आठवें राष्ट्रीय पोषण महा समापन समारोह में शामिल हुई केंद्रीय मंत्री
देहरादून। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के नींबूवाला स्थित ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित आठवें राष्ट्रीय पोषण माह समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर महिलाओं और बच्चों को पोषण किट में महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं और बच्चों के पोषण के लिए जो मिशन प्रारंभ हुआ है, वह जनभागीदारी का सफल उदाहरण है। उत्तराखंड में इस दिशा में किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सबसे आवश्यक है कि देश की हर महिला और बच्चे को उचित पोषण मिले। उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग पोषित और स्वस्थ होगा, तभी राष्ट्र अपनी संपूर्ण क्षमता से आगे बढ़ सकेगा।
रेखा आर्या ने कहा कि इस दिशा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका सबसे अहम है। उन्हें गांव-गांव में पोषण जागरूकता की अग्रदूत बनकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पोषण अभियानों के बेहतर परिणाम मिल रहे हैं और यह सामूहिक प्रयास भारत को “कुपोषण मुक्त” बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। समारोह में अतिथियों ने ओहो रेडियो, पोषण अभियान, अनुपूरक पोषाहार, मिशन शक्ति, नारी निकेतन एवं बाल गृह, सहित कृषि, उद्यान और शिक्षा विभाग के विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, महिला सशक्तिकरण मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव लव अग्रवाल, संयुक्त सचिव राधिका झा, विभाग के सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशीलाल राणा, श्रीमती निमिषा झा सहित अनेक अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
वात्सल्य योजना के 1 करोड़ 56 लाख जारी
इस अवसर पर मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के अंतर्गत सभी 13 जनपदों के कुल 5211 लाभार्थियों को सितंबर माह के लिए 1 करोड़ 56 लाख 33 हजार रुपए की धनराशि सीधे खातों में ट्रांसफर की गई
ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के साथ एकीकृत कैंटीन से सुविधाओं का होगा केंद्रीकरण
देहरादून। विकासनगर (फतेहपुर, हरबर्टपुर) में आज भारतीय सेना ने सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की। मेजर जनरल एमपीएस गिल, विशिष्ट सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया ने नव-निर्मित सीएसडी कैंटीन का उद्घाटन किया। यह आधुनिक कैंटीन ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के साथ एकीकृत है, जिससे सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी
उद्घाटन के दौरान मेजर जनरल गिल ने कहा, “उत्तराखंड सब एरिया हमेशा से पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहा है। यह कैंटीन हमारी कोशिशों का प्रतीक है कि देश के हर हिस्से में पूर्व सैनिकों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।”
इस कैंटीन को विशेष रूप से क्षेत्र के 1525 सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीर नारी और उनके परिवार शामिल हुए, जिससे भारतीय सेना और उसके विस्तारित परिवार के बीच गहरे संबंध का पता चलता है।
ब्रिगेडियर राम सिंह थापा, स्टेशन कमांडर देहरादून और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। यह पहल भारतीय सेना के उन प्रयासों का प्रतीक है, जो पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके बलिदानों को सदैव सम्मान देने के लिए किए जा रहे हैं।
आरपीडब्ल्यूएसएस आईडी मॉड्यूल से ग्रामीण जलापूर्ति का रखरखाव और शिकायत प्रबंधन आसान होगा
देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में जल जीवन मिशन की योजनाओं की निगरानी अब ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजना (आरपीडब्ल्यूएसएस) आईडी मॉड्यूल के माध्यम से । इस मॉड्यूल से न केवल रखरखाव आसान होगा, बल्कि ग्रामीण उपभोक्ता अपनी शिकायतें सीधे दर्ज कर सकेंगे।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन की हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक में आरपीडब्ल्यूएसएस आईडी मॉड्यूल की जानकारी साझा की गई। यह डिजिटल पहल ग्रामीण जल प्रशासन को मजबूत बनाने और जल योजनाओं की पारदर्शी निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। आरपीडब्ल्यूएसएस आईडी मॉड्यूल जल जीवन मिशन की डिजिटल अवसंरचना का हिस्सा है। इसके तहत हर पेयजल योजना की डिजिटल मैपिंग होगी और प्रत्येक योजना को एक डिजिटल पहचान मिलेगी। इसके जरिए योजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी, पूर्वानुमानित रखरखाव और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सकेगी।
उत्तराखंड के लगभग 16 हजार गांवों में जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति की योजनाएं बनाई जा चुकी हैं। इस मॉड्यूल के लागू होने के बाद हर गांव की एक-एक योजना की डिजिटल मैपिंग उपलब्ध होगी। भविष्य में केंद्र सरकार इसी मॉड्यूल के माध्यम से बजट जारी करेगी, जिससे यह पता चलेगा कि किस परियोजना में कितनी वित्तीय आवश्यकता है।
पारदर्शिता और जवाबदेही:
इस मॉड्यूल के जरिए निर्माण, मरम्मत और शिकायत निवारण के सभी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रहेंगे। स्थानीय निवासी नागरिक संवाद प्लेटफॉर्म पर जाकर जल आपूर्ति की गुणवत्ता, पाइपलाइन की स्थिति और शिकायतें दर्ज कर सकेंगे। केंद्र सरकार जल्द ही राज्यों को इस डिजिटल पहल के लिए विशेष बजट और तकनीकी सहयोग भी प्रदान करेगी।
विशाल मिश्रा, एमडी, जल जीवन मिशन ने बताया, “जैसे ही विस्तृत जानकारी प्राप्त होगी, प्रशिक्षण और आईडी बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इससे उत्तराखंड सरकार भविष्य में जल योजनाओं की निगरानी और रखरखाव और प्रभावी ढंग से कर सकेगी।”
सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में परंपरागत विधि-विधान से सम्पन्न हुआ धार्मिक अनुष्ठान
चमोली। पंच केदारों में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट शुक्रवार तड़के परंपरागत विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे क्षेत्र में ‘जय रुद्रनाथ’ के जयघोष गूंज उठे। करीब 500 से अधिक भक्त कपाट बंद होने के शुभ क्षण के साक्षी बने।
मंदिर के मुख्य पुजारी सुनील तिवारी ने बताया कि सुबह चार बजे से विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई, जिसके पश्चात सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे कर सुबह छह बजे भगवान के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। साढ़े सात बजे भगवान रुद्रनाथ की डोली विधिवत प्रस्थान कर पंचगंगा, पितृधार, पनार गुग्याल होते हुए मोली बुग्याल पहुंची, जहां भगवान को नए अनाजों का ‘राजभोग’ लगाया गया।
इसके बाद डोली सगर गांव में विश्राम करेगी, जहां पुनः नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। सूर्यास्त से पहले भगवान की डोली गोपीनाथ मंदिर, गोपेश्वर पहुंच जाएगी और वहीं छह माह तक विराजमान रहेगी। परंपरा के अनुसार, कपाट बंद करते समय भगवान को मंदार (बुखला) के 251 पुष्प गुच्छों से अलंकृत किया गया। कपाट पुनः खुलने पर इन्हीं पुष्पों को प्रसाद स्वरूप श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा— देवभूमि में अब कोई जिहादी जमीन नहीं हड़प सकेगा
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने लैंड जिहादियों और अवैध गतिविधियों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 9,000 एकड़ जमीन को लैंड जिहादियों से मुक्त कराया गया है, जबकि 250 अवैध मदरसों को सील कर 500 से अधिक अवैध संरचनाएं ध्वस्त की गई हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि में अब कोई भी जिहादी रंग-बिरंगी चादर डालकर भूमि पर कब्जा नहीं कर सकता।
मुख्यमंत्री धामी काशीपुर में नव-निर्मित भाजपा जिला कार्यालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक, मेयर और कई पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने हवन-पूजन के बाद कहा कि नया कार्यालय कार्यकर्ताओं की प्रतिबद्धता और संगठन की शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भाजपा का नेतृत्व कर्म से तय होता है, जन्म से नहीं। देश की कुछ राजनीतिक पार्टियां परिवारवाद में फंसी हैं, जबकि भाजपा कार्यसंस्कृति के आधार पर आगे बढ़ती है।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने नकल विरोधी कानून, लव जिहाद, लैंड जिहाद, भू-कानून और ऑपरेशन कालनेमि जैसे कड़े कदम उठाए हैं। अब तक छह हजार से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही, मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे मान्यता प्राप्त होंगे जो राज्य शिक्षा आयोग के सिलेबस के अनुसार पढ़ाई करेंगे।
नकल माफिया पर सख्त कार्रवाई
धामी ने कहा कि हाल ही में हरिद्वार में नकल कराने के मामले में दोषियों को तुरंत जेल भेजा गया और एसआईटी जांच कराई गई। अब किसी भी युवा की मेहनत पर नकल माफिया डाका नहीं डाल सकेगा। सख्त नकल विरोधी कानून के कारण अब तक 26 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य की बेरोजगारी दर में भी 4.4 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे उत्तराखंड राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है।
सांस्कृतिक और संगठनात्मक मजबूती पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ-साथ सरकार राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि नए कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, जहां से बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सामाजिक अभियानों का संचालन किया जाएगा।
दोस्तों के साथ घूमने आया था दिल्ली निवासी युवक, अधूरे हिस्से से फिसलकर गिरा नदी में
ऋषिकेश। ऋषिकेश में एक दर्दनाक हादसा उस समय हो गया जब निर्माणाधीन बजरंग सेतु से एक युवक गंगा नदी में गिर गया। बताया जा रहा है कि युवक अपने दो दोस्तों के साथ घूमने आया था और सेल्फी लेते समय उसका पैर फिसल गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। फिलहाल एसडीआरएफ की टीम युवक की तलाश में जुटी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन की ओर से बार-बार चेतावनी और रोक के बावजूद पर्यटक निर्माणाधीन पुल पर चढ़ने से बाज नहीं आ रहे थे। इसी लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। सूत्रों के मुताबिक, गुरुवार रात दिल्ली से आए तीन दोस्तों में से एक युवक अधूरे कांच के पुल के हिस्से पर पहुंच गया। वहां निर्माण कार्य जारी था और कुछ हिस्सों पर शीशे का काम पूरा नहीं हुआ था। अचानक पैर फिसलने से वह सीधे गंगा में जा गिरा।
सेतु निर्माण में जुटे मजदूरों ने बताया कि पर्यटकों की भीड़ के कारण काम बार-बार बाधित हो रहा है। कई पर्यटक रोकने पर बहस करने लगते हैं और खुद को वीआईपी बताकर धमकाते हैं। दशहरे के दिन तो भीड़ ने बंद किए गए हिस्से के टीन शेड तक तोड़ डाले थे।
निर्माण एजेंसी ने बताया कि पुल का कार्य अंतिम चरण में है, इसलिए प्रशासन को पर्यटकों के लिए निश्चित समय तय करना चाहिए, जिससे आवागमन नियंत्रित रहे और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को जनपद ऊधम सिंह नगर के खटीमा–मेलाघाट राज्य मार्ग (राज्य मार्ग संख्या 107) के पुनर्निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर शिलान्यास किया। यह परियोजना ₹2089.74 लाख की लागत से बनाई जाएगी। इसके अंतर्गत 11.50 किलोमीटर लंबी सड़क का पुनर्निर्माण, केसी ड्रेनेज सिस्टम, सड़क सुरक्षा कार्य, रोड साइनएज की स्थापना, तथा टीबीएम एवं बीसी द्वारा सुदृढ़ीकरण कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सड़क केवल खटीमा क्षेत्र के विकास की धुरी नहीं है, बल्कि भारत-नेपाल सीमावर्ती संपर्क का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। इस सड़क के सुधारीकरण से खटीमा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को न केवल सुगम यातायात सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती व्यापार, पर्यटन और शिक्षा से जुड़े अवसरों को भी नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के साथ-साथ भू-कटाव रोकने और स्थानीय जल निकासी व्यवस्था के सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ और सुरक्षित बनी रहे। उन्होंने कहा कि खटीमा अब शिक्षा का हब बन चुका है, जहाँ से प्रदेश ही नहीं बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थी भी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड का हर क्षेत्र सुगम, सशक्त और समृद्ध बने। विकास की हर परियोजना जनता के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। खटीमा–मेलाघाट सड़क परियोजना भी इसी दृष्टि से एक मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “कनेक्टिविटी ही विकास की रीढ़” के संकल्प को आगे बढ़ा रही है। इसी भावना के अनुरूप राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में सड़कों का विस्तार और आधुनिकीकरण तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने सड़कों को गढ्ढा मुक्त करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को आगामी दीपावली और अन्य त्योहारों की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पर्वों के अवसर पर राज्य की सुरक्षा, सौहार्द और स्वच्छता बनाए रखना हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दायित्वधारी फरजाना बेगम, अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, पूर्व विधायक डॉ प्रेम सिंह राणा, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
रुड़की। उत्तराखंड के रुड़की में बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे में दो स्कूली छात्रों की मौत हो गई, जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल है। यह हादसा गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुर गांव में हुआ, जब तीन छात्र स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। हादसे का दिल दहला देने वाला दृश्य पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर की दोपहर बीएसएम इंटर कॉलेज के तीन छात्र अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्होंने एक टेंपो को ओवरटेक करने की कोशिश की, इसी दौरान सामने से आ रही देहरादून डिपो की रोडवेज बस से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक हवा में उछल गई और तीनों छात्र सड़क पर जा गिरे।
एक छात्र की मौके पर मौत, दूसरा अस्पताल में दम तोड़ा
स्थानीय लोगों के पहुंचने तक एक छात्र की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस और एंबुलेंस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इलाज के दौरान दूसरे छात्र की भी मौत हो गई। तीसरे छात्र की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।
मृतकों और घायल की पहचान
हादसे में मृत छात्रों की पहचान –
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तेलूराम उर्फ सूरज (16 वर्ष), पुत्र गुलाब सिंह, निवासी सालियर सहलापुर, कोतवाली गंगनहर
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अमित (17 वर्ष), पुत्र रिंकू, निवासी नन्हेड़ा अनंतपुर, थाना भगवानपुर
वहीं घायल छात्र का नाम सोनी (17 वर्ष), पुत्र सुनील, निवासी नन्हेड़ा अनंतपुर बताया गया है।
बस चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि हादसे में शामिल दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर बस चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि घायल छात्र का इलाज जारी है और पुलिस हादसे की जांच में जुटी है।
परिजनों में मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां अपने बच्चों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे क्षेत्र में इस दर्दनाक घटना से शोक की लहर फैल गई है।
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर कैबिनेट विस्तार को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कल, 17 अक्टूबर को दिल्ली दौरे पर रहेंगे, जहां वे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर कैबिनेट विस्तार पर चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान जल्द ही विस्तार को हरी झंडी दे सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, धामी सरकार में फिलहाल पांच मंत्री पद खाली हैं, जिनमें से चार लंबे समय से रिक्त हैं, जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद से खाली पड़ा है। ऐसे में पांच विधायकों की किस्मत खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि, भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इन दिनों बिहार विधानसभा चुनाव और राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन में व्यस्त है, इसलिए अंतिम फैसला धामी की इस यात्रा के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
कैबिनेट विस्तार पर हाईकमान की निगाह
नवरात्र के दौरान भी मुख्यमंत्री धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने विस्तार के संकेत दिए थे, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। राज्य सरकार अब मानसून आपदा राहत कार्यों के बाद प्रशासनिक संतुलन की दिशा में ध्यान दे रही है। पार्टी रणनीतिक रूप से 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए संगठन और सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, धामी का दिल्ली दौरा इस बार निर्णायक साबित हो सकता है और पार्टी शीर्ष नेतृत्व से ग्रीन सिग्नल मिलते ही मंत्रिमंडल विस्तार की औपचारिक घोषणा संभव है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी बोले- “आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया आढ़त बाजार बनेगा देहरादून का मॉडल प्रोजेक्ट”
आढ़त बाजार का पुनर्विकास देहरादून शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करेगा- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आज आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, आढ़त बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में परियोजना से जुड़े प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में लेखपाल नजीर अहमद ने उपाध्यक्ष तिवारी को निर्माणाधीन आढ़त बाजार की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया। बताया गया कि प्राधिकरण स्तर पर परियोजना का अधिकांश कार्य पूर्व से ही संपन्न किया जा चुका है।
15 दिन के भीतर स्वेच्छा से ध्वस्त करेंगे पुराने निर्माण
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पुराने आढ़त बाजार के मालिक अपनी संपत्तियों को रजिस्ट्री के माध्यम से लोक निर्माण विभाग (PWD) को हस्तांतरित करेंगे। साथ ही, भूखंड आवंटन और नकद प्रतिकर प्रक्रिया 3 नवंबर 2025 से समानांतर रूप से प्रारंभ की जाएगी। निर्णय के अनुसार, रजिस्ट्री करते समय यह स्पष्ट उल्लेख रहेगा कि संबंधित भू-स्वामी रजिस्ट्री के 15 दिन के भीतर पुराने निर्माण को स्वेच्छा से ध्वस्त करेंगे और छह माह के भीतर नए आढ़त बाजार में अपना निर्माण कार्य पूर्ण करेंगे।
10 वर्षों तक क्रय-विक्रय रहेगा प्रतिबंधित
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बैठक में कहा-आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना देहरादून शहर के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट साबित होगी। हमारा उद्देश्य है कि सभी प्रभावित व्यापारी सम्मानजनक पुनर्वास के साथ आधुनिक सुविधाओं से युक्त व्यावसायिक परिसर में शीघ्रता से स्थानांतरित हों। एमडीडीए की प्राथमिकता पारदर्शी और जनहितकारी कार्यप्रणाली है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि न तो किसी व्यापारी के हितों को क्षति पहुंचे और न ही विकास कार्यों में विलंब हो। उन्होंने आगे कहा कि प्राधिकरण द्वारा निर्माणाधीन आढ़त बाजार में आवंटित भूखंड का 10 वर्षों तक किसी प्रकार का क्रय-विक्रय प्रतिबंधित रहेगा, जिससे पुनर्विकास का उद्देश्य सुरक्षित रहे। साथ ही, पुराने आढ़त बाजार के चौड़ीकरण कार्य हेतु लेफ्ट और राइट साइड के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित करने के निर्देश भी दिए गए।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को करेगा सुव्यवस्थित
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि आढ़त बाजार के शिफ्ट होने और इसके चौड़ीकरण से आम जनमानस को सहारनपुर चौक से प्रिंस चौक तक लगने वाले भीषण जाम से बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल व्यापारिक दृष्टि से बल्कि यातायात और शहरी सौंदर्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आढ़त बाजार का पुनर्विकास देहरादून शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित करेगा और स्थानीय नागरिकों को सहज एवं सुगम आवागमन का अनुभव देगा।
सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना देहरादून शहर के सुनियोजित विकास की दिशा में एमडीडीए की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस परियोजना का उद्देश्य पारंपरिक व्यापारिक ढांचे को आधुनिक रूप देना और सभी व्यापारियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक कार्यस्थल उपलब्ध कराना है। हमारा प्रयास है कि भूखंड आवंटन और प्रतिकर वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न हो तथा कोई भी व्यापारी पुनर्वास से वंचित न रहे। यह परियोजना देहरादून के शहरी पुनर्निर्माण का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगी।
बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार, अवर अभियंता सुनील उपरेती, पीडब्ल्यूडी अधीक्षण अभियंता राजेश कुमार, सहायक अभियंता मुस्ताक आलम, सीओ जगदीश चंद्र पंत, तथा आढ़त बाजार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र गोयल, सचिव विनोद गोयल और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
