छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत और सुरक्षा कार्यों की घोषणा
टनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को शारदा घाट में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹20.50 करोड़ की 10 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंतनगर की तर्ज पर चंपावत में कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने एवं छीनीगोठ क्षेत्र में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छीनीगोठ एवं आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं सुरक्षा कार्य कराए जाने से यह क्षेत्र मानसून में होने वाले क्षत्रि से बच सकेगा और कृषि भूमि व सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की तर्ज पर चंपावत में एक नया कृषि विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इस विश्वविद्यालय से स्थानीय युवाओं को कृषि एवं संबद्ध विज्ञानों में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। यह कदम क्षेत्र में वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देगा और पर्वतीय कृषि अर्थव्यवस्था को नई पहचान प्रदान करेगा। उन्होंने कहा ये दोनों घोषणाएं चंपावत को शिक्षा, कृषि और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार, उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रही है। आज शिक्षा स्वास्थ्य कृषि उद्यान रोजगार देने एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हर क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। चंपावत जिले में भी विकास को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा चंपावत में विकास को आगे बढ़ते हुए इसे एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
इस अवसर पर दायित्वधारी श्याम नारायण पांडे, शंकर कोरंगा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
लैंड पोर्ट परियोजना भारत-नेपाल के बीच लॉजिस्टिक आदान-प्रदान सुगम करेगी
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बनबसा, चंपावत में लैंडपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPI) द्वारा निर्माणाधीन लैंड पोर्ट परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। यह परियोजना ₹500 करोड़ से अधिक की लागत से बन रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “कनेक्टिविटी फॉर ग्रोथ” विज़न को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगी।
धामी ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद भारत और नेपाल के बीच यातायात और लॉजिस्टिक का आदान-प्रदान और सुगम होगा। साथ ही, यह परियोजना दोनों देशों के आपसी संबंधों को भी और मजबूत करेगी।

इस लैंड पोर्ट के बनने से सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना सीमावर्ती क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कैंप कार्यालय में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में “Sardar@150” अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, जन-जागरूकता अभियानों और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाए, ताकि सरदार पटेल के विचार अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल देश की एकता, अखंडता और संगठन के प्रतीक थे। उनका जीवन राष्ट्रहित में समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और एकजुटता का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि “Sardar@150” अभियान का उद्देश्य युवाओं को सरदार पटेल के आदर्शों से जोड़ना और राष्ट्र की एकता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे सम्मेलन का उद्घाटन
देहरादून। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में प्रवासी उत्तराखंडी पांच नवंबर को दून विश्वविद्यालय में जुटने जा रहे हैं। मौका है, दूसरे प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन का। इस एक दिवसीय सम्मेलन में उत्तराखंड की 25 वर्षों की यात्रा पर प्रवासी उत्तराखंडी अपने नजरिये को सामने रखेंगे। साथ ही, यह सुझाव भी देंगे कि उत्तराखंड को भविष्य में और बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। इस सम्मेलन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है, जो कि 24 अक्टूबर 2025 की देर रात्रि तक चलेगी। अभी तक विभिन्न राज्यों के 200 प्रवासियों ने अपना पंजीकरण करा लिया है। पंजीकरण प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ की वेबसाइट www.pravasiuttarakhandi.uk.gov.in पर जाकर कराया जा सकता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन के आयोजन का सिलसिला शुरू हुआ है। वर्ष 2024 से पहला प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसमें 17 राज्यों के 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इस बार इस सम्मेलन में भाग लेने वालों की संख्या बढ़ना तय माना जा रहा है। प्रमुुख सचिव मुख्यमंत्री आरके सुधांशु के अनुसार-पांच नवंबर को दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में इस सम्मेलन की शुरूआत सुबह दस बजे से होगी। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। सम्मेलन दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। पहला सत्र पर्यावरण से संबंधित रहेगा, जिसके लिए वन विभाग के पीसीसीएफ एसपी सुबुद्धि को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। दूसरा सत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण से संबंधित रहेगा, जिसके लिए दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सुरेखा डंगवाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
प्रमुख सचिव के अनुसार-सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रवासी उत्तराखंडियों से सीधा संवाद भी करेंगे। संवाद का यह कार्यक्रम करीब एक घंटे का होगा। अभी तक इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड आदि प्रदेशों से 200 लोगों ने पंजीकरण करा लिया है। सम्मेलन के पश्चात शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी दून विश्वविद्यालय में किया जाएगा।
-प्रवासियों को एक मंच पर लाने और उन्हें अपनी मातृभूमि से सक्रियता से जोड़ने तथा राज्य के विकास में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। पिछले आयोजन के हमारे अनुभव बेहद उत्साहित करने वाले रहे हैं। मैं उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित हो रहे इस सम्मेलन के लिए प्रवासी उत्तराखंडियों को सादर आमंत्रित करता हूं। प्रवासी उत्तराखंडियों के सुझाव उत्तराखंड के विकास का रोड मैप तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने 13 जिलों में प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी पूरी की
देहरादून। खेल एवं युवा कल्याण विभाग सेना में अग्निवीर बनकर देश की सेवा करने के इच्छुक युवक- युवतियों को भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देगा। इसके लिए विभाग ने एसओपी तैयार कर ली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों खेल एवं युवा कल्याण विभाग को प्रदेश के युवाओं को अग्निवीर भर्ती के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए थे। ताकि वो उत्तराखंड की महान सैन्य परंपरा के अनुसार सेना में अपना करियर बना सके। इसी क्रम में विभाग ने युवाओं को अग्निवीर भर्ती पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण देने की तैयारी पूरी कर ली है। जल्द ही 13 जिलों में अग्निवीरों का भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रारंभ कर दिया जाएगा।
प्रमुख बातें
1.अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण हेतु इच्छुक युवक- युवतियों के लिए उत्तराखण्ड राज्य का मूल / स्थायी निवासी अथवा उत्तराखण्ड राज्य में किसी संस्थान में अध्ययनरत / सेवारत होना अनिवार्य है।
2. प्रशिक्षण हेतु हाईस्कूल परीक्षा 45 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण तथा प्रत्येक विषय में 33 प्रतिशत अंक अथवा उससे अधिक होना अनिवार्य है।
3. आयु 16 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है।
4. जिला खेल कार्यालय/जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
5. छात्र/छात्रा को चिकित्सक द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
6. प्रशिक्षण के समय छात्र/छात्रा को खेल किट (वेशभूषा-टीशर्ट, नेकर, स्पोर्टस शूज, मौजा) मे उपस्थित होना अनिवार्य है।
7. छात्र/छात्रा के शरीर पर किसी प्रकार कोई टैटू अथवा किसी प्रकार अप्राकृतिक स्थायी निशान आदि न गुदा हो।
8. इच्छुक छात्र/छात्रा को खेल स्टेडियम /खेल मैदान में नियुक्त विभागीय प्रशिक्षक द्वारा ही प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
उत्तराखंड की शानदार सैन्य परंपरा रही है, यहां के प्रत्येक परिवार से कोई ना कोई सदस्य सेना में जाता ही है। इसीलिए सरकार अग्निवीर भर्ती पूर्व प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। ताकि युवा अग्निवीर के जरिए सेना को अपनी सेवाएं दे सके। प्रदेश सरकार अग्निवीरों को सेवाकाल के बाद प्रदेश की सरकारी नौकरियों में आरक्षण भी प्रदान करने का फैसला ले चुकी है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
1 नवंबर से 9 नवंबर तक पूरे प्रदेश में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
रजत जयंती समारोह में दिखेगा उत्तराखंड का 25 साल का विकास सफर और भविष्य का रोडमैप
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने नवम्बर माह में प्रस्तावित रजत जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती समारोह का आयोजन प्रदेशभर में किया जाए। बैठक के दौरान 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक पूरे प्रदेश में आयेाजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की रूपरूरेखा तैयार की गयी।
मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य ने विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग एवं पर्यटन के साथ ही सड़कों एवं नेटवर्क की कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उपलब्धियां अर्जित की हैं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में पिछले 25 साल की उपलब्धियों के साथ ही अगले 25 सालों का रोडमैप भी प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद स्तरीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को सभी विभाग आपसी सामंजस्य के साथ आयोजित करें।
मुख्य सचिव ने कहा कि 01 नवम्बर से 09 नवम्बर तक प्रत्येक दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में श्रमिकों, किसानों, पूर्व सैनिकों और महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा , सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, दीपेन्द्र कुमार चौधरी, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
देहरादून। भाई-बहन के स्नेह, प्रेम और विश्वास के प्रतीक पर्व भाईदूज के अवसर पर आज कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी देहरादून स्थित अपने विधानसभा क्षेत्र के गल्जवाड़ी में बहनों के बीच पहुंचे। इस अवसर पर बहनों ने मंत्री जोशी का तिलक कर पारंपरिक रीति से उनका स्वागत किया।
मंत्री गणेश जोशी ने सभी बहनों को भाईदूज की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “यह पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के अटूट प्रेम और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है। हमारी संस्कृति में परिवार के मूल्यों और रिश्तों की जो गहराई है, वही समाज को सशक्त बनाती है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ आज हर बहन तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों भीषण आपदा के कारण क्षेत्र में कई परिवार प्रभावित हुए हैं और इसके चलते मैंने फैसला लिया कि इस वर्ष भाईदूज का त्यौहार प्रभावित क्षेत्र में अपनी बहनों के साथ मनाऊं।

इस अवसर पर बहनों ने मंत्री की आरती उतारकर तिलक लगाया और उनके दीर्घायु होने की कामना की। मंत्री ने भी बहनों को उपहार स्वरूप मिठाई व शुभकामनाऐं भेंट की।
इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजन और पूर्व ग्राम प्रधान लीला शर्मा, भाजपा की मंडल महामंत्री किरण, पूर्व मंडल अध्यक्ष ज्योति कोटिया, शोभा अधिकारी, रेखा, मीरा, हरिकला, गंगा, चंद्रकला, रीता, गीता, शांति, हेमा, सपना, सीता, सावित्री और माया सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाओं एवं पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
विशेष पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 12.30 बजे बंद हुए मंदिर के कपाट
अब अगले छह माह तक श्रद्धालु खरसाली गांव में ही मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे
उत्तरकाशी। भाईदूज के पावन अवसर पर आज यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए बंद कर दिए गए। अब अगले छह माह तक श्रद्धालु खरसाली गांव में ही मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे।
यमुनोत्री धाम में विशेष पूजा-अर्चना
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, सचिव सुनील उनियाल और कोषाध्यक्ष प्रदीप उनियाल ने बताया कि सुबह 8 बजे खरसाली गांव से यमुना के भाई शनिदेव महाराज की डोली वाद्य यंत्रों के साथ धाम के लिए रवाना हुई।
दोपहर 12.30 बजे विशेष पूजाओं के बाद मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। इस दौरान शनिदेव महाराज ने यमुना नदी में स्नान किया और अपनी बहन मां यमुना के साथ विशेष पूजा-अर्चना में भाग लिया। इसके बाद मां यमुना की उत्सव डोली अपने मायके खरसाली गांव के लिए रवाना हुई।
यमुनोत्री धाम में इस साल 6,45,000 श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन कर पूजा अर्चना की। श्रद्धालुओं के चढ़ावे और भेंट से यमुनोत्री मंदिर समिति को करीब 50 लाख रुपए की आय हुई है। गत वर्ष की अपेक्षा श्रद्धालुओं की आवाजाही में थोड़ी कमी आई।
पर्यटन व्यवसायी पंजीकरण के लिए आवेदन पत्र 25 अक्टूबर तक उपलब्ध, जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर
पर्यटक 15 जून तक ले सकेंगे सफारी का आनंद
ऋषिकेश। प्रसिद्ध राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में इस साल 15 नवंबर से जंगल सफारी शुरू होगी। पर्यटक इस सफारी का आनंद 15 जून 2026 तक ले सकेंगे। पार्क प्रशासन ने कहा है कि इस साल पर्यटन व्यवसायी (सफारी वाहन स्वामी) के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पर्यटन व्यवसायी 25 अक्टूबर तक आवेदन पत्र वेबसाइट या प्रधान कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
पार्क में क्या देख सकते हैं पर्यटक
राजाजी टाइगर रिजर्व एशियाई हाथियों और बाघों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा पार्क में तेंदुआ, जंगली बिल्ली, हिमालयी काला भालू, स्लॉथ भालू, धारीदार लकड़बग्घा, सांभर, जंगली सुअर, चित्तीदार हिरण, बार्किंग हिरण और अन्य कई जानवर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।
पार्क में वर्तमान में गेट और सड़क मरम्मत का काम चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि 31 अक्टूबर तक सभी सफारी ट्रैक तैयार कर लिए जाएंगे और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।
जंगल सफारी की चार रेंजें और स्थानीय रोजगार
राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी चार रेंजों में संचालित होती है—
चिल्लावाली रेंज: 30 किमी
हरिद्वार रानीपुर रेंज: 24 किमी
मोतीचूर रेंज: 22 किमी
चीला रेंज: 36 किमी
पार्क में 160 से अधिक जंगल सफारी वाहन हैं और करीब 200 स्थानीय निवासियों को रोजगार मिलता है।
सफारी पंजीकरण प्रक्रिया
पर्यटन व्यवसायी पंजीकरण के लिए फार्म 25 अक्टूबर तक राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रधान कार्यालय या राजाजी टाइगर रिजर्व वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर है।
अजय लिंगवाल, एसीएफ, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क ने बताया कि सभी व्यवस्थाओं को समय से तैयार किया जा रहा है ताकि पर्यटक इस साल भी सुरक्षित और रोमांचक सफारी का अनुभव ले सकें।
हादसे में दो युवक गंभीर रूप से घायल
देहरादून। कुंडिया गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। एक स्कार्पियो कार 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मुनि की रेती थाना क्षेत्र के पावकी देवी मोटर मार्ग पर रात करीब आठ बजे हुआ।
जानकारी के अनुसार, गुमानीवाला से नरेंद्र नगर के नाई गांव जा रही बारात में शामिल पांच युवक स्कार्पियो से रवाना हुए थे। गूलर से करीब 18 किलोमीटर पहले कुंडिया गांव के पास वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा।
हादसे के बाद कार में सवार एक युवक ने अपने दोस्त को फोन कर दुर्घटना की सूचना देने के साथ लोकेशन भी भेजी, लेकिन थोड़ी देर बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
अंधेरा होने की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आईं। एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सजवाण ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान तीन शव बरामद किए गए हैं, जबकि दो युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है। मृतक और घायल सभी श्यामपुर क्षेत्र के बताए जा रहे हैं।
