देव संस्कृति विश्वविद्यालय में एनएसएस राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का शुभारम्भ, 13 राज्यों के युवा हुए शामिल
हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य शुभारम्भ उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया। शिविर में देश के 13 राज्यों एवं 185 विश्वविद्यालयों से आए एक हजार से अधिक युवा प्रतिभाग कर रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित युवाओं ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सजीव चित्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेखा आर्य ने कहा कि आज का भारत युवा भारत है। युवा शक्ति में वह सामर्थ्य है जो हर चुनौती को अवसर में बदल सकती है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प हमारे युवाओं के परिश्रम, नवाचार और राष्ट्रनिष्ठा से ही पूर्ण होगा।
उन्होंने आगे कहा कि सच्चा युवा वही है जिसके विचार पवित्र हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और कर्म में निष्ठा हो। आज भारतीय युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर सम्मान मिल रहा है। स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और खेल के क्षेत्र में हमारे युवाओं ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। आने वाले वर्षों में यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘विविधता में एकता’ की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह शिविर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या, समरदीप सक्सेना तथा शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेंद्र गिरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जनसमस्याओं के समाधान का नया अध्यायः जनता मिलन में त्वरित कार्यवाही से बढ़ा जनता का भरोसा
लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
पौड़ी। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष नितिगत प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
नई शिकायतों के साथ-साथ पूर्व में दर्ज प्रकरणों एवं सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की गई। यमकेश्वर के मोगपुर गांव निवासी रुपेश दत्त शर्मा की भूमि पैमाइश संबंधी शिकायत पर उपजिलाधिकारी यमकेश्वर को निर्देशित किया गया कि अगले ही दिन राजस्व टीम भेजकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पैमाइश कर आख्या प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता अनिवार्य है, ताकि ग्रामीणों को न्यायोचित अधिकार समय पर मिल सके और उन्हें अनावश्यक कार्यालयी चक्कर न लगाने पड़ें।
नगर पालिका वार्ड संख्या 04 निवासी अनिल बहुगुणा द्वारा पाइपलाइन से गंदा पानी प्राकृतिक स्रोत में जाने की शिकायत पर संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल स्रोतों की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा, क्योंकि यह सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। तहसील पौड़ी के ग्राम तलसारी निवासी सतीश चन्द्र द्वारा चार्जशीट न्यायालय को प्रेषित न किए जाने संबंधी शिकायत पर पुलिस विभाग को तत्काल वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को कहा गया और निर्देशित किया गया कि विधिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
विद्युत संबंधी समस्याओं में सुरेन्द्र कुमार कठैत की लंबी केबल टूटने की समस्या तथा ग्राम डुंगरी निवासी अनिकेत गुसांई की विद्युत पोल स्थापना संबंधी शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र पोल बदलने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं में बाधा जनजीवन को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्यवाही कर आमजन को राहत पहुंचाई जाए। ग्राम प्रधान कोठार मनीष कुमार द्वारा चौपाल आयोजन तथा बीरोंखाल के भिडकोट निवासी पवन सिंह द्वारा पीआरडी नियुक्ति संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा पेयजल, शिक्षा, वन व राजस्व, स्वास्थ्य व उरेडा विभाग सम्बन्धी पूर्व शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिये।
जनता मिलन कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भण्डारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबरिया, जिला परीवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग अभिनव रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नमामि गंगे, बाढ़ सुरक्षा और नहर विस्तार परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित और पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा की निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त धनराशि जारी करने तथा इकबालपुर, कनखल और जगजीतपुर नहर प्रणाली की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। इससे 665 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा और भगवानपुर व लक्सर क्षेत्र की लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। साथ ही पेयजल समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा।
भिलाडू में स्टेडियम के संबंध में खेल विभाग, वन विभाग एवं पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक, मंत्री गणेश जोशी ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में अपने विधानसभा क्षेत्र मसूरी स्थित भिलाडू में स्टेडियम के संबंध में खेल विभाग, वन विभाग एवं पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने कहा कि मसूरी स्थित भिलाडू में स्थानीय जनता द्वारा लम्बी अवधि से स्टेडियम की मांग की जा रही है। स्टेडियम के लिए एक्टेंशन मार्ग हेतु चिहिन्त भूमि वन भूमि होने के करण वन विभाग द्वारा समय-समय पर आपत्ति लगाये जाने के कारण कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को हस्तान्तरित नहीं हो पा रही है। जिसके कारण कार्यदायी संस्था पेयजल निगम स्टेडियम निर्माण का कार्य नहीं कर पा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बैठक में वन विभाग के अधिकारियों से भूमि हस्तान्तरण की कार्यवाही की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी। भूमि हस्तान्तरण सम्बन्धी कार्यवाही नोडल अधिकारी स्तर तक पूर्ण हो गयी है तथा पत्रावली शासन स्तर पर भेजी जानी है। विश्वास है कि आगामी दो माह के भीतर भूमि हस्तान्तरण का कार्य पूर्ण हो जायेगा तथा बच्चों/खिलाड़ियो को स्थानीय स्तर पर स्टेडियम की सुविधा मिल सकेगी।
बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, सचिव खेल आशीष चौहान, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग अमित कंवर तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री धामी से भेंट की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी- कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव को एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक अजय नौडियाल के साथ मारपीट पर चिंता जताई गई। साथ ही अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए, ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान – सम्मान और सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रही है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर, अधिकारी, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसएसपी को भी शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री मुकेश बहुगुणा, पूर्व संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत,दीपक जोशी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
चार घंटे तक रहा यातायात ठप
देवप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया। तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक गिरे भारी बोल्डर की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मौत हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, ऋषिकेश से सीमेंट लेकर श्रीनगर की ओर जा रहा ट्रक जैसे ही तोताघाटी क्षेत्र में पहुंचा, तभी ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। देखते ही देखते एक विशाल बोल्डर सीधे ट्रक पर आ गिरा, जिससे चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और करीब चार घंटे तक यातायात ठप रहा। मौके पर पहुंची राहत एवं बचाव टीम ने काफी मशक्कत के बाद मलबे और बोल्डर को हटाकर चालक के शव को बाहर निकाला।
मृतक की पहचान मुरारी लाल (55) निवासी कर्णप्रयाग के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देवप्रयाग स्थित अस्पताल भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
घटना के बाद सुबह तक मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने एक बार फिर चेताया है कि तोताघाटी क्षेत्र भूस्खलन और पत्थर गिरने की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील ब्लैक स्पॉट है, जहां यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
पौड़ी। होली पर्व को देखते हुए जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया है। सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा एवं औषधि) पी. सी. जोशी ने बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण कर दूध, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, नमकीन, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक व जूस सहित कुल 156 नमूने जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सहायक आयुक्त ने बताया कि अब तक प्राप्त 81 जांच रिपोर्टों में 16 नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं एवं निर्माताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं। शेष नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि खाद्य टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 12 खाद्य वस्तुओं के नमूने जांच के लिए भेजे और खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता व गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
पी. सी. जोशी ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटद्वार संदीप मिश्रा, पौड़ी रचना लाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पौड़ी उपेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
ऋषिकेश में मातृशक्ति ने गौ संवर्द्धन के लिए लिया संकल्प, कुसुम कंडवाल की अपील पर फिल्म ‘गोदान’ देखने उमड़ीं महिलाएं
ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल के एक आह्वान पर ऋषिकेश के ‘रामा पिक्चर पैलेस’ में नारी शक्ति का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। अवसर था गौ-संवर्धन और सांस्कृतिक चेतना पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ के विशेष प्रदर्शन का, जहाँ क्षेत्र की लगभग 1100 से अधिक महिलाओं ने शिरकत कर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम की लोकप्रियता का आलम यह रहा कि सिनेमाघर की क्षमता कम पड़ गई और हॉल ‘हाउसफुल’ हो गया। 1100 से अधिक महिलाओं की भारी भीड़ के कारण जिन महिलाओं को भीतर स्थान नहीं मिल सका, उन्हें इस फिल्म की अगली प्रस्तुति पर फिल्म देखने के लिए कहा गया।
इस दौरान एक प्रेरक दृश्य तब देखने को मिला जब सीट फुल हो जाने पर सिनेमा हॉल में प्रवेश न होने के कारण बाहर रुकी महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने-अपने मोबाइल फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 131वें संस्करण को सुना। यह दृश्य महिलाओं की अटूट एकजुटता और राष्ट्रीय विषयों के प्रति उनकी सजगता का जीवंत प्रमाण बना।
इस अवसर पर मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कुसुम कंडवाल ने कहा कि ‘रामा पिक्चर पैलेस’ में गौ-संवर्धन आधारित फिल्म ‘गोदान’ के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “गौ-संरक्षण व गौ-संवर्धन की यह कहानी समाज की सोच बदल सकती है। गाय केवल आस्था नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, समाज और विज्ञान का संगम है। यह फिल्म वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ-साथ आधुनिकता एवं परंपराओं का एक अद्वितीय समन्वय प्रस्तुत करती है।
वहीं कंडवाल ने आगे कहा कि गौ माता के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव हमारे संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहा है। यह आयोजन केवल एक फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि गौ-सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का एक सार्थक प्रयास है।
इस भव्य कार्यक्रम में सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, कमला नेगी, लक्ष्मी सेमवाल, सोनी रावत, पुष्पा ध्यानी, अनिता तिवाड़ी, रीना शर्मा, नीलम चमोली, हिमानी कौशिक, निवेदिता सरकार, निर्मला उनियाल, माधुरी नरेंद्र शर्मा, सीमा पंवार, आरती कौशिक सहित क्षेत्र की अनेकों प्रबुद्ध महिलाएं और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। उपस्थित महिलाओं ने महिला आयोग की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे समाज को जोड़ने वाला एक अत्यंत प्रेरणादायक कदम बताया।
पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 तैयारियों का लिया जायजा
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा हेतु हरिद्वार पहुंचे। कुम्भ मेला नियंत्रण भवन ( सीसीआर ) पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला 2027 के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया।
रु. 234.55 करोड़ की लागत के इन स्थाई प्रवृत्ति के कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास को सुदृढ़ करना है।
शिलान्यास किये गए कार्यों का सेक्टरवार सारांश निम्नानुसार है :-
1. घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना के कुल 07 कार्य लागत रु. 70.54 करोड़
2. सड़क एवं परिवहन अवसंरचना के कुल 12 कार्य लागत रु. 127.23 करोड़
3. पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना के कुल 09 कार्य लागत रु. 18.11 करोड़
4. श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सहायक अवसंरचना के कुल 06 कार्य लागत रु. 18.67 करोड़
‘उत्कर्ष’ परियोजना से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल होंगे सरकारी विद्यालय
देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन देहरादून ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जनपद के स्कूलों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के लिए 880 स्मार्ट टीवी खरीदे गए हैं। इन स्मार्ट टीवी के माध्यम से छात्रों को डिजिटल, इंटरएक्टिव और दृश्य-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से ‘उत्कर्ष’ परियोजना के तहत सरकारी स्कूलों को सुविधासंपन्न बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्कूलों में फर्नीचर, खेल सुविधाएं, शौचालय, बिजली, पेयजल, मंकीनेट और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर खरीदे गए स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (PDI) कराया जाएगा। इसके तहत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी पांडिचेरी स्थित कंपनी के विनिर्माण स्थल पर जाकर उपकरणों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा पहलुओं की जांच करेंगे।
निरीक्षण में संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इन उपकरणों को देहरादून भेजा जाएगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता के संसाधन मिलें और सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो।
इस पहल से न केवल शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी, बल्कि शिक्षकों को भी ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूल भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि स्मार्ट क्लास परियोजना से हजारों छात्रों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।
