सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर सख्त रुख, शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश..
उत्तराखंड: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में लगातार घटती छात्र संख्या को लेकर शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गंभीर चिंता जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए शिक्षा महानिदेशालय स्तर पर जांच समिति गठित की जाएगी। समिति विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी विद्यालयों की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। समस्या की जड़ तक पहुंचकर समाधान निकाला जाएगा।
उत्तराखंड में सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या में तेजी से गिरावट आ रही है। 2800 से अधिक ऐसे विद्यालय हैं, जहां छात्र संख्या 10 या उससे भी कम रह गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। विभागीय समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री ने शिक्षा महानिदेशालय को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश। रिपोर्ट के आधार पर छात्रवृद्धि के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वही मंत्री ने निजी स्कूलों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरटीई (निःशुल्क शिक्षा) के तहत बच्चों के प्रवेश को सुनिश्चित किया जाए। किताबों, स्कूल ड्रेस और मनमानी फीस वृद्धि से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण हो। इसके लिए विभाग द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर आने वाली शिकायतों की निगरानी बढ़ाई जाए।
विद्यालयों में जरूरत के अनुसार शुरू होंगे नए विषय..
उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में जल्द ही आवश्यकतानुसार नए विषय शुरू किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों (CEO) को अपने जिलों के प्रस्ताव शिक्षा महानिदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना हैं कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावक संघों की मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। हर जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दो-दो विद्यालयों के उच्चीकरण का प्रस्ताव तैयार होगा। राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों की स्थापना के लिए भी प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। शिक्षा मंत्री का कहना हैं कि सरकारी विद्यालयों को छात्रों के अनुरूप आधुनिक और विषयगत रूप से सशक्त बनाना हमारा उद्देश्य है। नए विषयों की शुरुआत से छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
इसी महीने शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश..
शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों के उच्चीकरण, क्लस्टर विद्यालयों की स्थापना, डी व सी श्रेणी के स्कूलों से संबंधित प्रस्ताव इस माह तक शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए जिन जिलों से प्रस्ताव समय पर प्राप्त नहीं होंगे, ऐसे जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही डॉ. रावत ने अधिकारियों को सभी विद्यालयों में पेयजल, विद्युत, फर्नीचर, कंप्यूटर और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।