चर्चित केशवा नन्द भारती बनाम केरल सरकार मामले के मुख्य याचिकाकर्ता स्वामी केशवा नन्द भारती का रविवार को निधन हो गया। केरल के कासरगोड जिले के इडनीर मठ के प्रमुख स्वामी केशवा नन्द भारती ने 79 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं ने ट्वीट कर उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
1973 में केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय की 13 न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। यह फैसला आज भी प्रासंगिक बना हुआ है और कई अन्य देशों की अदालतों ने भी इसे कोट किया है। दरअसल, केरल की तत्कालीन कम्युनिस्ट सरकार ने एक भूमि सुधार कानून बना कर जमींदारों व मठों की भूमि अधिग्रहित कर ली। स्वामी केशवा नन्द भारती ने केरल भूमि सुधार अधिनियम, 1963 को अदालत में चुनौती दी। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद-29 को भी चुनौती दी, जिसके तहत केरल सरकार का कानून था। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद- 26 , जिसके तहत धार्मिक संस्थाओं को अधिकार दिए गए थे, के आधार पर राहत की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान यह सवाल उठा कि क्या संसद को अधिकार है कि वह संविधान की मूल प्रस्तावना को बदल सके ? केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में 68 दिन तक सुनवाई हुई। यह सुनवाई 31 अक्टूबर 1972 को शुरू होकर 23 मार्च 1973 को खत्म हुई। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सीकरी की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने 7:6 के बहुमत से 24 अप्रैल 1973 को न्यायिक इतिहास का यह सबसे महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। मामूली बहुमत से हुए इस निर्णय में यह माना गया कि संसद संविधान के किसी भी भाग में संशोधन उस हद तक ही कर सकती है, जहाँ तक कि वो संशोधन संविधान के बुनियादी ढांचे और आवश्यक विशेषताओं में परिवर्तन या संशोधन नहीं करे। यानि संविधान की प्रस्तावना की भावना से कोई छेड़छाड़ नहीं हो सकती है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 368; जो संसद को संविधान में संशोधन करने की शक्तियाँ प्रदान करता है, के तहत संविधान की आधारभूत संरचना में बदलाव नहीं किया जा सकता है। केशवानंद भारती मामले ने संविधान की ‘आधारभूत संरचना’ (Basic Structure) का ऐतिहासिक सिद्धांत दिया था।
स्वामी केशवा नन्द भारती के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के सभी प्रमुख नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा कि पूज्य केशव नन्द भारती को समाज सेवा और उपेक्षितों के सशक्तिकरण को लेकर उनके योगदान के लिए याद रखा जाएगा। वे समृद्घ भारतीय संस्कृति और हमारे महान संविधान से गहरे जुड़े हुए थे। वे हमेशा पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को स्टेट बिजनेस रिफार्म एक्शन प्लान-2019 के चौथे एडिशन के तहत ईज आफ डूईंग बिजनेस के क्षेत्र में राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग जारी की। रैकिंग में आंध्र प्रदेश ने पहला, उत्तर प्रदेश ने दूसरा व तेलंगाना ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उत्तराखण्ड 2015 में 23वें स्थान पर था, उसे अब 11वां स्थान प्राप्त हुआ है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वित्त मंत्रियों व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में यह रैंकिंग जारी की। वित्त मंत्री ने पहले तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों को लगातार सुधारवादी कदम उठाने के लिए बधाई दी और आशा जताई कि आने वाले समय में यह सुधार और दिखेंगे।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का मकसद अपने तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि अपनी शक्ति बढ़ाने का है। इस तरीके से हम अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि आत्मनिर्भर भारत अधिक से अधिक निर्यात को बेहतर मूल्य निर्धारण व गुणवत्ता की प्रतिस्पर्धा के साथ नेतृत्व करेगा और उस भारतीय कौशल को प्रदर्शित करेगा, जो उसे पूर्णता प्रदान करते हैं।

वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर कहा कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 से राज्यों की ईज ऑफ डूईंग बिजनेस रैंकिंग जारी की जा रही है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के अंतर्गत राज्यों द्वारा किये जा रहे रिफॉर्म, केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकारों के बीच सकारात्मक साझेदारी की अनूठी मिसाल है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा राज्यों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के पश्चात निर्धारित रिफॉर्म एक्शन प्लान राज्यों को निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए एक समुचित रोड मैप प्रदान करता है। उत्तराखण्ड ने आरंभ से ही ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के क्षेत्र में लगातार सक्रियता से कार्य किया है। वर्ष 2015 की पहली रैंकिंग में हम 23वें स्थान पर थे और वर्ष 2019 में 11वें स्थान पर रहे हैं। उत्तराखण्ड राज्य राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि प्राप्त करने वाले राज्यों की श्रेणी में सम्मिलित हो इसके लिये प्रभावी प्रयास किये जायेंगे।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य को निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में हम कृत संकल्प है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा राज्य में निवेश हेतु उद्यमियों को अनेक सहुलियतें दिये जाने से सम्बन्धित कार्ययोजना बनायी है, जिसका परिणाम शीघ्र धरातल पर दिखायी देगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों के अनुकूल माहोल तैयार करने के साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा आत्म निर्भर भारत के लिए की गई पहल को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा कारगर प्रयास किये जा रहे हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही एक जनपद एक उत्पाद की दिशा में भी योजना बनायी जा रही है।
बैंक में नौकरी का अवसर खोज रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। नैनीताल बैंक लिमिटेड ने प्रॉबेशनरी ऑफिसर व क्लर्क के 155 पदों के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किये हैं। आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा करने की तिथि 15 सितंबर तक है।
नैनीताल बैंक ने प्रॉबेशनरी अधिकारी के 75 व लिपिक वर्ग के 80 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किये हैं। प्रॉबेशनरी अधिकारी के पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन अथवा पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। जबकि लिपिक पद के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन अथवा पोस्ट ग्रेजुएशन में कम से कम 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है। दोनों पदों के आवेदकों को कम्प्यूटर की जानकारी भी जरुरी है। संबंधित क्षेत्र में एक से दो साल के अनुभव वाले उम्मीदवारों को वरीयता दी जाएगी।
प्रोबेशनरी ऑफिसर के पदों पर चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 23,700 से 42,020 रुपये और क्लर्क पदों पर चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 11,765 से 31,540 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाएगा।
उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु सीमा 21 साल और अधिकतम आयु सीमा 30 साल होनी चाहिए।
चयनित उम्मीदवारों को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में कहीं भी जॉब करना पड़ सकता है। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।
परीक्षा केंद्र हल्द्वानी, देहरादून, रूड़की, बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, लखनऊ, जयपुर, दिल्ली व अंबाला में बनाये जाएंगें।
प्रोबेशनरी अधिकारी पद के लिए 2000 रुपये और लिपिक पद के लिए 1500 रुपये आवेदन शुल्क तय किया गया है।
इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 29 अगस्त से शुरू हो गए हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर है।
इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी के लिए नैनीताल बैंक की वेबसाइट देखिए –
केरल के तिरुअनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तस्करी के माध्यम से लाये जा रहे 30 किग्रा सोने का मामला प्रदेश की कम्युनिस्ट सरकार के गले की फांस बन गयी है। सोने की तस्करी के मामले ने केरल की राजनीति में जो तूफ़ान खड़ा किया है, वह फिलहाल शांत होता नहीं दिखाई दे रहा है। पीले सोने की तस्करी ने लाल झंडे की सरकार को सांसत में डाल दिया है। भारतीय जनता पार्टी इस प्रकरण में सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय की संलिप्तता का आरोप लगा कर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का त्याग पत्र मांगने पर तुली हुई है, तो मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आरोप लगाया की प्रदेश सरकार का मुख्य काम सोने की तस्करी और ड्रग ट्रैफकिंग है।
उल्लेखनीय है, कि गत 5 जुलाई को तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डे पर एक गोपनीय सूचना के आधार पर सीमाकर अधिकारियों ने तीस किलो सोना पकड़ा था। यह एक बक्से में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से पहुंचा था। बक्सा UAE के दूतावास के नाम था। जब एयरपोर्ट पर इस मामले का खुलासा हुआ तो ‘राजनयिक सामान’ की आड़ में भेजे गए इस पैकेट को UAE कॉन्सुलेट ने अपना मानने से इनकार कर दिया। सोना तस्करी मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सोना उस कूटनीतिक माध्यम से लाया गया था, जिसमें विदेशी राजनयिकों की कोई जांच नहीं होती है।

केरल पुलिस ने जब इस मामले की जांच की तो इसमें मुख्य अभियुक्त के रूप में स्वप्ना सुरेश का नाम सामने आया। स्वप्ना पहले UAE कॉन्सुलेट की अधिकारी थीं और उसके बाद वह केरल राज्य सूचना प्रौद्योगिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रही थी। स्वप्ना सुरेश का मुख्यमंत्री कार्यालय में बेरोकटोक आना-जाना था। यह भी कहा जाता है कि शाम ढलते ही उसके आवास पर पार्टियां होती थीं। इसमें केरल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों तक की उपस्थिति होती थी। मामले में नाम आने के बाद स्वप्ना सुरेश फरार हो गयी थी।
अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शोर-शराबा होते देख प्रकरण की राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की केंद्र सरकार से मांग कर डाली। केंद्र सरकार ने तस्करी मामले में आतंकी फंडिंग और राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए 9 जुलाई को NIA को जांच सौंपी। NIA ने जांच शुरू कर स्वप्ना सुरेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार कर दिया। NIA ने इस मामले में 25 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें से 20 की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इस सनसनीखेज तस्करी मामले में एक नाटकीय मोड़ तब आया जब स्वप्ना सुरेश की केरल के मुख्यमंत्री विजयन के प्रधान सचिव व आईटी सचिव एम शिवशंकर व राज्य के एक मंत्री केटी जलील के साथ लगातार टेलीफोन संपर्क में रहने का मामला सामने आया। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिवशंकर को मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारियों में गिना जाता है। तस्करी प्रकरण में शिवशंकर की भूमिका संदिग्ध होने की बात सामने आने पर मुख्यमंत्री ने शिवशंकर को निलंबित कर दिया। NIA और प्रवर्तन निदेशालय (ED) शिवशंकर से कई बार पूछताछ कर चुके हैं।
NIA ने स्वप्ना सुरेश के टेलीफोन रिकॉर्ड का ब्यौरा हासिल किया है। मुख्य अभियुक्त स्वप्ना सुरेश ने ED के समक्ष दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उसका ‘‘अच्छा-खासा प्रभाव” था। ED ने कोच्चि की विशेष NIAअदालत में यह दावा किया है। NIA के अलावा सीमा शुल्क विभाग, ED व अन्य एजेंसियां भी मामले की जाँच में जुटी हुई हैं।

इधर, यह मामला केरल की राजनीति भूचाल का सबब बना हुआ है। केरल में लगातार अपनी राजनीतिक पैठ को मजबूत करने में जुटी भाजपा इस मुद्दे पर केरल की कम्युनिस्ट सरकार को बख्शने के मूड में नहीं दिखाई दे रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से लेकर केरल इकाई के अध्यक्ष के.सुरेंद्रन तक ने तस्करी मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय को सीधे निशाने पर लिया है। सुरेंद्रन ने गुरूवार को भी कोझिकोड में आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के उच्चाधिकारियों से लेकर सत्तारूढ़ दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) तक के नेता तस्करी मामले में लिप्त हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी भी इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर हमलावर हो उठी है। विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथल्ला ने शुक्रवार को तिरुअनंतपुरम में केरल सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। चेन्निथल्ला ने आरोप लगाया की इस सरकार का मुख्य काम सोने की तस्करी और ड्रग ट्रैफकिंग है।
इस वर्ष ‘खेल रत्न’ पुरस्कार के लिए चयनित हुई देश की शीर्ष महिला पहलवान विनेश फोगाट कोरोना वायरस संक्रमण से मुक्त हो गई हैं। उनका कोविड-19 परीक्षण दो बार निगेटिव निकला है। हालांकि, यह स्टार रेसलर एहतियात के तौर पर फिलहाल आइसोलेशन में ही रहेंगी।
विनेश ने ट्वीट किया, ‘मेरा कल दूसरा कोविड-19 परीक्षण हुआ और मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरा नतीजा निगेटिव आया है। यह शानदार खबर है, लेकिन एहतियाती तौर पर मैं पृथकवास में रहूंगी। प्रार्थनाओं के लिए सभी को धन्यवाद।’ टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाली एकमात्र भारतीय महिला पहलवान विनेश ने कहा कि वह कुछ और समय के लिए पृथकवास में रहने को प्राथमिकता देंगी.
विनेश को इस वर्ष खेल रत्न पुरस्कार देने की घोषणा हुई है। यह पुरस्कार उन्हें पिछले माह 29 अगस्त को हुए ऑनलाइन राष्ट्रीय खेल पुरस्कार समारोह में दिया जाना था। मगर कोरोना पॉजिटिव होने के कारण वह यह पुरस्कार ग्रहण नहीं कर सकीं। विनेश देश की प्रतिभाशाली महिला पहलवान हैं। उनके नाम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले देश की पहली महिला पहलवान होने का रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भी देश के लिए सोना दिलाया है। वर्ष 2016 के रियो ओलम्पिक में घुटने पर चोट लगने के कारण उन्हें प्रतियोगिता से बहार होना पड़ा था। मगर विनेश ने हिम्मत नहीं छोड़ी। विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीत कर टोकियो ओलम्पिक का टिकट हासिल कर लिया।
पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव कुमार ने आज मंगलवार को भारत के नए चुनाव आयुक्त (EC) के रूप में पदभार संभाल लिया। वर्तमान में आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा और एक चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा कार्यरत हैं। राजीव कुमार चुनाव आयुक्त अशोक लवासा का स्थान लेंगे। चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दिया था। लवासा एशियाई विकास बैंक (ADB) में उपाध्यक्ष के रूप में नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं।
नए चुनाव आयुक्त राजीव कुमार 1984 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। 36 वर्षों से अधिक समय तक अपनी सेवाएं देने के दौरान उन्होंने केंद्र के साथ-साथ बिहार व झारखंड के अपने राज्य कैडर में विभिन्न पदों पर काम किया है। सेवानिवृत होने से पहले वे केंद्र में वित्त सचिव थे। इसके बाद उन्हें अप्रैल 2020 से सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया।
राजीव कुमार एक शौकीन ट्रैकर हैं। इसके साथ ही वह भारतीय शास्त्रीय और भक्ति संगीत में गहरी रुचि रखते हैं।
‘भारत रत्न’ पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का सोमवार को निधन हो गया। 84 वर्षीय प्रणब दा पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और दिल्ली में सेना के रिसर्च एंड रेफरल (RR) अस्पताल में भर्ती थे। उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर अपने निधन की सूचना दी है। मुखर्जी पिछले 21 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।
11 दिसंबर, 1935 को पश्चिम बंगाल के वीर भूमि जिले में जन्मे प्रणब दा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता थे। उनके पिता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। प्रणब दा एक वकील और कॉलेज प्राध्यापक रहे। फिर पत्रकारिता की। उनका संसदीय जीवन पांच दशकों का रहा। इस दौरान वे कांग्रेस पार्टी और सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहे। वर्ष 2012 में वे देश के तेरहवें राष्ट्रपति नियुक्त हुए।

उनके निधन पर देश भर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई ट्वीट कर प्रणब दा को अपनी श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने प्रणब दा के पांव छुते हुए एक फोटो भी ट्वीट किया है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन अथवा सिफारिशें 15 सितंबर तक की जा सकती हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 1 मई से को शुरू हुई थी। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन केवल ऑनलाइन होंगें। इन पुरस्कारों के लिए अब तक 8035 पंजीकरण किए जा चुके हैं।
क्या हैं पद्म पुरस्कार
पद्म पुरस्कारों के नाम पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री हैं, जो देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं। वर्ष 1954 में स्थापित इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। पद्म पुरस्कार के लिए विशिष्ट कार्य को पहचाना जाता है और यह सभी क्षेत्रों अथवा विषयों, जैसे- कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान तथा इंजीनियरिंग, सार्वजनिक जीवन, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि में प्रतिष्ठित और असाधारण उपलब्धियों अथवा सेवाओं के लिए दिए जाते हैं। सभी व्यक्ति वर्ग , जाति, पेशा, पद या लिंग के भेद के बिना इन पुरस्कारों के पात्र हैं। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के आलावा सार्वजनिक उपक्रमों में काम करने वालों सहित सरकारी कर्मचारी पद्म पुरस्कार के पात्र नहीं हैं।
कैसे करें नामांकन
केंद्र सरकार इन पद्म पुरस्कारों को लोगों का पद्म के रूप में तब्दील करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए केंद्र सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे स्व-नामांकन अथवा किसी विशिष्ट व्यक्ति के नामांकन की सिफारिशें करें। स्व-नामांकन अथवा सिफारिश पद्म पुरस्कारों की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप में निर्दिष्ट सभी प्रासंगिक विवरण शामिल होने चाहिए, जिसमें स्पष्ट रूप से प्रतिष्ठित व्यक्ति की असाधारण उपलब्धियां, सेवा, संबंधित क्षेत्र आदि की पूरी जानकारी और उसके लिए अनुशंसित उद्धरण (अधिकतम 800 शब्द) शामिल हों।
यहाँ करें ऑनलाइन नामांकन
पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन अथवा सिफारिश निम्न वेबसाइट पर की जा सकती है। वेबसाइट पर पुरस्कारों से संबंधित विस्तृत विवरण और मानकों इत्यादि की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई गयी है। https://padmaawards.gov.in
सरकार ने की विशिष्ट व्यक्तियों की खोज की अपील
पुरस्कार चयन प्रक्रिया को संपन्न करने वाले केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने केंद्र के सभी मंत्रालयों व विभागों, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों, भारत रत्न व पूर्व में पद्म विभूषण प्राप्त कर चुके लोगों और विभिन्न संस्थानों से पद्म पुरुस्कारों के लिए प्रतिभाशाली लोगों की पहचान में सहयोग करने की अपील की है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि उन प्रतिभाशाली व्यक्तियों की पहचान करने की दिशा में पूर्ण प्रयास किये जाएं, जिनके कार्य व जीवन वास्तव में महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजनों और समाज के लिए निस्वार्थ सेवा में लगा हुआ हो। मंत्रालय ने ऐसे लोगों के नामांकन की सिफारिश का अनुरोध किया है।
सितम्बर माह में शुरू होने वाले संसद सत्र की तैयारियों के बीच आज शुक्रवार को उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव रहे सेवानिवृत आईएएस अधिकारी उत्पल कुमार सिंह को लोकसभा का सचिव नियुक्त किया गया है।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने उत्पल कुमार सिंह को सचिव के पद पर नियुक्त किया है। उनकी तैनाती 1 सितम्बर से प्रभावी होगी। उत्पल कुमार सिंह अभी हाल ही में उत्तराखंड के मुख्य सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उत्तराखंड का मुख्य सचिव बनने से पूर्व उत्पल प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात रहे हैं। उनकी गिनती काबिल अधिकारियों में होती रही है।

यहां यह भी बता दें कि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के निवासी आईपीएस अधिकारी रघुवीर लाल भी वर्तमान में संसद भवन में अपर सचिव (सुरक्षा) के पद पर तैनात हैं। रघुवीर लाल उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आई पी एस अधिकारी हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला के इंस्टाग्राम पर प्रशंसकों की संख्या 3 करोड़ हो गयी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी करते हुए प्रशंसकों की संख्या 3 करोड़ होने पर आभार व्यक्त किया है। वीडियो जारी करने के साथ उर्वशी ने एक नोट भी लिखा है। इसमें उर्वशी ने कहा है –
आप लोगों को प्यार !
मेरी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनने लिए धन्यवाद।
मेरे जीवन में आने और मुझे खुशी देने के लिए धन्यवाद।
मुझे प्यार करने और बदले में मेरे प्यार को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद।
उन स्मृतियों के लिए धन्यवाद, जिन्हें मैं हमेशा के लिए स्वीकार करुँगी।
मुझे खुशियाँ और मुस्कुराहट देने के लिए धन्यवाद।
मेरी मुसीबतों को साझा करने के लिए धन्यवाद।
मेरी आँख के आँसू पोंछने के लिए धन्यवाद।
मुझे आकाश का आनंददायक दृश्य दिखाने के लिए धन्यवाद।
मुझे सर रखने के लिए अपना कन्धा आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद।
मेरे शब्दों को उचित अर्थ देने के लिए धन्यवाद।
मुझे जीवन का मूल्य बताने के लिए धन्यवाद।
मुझे सर्वाइव करने के नियम दिखाने के लिए धन्यवाद।
मेरी बातों को सहानुभूतिपूर्वक सुनने के लिए धन्यवाद।
यह दिखाने के लिए धन्यवाद कि आप कितना ध्यान रखते हैं।
उर्वशी ने अपने इंस्टाग्राम परिवार में 30 मिलियन सदस्य बनने पर प्रशंसकों का धन्यवाद देने के साथ ही अन्य वीडियो भी जारी किये हैं, जिनमें वो केक काटते दिखाई दे रही हैं। केक पर 30 मिलियन लिखा हुआ है।
