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कोरोना रोगी अस्पताल में रख सकेंगे मोबाइल फोन, कर सकेंगे परिजनों से वीडियो कांफ्रेंसिंग

केंद्र सरकार ने कोरोना के रोगियों को अस्पताल में मोबाइल फोन अथवा टेबलेट रखने की अनुमति दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक (DGHS) डॉ राजीव गर्ग द्वारा इस संबंध में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए गए हैं।

DGHS डॉ गर्ग द्वारा 29 जुलाई को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य विभाग व चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिवों तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के निदेशकों को पत्र भेजा गया है। पत्र में कहा गया है कि प्रशासनिक व चिकित्सकीय टीमों को अस्पतालों में कोविड-19 वार्ड व ICU में भर्ती रोगियों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए।

पत्र में डॉ गर्ग ने कहा है कि समाज से संपर्क मरीज को शांत रख सकता है और उसे चिकित्सा दे रहे दल के मनोवैज्ञानिक सहयोग को भी बढ़ा सकता है। लिहाजा, रोगी क्षेत्र में स्मार्टफोन और टैबलेट रखने की अनुमति दें, ताकि मरीज अपने परिवार और दोस्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस कर सकें।

पत्र में यह भी कहा गया है कि मोबाइल अथवा टेबलेट को संक्रमण मुक्त करने और मरीज को परिवार के साथ संपर्क करने के लिए समय सीमा निर्धारण करने हेतु अस्पताल उचित नियम बना सकते हैं। DGHS ने कोरोना महामारी से निबटने में राज्यों के प्रयासों की सराहना भी की है।

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