
आवास सचिव का साफ संदेश- निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर
देहरादून। आवास सचिव डॉ.आर राजेश कुमार ने सचिवालय परिसर स्थित निर्माणाधीन आधुनिक कार्यालय भवन के कार्यों की समीक्षा की। सचिव ने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा
राज्य सम्पत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन सचिवालय परिसर, देहरादून में विश्वकर्मा भवन के समीप 6 मंजिला (जी5 एवं एक बेसमेंट सहित) आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह भवन राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक कार्यालय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इस परियोजना को शासनादेश दिनांक 26 मार्च 2025 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन निर्माण की कुल लागत ₹5934.71 लाख है, जिसमें सिविल कार्य एवं विद्युतीकरण कार्य शामिल हैं। अब तक इस परियोजना पर लगभग ₹1400 लाख की धनराशि का आंवटन किया जा चुका है।
निर्माण एजेंसी और समय-सीमा
भवन के सिविल निर्माण कार्य का अनुबंध मैसर्स शिव कुमार अग्रवाल को दिया गया है। निर्माण कार्य को डेढ़ वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना है, जिसकी अंतिम तिथि 24 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है।
भवन की प्रमुख विशेषताएं
यह भवन 34×74 मीटर के प्लॉट पर निर्मित किया जा रहा है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2516 वर्ग मीटर है। सभी मंजिलों को मिलाकर भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,04,480 वर्ग फीट होगा। भवन के बेसमेंट में 25 कार पार्किंग और 100 दोपहिया वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सचिवालय परिसर में पार्किंग की समस्या से राहत मिलेगी। ग्राउंड फ्लोर पर एसबीआई बैंक, पोस्ट ऑफिस, प्रवेश लॉबी और वेटिंग एरिया का प्रावधान किया गया है। ऊपरी मंजिलों पर सचिव, अपर सचिव, उप सचिव, संयुक्त सचिव, अनुसचिव, स्तर के कार्यालय व उनके स्टाफ कक्ष, वेटिंग लॉबी और मीटिंग हॉल बनाए जा रहे हैं।
निर्माण की वर्तमान स्थिति
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति के अनुसार भवन का फाउंडेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। बेसमेंट का सिविल कार्य पूरा कर लिया गया है तथा ग्राउंड फ्लोर का कार्य प्रगति पर है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 15 प्रतिशत है। राज्य सम्पत्ति विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह भवन सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाएगा।
गुणवत्ता से समझौता नहीं- डॉ आर राजेश कुमार
सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा सचिवालय परिसर में निर्माणाधीन यह आधुनिक कार्यालय भवन राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप हम सभी निर्माण कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार आगे बढ़े। यह भवन भविष्य में बेहतर कार्यसंस्कृति और सुगम प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान उनके साथ एसएस रावत संयुक्त सचिव, राज्य संपत्ति, नीरज कुमार त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता लोकनिर्माण विभाग, संदीप वर्मा, अपर सहायक अभिंयता सिविल, गोविंद सिंह, सहायक अभियंता सहित ठेकेदार मौजूद रहे।
पीआईबी द द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया संबोधित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत सरकार के प्रगति पोर्टल विषय पर पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार (पीआईबी) देहरादून द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान राज्य में चल रही विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं के बारे में पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।
वार्ता के दौरान धामी ने जानकारी दी कि परियोजनाओं, योजनाओं एवं जन शिकायतों की त्वरित समीक्षा एवं समाधान के लिए पोर्टल- प्रो एक्टिव एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (PRAGATI) बनाया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विभिन्न योजनाएं जो देश के अंदर संचालित होती हैं उनकी समीक्षा के लिए प्रगति पोर्टल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत लॉन्च किया गया था। प्रगति पोर्टल भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की निगरानी करता है और पोर्टल में आई समस्याओं का समाधान भी करता है। जिसकी वजह से विकास की योजनाएं तेजी से धरातल पर उतरती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, रेलवे, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, हवाई सेवा की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा समय में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स का रिव्यू PRAGATI मैकेनिज्म के तहत किया जा रहा है।
इनमें से अब तक 10 योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं और 32 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। जो 32 परियोजनाएं अंडर इम्प्लीमेंटेशन हैं उनमें से 12 परियोजनाएं PRAGATI पोर्टल के तहत मॉनिटर की जा रही हैं। इनमें सड़क और राजमार्ग की 19 परियोजनाएं, IT/ITES की 3 परियोजनाएं, ऊर्जा उत्पादन की 3 परियोजनाएं, रेलवे की 2 परियोजनाएं, कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत, अपशिष्ट और जल प्रबंधन में एक-एक परियोजनाएं शामिल हैं।
मौजूदा समय में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स की समीक्षा प्रगति (PRAGATI) मैकेनिज्म के तहत की जा रही है ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बड़ी परियोजनाएं जैसे चार धाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हुआ है। इसी प्रकार ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन देश की प्रमुख परियोजना है जो पहाड़ों के बीच से हमारे सुदूरवर्ती क्षेत्र तक पहुंच रही है। इस परियोजना का काफी काम पूरा हो चुका है और परियोजना के पूरा होते ही यह क्षेत्र पर्यटन, चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। साथ ही सामरिक रूप से भी इसका महत्व बढ़ेगा, क्योंकि कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन पहुंचने से मानसून वर्षाकाल में जो रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं। इस रेलवे लाइन के बिछने से लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
सीएम धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, धनोल्टी, देहरादून आने वाले सभी देश-दुनिया के पर्यटक लाभान्वित होंगे। जल विद्युत परियोजनाएं जो राज्य की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है उन सभी पर तेजी से काम चल रहा है। जिनकी समीक्षा प्रतिदिन भारत सरकार के प्रगति पोर्टल के माध्यम से हो रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत, डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो रहा है जिसमें प्रगति पोर्टल का अहम रोल है।
भागीरथी इको सेंसेटिव ज़ोन के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में आ रहे अवरोधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार इस चुनौतिपूर्ण परेशानी को दूर करने के प्रयास करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना(SASCI) 2025-26’ के तहत उत्तराखंड के लिए ₹734 करोड़ की अतिरिक्त ऋण राशि (Additional Allocation) और शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इस दोहरी सौगात के साथ चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र द्वारा उत्तराखंड को SASCI योजना के अंतर्गत दी गई कुल सहायता अब ₹1,806.49 करोड़ के प्रभावशाली आंकड़े तक पहुँच गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने और ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।”
गणेश जोशी बोले— सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के जैंतनवाला में ₹17.47 लाख की लागत से निर्मित ‘वीर स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय स्मृति पार्क’ के सौंदर्यकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में स्थापित वीर स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से ₹26.99 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। इसके साथ ही उन्होंने जैंतनवाला ग्रीन लॉन कॉलोनी में लगभग 2 किलोमीटर नाली एवं सड़क निर्माण की घोषणा की।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ देश के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्मृति पार्क जैसे कार्य न केवल शहीदों की यादों को संजोते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा भी देते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
708 चेक डैम और 419 रिचार्ज शाफ्ट से बढ़ेगा जल संरक्षण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के अन्तर्गत रिवर प्रोटक्शन कार्य एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए सभी कार्य समय से कर दिए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिचांई विभाग द्वारा जल संरक्षण, संवर्द्धन एवं संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम निर्माण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण एवं तालाब निर्माण किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा राज्य में 708 चेक डैम बनाये गये हैं। विभाग द्वारा ऊधम सिंह नगर, नैनीताल एवं हरिद्वार में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट की स्थापना की गयी है। जिससे वार्षिक लगभग 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग व सारा के माध्यम से 14 जल स्रोतों के उपचार के लिए जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। कैम्पा योजना के अन्तर्गत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विभाग को वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए मानव संसाधन के साथ ही आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आस-पास के लोगों से विभाग का नियमित समन्वय बनाये रखें। वन संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाए, फायर लाइन की समय रहते सफाई की जाए। साथ ही वनभूमि पर होने वाले अतिक्रमण को भी प्राथमिकता पर हटाया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
अभियुक्तों के कब्जे से लगभग ढाई लाख रू0 मूल्य की 08.17 ग्राम स्मैक तथा 01 किलो 150 ग्राम गांजा हुआ बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक अभियुक्त पूर्व में भी अवैध शराब की तस्करी में जा चुका है जेल
देहरादून। उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से देहरादून पुलिस ने जिलेभर में सघन अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दून पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस टीम ने 29 जनवरी 2026 की रात्रि चेकिंग के दौरान आईडीपीएल गेस्ट हाउस, कांवड़ मेला पार्किंग के पास से एक अभियुक्त को 8.17 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सतीश नाथ (30 वर्ष) पुत्र रोशन नाथ, निवासी गली नंबर-17 काली की ढाल, आईडीपीएल ऋषिकेश के रूप में हुई है। अभियुक्त के विरुद्ध थाना ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 47/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह स्मैक हरिद्वार से सस्ते दामों में खरीदकर ऋषिकेश में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।
थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में गांजा तस्कर गिरफ्तार
वहीं थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने 29 जनवरी 2026 को चेकिंग के दौरान आकाशवाणी हरिद्वार रोड से एक अभियुक्त को 1 किलो 150 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। अभियुक्त की पहचान अरुण (26 वर्ष) पुत्र शशि कपूर, निवासी सपेरा बस्ती, आकाशवाणी केंद्र के पास, थाना नेहरू कॉलोनी देहरादून के रूप में हुई है।
अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा संख्या 39/26, धारा 8/20/27 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्त का आबकारी अधिनियम के तहत पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है।
बरामदगी विवरण
1 किलो 150 ग्राम गांजा
एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू
600 रुपये नकद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और देवभूमि को नशा-मुक्त बनाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
1 फरवरी से BLO आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की होगी शुरुआत
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में प्री एसआईआर गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन मे बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत प्रदेश में प्रत्येक मतदाता तक पंहुच, समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ सहित पूरी इलेक्शन मशीनरी ने बेहद उत्साहपूर्वक तरीके से 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 1 फरवरी से की जा रही है। इस अभियान में प्रदेश के युवा एवं महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा। आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक सम्पादित किया जाएगा।
“आसानी से सर्च कर सकते हैं 2003 की मतदाता सूची में नाम”
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में अपने बीएलओ का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई थी।
वर्तमान में प्रदेश के 12070 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने राजनैतिक दलों से शतप्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील की है।
पंचांग गणना के बाद तय होगी केदारनाथ कपाट खुलने की तारीख
केदारनाथ यात्रा की तैयारियों में जुटा प्रशासन, मार्ग सुधार कार्य तेज
रुद्रप्रयाग। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की जाएगी। परंपरा के अनुसार यह तिथि उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधान और पंचांग गणना के बाद तय की जाती है, जिसमें बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहित शामिल होते हैं।
आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े क्षतिग्रस्त और संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत और सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं, ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहे।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालकों, बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति, होटल व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय बैठकें की जा चुकी हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा से पूर्व आवश्यक मूलभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
जब एक IAS अधिकारी बना अभिभावक, बालिकाओं संग सादगी से मनाया अपना जन्मदिन
हर साल वही जगह, वही मुस्कानें-बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाने की परंपरा
देहरादून। प्रशासनिक व्यस्तताओं और औपचारिक आयोजनों से इतर एक संवेदनशील पहल के तहत अपर सचिव मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एवं महानिदेशक सूचना एवं लोकसम्पर्क विभाग, आईएएस बंशीधर तिवारी ने अपना जन्मदिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की बालिकाओं के साथ सादगी एवं संवेदना के साथ मनाया।
उन्होंने यह दिन किसी भव्य आयोजन के बजाय सादगी और सामाजिक सरोकार के साथ देहरादून के बनियावाला क्षेत्र में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास में बिताया।
सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस छात्रावास में आईएएस बंशीधर तिवारी अपने परिजनों के साथ पहुंचे, जहां बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए। छात्रावास का माहौल किसी औपचारिक सरकारी कार्यक्रम के बजाय आत्मीय और पारिवारिक नजर आया। इस छात्रावास में अनाथ, एकल अभिभावक वाली तथा सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आई बालिकाएं निवास करती हैं, जिन्हें शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है।

बंशीधर तिवारी ने छात्रावास में बच्चियों के साथ बैठकर केक काटा, उपहार वितरित किए और उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया। उन्होंने किसी प्रकार का औपचारिक संबोधन नहीं दिया, बल्कि बच्चियों से सहज और अपनत्वपूर्ण बातचीत की।
इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। आईएएस तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार एक पौधा समय के साथ विकसित होकर फल और छाया देता है, उसी तरह यदि बालिकाओं को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और सहयोग मिले तो वे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती हैं।
बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना आवश्यक है और विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास तथा ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने से सफलता के मार्ग खुलते हैं। उन्होंने बच्चियों को केवल सफल होने तक सीमित न रहकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने और समाज के लिए उदाहरण बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में जब जन्मदिन अक्सर दिखावे और खर्चीले आयोजनों तक सीमित हो गए हैं, ऐसे में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा हर वर्ष अनाथ बालिकाओं के साथ जन्मदिन मनाना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है। यह पहल प्रशासन के मानवीय और संवेदनशील पक्ष को दर्शाती है तथा बालिकाओं के मन में आत्मविश्वास और उम्मीद का संचार करती है।
धामी सरकार की नीतियों को मिली बड़ी सराहना
देहरादून। देश के प्रतिष्ठित एविएशन आयोजन WINGS INDIA 2026 में उत्तराखंड ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। हैदराबाद स्थित बेगमपेट एयरपोर्ट में 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय एविएशन इवेंट में उत्तराखंड को ‘Best State for Promotion of Aviation & Ecosystem’ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा अपनाई गई दूरदर्शी एविएशन नीति, सुदृढ़ हवाई कनेक्टिविटी और पर्वतीय क्षेत्रों में उड्डयन सुविधाओं के प्रभावी विस्तार के लिए प्रदान किया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री की ओर से यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव आशीष चौहान, संजय टोलिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और एविएशन सेक्टर से जुड़े गणमान्य मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने हवाई सेवाओं को केवल परिवहन तक सीमित न रखते हुए, उन्हें चारधाम यात्रा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं से जोड़कर एक मजबूत एविएशन इकोसिस्टम विकसित किया है। प्रदेश में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए हेली सेवाओं का व्यापक विस्तार किया गया है, साथ ही हेलीपोर्ट और हेलीपैड के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और कम समय में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिली, जिसकी सराहना देशभर में हुई। इसके साथ ही सीमांत और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने, उड़ान (UDAN) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, एयर स्ट्रिप्स के उन्नयन और हेली-टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर विशेष रूप से सराहा गया।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड की जनता, राज्य सरकार की टीम और एविएशन सेक्टर से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में चारधाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, तकनीक-समर्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के साथ-साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी एविएशन और हेली-टूरिज्म हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में पर्यटन, निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
