वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके योगदान को नेताओं ने किया याद
नई दिल्ली। आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित पंजाब के गाह (अब पाकिस्तान) में हुआ था। वे एक साधारण परिवार से उठकर देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों में शामिल हुए और बाद में सार्वजनिक जीवन में अपनी छाप छोड़ी।
पीएम मोदी ने किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। उन्होंने उनके प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में निभाए गए अहम योगदानों को देश की प्रगति में महत्वपूर्ण बताया।
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे का बयान
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने डॉ. सिंह को “भारत की आर्थिक परिवर्तन का सौम्य शिल्पकार” करार दिया। उन्होंने कहा कि उनकी नीतियों ने समृद्ध मध्यवर्ग का निर्माण किया और करोड़ों परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला। खरगे ने उनके जीवन को सार्वजनिक सेवा, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा का उदाहरण बताया।
राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डॉ. सिंह की अटूट प्रतिबद्धता, गरीबों और वंचितों के लिए उनके साहसिक निर्णय और मजबूत अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान हमेशा मार्गदर्शन देगा।
राजनीतिक सफर
डॉ. मनमोहन सिंह 1991-96 में पी. वी. नरसिम्हा राव सरकार में वित्त मंत्री रहे और देश में आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की। इसके बाद 2004-2014 तक लगातार दो कार्यकाल तक प्रधानमंत्री रहे। उनके नेतृत्व में देश ने तेज आर्थिक विकास देखा और कई कल्याणकारी योजनाएं लागू हुईं।
जीएसटी दरों में कटौती से अब 1 लाख खर्च करने वाले परिवार को 20 हजार तक की बचत
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में हालिया कटौती को देश के आर्थिक सुधारों की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टूथपेस्ट से लेकर ट्रैक्टर तक, हर ज़रूरी चीज़ पर टैक्स का बोझ घटा है और आम नागरिक को सीधा फायदा मिला है।
उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो (यूपीआईटीएस) का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 22 सितंबर से लागू किए गए नए जीएसटी सुधार देश के विकास की दिशा में एक “संरचनात्मक बदलाव” हैं। इनसे जीएसटी पंजीकरण आसान होगा, कर विवादों में कमी आएगी और एमएसएमई को रिफंड तेजी से मिलेगा।
पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय टैक्स के ज़रिए जनता से “लूट” होती थी, जबकि आज उनकी सरकार ने टैक्स कम करके महंगाई पर नियंत्रण किया है और लोगों की आय व बचत दोनों बढ़ाई हैं। मोदी ने दावा किया कि नए सुधारों से इस साल नागरिकों को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2014 में 1,000 रुपये की शर्ट पर 170 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी लागू होने के बाद 50 रुपये रह गया। अब संशोधित दरों से वही टैक्स केवल 35 रुपये होगा। मोदी ने बताया कि पहले 1 लाख रुपये सालाना खर्च करने वाले परिवार को 20-25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था, जबकि अब यह घटकर 5-6 हजार रुपये रह गया है। ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये की जगह अब 30,000 रुपये टैक्स देना पड़ता है, जिससे किसानों को सीधे 40,000 रुपये की बचत होती है।
इसी तरह तिपहिया वाहन पर टैक्स 55,000 रुपये से घटकर 35,000 रुपये और दोपहिया वाहनों पर 8-9 हजार रुपये तक की कमी आई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन सुधारों से गरीब, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग सभी को राहत मिल रही है और यही “नए भारत” की असली तस्वीर है।
नाम जोड़ने या हटाने पर अब मोबाइल OTP से होगा सत्यापन
नई दिल्ली। मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने ई-सत्यापन प्रणाली लागू की है। अब किसी भी मतदाता का नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति दर्ज करने वाले को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। यह सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के अनुसार, पहले कई बार ऐसा होता था कि आपत्ति दर्ज कराने वाला व्यक्ति किसी अन्य का नाम या मोबाइल नंबर लिख देता था। ई-सत्यापन की नई व्यवस्था इस तरह के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगी।
आयोग ने स्पष्ट किया कि यह कदम किसी राजनीतिक बयानबाज़ी के जवाब में नहीं उठाया गया है। उदाहरण के तौर पर, कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जाने की शिकायतों के बाद 6,018 ऑनलाइन आवेदन (फॉर्म-7) आए थे। जांच में इनमें से केवल 24 सही पाए गए, जबकि 5,994 आवेदन गलत निकले। इसलिए सिर्फ 24 नाम ही मतदाता सूची से हटाए गए।
इस बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर दावा किया कि उनकी आपत्ति के बाद ही चुनाव आयोग को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से सवाल किया कि अलंद मामले में कर्नाटक सीआईडी को सबूत कब सौंपे जाएंगे। राहुल गांधी ने लिखा, “हमने चोरी पकड़ी, तभी आयोग को ताला लगाने की याद आई। अब हम चोरों को भी पकड़ेंगे।”
कांग्रेस की CWC बैठक को भाजपा ने बताया चुनावी स्टंट
नई दिल्ली। बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं और राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी बीच बुधवार को कांग्रेस की पहली बार हुई कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक ने सियासी गर्माहट बढ़ा दी है। भाजपा ने इस बैठक पर हमला बोलते हुए इसे महज चुनावी स्टंट बताया और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए।
भाजपा का आरोप:
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यह बैठक कांग्रेस की सोची-समझी चाल है, जिससे वह महागठबंधन में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। मालवीय ने इसे तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने का अंत बताते हुए कहा कि कांग्रेस अब राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती।
महागठबंधन में संदेश:
मालवीय ने कहा कि इस बैठक में वही नेता शामिल हुए हैं जिन्होंने पहले बिहार और बिहार की जनता का अपमान किया। उनका कहना है कि महागठबंधन के भीतर तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने पर अब सहमति नहीं बन रही।
कांग्रेस-राजद में बढ़ती दूरी:
भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी का बिहार में बढ़ता सक्रियता दिखाता है कि कांग्रेस अब खुद को एक मजबूत ताकत के रूप में पेश करना चाहती है और राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती। मालवीय ने कहा कि चुनाव से पहले ही दोनों दलों की राहें अलग हो सकती हैं।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया:
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस बिहार में अपनी जमीन खो चुकी है और उसके पास न नेता हैं न कार्यकर्ता। डॉ. बूरा नरसैया गौड़ ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले आरोप को सिर्फ बहाना बताया और भाजपा की जीत की उम्मीद जताई।
पटना बैठक पर रविशंकर प्रसाद का तंज:
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को बिहार की याद 85 साल बाद आई है। उनका कहना है कि यह बैठक सिर्फ राजनीतिक फायदा और आगामी चुनावों के लिए है, जनता की भलाई के लिए नहीं।
भाजपा नेतृत्व की कार्यशैली और पारदर्शिता पर उठाए सवाल
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भाजपा पर संगठनात्मक चुनावों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। राउत ने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा देश के सर्वोच्च संस्थानों—मुख्य न्यायाधीश, उपराष्ट्रपति और चुनाव आयुक्त जैसे पदों पर बदलाव करने की ताकत रखती है, तो फिर अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराने से क्यों बच रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर पार्टी के भीतर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही और यही भाजपा की सबसे बड़ी कमजोरी है।
राउत ने कहा कि भाजपा नेतृत्व संगठनात्मक स्तर पर चुनाव कराने में असमर्थ दिखाई देता है। उनका व्यंग्यपूर्ण हमला भाजपा की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सीधा वार माना जा रहा है।
मुंबई नगर निगम चुनाव और ठाकरे फैक्टर
आगामी मुंबई महानगरपालिका चुनाव को लेकर राउत ने संकेत दिए कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सीटों के बंटवारे पर बयान केवल अंतिम सहमति के बाद ही सामने आएगा। राउत का दावा है कि ठाकरे परिवार का प्रभाव महाराष्ट्र की राजनीति में आज भी अहम है और इसका असर चुनावी नतीजों में साफ दिखेगा।
मराठी अस्मिता पर जोर
राउत ने मराठी पहचान को भी चुनावी एजेंडे से जोड़ा। उन्होंने कहा कि “मराठी जनता बताएगी कि ठाकरे ब्रांड का असली अर्थ क्या है।” उनका इशारा इस ओर था कि स्थानीय अस्मिता एक बार फिर चुनाव में निर्णायक कारक साबित हो सकती है।
भाजपा पर सीधा निशाना
विशेषज्ञ मानते हैं कि राउत का यह बयान भाजपा पर दबाव बनाने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने और संस्थानों पर नियंत्रण जमाने के आरोप लगाती रही है। अब संगठनात्मक चुनाव का मुद्दा भी इस बहस में नया मोड़ लेकर आया है।
राउत के बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में मुंबई नगर निगम चुनाव और राज्य की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि “समय आने पर तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।” राजनीतिक गलियारों में इसे विपक्षी खेमे की नई रणनीति का संकेत माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच लगातार छठे महीने हवाई क्षेत्र पर रोक जारी
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच एयरस्पेस को लेकर जारी खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। भारत ने पाकिस्तानी विमानों और एयरलाइंस पर लगे हवाई क्षेत्र प्रतिबंध को एक महीने और आगे बढ़ा दिया है। एविएशन अथॉरिटी द्वारा जारी नए नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) के मुताबिक, अब यह रोक 24 अक्टूबर सुबह 5:29 बजे तक लागू रहेगी।
लगातार छठे महीने यह स्थिति बनी हुई है, क्योंकि पाकिस्तान ने भी दो दिन पहले अपने हवाई क्षेत्र में भारतीय विमानों की आवाजाही पर रोक को आगे बढ़ाया था। इस तरह दोनों देशों के बीच एयरस्पेस विवाद अब आधे साल से ज्यादा लंबा खिंच चुका है।
एयरस्पेस की इस जंग की शुरुआत अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी। हमले के बाद पाकिस्तान ने अचानक भारतीय विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिसके जवाब में भारत ने भी पाकिस्तानी उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया। तब से हर महीने नए नोटम जारी कर दोनों देश इस रोक को बढ़ाते आ रहे हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रोक केवल भारत और पाकिस्तान की एयरलाइंस पर लागू है। विदेशी एयरलाइंस अब भी दोनों देशों के एयरस्पेस का इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि, लंबे समय तक यह पाबंदी जारी रहने से दोनों देशों की एयरलाइंस को अतिरिक्त लागत और यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।
पीएम मोदी ने अरुणाचल को “उगते सूरज की धरती” बताया
इटानगर। अरुणाचल प्रदेश के इटानगर में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5,100 करोड़ रुपये से अधिक के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इंदिरा गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने शि योमी जिले में दो बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट्स और तवांग में एक कन्वेंशन सेंटर की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं राज्य के विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां पूर्वोत्तर राज्यों के सर्वांगीण विकास और सशक्तिकरण के लिए हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश को “उगते सूरज की धरती” बताते हुए कहा कि राज्य के लोग शौर्य और शांति का प्रतीक हैं।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा पूर्वोत्तर को विकास की दिशा में देखा है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए।
कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने स्थानीय व्यापारियों, उद्योगपतियों और करदाताओं के साथ जीएसटी सुधारों पर चर्चा की और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने ‘गर्व से कहो ये स्वदेशी है’ अभियान के पोस्टर भी वितरित किए।
प्रमुख परियोजनाएं:
ताटो-I प्रोजेक्ट: 186 मेगावाट क्षमता, 1,750 करोड़ रुपये लागत, सालाना 802 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन।
हेओ प्रोजेक्ट: 240 मेगावाट क्षमता, 1,939 करोड़ रुपये लागत, सालाना 1,000 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन।
तवांग कन्वेंशन सेंटर: 145.37 करोड़ रुपये, 1,500 लोगों की क्षमता, पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा।
स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी और फायर सेफ्टी सहित अन्य प्रोजेक्ट्स की कुल लागत 1,290 करोड़ रुपये से अधिक।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में ये कदम राज्य और देश दोनों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर हैं।
प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना का विशेष महत्व
नई दिल्ली। देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो गई है। 9 दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस बार तृतीय तिथि के कारण नवरात्र का एक दिन बढ़ रहा है और माता रानी की विदाई 2 अक्टूबर को होगी। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की विशेष आराधना को अत्यंत फलदायी माना जाता है।
प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की आराधना से होती है। आज मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आई हैं, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। माना जाता है कि माता का हाथी पर आगमन और गमन समृद्धि और सुख-शांति का संदेश देता है।
कलश स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना नवरात्र का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इस बार घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:09 से 8:06 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त 11:39 से 12:38 बजे तक रहेगा। पंडितों के अनुसार, कलश शुद्ध मिट्टी और जल से स्थापित किया जाना चाहिए तथा जौ बोना शुभ फलदायी होता है।
नवरात्रि में माता को लाल चुनरी, फूल, नारियल, ऋतुफल और मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और ‘ॐ ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप करने से माता प्रसन्न होती हैं।
भूपेंद्र यादव का जवाब: केवल 1.78% जंगल प्रभावित, परियोजना भारत की रणनीतिक मजबूती के लिए जरूरी
नई दिल्ली। ग्रेट निकोबार बुनियादी ढांचा परियोजना को लेकर केंद्र और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। रविवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि इस परियोजना पर सवाल उठाना नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि देश को संभावित पर्यावरणीय और मानवीय संकट के प्रति आगाह करने का प्रयास है।
जयराम रमेश ने कहा कि पर्यावरण मंत्री इस परियोजना से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब देने से लगातार बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों पेड़ों की कटाई करके राष्ट्रीय वन नीति 1988 का उल्लंघन किया जा रहा है। रमेश ने स्पष्ट किया कि घने वर्षावनों के नुकसान की भरपाई दूरदराज राज्यों में वृक्षारोपण करके नहीं की जा सकती।
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि परियोजना को मंजूरी देते समय जनजातीय परिषद और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की राय क्यों नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनजातीय समुदायों की चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया है और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किए गए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन को भी नज़रअंदाज़ किया गया है।
रमेश ने चेतावनी दी कि ग्रेट निकोबार द्वीप पर मौजूद लेदरबैक कछुए, मेगापोड पक्षी, खारे पानी के मगरमच्छ और कोरल रीफ जैसी दुर्लभ प्रजातियां इस परियोजना के कारण विलुप्ति के खतरे में पड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2004 की सुनामी में गंभीर रूप से प्रभावित यह क्षेत्र उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाला है, ऐसे में परियोजना की स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सोनिया गांधी ने भी इस 72,000 करोड़ की योजना को “योजनाबद्ध मूर्खता” बताते हुए कहा था कि यह निकोबारी जनजातियों के अस्तित्व और द्वीप के अनोखे पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डालती है।
वहीं, भूपेंद्र यादव का कहना है कि यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है और इसके तहत द्वीप के जंगलों का केवल 1.78 प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग में लिया जाएगा। यादव ने इसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री और हवाई संपर्क क्षमता को मजबूत करने वाला कदम बताया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना, सीईसी ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरों की रक्षा करने लगाया आरोप
वायनाड— कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने शनिवार को वायनाड में एक कार्यक्रम के दौरान चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूचियों से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर भरी बहस छेड़ी। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसी “पुख्ता” सामग्री है जिसे उन्होंने उपहास में “हाइड्रोजन बम” कहा, जो पूरे मामले की सच्चाई बेनकाब कर देगी।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे पास स्पष्ट और ठोस प्रमाण हैं — मैं बिना सबूत के कुछ भी नहीं कहता। जो कुछ हुआ है, वह सामने आने वाला है।” उन्होंने बताया कि पार्टी ने पहले भी महादेवपुरा और आलंद से संबंधित मामलों में मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों के काले-सफेद सबूत पेश किए हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी इसी तरह के प्रमाण सार्वजनिक किए जाएंगे।
चुनाव आयोग और सीईसी पर आरोप
राहुल ने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव अधिकरी (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग ने “वोट चोरों” की रक्षा की है। उन्होंने विशेषकर कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र से छह हज़ार मतदाताओं के नाम हटाए जाने का जिक्र किया और इसे चुनाव आयोग प्रमुख के खिलाफ एक गंभीर आरोप बताया। राहुल ने कहा कि कर्नाटक में सीआईडी की जांच भी जारी है और सीआईडी ने वोट चोरी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नम्बरों की जानकारी मांगी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई व्यक्तिगत बकवास नहीं है बल्कि तथ्यों पर आधारित मामला है, और जिन्होंने वोटों से छेड़छाड़ की उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आलंद मामले और आयोग की प्रतिक्रिया
इस पर चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन किसी भी आम व्यक्ति द्वारा मतदाता नामों को हटाया नहीं जा सकता और आलंद में किसी भी मतदाता का अनुचित रूप से नाम हटाए जाने का मामला सत्यापित नहीं हुआ है। आयोग के बयान का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा कि संबंधित प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों की जांच की जाएगी।
व्यक्तिगत टिप्पणी व वायनाड का ज़िक्र
राहुल गांधी ने वायनाड के स्थानीय आयोजनों में भी भाग लिया और वहां के लोगों के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब उन पर हमला हुआ तो वायनाड के लोगों ने उनकी रक्षा की और उन्होंने स्थानीय समर्थकों के साथ अपने स्नेह व आभार का इज़हार किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की विनम्रता की भी प्रशंसा की और कहा कि कुछ राष्ट्रीय नेताओं में सत्ता मिलने पर अहंकार आ जाता है, जबकि ओमन चांडी विनम्र बने रहे।
आगे की कार्रवाई
राहुल गांधी की ओर से उठाए गए इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां कांग्रेस ने आगे साक्ष्य सार्वजनिक करने का एलान किया है, वहीं चुनाव आयोग ने पहले दिए गए अपने बयान को दोहराते हुए कहा है कि किसी भी अवैध कार्रवाई की जांच नियम के अनुसार की जाएगी। सीआईडी या अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पार्टी द्वारा दिए जाने वाले नए सबूतों के आधार पर मामले में और पहल की संभावना बनी हुई है।
