राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर सभी पुलिस कर्मियों को मिलेगा विशेष रजत जयंती पदक
देहरादून। राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के सभी कार्मिकों को विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन में आयोजित रैतिक परेड के दौरान की।
पुलिस स्मृति दिवस—शहीदों को श्रद्धांजलि
पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन 1959 में लद्दाख की बर्फीली पहाड़ियों में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए 10 सीआरपीएफ जवानों की याद में समर्पित है। इस अवसर पर कार्यक्रम में बलिदान हुए पुलिस कर्मियों को याद किया गया और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चार अहम घोषणाएं कीं:
सभी पुलिस कर्मियों को विशेष रजत जयंती पदक प्रदान किए जाएंगे।
आवासीय भवन निर्माण के लिए तीन वर्षों में 100 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
एसडीआरएफ जवानों के लिए पांच नए बैरिकों का निर्माण किया जाएगा।
पुलिस कल्याण नीति के अंतर्गत 2.5 करोड़ से 4.5 करोड़ रुपये तक की राशि की जाएगी।
सीमा सुरक्षा और पुलिस की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे राज्य की सीमाएं न केवल अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़ी हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से भी जुड़ी हैं। हमारा राज्य भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इसलिए राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में हमारे पुलिसकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी राज्य की पुलिस व्यवस्था उसकी सुरक्षा और समृद्धि की रीढ़ होती है।”
पुलिस कर्मियों को सम्मानित करने का अवसर
कार्यक्रम में इस साल विभिन्न ड्यूटी पर बलिदान हुए पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। राज्य सरकार की यह पहल पुलिस के कार्य और समर्पण को पहचान देने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब 42 साल तक के अभ्यर्थी भी कर सकेंगे आयुर्वेद कोर्स में दाखिला
देहरादून। उत्तराखंड में इस साल आयुर्वेद पैरामेडिकल कोर्सों में दाखिले की प्रक्रिया बेहद धीमी चल रही है। भारतीय चिकित्सा परिषद, उत्तराखंड द्वारा संचालित इन कोर्सों में अब तक केवल 600 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है, जबकि प्रदेश के 26 आयुर्वेद कॉलेजों में करीब 3100 सीटें उपलब्ध हैं।
परिषद को उम्मीद थी कि आयु सीमा बढ़ाए जाने के बाद दाखिलों की संख्या में वृद्धि होगी, लेकिन फिलहाल स्थिति विपरीत दिख रही है। अब प्रवेश की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर तय की गई है, और नवंबर के पहले सप्ताह में काउंसलिंग की जाएगी।
आयु सीमा में बड़ी राहत — अब 42 वर्ष तक के अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन
इस बार परिषद ने छात्रों को राहत देते हुए प्रवेश के लिए आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी है। यह नियम आयुर्वेद फार्मासिस्ट, नर्सिंग, पंचकर्म सहायक, टेक्नीशियन, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायक जैसे सभी कोर्सों पर लागू होगा। परिषद का मानना है कि इससे अधिक उम्र के वे अभ्यर्थी भी अवसर पा सकेंगे जो पहले पात्रता से बाहर रह जाते थे।
बीते साल भी खाली रह गईं थीं आधी से अधिक सीटें
पिछले शैक्षणिक सत्र में भी आयुर्वेद पैरामेडिकल कोर्सों की आधे से ज्यादा सीटें खाली रह गई थीं। विशेषज्ञों का कहना है कि युवाओं में एलोपैथिक और मॉडर्न हेल्थ एजुकेशन की ओर झुकाव बढ़ने से पारंपरिक चिकित्सा कोर्सों में रुचि कम हो रही है।
परिषद को दाखिला बढ़ाने की उम्मीद
परिषद की रजिस्ट्रार नर्मदा गुसाईं ने बताया कि आवेदन की तिथि बढ़ाने और आयु सीमा में छूट से छात्रों की संख्या में सुधार की संभावना है। उन्होंने कहा, “हम उम्मीद कर रहे हैं कि दिवाली के बाद आवेदनों की संख्या बढ़ेगी। नवंबर के पहले सप्ताह में काउंसलिंग पूरी कर कॉलेजों का आवंटन कर दिया जाएगा।”
प्रदेश में 26 कॉलेज, 3100 सीटें
उत्तराखंड में भारतीय चिकित्सा परिषद से मान्यता प्राप्त 26 आयुर्वेद पैरामेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इनमें कुल 3100 सीटें हैं, लेकिन छात्रों की संख्या में गिरावट से ये सीटें भरना परिषद के लिए लगातार चुनौती बनी हुई हैं।
मेहूंवाला के प्लास्टिक गोदाम और निरंजनपुर मंडी में भीषण आग, दमकल की तत्परता से टला बड़ा हादसा
देहरादून। दिवाली की रात रोशनी के साथ-साथ आग की घटनाओं ने भी शहर को दहला दिया। सोमवार की शाम से मंगलवार तड़के तक, महज साढ़े छह घंटे के भीतर देहरादून में आग लगने की 12 घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे भीषण आग मेहूंवाला के प्लास्टिक गोदाम और निरंजनपुर मंडी की छत पर लगी। राहत की बात यह रही कि दमकल विभाग की तत्परता और लोगों की जागरूकता से किसी बड़े हादसे को टाल लिया गया।
फायर विभाग के मुताबिक, इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले आग की घटनाओं में कमी आई है, हालांकि पटाखे—खासकर स्काई शॉट और रॉकेट—मुख्य कारण बने रहे।
मेहूंवाला में प्लास्टिक गोदाम में लगी भीषण आग
मेहूंवाला इलाके में सोमवार रात एक प्लास्टिक गोदाम में भीषण आग भड़क उठी। प्लास्टिक की ज्वलनशीलता के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरे क्षेत्र में जहरीला धुआं भर गया। दमकल विभाग को आग पर काबू पाने में डेढ़ घंटे से अधिक का समय लग गया।
आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि फायर फाइटर्स को सांस लेने में परेशानी हुई। विभाग ने विशेष एग्जॉस्ट लगाकर धुआं और बदबू को हटाने की कोशिश की। गनीमत यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
निरंजनपुर मंडी में छत पर लगी आग, बड़ा हादसा टला
निरंजनपुर मंडी में एक बिल्डिंग की छत पर भी आग लग गई, जहां फलों के बक्से, लकड़ी और प्लास्टिक के तिरपाल रखे थे। माना जा रहा है कि आग स्काई शॉट पटाखे से लगी। फायर विभाग की तत्परता से आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया गया। अंदर मौजूद लोग समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रातभर व्यस्त रहा फायर विभाग, 12 कॉल पर की त्वरित कार्रवाई
धर्मावाला, जीएमएस रोड, राजीव नगर, नेहरू ग्राम, सरस्वती बिहार और ओल्ड राजपुर रोड समेत कई इलाकों से आग लगने की कॉल आई। दमकल कर्मियों ने बिना देर किए सभी स्थानों पर पहुंचकर आग बुझाने का काम किया।
फायर स्टेशन अधिकारी किशोर उपाध्याय ने बताया कि पिछले साल दिवाली पर 39 कॉल आई थीं, जबकि इस बार सिर्फ 12 कॉल मिलीं। यह कमी लोगों की बढ़ी फायर सेफ्टी जागरूकता और समय पर प्रतिक्रिया का परिणाम है।
बीते चार वर्षों में 26,500 से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व परिषद में नव-चयनित सहायक समीक्षा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। शनिवार को आहूत इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त कार्मिकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि दीपावली से पूर्व यह नियुक्ति पत्र प्राप्त होना नवनियुक्त कार्मिको और उनके परिवारजनों के लिए विशेष प्रसन्नता का अवसर है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवारजनों को भी इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते चार वर्ष में राज्य में 26,500 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को अभियान के रूप में निरंतर आगे बढ़ाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पूर्व हरिद्वार में हुई परीक्षा से संबंधित एक प्रकरण सामने आया था, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया और एसआईटी जांच गठित की गई। इसके पश्चात छात्रों की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों के अनुरूप परीक्षा को निरस्त करते हुए सीबीआई जांच की संस्तुति की।
उन्होंने कहा कि राज्य में बीते वर्षों के दौरान सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की गई हैं। भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही उन्होंने रिक्त पदों को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरने का अभियान शुरू किया, जिसके फलस्वरूप आज हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार आगे भी पूर्ण पारदर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया को अभियान के रूप में जारी रखेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने नवनियुक्त कार्मिकों से कहा कि सरकारी सेवा को जनसेवा का माध्यम मानकर कार्य करें। उन्हें अपने कार्य में पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और पारदर्शिता का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों में सरलीकरण और गति लाना आवश्यक है, ताकि जनता को शीघ्र और सरल सेवाएं प्राप्त हों।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव एस.एन. पांडे, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, राजस्व परिषद के अधिकारीगण तथा नव-नियुक्त सहायक समीक्षा अधिकारी एवं समीक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी
देहरादून। उत्तराखंड के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने देहरादून–टनकपुर एक्सप्रेस (15019/15020) की सेवा को साप्ताहिक से बढ़ाकर त्रि-साप्ताहिक (सप्ताह में तीन दिन) करने की मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस फैसले के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और पर्यटन को भी नई गति देगा।
मुख्यमंत्री के आग्रह पर बढ़ी ट्रेन की आवृत्ति
मुख्यमंत्री धामी ने 8 अक्टूबर 2025 को नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के दौरान इस विषय पर विस्तृत चर्चा की थी। मुख्यमंत्री के अनुरोध के बाद रेल मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देहरादून–टनकपुर रेल सेवा की आवृत्ति बढ़ाने का निर्णय लिया।
नई समय सारिणी
रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार —
15019 देहरादून–टनकपुर एक्सप्रेस अब बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। (पहले केवल रविवार को चलती थी)
15020 टनकपुर–देहरादून एक्सप्रेस अब मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी। (पहले केवल शनिवार को चलती थी)
रेल मंत्रालय के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) विवेक कुमार सिन्हा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय यात्रियों की सुविधा और बढ़ती मांग को देखते हुए लिया गया है तथा इसे शीघ्र प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेशवासियों को बड़ी सुविधा
इस फैसले से कुमाऊँ और गढ़वाल के बीच यात्रा और अधिक सुगम होगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। राज्य के विभिन्न हिस्सों में रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है, जिससे आने वाले समय में पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों तक रेल संपर्क सुनिश्चित होगा।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दिए सभी जिलाधिकारियों और सीएमओ को 24×7 सतर्क रहने के निर्देश
देहरादून। दीपावली पर्व के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पूरी तरह सक्रिय और सतर्क बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के दिशा-निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के प्रशासन और चिकित्सा संस्थानों को अलर्ट मोड पर रखा है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्वों की खुशियाँ तभी सार्थक हैं जब हर नागरिक सुरक्षित और स्वस्थ हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली के दौरान आग, सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए चौबीसों घंटे स्वास्थ्य सेवाएँ तैयार रहें। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि सभी अस्पतालों, एम्बुलेंस सेवाओं और आपात चिकित्सा इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग ने पर्याप्त चिकित्सा कर्मियों की तैनाती, आवश्यक दवाओं और उपकरणों के भंडारण, तथा ब्लड बैंक और बर्न यूनिट की पूर्ण कार्यशीलता सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और हर जिले में व्यवस्था की सतत समीक्षा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागरिकों से अपील की कि दीपावली उत्साह से मनाएं, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन अवश्य करें।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्साधिकारियों को त्योहारों के दौरान 24×7 सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पर्वों के दौरान आग लगने, दुर्घटनाओं या अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों की संभावना को देखते हुए अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों और नियंत्रण कक्षों को पूरी तरह क्रियाशील रखा गया है। जारी परिपत्र के अनुसार, 108 नेशनल एम्बुलेंस सेवा, जिला नियंत्रण कक्ष, और अस्पतालों के आपातकालीन वार्ड सतत निगरानी में रहेंगे। आपात सेवाओं के लिए पर्याप्त डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी तय की गई है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि सभी जिलों में अग्निशमन, पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। उन्होंने बताया कि पर्वों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बाजारों में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स तैनात रहेंगी। जिलाधिकारियों को स्वास्थ्य संस्थानों की तैयारियों की समीक्षा और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सचिव ने यह भी कहा कि जनजागरूकता के माध्यम से नागरिकों को सुरक्षित पर्व मनाने का संदेश दिया जा रहा है। स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया और सामुदायिक नेटवर्क के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि आतिशबाज़ी सावधानी से करें, विद्युत उपकरणों का प्रयोग सोच-समझकर करें और किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत 108 हेल्पलाइन पर संपर्क करें। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकार जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि “सभी अधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि पर्वों की खुशी के बीच किसी भी नागरिक को चिकित्सा सुविधा पाने में कठिनाई न हो।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि समय पर राहत और रोकथाम सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि दीपावली और इगास पर्व के दौरान विभाग पूरी तत्परता से कार्य करेगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे पर्वों की खुशियाँ जिम्मेदारी के साथ मनाएँ, दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए संपर्क करें।
प्राधिकरण शहर में बिना स्वीकृति के हो रहे किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा शहर में अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई जारी है। प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत शिमला बाईपास रोड के विभिन्न स्थानों पर किये गये अवैध आवासीय निर्माणों और प्लाॅटिंग पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों पर संपन्न हुई। एमडीडीए की टीम ने बाला जी इन्क्लेव, शिमला बाईपास रोड में अवैध निर्माण और भूखंड विभाजन (प्लाॅटिंग) के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए कई जगहों पर बुलडोज़र चलाया और सीलिंग की कार्रवाई की।
महेश उपाध्याय, सतीश एवं अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि में की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। इखलाक एवं अन्य द्वारा निर्मित अवैध आवासीय भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। शैकीन द्वारा किए गए अवैध आवासीय निर्माण को भी सील किया गया। कार्यवाही के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता जितेन्द्र कुमार एवं सुपरवाइजर मौके पर मौजूद रहे।
अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा एमडीडीए-बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण शहर में बिना स्वीकृति के हो रहे किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा। विकास मानकों और भवन उपविधियों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान जनहित में है और इसका उद्देश्य शहर के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करना है। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि एमडीडीए पारदर्शी शासन व्यवस्था के अंतर्गत कार्य कर रहा है और किसी भी शिकायत पर त्वरित जांच व आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व प्राधिकरण से स्वीकृति प्राप्त करें, अन्यथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई तय है।
बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य प्रारंभ न करें-मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध कॉलोनी या अनधिकृत निर्माण कार्य को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने बिना स्वीकृति के प्लॉटिंग या भवन निर्माण किया है, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य देहरादून को एक सुनियोजित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। इस दिशा में निरंतर निगरानी और कार्रवाई जारी है। आम नागरिकों से अपील है कि वे किसी भी व्यक्ति या संस्था के बहकावे में आकर बिना स्वीकृति के निर्माण कार्य प्रारंभ न करें। ऐसा करने पर प्राधिकरण को भवन सील करने और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
युवाओं को रनिंग, पुश अप आदि के ट्रेनिंग देने की हर जगह मुख्यालय में होगी सुविधा
खेल मंत्री ने अधिकारियों की बैठक में दिए निर्देश
देहरादून। अगर आप अग्निवीर में भर्ती की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। अब प्रदेश के सभी जिलों में खेल विभाग इसके लिए आपको तैयारी कराएगा। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभाग के अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश जारी किए।
कैंप कार्यालय यमुना कॉलोनी में हुई बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सभी जिला मुख्यालय पर जो खेल सुविधाएं, स्टेडियम और उपकरण उपलब्ध हैं वे सभी सेना में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। इसके लिए युवाओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा कोई भी युवा यह सुविधा प्राप्त कर सकता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फिलहाल खेल विभाग के पास उपलब्ध प्रशिक्षकों के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी लेकिन भविष्य में इस कार्य के लिए विशेष मानव संसाधन की व्यवस्था किए जाने की योजना है।
इसके साथ ही बैठक में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष में निकाले जाने वाले एकता मार्च और दूसरे चरण में सभी जनपदों में निकाले जाने वाली पदयात्राओं की तैयारी की समीक्षा भी की गई।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि राज्य स्थापना के रजत जयंती समारोह में युवा महोत्सव आयोजित करने की तैयारी है और उन्होंने बैठक में इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया।
बैठक में विशेष खेल प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई, उपनिदेशक जयराज, उपनिदेशक शक्ति सिंह आदि उपस्थित रहे।
गोरियाकोठी में बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में मुख्यमंत्री धामी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने की जनसभा
गोरियाकोठी,बिहार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिहार के गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के समर्थन में आयोजित नामांकन सह आशीर्वाद सभा में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ सम्मिलित होकर जनता से एनडीए को प्रचंड मतों से विजयी बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देवेशकांत सिंह ने विधायक रहते हुए इस क्षेत्र में अनेक विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। जनता के जोश और उत्साह को देखकर यह स्पष्ट है कि इस बार देवेशकांत पिछली बार की तुलना में और अधिक मतों से जीत दर्ज करेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की डबल इंजन सरकार ने बिहार में अभूतपूर्व विकास कार्य किए हैं। आज बिहार के हर जिले में विकास की गति दिखाई दे रही है। सड़कों से लेकर रेल सेवाओं तक हर क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत की है और रेल बजट में भी अभूतपूर्व वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण और अंत्योदय के लक्ष्य को साकार करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। आज बिहार के हर घर में बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा पहुँची है। कांग्रेस के समय में सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ के नारे दिए जाते थे, लेकिन आज वास्तव में गरीबों के उत्थान के लिए काम हो रहा है और 30 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के पुनरुत्थान का कार्य भी निरंतर जारी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और श्री केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने उत्तराखंड में किए गए सुधारात्मक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहाँ समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है। राज्य में ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’ और अवैध मदरसों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा ‘ऑपरेशन कालनेमि’ चलाकर पाखंडियों पर सख्त कार्रवाई की गई है।
राजद और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस जैसी पार्टियाँ तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति में लिप्त हैं। लालू परिवार ने भ्रष्टाचार में कांग्रेस को भी पीछे छोड़ दिया है चारा घोटाला हो या IRCTC घोटाला, पूरा परिवार इसमें संलिप्त पाया गया है। यही वे लोग हैं जिन्होंने बिहार को जंगलराज में तब्दील कर दिया था, जब अपराध चरम पर था, दिनदहाड़े हत्याएँ होती थीं, महिला अपराध होते थे और रंगदारी मांगने वालों का बोलबाला था। उन्होंने कहा कि इन विरोधियों का एकमात्र लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी को रोकना है। इनके पास बिहार के विकास के लिए कोई विजन या एजेंडा नहीं है। राहुल गांधी चुनाव के बाद गायब हो जाते हैं और तेजस्वी यादव ट्वीट तक सीमित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अंत में कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि बिहार की जनता एक बार फिर विकासवादी सोच पर मुहर लगाकर एनडीए की सरकार बनाने जा रही है। बिहार का जनादेश इस बार भी विकास, सुशासन और स्थिरता के पक्ष में होगा।
देहरादून। राज्य के महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहे दुष्प्रचार और फेक पोस्ट्स के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून अजय सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने अपनी छवि धूमिल करने की साजिश में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने पत्र में कहा है कि “कतिपय व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर मेरी छवि को धूमिल करने की साजिश के तहत बिना किसी तथ्य के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँच रही है।” उन्होंने इस मामले में दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने संबंधित पोस्टों और फेक आईडी के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को सौंपे हैं।

एसएसपी अजय सिंह ने पुष्टि की है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि मामला साइबर सेल को जांच के लिए सौंपा गया है। जांच में फेक आईडी और पोस्ट के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर फैलाई गई सामग्री सुनियोजित तरीके से प्रसारित की गई थी। साइबर सेल अब आईटी एक्ट और आईपीसी की धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत छवि नहीं बल्कि राज्य की सूचना प्रणाली की साख से जुड़ा है। फेक सामग्री फैलाने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
