभाओं को माइक्रो एटीएम भी सौंपे गए। वहीं, विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, कार्यक्रम अध्यक्ष कैलाश शर्मा, ब्लॉक प्रमुख नीमा आर्या, जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के पूर्व अध्यक्ष ललित लटवाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी सहित कई सार्वजनिक प्रतिनिधि, अधिकारी, और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राज्य सरकार ने दाखिल की पुनर्विचार याचिका
देहरादून। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड में हजारों शिक्षकों की पदोन्नतियां रोक दी गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को पदोन्नति के लिए अनिवार्य कर दिया है, जिससे बेसिक और जूनियर हाईस्कूल के 18 हजार से अधिक शिक्षक इस फैसले से प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य के जिला शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर शिक्षा निदेशालय से स्पष्ट दिशा निर्देश मांगे। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राज्य सरकार की स्थिति के बारे में अवगत कराया जाए।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल ने बताया कि चमोली, टिहरी गढ़वाल और चंपावत के जिला शिक्षा अधिकारियों ने पत्रों के माध्यम से पदोन्नति संबंधी दिशा निर्देश मांगे हैं। कुछ जिलों में शिक्षक पदोन्नति के लिए धरना प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
नौडियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को टीईटी को सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस फैसले पर राज्य सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है और इसकी प्रक्रिया जारी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में पांच साल से अधिक समय बाकी है, उन्हें दो साल के भीतर टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इस नियम में पुराने और नए दोनों प्रकार के शिक्षक शामिल हैं। वहीं, 2010-11 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्य नहीं होना चाहिए क्योंकि उस समय टीईटी लागू नहीं था।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट से अंतिम फैसला आने तक पुराने शिक्षकों की पदोन्नति रोकी नहीं जानी चाहिए।”
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का जताया आभार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली के सवाड़ गांव में केन्द्रीय विद्यालय की स्वीकृति प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के साथ ही केन्द्रीय मंत्रिमंडल का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद चमोली के प्रसिद्ध सवाड़ गांव में क्षेत्रीय जनता की मांग पर केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना के लिये उनके द्वारा निरन्तर अनुरोध किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र में केन्द्रीय विद्यालय की स्थापना से इस क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध हो पायेगी तथा क्षेत्र को नई पहचान भी मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का अनुकूल शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण के साथ नवाचार से जोडा जा रहा है ताकि छात्रों को अच्छी शिक्षा के साथ शिक्षा का उचित माहौल उपलब्ध हो सके।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार ने दवाओं की गुणवत्ता जांच अभियान को तेज किया
देहरादून। बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड सरकार ने प्रदेशभर में प्रतिबंधित कफ सिरप और औषधियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) की संयुक्त टीमें प्रदेश के सभी जिलों में मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं और अस्पतालों की औषधि दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। यह अभियान हाल ही में राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवा (कफ सिरप) के सेवन से बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद शुरू किया गया है। उत्तराखंड सरकार ने इसे जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तत्परता से कार्रवाई प्रारंभ की है।
केंद्र की एडवाइजरी पर तुरंत कार्रवाई
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफ.डी.ए.) डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को आदेश जारी करते हुए कहा कि भारत सरकार की एडवाइजरी को प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से बड़ा कोई विषय नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि औषधि निरीक्षक चरणबद्ध तरीके से कफ सिरपों के नमूने एकत्र करें और उनकी गुणवत्ता की प्रयोगशाला जांच कराएं, ताकि किसी भी दोषपूर्ण या हानिकारक दवा को बाजार से तत्काल हटाया जा सके।
बच्चों के लिए प्रतिबंधित सिरप न लिखें डॉक्टर
डॉ. आर. राजेश कुमार ने प्रदेश के सभी चिकित्सकों से आग्रह किया है कि केंद्र सरकार की एडवाइजरी का संज्ञान लेते हुए वे बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप न लिखें। डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा यदि चिकित्सक इन सिरपों को लिखेंगे तो मेडिकल स्टोर भी उन्हें बेचेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि डॉक्टर स्वयं भी जिम्मेदारी दिखाएं और प्रतिबंधित दवाओं से परहेज़ करें।
कौन-सी दवाएं प्रतिबंधित हैं
भारत सरकार की एडवाइजरी के अनुसार —
दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी प्रकार की खांसी या जुकाम की दवा नहीं दी जानी चाहिए।
पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में इन दवाओं का सामान्य उपयोग अनुशंसित नहीं है।
केवल विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह, सही खुराक और न्यूनतम अवधि के लिए ही इनका उपयोग किया जा सकता है।
सरकार ने विशेष रूप से Dextromethorphan युक्त सिरप और Chlorpheniramine Maleate + Phenylephrine Hydrochloride संयोजन वाली दवाओं को चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित किया है।
प्रदेशभर में छापेमारी और सैंपलिंग अभियान
प्रदेश में इस आदेश के बाद अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में राज्यभर में युद्धस्तर पर छापेमारी की जा रही है। स्वयं अपर आयुक्त ने देहरादून के जोगीवाला, मोहकमपुर समेत कई क्षेत्रों में औषधि दुकानों का निरीक्षण किया। सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस माह के भीतर सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और खुदरा दुकानों से सिरपों के नमूने लेकर प्रयोगशाला परीक्षण करवाएँ। ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि एफ.डी.ए. की टीमें प्रदेशभर में सक्रिय हैं। यदि किसी भी स्तर पर दोष पाया गया तो संबंधित कंपनी या विक्रेता के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सख्त संदेश – जनस्वास्थ्य सर्वोपरि
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि प्रदेश में बिकने वाली हर दवा सुरक्षित और मानक गुणवत्ता वाली हो। जनस्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और बच्चों की सुरक्षा पर किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार प्रदेश में औषधि गुणवत्ता निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ करने की दिशा में भी काम कर रही है।
बच्चों की दवा में लापरवाही अस्वीकार्य- डॉ. धन सिंह रावत
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा राज्य सरकार केंद्र की एडवाइजरी का पूरी गंभीरता से पालन कर रही है। बच्चों की दवाओं से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी चिकित्सकों और औषधि विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिबंधित सिरप को न लिखें और न बेचें। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
जनता से अपील – डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवा न दें
एफ.डी.ए. ने राज्यभर में कफ सिरप की सैंपलिंग शुरू कर दी है। अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन एवं ड्रग कंट्रोलर ताजबर सिंह जग्गी ने जनता से अपील की है कि वे बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। यदि किसी दवा के सेवन से कोई प्रतिकूल प्रभाव दिखाई दे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र या अस्पताल से संपर्क करें।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने खुद संभाला मोर्चा, बोले बिना स्वीकृति भूमि काटने या निर्माण करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने राजधानी देहरादून में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने शिमला बाईपास, मेहुवाला माफी, हरबजवाला, बुद्धपुर, नया गांव और विकासनगर क्षेत्र में एक साथ अभियान चलाते हुए कई अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और कई भवनों को सील किया। कार्रवाई के दौरान लगभग 26 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि छह स्थानों पर अवैध व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों को सील किया गया। एमडीडीए द्वारा यह कार्रवाई मुख्यमंत्री धामी की उस नीति के तहत की जा रही है जिसमें राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को सुनियोजित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने तथा अवैध निर्माणों पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।
एमडीडीए की टीम ने सबसे पहले उपाध्यक्ष बशीधर तिवारी के नेतृत्व में मेहुवाला माफी स्थित श्री राम इन्क्लेव में अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। इस क्षेत्र में कुनाल राठौर व अन्य द्वारा लगभग 10 बिघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर चलाया और संपूर्ण प्लॉटिंग ध्वस्त कर दी। इसके बाद टीम ने शिमला बाईपास रोड स्थित बालाजी इन्क्लेव में महेश उपाध्याय, सतीश व अन्य द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। यहाँ भी लगभग 10 बिघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया गया। इसी क्रम में हरबजवाला स्थित सरस्वती इन्क्लेव में जे.पी. यादव व अन्य द्वारा लगभग 6 बिघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी एमडीडीए की टीम ने बुलडोजर चलाकर समाप्त कर दिया।
इन सभी कार्यवाहियों में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, प्राधिकरण की संयुक्त टीम तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
अवैध प्लॉटिंग के साथ-साथ प्राधिकरण ने विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे अनधिकृत व्यवसायिक एवं आवासीय निर्माणों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की। शिमला बाईपास रोड के बुद्धपुर क्षेत्र में सुमित कौशिक द्वारा किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण को सील किया गया। इसी प्रकार नया गांव (गौस गोदाम के समीप) में भागीरथी देवी द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया।
तुन्तोवाला रोड पर सतीश सैनी द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। वहीं विकासनगर के तेलपुर मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के पास अमजद द्वारा किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को भी सील किया गया। इसके अतिरिक्त गंगोत्री विहार, मोनाल इन्क्लेव क्षेत्र में रोहित यादव और दिनेश द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माणों को भी सील किया गया। सभी स्थानों पर एमडीडीए की प्रवर्तन टीम के साथ पुलिस बल मौजूद रहा और कार्यवाही शांतिपूर्वक संपन्न की गई।
हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कार्रवाई का नेतृत्व स्वयं मौके पर रहकर किया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण देहरादून और आसपास के इलाकों को व्यवस्थित विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग और निर्माणों पर किसी भी सूरत में रियायत नहीं दी जाएगी। जो भी व्यक्ति बिना स्वीकृति के भूमि काटकर बेचने या निर्माण करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए ने क्षेत्रवार निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किया है। अब हर क्षेत्र की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी नए अवैध निर्माण की सूचना तुरंत मिल सके। उन्होंने कहा कि शहर का सुनियोजित विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति नियमानुसार निर्माण करे। देहरादून को स्मार्ट और सुंदर शहर बनाना हमारी प्राथमिकता है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने जनता से भी अपील की कि वे किसी भी परियोजना या कॉलोनी में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित भूमि या परियोजना प्राधिकरण से स्वीकृत हो। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से आम नागरिक को भविष्य में भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। इसलिए एमडीडीए की वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी लेकर ही किसी प्रोजेक्ट में धन लगाएँ।
अभियान निरंतर जारी रहेगा
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में भी प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऐसे सभी स्थानों पर कार्रवाई की जाएगी जहाँ अवैध निर्माण या अनधिकृत प्लॉटिंग की जा रही है। सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि राजधानी देहरादून का स्वरूप अब योजनाबद्ध विकास की दिशा में है। हम जनता के सहयोग से इसे और व्यवस्थित, हरित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उक्त कार्रवाई में मुख्य अभियंता एच.सी.एस. राणा, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, प्रवर्तन अधिकारी, औचक निरीक्षण टीम एवं पुलिस बल की विशेष इकाई शामिल रही।
रूद्रपुर। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने शनिवार को रूद्रपुर में निर्माणाधीन कामकाजी महिला छात्रावास का निरीक्षण किया। इस मौके पर उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों व इंजीनियरों से निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
रुद्रपुर में एक साथ दो महिला छात्रावासों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी कुल परियोजना लागत 12563.50 लाख रुपये है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने फुलसुंगी स्थित निर्माण स्थल का जायजा लिया और जमीन में आ रही नमी से बचाव के लिए समुचित उपाय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं ताकि जनवरी 2027 तक परियोजना को पूर्ण किया जा सके।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला कार्यबल हमारे समाज की शक्ति हैं। रूद्रपुर में बन रहे ये छात्रावास कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधायुक्त आवास की सुविधा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसके पूर्ण होने के बाद महिलाओं को आवास संबंधी परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी और वे निश्चिंत होकर अपने काम व व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगी।
निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी एवं स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में लगा सहकारिता मेला
अल्मोड़ा। अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष्य में अल्मोड़ा के सिमकनी मैदान में आयोजित सहकारिता मेले में आज प्रदेश के कैबिनेट एवं जनपद अल्मोड़ा के प्रभारी मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने सहकारिता के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला तथा सहकारिता की अनिवार्यता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 को अर्न्तराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कहा कि उत्तराखण्ड के 13 जिलों में सहकारिता मेले लगाये जा रहे है इसकी शुरूआत जनपद अल्मोड़ा से की गई है तथा देहरादून में दिसम्बर माह में इसका समापन होगा।
उन्होंने कहा कि इन सहकारिता मेलों के तीन लक्ष्य रखे गये है पहला लक्ष्य है काश्तकारों को बाजार उपलब्ध कराना, दूसरा लक्ष्य है तीन लाख लखपति दीदीयों को तैयार करना तथा तीसरा लक्ष्य है मिलेट्स मिशन के अन्तर्गत मंडुवा, झिंगोरा, धान, बाजारा आदि अनाजों को वैश्विक पहचान दिलाना। हर जिले के उत्पादों की ब्रांडिंग करके पूरे भारत व विश्व में भेजा जायेगा। सहकारिता के माध्यम से सरकार काश्तकारों को एक बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि इन सहकारिता मेलों में किसान गोष्ठियॉ भी आयोजित की जायेंगी जिसमें काश्तकारों की समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। सहकारिता के माध्यम से महिला समूहों को 10 लाख रू0 तक बिना ब्याज के कर्ज दिया जायेगा तथा एकल महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 21,000 से 01 लाख रू0 तक बिना ब्याज के कर्ज के लिए एक नई स्कीम शुरू की जायेगी। उन्होंने कहा कि ठेले वालों, फड़ लगाने वालों व छोटे काश्तकारों को प्रतिदिन 05 हजार रू0 तक का कर्ज सहकारिता के माध्यम से बिना ब्याज के दिया जायेगा जिससे छोटे काश्तकारों व व्यापारियों को लाभ मिल सके।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने जिला सहकारी बैंक के माध्यम से लाभार्थी व्यक्तियों को ऋण के चेक भी वितरित किए तथा दुग्ध उत्पादन में बेहतर कार्य करने वाले प्रगतिशील काश्तकारों को सम्मानित भी किया। मेले के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने सहकारिता विभाग के माध्यम से प्रकाशित सहकारिता पुस्तक का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने पशुपालन विभाग के सौजन्य से वृहद टीकाकरण अभियान के तहत टीकाकरण वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह टीकाकरण वाहन गांव गांव जाकर पशुओं के टीकाकरण का कार्य करेगी।
इस दौरान विधायक रानीखेत डॉ प्रमोद नैनवाल, दर्जा प्राप्त मंत्री गंगा बिष्ट, महेश्वर मेहरा, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, मेयर अल्मोड़ा अजय वर्मा, जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग हिमानी कुंडू सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी/कर्मचारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
