उत्तराखंड

हरीश रावत ने अपनी ही पार्टी को लिया निशाने पर..

हरीश रावत ने अपनी ही पार्टी को लिया निशाने पर..

 

उत्तराखंड: प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा धमाका कर दिया हैं। प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने बुधवार को सोशल मीडिया में पोस्ट कर अपनी ही पार्टी को निशाने पर लिया। उनका कहना हैं कि अगर इसी तरह का रुख रहा तो वह राजनीति से संन्यास भी ले सकते हैं।

 

कांग्रेस महासचिव हरीश रावत काफी समय से स्वयं को पार्टी का चुनावी चेहरा घोषित करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने इसे अनसुना कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव समेत अन्य केंद्रीय नेता सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लडऩे की बात कह रहे हैं। उधर, रावत के मीडिया सलाहकार व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल ने पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव को भाजपा का एजेंट कहकर आग में और घी डाल दिया।

अभी तक तो रावत या उनके किसी नजदीकी नेता ने इस मामले में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की थी, लेकिन बुधवार को स्वयं हरीश रावत ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर मोर्चा खोल दिया। फेसबुक व ट्विटर पर की गई पोस्ट में रावत ने चुनाव के समय संगठन पर सहयोग के बजाय नकारात्मक भूमिका निभाने का सीधा आरोप मढ़ दिया। उन्होंने प्रदेश प्रभारी या किसी अन्य केंद्रीय नेता के नाम का उल्लेख तो नहीं किया, लेकिन संकेतों में कह दिया कि चुनाव में जिनके आदेश पर आगे बढ़ना है, उनके प्रतिनिधि मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं।

रावत ने हाईकमान और उनके प्रतिनिधि, यानी प्रदेश प्रभारी सहित उत्तराखंड भेजे गए अन्य केंद्रीय नेताओं पर निशाना साधा है। 73 वर्षीय रावत ने भावुक अंदाज में पार्टी को यह चेतावनी तक दे दी कि बहुत हो गया, विश्राम (राजनीति के दृष्टिकोण से संन्यास ही समझा जाएगा) का समय आ गया।

महत्वपूर्ण बात यह हैं कि अपनी पोस्ट के अंत में रावत ने श्रीमद् भगवद गीता के श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि दीन-हीन नहीं बने रहेंगे और न पलायन करेंगे। नया वर्ष ऊहापोह की इस स्थिति में शायद रास्ता दिखा दे। पोस्ट के इन पंक्तियों के भी कई निहितार्थ समझे जा रहे हैं।

आपको बता दे कि रावत ने तो अपनी बात संकेतों में कही लेकिन उनके मीडिया सलाहकार सुरेंद्र अग्रवाल ने सीधे प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव का नाम लेकर उन्हें भाजपा के इशारों पर काम करने वाला बता दिया। उनका कहना हैं कि कुछ ताकतें ऐसी हैं, जो नहीं चाहती कि हरीश रावत को आगे किया जाए। प्रदेश प्रभारी जिस तरह काम कर रहे हैं, उससे कांग्रेस की सत्ता में वापसी में अड़ंगा लग रहा है। हाईकमान को इसका संज्ञान लेना चाहिए।

Share Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *