उत्तराखंड में UKSSSC में निकली बंपर भर्तियां..
उत्तराखंड: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को चुनावी साल में धामी सरकार कई सौगातें दे रही है। सरकार ने बेरोजगारों के लिए नौकरियों का पिटारा खोल दिया है। इसी कड़ी में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने समूह-ग के 423 रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन निकाला है। उक्त पदों के लिए पांच अक्टूबर से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। भर्ती के माध्यम से पशुपालन, कृषि, उद्यान, डेयरी विकास विभाग में खाली पदों को भरा जाएगा।
आयोग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार पशुपालन विभाग में चारा सहायक ग्रुप, उद्यान विभाग में खाद्य प्रसंस्करण शाखा, डेरी विकास विभाग में वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक, कृषि विभाग में सहायक कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग में उद्यान विकास शाखा, सहायक मशरूम विकास अधिकारी, सहायक पौध सुरक्षा अधिकारी, मधु विकास निरीक्षक, सहायक प्रशिक्षण अधिकारी, प्रयोगशाला सहायक और औद्योगिक विकास शाखा में पर्यवेक्षक के खाली पद भरे जाने हैं।
कुल 423 खाली पदों पर भर्ती होनी है। आवेदन की प्रक्रिया 5 अक्टूबर से शुरू होगी। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 नवंबर है। इसके बाद 20 नवंबर तक ऑनलाइन माध्यम से ही फीस जमा की जा सकती है। आयोग के सचिव संतोष बडोनी की ओर से शुक्रवार शाम को विज्ञापन जारी किया गया।
सचिव संतोष बडोनी का कहना हैं कि आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को पूर्व में आयोग के पास रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। इसलिए जिन अभ्यर्थियों ने अब तक अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है तो वो इस प्रक्रिया को जरूर पूरा कर लें।
आर्थिक आधार पर आरक्षण वाले अभ्यर्थियों को आवेदन से पूर्व तिथि तक का आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। इन पदों के लिए परीक्षा मार्च में हो सकती है। सरकार के फैसले के अनुसार अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में एक साल की छूट दी गई है।
पीएम मोदी ने उत्तराखंड की महिलाओं से की बात..
उत्तराखंड: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी जयंती पर देश की पांच ग्राम सभाओं के साथ जल-जीवन मिशन योजना के तहत वर्चुअल संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मसूरी के निकटवर्ती गांव क्यारकुली की ग्राम प्रधान कौशल्या रावत से संवाद किया। उनका कहना हैं कि पहाड़ पर पानी की समस्या और उसके हल पर विस्तार से बात की।
कौशल्या रावत ने जल-जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों के बारे में बताया। संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘पहाड़ का पानी और जवानी कभी भी पहाड़ के काम नहीं आती है, लेकिन आज पहाड़ का पानी और जवानी पहाड़ के ही काम आ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कौशल्या रावत से गांव में संचालित हो रहे होम स्टे व गांव में आने वाले पर्यटकों के बारे में भी जानकारी ली। देशभर के गांवों के साथ क्यारकुली गांव के लोगों से भी प्रधानमंत्री ने वर्चुअल संवाद किया। प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्रम को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारी गांव पहुंचे और कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री ने पहाड़ की महिलाओं से जल संरक्षण और वैक्सीनेशन अभियान की प्रगति के बारे में जाना। महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं।
इसके लिए गांव में 10 कैंप लगाए गए थे। प्रधानमंत्री ने अभियान की सफलता को सराहा। साथ ही कहा कि युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सभी योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि योजनाएं तभी सफल होती हैं, जब जन भागीदारी होती है। चाहे कोरोना टीकाकरण हो या फिर जल-जीवन मिशन।
उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आपने पानी की ताकत को समझा है। पेड़ भी लगाए। होम स्टे भी किया। पानी के जरिए गांव में क्रांति ले आए। इसके लिए आपको बधाई देता हूं। आपके गांव ने पलायन को भी पीछे छोड़ दिया है। एक वक्त था जब गांव में लोग ठहरते नहीं थे, यहां से चले जाते थे, अब वे लोग वापस आने लगे हैं।
आज पर्यटक भी गांव आने के लिए प्रेरित हो रहा है। इस तरह पानी सिर्फ जीवन ही नहीं देश की अर्थव्यवस्था को भी बदलने की ताकत रखता है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त, 2019 में जल-जीवन मिशन की घोषणा की थी। इस मिशन का उद्देश्य हर घर में पानी की सप्लाई पहुंचाना है। वर्तमान में सिर्फ ग्रामीण इलाकों में सिर्फ 17 प्रतिशत लोगों के पास ही पानी की सप्लाई है।
सीएम धामी ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए की ये घोषणा..
उत्तराखंड: राज्य आंदोलन के रामपुर तिराहा कांड बरसी पर शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुजफ्फनगर शहीद स्थल पर जाकर शहीदों को श्रद्धाजंलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमारी सरकार शहीदों के सपनों और राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं के अनुरूप उत्तराखंड को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाएगी। जनता, सरकार के भाव को समझे।
मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलनकारियों के लिए कई घोषणाएं भी की, जिनमें राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी अस्पतालों की तर्ज पर राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त उपचार उपलब्ध करवाने, उद्योग धंधों में राज्य आंदोलनकारियों और उनके परिजनों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने व विभिन्न विभागों में सेवारत राज्य आंदोलनकारियों को हटाए जाने सम्बंधी मामले में ठोस पैरवी करना शामिल रहा।
मुख्यमंत्री का कहना हैं कि मैं उन शहीदों को नमन करता हूं, जिनके सर्वोच्च बलिदान की वजह से हमें अलग राज्य मिला है। राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान खटीमा, मसूरी व मुजफ्फरनगर में लाखों आंदोलनकारियों ने भाग लिया, जिसमें से कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। उनका कहना हैं कि 1 सितम्बर 2021 को घोषणा की गई थी कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया फिर से शुरू की जाएगी, उसका शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी मिलेगी पेंशन..
उत्तराखंड: प्रदेश में अब चिह्नित राज्य आंदोलनकारी की मृत्यु होने पर उनके आश्रित (पति अथवा पत्नी) को भी 3100 रुपये की पेंशन मिलेगी। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ समय पहले राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी पेंशन देने की घोषणा की थी।
आपको बता दे कि प्रदेश में राज्य आंदोलनकारियों की एक श्रेणी ऐसी है, जिन्हें 3100 सौ रुपये पेंशन दी जा रही है। इस श्रेणी में वे आंदोलनकारी शामिल हैं, जिनका चिह्नीकरण सामान्य आंदोलनकारी के रूप में हुआ है।
इस श्रेणी के आंदोलनकारियों के आश्रितों को पेंशन देने का प्रविधान नहीं था। राज्य आंदोलनकारियों ने कुछ समय पहले इसका प्रकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री ने इसके बाद मसूरी में गत दो सितंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। अब शासन ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि राज्य आंदोलनकारी के रूप में चिह्नित पति की मृत्यु होती है, तो यह पेंशन पत्नी को दी जाएगी और यदि आंदोलनकारी के रूप में चिह्नित पत्नी की मृत्यु होती है, तो फिर यह पेंशन पति को दी जाएगी।
बर्फीले तूफान की चपेट में वायुसेना के दस पर्वतारोही लापता, निम से रेस्क्यू टीम रवाना..
उत्तराखंड: माउंट त्रिशूल के आरोहण के लिए गया वायुसेना का दल हिमस्खलन की चपेट में आ गया है। जिसमें करीब 10 पर्वतारोही लापता बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार माउंट त्रिशूल के आरोहण के दौरान हिमस्खलन आने से वायुसेना का पर्वतारोही दल इसकी चपेट में आ गया है। हिमस्खलन की चपेट में आने से दस पर्वतारोही लापता बताए जा रहे हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से राहत-बचाव टीम कर्नल अमित बिष्ट के नेतृत्व में त्रिशूल चोटी के लिए रवाना हो गई है।
शुक्रवार सुबह दल चोटी के समिट के लिए आगे बढ़ा
वायुसेना का दल करीब 15 दिन पहले 7,120 मीटर ऊंची त्रिशूल चोटी के आरोहण के लिए गया था। शुक्रवार सुबह दल समिट के लिए आगे बढ़ा तो इसी दौरान हिमस्खलन हो गया। जिसकी चपेट में वायु सेना के पर्वतारोही आ गए। इस बारे में निम के प्रधानाचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने बताया यह घटना शुक्रवार सुबह पांच बजे के करीब हुई है।
वायुसेना के करीब 10 पर्वतारोही हिमस्खलन की चपेट में आए हैं और लापता चल रहे हैं। त्रिशूल चोटी की ऊंचाई 7,120 मीटर है। इस चोटी के आरोहण के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ और घाट के लिए पर्वतारोही टीमें जाती हैं। वायु सेना के पर्वतारोहियों की टीम भी घाट होते हुए त्रिशूल के लिए गई थी। तीन चोटियों का समूह होने के कारण इसे त्रिशूल कहते हैं।
कर्मकार कल्याण बोर्ड से शमशेर सिंह सत्याल की छुट्टी..
उत्तराखंड: भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल की बोर्ड से छुट्टी कर दी गई है। इसके साथ ही शासन ने बोर्ड का पुनर्गठन भी कर दिया है। सचिव श्रम हरबंस सिंह चुघ को बोर्ड के अध्यक्ष और पीसीएस डा अभिषेक त्रिपाठी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही बोर्ड को लेकर सत्याल और श्रम मंत्री डा हरक सिंह रावत के मध्य छिड़ी रार के अब खत्म होने के आसार हैं।
आपको बता दे कि कर्मकार कल्याण बोर्ड पिछले साल अक्टूबर में तब सुर्खियों में आया, जब तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार ने बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी देख रहे श्रम मंत्री डा हरक सिंह रावत से यह जिम्मा वापस ले लिया था। जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी माने जाने वाले शमशेर सिंह सत्याल को अध्यक्ष बना दिया गया। इस पर श्रम मंत्री ने सख्त नाराजगी जताई थी, लेकिन तब सरकार के निर्णय के अनुरूप शासन ने बोर्ड का पुनर्गठन कर दिया था।
बोर्ड के सचिव की जिम्मेदारी देख रही दमयंती रावत को भी उनके मूल विभाग में भेज दिया गया था। जिसके बाद सत्याल की अध्यक्षता वाले बोर्ड ने पिछले बोर्ड के सभी फैसले पलट दिए थे। साथ ही बोर्ड के तमाम कार्यों में नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए इसका स्पेशल आडिट कराने का निर्णय लिया था। लेकिन तब इसे टाल दिया गया था।
सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद तीरथ सरकार के कार्यकाल में बोर्ड की सचिव को हटाकर हरिद्वार की उपश्रमायुक्त को यह जिम्मा सौंपा गया। इस पर बोर्ड अध्यक्ष सत्याल ने आपत्ति जताई और तभी से दोनों के मध्य तलवारें खिंची थी।
इतना ही नहीं, इसके बाद बोर्ड को लेकर सत्याल और श्रम मंत्री भी एक-दूसरे के खिलाफ मुखर थे। इस बीच बोर्ड का मामला हाईकोर्ट में भी पहुंच गया। इन सबके चलते सरकार की किरकिरी हो रही थी। जिसके बाद धामी सरकार ने बोर्ड से सत्याल को हटाने का निर्णय लिया। श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने सत्याल को हटाए जाने की पुष्टि की।
खुशखबरी- दरोगा के पदों पर भर्ती को मिली मंजूरी..
उत्तराखंड: पुलिस सिपाही भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने के साथ ही अब दरोगा भर्ती का भी रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट ने दरोगा सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी प्रदान कर दी हैं। इसके साथ पुलिस मुख्यालय ने 150 पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने इसी सप्ताह 1521 कांस्टेबल के रिक्त पदों पर भर्ती का अधिचयन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को भेज दिया है।
अब मुख्यालय दूसरे चरण में दरोगा के 150 पदों पर भर्ती की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मुख्यालय उप निरीक्षक सेवा नियमावली में बदलाव का इंतजार कर रहा था। अब कैबिनेट से नई नियमावली को हरी झंडी मिल गई है। नई नियमावली के तहत अब सिविल पुलिस का कोटा 50 प्रतिशत हो गया है।
जो पहले 34 प्रतिशत ही था। शेष 50 प्रतिशत पद इंटेलीजेंस और पीएससी के बीच बटेंगे। इसी के साथ गृह विभाग ने वर्तमान में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पास लंबित दरोगा रैंकर्स भर्ती का परिणाम जारी करने को हरी झंडी दे दी है।
उक्त परिणाम अब नई नियमावली के अधीन ही जारी होगा। इसी के साथ रैंकर्स भर्ती अब हमेशा के लिए समाप्त कर दी गई है। जिसके बाद अब पुलिस में कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल में पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर होंगे। दरोगा भर्ती के लिए नियमावली संशोधन का इंतजार किया जा रहा था। अब नई नियमावली के तहत अक्तूबर में भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।
उत्तराखंड में पुलिस विभाग में जल्द होगी 1521पदों पर भर्ती..
उत्तराखंड: प्रदेश में पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही सिपाहियों के 1521 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। पुलिस मुख्यालय ने इसके लिए अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रस्ताव भेज दिया है। आपको बता दें कि युवा लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे थे। बीते छह साल में पुलिस विभाग में सिपाहियों की नई भर्तियां नहीं हुई थीं। पिछले दिनों बेरोजगार युवाओं ने सोशल मीडिया पर उम्र बढ़ाओ अभियान नाम देकर सेल्फी अभियान भी चलाया था। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय ने यह राहत भरी खबर दी है।
जानकारी के अनुसार विभाग में कांस्टेबल संवर्ग के अंतर्गत सीधी भर्ती से जनपदीय पुलिस (पुरुष) के 785 पद, पीएसी आईआरबी के 291 और फायरमैन के 291 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं के लिए 133 पद अनुमन्य करते हुए कुल 445 पदों पर भर्ती होगी। कुल मिलाकर 1521 सिपाहियों की भर्ती के लिए जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के साथ हुई मुख्यालय के अधिकारियों की बैठक में भी यह प्रमुख मुद्दा रहा था। इसमें भी सितंबर माह के भीतर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई थी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड एडवेंचर फेस्ट में किया प्रतिभाग..
उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सॉलिटेयर फार्म मालसी, देहरादून में उत्तराखण्ड एडवेंचर फेस्ट में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन पर आधारित लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पर्यटन परियोजनाओं के विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक पर्यटन सुविधा एवं निवेश प्रकोष्ठ का निर्माण किया जायेगा।
पर्यटन उद्योगों से संबंधी सभी प्रस्तावों पर विशेष रूप से पर्यटन विभाग द्वारा ही कार्यवाही की जायेगी, न कि उद्योग विभाग के द्वारा। शहरी विकास विभाग और आवास विभाग विशेष रूप से उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों के लिए बहुस्तरीय कार- लिफ्ट स्थान स्थापित करने के लिए एक परियोजना शुरू की जायेगी।
नवंबर, 2021 में कुमाऊं के रामनगर में साहसिक कार्य पर निवेश सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। खेल विभाग की ओर से पंडित नैन सिंह सर्वेयर पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान पर्यटन विभाग को सौंपा जाएगा। उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग को एक स्थायी, पर्यावरण के अनुकूल उद्योग के रूप में विकसित करने के मार्ग तलाशने के लिए पर्यटन मंत्रालय के तहत एक समर्पित ईकोटूरिज्म विंग का गठन किया जाएगा। ईकोटूरिज्म विंग का उद्देश्य दीर्घकालिक विचारों को ध्यान में रखते हुए सामाजिक सहभागिता व सामाजिक नेतृत्व की भागीदारी के साथ ईकोटूरिज्म का विकास सुनिश्चित करना होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना हैं कि उत्तराखंड प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए जाना जाता है। उत्तराखण्ड में पर्यटन के क्षेत्र में अनेक संभावनाएं हैं। हर साल करोड़ों में पर्यटक यहां आते हैं। उनका कहना हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं से उत्तराखंड को पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा मिलेगा। ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेलवे लाइन जैसे निर्माण कार्य आज उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे हैं। राज्य में सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है। विभिन्न क्षेत्रों में नई पॉलिसी लाई जा रही है एवं उनका सरलीकरण किया जा रहा है।
देहरादून से जौलीग्रांट एयरपोर्ट के बीच अब चलेंगी इलेक्ट्रिक बस
उत्तराखंड: देहरादून वासियो के लिए जल्द ही स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून के बीच स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। स्मार्ट सिटी परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने इस बात की पुष्टि की है। आपको बता दे कि देहरादून में अलग-अलग रूटों पर 10 स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है।
इसमें एक रूट आईएसबीटी देहरादून से राजपुर तक का है। वहीं, दूसरा रूट रायपुर से सेलाकुई तक का है। केवल इन दोनों ही रूटों पर पिछले 1 साल से स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का सफल संचालन जारी है। तीसरे रूट पर प्रशासन इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का विचार कर रहा है।
स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ डॉ. आर राजेश कुमार का कहना हैं कि स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए जौलीग्रांट एयरपोर्ट अथॉरिटी से हुई वार्ता में सहमति बन चुकी है। इस रूट के लिए अक्टूबर माह के अंतिम सप्ताह या नवंबर माह की शुरुआत से इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध हो जाएंगी और इस रूट पर बसों का संचालन शुरू हो जाएगा।
इस साल के अंत तक स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जौली ग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून के सहस्त्रधारा रूट पर शुरू कर दिया जाएगा। जिसके बाद देहरादून में 3 रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। शुरुआत में जौलीग्रांट एयरपोर्ट से देहरादून वाले नए रूट पर दो स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। धीरे-धीरे बसों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। पिछले साल से देहरादून शहर में स्मार्ट इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हो रहा है जिसको लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं।
