प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की पूजा, कलश स्थापना का विशेष महत्व
नई दिल्ली। देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो गई है। 9 दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस बार तृतीय तिथि के कारण नवरात्र का एक दिन बढ़ रहा है और माता रानी की विदाई 2 अक्टूबर को होगी। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती की विशेष आराधना को अत्यंत फलदायी माना जाता है।
प्रथम दिवस मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्रि की शुरुआत कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की आराधना से होती है। आज मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आई हैं, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। माना जाता है कि माता का हाथी पर आगमन और गमन समृद्धि और सुख-शांति का संदेश देता है।
कलश स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना नवरात्र का सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इस बार घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:09 से 8:06 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त 11:39 से 12:38 बजे तक रहेगा। पंडितों के अनुसार, कलश शुद्ध मिट्टी और जल से स्थापित किया जाना चाहिए तथा जौ बोना शुभ फलदायी होता है।
नवरात्रि में माता को लाल चुनरी, फूल, नारियल, ऋतुफल और मिष्ठान अर्पित किए जाते हैं। श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और ‘ॐ ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का जाप करने से माता प्रसन्न होती हैं।
भूपेंद्र यादव का जवाब: केवल 1.78% जंगल प्रभावित, परियोजना भारत की रणनीतिक मजबूती के लिए जरूरी
नई दिल्ली। ग्रेट निकोबार बुनियादी ढांचा परियोजना को लेकर केंद्र और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। रविवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि इस परियोजना पर सवाल उठाना नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि देश को संभावित पर्यावरणीय और मानवीय संकट के प्रति आगाह करने का प्रयास है।
जयराम रमेश ने कहा कि पर्यावरण मंत्री इस परियोजना से जुड़े बुनियादी सवालों का जवाब देने से लगातार बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों पेड़ों की कटाई करके राष्ट्रीय वन नीति 1988 का उल्लंघन किया जा रहा है। रमेश ने स्पष्ट किया कि घने वर्षावनों के नुकसान की भरपाई दूरदराज राज्यों में वृक्षारोपण करके नहीं की जा सकती।
कांग्रेस नेता ने यह भी सवाल उठाया कि परियोजना को मंजूरी देते समय जनजातीय परिषद और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की राय क्यों नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनजातीय समुदायों की चिंताओं को दरकिनार कर दिया गया है और 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत किए गए सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन को भी नज़रअंदाज़ किया गया है।
रमेश ने चेतावनी दी कि ग्रेट निकोबार द्वीप पर मौजूद लेदरबैक कछुए, मेगापोड पक्षी, खारे पानी के मगरमच्छ और कोरल रीफ जैसी दुर्लभ प्रजातियां इस परियोजना के कारण विलुप्ति के खतरे में पड़ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2004 की सुनामी में गंभीर रूप से प्रभावित यह क्षेत्र उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता वाला है, ऐसे में परियोजना की स्थिरता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
सोनिया गांधी ने भी इस 72,000 करोड़ की योजना को “योजनाबद्ध मूर्खता” बताते हुए कहा था कि यह निकोबारी जनजातियों के अस्तित्व और द्वीप के अनोखे पारिस्थितिक तंत्र को खतरे में डालती है।
वहीं, भूपेंद्र यादव का कहना है कि यह परियोजना राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है और इसके तहत द्वीप के जंगलों का केवल 1.78 प्रतिशत हिस्सा ही उपयोग में लिया जाएगा। यादव ने इसे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री और हवाई संपर्क क्षमता को मजबूत करने वाला कदम बताया।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना, सीईसी ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरों की रक्षा करने लगाया आरोप
वायनाड— कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने शनिवार को वायनाड में एक कार्यक्रम के दौरान चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूचियों से जुड़ी अनियमितताओं को लेकर भरी बहस छेड़ी। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसी “पुख्ता” सामग्री है जिसे उन्होंने उपहास में “हाइड्रोजन बम” कहा, जो पूरे मामले की सच्चाई बेनकाब कर देगी।
राहुल गांधी ने कहा, “हमारे पास स्पष्ट और ठोस प्रमाण हैं — मैं बिना सबूत के कुछ भी नहीं कहता। जो कुछ हुआ है, वह सामने आने वाला है।” उन्होंने बताया कि पार्टी ने पहले भी महादेवपुरा और आलंद से संबंधित मामलों में मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों के काले-सफेद सबूत पेश किए हैं और उन्होंने आश्वासन दिया कि आगे भी इसी तरह के प्रमाण सार्वजनिक किए जाएंगे।
चुनाव आयोग और सीईसी पर आरोप
राहुल ने चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव अधिकरी (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोग ने “वोट चोरों” की रक्षा की है। उन्होंने विशेषकर कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र से छह हज़ार मतदाताओं के नाम हटाए जाने का जिक्र किया और इसे चुनाव आयोग प्रमुख के खिलाफ एक गंभीर आरोप बताया। राहुल ने कहा कि कर्नाटक में सीआईडी की जांच भी जारी है और सीआईडी ने वोट चोरी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नम्बरों की जानकारी मांगी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई व्यक्तिगत बकवास नहीं है बल्कि तथ्यों पर आधारित मामला है, और जिन्होंने वोटों से छेड़छाड़ की उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आलंद मामले और आयोग की प्रतिक्रिया
इस पर चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि ऑनलाइन किसी भी आम व्यक्ति द्वारा मतदाता नामों को हटाया नहीं जा सकता और आलंद में किसी भी मतदाता का अनुचित रूप से नाम हटाए जाने का मामला सत्यापित नहीं हुआ है। आयोग के बयान का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा कि संबंधित प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और किसी भी तरह की गड़बड़ी के आरोपों की जांच की जाएगी।
व्यक्तिगत टिप्पणी व वायनाड का ज़िक्र
राहुल गांधी ने वायनाड के स्थानीय आयोजनों में भी भाग लिया और वहां के लोगों के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब उन पर हमला हुआ तो वायनाड के लोगों ने उनकी रक्षा की और उन्होंने स्थानीय समर्थकों के साथ अपने स्नेह व आभार का इज़हार किया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की विनम्रता की भी प्रशंसा की और कहा कि कुछ राष्ट्रीय नेताओं में सत्ता मिलने पर अहंकार आ जाता है, जबकि ओमन चांडी विनम्र बने रहे।
आगे की कार्रवाई
राहुल गांधी की ओर से उठाए गए इन आरोपों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां कांग्रेस ने आगे साक्ष्य सार्वजनिक करने का एलान किया है, वहीं चुनाव आयोग ने पहले दिए गए अपने बयान को दोहराते हुए कहा है कि किसी भी अवैध कार्रवाई की जांच नियम के अनुसार की जाएगी। सीआईडी या अन्य जांच एजेंसियों की कार्रवाई और पार्टी द्वारा दिए जाने वाले नए सबूतों के आधार पर मामले में और पहल की संभावना बनी हुई है।
22 सितंबर से बदलेंगे जीएसटी नियम, आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत
चेन्नई। आगामी 22 सितंबर से लागू होने वाले नए जीएसटी सुधारों को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि संशोधित दरों के कारण उपभोक्ताओं की जेब में करीब दो लाख करोड़ रुपये बचेंगे। उनका कहना है कि इस बचत से घरेलू खपत और बाजार की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
तमिलनाडु फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के 80वें स्थापना दिवस समारोह में वित्त मंत्री ने बताया कि अब जीएसटी की दरों को चार स्लैब से घटाकर दो स्लैब में समेटा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि इस बदलाव का सीधा लाभ गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे-मध्यम उद्योगों तक पहुंचे।
सीतारमण ने कहा कि नए सुधारों से सामान की कीमतों में कमी आएगी, जिससे खरीदारी बढ़ेगी। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि यदि लोग साबुन जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं अधिक मात्रा में खरीदते हैं तो उत्पादन बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे और टैक्स वसूली भी बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि जीएसटी लागू होने से पहले देश में टैक्स देने वाले उद्यमियों की संख्या जहां 65 लाख थी, वहीं अब यह बढ़कर 1.5 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की आलोचना पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि जीएसटी को “गब्बर सिंह टैक्स” बताना पूरी तरह गलत है। इसके विपरीत इस व्यवस्था ने टैक्स आधार को मजबूत किया है। उनका कहना है कि पिछले आठ वर्षों में सरकार ने किसी भी वस्तु पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला है, बल्कि अब दरों में कटौती कर लोगों को सीधा लाभ देने की कोशिश की जा रही है।
सीतारमण का मानना है कि ये सुधार न केवल आम लोगों और एमएसएमई को राहत देंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और ओवरसीज कांग्रेस के प्रमुख सैम पित्रोदा के ताजा बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। पित्रोदा ने पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर बनाने की बात कही और पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां जाकर उन्हें “घर जैसा” महसूस हुआ।
उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, “राहुल गांधी के खास आदमी और कांग्रेस ओवरसीज के प्रमुख कहते हैं कि उन्हें पाकिस्तान में घर जैसा लगा। इसमें कोई हैरानी नहीं कि 26/11 हमले के बाद भी यूपीए सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया। पाकिस्तान का पसंदीदा, कांग्रेस का चहेता!”
पित्रोदा ने कहा था, “मेरी राय में हमारी विदेश नीति में सबसे पहले हमें अपने पड़ोस पर ध्यान देना चाहिए। क्या हम पाकिस्तान और अन्य पड़ोसी देशों से रिश्ते बेहतर कर सकते हैं? मैं पाकिस्तान गया हूं, वहां मुझे घर जैसा लगा। मैं बांग्लादेश और नेपाल भी गया हूं और वहां भी ऐसा ही अनुभव हुआ।”
यह पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले उन्होंने कहा था कि भारत चीन के खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है।
गौरतलब है कि 1980 के दशक में पित्रोदा राजीव गांधी के करीबी टेक्नोक्रेट के रूप में प्रसिद्ध हुए थे और गांधी परिवार के भरोसेमंद माने जाते हैं। हालांकि, उनके बयान अक्सर कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल देते हैं।
शाह ने वोटर अधिकार यात्रा को बताया ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’
सासाराम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सासाराम में आयोजित क्षेत्रीय बैठक में एनडीए सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि सरकार की नीतियों और योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का अभियान चलाएं। इस दौरान मंच पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा नेता विनोद तावड़े, राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा, राज्य मंत्री प्रेम कुमार, मंत्री संतोष कुमार सिंह और पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह भी मौजूद रहे।
अमित शाह ने राहुल गांधी की हाल की “वोटर अधिकार यात्रा” को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह यात्रा विकास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दों के लिए नहीं, बल्कि “घुसपैठियों को बचाने” के लिए थी। शाह ने सवाल उठाया कि क्या बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को मुफ्त राशन, नौकरी, वोट का अधिकार और 5 लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवाओं के अधिकार छीनकर घुसपैठियों को सौंपना चाहती है।
अपने संबोधन में गृहमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लालू यादव पूरी जिंदगी मुख्यमंत्री बने रहें, तब भी उतना काम नहीं कर पाएंगे जितना एनडीए सरकार ने कुछ वर्षों में कर दिखाया है। शाह ने लालू शासन को भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला और लैंड फॉर जॉब घोटाले का जिक्र किया और कहा कि इन घोटालों ने बिहार को विकास की राह से भटका दिया।
राहुल गांधी का बड़ा आरोप, कहा – सॉफ्टवेयर से हो रही है ‘वोट चोरी’
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश में सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और यह काम किसी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि केंद्रीकृत सॉफ्टवेयर के जरिए किया जा रहा है। राहुल ने दावा किया कि यह लोकतंत्र की सीधी हत्या है और चुनाव आयोग उन लोगों को बचा रहा है, जो ‘वोट चोरी’ के जिम्मेदार हैं।
राहुल गांधी ने कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां 6,018 मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राज्य के बाहर से मोबाइल नंबरों और एक ऑटोमैटिक सॉफ्टवेयर के जरिए किया गया, जिसमें खासतौर पर कांग्रेस समर्थकों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने कहा, “मैं कोई ऐसी बात नहीं कह रहा जो प्रमाणित न हो। यह पूरी प्रक्रिया केंद्रीकृत ढंग से चलाई जा रही है। बूथ लेवल पर नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर तकनीक के जरिए मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।”
राहुल गांधी का कहना है कि इस तरह के फर्जीवाड़े का असर सिर्फ कर्नाटक तक सीमित नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में लाखों वोटरों के नाम लिस्ट से गायब किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अगर सचमुच लोकतंत्र की रक्षा करना चाहता है तो एक सप्ताह के भीतर मतदाता सूची से हटाए गए नामों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करे।
राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस बहुत जल्द ‘वोट चोरी’ पर बड़ा खुलासा करने वाली है, जिसे उन्होंने “हाइड्रोजन बम” करार दिया।
गृहमंत्री अमित शाह ने दी बधाई, पीएम मोदी को बताया “त्याग और समर्पण का प्रतीक”
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा नेताओं के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। देशभर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर प्रधानमंत्री के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने असाधारण नेतृत्व और अथक परिश्रम से देश में बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की संस्कृति स्थापित की है। उन्होंने कहा कि आज विश्व समुदाय भी मोदीजी के मार्गदर्शन पर विश्वास प्रकट कर रहा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को “त्याग और समर्पण का प्रतीक” बताते हुए कहा कि उन्होंने पांच दशक से अधिक समय तक निरंतर देश और समाज की सेवा की है।
वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उन्हें “दूरदर्शी और संवेदनशील नेता” बताते हुए लिखा कि मोदीजी ने भारत को नई ऊर्जा, नई दिशा और विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है। उन्होंने गरीब और लोक कल्याण के प्रति मोदीजी की प्रतिबद्धता को भी अद्वितीय बताया।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर दुनियाभर से बधाई संदेश आ रहे हैं। कई देशों के नेताओं ने पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं और उनके लंबे और सुखमय जीवन की कामना की।
2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को नशे से सुरक्षित रखना प्राथमिकता
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार देश से ड्रग्स के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने यह बात राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में कही, जिसका आयोजन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने किया।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का 2047 तक भारत को विकसित और महान राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त से सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी बताया कि ड्रग्स के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक व्यापक और कड़ा अभियान जरूरी है।
ड्रग्स के तीन स्तरों पर सख्त कार्रवाई
अमित शाह ने ड्रग्स कारोबार में सक्रिय तीन तरह के कार्टेलों की जानकारी दी। पहला, जो देश के एंट्री पॉइंट्स पर सक्रिय हैं; दूसरा, जो राज्यों तक ड्रग्स की सप्लाई नेटवर्क संभालते हैं; और तीसरा, छोटे स्तर के कार्टेल जो मोहल्लों और दुकानों तक ड्रग्स पहुँचाते हैं। उन्होंने कहा कि इन तीनों स्तरों पर कड़ा प्रहार करना अनिवार्य है।
विदेशी तस्करों और स्थानीय नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई
शाह ने विदेश में बैठे ड्रग्स तस्करों को कानून के दायरे में लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एएनटीएफ प्रमुखों से कहा कि वे सीबीआई के साथ समन्वय करके प्रत्यर्पण की मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके अलावा, जेल में बंद अपराधियों के नेटवर्क पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और गृह मंत्रालय इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है।
जब्त ड्रग्स का नष्टिकरण और व्यापक निगरानी
शाह ने बताया कि देशभर में जब्त 4,794 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एनसीबी जीएसटी विभाग, राज्य ड्रग्स नियंत्रक, आयकर विभाग और वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर ड्रग्स नेटवर्क की पूरी जानकारी जुटा रही है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि पूरे समाज की है।
युवा पीढ़ी ही भविष्य की सबसे बड़ी ताकत
अमित शाह ने युवाओं को सुरक्षित रखने को पीएम मोदी के विजन की कुंजी बताया और कहा कि अगर युवा दृढ़ संकल्पित हों तो भारत 2047 तक हर क्षेत्र में दुनिया का नंबर एक राष्ट्र बन सकता है।
अदालत ने कहा– किसी भी अवैधता पर पूरी प्रक्रिया हो सकती है रद्द
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर दायर याचिकाओं पर अंतिम बहस सुनने के लिए 7 अक्तूबर की तारीख तय की है। शीर्ष अदालत ने साफ किया कि वह यह मानकर चल रही है कि चुनाव आयोग, एक संवैधानिक संस्था होने के नाते, पूरी प्रक्रिया में कानून और अनिवार्य नियमों का पालन कर रहा है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के किसी भी चरण में अवैधता पाई जाती है तो पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया जाएगा।
पीठ ने कहा कि बिहार एसआईआर पर अंतरिम या टुकड़ों में राय नहीं दी जा सकती, बल्कि अंतिम निर्णय ऐसा होगा जिसका असर पूरे देश की मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर पड़ेगा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सुनवाई के दौरान यह भी स्पष्ट किया कि अदालत चुनाव आयोग को देश भर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए इसी तरह की प्रक्रिया अपनाने से नहीं रोक सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अनुमति दी है कि वे 7 अक्तूबर को अखिल भारतीय स्तर पर लागू होने वाली एसआईआर प्रक्रिया पर भी बहस रखें।
इसी बीच, शीर्ष अदालत ने एक अन्य याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें 8 सितंबर को दिए गए उस आदेश को वापस लेने की मांग की गई है, जिसमें चुनाव आयोग को बिहार एसआईआर में आधार कार्ड को 12वें दस्तावेज के रूप में मान्यता देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, अदालत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आधार नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन यदि मतदाता खुद आधार प्रस्तुत करता है तो चुनाव आयोग उसकी सत्यता की जांच कर सकता है।
