सभी मनरेगा श्रमिकों को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना सरकार की प्राथमिकता है — मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास कैंप कार्यालय में उत्तराखण्ड भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ ऑनलाइन पोर्टल और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लगभग 10,000 श्रमिकों व परिजनों को कुल ₹11 करोड़ 50 लाख की आर्थिक सहायता राशि हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल धनराशि हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के प्रति सम्मान और आभार प्रकट करने का अवसर है। राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह सहायता और मृत्यु उपरांत सहायता जैसी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य का विकास श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। सभी मनरेगा श्रमिकों को भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत लाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाए और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित किया कि अगले तीन महीनों में कम से कम 5 से 6 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रम विभाग और बोर्ड के अधिकारियों का दायित्व है कि वे प्रत्येक श्रमिक तक पहुँच बनाएं और उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें। पंचायत स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाने और पंजीकरण अभियान को तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा — “राज्य का विकास हमारे श्रमिक भाइयों-बहनों के परिश्रम पर आधारित है। उनके कल्याण में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। मेहनत हमारी ताकत है, एकता हमारी पहचान है। राज्य सरकार हमारे परिश्रमी श्रमवीरों के हर सुख-दुःख की सहभागी है।”
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए समर्पण के साथ कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खनन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने पारदर्शिता और सख्त निगरानी व्यवस्था के माध्यम से उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने बताया कि राज्य के खनन राजस्व में 800 करोड़ रुपये की अप्रत्याशित वृद्धि सरकार की पारदर्शी नीति और प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि खनन विभाग अब उत्तराखण्ड का ‘मॉडल डिपार्टमेंट’ बन चुका है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के अधिकारी उत्तराखण्ड आकर इसकी नीतियों और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य विभागों को भी खनन विभाग की पारदर्शिता और अनुशासन से सीख लेते हुए अपनी कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाना चाहिए।
बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अदाकी, अपर सचिव विनीत कुमार सहित श्रम विभाग एवं भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीएम धामी बोले—सिटी बस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी
हल्द्वानी। शहर के आम नागरिकों के लिए मंगलवार का दिन नई राहत लेकर आया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिटी बस सेवा का शुभारंभ शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सेवा से नागरिकों को सस्ती, सुलभ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से शहर के यातायात दबाव में कमी आएगी, प्रदूषण घटेगा और ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के प्रत्येक नगर में आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था विकसित करना है, ताकि आम जन को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध हो सके।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सिटी बस सेवा को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख मार्गों पर प्रारंभ किया जाएगा, जिससे स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों तथा नौकरीपेशा लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत (कालाढूंगी), राम सिंह कैड़ा (भीमताल), भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी सुश्री अनामिका सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
लोक सेवा आयोग से 109 और अधीनस्थ चयन आयोग से 1347 अभ्यर्थियों को मिली नियुक्ति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को दून मेडिकल कॉलेज, पटेलनगर में आयोजित कार्यक्रम में 1456 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें लोक सेवा आयोग से चयनित 109 समीक्षा अधिकारी व सहायक समीक्षा अधिकारी तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1347 सहायक अध्यापक (एलटी) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह अवसर न केवल उनके जीवन का एक अहम पड़ाव है, बल्कि राज्य के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। उन्होंने कहा कि नवनियुक्त कर्मचारी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करें।
सीएम धामी ने कहा कि सचिवालय राज्य शासन का मस्तिष्क है, जहां नीतियां और विकास की रूपरेखा तैयार होती है। इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में समीक्षा अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वहीं, अध्यापक बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं — उन्हें केवल ज्ञान नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी छात्रों में जगानी होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर डिजिटलाइजेशन तक हर स्तर पर सुधार किए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए भी कई ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि बीते चार वर्षों में राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है — यह संख्या पूर्ववर्ती सरकारों के कुल आंकड़ों से दोगुनी है। हाल ही में हरिद्वार में परीक्षा में नकल के मामले पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, आरोपी को गिरफ्तार कर एसआईटी गठित की और सीबीआई जांच की संस्तुति के साथ पेपर निरस्त करने का निर्णय लिया।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग में नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। शीघ्र ही बीआरपी, सीआरपी, बेसिक अध्यापकों और चतुर्थ श्रेणी पदों पर भी नियुक्तियां दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि सभी अध्यापकों को प्रारंभ में दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देनी होगी।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, विधायक विनोद चमोली, सचिव रविनाथ रमन, दीपेंद्र चौधरी और शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। राष्ट्रीय पोषण माह-2025 का समापन समारोह आगामी 17 अक्टूबर को होगा और इसमें सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस अवसर पर प्रदेश भर से आंगनबाड़ी कार्यकत्री और विभिन्न महिला प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं के उचित पोषण को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना, सुनहरे 1000 दिन योजना, अन्नप्राशन और गोद भराई जैसे विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही पोषण किट और महालक्ष्मी किट का वितरण भी किया जाएगा ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ किया जा सके।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह हमारे लिए केवल एक अभियान नहीं, बल्कि मातृ एवं शिशु के स्वस्थ भविष्य की नींव है। इस समापन समारोह के माध्यम से हम चाहते हैं कि पोषण का संदेश हर घर तक पहुंचे और कोई भी बच्चा कुपोषण का शिकार न हो। इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए तैयारियों का जिम्मा विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया है।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंशी लाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह आदि उपस्थित रहे।
सरखेत और घंतूकासेरा में स्थानीय लोगों से मिले, हर संभव सहायता का भरोसा दिया
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित क्षेत्रों सरखेत और घंतूकासेरा का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को विस्तार से जाना और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और किसी को भी कठिनाई नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को दूरभाष के माध्यम से निर्देशित किया कि पुनर्निर्माण और राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके। कैबिनेट मंत्री ने आपदा प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार तेजी से राहत और पुनर्वास कार्य कर रही है, और जो भी सहायता आवश्यक होगी, वह शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, अनुज कौशल, विनोद कैंतुरा, कविता सहित क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
हल्द्वानी में पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव की धूम, लोक संस्कृति की झलक से महका मंच
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित पांच दिवसीय कुमाऊं द्वार महोत्सव में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुमाऊँ द्वार महोत्सव केवल एक संस्कृति का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारी अस्मिता, पहचान और जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक है। हर वर्ष यहां प्रतिभाग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह महोत्सव हमारे कलाकारों को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करता है और उन्हें सम्मानित करने का कार्य भी करता है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन की बधाई देते हुए लोक कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि तकनीकी और वैश्वीकरण के इस दौर में भी हमारी परंपराएं जीवित हैं और यह महोत्सव आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं के लोक कलाकारों ने अपनी निष्ठा और परिश्रम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहुंचाया है। वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री द्वारा उत्तराखंड की ब्रह्मकमल टोपी पहनने के बाद यह टोपी अब राज्य की पहचान बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोक भाषा, संस्कृति और कलाकारों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लोक कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके। कोरोना काल में लगभग 3200 सूचीबद्ध कलाकारों को ₹2000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी गई थी। साथ ही, लोक कला को समर्पित कलाकारों को पेंशन और गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार जैसे सम्मानों के माध्यम से साहित्यकारों को भी सम्मानित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दशक उत्तराखंड का दशक है। प्रधानमंत्री के इस कथन ने प्रदेशवासियों के भीतर ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन के अग्रदूत हमारी माताएं और बहनें बनेंगी।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि “स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ” का मंत्र हमें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे ले जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन किया और “लखपति दीदी योजना” के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया।
इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिमा अग्रवाल, एसएसपी पी.एस. मीणा, प्रभारी जिलाधिकारी अनामिका सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, लोक कलाकार और क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।
सीमांत गांवों में जल्द लगेंगे बीएसएनएल टावर, नेटवर्क समस्या होगी खत्म
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में दूर-दराज से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। भूमि विवाद, घरेलू हिंसा, निजी भूमि पर कब्जा, बाढ़ सुरक्षा, दैवीय आपदा में क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता आदि से जुड़ी 151 शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही समाधान किया गया।
75 वर्षीय बुजुर्ग राकेश तलवाड़ ने अपनी भूमि पर कब्जा और सीमांकन कराने के बाद डीएम को आशीर्वाद दिया। अधोईवाला निवासी सुशीला देवी की निजी भूमि पर मोबाइल टावर अनुबंध समाप्त होने और किराया डिफॉल्ट होने के बावजूद हटाया नहीं गया था। उनकी शिकायत पर जिलाधिकारी ने तुरंत टावर सीज करने के आदेश दिए। इसी दौरान दिव्यकांत लखेडा के खिलाफ गुंडा एक्ट में फास्ट ट्रैक केस दर्ज कराया गया। दोषी पाए जाने पर जिला बदर की कार्यवाही होगी।
बुड्डी गांव निवासी बाबूलाल की आठ माह की वृद्धावस्था पेंशन रुकी हुई थी। डीएम ने समाज कल्याण विभाग को एरियर सहित भुगतान के निर्देश दिए। सीमांत क्षेत्र कथियान के 15 गांवों में नेटवर्क समस्या को दूर करने के लिए बीएसएनएल टावर लगाने की कवायद शुरू की गई।
बीमार रीतू को कोरोनेशन अस्पताल में निःशुल्क भर्ती कर इलाज की व्यवस्था की गई। फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित सुनील को राइफल क्लब फंड से आर्थिक सहायता मिली। 83 वर्षीय बुजुर्ग मुन्ना लाल और अन्य असहायों को भरण-पोषण और शिक्षा सहायता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
62 वर्षीय डेन्डो देवी का आधार कार्ड बनवाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को कार्यवाही का निर्देश दिया गया।
जनता दरबार में भूमि सीमांकन, रजिस्ट्री, अवैध कब्जा हटवाने, दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त संपत्ति की मुआवजा राशि, सड़क और सुरक्षा दीवार निर्माण, परिवहन सेवा की बहाली समेत अन्य शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी (एफआर) केके मिश्रा, एसडीएमए स्मृता परमार, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीमए विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, डीडीओ सुनील कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र सिंह, विवेक राजौरी, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
अब केवल सरकारी संस्थानों को ही बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र , पुलिस-मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम रखेगी हर केंद्र पर सख्त निगरानी
देहरादून। पेपर लीक प्रकरणों से सबक लेते हुए उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) अब अपनी आगामी परीक्षाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की तैयारी में है। आयोग द्वारा स्थगित की गई सहकारी निरीक्षक, सहायक विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा अब 16 नवंबर को आयोजित की जाएगी।
आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि 45 पदों के लिए यह परीक्षा पहले 5 अक्तूबर को प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा था। अब नई तिथि तय कर दी गई है और उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड जल्द ही जारी किए जाएंगे।
इस बार परीक्षा व्यवस्था को लेकर आयोग ने “फुलप्रूफ मास्टर प्लान” तैयार किया है। परीक्षा केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों — विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों — को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।
हर परीक्षा केंद्र पर पुलिस और मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम निगरानी रखेगी। वहीं, उम्मीदवारों की बायोमीट्रिक उपस्थिति और कड़ी चेकिंग से लेकर प्रश्नपत्र वितरण तक सभी प्रक्रिया सख्त नियंत्रण में होगी।
आयोग के अध्यक्ष जी.एस. मर्तोलिया ने कहा कि आगामी परीक्षाओं के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। पूर्व में बनाए गए परीक्षा केंद्र अब नहीं रहेंगे और पूरी निगरानी व्यवस्था को नई रूपरेखा में ढाला गया है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।
साथ ही, आयोग जल्द ही समूह-ग भर्तियों का नया परीक्षा कैलेंडर जारी करने की तैयारी में है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षाओं में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी और चयन प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाएगी।
इधर, आयोग ने पुस्तकालय भर्ती परीक्षा की चयन सूची भी विभाग को भेज दी है। इसमें उप पुस्तकालयाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना सहायक, सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष और सूचीकार पदों पर चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। अब विभाग स्तर पर नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने नियुक्ति को दी मंजूरी
देहरादून। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में संविदा के आधार पर 9 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अनुमोदन दे दिया है। विभिन्न संकायों में इन विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल कॉलेज में जहां शैक्षणिक गतिविधियों में व्यापक सुधार होगा वहीं कॉलेज में अध्ययनरत एमबीबीएस छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण भी मिल सकेगा।
सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संकाय सदस्यों की कमी को दूर करने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में कॉलेजों में फैकल्टी की नियुक्ति के लिये हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित साक्षात्कार कमेटी ने वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से 9 विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर नियुक्ति प्रस्ताव राज्य सरकार को उपलब्ध कराया है। जिसे सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपना अनुमोदन दे दिया है। कमेटी द्वारा चयनित इन विशेषज्ञ चिकित्सकों को संविदा के आधार पर राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में नियुक्ति दी जायेगी। जिसमें डॉ कुलदीप सिंह लालर को कार्डियोलॉजी विभाग, डॉ. देवेन्द्र कुमार को न्यूरोसर्जरी तथा डॉ. इंदिरा यादव को रेडियोथैरेपी विभाग में प्रोफेसर पद पर नियुक्ति की गई है। इसी प्रकार डॉ. सौरभ सचर को रेडियोडाग्नोसिस, डॉ. विक्की बख्शी को रेस्पिरेट्रीय मेडिसिन तथा डॉ. शीबा राणा को ईएनटी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद जबकि डॉ. निधि बहुगुणा को ऑब्स एंड गयानी, डॉ. सुफीयां खान को नेत्र तथा डॉ. छत्रा पाल को इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति दी गई है।
इन सभी चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति आगामी तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में इन संकाय सदस्यों की नियुक्ति से एमबीबीएस छात्रों के शिक्षण संबंधी दिक्कते दूर होगी साथ ही उन्हें बेहतर प्रशिक्षण भी मिल सकेगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को भी बेतहर उपचार मिलेगा।
बयान-
राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 9 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी गई है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से शिक्षण व प्रशिक्षण गतिविधियों में और सुधार होगा। राज्य सरकार की मंशा मेडिकल कॉलेजों में शत-प्रतिशत फैकल्टी की तैनाती सुनिश्चित करना है। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
31 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी फूलों की घाटी
चमोली। उत्तराखंड की विश्व धरोहर फूलों की घाटी इन दिनों बर्फ की सफेद चादर से ढक गई है। विभिन्न दुर्लभ फूलों के लिए प्रसिद्ध यह घाटी अब सर्दियों की सुंदरता में रंगीन हो चुकी है। समय से पहले हुई बर्फबारी ने घाटी को पूरी तरह से बर्फ से ढक दिया है, जिससे यहां के प्राकृतिक पहाड़ और स्लोप एक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं।
स्थानीय टूर ऑपरेटर संजय सती ने बताया कि इस बार बर्फबारी के चलते पर्यटक फूलों के बजाय बर्फ का आनंद लेने के लिए घाटी की ओर रुख कर रहे हैं। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल के अनुसार, बर्फबारी के बाद घाटी में प्रतिदिन करीब आठ से दस पर्यटक पहुंच रहे हैं। फूलों की घाटी इस साल 31 अक्तूबर को पर्यटकों के लिए बंद कर दी जाएगी।
