22 सितंबर से बदलेंगे जीएसटी नियम, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत
चेन्नई। आगामी 22 सितंबर से लागू होने वाले नए जीएसटी सुधारों को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि संशोधित दरों के कारण उपभोक्ताओं की जेब में करीब दो लाख करोड़ रुपये बचेंगे। उनका कहना है कि इस बचत से घरेलू खपत और बाजार की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
तमिलनाडु फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के 80वें स्थापना दिवस समारोह में वित्त मंत्री ने बताया कि अब जीएसटी की दरों को चार स्लैब से घटाकर दो स्लैब में समेटा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि इस बदलाव का सीधा लाभ गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे-मध्यम उद्योगों तक पहुंचे।
सीतारमण ने कहा कि नए सुधारों से सामान की कीमतों में कमी आएगी, जिससे खरीदारी बढ़ेगी। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि लोग साबुन जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं अधिक मात्रा में खरीदते हैं तो उत्पादन बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे और टैक्स वसूली भी बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने से पहले देश में टैक्स देने वाले उद्यमियों की संख्या जहां 65 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर 1.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” बताना पूरी तरह गलत है। इसके विपरीत इस व्यवस्था ने टैक्स आधार को मजबूत किया है। उनका कहना है कि पिछले आठ वर्षों में सरकार ने किसी भी वस्तु पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है, बल्कि अब दरों में कटौती कर लोगों को सीधा लाभ देने की कोशिश की जा रही है।
सीतारमण का मानना है कि ये सुधार न केवल आम लोगों और एमएसएमई को राहत देंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के ताजा बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पित्रोदा ने पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर बनाने की बात कही और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जाकर उन्हें “घर जैसा” महसूस हुआ।
उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “राहुल गांधी के खास आदमी और कांग्रेस ओवरसीज के प्रमुख कहते हैं कि उन्हें पाकिस्तान में घर जैसा लगा। इसमें कोई हैरानी नहीं कि 26/11 हमले के बाद भी यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान का पसंदीदा, कांग्रेस का चहेता!”
पित्रोदा ने कहा था, “मेरी राय में हमारी विदेश नीति में सबसे पहले हमें अपने पड़ोस पर ध्यान देना चाहिए। क्या हम पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर कर सकते हैं? मैं पाकिस्तान गया हूं, वहां मुझे घर जैसा लगा। मैं बांग्लादेश और नेपाल भी गया हूं और वहां भी ऐसा ही अनुभव हुआ।”
यह पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले उन्होंने कहा था कि भारत चीन के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
गौरतलब है कि 1980 के दशक में पित्रोदा राजीव गांधी के करीबी टेक्नोक्रेट के रूप में प्रसिद्ध हुए थे और गांधी परिवार के भरोसेमंद माने जाते हैं। हालांकि, उनके बयान अक्सर कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल देते हैं।
शाह ने वोटर अधिकार यात्रा को बताया ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’
सासाराम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सासाराम में आयोजित क्षेत्रीय बैठक में एनडीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सरकार की नीतियों और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का अभियान चलाएं। इस दौरान मंच पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा नेता विनोद तावड़े, राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा, राज्य मंत्री प्रेम कुमार, मंत्री संतोष कुमार सिंह और पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह भी मौजूद रहे।
अमित शाह ने राहुल गांधी की हाल की “वोटर अधिकार यात्रा” को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह यात्रा विकास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों के लिए नहीं, बल्कि “घुसपैठियों को बचाने” के लिए थी। शाह ने सवाल उठाया कि क्या बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को मुफ्त राशन, नौकरी, वोट का अधिकार और 5 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं के अधिकार छीनकर घुसपैठियों को सौंपना चाहती है।
अपने संबोधन में गृहमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू यादव पूरी जिंदगी मुख्यमंत्री बने रहें, तब भी उतना काम नहीं कर पाएंगे जितना एनडीए सरकार ने कुछ वर्षों में कर दिखाया है। शाह ने लालू शासन को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला और लैंड फॉर जॉब घोटाले का जिक्र किया और कहा कि इन घोटालों ने बिहार को विकास की राह से भटका दिया।
राहुल गांधी का बड़ा आरोप, कहा – सॉफ्टवेयर से हो रही है ‘वोट चोरी’
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और यह काम किसी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है और चुनाव आयोग उन लोगों को बचा रहा है, जो ‘वोट चोरी’ के जिम्मेदार हैं।
राहुल गांधी ने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां 6,018 मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राज्य के बाहर से मोबाइल नंबरों और एक ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए किया गया, जिसमें खासतौर पर कांग्रेस समर्थकों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा, “मैं कोई ऐसी बात नहीं कह रहा जो प्रमाणित न हो। यह पूरी प्रक्रिया केंद्रीकृत ढंग से चलाई जा रही है। बूथ लेवल पर नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर तकनीक के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।”
राहुल गांधी का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े का असर सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लाखों वोटरों के नाम लिस्ट से गायब किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अगर सचमुच लोकतंत्र की रक्षा करना चाहता है तो एक सप्ताह के भीतर मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस बहुत जल्द ‘वोट चोरी’ पर बड़ा खुलासा करने वाली है, जिसे उन्होंने “हाइड्रोजन बम” करार दिया।
गृहमंत्री अमित शाह ने दी बधाई, पीएम मोदी को बताया “त्याग और समर्पण का प्रतीक”
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा नेताओं के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने असाधारण नेतृत्व और अथक परिश्रम से देश में बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की संस्कृति स्थापित की है। उन्होंने कहा कि आज विश्व समुदाय भी मोदीजी के मार्गदर्शन पर विश्वास प्रकट कर रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को “त्याग और समर्पण का प्रतीक” बताते हुए कहा कि उन्होंने पांच दशक से अधिक समय तक निरंतर देश और समाज की सेवा की है।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें “दूरदर्शी और संवेदनशील नेता” बताते हुए लिखा कि मोदीजी ने भारत को नई ऊर्जा, नई दिशा और विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने गरीब और लोक कल्याण के प्रति मोदीजी की प्रतिबद्धता को भी अद्वितीय बताया।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर दुनियाभर से बधाई संदेश आ रहे हैं। कई देशों के नेताओं ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं और उनके लंबे और सुखमय जीवन की कामना की।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को नशे से सुरक्षित रखना प्राथमिकता
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार देश से ड्रग्स के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने यह बात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में कही, जिसका आयोजन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने किया।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 2047 तक भारत को विकसित और महान राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त से सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रग्स के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक व्यापक और कड़ा अभियान जरूरी है।
ड्रग्स के तीन स्तरों पर सख्त कार्रवाई
अमित शाह ने ड्रग्स कारोबार में सक्रिय तीन तरह के कार्टेलों की जानकारी दी। पहला, जो देश के एंट्री पॉइंट्स पर सक्रिय हैं; दूसरा, जो राज्यों तक ड्रग्स की सप्लाई नेटवर्क संभालते हैं; और तीसरा, छोटे स्तर के कार्टेल जो मोहल्लों और दुकानों तक ड्रग्स पहुँचाते हैं। उन्होंने कहा कि इन तीनों स्तरों पर कड़ा प्रहार करना अनिवार्य है।
विदेशी तस्करों और स्थानीय नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई
शाह ने विदेश में बैठे ड्रग्स तस्करों को कानून के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एएनटीएफ प्रमुखों से कहा कि वे सीबीआई के साथ समन्वय करके प्रत्यर्पण की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके अलावा, जेल में बंद अपराधियों के नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और गृह मंत्रालय इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है।
जब्त ड्रग्स का नष्टिकरण और व्यापक निगरानी
शाह ने बताया कि देशभर में जब्त 4,794 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनसीबी जीएसटी विभाग, राज्य ड्रग्स नियंत्रक, आयकर विभाग और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर ड्रग्स नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटा रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की है।
युवा पीढ़ी ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत
अमित शाह ने युवाओं को सुरक्षित रखने को पीएम मोदी के विजन की कुंजी बताया और कहा कि अगर युवा दृढ़ संकल्पित हों तो भारत 2047 तक हर क्षेत्र में दुनिया का नंबर एक राष्ट्र बन सकता है।
अदालत ने कहा– किसी भी अवैधता पर पूरी प्रक्रिया हो सकती है रद्द
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर अंतिम बहस सुनने के लिए 7 अक्तूबर की तारीख तय की है। शीर्ष अदालत ने साफ किया कि वह यह मानकर चल रही है कि चुनाव आयोग, एक संवैधानिक संस्था होने के नाते, पूरी प्रक्रिया में कानून और अनिवार्य नियमों का पालन कर रहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के किसी भी चरण में अवैधता पाई जाती है तो पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया जाएगा।
पीठ ने कहा कि बिहार एसआईआर पर अंतरिम या टुकड़ों में राय नहीं दी जा सकती, बल्कि अंतिम निर्णय ऐसा होगा जिसका असर पूरे देश की मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर पड़ेगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि अदालत चुनाव आयोग को देश भर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए इसी तरह की प्रक्रिया अपनाने से नहीं रोक सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अनुमति दी है कि वे 7 अक्तूबर को अखिल भारतीय स्तर पर लागू होने वाली एसआईआर प्रक्रिया पर भी बहस रखें।
इसी बीच, शीर्ष अदालत ने एक अन्य याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें 8 सितंबर को दिए गए उस आदेश को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें चुनाव आयोग को बिहार एसआईआर में आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, अदालत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन यदि मतदाता खुद आधार प्रस्तुत करता है तो चुनाव आयोग उसकी सत्यता की जांच कर सकता है।
विशाखापट्टनम रैली में नड्डा ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां
विशाखापट्टनम। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 11 वर्षों में विकास और जवाबदेह शासन की राजनीति देखी है, जबकि पिछली सरकारें सिर्फ वादे करने और उन्हें भूल जाने तक ही सीमित रहीं।
जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा आज 14 करोड़ कार्यकर्ताओं के साथ दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने बताया कि भारत के 20 राज्यों में राजग और 13 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, लोकसभा में पार्टी के 240 सांसद और विधानसभाओं में लगभग 1,500 विधायक हैं।
उन्होंने कहा कि पहले की राजनीति परिवारवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण पर आधारित थी, जबकि भाजपा एक वैचारिक आधार पर खड़ी पार्टी है। नड्डा ने आंध्र प्रदेश के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने अमरावती राजधानी निर्माण के लिए 15,000 करोड़ रुपये की सहायता दी है।
राम मंदिर और सीएए का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्पों को निभाया है। उन्होंने याद दिलाया कि 1987 में पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का वादा किया था, जिसे 2024 तक पूरा कर दिया गया। इसी तरह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को लागू करके भी पार्टी ने अपने वचन को निभाया।
हिन्दी दिवस पर बोले गृह मंत्री—तकनीक से लेकर न्याय-शिक्षा तक भारतीय भाषाएं बनें भविष्य की धुरी
नई दिल्ली। हिन्दी दिवस के अवसर पर केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय भाषाओं और संस्कृति का स्वर्णिम पुनर्जागरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाएं तकनीक, विज्ञान, न्याय, शिक्षा और प्रशासन की आधारशिला बनें। शाह ने अपील की—“मिलकर सोचो, मिलकर चलो और मिलकर बोलो, यही हमारी भाषाई और सांस्कृतिक चेतना का मूल मंत्र है।”
अपने संदेश में अमित शाह ने याद दिलाया कि गुलामी के कठिन दौर में भारतीय भाषाएं स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज बनीं। गांव-देहात की बोली, लोकगीत, लोककथाएं और कविताएं ही आजादी के आंदोलन का आधार बनीं। वंदे मातरम् और जय हिंद जैसे नारे इसी भाषाई चेतना से उपजे और स्वतंत्र भारत के गौरव का प्रतीक बने।
उन्होंने कहा कि भारत मूलतः भाषा-प्रधान देश है, जहां भाषाओं ने सदियों से संस्कृति, परंपरा, दर्शन और अध्यात्म को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक, हर क्षेत्र की भाषाएं भारतीय समाज को जोड़ने और संवाद का माध्यम रही हैं।
शाह ने उदाहरण देते हुए कहा कि संत तिरुवल्लुवर की रचनाएं उत्तर भारत में भी सम्मान से पढ़ी जाती हैं, तुलसीदास और कबीर के दोहे दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी गूंजते हैं, और भूपेन हजारिका के गीत हरियाणा तक गुनगुनाए जाते हैं। यही हमारी भाषाई विविधता की ताकत है।
उन्होंने बताया कि संविधान निर्माताओं ने भाषाओं के महत्व को पहचानते हुए 14 सितम्बर 1949 को देवनागरी लिपि में हिंदी को राजभाषा के रूप में अंगीकृत किया। अनुच्छेद 351 में हिंदी के प्रचार-प्रसार और भारत की सामासिक संस्कृति के संवाहक के रूप में भूमिका तय की गई।
पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों—संयुक्त राष्ट्र, जी-20 और एससीओ—पर हिंदी और भारतीय भाषाओं में संवाद कर उनके स्वाभिमान को बढ़ाया है। 2024 में ‘भारतीय भाषा अनुभाग’ की स्थापना कर सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं के सहज अनुवाद का लक्ष्य रखा गया है।
अमित शाह ने कहा कि डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग के दौर में भारतीय भाषाओं को भविष्य की तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुकूल बनाया जा रहा है।
उन्होंने अंत में कहा कि भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि समाज को ऊर्जा, आत्मबल और एकता का मंत्र देने वाली शक्ति है। यही कारण है कि हमारे कवि विद्यापति ने कहा था—
“देसिल बयना सब जन मिट्ठा”,
अर्थात अपनी भाषा सबसे मधुर होती है।
बिलासपुर/शिमला- हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन ने आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिलासपुर जिले के नम्होल की उप-तहसील के गुतराहन गांव में शनिवार सुबह बादल फटने की घटना हुई, जिससे कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए। मौके से दो वाहन मलबे में दब गए जबकि पांच क्षतिग्रस्त हुए। सड़क पर आए मलबे की वजह से नम्होल–डाबर मार्ग बंद हो गया है। स्थानीय किसान कश्मीर सिंह की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि पानी का बहाव गांव की ओर न मुड़कर सड़क की तरफ चला गया, जिससे बड़ी तबाही टल गई।
लगातार बारिश से घुमारवीं क्षेत्र में सीर खड्ड का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। यह इस बरसात का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
शनिवार सुबह 10 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में भूस्खलन की वजह से तीन नेशनल हाईवे सहित कुल 577 सड़कें बंद हो गईं। बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई है—389 ट्रांसफार्मर बंद हैं और 333 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। केवल कुल्लू में 174, मंडी में 166, शिमला में 48, कांगड़ा में 45, चंबा में 44 और सिरमौर में 28 सड़कें बाधित हैं। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर तुन्नूहट्टी, लाहड़ और मैहला क्षेत्रों में भारी भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
एनएच मंडल के अधिशासी अभियंता मीत शर्मा ने बताया कि बारिश से पेड़ गिरने और मलबा आने की वजह से हाईवे पर यातायात बाधित हुआ है। प्रशासन सड़क बहाली में जुटा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 19 सितम्बर तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। 13 और 14 सितम्बर को भारी बारिश और अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के कई इलाकों में शनिवार को झमाझम बारिश हुई, जबकि शिमला में धूप के बीच हल्के बादल छाए रहे। बीती रात पालमपुर में 86 मिमी, मुरारी देवी में 69.2 मिमी, कांगड़ा में 58.2 मिमी, जोगिंद्रनगर में 45 मिमी, धर्मशाला में 14.8 मिमी और मंडी में 13.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसून सीजन में अब तक हिमाचल को 4,465 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। 20 जून से 12 सितम्बर के बीच 386 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 451 लोग घायल और 41 अब भी लापता हैं। सड़क हादसों में भी 168 लोगों की मौत दर्ज की गई है। वहीं, राज्य में 538 पक्के और 834 कच्चे मकान पूरी तरह ढह चुके हैं, जबकि हजारों को आंशिक क्षति हुई है।
