अक्सर लोग रात में नींद खुलने को मामूली परेशानी मानकर टाल देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर की गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा कर सकती है। लगातार बाधित नींद न सिर्फ दिनभर की थकान बढ़ाती है, बल्कि लंबे समय में यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। चिकित्सा भाषा में बार-बार नींद टूटने की स्थिति को स्लीप फ्रैगमेंटेशन कहा जाता है, जिसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
क्यों बार-बार टूटती है नींद
रात में नींद बार-बार खुलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे गंभीर कारणों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया शामिल है, जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और दिमाग आपको जगा देता है। तेज खर्राटे, अचानक सांस घुटने का अहसास या हांफते हुए नींद खुलना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।
दिल और शुगर पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी नींद की कमी का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। बार-बार नींद टूटने से तनाव हार्मोन बढ़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन में गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही नींद की कमी इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी ब्लड शुगर असंतुलन का संकेत हो सकता है।
मानसिक तनाव भी बड़ी वजह
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी नींद की गुणवत्ता को खराब करते हैं। इसके अलावा रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी समस्या में सोते समय पैरों में बेचैनी, झुनझुनी या खिंचाव महसूस होता है, जिससे नींद बार-बार टूट जाती है। यह परेशानी अक्सर आयरन की कमी या नसों से जुड़ी समस्याओं से संबंधित होती है।
कब हो जाएं सतर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दो हफ्ते या उससे अधिक समय तक रात में नींद बार-बार टूट रही है, तो इसे चेतावनी संकेत मानना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
बेहतर नींद के लिए जरूरी कदम
अच्छी नींद के लिए नियमित सोने-जागने का समय तय करें, सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं और तनाव कम करने की कोशिश करें। यदि समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर स्लीप स्टडी कराना फायदेमंद हो सकता है।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
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विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैम्प कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में बारिश न होने से फसलों को नुकसान हो रहे नुकसान की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में बारिश न होने के कारण फसलों को हो रहे नुकसान की दृष्टिगत शीघ्र सर्वे कर बारिश न होने से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
कृषि मंत्री ने कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड पैक हाउस निर्माण एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए कागजी कार्यवाही जल्द पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित (रिवाइब) करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन उद्यानों को आय सृजन से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। साथ ही जायका परियोजना, कीवी मिशन, एप्पल मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री जोशी ने केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडे, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल, कैप निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, कृषि उपनिदेशक अजय वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भालू के हमले से घायल महिला देहरादून रेफर, क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात
बड़कोट। बड़कोट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। जंगल से सटे इलाके में काम कर रही एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया गया।
वन विभाग के अनुसार, रवांई रेंज के अंतर्गत अपर वन प्रभाग बड़कोट के क्षेत्र नोनीयाली तोक में यह घटना घटी। घायल महिला की पहचान अमरा देवी पत्नी गजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम बड़कोट के रूप में हुई है। भालू के हमले में महिला को सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों की सलाह पर महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
वन विभाग की टीम घटना के बाद से ही क्षेत्र में तैनात है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं, सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अंगद सिंह राणा ने बताया कि महिला की हालत को देखते हुए एहतियातन उसे देहरादून रेफर किया गया है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहड़ी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि लोहड़ी का पर्व हर्ष, उल्लास और परंपराओं का प्रतीक है, जो समाज में भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्यता और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आपसी सौहार्द को भी मजबूत करते हैं।
सिटी फॉरेस्ट पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एमडीडीए का बड़ा कदम
सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुरक्षा, सुविधा और संरक्षण पर एमडीडीए का फोकस, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में लिए गए अहम फैसले
समीक्षा बैठक में सीसीटीवी और कर्मचारियों की व्यवस्था पर जोर, पार्क प्रबंधन को लेकर तय हुई स्पष्ट कार्ययोजना
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता को सिटी फॉरेस्ट पार्क परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्क के संचालन, रख-रखाव और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक का उद्देश्य सिटी फॉरेस्ट पार्क को आम नागरिकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना रहा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिटी फॉरेस्ट पार्क न केवल एक हरित क्षेत्र है, बल्कि यह देहरादून शहर की पर्यावरणीय धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा और संवर्धन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति व्यवस्था होगी सुदृढ़
उपाध्यक्ष महोदय ने निर्देश दिए कि पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया जाए, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। इस संबंध में आईटी अनुभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत
बैठक में पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तथा पार्क के भीतर अतिरिक्त माली तैनात किए जाएं, ताकि आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रात्रि के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पार्क के अंतिम छोर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए वहां सुरक्षा कर्मियों के लिए एक सिक्योरिटी हट का निर्माण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पार्क की सीमाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि पूरे पार्क क्षेत्र में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पार्क के हर कोने पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का कार्य आईटी अनुभाग द्वारा शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्क के भीतर रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अभियंत्रण अनुभाग को दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आगंतुकों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपातकालीन और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मिलेगा विस्तार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्क परिसर में आपातकालीन सेवाओं से संबंधित आवश्यक हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त पार्क में अग्निशमन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आगजनी जैसी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपाध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार के सिविल या कंक्रीट से संबंधित निर्माण कार्य नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण है, न कि कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
बैठक में पार्क से संबंधित स्टॉक रजिस्टर को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे संसाधनों के उपयोग और रख-रखाव में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। संबंधित अनुभागों को समयबद्ध रूप से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक के अंत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून की पहचान है और इसे सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण–अनुकूल बनाए रखना एमडीडीए की सामूहिक जिम्मेदारी है। एमडीडीए द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल पार्क की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित, सुंदर और प्रकृति के करीब अनुभव भी प्रदान करेंगे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून शहर की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है और इसका संरक्षण एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, बायोमैट्रिक उपस्थिति और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती जैसे कदम पार्क प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन लाएंगे। भविष्य में किसी भी प्रकार का कंक्रीट निर्माण नहीं किया जाएगा, ताकि पार्क का प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता सुरक्षित रह सके।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की पहचान, उपस्थिति प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अनुभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पार्क में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैलेंडर के आकर्षक स्वरूप, उत्कृष्ट मुद्रण गुणवत्ता एवं विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णयों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कैलेंडर के माध्यम से राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को एक सुसंगठित एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो आमजन के लिए जानकारीपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की टीम को इस उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने सदैव सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी सूचना विभाग नवीन तकनीकों, रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जनहितकारी सूचनाओं का व्यापक एवं प्रभावी प्रसार करता रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस अवसर पर अपर सचिव सूचना बंशीधर तिवारी, उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव एवं उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह उपस्थित रहे
मत्स्य परियोजनाओं, संग्रहण केंद्र व ग्रामीण समस्याओं पर ग्रामीणों से हुई व्यापक चर्चा
पौड़ी। पौड़ी जनपद के अति दूरस्थ नैनीडांडा विकासखंड में पर्यटन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया द्वारा मत्स्य पालन तथा अन्य विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
नैनीडांडा क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत ओलेथ के ग्राम ब्यूरा में जिलाधिकारी ने बायो फ्लॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य उत्पादों के संग्रहण हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मत्स्य आउटलेट स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मत्स्य आउटलेट से स्थानीय रूप से आमदनी में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने आवश्यकता होने पर धनराशि आवंटन का आश्वासन भी दिया।
किसान गोपाल सिंह रावत ने जिलाधिकारी को मत्स्य तालाब का अवलोकन करवाया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय महिलाओं से जंगली जानवरों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल, बिजली पोल एवं पाइप लाइन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली तथा संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से लैंटाना घास से उत्पन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना और इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि लैंटाना के नियंत्रित संग्रह एवं उपयोग हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे समस्या के समाधान के साथ-साथ महिलाओं को नियमित आय के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा यह पहल पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगी।
खंड विकास अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडेय ने जिलाधिकारी को बताया कि मनरेगा एवं मत्स्य विभाग के अभिसरण से संचालित योजनाओं के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में दो इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल लागत लगभग 4.5 लाख रुपये रही। इसमें लगभग 2.70 लाख रुपये मत्स्य विभाग, 48 हजार रुपये मनरेगा तथा 1.32 लाख रुपये लाभार्थी अंशदान के माध्यम से व्यय किए गए। उन्होंने बताया कि इन तालाबों को हर हर महादेव समूह तथा जय महादेव समूह संचालित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मंडी समिति के सचिव को निर्देशित किया कि तत्काल शंकरपुर स्थित संग्रहण केंद्र का विकासखंड कार्यालय से समझौता ज्ञापन करते हुए सदुपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे विकासात्मक प्रयासों से पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय आजीविका सुदृढ़ होगी। साथ ही यह परियोजनाएं महिलाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी, इसलिए इन्हें हरसंभव प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, ग्राम प्रधान ममता रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में खेल मैदान हेतु भूमि चयन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि भूमि विवादमुक्त एवं उपयुक्त पायी जाती है तो वहां खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेजों में शत प्रतिशत होगी संकाय सदस्यों की नियुक्ति
कॉलेजों में शैक्षिक, शोध व क्लीनिकल गुणवत्ता में होगा सुधार
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज व पं0 रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर में विभिन्न संकायों में एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्तिय से मेडिकल कॉलेज में संकाय सदस्यों की कमी दूर होगी साथ ही मेडिकल छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा व प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही कॉलेजों में शोधात्मक कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा और सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्रदेशभर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में राज्य सरकार द्वारा निरंतर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को उच्च स्तरीय पढ़ाई के साथ बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। जिसके लिये सरकार ने हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक साक्षात्कार समिति का गठन किया है, जो वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर रही है। इसी क्रम में चयन समिति ने एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया है। जिनकी नियुक्ति की मंजूरी राज्य सरकार ने दे दी है। जिनमें से 8 विशेषज्ञ चिकित्सकों को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज तथा 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों को रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति दी गई है।
साक्षात्कार समिति द्वारा दून मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विभाग में प्रोफेसर पद पर डॉ. ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी का चयन किया है, जबकि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉ. मनीष कुमार, बल्ड बैंक में डॉ. सनोबर शमीम, आर्थोपीडिक्स में डॉ. मयंक सिंघल, एन्टीनेटल चाइल्ड केयर में डॉ. सारा गुलेरिया, मेटरनिटी चाइल्ड हैल्थ केयर में डॉ. रूचि कर्नाटक, एनेस्थिसिया में डॉ. पूजा सांगोले व डॉ. इशिता बहुखण्डी का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। इसी प्रकार रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में आब्स एंड गायनी विभाग में डा. प्रेरणा छाबड़ा, ईएनटी में डॉ. ललित सिंह पोखरिया, माइक्रोबायोलॉजी में डॉ. मयूरी श्रीवास्तव तथा स्किन रोग विभाग में डॉ. चिराग सैनी का असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन किया गया है। इन सभी चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति संविदा के माध्यम से आगामी तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये की गई है। चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों सहित शोध व क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। जिसका लाभ कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा साथ ही अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार भी मिल सकेगा।
बयान-
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज व रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एक दर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी है। संकाय सदस्यों की नियुक्ति न केवल चिकित्सा छात्रों को उच्चस्तरीय शिक्षण प्राप्त होगा बल्कि कॉलेजों में रिसर्च और क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत- गणेश जोशी
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर मनाए गए राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राजपुर रोड स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रगतिशील विचार और ओजस्वी आदर्श आज भी समाज के लिए, विशेषकर युवा वर्ग के लिए, प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करता है।

मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि देश के युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों और मूल्यों को आत्मसात कर एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश और देश के सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवक एवं महिला मंगल दल हुए सम्मानित
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले युवा मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया । मुख्य आयोजन सोमवार को परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में काम किया और हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी प्रदेश और देश के युवा को अगर सही दिशा मिले तो उसे विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति उत्तराखंड की धड़कन के समान है, इसी से प्रदेश में प्राण शक्ति का संचार होता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित बने तो 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पाना मुश्किल नहीं है।
कार्यक्रम में प्रदेश भर से चुने गए तीन तीन युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही एनएसएस का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो युवाओं और नेशनल यूथ अवार्ड विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजपुर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान व अन्य उपस्थित रहे।
वैभव शाह ने जीता बेस्ट रील अवार्ड
विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों से अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल करते हुए एक रील प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रदेश भर से युवाओं ने भाग लिया। जिनमें से वैभव शाह की रील को प्रथम चुना गया। इसके अतिरिक्त सचिन कुमार सिंह दूसरे और शिव कैलाश सेमवाल तीसरे स्थान पर रहे। तीनों विजेताओं को समारोह में नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
यह हुए सम्मानित
युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली – प्रथम
युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल – द्वितीय
युवक मंगल दल चौड़ीराय लोहाघाट चंपावत – तृतीय
महिला मंगल दल धापला नैनीताल – प्रथम
महिला मंगल दल सेमा चमोली – द्वितीय
महिला मंगल दल बनाली टिहरी गढ़वाल – तृतीय
एनएसएस अवॉर्ड विजेता
आलोक कुमार पांडे और आयुष वर्मा
राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता
प्रदीप महरा पिथौरागढ़, अजय ओली पिथौरागढ़, गुरदीप सिंह राणा उधम सिंह नगर, जगतार सिंह बाजवा उधम सिंह नगर, गीता बगासी चमोली, रमन रावत पौड़ी गढ़वाल, स्वराज विद्वान उत्तरकाशी, दिनेश सिंह रावत उत्तरकाशी, गुरमेल सिंह देहरादून।
