कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची से कितने गैर-नागरिकों के नाम हटाए गए, इसकी पूरी जानकारी नहीं दी गई
नई दिल्ली। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर फिर से गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार में मतदाता सूची से गैर-नागरिकों को हटाने की प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है। पार्टी का कहना है कि आयोग इस बारे में खुलकर जानकारी देने में विफल रहा है कि कितने नाम हटाए गए और एसआईआर प्रक्रिया में समानता और निष्पक्षता की कमी है।
कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट किया होता कि कितने गैर-नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, तो स्थिति और स्पष्ट होती।
जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर पर चल रही सुनवाई का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट के हस्तक्षेप से मताधिकार से वंचित होने की आशंकाएं कम हुई हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया में सटीकता, समानता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना अभी बाकी है। उन्होंने इस संबंध में प्रकाशित एक समाचार पत्र लेख की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया का विस्तृत विश्लेषण किया गया।
कांग्रेस का यह बयान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों को और अधिक तेज़ करता है और बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर राजनीतिक बहस को नया मोड़ देता है।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। दौरे की शुरुआत उन्होंने शिवपुर स्थित अन्नपूर्णा ऋषिकुल ब्रह्मचर्य आश्रम के कार्यक्रम में भाग लेकर की, जहां उन्होंने 150 युवतियों को सिलाई और कढ़ाई मशीनें वितरित कीं। साथ ही मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के महंत शंकरपुरी के सामाजिक योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर हैं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा मंदिर आज न केवल धार्मिक गतिविधियों का केंद्र है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और रोजगार का भी प्रतीक बन चुका है।
सीएम योगी ने कहा, “मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से यह संस्थान महिलाओं को स्वावलंबी बना रहा है। एक सिलाई मशीन एक परिवार की आर्थिक रीढ़ बन सकती है। हमारी बहन-बेटियां अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।”
उन्होंने बताया कि मंदिर प्रबंधन परंपरा और आधुनिकता के संतुलन को बनाए रखते हुए कंप्यूटर शिक्षा भी प्रदान कर रहा है। साथ ही संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्रवृत्तियों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि आश्रम में गऊ सेवा का कार्य भी सुचारु रूप से चल रहा है।
मुख्यमंत्री वाराणसी में अपने प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव के दर्शन कर मंगलवार को शहर से प्रस्थान करेंगे।
अपने दौरे के दूसरे दिन सीएम योगी चांदपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (IRRI) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (ISARC) में आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग लेंगे। सम्मेलन में कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और उत्तर प्रदेश की भूमिका पर विचार विमर्श होगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री पिपलानी कटरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम में लगभग 400 सफाईकर्मियों को ‘मुख्यमंत्री स्वच्छता किट’ वितरित करेंगे।
सीएम योगी कृषि विभाग की 150वीं वर्षगांठ पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जहां वे अत्याधुनिक कृषि उपकरणों — ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर — का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई पर आधारित पुस्तिका और ‘समृद्धि धान नेटवर्क’ का विमोचन भी करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री वर्ष 2030 तक उत्तर प्रदेश को वैश्विक खाद्य भंडारण केंद्र के रूप में विकसित करने की राज्य सरकार की योजना पर भी विचार साझा करेंगे।
पीएम मोदी ने ITI टॉपर्स को किया सम्मानित
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह 2025 के दौरान देशभर के आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) टॉपर्स को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को समर्पित 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं की भी शुरुआत की। समारोह से पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जुड़े।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ वर्ष पहले सरकार ने आईटीआई छात्रों के लिए व्यापक स्तर पर दीक्षांत समारोह आयोजित करने की परंपरा शुरू की थी और आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हम सभी इस खास अवसर के गवाह बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि आज का भारत कौशल और हुनर को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आईटीआई से जुड़े इस तरह के प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने बताया कि बिहार में युवा आयोग और जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वास की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से लाखों युवाओं को छात्रवृत्ति और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस मौके पर केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह समारोह भारत की कौशल यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। उन्होंने याद दिलाया कि 11 वर्ष पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कौशल विकास और उद्यमिता विभाग की नींव रखी थी। उसी सोच और प्रयास का परिणाम है कि आज आईटीआई छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, और इसी विज़न की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 2025 में सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की लचीलापन और विकास क्षमता पर दिया जोर
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिरताओं और बदलावों के दौर से गुजर रही है, लेकिन भारत इन चुनौतियों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने यह बात कौटिल्य आर्थिक सम्मेलन 2025 में अपने संबोधन के दौरान कही।
सीतारमण ने सम्मेलन में कहा कि वर्तमान समय में दुनियाभर के देशों के सामने अनिश्चितता का माहौल है, जिसमें व्यापार, वित्त और ऊर्जा क्षेत्रों में असंतुलन जैसी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था इस अस्थिर स्थिति में भी लचीली बनी हुई है और बाहरी झटकों को झेलने की क्षमता रखती है।
उन्होंने वैश्विक परिदृश्य पर भी टिप्पणी करते हुए कहा, “भू-राजनीतिक संघर्ष तेज हो रहे हैं। प्रतिबंध, टैरिफ और अलगाव की रणनीतियां वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को नया आकार दे रही हैं। ये बदलाव भारत के लिए चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन हमारी आर्थिक क्षमता और जुझारूपन इन्हें पार करने में सहायक हैं।”
फाइनेंस मिनिस्टर ने यह भी बताया कि युद्ध और रणनीतिक प्रतिद्वंद्विता दुनिया में सहयोग और संघर्ष के स्वरूप को बदल रही हैं। पुराने गठबंधन अब परीक्षा में हैं, जबकि नए गठबंधन उभर रहे हैं। उनका कहना था कि ये अस्थायी समस्याएं नहीं हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव हैं।
निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर देते हुए कहा, “भारत का विकास उसके घरेलू कारकों पर आधारित है। लंबे समय से सकल घरेलू उत्पाद में उपभोग और निवेश की स्थिर हिस्सेदारी इस वृद्धि का आधार रही है। भारत का आर्थिक उदय आकस्मिक नहीं, बल्कि अनेक मजबूत कारकों का परिणाम है।”
पीएम मोदी ने RSS शताब्दी समारोह में किया विशेष स्मृति सिक्का और डाक टिकट जारी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने संघ के योगदान को याद करते हुए विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का जारी किया। संघ इस साल विजयदशमी से लेकर अगले वर्ष तक शताब्दी वर्ष मना रहा है।
पीएम मोदी ने डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संघ के संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने देशवासियों को नवरात्रि और विजयदशमी की बधाई भी दी।
उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना 100 साल पहले भारतीय संस्कृति की उस परंपरा का पुनरुत्थान थी, जो राष्ट्र चेतना और युग की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती रही है। इस अवसर पर जारी 100 रुपए के स्मृति सिक्के पर भारत माता की छवि और संघ का बोध वाक्य अंकित है, जो संभवतः स्वतंत्र भारत में पहली बार हो रहा है।
पीएम मोदी ने संघ की गौरवमयी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि संघ ने हमेशा राष्ट्र निर्माण और व्यक्ति निर्माण पर ध्यान दिया। संघ के स्वयंसेवक समाज की सेवा में हमेशा आगे रहे हैं, चाहे वह विभाजन के समय शरणार्थियों की मदद हो या आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में सेवा।
उन्होंने संघ पर हुए अनेकों हमलों और षड्यंत्रों का भी जिक्र किया, लेकिन कहा कि संघ ने कभी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया। संघ हमेशा राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय रहा है और उसकी शाखाएं व्यक्ति निर्माण और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम रही हैं।
गीतांजलि अंगमो बोलीं— डीजीपी के बयान झूठे और मनगढ़ंत, प्रशासन बना रहा है बलि का बकरा
लेह। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर उनकी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के बयानों को झूठा और मनगढ़ंत करार देते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया। गीतांजलि का कहना है कि प्रशासन किसी को बलि का बकरा बनाकर अपनी मनमर्जी थोपना चाहता है।
गीतांजलि ने सवाल उठाया कि सीआरपीएफ को गोली चलाने का आदेश आखिर किसने दिया, जबकि लद्दाख में कभी हिंसक प्रदर्शन नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अपने ही नागरिकों पर गोली चलाना गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक का इस घटना से कोई संबंध नहीं है, क्योंकि उस समय वे किसी अन्य स्थान पर शांतिपूर्वक भूख हड़ताल पर बैठे थे। ऐसे में उनके उकसाने का सवाल ही नहीं उठता।
गीतांजलि ने आरोप लगाया कि प्रशासन का असली उद्देश्य छठे शेड्यूल को लागू न करना है। इसके लिए झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है और डीजीपी के बयान उसी एजेंडे का हिस्सा हैं।
सैन्य नर्सिंग सेवा शताब्दी समारोह में सीडीएस जनरल ने दिया सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर
नई दिल्ली। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि आने वाले समय में भारत को परमाणु और जैविक खतरों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। मानेकशॉ सेंटर में सैन्य नर्सिंग सेवा (MNS) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि डेटा और चिकित्सा सुरक्षा भी इसका अहम हिस्सा बन गए हैं।
जनरल चौहान ने कहा कि चिकित्सा डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि भारतीय डीएनए और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली अलग-अलग परिस्थितियों में अलग ढंग से प्रतिक्रिया करती है। ऐसे में व्यक्तिगत मेडिकल रिकॉर्ड, केस हिस्ट्री, स्वास्थ्य पैटर्न और परिचालन योजनाओं को लीक से बचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भले ही यह सीधी जिम्मेदारी सैन्य नर्सिंग सेवा की न हो, लेकिन उन्हें इन खतरों के प्रति जागरूक रहना होगा।
उन्होंने कोविड महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में जैविक खतरों के बढ़ने की आशंका है। चाहे ये खतरे प्राकृतिक हों, आकस्मिक हों या मानव निर्मित, इनके लिए अलग उपचार और सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करने की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के बाद, हमारे प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत परमाणु ब्लैकमेलिंग से नहीं डरेगा। हमारे विचार से परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना बहुत कम है, फिर भी समझदारी इसमें है कि हम इससे बचाव की तैयारी करें। रेडियोलॉजिकल खतरे से बचाव के लिए अलग प्रोटोकॉल की जरूरत होती है और यह हमारे प्रशिक्षण का हिस्सा होना चाहिए। परमाणु खतरों के खिलाफ तैयारी इससे बचाव में योगदान करती है। मुझे लगता है कि यह महत्वपूर्ण है।’
भाजपा का आरोप: सत्ता में रहते ठाकरे ने बाढ़ पर कार्रवाई नहीं की, अब रैली का खर्च राहत में लगाएं
मुंबई। महाराष्ट्र भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को निशाने पर लेते हुए सोमवार को कहा कि वह इस साल की अपनी पारंपरिक दशहरा रैली रद्द करें और उसका खर्च मराठवाड़ा के बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगाएं। उपाध्ये ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए ठाकरे ने बाढ़ और संकट के समय ठोस कदम नहीं उठाए और अब उन्हें अपनी गलती सुधारने का अवसर है।
महाराष्ट्र में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र, जो सामान्यतः सूखे से जूझता है, इस बार बाढ़ की तबाही से जूझ रहा है। सैकड़ों परिवारों ने अपना घर-बार और जीविका का साधन खो दिया है।
उपाध्ये ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने हाल ही में मराठवाड़ा के पांच जिलों का दौरा कर प्रभावितों से संवेदना तो जताई, लेकिन अब केवल शब्दों से काम नहीं चलेगा। उन्हें अपनी परंपरागत दशहरा रैली रद्द कर, उस पर होने वाला व्यय राहत कार्यों में लगाना चाहिए, ताकि संवेदना व्यावहारिक मदद में बदल सके।
भाजपा नेता ने ठाकरे की रैली की थीम और दिशा पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बाल ठाकरे के समय यह रैली विचारधारा और संगठन का केंद्र होती थी, जबकि अब यह केवल विरोधियों पर आरोप लगाने और पार्टी टूटने की कहानी दोहराने तक सीमित रह गई है। उन्होंने पूछा कि जब वही बातें ‘सामना’ अख़बार में रोज प्रकाशित होती हैं, तो लाखों रुपये खर्च कर रैली आयोजित करने का क्या औचित्य है।
जम्मू- कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिल्ली के प्रसिद्ध उद्योगपति महेंद्र शर्मा को श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया है। इस संबंध में श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्याधिकारी सचिन कुमार वैश्य ने आदेश जारी किए हैं।

गौरतलब है कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के चेयरमैन का जिम्मा जम्मू- कश्मीर के उप राज्यपाल संभालते हैं। समिति के सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। महेंद्र शर्मा के अलावा समिति में एमिली फार्मास्युटिकल्स के प्रबंध निदेशक केके शर्मा, दुर्गा सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ आरपी चड्डा व नागपाल एसोसिएट के मालिक विकास नागपाल को सदस्य नामित किया गया है।
महेंद्र शर्मा उद्योगपति होने के साथ ही विभिन्न धार्मिक संस्थाओं से भी जुड़े हुए हैं। इसके अलावा वे श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के सदस्य भी हैं।
नई दिल्ली/आगरा: दिल्ली पुलिस ने 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में फरार चल रहे फर्जी बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले आरोपी बाबा असल में फर्जी दस्तावेजों और पहचान के सहारे न सिर्फ महिलाओं को गुमराह करता था, बल्कि सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ा बताकर रुतबा भी झाड़ता था। दिल्ली पुलिस की टीम आरोपी को आगरा से दिल्ली ला चुकी है, आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च में पढ़ने वाली पीजी डिप्लोमा छात्राओं ने बाबा चैतन्यानंद पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए थे। संस्थान प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया, जिसके बाद बाबा फरार हो गया।
फर्जी दस्तावेज का सच आया सामने
दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि चैतन्यानंद सरस्वती ने खुद को संयुक्त राष्ट्र (UN) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़ा हुआ दिखाने के लिए फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी कार्ड बनवा रखे थे। एक कार्ड में वह UN का स्थायी राजदूत बताया गया है। दूसरे कार्ड में खुद को ब्रिक्स कमीशन का मेंबर और स्पेशल एनवॉय बताया है। इन फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल वह लोगों पर प्रभाव जमाने और खुद को ऊंचे ओहदे वाला बताने के लिए करता था।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी की तलाश में कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी हर दिन अपना ठिकाना बदल रहा था। आखिरकार आगरा के होटल फर्स्ट ताजगंज के कमरे नंबर 101 से बाबा को पकड़ा गया। होटल स्टाफ ने बताया कि आरोपी ने खुद को ‘स्वामी पार्थसारथी’ के नाम से होटल रजिस्टर में दर्ज करवाया और शनिवार शाम चार बजे चेक-इन किया था।
खरबों की संपत्ति को कब्जाना चाहता था चैतन्यानंद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बाबा तीन खरब से अधिक की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। आरोप है कि उसने पीठ के विश्वास को तोड़ा और आश्रम की कई इमारतों को किराए पर देने के बाद, मिलने वाले 60 लाख रुपये प्रति माह का किराया भी गबन किया है। इस संबंध में 23 जुलाई 2025 को वसंतकुंज (नॉर्थ) थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की एफआईआर दर्ज की गई थी।
अब तक दर्ज हो चुके हैं तीन मामले
पीठ की संपत्ति हड़पने और धोखाधड़ी का मामला
छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत
फर्जी नंबर प्लेट और लग्जरी गाड़ियों का गलत इस्तेमाल
बाबा चैतन्यानंद का मामला सिर्फ एक छेड़छाड़ या ठगी का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे धार्मिक आड़ में फर्जीवाड़ा कर कुछ लोग मासूमों की भावनाओं और विश्वास के साथ खिलवाड़ करते हैं।
